आतंकी खेलना चाहते थे पहलगाम के आरू, एम्यूजमेंट पार्क या बेताब घाटी में खूनी खेल, इस वजह से बैसरन को बनाया निशाना

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में पता चला है कि हमला करने वाले आतंकियों ने बैसरन से पहले तीन और जगहों पर भी रेकी की थी। बताया गया है कि आतंकियों ने 22 अप्रैल से पहले पहलगाम और आसपास के इलाके की रेकी शुरू की थी। बैसरन, आरु वैली और बेताब वैली संग लोकल एम्यूज़मेंट पार्क की रेकी करने के बाद हमले के लिए बैसरन को चुना गया था। आतंकियों की ओर से सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल किए जाने के इनपुट भी जांच में मिले हैं। इसी बीच पूरे कश्मीर में छापेमारी और पूछताछ का तेज सिलसिला चल रहा है। हिरासत में लिए गए करीब 185 लोगों से आतंकियों और मददगारों के गठजोड़ के सुराग तलाशे जा रहे हैं। किन जगहों की रेकी जांच में गिरफ्तार किए गए एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) ने बताया कि आतंकी घटना से दो दिन पहले बैसारन घाटी में मौजूद थे। आतंकियों ने 15 अप्रैल को पहलगाम पहुंचकर चार जगहों की रेकी की थी। इनमें बैसरन घाटी, आरु घाटी, स्थानीय एम्यूज़मेंट पार्क और बेताब घाटी शामिल थे। सुरक्षा कड़ी होने की वजह से आतंकी इन जगहों पर हमला नहीं कर पाए। NIA इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। एनआईए को शक है कि लगभग 20 ओवर ग्राउंड वर्कर ने विदेशी आतंकियों की मदद की थी। इनमें से कुछ को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी पर नजर रखी जा रही है। ओवर ग्राउंड वर्कर ने की आतंकियों की मदद जांच में पता चला है कि कम से कम चार ओवर ग्राउंड वर्कर ने आतंकियों को रेकी और जरूरी सामान पहुंचाने में मदद की। हमले से पहले इलाके में तीन सैटेलाइन फोन के इस्तेमाल के सबूत भी मिले हैं। इनमें से दो डिवाइस के सिग्नल को ट्रैस कर लिया गया है। एनआईए और खुफिया एजेंसियां अब तक 2,500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। फिलहाल 186 लोगों को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। जम्मू और कश्मीर में कई जगह छापेमारी हमले के बाद जम्मू और कश्मीर में कई जगह छापेमारी की गई। कुपवाड़ा, हंदवाड़ा, अनंतनाग, त्राल, पुलवामा, सोपोर, बारामूला और बांदीपोरा में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अलग-अलग गुट और जमात-ए-इस्लामी जैसे प्रतिबंधित संगठनों के सदस्यों और समर्थकों के घरों की तलाशी ली गई। एनआईए सूत्रों के अनुसार, इन संगठनों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। फिर भी इन्होंने एक ऐसा नेटवर्क बनाया, जिससे पाकिस्तानी आतंकियों को पहलगाम में हमला करने की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में मदद मिली। NIA की जांच में पता चला है कि ऐसे 4 ओवरग्राउंड वर्कर्स ने पहलगाम समेत 4 जगहों की हमले के लिए रेकी की थी। इस रेकी के बाद ही आतंकियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में हमला करने का फैसला लिया। सूत्रों का कहना है कि अब तक कुल 20 ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान हो चुकी है। इनमें से कई लोगों को अरेस्ट भी किया गया है। अब तक इस हमले के बाद से 186 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके पूछताछ की जा रही है। दरअसल कश्मीर में लंबे समय से आतंकी संगठनों की यह रणनीति रही है। अब आतंकी संगठनों का कोई खुलकर साथ नहीं देता, लेकिन अपनी नौकरी और धंधे करते हुए ही कई लोग ऐसे पाए जाते हैं, जो आतंकियों का साथ देते हैं। इन्हें ही ओवरग्राउंड वर्कर का नाम दिया गया है। 22 अप्रैल को आतंकियों ने पहलगाम में टूरिस्टों को मारा था। इन आतंकियों ने पुरुषों को ही मारा और उनकी महिलाओं को छोड़ दिया। इन महिलाओं एवं अन्य परिजनों ने ही बताया था कि आतंकियों ने उनसे पहले धर्म पूछा था और फिर कलमा पढ़वाया और खतना तक चेक किया। रिपोर्ट्स के अनुसार 20 लोगों की पैंट उतरवाकर आतंकियों ने देखा था कि उनका खतना हुआ है या नहीं। खतना नहीं पाया तो पुष्टि हुई कि वे मुसलमान नहीं हैं और फिर उनका बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। कॉल रिकॉर्ड की जांच इन संगठनों से जुड़े लोगों के कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं को इन समूहों के सदस्यों और पहलगाम हमले में शामिल ओवर ग्राउंड वर्कर के बीच बातचीत के लिंक मिले हैं। इससे पता चलता है कि हमले की साजिश में कई लोग शामिल थे। एनआईए और दूसरी एजेंसियां मिलकर इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस हमले में और कौन-कौन शामिल था और उनका मकसद क्या था? मामले की जांच अभी जारी इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है। एनआईए हर पहलू पर बारीकी से ध्यान दे रही है ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं और इलाके में कड़ी निगरानी रख रही हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके। लोगों से भी अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। हमले से दो दिन पहले पहुंचा आतंकी दल सूत्रों की मानें तो आतंकियों का दल अपने ओवरग्राउंड वर्क संग 19 अप्रैल को बैसरन पहुंचा था। उन्होंने बैसरन पार्क और आसपास क्षेत्र की रेकी की, लेकिन अपने ओवरग्राउंड वर्कर से इस विषय में कोई बात नहीं की आतंकियों ने हमले से एक दिन पहले अपने ओवरग्राउंड वर्कर से संपर्क किया और उसे 22 अप्रैल की दोपहर को बैसरन पहुंचने के लिए कहा था। ओवरग्राउंड वर्कर बने गाइड सूत्रों के अनुसार, बैसरन नरसंहार के गुनहगारों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बल ने अपना तलाशी अभियान जारी रखा हुआ है। सुरक्षा बल ने 20 के करीब ऐसे ओवरग्राउंड वर्करों को चिह्नित किया है, जो हमलावर आतंकियों के साथ संपर्क में रह चुके हैं। इनमें से कुछ जेल में बंद हैं। चार ओवरग्राउंड वर्करों ने पाकिस्तानी आतंकियों के लिए कथित तौर पर गाइड का भी काम किया है। पांच ओवरग्राउंड वर्करों के बारे में कहा जा रहा है कि वह हमले के समय पहलगाम और बैसरन के आसपास … Read more

आरोपी नसीम बानो की लगाई गई जमानत याचिका का अधिवक्ताओं ने भी लामबंद होकर विरोध किया

डिंडौरी देश और हिंदू विरोधी पोस्ट करने वाली मध्य प्रदेश की अतिथि शिक्षक डॉ. नसीम बानो की जिला न्यायालय में लगाई गई जमानत याचिका खारिज हो गई। कोर्ट ने कहा कि देश को झकझोर देने वाली आतंकवादी वारदात के बाद क्रूर आतंकवादियों की तुलना जय श्रीराम के नारे के साथ करना गंभीर अपराध है। ऐसे समय में हिंदू देवी देवताओं का अपमान करने के साथ देश विरोधी पोस्ट करना जघन्य अपराध किया गया है। ऐसे में जमानत नहीं दी जा सकती है। आरोपी नसीम बानो द्वारा लगाई गई जमानत याचिका का अधिवक्ताओं ने भी लामबंद होकर विरोध किया। तृतीय अपर सत्र न्यायालय से आरोपी की जमानत याचिका जहां खारिज हो गई, वहीं आदर्श कॉलेज से भी उन्हें पद से हटा दिया गया है। वकील बोले- जमानत मिलती, तो गलत संदेश जाता     कॉलेज प्राचार्य द्वारा आरोपी अतिथि विद्वान को मामला सामने आने के बाद ही नोटिस जारी किया गया था। आरोपी की सेवा अनुबंध निरस्त करने के साथ ब्लैक लिस्टेड करने के लिए भी पत्राचार किया जा रहा है।     न्यायालय में वकीलों ने भी जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि एक शिक्षित महिला का ऐसा कृत्य धर्म और देश विरोधी है। उन्होने तर्क दिया कि जमानत मिलने से समाज में गलत संदेश जाएगा।     जमानत का विरोध करने में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष यूके पटेरिया, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवेश कनौजे, राममिलन यादव सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे। आरोपी जिला जेल में बंद है। कॉलेज ने तत्काल की कड़ी कार्रवाई     अतिथि विद्वान के विरुद्ध मामला दर्ज होने के साथ जेल जाने के बाद उनका अनुबंध निरस्त कर पद से हटा दिया गया है। अतिथि विद्वान को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई एडी कार्यालय से होती है। इस पूरे मामले की जानकारी एडी कार्यालय के साथ कमिश्नर कार्यालय को भी भेज दी गई है। अतिथि विद्वान की यह गंभीर मनमानी थी। ऐसे में कॉलेज का भी माहौल खराब हो रहा था। डॉ. सुल्तान सिंह प्राचार्य शासकीय आदर्श कॉलेज डिंडौरी   recent visitors 34

मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की 36वीं फिल्म ‘थंडरबोल्ट्स’ की रिलीज

  मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की 36वीं फिल्म ‘थंडरबोल्ट्स’ की रिलीज के साथ ही इस काल्पनिक महागाथा का पांचवां चरण पूरा हो गया। साल 2008 से फिल्म ‘आयरनमैन’ की कहानी के साथ शुरू हुई इस महागाथा में फिल्म ‘एवेंजर्स एंडगेम’ (2019) ने इस मायने में बड़ा पूर्ण विराम लगाया कि ब्रह्माण्ड के सबसे शक्तिशाली खलनायक थानोस से लड़ते लड़ते इन एवेंजर्स न सिर्फ दुनिया को ‘फ्लिप’ से वापस बुला लिया, बल्कि खुद भी बहुत बड़ा नुकसान झेला। इसके बाद से एमसीयू की फिल्में ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं हर तरफ से कोशिशें करती रही हैं, लेकिन अपने समर्पित दर्शकों के चेहरों पर एक मुस्कान या फिर सिनेमा देखते समय उनकी तालियों की गड़गड़ाहट सुनने को इन्हें बनाने वाले भी खूब तरसे हैं। ‘स्पाइडरमैन नो व होम’ जैसे अपवाद को छोड़ दें तो मल्टीवर्स की कहानियां किसी सिरे पहुंचती नहीं दिख रही थीं। लेकिन, अब ये बातें अतीत की होने वाली हैं। क्या है पुच्छल तारे का राज? निर्माता केविन फाइगी की नई फिल्म का नाम है, ‘थंडरबोल्ट्स*’। ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे के नाम के आखिर में वैसा ही पुच्छलतारा जानबूझकर बनाया गया है जैसा कि आम तौर पर किसी मोहक चीज की तरफ लोगों को आकर्षित करने के बाद ‘टर्म्स एंड कंडीशन्स अप्लाइड’ जैसी बात बताने के लिए लिखा जाता है। यहां इसका मतलब है कि ये नाम जो है, वह बस काम चलाने भर को है, कहानी ये किस बारे में है ये आपको फिल्म देखने के बाद पता चलेगा। एमसीयू की इस 36वीं में फिल्म में जाकर ये भी तय हो चला है कि अब ये दुनिया किस तरफ का रुख करने वाली है। यहां कहानी उन लूजर्स की है जो व्यक्तिगत रूप में अपनी अपनी कहानी में कुछ खास कर नहीं पाए। ये सब बस अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की निदेशक के इशारे पर ऐसे काम करते रहे जो कानून की किताबों में अपराध माने जाते हैं। निजाम बदलने के साथ ही ये निदेशक अब जांच के घेरे में है तो वह अपने पुराने पापों का सारा लेखा जोखा साफ कर देना चाहती है। इसमें ये सारे ‘लूजर्स’ भी शामिल है जिन्हें वह एक दूसरे को मारने के लिए ही अपने एक खुफिया ठिकाने पर भेज देती है। जो हैं अटके भूले भटके, उनको तारें.. एक तरह से देखा जाए तो ये अपना रास्ता भटके लोगों को ऐसी कहानी है जिनको मुख्यधारा में लाने की कोई योजना तो किसी ने नहीं बनाई लेकिन इन लोगों ने अपनी अपनी कमजोरियों के साथ एक दूसरे को अपनाया और फिर हालात व चुनौतियों ने इन्हें एक टीम के रूप में काम करना सिखा दिया। एक दूसरे को मारने की बजाय जैसे ही इन सब ने एक दूसरे की ढाल बनना सीखा, इन सबके जीने के मायने ही बदल गए। अमेरिकी संसद का सदस्य बन चुके बकी बार्न्स का इनसे आ मिलना और सुपरमैन जैसा कुछ बनाने की कोशिश में एक नया शक्तिशाली इंसान बन गए बॉब का अपने सेंट्री और वॉयड दोनों रूपों में इन भटके खलनायकों को एक नई दिशा दिखाना, फिल्म ‘थंडरबोल्ट्स’ की कहानी का संपुट है। ये कहानी अकेलेपन से घबराए लोगों की है। ये कहानी परिवार की जरूरत बताने की है और ये कहानी है हर उस इंसान पर भरोसा करने की जो इंसानियत को बचाने निकला है। तरीका फिर उसका चाहे जैसा भी हो। किरदारों का नया रिश्ता कमाल है! मार्वल स्टूडियोज की नई फिल्म 'थंडरबोल्ट्स' का इंतजार इसके टीजर, ट्रेलर के साथ ही होता रहा है। फिल्म ‘फन्टास्टिक फोर’ से इसका क्या रिश्ता है, ये तो फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा लेकिन एंड क्रेडिट्स के बीच आन वाले दो पोस्ट क्रेडिट सीन्स ये खुलासा कर ही देते हैं कि अब एमसीयू की कहानी में एवेंजर्स का दर्जा क्या होने वाला है? 'डॉक्टर डूम' की वापसी का इंतजार कर रहे एमसीयू के प्रशंसकों के लिए ये फिल्म ताजगी की एक ऐसी बयार बनकर आई है जिसमें लाल हल्क बन चुके अमेरिकी राष्ट्रपति वाला पिछली फिल्म ‘कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड’वाला संदर्भ छोड़कर सब कुछ नया घट रहा है। हालांकि, फिल्म के तकरीबन सारे मुख्य किरदारों की पृष्ठभूमि बीते चार पांच साल में रिलीज एमसीयू की वेब सीरीज से जुड़ती नजर आती है। लेकिन, जिस खालीपन की ये फिल्म बात करती है और जिसकी चपेट में आकर एक इंसान अपनी दुनिया की काली करता जाता है, उसके आयाम दूरगामी हैं। ये इस कहानी को एक बेहद संवेदनशील दर्शन शास्त्र की तरफ खिसकाने की कोशिश भी नजर आती है। अब येलेना संभालेगी एवेंजर्स की कमान मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स में ‘ब्लैक विडो’ की कमी को पूरा करने के लिए उसकी छोटी बहन येलेना को लाया गया है। यहां येलेना ही कहानी का सूत्रधार है। बकी बार्न्स भी मदद करने को है लेकिन येलेना का कहानी के बाकी किरदारो के साथ साथ अपने दत्तक पिता रेड गार्डियन के साथ होने वाला संवाद भी काफी दिलचस्प और दिल खुश कर देने वाला है। देखा जाए तो ये फिल्म ‘गार्जियन्स ऑफ गैलेक्सी’ सीरीज के पूरा होने के बाद एमसीयू में अखरती रही कॉमेडी को पूरा करती फिल्म भी नजर आती है। निर्देशक जेक श्रेयर की काबिल अगुआइ में इसके मुख्य कलाकारों फ्लोरेंस प्यू, सेबेस्टियन स्टेन और डेविड हार्बर ने दर्शकों के दिल जीत लिए हैं। एलेक्सी शोस्ताकोव यानी रेड गार्डियन की भूमिका डेविड हार्बर ने इस कहानी को नया आधार दिया है, वगीं ओल्गा कुरीलेंको, हन्ना जॉन-कामेन, जूलिया लुइस-ड्रेफस, वायट रसेल और लुईस पुलमैन अपने अपने किरदारों में खूब जमे हैं।   recent visitors 46

राज्यपाल डेका ने नक्सल प्रभावितों को हर संभव मदद् देने की बात कही

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में बस्तर क्षेत्र के कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिले के नक्सल हिंसा से पीड़ित ग्रामीणों ने मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। डेका ने नक्सल प्रभावितों को हर संभव मदद् देने की बात कही। राज्यपाल डेका ने सभी पीड़ितों से बात चीत की। शासन की ओर से नक्सल हिंसा से प्रभावित ग्रामीणों को जो सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है उस राशि का सदुपयोग करने कहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की विशेष पहल पर केंद्र शासन द्वारा बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए सतत् कार्रवाई की जा रही है तथा वर्ष 2026 तक इस क्षेत्र को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा इन क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाये जा रहे हैं, जिससे इन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संपदा से भरपूर बस्तर क्षेत्र में विकास एवं पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्यपाल डेका ने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित जो दिव्यांग हुए हैं उनको आत्म निर्भर बनाने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने नक्सल हिंसा से दिव्यांग हुए सुकमा जिले के ग्राम चिंता गुफा निवासी राहुल सोढ़ी का इलाज एम्स रायपुर में कराने के निर्देश दिये। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, गृह मंत्री के ओएसडी अमर सिदार सहित पीड़ित ग्रामीण भी उपस्थित थे। recent visitors 43

बारिश के साथ मई की शुरुआत, दिल्ली समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट

नई दिल्ली मई महीने की शुरुआत में बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके लिए मौसम विभाग ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है. राजधानी दिल्ली में अगले 5 दिनों तक आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की उम्मीद है. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मई की शुरुआत बारिश के साथ होने की संभावना है. उत्तराखंड में इस दौरान तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है. 1 से 3 मई के दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. 01 मई को झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. इसके साथ ही 1 मई को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है. इन राज्यों में बारिश का अलर्ट अगले छह दिनों में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. 1 से 4 मई के बीच कर्नाटक में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है. इसके अलावा, अगले पांच दिनों में पूर्वोत्तर भारत में भी बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. उत्तराखंड में ओलावृष्टि की संभावना 01 मई को नागालैंड और मणिपुर में हल्की ओलावृष्टि की संभावना है. इसी दौरान, 01 से 06 मई के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज हवाएं चल सकती हैं. विशेष रूप से, उत्तराखंड में 01 और 02 मई को ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जबकि 01 मई को हवाओं की गति 50-60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके अलावा, अगले पांच दिनों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मई महीने की शुरुआत बारिश के साथ होगी. इन दिनों आंधी चलने की भी संभावना है. अगले 24 घंटे में तापमान में बदलाव अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन की संभावना नहीं है, जबकि अगले 5 दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है. इसी प्रकार, मध्य और पश्चिम भारत में भी अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद के 4 दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिल सकती है. राजस्थान में बारिश का अलर्ट राजस्थान में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज से मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है. इस दौरान तेज आंधी और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है. मौसम विभाग के अनुसार, नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से एक मई को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर और जयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में दोपहर के समय तेज मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है. इसके साथ ही, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. बिहार में कैसा रहेगा मौसम बिहार में गर्मी के बीच राहत की एक अच्छी खबर आई है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 13 जिलों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. अगले पांच दिनों के दौरान, कई क्षेत्रों में बादल छाने के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई गई है. इनमें पूर्णिया, अररिया और अरवल जैसे जिले शामिल हैं. recent visitors 39

नकली सोना थमाकर असली ले उड़ीं महिलाएं, तीन महिला समेत पांच पकड़े गए

बिलासपुर बिलासपुर में खरीदार बनकर नकली सोना थमाकर असली सोना और नगद रकम ठगकर फरार होने वाले आरोपियों को पुलिस ने महाराष्ट्र भंडारा से घेराबंदी कर पकड़ा है। एडिशनल एसपी राजेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया कि 28 अप्रैल दो महिलाएं खरीदारी करने सदर बाजार के हिम्मतलाल ज्वेलर्स में आई थीं। उन्होंने सर्राफा व्यापारी को नकली सोना थमाकर उसकी एवज में 42.3 ग्राम असली सोने के जेवर 13572 रुपये ठगी कर फरार हो गए थे। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस ने सराफा दुकान की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। जिसमें दो महिलाएं खरीदारी करते नजर आ रही थीं। बड़े अधिकारियों के निर्देश के बाद शहर व आउटर में सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। जिसमे रायपुर रोड में महिलाएं कार से भागते हुए नजर आईं। फुटेज में आरोपी महाराष्ट्र भंडारा की तरफ भागने की पुष्टि हुई। इसपर बिलासपुर पुलिस ने घेराबंदी का गाड़ी नंबर के आधार पर कार सवार तीन महिलाओं और दो पुरुषों को पकड़ लिया। और गाड़ी की तलाशी ली तो 14 लाख का सोना और 3 किलो चांदी के जेवर 94 हजार रुपये नगद मिले। पूछताछ करने पर पांचों ने बिलासपुर रायपुर राजनांदगांव के सराफा दुकान में नकली सोना थमाकर असली सोने की ठगी करने की बात स्वीकार की है। बिलासपुर की कोतवाली पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे नगद रकम जेवर और कार को जब्त किया है। यह सभी आरोपी प्रयागराज के हैं। पकड़े गए आरोपियों का नाम मालती सोनी पति कन्हैया लाल सोनी नैनी प्रयागराज, पूनम सोनी पिता भारत लाल सोनी 36 वर्ष प्रयागराज, प्रदीप सोनी पिता विनोद सोनी 21 साल सुल्तानपुर प्रयागराज, राहुल सोनी उर्फ मनीष पिता भारत लाल सोनी 22 वर्ष सेक्टर शांतिपुरम प्रयागराज, श्यामा सोनी पिता बबलू सोनी प्रयागराज है। recent visitors 31

जीवन में चुनौती नहीं है तो जीवन का सार बेकार : सीएम योगी

लखनऊ राजधानी लखनऊ में गुरुवार को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के जीवन पर आधारित पुस्तक 'चुनौतियां मुझे पसंद हैं' के विमोचन कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम जानकीपुरम स्थित एकेटीयू में आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना व पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र समेत कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे। स्वामी चिदानंद सरस्वती भी साथ में रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बक्शी का तालाब स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का स्वागत किया। उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी रहीं। कार्यक्रम में पहुंचकर उपराष्ट्रपति ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में महाकुंभ के बाद पहला सार्वजनिक कार्यक्रम है जिसमें उपराष्ट्रपति का आगमन है। 'चुनौतियां मुझे पसंद हैं' पुस्तक राज्यपाल के जीवन पर आधारित महत्वपूर्ण कृति है। जीवन के हर पहलू को 14 अध्याय में संजोया गया है। जैसे समुद्र मंथन से 14 रत्न निकले थे, वैसा ही है। किसान परिवार में जन्मी बेटी ने शून्य से शिखर तक की यात्रा तय की सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि किसान परिवार में जन्म लेकर शून्य से शिखर तक की यात्रा तय करना। किसी वैष्णव, किसान परिवार में सात दशक पहले कोई बेटी पढ़े, यह उस समय कल्पना थी। उस कल्पना को अपनी जिजीविषा से राज्यपाल ने आगे बढ़ाया। माता-पिता के संस्कार, संघर्ष से आगे बढ़ीं। एक शिक्षक, प्रधानाचार्य, मंत्री, सीएम अब राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल एवं कार्यक्रमों को जानने का अवसर हम सभी को मिलता है। उनके स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं। हमें उनका मार्गदर्शन मिले। महाकुंभ में उप राष्ट्रपति की उपस्थिति प्रेरणादायी रही सीएम ने आगे कहा कि अक्सर हम शिखर को देखते हैं, उसकी नींव बनाने की मेहनत को नहीं देखते हैं। यह किताब नई प्रेरणा होगी। महाकुंभ में उप राष्ट्रपति की उपस्थिति प्रेरणादायी रही। उन्होंने इसमें भागीदार बन नई ऊंचाई दी। आपकी और प्रधानमंत्री की प्रेरणा से महाकुंभ को वैश्विक स्तर तक पहुंचाया गया। चुनौती इन्हें भी पसंद है। कुछ दिन पहले स्वास्थ्य सही नहीं था। जैसे ही स्वस्थ हुए पूरे देश में दौरे शुरू हो गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति महत्वपूर्ण है। लोकतंत्र तब भी कुंद होता है जब सुनने वाला तैयार नहीं होता है। यह किताब लोकतंत्र की कृति बनेगी।   recent visitors 33