सांसद आलोक शर्मा ने कहा- लव जिहाद करने वालों की नसबंदी कराएं

भोपाल   मध्यप्रदेश में बढ़ते लव जिहाद मामले को सेकर सरकार चिंतित है। हाल ही में पूरे प्रदेश सहित राजधानी भोपाल में कई मामले सामने आ चुके हैं। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद इस तरह के मामले कम नहीं हो रहे हैं। इसी कड़ी में भोपाल सांसद आलोक शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- लव जिहाद करने वालों की नसबंदी कराएं। आलोक शर्मा ने यह मांग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की है। बता दें कि राजधानी भोपाल के एक कॉलेज में कई लड़कियों से लव जिहाद का मामला सामने आया है। शहर पुलिस की कारर्वाई में अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। इन आरोपियों ने कॉलेज की छात्राओं को कथित तौर पर प्रेम जाल में फंसाते हुए उनसे न केवल दुष्कर्म किए, बल्कि उनके वीडियो बना कर उन्हें ब्लैकमेल किया। आरोप है कि आरोपियों ने कुछ लड़कियों को फंसाते हुए उनकी सहेलियों से भी संपर्क साधे और इसके बाद उन्हें भी शिकार बनाया।  इस दौरान आरोपियों ने लड़कियों को नशे के जाल में फंसाते हुए उन पर धर्म परिवर्तन का भी दबाव मनाया। चारों आरोपी धर्म विशेष के हैं, जिन्होंने सुनियोजित तरीके से लड़कियों को अपना शिकार बनाया। इस मामले में अब तक लगभग आधा दर्जन लड़कियां सामने आ चुकी हैं, जिन्होंने पुलिस से संपर्क साधा है। संभावना जताई जा रही है कि पुलिस की कारर्वाई आगे बढ़ने के साथ और लड़कियां भी हिम्मत जुटाते हुए आ सकती हैं। आरोप है कि आरोपी लड़कियों को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे और इस प्रताड़ना और यौन शोषण के वीडियो क्लिप्स को एक-दूसरे के साथ साझा भी करते थे। इससे यह एक सुनियोजित आपराधिक गिरोह होने की बात कही जा रही है। सांसद शर्मा ने कहा कि- मोहन यादव की सरकार लव जिहाद को रोकने का काम कर रही है। मैं मोहन यादव से मांग करता हूं। मध्यप्रदेश शांति का टापू है, यहां कोई लव जिहाद करता है तो उसकी गिरफ्तारी तो होगी ही, उसके साथ-साथ उसकी नसबंदी भी करा दी जाए। नसबंदी होगी तो इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। बता दें कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एक कॉलेज में हिंदू युवतियों के साथ लव जिहाद और गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ हो रही है। पूछताछ में रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपियों का लक्ष्य हिंदू युवतियों को फंसाकर रेप फिर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना था। मामले की जांच जारी है। recent visitors 48

शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण

 हर युवा के चेहरे की चिंता हमने पढ़ी, हर परिवार की पीड़ा हमने समझी और उसका समाधान करने का किया प्रयास : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ के बर्खास्त बीएड शिक्षकों के जीवन में लौटी खुशियाँ: 26 सौ से अधिक युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का ऐतिहासिक निर्णय शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सहायक शिक्षकों ने जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 26 सौ से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 2600 से अधिक युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है।       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ग़जमाला पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता जताई।        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का और देश का भविष्य गढ़ना शिक्षकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आप सभी अपने दायित्व के प्रति सचेत हों और इस भूमिका में सर्वोच्च योगदान दें।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। आप हमारे प्रदेश के बच्चें है और आपके भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प हमने पहले से ले लिया था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल देगा और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के   उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है।      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के साथ आपके नौकरी के संबंध में लगातार चर्चा होती थी। हमारे मुखिया इतने संवेदनशील है कि उन्होंने पहले ही दिन कहा था कि जितना भी आर्थिक बोझ पड़े राज्य सरकार अपने युवाओं के भविष्य को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि आपके परिजन भी लगातार हमसे संपर्क कर अपनी चिंता व्यक्त करते थे और आज मुख्यमंत्री ने उन सभी की चिंता को दूर करते हुए अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री जी ने न केवल अपना वादा निभाया है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति से सुशासन को स्थापित करने का कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में मिसाल कायम की है।        इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि नौकरी जाने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर गहरी आशंका में थे और लगातार मानसिक पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता ने उन्हें संबल दिया। शिक्षकों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर बार उनकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हमसे वादा किया था कि हमारे बेटे-बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाकर एक अभिभावक की जिम्मेदारी पूरी की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हमें गर्व है कि आज हमारे प्रदेश में ऐसी सरकार है जो हमारी पीड़ा को समझती है और संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्याओं का समाधान करती है। recent visitors 52

चौकी विक्रमपुर पुलिस ने 2 साल पुराने वसूली प्रकरण के फरार स्‍थाई वांरटी रतन सिंह पट्टा को कस्‍बा समनापुर से किया गिरफ्तार

       डिंडौरी पुलिस अधीक्षक डिण्‍डौरी महोदय के निर्देशानुसार डिण्‍डौरी पुलिस द्वारा जिले के समस्त थाना क्षेत्र अंतर्गत फरार इनामी बदमाश वांछित अपराधी एवं स्थाई वारंटी की गिरफ्तारी निरंतर की जा रही है। इसी क्रम में चौकी प्रभारी विक्रमपुर संतोष कुमार यादव के द्वारा माननीय प्रधान न्यायाधीश महोदय कुटुंब न्यायालय डिंडोरी के एमजेसीआर नंबर 148/23 के स्थाई वारंटी रतन सिंह पट्टा पिता हीरा सिंह पट्टा जाति गोंड उम्र 28 साल निवासी जुनवानी को आज दिनांक 1/5/2025 को समनापुर से गिरफ्तार किया गया एवं माननीय न्‍यायालय पेश किया गया । उक्त स्‍थाई वारंटी की धरपकड़ में चौंकी प्रभारी विक्रमपुर  संतोष यादव, प्रधानरक्षक 221 हरे सिंह सैयाम,आरक्षक रामनिवास राठौर, प्रधान आरक्षक मुकेश  परधान व आरक्षक जगदीश की विशेष भूमिका रही है । recent visitors 38

कलेक्टर-एसपी पर सख्त हुआ हाईकोर्ट, शपथ पत्र में मांगा जवाब, ये है मामला…

सिवनी सिवनी जिले के धूमा क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा काे क्षतिग्रस्त करने के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जिले के कलेक्टर, एसपी और एसएचओ धूमा को नोटिस जारी कर एक हफ्ते में शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा है। यह घटना फरवरी 2025 की है। मामले में स्थानीय व्यक्ति ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उसने कोर्ट को बताया कि प्रतिमा तोड़ने की शिकायत की गई थी, जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। सिवनी निवासी जितेंद्र अहिरवार की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने कोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि धूमा थाना अंतर्गत एक गांव में 10-11 फरवरी की रात कुछ लोगों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा में तोड़फोड़ की, अगले ही दिन धूमा पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई, लेकिन आज तक आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की बजाय जर्जर मूर्ति को किसी अज्ञात स्थान में रख दिया और वहां पर नई प्रतिमा लाकर रख दी। अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि- जो नई मूर्ति लगाई गई है वह किसके द्वारा लाई गई, कहां से लाई गई और किस मद से उसमें पैसा खर्च किया है यह जानकारी नहीं दी गई। याचिकाकर्ता ने इस मामले को लेकर लगातार सिवनी कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारियों से जाकर शिकायत की, लेकिन किसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। हाई कोर्ट को यह भी बताया गया कि सिवनी पुलिस प्रतिमा तोड़ने वालों की ना ही जांच कर रही है और ना ही उनके खिलाफ कार्यवाही। घटना को ढाई महीने से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन आज तक पुलिस ने एक भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। हाईकोर्ट को यह भी बताया गया था कि पुलिस उल्टा याचिकाकर्ता को ही परेशान कर रही है कि कार्यवाही को लेकर दबाव न बनाया जाए। जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सिवनी कलेक्टर, एसपी और एसएचओ धूमा को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 7 मई को होगी। हाईकोर्ट ने सिवनी एसपी को यह भी निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई में शपथ पत्र प्रस्तुत करते हुए यह बताएं कि इस मामले में अभी तक क्या कार्यवाही की गई है। हाईकोर्ट ने कार्रवाई का पूरा ब्यौरा भी पुलिस से मांगा है।   recent visitors 40

पहलगाम हमला : शुभम की पत्नी की बातें सुन राहुल गांधी भावुक

कानपुर आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के हाथीपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पहलगाम में हुई घटना की पल-पल की जानकारी दी। बताया कि आतंकियों ने सबसे पहले उनके पति को गोली मारी। जिस समय उनके साथ यह घटना हुई, वहां पर करीब 300 से 400 लोग थे। आतंकवादी चुन-चुनकर सिर्फ युवा जोड़ों (कपल्स) को ही निशाना बना रहे थे। बताया कि आतंकी पहले लोगों से कई सवाल करते, उसके बाद बड़ी निर्दयता से गोली मार देते थे। आतंकी जिस तरह से एक के बाद एक लोगों को मार रहे थे, ऐसा लगा कि वे सभी को मार देंगे। राहुल गांधी ने एक-एक करके सभी परिजनों की बातें सुनीं। यह सुनकर वह कई बार भावुक हुए। शुभम की पत्नी ऐशान्या जब बताते हुए रोने लगीं तो उन्हें ढांढस बंधाया। राहुल के हाथीपुर आगमन पर पार्टी की ओर से किसी भी तरह का स्वागत करने, नारेबाजी करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के माध्यम से उन्होंने एक दिन पहले ही इस संबंध में कार्यकर्ताओं के लिए निर्देश जारी कर दिया था। ग्रामीण इकाई अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने इसके लिए वीडियो भी जारी किया था। वह चकेरी एयरपोर्ट से सीधे शुभम के घर पहुंचे और वहां से वापस एयरपोर्ट। फिर हवाई जहाज से दिल्ली चले गए। 'मेरा पति गुमनामी की मौत नहीं मर सकता, उसे शहीद का दर्जा दिलाइए' लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए हाथीपुर निवासी शुभम द्विवेदी के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे। वह यहां पर करीब 20 मिनट रहे। शुभम के पिता संजय द्विवेदी और पत्नी ऐशान्या ने उनसे शुभम को शहीद का दर्जा दिलाए जाने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा पीएम को चिट्ठी लिखेंगे पत्नी ने कहा कि उनका पति गुमनामी की मौत नहीं मर सकता है। राहुल ने परिजनों को आश्वस्त किया कि वह इसके लिए प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखेंगे। यह भी बताया गया कि इस घटना को देखते हुए उन्होंने लोकसभा का विशेष सत्र बुलाने के लिए भी प्रधानमंत्री से कहा है। शाम करीब 3.45 बजे चकेरी एयरपोर्ट से कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सीधे हाथीपुर पहुंचे।  'आपने भी आतंकवाद में दादी और पिता को खोया है, मेरा भी दर्द समझिए' शुभम के पिता ने उनसे कहा कि आपने भी अपनी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी को आतंकवाद में खोया है। ऐसे में मेरा दर्द समझिए, मेरे बेटे को शहीद का दर्जा दिलाइए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए सभी को साथ आना पड़ेगा। राहुल गांधी ने इस दौरान ऐशान्या और परिजनों की बात फोन के जरिए पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्र्रा से कराई। उन्होंने भी परिजनों को पूरा सहयोग करने को कहा। सरकारी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई तो जिलाध्यक्ष की कार से गए राहुल चकेरी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद हाथीपुर जाने के लिए लाई गई कार ने धोखा दे दिया। समय पर वह स्टार्ट नहीं हो पाई। इस पर राहुल गांधी उसे छोड़कर पार्टी के ग्रामीण जिलाध्यक्ष की कार से रवाना हो गए। हालांकि सुरक्षा की द़ृष्टि से उनकी कार को साथ में चल रहे निजी सहायक अलंकार पवई ने चलाया। इस बीच एयरपोर्ट पर अंदर कौन-कौन पार्टी का नेता रहेगा, इसे लेकर भी काफी झिकझिक हुई। बताया जा रहा है कि पहले पूर्व विधायक सुहैल अंसारी, संजीव दरियावादी, नौशाद आलम मंसूरी, मदन मोहन शुक्ला सहित कई लोगों को बाहर रखा गया था। जब इसका विरोध होने लगा तो कुछ लोगों को अंदर बुला लिया गया। जब राहुल शुभम के आवास पहुंचे तो वहां पर पहले से काफी कार्यकर्ता थे। उन सभी को घर के अंदर जाने से रोका गया। इस पर पुलिस के साथ झड़प भी हुई।  recent visitors 40

सुपरस्टार रजनीकांत पहलगाम हमले पर बोले – फाइटर हैं PM मोदी, कश्मीर में लाएंगे शांति

मुंबई सुपरस्टार रजनीकांत ने गुरुवार को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को निर्मम और बर्बर बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फाइटर की संज्ञा दी। उन्होंने विश्वास जताया कि पीएम मोदी जम्मू-कश्मीर में शांति और उसका गौरव लौटाएंगे। रजनीकांत WAVES समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। आपको बता दें कि भारत के ऑडियो-विज़ुअल और एंटरटेनमेंट जगत ने मिलकर इसका आयोजन किया है। रजनीकांत ने कहा, “पीएम मोदी एक फाइटर हैं। वो किसी भी चुनौती से नहीं डरते हैं। उन्होंने इसे बीते एक दशक में बार-बार साबित किया है। मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि वो कश्मीर मुद्दे को साहस और गरिमा से संभालेंगे और वहां शांति बहाल करेंगे।” रजनीकांत ने यह भी बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें कहा था कि मौजूदा हालात और आलोचना को देखते हुए चार दिन का यह आयोजन शायद स्थगित कर दिया जाएगा। लेकिन मुझे भरोसा था कि यह कार्यक्रम जरूर होगा, क्योंकि मुझे नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है। WAVES समिट भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर को वैश्विक मंच पर ले जाने की एक पहल है। यह फिल्म, ओटीटी, गेमिंग, डिजिटल मीडिया, एआई, कॉमिक्स, ब्रॉडकास्टिंग और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) जैसे क्षेत्रों को एक मंच पर लाकर भारत की रचनात्मक शक्ति का प्रदर्शन करेगा। इसका लक्ष्य वर्ष 2029 तक 50 अरब डॉलर के बाजार को हासिल करना है। आपको बता दें कि यह समिट उस वक्त आयोजित हो रही है जब हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है और देश में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा गया है। recent visitors 43

घटिया निर्माण सामग्री से निर्माणाधीन श्मशान घाट का शेड हुआ धराशायी

गौरेला पेंड्रा मरवाही गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में निर्माणकार्यो में भ्रष्टाचार थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। ताजा मामला मुक्तिधाम के निर्माणकार्य में भ्रष्टाचार का है। जिसमें अधिकारी और ठेकेदारो ने श्मशान घाट को भी नहीं छोड़ा। निर्माणाधीन श्मशान घाट का शेड भरभराकर गिर गया। मामले में अधिकारी जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, जीपीएम जिले में ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माणकार्यों में जमकर अनियमितता और भ्रष्टाचार बरती जा रही है। जिसके चलते निर्माणकार्य पूरा होने से पहले ही उसकी गुणवत्ता की पोल खुल जा रही है। ताजा मामला जिला कलेक्टर कार्यालय से महज 2 किलोमीटर दूर जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत भदौरा में सामने आया है। जहां पर शमशान घाट में चल रहे मुर्दो को जलाने के लिए पक्के सेड निर्माणकार्य किया जा रहा था, जिसकी लागत लगभग 5 लाख रुपये है। जिसका निर्माणकार्य मनरेगा मद से किया जा रहा था और निर्माणकार्य चल रहा था। पर गुणवत्ताहीन निर्माणकार्य की पोल उस समय खुल गई पूरा स्ट्रक्चर अचानक धरासाई हो गया। राहत की बात तो यह रही कि ये हादसा दोपहर में उस समय हुआ। जब वहां पर न कोई मजदूर था और न ही कोई ग्रामीण। इसलिए कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई। अब मामले का खुलासा होने के बाद जनपद पंचायत गौरेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का कहना है कि मामले की जानकारी उन्हें भी हुई है और जांच के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। निर्माणकार्य को लेकर जवाबदार इंजीनियर एसडीओ अब मामले से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे है। निर्माणकार्य में घटिया सामग्री उपयोग किये जाने की बात कही जा रही है।   recent visitors 36