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EPFO खाताधारकों को अब प्रोफाइल अपडेट करना, नौकरी बदलने पर पीएफ खाता ट्रांसफर करना हुआ आसान

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्‍य निध‍ि संगठन के खाताधारकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है । ईपीएफओ ने साल 2025 में कई बड़े और अहम बदलाव किए हैं।इनमें प्रोफाइल अपडेट करना, नौकरी बदलने पर पीएफ खाता ट्रांसफर करना या फिर अधिक पेंशन से जुड़ी नीतियों से जुड़े नियम शामिल है। इनका मकसद कर्मचारियों को कम से कम समय में अधिक से अधिक सुविधा देना, प्रक्रियाओं को डिजिटल करना है ताकी पारदर्शिता बनी रही।इससे करोड़ों खाताधारक लाभान्वित होंगे। आईए जानते है इस साल हुए बड़े बदलावों को विस्तार से…. प्रोफाइल अपडेट करना आसान     ईपीएफ सदस्य अब बिना किसी डॉक्यूमेंट अपलोड किए अपने आधार से जुड़े यूएएन को अपडेट कर सकते हैं। अगर UAN को आधार के साथ लिंक्‍ड किया गया है तो ईपीएफ सदस्य बिना कोई दस्तावेज अपलोड किए अपना नाम, डेट ऑफ बर्थ, जेंडर, राष्ट्रीयता, पिता या माता का नाम, मैरिटल स्‍टेटस जैसी अन्य व्यक्तिगत जानकारियां अपडेट कर सकते हैं।     इसके लिए किसी भी तरह के अन्‍य दस्‍तावेज की आवश्‍यकता नहीं होगी। इससे 6 करोड़ से ज्यादा मेंबर्स को लाभ मिलेगा। हालांकि, यदि ग्राहक का यूएएन 1 अक्तूबर 2017 से पहले का है, तो कुछ चीजों में बदलाव के लिए उन्हें नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत हो सकती है। नौकरी बदलते समय पीएफ अकाउंट ट्रांसफर     ईपीएफओ ने नौकरी बदलने पर पीएफ अकाउंट्स को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। इससे 1 करोड़ 25 लाख से अधिक मेंबर्स को फायदा होगा।     अब तक पीएफ जमा राशि के ट्रांसफर में दो कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कार्यालय शामिल थे- स्रोत कार्यालय, जहां से पीएफ राशि ट्रांसफर की जाती थी और गंतव्य कार्यालय, जहां आखिरी तौर से राशि जमा की जाती थी लेकिन अब ईपीएफओ ने फॉर्म 13 में बदलाव किया है।     इससे डेस्टिनेशन ऑफिस में ट्रांसफर क्लेम की मंजूरी की जरूरत खत्म हो गई है। ट्रांसफर ऑफिस से ट्रांसफर क्लेम मंजूर होने के बाद पिछले अकाउंट की रकम ऑटोमैटिक डेस्टिनेशन ऑफिस में मेंबर के अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगी। अब क्लेम सेटलमेंट करना होगा आसान     ईपीएफओ ने ऑनलाइन पैसे निकालने के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया है।इसके तहत अब कैंसिल चेक और बैंक अकाउंट के लिए एम्प्लॉयर (वह कंपनी जहां काम करते हैं) से वेरिफिकेशन करवाने की जरूरत नहीं होगी।     दरअसल, EPFO के सदस्यों को PF खातों से ऑनलाइन धनराशि निकालने के लिए आवेदन करते समय, UAN या PF नंबर से जुड़े बैंक खाते की चेक लीफ या पासबुक की सत्यापित फोटो कॉपी अपलोड करनी होती है।     नियोक्ताओं को भी आवेदक के बैंक खाते के विवरण को स्वीकृत करना आवश्यक है लेकिन अब अब EPFO मेंबर्स को अपने बैंक अकाउंट को वेरीफाई करने की जरूरत नहीं होगी।     ऑनलाइन दावा दाखिल करते समय चेक या सत्यापित बैंक पासबुक की तस्वीर अपलोड करने की जरूरत को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। UMANG: UAN नंबर जनरेट व एक्टिव करना आसान     ईपीएफओ ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जेनरेट और एक्टिवेट करने के लिए फेस ऑथंटिकेशन टेक्नॉलजी की सुविधा शुरू कर दी है।अब उमंग ऐप इस्तेमाल करके कर्मचारी आधार फेस ऑथेन्टिकेशन टेक्नॉलजी से अपने आप अपना UAN बना सकते हैं।     जिन सदस्यों के पास पहले से ही यूएएन है लेकिन उन्होंने अभी तक इसे सक्रिय नहीं किया है, वे अब आसानी से उमंग ऐप के माध्यम से अपना यूएएन सक्रिय कर सकते हैं। प्लेस्टोर से उमंग ऐप डाउनलोड कर सकते है। जॉइंट डिक्लेरेशन की प्रक्रिया सरल     ईपीएफओ ने 16 जनवरी 2025 को संयुक्त घोषणा (जेडी) की प्रक्रिया के संबंध में नए दिशानिर्देश जारी किए। पहले इस बारे में एसओपी संस्करण 3.0 लागू था, जिसे अब हटा दिया गया है और सदस्यों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है।     जैसे- जिनका यूएएन आधार आधारित है- वे ऑनलाइन जेडी कर सकते हैं। जिनका यूएएन पुराना है लेकिन आधार से सत्यापित है- वे भी ऑनलाइन जेडी कर सकते हैं। जिनके पास यूएएन नहीं है, आधार सत्यापित नहीं है या सदस्य की मृत्यु हो गई है- उनके लिए भौतिक जेडी का प्रावधान है। सीपीपीएस पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था     1 जनवरी 2025 से ईपीएफओ ने एक नई व्यवस्था शुरू की है, जिसका नाम है सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS)। इसके तहत एनपीसीआई प्लेटफॉर्म के जरिए पेंशन योजना के दायरे में आने वाले पेंशनर्स किसी भी बैंक या उसकी ब्रांच से अपनी पेंशन निकाल सकेंगे।     नए सिस्टम से EPFO के 78 लाख से ज्यादा EPS पेंशन भोगियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्रीय कार्यालयों के बीच पीपीओ ट्रांसफर की जरूरत खत्म हो जाएगी। अगर गलती से कोई क्लेम किसी दूसरे ऑफिस में भेज दिया गया है तो उसे वापस उसी ऑफिस में भेजा जाएगा जहां से क्लेम आया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 8

UPI पेमेंट का अंदाज16 जून से बदल जाएगा, 15 सेकंड में पूरा होगा लेनदेन, पहले कितना टाइम लगता था?

नई दिल्ली आप जो यूपीआई पेमेंट करते हैं, वह अब और तेज होने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आदेश के बाद अब सिर्फ 15 सेकंड में लेनदेन पूरा हो जाएगा। पहले इसमें 30 सेकंड लगते थे। यानी अब आपके मोबाइल से होने वाला लेदनेन 50 फीसदी फास्‍ट होने वाला है। 16 जून से यह प्रोसेस शुरू होने जा रहा है, जिसमें एपीआई रेस्‍पॉन्‍स टाइम की अहम भूमिका होगी। अभी तक लोगों को यूपीआई ऐप से पैसे भेजने में, क्‍यूआर कोड स्‍कैन करने में और लेनदेन की पुष्टि होने में इंतजार करना पड़ता है, जो कई बार काफी लंबा हो जाता है। एनपीसीआई ने इस देरी को कम करने का फैसला किया है। क्‍या होता है API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, जिसे कम किया जा रहा API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, उस समय को कहा जाता है, जिसमें एपीआई के लिए रिक्‍वेस्‍ट आती है, उसे प्रोसेस किया जाता है और रेस्‍पॉन्‍स वापस भेजने में जो टाइम लगता है। एपीआई का मतलब होता है एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस। यह रूल्‍स का एक सेट है, जिसके अनुसार सॉफ्टवेयर एक-दूसरे से कनेक्‍ट करते हैं। यूपीआई पेमेंट सिस्‍टम में इसका इस्‍तेमाल होता है। कैसे काम करेगा सिस्‍टम, उदाहरण से समझिए TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आप एक दुकान पर गए और आपने दुकानदार से एक हजार रुपये का सामान खरीदा। आप ICICI बैंक के iMobile ऐप से पेमेंट करते हैं। तो आप दुकानदार के QR कोड को स्कैन करेंगे। अब वह QR कोड HDFC बैंक अकाउंट से जुड़ा है। इस सिचुएशन में ICICI बैंक रिक्‍वेस्‍ट करेगा। व‍ह रिक्‍वेस्‍ट NPCI नेटवर्क के जरिए HDFC बैंक को जाएगी। पेमेंट हुआ या नहीं, यह जानने के लिए HDFC बैंक की ओर से रेस्‍पॉन्‍स भेजा जाएगा। जो फ‍िर से NPCI नेटवर्क से ICICI बैंक को आएगा। पहले इस काम में 30 सेकंड लग जाते थे। जून से इसमें 15 सेकंड लगने की उम्‍मीद है। सिर्फ 15 सेकेंड में होगा पेमेंट इस बदलाव के बाद अब रिक्वेस्ट पे और रिस्पॉन्स पे सर्विस का रिस्पॉन्स टाइम 30 सेकंड से घटाकर 15 सेकंड, चेक ट्रांजेक्शन स्टेटस और ट्रांजेक्शन रिवर्सल के लिए 10 सेकंड और वैलिडेट एड्रेस के लिए 10 सेकंड किया गया है. इस बदलाव का उद्देश्‍य पेमेंट प्रॉसेस में तेजी आए और यूपीआई के पोटेशियल में तेजी आए. ये बदलाव भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्‍टम के रूप में UPI की बढ़ती लोकप्रियता के कारण हैं. इस ग्रोथ को समायोजित करने और यूजर्स के अनुभव में सुधार करने के लिए, NPCI ने बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं (PSP) से नए प्रतिक्रिया समय का पालन करने के लिए अपने सिस्टम को अपडेट करने को कहा है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन बदलाव का उद्देश्य लेनदेन की सफलता दरों से समझौता करना नहीं है. जब यूपीआई पेमेंट में आई थी रुकावट यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब यूपीआई को हाल ही में कई आउटेज का सामना करना पड़ा. 12 अप्रैल को एक बड़ी आउटेज आई, जिसमें कई ट्रांजेक्‍शन फेल हुए थे और यूजर्स को बड़ी समस्‍याओं का सामना करना पड़ा था. मार्च और अप्रैल में तीन बार 26 मार्च, 1 अप्रैल और 12 अप्रैल को भी रुकावट आई, जिससे लोगों को डिजिटल पेमेंट में काफी परेशानी हुई. क्‍यों आया था आउटेज? इन आउटेज को लेकर NPCI की जांच में यह सामने आया कि इन रुकावटों की बड़ी वजह चेक ट्रांजेक्शन API पर ज्यादा लोड थी. कुछ बैंकों के पुराने ट्रांजैक्शन के लिए बार-बार रिक्वेस्ट भेजे जा रहे थे, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ा और प्रोसेसिंग धीमी हुई. बेहतर होगा लोगों का अनुभव, फटाफट होंगे पेमेंट एनपीसीआई, यूपीआई पेमेंट को फास्‍ट बनाना चाहती है। उसका मानना है कि नए बदलावों से लोगों का अनुभव और बेहतर होगा। एनपीसीआई ने फोनपे और पेटीएम जैसे बड़े प्‍लेयर्स से भी कहा है कि वो नए नियमों के अनुसार अपने सिस्‍टम को अपडेट कर लें। एनपीसीआई का सर्कुलर कहता है कि इन बदलावों का मकसद यूजर के ओवरऑल एक्‍सपीरियंस को बेहतर बनाना है। वह चाहती है कि यूपीआई पेमेंट का यूज करने वाले तमाम लोग झट से पेमेंट कर पाएं और उन्‍हें फटाफट से पैसा रिसीव हो। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि यूपीआई का यह फैसला कितना कारगर साबित होता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 6

एक ही वैक्सीन से 15 तरह के कैंसर की रोकथाम, ब्रिटेन में शुरू हुई नई सुविधा

लंदन ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक नई वैक्सीन (vaccine) विकसित की है, जिसे ‘सुपर जैब’ नाम दिया गया है। यह वैक्सीन 15 प्रकार के कैंसर को रोकने में मदद करेगा, जिससे हजारों लोगों की जान बचाने में मदद मिल सकती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने इस अभियान की शुरुआत की है, और इसमें हर महीने लगभग 1,200 मरीजों को यह वैक्सीन दी जाएगी। इस प्रकार के अभियान वाला ब्रिटेन पहला यूरोपीय देश है। कैसे करेगी काम     इस वैक्सीन में मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज का उपयोग किया गया है, जो शरीर की टी कोशिकाओं पर पीडी-1 नामक प्रोटीन से चिपककर कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं। इससे रोग प्रतिरोधक प्रणाली सक्रिय हो जाती है और यह कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मदद करती है। इसका प्रमुख लाभ यह है कि यह प्री-कैंसर स्टेज में कैंसर कोशिकाओं को भी टारगेट करेगी, जिससे कैंसर के विकास की संभावना को समाप्त किया जा सकता है। नई दवा का असर और तरीका यह दवा निवोलुमैब नाम की इम्यूनोथेरेपी है, जो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कहलाती है। यह शरीर की T-सेल्स पर PD-1 नाम के प्रोटीन से चिपकती है और कैंसर कोशिकाओं को बचने नहीं देती। इससे रोग प्रतिरोधक प्रणाली सक्रिय होकर कैंसर कोशिकाओं को खत्म कर पाती है। NHS के अनुसार, यह टीका अगले महीने से योग्य मरीजों को लगेगा और इससे हर महीने लगभग 1,000 घंटे का इलाज समय भी बच सकेगा। विशेषज्ञों की राय और उम्मीदें NHS के कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर पीटर जॉनसन ने इसे इलाज में बहुत बड़ी प्रगति बताया है। उन्होंने कहा कि यह टीका हर साल हजारों डॉक्टरों का समय बचाएगा और ज्यादा मरीजों तक इलाज पहुंच सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री एशले डाल्टन ने कहा कि यह ब्रिटेन के नवाचार का बेहतरीन उदाहरण है। फार्मासिस्ट जेम्स रिचर्डसन ने कहा कि इससे त्वचा और गुर्दे के कैंसर सहित कई मरीजों की जिंदगी बेहतर हो सकेगी। बेहतर होगा इलाज एनएचएस के कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर पीटर जॉनसन ने इसे कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन के जरिए हर साल हजारों डॉक्टरों का समय बचाया जा सकेगा, जिससे अधिक मरीजों को इलाज मिल सकेगा। इसके अलावा, वैक्सीन के उपयोग से चिकित्सकों को समय की बचत होगी, और मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री ने इसे कैंसर मरीजों के लिए उपयोगी बताया है। फार्मासिस्ट जेम्स रिचर्डसन का मानना है कि इस वैक्सीन से त्वचा और गुर्दे के कैंसर से जूझ रहे मरीजों की जीवनशैली में सुधार होगा। कैंसर रोकने के वैक्सीन पर काम इसके अलावा, ब्रिटेन के वैज्ञानिकों द्वारा एक और कैंसर वैक्सीन पर काम चल रहा है, जो 20 साल पहले ही कैंसर को पनपने से रोक सकेगी। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का मानना है कि कैंसर का विकास धीरे-धीरे होता है और यह प्रक्रिया लगभग 20 साल तक चल सकती है। इस वैक्सीन के जरिए कैंसर कोशिकाओं को शुरूआत में ही पकड़ने का प्रयास किया जाएगा, जब वे अदृश्य होती हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 7

US ने दी भारत को हॉकआई 360 देने की मंजूरी, जानें क्‍यों खास है यह ‘हथियार’, समुद्र में बढ़ेगी चीन की धड़कन

वॉशिंगटन  अमेरिका ने भारत को हॉकआई 360 की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इस डील में रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सेंसर, एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर, सिस्टम इंटीग्रेशन सपोर्ट और ट्रेनिंग मॉड्यूल शामिल हैं। इसकी कुल कीमत 131 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। इससे भारत को अपनी समुद्री निगरानी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। खासतौर से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हॉकआई 360 से भारत को रियल-टाइम समुद्री निगरानी करने में आसानी हो जाएगी। ये समुद्री सुरक्षा के लिहाज से भारत के लिए एक अहम डील है। इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि इंडो-पैसिफिक में चीन ने अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर है, जो भारत के लिए चिंता का सबब रहा है। हॉकआई 360 छोटे-छोटे सैटेलाइट्स का एक समूह है। ये सैटेलाइट्स पृथ्वी की निचली कक्षा में घूमते हैं और रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) को ट्रैक करते हुए उनकी जगह बताते हैं। ये सैटेलाइट समूह जहाजों, विमानों, वाहनों और तटीय प्रणालियों (कोस्टल सिस्टम) से आने वाले संचार संकेतों को ट्रैक करते हैं। हॉकआई 360 सैटेलाइट उस जहाज के रेडियो फ्रीक्वेंसी एमिशन को भी पकड़ता है, जिसने अपने ट्रांसपोंडर को बंद कर रखा है। भारत के लिए कैसे होगा मददगार भारत को हॉकआई 360 सिस्टम भारत को बड़े समुद्री क्षेत्रों, खासतौर से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रियल-टाइम निगरानी करने में मदद करेगा। इससे समुद्री अभियानों में जागरूकता और किसी घटना पर प्रतिक्रिया देना आसान होगा। इस सिस्टम की सबसे खास बात ये है कि यह उन जहाजों का भी पता लगा सकता है, जो AIS को बंद कर देते हैं ताकि उन्हें ट्रैक ना किया जा सके। ये सिस्टम मिलने से इंडियन नेवी अवैध मछली पकड़ने और तस्करी जैसी गतिविधियों की पहचान कर सकेगी। इससे नेवी को तेजी से फैसले लेने और समुद्री क्षेत्र पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। इंडियन नेवी को हॉकआई 360 की मदद से अपने एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में बेहतर जानकारी मिल सकेगी। यह सिस्टम भारत को आपदा राहत और बचाव कार्यों में भी मदद करेगा। इससे संकट संकेतों का पता लगेगा और रेस्क्यू टीमे तेजी से पहुंच सकेंगी। कैसे करता है काम हॉकआई 360 एक बड़े ISR सिस्टम में RF लेयर के रूप में काम करता है। इस सिस्टम में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO), इंफ्रारेड (IR) और सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) जैसी अतिरिक्त लेयर्स भी हैं। हर लेयर खतरों का पता लगाने, उनकी पुष्टि करने और क्लासीफाइड करने में मदद करती है। हॉकआई 360 की क्षमताओं को मल्टी-लेयर्ड सर्विलांस से बढ़ाया जा सकता है। EO इमेजिंग RF-आधारित जहाजों की लोकेशन बताता है। EO सैटेलाइट दिन में हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें लेते हैं। एनालिस्ट्स इन तस्वीरों का इस्तेमाल RF डिटेक्शन को देखने के लिए करते हैं। EO लेयर सबसे अच्छा काम दिन के उजाले में करती है। IR सेंसर जहाजों से निकलने वाली गर्मी का पता लगाते हैं। इंफ्रारेड सेंसर इंजन और एग्जॉस्ट से निकलने वाली गर्मी को पहचानते हैं। इससे रात में छिपकर जाते जहाजों को ट्रैक करने में मदद मिलती है। IR लेयर कम रोशनी में भी काम करती है। SAR इमेजिंग बादलों और अंधेरे में भी देख सकता है। SAR सैटेलाइट्स हर मौसम में रडार-आधारित तस्वीरें लेते हैं। यह लेयर जहाज के आकार, गति और लोकेशन की पुष्टि करती है। SAR रात में या तूफान के दौरान भी महत्वपूर्ण जानकारी देता है। यह सिस्टम तेज और सटीक है, जो हर मौसम और हर समय काम करता है। एनालिस्ट्स RF इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके पूरी स्थिति का जायजा लिया जा सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 9

मध्य प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया 15 मई से शुरू, ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर से छात्रों को मदद मिलेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 12वीं के रिजल्ट 10 मई से पहले घोषित होने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश भर के कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया 15 मई से शुरू की जाएगी। इस बार एमपी आनलाइन के बदले दूसरे पोर्टल से पंजीयन होंगे। विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश दिलाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेज चलो अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके लिए इस बार सभी जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। विभाग ने उठाया महत्वपूर्ण कदम आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 में मध्य प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संबंध में विभाग ने आदेश जारी किए हैं। हर जिले में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो प्रवेश से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए उच्च शिक्षा संचालनालय से समन्वय स्थापित करेंगे। इन नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे कॉलेज चलो अभियान के अंतर्गत जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराएं और प्रतिदिन प्रवेश से संबंधित रिपोर्ट अतिरिक्त संचालक को भेजें। इसके अलावा अतिरिक्त संचालक संभाग स्तर पर निगरानी कर आयुक्त को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। हेल्पलाइन नंबर भी जारी वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन काउंसलिंग की व्यवस्था की है, जहां विद्यार्थी ऑनलाइन पंजीयन कर प्रवेश प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। प्रवेश से संबंधित सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 18008908399 और हेल्पलाइन नंबर 8000063632 भी जारी किए गए हैं। स्कूल से ही होगा एडमिशन दरअसल इस बार छात्रों को कॉलेज में एडमिशन के लिए अलग से भागदौड़ नहीं करनी होगी. 12वीं का परिणाम आते ही वे अपने स्कूल से ही एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे, और इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. जहां पहले एमपी ऑनलाइन प्रति छात्र ₹70 शुल्क लेता था, वहीं नई आउटसोर्सिंग एजेंसी ₹39.60 प्रति छात्र में वही सेवाएं देगी. सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से टोल फ्री नंबर और कॉल सेंटर की शुरुआत की जा रही है, जो एडमिशन शुरू होने से दो महीने पहले और अंतिम तारीख के दो महीने बाद तक सक्रिय रहेगा. प्रवेश की जिम्मेदारी अब बेंगलुरू की कंपनी को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से राज्य के प्रत्येक कॉलेज कैंपस और हायर सेकंडरी स्कूलों में रजिस्ट्रेशन डेस्क या कियोस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां छात्र सीधे रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. इस बार प्रवेश प्रक्रिया का संचालन बैंगलुरू की एसआरआईटी कंपनी को सौंपा गया है. पहले यह कार्य एमपी ऑनलाइन के माध्यम से किया जाता था, लेकिन अब बेहतर सेवा और तेज प्रोसेस के लिए यह बदलाव किया गया है. इस दिन से शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया बता दें कि मध्यप्रदेश में कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया 15 मई 2025 से शुरू होगी. उच्च शिक्षा विभाग ने पूरी तरह से ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. राज्य के 1300 से अधिक सरकारी और निजी कॉलेजों में एडमिशन होंगे. 12वीं के परिणाम मई के पहले सप्ताह में आने की संभावना है, जिसके बाद एडमिशन गतिविधियां तेज हो जाएंगी. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 5

एमपी 12वीं बोर्ड रिजल्ट आज होगा घोषित: सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे जारी, जानिए कैसे और कहाँ देखें अपना रिजल्ट

MP 12th Board Result declared today: CM Dr. Mohan Yadav will release it, know how and where to see your result भोपाल। आज का दिन लाखों छात्रों के लिए बेहद अहम रहा। मध्यप्रदेश बोर्ड (MPBSE) की 12वीं की परीक्षा का परिणाम आज सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन से औपचारिक रूप से घोषित किया। इस साल कुल 7 लाख 6 हजार छात्रों ने 12वीं की परीक्षा दी थी। रिजल्ट देखने के लिए ये विकल्प हैं: [mpbse.mponline.gov.in](https://mpbse.mponline.gov.in) Digi Locker App MPBSE Mobile App MP Mobile App एप्लिकेशन या वेबसाइट में जाकर “Know Your Result” पर क्लिक करें, फिर रोल नंबर और एप्लिकेशन नंबर डालकर रिजल्ट पाएं। MP Board Result Button with Icon MP बोर्ड रिजल्ट 2025 देखें सीएम ने छात्रों को दी शुभकामनाएं:रिजल्ट जारी करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छात्रों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि “यह सिर्फ एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। मेहनत और हौसला ही सफलता की असली कुंजी है।”कम अंक आए हैं? घबराएं नहीं:गांधी मेडिकल कॉलेज की मनोचिकित्सक डॉ. रुचि सोनी ने कहा कि बोर्ड के नतीजे अहम होते हैं, लेकिन यह जीवन का आखिरी निर्णय नहीं। कम अंक आने पर निराश न हों, खुद पर विश्वास रखें और अपने सपनों का रास्ता खुद तय करें। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 152