एयरपोर्ट में एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल संपन्न

बिलासपुर बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर आज सफलतापूर्वक एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। यह ड्रिल ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन के गाइडलाइंस के अनुसार साल में एक बार किया जाता है। एयरक्राफ्ट हाईजैक की सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के द्वारा तत्काल एयरोड्रोम कमिटी चेयरमैन जिला दंडाधिकारी श्री संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह को फोन पर सूचित किया गया। इसके पश्चात एयरोड्रोम कमिटी के सारे अधिकारी एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी, एयरपोर्ट के डायरेक्टर, सीएसओ, कासो, एयरलाइंस स्टेशन मैनेजर, भाषा विज्ञानी एवं स्थानीय थाने के अधिकारी एंटी हाईजैक रूम एकत्रित हुए। एयरक्राफ्ट के अन्दर कुल 70 यात्री सवार थे। हाईजैकर से उनकी मांगों का समझौता अधिकारियों के द्वारा किया गया इसी बीच एयरपोर्ट की क्यूआरटी टीम के द्वारा 02 हाईजेकर में से 01 हाईजेकर ढेर कर दिया गया एवं बचे हुए 01 हाईजेकर को दबोच लिया गया। इस पूरी ड्रिल को जिला दंडाधिकारी महोदय के मिनिट टू मिनिट निगरानी में संपन्न किया गया। इस ड्रील में एयरपोर्ट पर वास्तविक रूप से आतंकवादियो के द्वारा विमान की अपहरण की घटना की स्थिति से निपटने एवम यात्रियों को सुरक्षित कैसे निकाला जाता है उसका उसका अभ्यास किया जाता है। recent visitors 27

एक विज्ञापन ने बना दी अनुष्का-विराट की जोड़ी, लंदन से इंडिया तक फैली है एक्ट्रेस की नेटवर्थ

मुंबई अनुष्का शर्मा बॉलीवुड की बेहतरीन अदाकाराओं में से एक हैं। साल 2008 में फिल्म इंडस्ट्री में बतौर अपनी शुरुआत करने वाली अनुष्का शर्मा ने पर्दे पर अलग-अलग तरह के कई दिलचस्प किरदार निभाए। जितना सफल उतना करियर रहा है, उतनी ही खूबसूरत उनकी असल जिंदगी की प्यार की कहानी भी रही है। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा क्रिकेट और बॉलीवुड की दुनिया के वह दो चमकते सितारे हैं, जिनकी लव स्टोरी किसी फेयरीटेल से कम नहीं है। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने साल 2017 में ईटली में परिवार और दोस्तों की मौजूदगी में शादी की. दोनों अपने रिश्ते, अपने काम और अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर अक्सर ही चर्चा में बने रहते हैं. फैंस विराट और अनुष्का को विरुष्का कहते हैं. उन्हें क्रिकेट और बॉलीवुड का पावर कपल कहा जाता है. जहां क्रिकेटर विराट कोहली को किंग कोहली के नाम से जाना जाता है. वहीं अनुष्का शर्मा रब ने बना दी जोड़ी में अपनी भूमिका के लिए फेमस हैं. तो चलिए एक नजर डालते हैं कपल की संयुक्त नेटवर्थ पर और उनकी लग्जरी लाइफ पर. क्रिकेट और बॉलीवुड में काम करते हुए पिछले कुछ सालों में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने अपार संपत्ति अर्जित की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति मिलियन में है. जो उन्हें भारत के सबसे अमीर सेलिब्रिटीज में से एक बनाती है. विराट कोहली दुनिया के टॉप 100 सबसे अमीर एथलीटों में शामिल हैं, जिनकी कुल संपत्ति 1000 करोड़ रुपये से अधिक है. NH10, रब ने बना दी जोड़ी, पीके, सुल्तान जैसी हिट फिल्में दे चुकी अनुष्का शर्मा की कुल संपत्ति 255 करोड़ रुपये है. वहीं, विराट कोहली क्रिकेट के अलावा कई बिजनेस में इन्वेस्ट भी करते हैं. उन्होंने दिल्ली में एक रेस्टोरेंट और ब्लू ट्राइब, यूनिवर्सल स्पोर्ट्स बीज, एमपीएल और स्पोर्ट्स कॉनवो जैसे होनहार स्टार्टअप में हिस्सेदारी शामिल है. इसके अलावा वह सोशल मीडिया से भी करोड़ों कमाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक वह इंस्टाग्राम पर हर एक पोस्ट से लगभग 11.5 करोड़ रुपये और प्रति ट्वीट 2.5 करोड़ रुपये कमाते हैं. अपने क्रिकेट करियर और ऑनलाइन वेंचर के अलावा भी कोहली कई विज्ञापनों से भी खूब कमाते हैं. अनुष्का शर्मा को लेकर बात करें तो वह कपड़ों के ब्रांड नुश की मालिक हैं, जिसकी कीमत 65 करोड़ रुपये है. अपने भाई कर्णेश शर्मा के साथ, अनुष्का शर्मा ने क्लीन स्लेट फिल्म्स प्रोडक्शन शुरू किया था और वह उसकी को-फाउंडर है. जिसकी वर्तमान कीमत 444 करोड़ रुपये है. प्रोडक्शन हाउस ने फिल्मों और वेब सीरीज के लिए अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स जैसे कई प्लेटफॉर्म के साथ सौदे किए हैं, जो उनकी कमाई में इजाफा करती है. recent visitors 36

शादी समारोह से लौटते समय बेकाबू कार पुलिया से टकराई, 4 युवकों की मौत, तीन घायल

गुना गुना जिले के भदौरा इलाके में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक बेकाबू कार पुलिया से टकरा गई। इस हादसे में शादी समारोह से लौट रहे चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन युवक घायल हो गए। घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है। बारात से लौटते समय हुआ हादसा यह हादसा बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात लगभग 2:30 बजे हुआ। शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र स्थित रिजौदा गांव से बारात गुना जिले के मावन गांव आई थी। शादी समारोह में शामिल होने के बाद कुछ युवक कार से अपने गांव रिजौदा लौट रहे थे, तभी भदौरा के पास यह दुर्घटना हो गई। गंभीर घायल का इलाज जारी हादसे में जिन चार युवकों की मौत हुई है, वे सभी रिजौदा गांव के निवासी हैं। मृतकों की पहचान गोविंद रघुवंशी (28), सोनू रघुवंशी (35), वीरू कुशवाह (24), और हितेश बैरागी (24) के रूप में हुई है। वहीं, हादसे में घायल हुए युवकों में सुदीप रघुवंशी (24), सुमित रघुवंशी (24) और रवि रघुवंशी (22) शामिल हैं। सुदीप की हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल रेफर किया गया है, जबकि दो अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस कर रही जांच म्याना थाना प्रभारी एसआई गोपाल चौबे ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्राथमिक तौर पर यह हादसा तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने के कारण हुआ प्रतीत हो रहा है, हालांकि किसी अन्य वाहन की टक्कर की संभावना को भी खारिज नहीं किया जा सकता। कार का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार पीछे की तरफ से पुलिया से टकराई है, क्योंकि कार का अगला हिस्सा सुरक्षित है। वहीं पिछला हिस्सा चकनाचूर हो गया है। गाड़ी का कांच पुलिया पर भी बिखरा हुआ है। वहीं कार के आसपास युवकों के जूते बिखरे हुए हैं। दो घायलों का जिला अस्पताल में चल रहा इलाज म्याना थाना प्रभारी SI गोपाल चौबे ने बताया कि शिवपुरी जिले से गुना जिले में बारात आई थी। रात लगभग 2:30 बजे एक गाड़ी से कुछ लोग वापस अपने गांव जा रहे थे। भदौरा के पास उनकी गाड़ी पुलिया से टकरा गई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। वहीं तीन घायल हैं। दो घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। recent visitors 35

वक्फ संशोधन बिल के विरोध में मुस्लिम समुदाय ने शांतिपूर्ण ढंग से बत्ती गुल कर जताया विरोध

अजमेर अजमेर में कल रात केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुस्लिम समुदाय ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जताया। यह विरोध प्रदर्शन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर किया गया, जिसमें अजमेर के विभिन्न मुस्लिम बहुल इलाकों में 'बत्ती गुल' कार्यक्रम का व्यापक असर देखने को मिला। इस दौरान रात 9 से 9:15 बजे तक लोगों ने अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद रखकर बिल के प्रति अपनी असहमति दर्ज कराई। यह आंदोलन दरगाह शरीफ से सटे कई इलाकों में सक्रिय रूप से देखने को मिला। अंदरकोट, कमानी गेट, लंगर खाना गली, खादिम मोहल्ला, चौधर मोहल्ला, शीशा खान, लोंगिया, कुंदन नगर, लोहा खान, चौरासीवास और नई सड़क जैसे क्षेत्रों में रहवासियों ने इस विरोध में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इन क्षेत्रों में लोगों ने सामूहिक रूप से अंधेरा कर शांतिपूर्ण ढंग से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। मुस्लिम समुदाय का कहना है कि वक्फ संशोधन बिल मुस्लिम समाज की धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के अधिकारों का हनन है। इस कानून के तहत वक्फ संपत्तियों को सरकारी हस्तक्षेप के दायरे में लाना, समुदाय की स्वायत्तता को प्रभावित करता है। इसीलिए इसे जनविरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी बताया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन में कई प्रमुख समाजसेवी और धार्मिक नेताओं मुख्तार अहमद नवाब, काजी मुनव्वर अली, इस्तखार सिद्दीकी, हुमायूं खान, मोहम्मद आजाद, आरिफ हुसैन, गुलाम मोईनुद्दीन, मोहम्मद अलीमुद्दीन, सादिक खान, अकबर हुसैन, नवाज खान, रियाज मंसूरी, इमरान खान, शरफुद्दीन मुल्तानी, शफीक नवाब, शमी नगारची और जब्बार मुल्तानी सहित कई लोगों ने भाग लिया और वक्फ संपत्तियों की रक्षा के लिए एकजुटता का संदेश दिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक आजादी और संपत्ति अधिकारों का सम्मान करते हुए बिल को वापस लेने की अपील की। recent visitors 31

वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने वर्चुअल रूप से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को तीर्थ यात्रा के लिए किया रवाना

रायपुर : श्रवण कुमार की परंपरा अपनाकर सरकार बुजुर्गों को करा रही तीर्थयात्रा- वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजना के तहत रायगढ़ रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं का जत्था निकला तीर्थ स्थानों की यात्रा पर- वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने वर्चुअल रूप से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को तीर्थ यात्रा के लिए किया रवाना रायगढ़, जशपुर व सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 800 यात्री करेंगे मथुरा, कृष्ण जन्मभूमि एवं वृन्दावन के दर्शन रायपुर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत आज भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन 800 तीर्थ यात्रियों को लेकर रायगढ़ से तीर्थ स्थल मथुरा एवं वृंदावन के लिए रवाना हुई। वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रवण कुमार की परंपरा को अपनाकर प्रदेश के बड़े बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा करा रही है।      वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए खास है। क्योंकि हमारे रायगढ़, जशपुर एवं सारंगढ़ अंचल के तीर्थ यात्री मथुरा एवं वृंदावन की तीर्थ यात्रा पर जा रहे हैं। हम सभी के परिवार के वृद्ध जनों की प्रबल इच्छा होती है कि वे अपने जीवन में तीर्थ यात्रा पर जाए। लेकिन कई बार आर्थिक एवं व्यवस्थागत समस्याएं सामने आती है। जिसके चलते बड़े बुजुर्गों के तीर्थ यात्रा का सपना पूरा नहीं हो पाता। इसे ध्यान में रखकर हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुनः प्रारंभ किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद देते हुए कहा कि आज उनके अगुवाई में हमारी सरकार श्रवण कुमार के आदर्शों को अपनाकर वृद्ध जनों को तीर्थ यात्रा करवा रही है। तीर्थ यात्रा का यह क्रम निरंतर जारी रहेगा।       इस अवसर पर सांसद लोकसभा श्री राधेश्याम राठिया ने मुख्यमंत्री श्री साय एवं वित्त मंत्री श्री चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपके प्रयासों से राज्य के वृद्धजनों को तीर्थ यात्रा में जाने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। जिससे उनका भी जीवन सार्थक हो रहा है। उन्होंने सभी तीर्थ यात्रियों को शुभकामनाएं दी।       उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुनः प्रारंभ किया है। योजना अंतर्गत पूर्व में वरिष्ठ नागरिक तथा दिव्यांगजन शामिल थे, लेकिन वर्तमान में योजना अंतर्गत विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं को भी शामिल किया गया है।       इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, जिला पंचायत सभापति श्री बृजेश गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, लक्ष्मी पटेल, जनपद अध्यक्ष रायगढ़ सुजाता चौहान,  कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 800 यात्रियों को लेकर भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन तीर्थ यात्रा के लिए हुई रवाना     रायगढ़ रेलवे स्टेशन से आज भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन रायगढ़, जशपुर एवं सारंगढ़ के कुल 800 यात्रियों को लेकर मथुरा, कृष्ण जन्मभूमि एवं वृंदावन के लिए रवाना हुआ। जिसमें रायगढ़ जिले से कुल 273 तीर्थ यात्री शामिल है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र से 205 एवं शहरी क्षेत्र से 68 तीर्थ यात्री शामिल है। इसी तरह जशपुर से 391 तथा सारंगढ़ से 116 इस तरह कुल 750 तीर्थ यात्री तथा तीनों जिलों के 20 अनुरक्षक मिलाकर कुल 800 यात्री शामिल है। जो 01 मई को मथुरा, दोपहर को वृंदावन तथा 2 मई को कृष्ण जन्मभूमि का दर्शन कर 3 मई को रायगढ़ वापसी करेंगे। पारंपरिक गाजे बाजे के साथ हुआ तीर्थ यात्रियों का स्वागत, फूलों से सजाई गई ट्रेन, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह      मथुरा वृंदावन की तीर्थ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं का रायगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचने पर पारंपरिक गाजे बाजे के साथ स्वागत किया गया। उन्हें लेकर जा रही भारत टूरिस्ट ट्रेन को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। तीर्थ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं में भी इस सफर को लेकर उत्साह नजर आया। पूरी ट्रेन एयर कंडीशंड है। तीर्थ यात्रियों की सहूलियत के लिए ट्रेन में रेलवे स्टाफ  के साथ ही 7 विभागीय स्टाफ  भी रवाना हुए। इनमें डॉक्टर भी शामिल है। recent visitors 21

छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा के लिए प्रसिद्ध

रायपुर हर वर्ष 1 मई को हम श्रमिक दिवस मनाते हैं। यह एक ऐसा दिन जो श्रमिकों के अथक परिश्रम, संघर्ष और योगदान को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा के लिए प्रसिद्ध है, राज्य की आर्थिक प्रगति में महिला श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए भी जाना जाता है। कृषि, खनन, वनों से प्राप्त उत्पादों और छोटे उद्योगों पर आधारित अर्थव्यवस्था वाले छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में महिलाएँ खेती-बाड़ी, तेंदूपत्ता संग्रहण और हस्तशिल्प निर्माण जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्य, घरेलू सेवाएँ और छोटे व्यापारों में उनकी भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। महिला श्रमिकों की भागीदारी दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्रों में, फिर भी उनकी मेहनत को अब भी उचित मान्यता और पारिश्रमिक नहीं मिल पाता। महिला श्रमिकों के सामने कई चुनौतियाँ हैं। जिनमें समान वेतन का अभाव, समान कार्य के बावजूद वेतन असमानता, खनन और निर्माण जैसे क्षेत्रों में असुरक्षित परिस्थितियाँ, प्रसूति लाभों और स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित पहुँच, कम पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण के कारण सीमित अवसर, पारंपरिक सोच और घरेलू जिम्मेदारियाँ उनकी स्वतंत्रता को सीमित करती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिसमें मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण मिशन के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए विशेष सहायता दी जा रही है। नई श्रमिक नीति द्वारा  असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत महिला श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी की गारंटी और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को अनिवार्य बनाया गया है। महिला शक्ति केंद्रों के विस्तार से प्रत्येक जिले में महिला शक्ति केंद्र स्थापित कर महिला श्रमिकों को कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सुविधा और रोजगार परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देकर महिला स्वावलंबन के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। सखी वन स्टॉप सेंटर में हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए त्वरित सहायता और पुनर्वास की व्यवस्था। मनरेगा में महिलाओं के भागीदारी बढ़ाने रोजगार दिवसों में महिलाओं के न्यूनतम 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की पहल शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में महिला श्रमिकों कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से मिनीमाता महतारी जतन योजना है, जो पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को प्रसूति सहायता प्रदान करती है।इस योजना के तहत बच्चे के जन्म के बाद पंजीकृत महिला श्रमिकों को 20 हजार की एकमुश्त राशि मिलती है। इसके अलावा राज्य सरकार विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम और सहायता योजनाएं भी चलाती है, जो महिला श्रमिकों को सशक्त बनाने में मदद करती हैं। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना अंतर्गत 18 से 50 वर्ष आयु के बीच की पंजीकृत महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन के लिए सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण के लिए सहायता प्रदान करती है।छत्तीसगढ़ महिला कोष महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन करता है, जिसमें वित्तीय सहायता प्रशिक्षण और अन्य संसाधन शामिल हैं।घरेलू महिला कामगार कौशल उन्नयन एवं ठेका श्रमिक, हमाल कामगार परिवार सशक्तिकरण योजना,घरेलू महिला श्रमिकों, ठेका श्रमिकों और हमाल श्रमिकों के कौशल विकास और परिवार को सशक्त बनाने के लिए योजना है। सक्षम योजना छत्तीसगढ़ महिला कोष के तहत संचालित एक योजना है जो विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा और अविवाहित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को 1 हजार रूपए प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार महिला श्रमिकों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चला रही है, प्रशिक्षण के बाद उनके रोजगार का प्रबंध भी कर रही है, ताकि उन्हें आर्थिक मजबूती मिल सके, सरकार माताओं-बहनों तक जनहितैषी योजनाओं के शत प्रतिशत लाभ की पहुंच भी सुनिश्चित कर रही है। जबकि स्वयं सहायता समूहों के जरिए आर्थिक स्वतंत्रता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय सरकार में प्रदेश के विकास में महिला श्रमिकों के योगदान को सम्मान मिला है। recent visitors 28

मंत्री कश्यप ने नवीन अनुसूची तैयार करने में उल्लेखनीय योगदान देेने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया

रायपुर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने  नवा रायपुर स्थित नया सर्किट हाउस में नवीन दर अनुसूची-2025 (एसओआर) का विमोचन किया। मंत्री कश्यप ने नवीन एसओआर से जल संसाधन विभाग की सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण में गति और पारदर्शिता आएगी और छत्तीसगढ़ राज्य जल प्रबंधन के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेगा। इस अवसर पर विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उइके सहित समस्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं विभागीय अभियंतागण उपस्थित थे। यह नवीन दर अनुसूची (एसओआर) 1 मई 2025 से प्रभावशील होगी।  यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में जल संसाधन विभाग द्वारा 15 वर्षों के पश्चात एसओआर को निर्माण लागत, श्रमिक मजदूरी, सामग्री एवं मशीनरी के बढ़े हुए दरों को ध्यान में रखते हुए अद्यतन किया गया है। मंत्री कश्यप ने इस अवसर पर नवीन अनुसूची तैयार करने में उल्लेखनीय योगदान देेने वाले जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एस.ओ.आर. 2025 में दरों का निर्धारण मानक डेटा इकाई विश्लेषण पद्धति के आधार पर किया गया है, जैसा कि अन्य राज्यों जैसे मध्यप्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा में प्रचलन में है। दर विश्लेषण में सामग्री, श्रम, मशीनरी, उपकरणों की लागत, ठेकेदार लाभ और श्रम उपकर को शामिल किया गया है। सभी निर्माण सामग्री व कार्य भारतीय मानक (आई एस कोड) और विभागीय निर्देशों के अनुरूप हैं। आधुनिक तकनीकों जैसे रियल टाइम डाटा सिस्टम लिडार सर्वे, जियो-टेक्निकल व जियो-फिजिकल सर्वे को समाहित किया गया है। यह 11 अध्यायों में तैयार किया गया है जो बांध निर्माण, नहर, पाइप नेटवर्क, टनल, टेस्टिंग और रखरखाव कार्यों को कवर करता है। पहले की जटिल टेंडर प्रक्रिया की तुलना में अब अधिकांश वस्तुएं सीधे बीओक्यू में शामिल की जा सकती हैं। राज्य के विभिन्न जल संसाधनों में स्वचालित रेनगेज, वॉटर लेवल रिकॉर्डर, गेट सेंसर की स्थापना भी दर अनुसूची में शामिल है। यहां यह उल्लेखनीय है कि 2010 में जारी पिछली दर अनुसूची के बाद अब जाकर यह व्यापक सुधार किया गया है। इस बदलाव से ठेकेदारों की वित्तीय जोखिम में कमी आएगी, साथ ही निर्माण गुणवत्ता में भी सुधार होगा। प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उइके के नेतृत्व तथा अधीक्षण अभियंता आलोक अग्रवाल के तकनीकी मार्गदर्शन में नवीन एसओआर को तैयार करने में नवनियुक्त सहायक अभियंताओं ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है। recent visitors 25