मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत वंदे-मातरम एवं राष्ट्र-गान “जन-गण-मन” का सामूहिक गायन

भोपाल        मई माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन हुआ। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की। वंदे-मातरम गायन में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता, मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, अपर मुख्य सचिव, श्री संजय दुबे, सहित मंत्रालय, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।   recent visitors 25

अजमेर में होटल में लगी आग, चार की मौत, खिड़कियों से कूदे लोग

अजमेर अजमेर के डिग्गी बाजार इलाके में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां स्थित नाज होटल में सुबह करीब 8 बजे भीषण आग लग गई। होटल में ठहरे जायरीन जब तक कुछ समझ पाते, तब तक लपटें पूरी इमारत को निगल चुकी थीं। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला। चीख-पुकार, जान बचाने की जद्दोजहद और हर तरफ मची अफरा-तफरी में लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने की कोशिशें भी कीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एसी फटने के बाद लगी आग थोड़ी ही देर में ऊपर की मंजिलों तक जा पहुंची। इसी बीच आग में फंसी एक मां ने बचने का कोई रास्ता नहीं दिखने पर अपने डेढ़ साल के मासूम को खिड़की से नीचे फेंक दिया। हालांकि नीचे खड़े लोगों ने किसी तरह बच्चे को पकड़ लिया, जिससे उसकी जान बच गई लेकिन वह मामूली तौर पर झुलस गया। हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मासूम सहित 5 लोग झुलस गए हैं। घायलों को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। तंग गलियों में स्थित इस पांच मंजिला होटल तक दमकल की गाड़ियां भी समय पर नहीं पहुंच पाईं और आधे घंटे की देरी से पहुंचीं। तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई दमकलकर्मी और पुलिसकर्मी भी धुएं और गर्मी की वजह से बेहोश हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। इस हादसे ने एक बार फिर होटल सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि नाज होटल में न तो पर्याप्त अग्निशमन यंत्र थे, न ही कोई इमरजेंसी प्लान। recent visitors 43

पाकिस्तानी नागरिकों को भारत ने दी राहत, देश छोड़ने के लिए बढ़ाई गई समय सीमा

नई दिल्ली भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को भारत सरकार ने बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने ऐसे लोगों को अगले आदेश तक वाघा-अटारी सीमा के रास्ते लौटने की अनुमति दे दी है। गृह मंत्रालय के इस आदेश में पिछले निर्देश को संशोधित किया गया है। उसमें 30 अप्रैल तक की समयसीमा तय की गई थी। नवीनतम आदेश में कहा गया, 'आदेश की समीक्षा की गई और आंशिक संशोधन के साथ अब यह आदेश दिया जाता है कि पाकिस्तानी नागरिकों को उचित मंजूरी के साथ अगले आदेश तक अटारी स्थित एकीकृत जांच चौकी से भारत से पाकिस्तान जाने की अनुमति दी जा सकती है।' अब तक कितने लोग गए और कितने आए? केंद्र के निर्देश के बाद से छह दिनों में 55 राजनयिकों और उनके सहायक कर्मचारियों सहित 786 पाकिस्तानी नागरिक अटारी-वाघा सीमा पार करके भारत छोड़ चुके हैं। पाकिस्तान से 1,465 भारतीय भारत आए हैं। देश छोड़ने संबंधी निर्देश पहलगाम आतंकी हमले के बाद आया था, जिसमें 25 पर्यटकों और एक कश्मीरी स्थानीय व्यक्ति को आतंकवादियों ने गोली मार दी थी। 'कोई भी पाकिस्तानी निर्धारित समय सीमा से आगे भारत में न रह जाए' सरकार ने अल्पकालिक और सार्क वीजा रखने वालों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया था। ऐसे ही मेडिकल वीजा रखने वालों के लिए समय सीमा 29 अप्रैल थी। पिछले हफ्ते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन करके यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पाकिस्तानी निर्धारित समय सीमा से आगे भारत में न रह जाए। पहलगाम हमले के बाद हुई सख्ती बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हमला कर 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। यह घाटी में पर्यटकों पर हुए सबसे बड़े हमलों से एक था। हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव है। भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता भी स्थगित कर दिया है।  recent visitors 30

मध्य प्रदेश की नई तबादला नीति 2025, 10 प्वाइंट में विस्तार से समझें, आज 1 से 30 मई तक राज्य में होंगे ट्रांसफर

भोपाल प्रदेश में आज से 30 मई तक तबादलों का मौसम एक्टिव रहेगा। राजधानी भोपाल और जिला मुख्यालयों में तबादले का इंतजार कर रहे अधिकारी-कर्मचारी ऑनलाइन और आफ लाइन आवेदन के जरिए अपनी पसंद की जगह पर तबादला कराने के लिए आवेदन करेंगे। इस दौरान राज्य स्तर से जारी होने वाले हर आदेश को संबंधित विभाग के ई-ऑफिस में रजिस्टर कराने के बाद ही जारी किया जा सकेगा। हालांकि तबादले की मंजूरी के 36 घंटे बाद भी सामान्य प्रशासन विभाग अभी तक 2025 की नई तबादला नीति जारी नहीं कर सका है। मोहन यादव कैबिनेट ने 29 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में तबादलों को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद अब गुरुवार से आवेदन लेने और आदेश जारी करने का काम शुरू हो जाएगा। मंत्रियों ने सरकार से स्वैच्छिक आवेदन वाले तबादला आदेश को तबादला नीति में तय सीमा से अलग रखने की मांग की थी। लेकिन सीएम ने स्वैच्छिक आधार के तबादलों को भी इसी में शामिल रखने के निर्देश दिए हैं। कब कौन सी फाइल मूव हुई, ई-ऑफिस में होगी एंट्री ई-ऑफिस मॉड्यूल में ट्रांसफर फाइल के मूवमेंट से यह पता लग जाएगा कि जिस अधिकारी-कर्मचारी का ट्रांसफर किया जा रहा है, उसकी फाइल तबादले के लिए तय समय सीमा में ही मूव की गई है। जो फाइल 30 मई 2025 की रात 12 बजे के बाद मूव की जाएगी, उस तबादले को मंजूरी नहीं दी जाएगी। इस स्थिति के बारे में सभी मंत्रियों को भी बता दिया गया है। उनसे कहा गया है कि फाइल का मूवमेंट तय तारीख तक होने के बाद आदेश भले ही अगले दिन जारी हो जाए, लेकिन तबादले की समय सीमा के बाहर काम नहीं होना चाहिए। 36 घंटे बाद भी तबादला नीति जारी नहीं मोहन कैबिनेट ने मंगलवार (29 अप्रैल) को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे के करीब नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। इसके बाद से 36 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग नई तबादला नीति जारी नहीं कर सका है। ऐसे में विभागों के कर्मचारी आज से तबादले के लिए आवेदन भले ही करने लगेंगे पर किस आधार पर तबादले किए जाएंगे, अभी यह विभाग प्रमुखों को स्पष्ट नहीं है। सिर्फ पद संख्या के आधार पर किए जाने वाले तबादलों का प्रतिशत ही कैबिनेट की मंजूरी में साफ हुआ है। लेकिन विभागों को इसकी भी लिखित जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि सामान्य प्रशासन विभाग अब एक मई को नई तबादला नीति के निर्देश जारी करेगा। नई तबादला नीति 2025, 10 प्वाइंट में विस्तार से समझें 1. तबादला नीति के तहत हर वर्ष कुछ दिनों के लिए तबादलों पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाता है। सभी वर्गों के अधिकारियों-कर्मचारियों के ट्रांसफर किये जाते हैं। नियमानुसार दूरस्थ जिलों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी अपने गृह जिले या पसंद के जिले में तबादला करवाते हैं। 2. सभी श्रेणी के अधिकारी-कर्मचारी के तबादले किए जा सकेंगे। यह संख्या जीएडी द्वारा निर्धारित अधिकतम तबादला संख्या के आधार पर लागू होगी। आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और राज्य प्रशासनिक व राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी इस नीति के दायरे में सीधे नहीं आते। 3. कर्मचारियों को ट्रांसफर के लिए अपने विभाग की तरफ से तय की गई प्रक्रिया के आधार पर आवेदन करना होगा। कई विभाग आनलाइन आवेदन करवाएंगे। वहीं, कुछ में ऑफलाइन प्रक्रिया चलेगी। विभागीय मंत्री और विभाग के प्रमुख के यहां आवेदन जमा हो सकेंगे। 4. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले सीधे विभागीय मंत्री कर सकेंगे। 5. मंत्री अपने विभागों में एक से दूसरे जिले में अधिकारी, कर्मचारी के टआ कर सकेंगे। इसके अलावा वे अपने प्रभार के जिलों में जिले से जिले के अंदर तबादला कर पाएंगे। 6. विधायक अपनी पसंद के अधिकारी, कर्मचारी को अपने जिले या क्षेत्र में पदस्थ कराने के लिए अनुशंसा के लिए स्वतंत्र रहेंगे। 7. तबादला आदेश जारी होने के 15 दिन तक कर्मचारी-अधिकारी नए पदस्थापना स्थल पर जॉइन करना होगा। 8. जब प्रदेश में तबादला नीति लागू नहीं थी तब भी तबादले हो रहे थे। लेकिन यह तबादले प्रशासनिक आधार पर किए जा रहे थे। कुछ मामलों में स्वैच्छिक आधार पर मंत्री, प्रमुख सचिव की सहमति से तबादले हो रहे थे। 9. कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले प्रदेश के एक से दूसरे जिले में हो सकेंगे। इसके अलावा जो कर्मचारी जिले में पदस्थ हैं और वे जिले में ही अन्य स्थान पर पदस्थ होना चाहते हैं तो वे भी तबादला करवा सकेंगे। 10. शासकीय नौकरी में पदस्थ पति-पत्नी को एक ही जिले में तबादला के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। नई तबादला नीति के प्रमुख बिन्दु     स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 में 1 मई 2025 से 30 मई 2025 तक की अवधि के लिए स्थानांतरण पर प्रतिबंध शिथिल किया गया है।     प्रत्येक पद/संवर्ग में वर्ष में प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक (प्रतिबंध अवधि एवं प्रतिबंध शिथिलीकरण अवधि को मिलाकर) स्थानांतरण निर्धारित संख्या तक किए जा सकेंगे।     पद/संवर्ग की संख्या 200 तक 20 प्रतिशत, 201 से 1000 तक 15 प्रतिशत, 1001 से 2000 तक 10 प्रतिशत, 2001 से अधिक 5 प्रतिशत के आधार पर स्थानांतरण किये जायेंगे।     स्वैछिक ट्रांसफर भी इसमें ही जोड़े जायेंगे यानि स्वैच्छिक ट्रांसफर में भी इसी अनुपात का ध्यान रखा जायेगा। कोई भी विभाग अपनी तबादला नीति बना सकता है लेकिन उसे सामान्य प्रशासन विभाग से स्वीकृति लेनी होगी और फिर इसी अनुपात और इसी अवधि में तबादले कर सकता है।     ई-ऑफिस के माध्यम से स्थानांतरण होंगे। विभाग अपने स्तर पर भी नीति बना सकता हैं।     जिलों में तबादला आदेश के 15 दिन बाद तक ज्वाइन करना होगा, कर्मचारी-अधिकारी नए पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन नहीं करेगा तो सरकार उस पर निलंबन की कार्रवाई भी कर सकती है।     कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले प्रदेश के एक से दूसरे जिले में हो सकेंगे।     जो कर्मचारी जिले में पदस्थ हैं और वे अपने गृह विधानसभा या तहसील में पदस्थ होना चाहते हैं, तो वे जिला स्तर पर आवेदन कर अपने तबादले करा सकेंगे। एमपी में 2023 से लगा हुआ था तबादलों पर प्रतिबंध गौरतलब है कि 2023 में हुए एमपी विधानसभा चुनाव के बाद से प्रदेश में तबादलों पर बैन लगा हुआ था और नई तबादला नीति घोषित नहीं की गई थी, जिसके चलते … Read more

रायपुर : बीजापुर की बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में चहुँओर विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए अनेक आयाम खुल रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित बीजापुर स्पोर्ट्स एकेडमी की एथलेटिक्स खिलाड़ी संतोषी भण्डारी का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भोपाल के लिए किया गया है। यह चयन भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा 24 अप्रैल 2025 को जारी की गई चयन सूची के आधार पर हुआ है। जिसमें देशभर की 10 बालिका एथलीट्स को उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चुना गया है। संतोषी भण्डारी सूची में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं, जो बीजापुर स्पोर्ट्स एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बीजापुर की छात्रा संतोषी भंडारी ने हाल ही में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 11 से 14 जनवरी 2025 तक रांची झारखंड में आयोजित 68 वीं नेशनल स्कूल गेम्स में 400 मीटर और 600 मीटर दौड़ में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 400 मीटर में 1:02 मिनट और 600 मीटर में 1:41 मिनट का शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया स्तर पर 8 वां स्थान प्राप्त किया। इसके पूर्व, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 35 वीं वेस्ट जोन जूनियर एथलेटिक्स चौंपियनशिप जो 4 से 6 अक्टूबर 2024 को नागपुर महाराष्ट्र में आयोजित हुई थी उसमें उन्होंने 4 था स्थान प्राप्त किया था। भारतीय खेल प्राधिकरण हर वर्ष देशभर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और डाइट की सुविधा प्रदान करता है।छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के लिए यह गौरव की बात है कि यहां की एक बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। recent visitors 24

जगदलपुर : प्राकृतिक आपदा पीड़ित 05 परिवारों को 20 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

जगदलपुर कलेक्टर श्री हरिस एस. द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् प्राकृतिक आपदा पीड़ित 05 परिवारों को 20 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके तहत् तहसील जगदलपुर ग्राम विजय वार्ड डोकरीघाट पारा निवासी निर्मलेश पानीग्राही की मृत्यु पानी में डूबने से भाई श्री योगेश पानीग्राही को और तहसील बास्तानार ग्राम बड़े किलेपाल (कोलुपारा) निवासी कुमारी कर्मा की मृत्यु पानी में डूबने से पिता श्री लच्छु को ग्राम पालानार निवासी हिड़में की मृत्यु सांप काटने से पुत्र श्री सपे पोयाम को, तहसील तोकापाल ग्राम बड़े पाराकोट निवासी मानसाय बघेल की मृत्यु आग में जलने से भाई श्री माहंगू को और ग्राम बड़ेमोरठपाल निवासी किरन की मृत्यु सांप काटने से पिता श्री बोटी को चार-चार लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। recent visitors 27

शिवपुरी नगरपालिका अध्यक्ष के बेटे पर Rape का केस, शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाए

शिवपुरी शिवपुरी की भाजपा नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के बेटे रजत शर्मा के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। शिवपुरी के वार्ड क्रमांक 7 शिव कॉलोनी में रहने वाली एक युवती ने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के बेटे रजत शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने युवती की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। सोशल साइट से मुलाकात के बाद हुई दोस्ती कोतवाली थाने में पीड़िता ने पुलिस को दर्ज कराई शिकायत में उल्लेख किया है कि रजत शर्मा से उसकी जान-पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई। फिर हमारी दोस्ती आगे बढ़ी। फिर हमारी फोन से बात होने लगी। इसी क्रम में वह 20 अगस्त 2023 को रजत से पहली बार आमने-सामने मुलाकात हुई। तभी रजत ने मुझे शादी के लिए प्रपोज किया था। इसके बाद रजत शादी का झांसा देकर कई बार मेरा शारीरिक शोषण करता रहा। शादी की बात पर की बहानेबाजी युवती का कहना है कि हम दोनों की सहमति से रजत ने हमारे शारीरिक संबंध की वीडियो बनाई थी। वह वीडियो मेरे पास मौजूद है। मेरे और रजत के संबंधों के बारे में मैंने अपने घर पर बताया था। मेरे माता जी और बहनें शादी के लिए तैयार थे। रजत के घर पर भी सबको पता था। युवती का आरोप है कि उसके बाद मेरे भाई मयंक को कैंसर हो गया था फिर रजत ने बोला भैया ठीक हो जाएं उसके बाद शादी कर लेंगे। 10 मार्च 2025 को उसका देहांत हो गया। फिर मैंने रजत को बोला अब मेरा कोई नहीं है और तुम शादी कर लो, लेकिन वो बहानेबाजी करने लगा। पूर्व खेल मंत्री यशोधरा समर्थक हैं गायत्री शर्मा शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहीं और पूर्व खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया जब शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक थीं तब उनकी ही पसंद के आधार पर नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को अध्यक्ष के रूप में पार्षदों द्वारा चयनित किया गया था। इस चयन के दौरान भाजपा की अंदरूनी राजनीति और गुटबाजी के कारण नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव विवादों में भी रहा था, लेकिन तत्कालीन खेल मंत्री की जिद के कारण भाजपा नेत्री गायत्री शर्मा को नगर पालिका अध्यक्ष के लिए प्रत्याशी बनाया गया था। इसके बाद पार्षदों ने इनका चुनाव किया था। युवती का आरोप नेताओं ने राजीनाम का बनाया दबाव शिवपुरी की कोतवाली पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंची पीड़ित युवती ने आरोप लगाया कि शिवपुरी के कई नेताओं ने उनसे संपर्क किया और इस मामले में कार्रवाई न करने को लेकर राजीनामा करने का दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने इन नेताओं की एक नहीं सुनी। युवती का आरोप है कि नपाध्यक्ष के पुत्र ने उनसे शादी का झांसा देखा शारीरिक संबंध बनाए। कोतवाली टीआई ने क्या कहा इस मामले में कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ का कहना है कि युवती की शिकायत के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले को जांच में लिया गया है।   recent visitors 30