उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नवविवाहितों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की

रायपुर अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर कबीरधाम जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 85 जोड़ों का सामूहिक विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नवविवाहितों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान नवदम्पतियों को 35-35 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए। सांसद संतोष पाण्डेय, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बेटियों के आत्मसम्मान और सामाजिक सुरक्षा का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य इस योजना को और अधिक व्यापक बनाकर प्रदेश की हर जरूरतमंद बेटी तक इसका लाभ पहुँचाना है। आगामी वर्षों में ऐसे आयोजनों को और भव्य स्वरूप में संपन्न किया जाएगा। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता दूर हुई है। उन्होंने नवदंपत्तियों को उनके दाम्पत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन उनके लिए नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में प्रारंभ इस योजना को वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाया गया है। इस आयोजन की भव्यता तब और बढ़ गई जब कवर्धा शहर के वीर सावरकर भवन से छत्तीसगढ़ी गुदुल बाजा, बैंड और आतिशबाजी के साथ सामूहिक बारात निकाली गई। दूल्हों की बारात का स्वागत जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा पारंपरिक ‘परघौनी’ और डंडा खेल के माध्यम से किया गया, जिसने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में प्रत्येक जोड़े पर 50 हजार रुपये का व्यय किया गया, जिसमें से 35 हजार रुपये नकद सहायता और 15 हजार रुपये मूल्य की प्रोत्साहन सामग्री प्रदान की गई। सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में इस योजना के तहत और अधिक बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान किया जा सके। recent visitors 22

देश में टीबी उन्मूलन प्रयासों में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य ने दिखाई अपनी कार्यक्षमता : मंत्री जायसवाल

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है सजग और प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान : मंत्री जायसवाल देश में टीबी उन्मूलन प्रयासों में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य ने दिखाई अपनी कार्यक्षमता : मंत्री जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के उत्कृष्ट स्वास्थ्य कर्मियों को किया सम्मानित रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज रायपुर मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित टीबी उन्मूलन एवं एनक्यूएएस (NQAS) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सजग, संवेदनशील और सक्रिय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ भी पूरे समर्पण और संकल्प के साथ काम कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य को सर्वश्रेष्ठ ढंग से लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जो हम सभी के लिए गौरव की बात है। राज्य की 4103 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं। यह उपलब्धि ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों की सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए टीम भावना से काम करना जरूरी है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। गौरतलब है कि निक्षय निरामय अभियान के अंतर्गत राज्य में 36 लाख से अधिक हाई रिस्क व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, 4.5 लाख एक्स-रे जांच और 1.5 लाख टीबी जांच उच्च तकनीक NAT मशीनों से की गई। इन प्रयासों से 100 दिनों के भीतर 17 हजार नए टीबी मरीजों की पहचान कर उपचार प्रारंभ किया गया। साथ ही 3130 नए नि-क्षय मित्रों का पंजीयन कर, 25 हजार से अधिक टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे जमीनी स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा उद्देश्य सिर्फ लक्ष्य तय करना नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देना है। टीबी के खिलाफ हमारी यह लड़ाई अब केवल अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सेवा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि 'नि-क्षय मित्र' अभियान ने प्रदेश में सामुदायिक भागीदारी की एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष टीबी उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा और सभी स्वास्थ्यकर्मी इसे अपना व्यक्तिगत संकल्प मानें। सम्मान समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिलों को पुरस्कृत किया गया। 350 से कम पंचायतों की श्रेणी में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को पहला, कोरिया को दूसरा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, 350 से अधिक पंचायतों की श्रेणी में जशपुर को प्रथम, सरगुजा को द्वितीय और रायगढ़ को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। नि-क्षय मित्र पहल श्रेणी में गरियाबंद को प्रथम और रायपुर को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान में उच्च वरीयता वाले जिलों के अंतर्गत नारायणपुर को प्रथम और कोंडागांव को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि निम्न वरीयता वाले जिलों में कांकेर को पहला और मुंगेली को दूसरा पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण (NQAS) श्रेणी में रायपुर को प्रथम, महासमुंद को द्वितीय और दुर्ग को तृतीय पुरस्कार मिला। इस राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में संचालक डॉ. सुरेंद्र पामभोई, विभागीय अधिकारीगण, जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, डीपीएम सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी एवं चिकित्सकगण उपस्थित थे। recent visitors 22

मंत्री कश्यप ने कहा हमारे बस्तर संभाग के विकास के लिए CM साय की सरकार सहित केंद्र की मोदी सरकार भी बस्तरवासियों के साथ

रायपुर वनमंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मांदलापाल, कुंगारपाल, बाकेल, भानपुरी में आंगनबाडी केंद्र, सांस्कृतिक मंच, चबूतरा, सीसी सड़क निर्माण, विभिन्न स्थानों पर हाई मास्क लाइट की व्यवस्था जैसे करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को 1 करोड़ 18 लाख रूपये के विकास कार्यों की सौगात दी है। मंत्री कश्यप ने कहा कि हमारे बस्तर संभाग के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार सहित केंद्र की मोदी सरकार भी बस्तरवासियों के साथ है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के विकास कार्यों और नियद नेल्लानार जैसे योजनाओं के क्रियान्वयन से बस्तर नक्सल मुक्त क्षेत्र की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा सपना अब साकार होने लगा है। हमारी सरकार की नियद नेल्लानार योजना ने बस्तर के उन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं और आवश्यकताओं को पूर्ण करने का कार्य किया है जहां आजादी के 70 साल बाद भी पूर्ववर्ती सरकार पहुंच नहीं पायी। वनमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर अब हर दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। सभा को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार बस्तर ही नहीं पूरे प्रदेश के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को ख़ुशी प्रदान कर रही है। हमारी सरकार ने तेन्दूपत्ता का मूल्य बढ़ा कर हर एक पत्ता खरीदने का वादा किया था उसे हम पूरा कर रहे हैं। तेन्दूपत्ता सहित अन्य लघु वनोपज के खरीदी-बिक्री से भी जनजाति जीवन में बदलाव आज बस्तर में देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे। recent visitors 16

मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि प्रभु श्रीराम को माता कौशल्या के संस्कारों ने मर्यादा पुरूषोत्तम बनाया

रायपुर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि प्रभु श्रीराम को माता कौशल्या के संस्कारों ने मर्यादा पुरूषोत्तम बनाया, यह हम सबके लिए प्रेरणास्पद है। वे आज चंदखुरी में आयोजित दो दिवसीय माता कौशल्या महोत्सव के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। वनमंत्री कश्यप ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का काम कर रहे हैं। अयोध्या में इतने लंबे वर्षों के बाद प्रभु राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। यह सब प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रयास ही संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया और यहां कठिन परिस्थितियों से बहुत कुछ सीखा और मर्यादा पुरूषोत्तम कहलाए। वन मंत्री कश्यप ने माता कौशल्या मंदिर का पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। वे गंगा आरती में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समारोह में विभिन्न स्थानों से आए मंडली मानस मंडली की महिलाओं को सम्मानित भी किया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में माता कौशल्या के तीर्थ नगरी चंदखुरी को विश्व स्तर पर प्रसिद्धि दिलाने के लिए काम कर रहे हैं। यहां सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम जन-जन के आराध्य हैं, उनकी याद में छत्तीसगढ़ में आज भी भांजों का चरण स्पर्श करने की परंपरा है।  कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने भी सम्बोधित किया। समापन अवसर पर प्रसिद्ध गायिका सुसनमुखप्रिया के भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष राम प्रताप सिंह, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल नगर पंचायत चंद्रपुरी के अध्यक्ष प्रतीक बैस, नगर पालिका आरंग के अध्यक्ष संदीप जैन, नगर पंचायत खरोरा के अध्यक्ष सुनील सोनी, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं श्रद्धालु उपस्थित थे। recent visitors 24

उप मुख्यमंत्री अरुण साव सामूहिक विवाह में भी हुए शामिल, 20 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजनांदगांव के घुमका में विकास कार्यों के भूमिपूजन और मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने घुमका नगर पंचायत में एक करोड़ 49 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में घुमका में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। इनमें विद्युतीकरण के लिए नौ लाख 85 हजार रुपए, सड़क में बोर्ड लगाने के लिए नौ लाख 83 हजार रुपए तथा तीन द्वारों के लिए दस-दस लाख रुपए शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा घुमका में आयोजित सामूहिक विवाह में 20 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। साव ने सभी जोड़ों को आशीष प्रदान करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं। सांसद संतोष पाण्डेय और विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल भी दोनों कार्यक्रमों में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत यहां 20 जोड़ों का विवाह हो रहा है, 40 परिवारों में खुशियां आ रही हैं। आज का दिन ऐतिहासिक है, सामूहिक विवाह के साथ ही एक करोड़ 49 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार हर व्यक्ति के विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य और केंद्र सरकार हर परिवार के आवास और इलाज की व्यवस्था के साथ ही सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से बेटे-बेटियों के विवाह की चिंता भी दूर कर रही है। छत्तीसगढ़ में विष्णु का सुशासन कल्याणकारी है। सांसद संतोष पाण्डेय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज बड़ी खुशी का दिन है, सामूहिक विवाह में 20 दम्पति परिणय सूत्र में बंधे हैं, उनके जीवन में कृपा और समृद्धि आए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव घुमका नगर पंचायत की सोच के अनुरूप सुंदर शहर की परिकल्पना से समग्र विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल ने भी सभी नवदम्पत्तियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इससे गरीब एवं जरूरतमंदों को मदद मिल रही है। राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, राजनांदगांव जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव और समाज सेवी कोमल सिंह राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे। recent visitors 22

गढ़ाकोटा के सरदार वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में आयोजित विवाह सम्मेलन में तीन हजार जोड़े विवाह के बंधन में बंधें, CM ने दिया आशीर्वाद

गढ़ाकोटा सागर के गढ़ाकोटा में आज गुरुवार को 23वां पुण्य सामूहिक विवाह सम्मेलन अयोजित हुआ। सरदार वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में आयोजित इस विवाह सम्मेलन में करीब तीन हजार जोड़े शामिल विवाह के बंधन में बंधेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भी शामिल होकर वर-वधू को आशीर्वाद देने सागर पहुंचे हैं। सम्मेलन में शामिल होने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गढ़ाकोटा पहुंचे। सुबह 9.30 बजे भोपाल से हवाई मार्ग से रवाना होकर वे सुबह 10.20 बजे गढ़ाकोटा हेलीपेड पहुंचें। जहां सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होने के लिए रवाना हुए। कार्यक्रम के बाद सीएम जबलपुर के लिए रवाना होंगे। इस आयोजन में सागर जिले के साथ-साथ संभाग के दमोह, टीकमगढ़, पन्ना, दमोह, निवाड़ी और छतरपुर जिले के वर-वधू भी होंगे शामिल। 25 हजार कन्याओं के विवाह कराने का रिकॉर्ड गढ़ाकोटा में रहली विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव वर्ष 2001 से पुण्य सम्मेलन सम्मेलन का आयोजन कराते आ रहे हैं। इसमें रहली विधानसभा में 25 हजार से अधिक कन्याओं के विवाह कराने का रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। वर-वधु को दिए जाएंगे उपहार सम्मेलन में विवाह करने वाले वर-वधु को 49 हजार रुपए की राशि के साथ ही 51 बर्तन, वर-वधु को शगुन के पकड़े, एक हॉटपॉट, बैग, दीवार घड़ी, 80 ग्राम वजन के गोल्ड प्लेटेड गहने (चूड़ी, मंगलसूत्र) समेत टीका की राशि भेंट स्वरूप दी जाएगी। दूल्हों की बारात घोड़ों पर निकाली जाएगी। सात ही घरातियों और बारातियों के स्वागत के लिए बुंदेली व्यंजन दाल, चावल, कड़ी, सब्जी, पूड़ी, रसगुल्ला, रसना, जलजीरा जैसे अन्य स्वादिष्ट पकवानों की व्यवस्था की जा रही है। recent visitors 27

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया

नैनीताल उत्तराखंड के नैनीताल में बुधवार रात सांप्रदायिक बवाल हो गया। मल्लीताल क्षेत्र में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया। घटना से नाराज स्थानीय लोगों और संगठनों ने देर रात तक कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ के साथ मस्जिद में पथराव किया। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर उस्मान नाम के आरोपी को हिरासत में ले लिया था। मल्लीताल और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस की भी तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात समुदाय विशेष के एक व्यक्ति पर किशोरी से दुष्कर्म का आरोप लगा। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान उग्र भीड़ ने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ शुरू कर लोगों से मारपीट कर दी। मल्लीताल क्षेत्र की मस्जिद पर कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया। आरोपी को पुलिस पकड़कर कोतवाली ले आई। ऐसे में उग्र लोगों ओर कई संगठनों ने देर रात कोतवाली पहुंचकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। नैनीताल में तनावपूर्ण माहौल के बीच देररात तक पुलिस और भीड़ के बीच आरोपी को लेकर खींचतान चलती रही। हंगामे के दौरान इलाके में अफरा तफरी और दहशत का माहौल फैल गया। लोग घबराकर अपने घरों में दुबक गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। घटना के बाद मल्लीताल और आसपास के क्षेत्रों में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने का निर्णय लिया। पुलिस लाइन से तुरंत बल मंगाया गया और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और गश्त बढ़ा दी। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर रखने को निगरानी टीमों को भी सक्रिय किया। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। पुलिस बल की मौजूदगी से स्थानीय लोगों को कुछ हद तक राहत मिली। प्रशासन किसी भी तरह की हिंसा या अफवाह को रोकने के लिए तत्पर है। सैकड़ों की भीड़ कोतवाली में जमा रही घटना के बाद से ही बड़ी संख्या में लोग कोतवाली में इकट्ठा हो गए। लोग रात 12:30 बजे के बाद तक वहां मौजूद रहे और पुलिस अधिकारियों से किशोरी से छेड़छाड़ के आरोपी को सख्त सजा देने की मांग करते रहे। भीड़ में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सभी वर्गों के लोग शामिल थे। सभी लोगों का एक ही सवाल था बेटियां कब सुरक्षित होंगी? कोतवाली परिसर में भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। पुलिस अधिकारियों ने बार-बार लोगों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं लोगों ने कहा, ऐसी घटनाओं को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जनता, प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है। कार्रवाई की मांग को लेकर शहर में निकाला जुलूस नैनीताल में सामने आई दुष्कर्म की घटना के विरोध में कई स्थानीय सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने एकजुट होकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इसके लिए शहर में रात को जुलूस निकालकर नारेबाजी की और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। कहा, यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन होगा। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। संगठनों ने प्रशासन को चेताया कि किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी इस विरोध में देखी गई। संगठनों का कहना था कि बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कोतवाली पहुंचा। पुलिस के साथ भी धक्का-मुक्की हुई घटना के विरोध में एकत्र हुई भीड़ जब कोतवाली पहुंची, तो पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। स्थिति कुछ देर के लिए पूरी तरह तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने संयम बरतते हुए हालात को बिगड़ने से रोका। कुछ युवकों ने पुलिस बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की, जिसे समय रहते नियंत्रण में लिया गया। कुछ स्थानों पर हंगामा और नारेबाजी भी हुई। कोतवाली में तैनात अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया। महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया, ताकि भीड़ को शांतिपूर्वक नियंत्रित किया जा सके। पुलिस ने किसी भी प्रकार की हिंसा से निपटने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। एसपी क्राइम नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्रा ने कहा कि मल्लीताल क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी उस्मान को हिरासत में ले लिया गया है। बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई पुलिस कर रही है। लोग देर रात तक प्रदर्शन करते रहे। सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। रेस्टोरेंट के कई कर्मचारियों के साथ मारपीट जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने रेस्टोरेंट के कई कर्मचारियों के साथ मारपीट की। उनके साथ गाली-गलौच की गई। रेस्टोरेंट के शीशे और काउंटर तक लाठी-डंडों से तोड़ दिए गए। सामान सड़क पर फेंक दिया गया। गाड़ीपड़ाव क्षेत्र में मारपीट के दौरान एकमात्र पुलिसकर्मी पिट रहे समुदाय विशेष के युवक को बचाने आया। लेकिन उसे भी प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। युवक के सिर पर लोहे की बेंच आदि से हमला किया गया। recent visitors 36