आमला की जनसमस्याओं एवं भ्रष्टाचार को लेकर शहर कांग्रेस ने प्रभारी मंत्री के नाम कलेक्टर को  सौंपा 7 सूत्रीय ज्ञापन।

City Congress submitted a 7-point memorandum to the Collector in the name of the Minister in-charge regarding the public problems and corruption of Amla. हरिप्रसाद गोहे आमला। शहर कांग्रेस कमेटी आमला जिला बैतूल के अध्यक्ष अजय सिंह सोलंकी के नेतृत्व में प्रभारी मंत्री माननीय नरेंद्र शिवाजी पटेल, मध्यप्रदेश शासन के नाम 7 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन जिला कलेक्टर बैतूल को सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि आमला क्षेत्र की जनता लंबे समय से विभिन्न जनसमस्याओं एवं प्रशासनिक अनियमितताओं से परेशान है। आम नागरिकों, किसानों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई। जन हितैषी मांगो में प्रमुख आमला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा कर संचालन सुचारू एवं प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाए। आमला अस्पताल में तत्काल कम से कम 3 महिला चिकित्सकों की पदस्थापना की जाए, ताकि क्षेत्र की महिलाओं को उचित स्वास्थ्य सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सके।आमला अस्पताल से छोटी-छोटी बीमारियों, सामान्य जांचों अथवा गोली-दवाई के लिए मरीजों को बैतूल रेफर किया जाता है। अनावश्यक रेफरल को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। आमला एसडीएम एवं जनपद पंचायत से संबंधित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनपद पंचायत की दुकानों के निर्माण से आवंटन एवं नीलामी की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए। यदि प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा उनके रिश्तेदारों के नाम पर दुकानों के आवंटन तथा उनसे जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मिली जानकारी अनुसार पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों एवं एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। यदि किसी प्रकरण में तथ्यहीन अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायत पाए जाने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए तथा पत्रकारों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से अपना कार्य करने का वातावरण उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में जनहित से जुड़ी इन समस्याओं का उचित निराकरण नहीं किया जाता है तो हम लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन/प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी भ्रष्ट नेता, अधिकारी की होगी।ज्ञापन सौंपने समय प्रमुख रूप से अजय सिंह सोलंकी (अध्यक्ष शहर कांग्रेस आमला), नीरज सोनी,जितेंद्र शर्मा,दीपक बेले, जितेश वाईकर, छन्नू बेले, राकेश सोने ,विजय पारधी, विजय अतुलकर , रमजान खान सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। recent visitors 102

उपचुनाव का प्रचार तेज: जयवर्धन सिंह ने भाजपा को घेरा, 5 गुटों में बंटी पार्टी बताया, बोले- नतीजे 2028-2029 की दिशा करेंगे तय

By-election campaigning intensifies: Jaivardhan Singh targets the BJP, describing the party as divided into five factions, and states that the results will determine the direction for 2028–2029. आगर मालवा। सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव को लेकर चुनावी प्रचार तेज हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी विष्णु पाटीदार के समर्थन में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर कई आरोप लगाए और कहा कि सुसनेर का चुनाव सिर्फ नगर परिषद अध्यक्ष चुनने तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, इस चुनाव के नतीजों का असर 2028 और 2029 के चुनावों की दिशा पर भी पड़ सकता है। ‘सिर्फ परिषद अध्यक्ष का चुनाव नहीं’जयवर्धन सिंह ने सभा में कहा, “चुनाव के पहले आपके सामने चार विधायक खड़े हैं, क्योंकि बात सिर्फ परिषद अध्यक्ष की नहीं है। एक-एक चुनाव का परिणाम 2028 और 2029 के चुनाव को तय करेगा।” उन्होंने दतिया चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां बीजेपी ने करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन परिणाम में बीजेपी के धनबल की हार और कांग्रेस के जनबल की जीत हुई। 40 करोड़ रुपये खर्च होने का यह दावा जयवर्धन सिंह के बयान पर आधारित है। बीजेपी में गुटबाजी का लगाया आरोपजयवर्धन सिंह ने बीजेपी पर गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी एक नहीं बल्कि पांच गुटों में बंटी हुई है। उन्होंने कहा, “एक मामा की बीजेपी है, एक मोहन यादव जी की बीजेपी, एक सिंधिया जी की बीजेपी, एक नाराज बीजेपी और एक महाराज बीजेपी है, जबकि कांग्रेस एक है।” वोटर लिस्ट को लेकर भी लगाए आरोपकांग्रेस नेता ने मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि लोगों के नाम जोड़ने का फैसला आगर या भोपाल में नहीं, बल्कि दिल्ली में बैठकर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहीं यह तय किया जा रहा है कि किसे वोट करना है और किसे नहीं। मतदाता सूची को लेकर लगाए गए इन आरोपों के संबंध में संबंधित निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष इस बयान में सामने नहीं आया है। 29 सितंबर को होना है मतदानसुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव के लिए 29 सितंबर को मतदान होना है। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मतगणना 3 अक्टूबर को होगी। सुसनेर का चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है, जबकि राज्य के कई अन्य नगरीय निकायों के उपचुनाव स्थगित किए जा चुके हैं। कांग्रेस ने विष्णु पाटीदार को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, जबकि बीजेपी की ओर से प्रदीप सोनी चुनाव मैदान में हैं। recent visitors 28

नरोत्तम को ले डूबा अतिउत्साह, मैदान में जाने से पहले हारे मिश्रा, अपनों ने… “धीरे से दिया जोर का झटका”

Over-enthusiasm proved to be Narottam’s undoing; Mishra lost the battle before even entering the fray—his own people “dealt a severe blow, ever so gently.” समर्थकों का हाईवे पर उग्र प्रदर्शन दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी द्वारा उम्मीदवार की घोषणा के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई है। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही शुरू हुआ विरोध भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने खुलकर नाराजगी जताई। विरोध के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा संगठन के कई पदाधिकारियों और दतिया नगर के पार्षदों ने भी इस्तीफे की घोषणा कर दी। समर्थकों ने किया प्रदर्शन, NH-44 पर लगाया जाम पार्टी के फैसले के विरोध में नाराज समर्थक सड़क पर उतर आए। उन्होंने नेशनल हाईवे-44 पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि टिकट वितरण में लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी की गई है। उपचुनाव की वजह उपचुनाव की वजह कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता है। बैंक फ्रॉड मामले में कोर्ट ने उन्हें सजा दी, जिसके बाद सीट खाली हुई। 30 जुलाई को वोटिंग होनी है। कांग्रेस अभी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं कर पाई है। नरोत्तम मिश्रा नरोत्तम मिश्रा दतिया में मजबूत नेता माने जाते हैं। 2023 के चुनाव में वे कांग्रेस के भारती से हारे थे, लेकिन अब वापसी की तैयारी में थे। उन्होंने नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था। टिकट कटने से उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। आशुतोष तिवारी आशुतोष तिवारी RSS से जुड़े हैं और पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। टिकट मिलने के बाद उन्होंने मिश्रा का आशीर्वाद मांगा, लेकिन जमीनी स्तर पर समर्थक मानने को तैयार नहीं। यह फैसला पार्टी की आंतरिक रणनीति का हिस्सा लगता है। प्रदर्शन के दौरान बाजार बंद रहे। ग्वालियर-झांसी हाईवे पर भी असर पड़ा। महिला कार्यकर्ताओं ने भी विरोध में हिस्सा लिया। पुलिस ने जाम खोलने की कोशिश की। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मिश्रा के समर्थक पार्टी से वफादार रहे हैं, लेकिन टिकट विवाद ने दरार पैदा कर दी। पार्टी हाईकमान अब स्थिति संभालने में जुटा है. अगर बगावत जारी रही तो BJP को नुकसान हो सकता है। आगे क्या होता है, यह देखना होगा। कुल मिलाकर यह स्थानीय नेतृत्व और हाईकमान के बीच टकराव का उदाहरण है।  बीजेपी नेता का पुलिस पर आरोप भाजपा के जिला मंत्री भानु सिंह ने कहा, ‘ हम लोग शांतिपूर्ण तरीके से भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से ये मांग कर रहे थे कि दतिया का जो टिकट हुआ है उसे वापस लिया जाए और नरोत्तम मिश्रा को टिकट दिया जाए। हम संवैधानिक तरीके से अपनी मांग रख रहे थे। हम लोगों ने पूरी रात रामधुन गाकर भारतीय जनता पार्टी से मांग करते हुए कहा कि टिकट नरोत्तम को दिया जाए लेकिन पुलिस प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और दतिया कलेक्टर की बर्बरता देखिए कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को दफ्तर में कैद कर दिया। जब तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा जी को टिकट नहीं मिलेगा तब तक हम लोग चक्का जाम करेंगे।  क्यों नाराज हैं नरोत्तम मिश्रा के समर्थक?दरअसल, बीजेपी ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए सीनियर नेता नरोत्तम मिश्रा का पत्ता काटते हुए आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थकों को पूरा भरोसा था कि टिकट उन्हें ही मिलेगा और उन्होंने नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था।  जैसे ही आशुतोष तिवारी के नाम का ऐलान हुआ, नरोत्तम मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए। कुछ समर्थक शर्ट उतारकर सड़क पर लेट गए और ‘नरोत्तम दादा’ को टिकट न मिलने पर बीजेपी छोड़ने तक की धमकी देने लगे। हालांकि, टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके अभिभावक हैं और उन्होंने उनके लिए चुनाव प्रचार करने की बात कही है।  क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव? साल 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेता राजेन्द्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक वोटों से हरा दिया था। इधर, इसी साल (2026) अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत ने राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में 3 साल की सजा सुना दी। सजा मिलने के कारण राजेंद्र भारती की विधायकी रद्द हो गई, जिसके चलते दतिया सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव हो रहा है। यहां 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे औऱ 3 अगस्त को नतीजे घोषित होंगे। उपचुनाव से पहले बीजेपी के लिए बढ़ी चुनौती दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा के भीतर बढ़ता असंतोष पार्टी के लिए चुनौती माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को समय रहते नहीं मनाया गया, तो इसका असर चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है। अब पार्टी नेतृत्व के फैसले पर नजर दतिया में बढ़ते विरोध के बाद अब सभी की नजर भाजपा नेतृत्व पर टिकी है। पार्टी किस तरह नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। वहीं, विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। recent visitors 36

प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तैयारियां तेज, होली पर नेता कर रहे दावेदारी, बायोडाटा सौंपने की होड़

रायपुर   छतीसगढ़ में राज्यसभा कि 2 सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए हलचल तेज है। भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव के लिए कमर कस ली है। राज्यसभा की दोनो सीट पर 16 मार्च को चुनाव होगा,जिसके लिए हलचल तेज हो गई है। वहीं  अब होली के बहाने राज्यसभा दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ानी शुरु कर दी है। होली  बधाई देने के बहाने पार्टी वरिष्ठ नेताओं से कर रहे  मुलाकात छत्तीसगढ़ के कोटे की दो राज्यसभा सीट पर 16 मार्च को चुनाव होगा। वर्तमान में दोनों सीट कांग्रेस के खाते में हैं, लेकिन इस बार के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट जाएगी। इसे देखते हुए कांग्रेस-भाजपा के दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। दरसअल राज्यसभा जाने के लिए लालयित  कुछ दावेदारों ने होली के बहाने अपनी दावेदारी पेश करने के लिए कोशिश शुरु कर दी है। दावेदार होली की बधाई देने के बहाने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करके अपनी मौजूदगी औऱ सक्रियता दिखा रहे है। यही नहीं  इस दौरान वे अपना बायोडाटा भी सौंप रहे हैं और माहौल को अपने पक्ष में करने की जुगत कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण है ये चुनाव वही राज्यसभा का ये चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए यह काफी अहम माना जा रहा है। इस फैक्ट के ध्यान में रखते हुए पार्टी दावेदारों के साथ-साथ उनका क्षेत्रीय के साथ जातिगत  समीकरणों को भी गौर से देखा जा रहा है। जहां भाजपा बस्तर या फिर दुर्ग संभाग से अपने किसी नेता को राज्यसभा का भेज सकती है,वहीं, कांग्रेस में सरगुजा संभाग से कई दावेदारों सामने आ रहे हैं। हालांकि बीजेपी कुछ नाम आलाकमान को भेज चुकी है तो वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज स्थानीय प्रत्याशी को मौका देने की बात बोल चुके है। लेकिन अभी देखने में आ रहा है  कि नेता लोग होली की शुभकामनाओं के बहाने भी अपनी दावेदारी पेश करके ताल ठोंक रहे है। recent visitors 150

वन्दे मातरम’ की अनिवार्यता…जनता का ध्यान भटकाने भाजपा सरकार की साजिश: सपा- यश भारतीय

The necessity of ‘Vande Mataram’… a conspiracy by the BJP government to divert public attention: SP- Yash Bharatiya भोपाल। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने ‘वन्दे मातरम’ की अनिवार्यता को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सरकार बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के भावनात्मक और अनिवार्य फैसलों का सहारा ले रही है।  संविधान निमार्ताओं का सम्मान यश भारतीय ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही कहा है कि यदि ‘वन्दे मातरम’ की अनिवार्यता आवश्यक होती, तो डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य महान संविधान निमार्ताओं ने इसे संविधान में पहले ही अनिवार्य कर दिया होता। इसे स्वैच्छिक रखना उन सभी महापुरुषों का एक सामूहिक और विचारशील निर्णय था। बुनियादी सुविधाओं में विफल सरकार सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता ने भाजपा सरकार की विफलताओं को गिनाते हुए कहा कि जो सरकार जनता को शुद्ध पानी, स्वच्छ हवा, और सुरक्षित दवाइयां (जैसे कफ सिरप) तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है, वह अब देशभक्ति के नाम पर अपनी कमियों को छिपा रही है। शिक्षा व्यवस्था की हालत यह है कि सरकारी और निजी स्कूल लगातार बंद हो रहे हैं। तानाशाही और नागपुर का एजेंडा उन्होंने भाजपा की कार्यशैली की तुलना हिटलर और तानाशाही शासन से करते हुए कहा कि भाजपा केवल नागपुर से आने वाले संदेशों का अनुसरण करती है। वे जनता को गुलामों की तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं, जो कि पूरी तरह से गलत और निंदनीय है। देशभक्ति थोपी नहीं जा सकती यश भारतीय ने जोर देकर कहा कि देशभक्ति भक्ति का विषय है, अनिवार्यता का नहीं। किसी से जबरदस्ती गायन करवाकर उसकी देशभक्ति प्रमाणित नहीं की जा सकती। समाजवादी पार्टी भाजपा सरकार के इस तानाशाही रवैये का पुरजोर विरोध करती है और मांग करती है कि सरकार प्रतीकों की राजनीति छोड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और आम जनता की बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करे। recent visitors 77

जनकपुर मण्डल में शुभम सिंह बने नए अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा में खुशी की लहर

जनकपुर  जनकपुर मण्डल के भारतीय जनता युवा मोर्चा के नवनियुक्त मण्डल अध्यक्ष शुभम सिंह जी को बनाये जाने से युवावों मे काफ़ी खुशी की लहर नजर आ रहीं हैँ समस्त युवा मोर्चा एवं मण्डल पदाधिकारियो द्वारा शुभम जी को बधाई शुभकामनायें दिया गया जिनकी सफर पूर्व मे बूथ सचिव, के दायित्व मे रहकर अपने कार्य का निर्वाहन करते आ रहे थे साथ ही बजरंग सेना के ब्लॉक अध्यक्ष एवं विश्व हिन्दू परिषद मे गौ रक्षा प्रमुख के दायित्व मे रहकर लोगो के बीच सुख दुख मे हमेशा तात्पर्य रहकर युवाओ के चहेते भी बन चुके हैँ ऐसे शुभम सिंह जी भाजपा संगठन के हर कार्य बैठक मे अपनी उपस्थिति व निष्ठाभाव से संगठन का कार्य करते नजर आ रहे थे जिन्हे देखते हुए सम्मानीय जिलाध्यक्ष श्रीमति चम्पादेवी पावले जी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष श्री अंकित शर्मा जी, मण्डल अध्यक्ष नरेश यादव एवं मण्डल के समस्त वरिष्ठ जनो के नेतृत्व मे युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष का दायित्व शुभम सिंह जी को सौंपा गया जिसके लिए शुभम सिंह जी द्वारा समस्त जिला पदाधिकारी एवं मण्डल पदाधिकारियो व समस्त वरिष्ठ कारकर्ताओ का आभार व्यक्त करते हुए कहा की जिस तरह भाजपा संगठन मुझ पर भरोसा कर मण्डल अध्यक्ष का दायित्व सौंपा हैँ मै भरोसा दिलाता हूँ की मै पूर्ण निष्ठा भाव. एवं ईमानदारी से वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन के साथ अपने युवा मोर्चा के सभी साथियो के साथ मिलकर काम करूँगा। recent visitors 50

कर्नाटक शराब घोटाला: विधायकों की रातभर की विधानसभा पैदल मार्च और प्रदर्शन की नाटकीय कहानी

बेंगलुरु भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) के विधायकों ने कथित शराब घोटाले को लेकर आबकारी मंत्री आरबी थिम्मापुर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कर्नाटक विधानसभा में रात गुजारी। बुधवार सुबह भी भाजपा-जेडीएस विधायकों का प्रदर्शन जारी रहा। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष व विधायक बीवाई विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर. अशोक समेत कई विधायक विधानसभा परिसर में मॉर्निंग वॉक करते हुए नजर आए। बाद में सभी विधायक एक जगह इकट्ठा हुए, चाय पी और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की। कुछ देर बाद विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू हुआ, जिसमें भाजपा और जेडीएस के विधायक विधानसभा के प्रवेश द्वार की सीढ़ियों पर बैठ गए और एक्साइज मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। उन्होंने गाने भी गाए और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। भाजपा विधायक चन्नाबसप्पा ने एक भक्ति गीत भी गाया। विजयेंद्र, अशोक और विधानसभा में विपक्ष के उपनेता अरविंद बेल्लाड समेत अन्य विधायक भी उनके साथ शामिल हुए। कथित शराब घोटाले के केस में भाजपा-जेडीएस के विधायक राज्य के आबकारी मंत्री आरबी थिम्मापुर का इस्तीफा मांग रहे हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने दावा किया कि कर्नाटक के इतिहास में पहली बार शराब एसोसिएशन ने खुद एक्साइज डिपार्टमेंट में 6,000 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आबकारी मंत्री हर महीने 250 करोड़ से 300 करोड़ रुपए वसूल रहे थे। उनके मुताबिक, हर डिप्टी कमिश्नर की पोस्ट के लिए कथित तौर पर 2 करोड़ रुपए और कांस्टेबल लेवल की पोस्टिंग के लिए भी 10 लाख रुपए लिए जा रहे थे। आर. अशोक ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर एक डिप्टी कमिश्नर ने कहा था कि मंत्रियों को 'कट' देना पड़ता है। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मंत्री के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत दर्ज की गई है। अशोका ने आरोप लगाया, "इन सबके बावजूद मंत्री सबूत मांग रहे हैं और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, जिनके पास वित्त मंत्रालय भी है, सहित पूरी सरकार उनका साथ दे रही है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस हाईकमान के पास बहुत सारा पैसा पहुंच रहा है। चुनावों के लिए यह भारी भरकम 6,000 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ है। हम धरना दे रहे हैं और जब तक एक्साइज मंत्री थिम्मापुर इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।" recent visitors 62