जीएडी के नियमों को ठेंगा बता पीएचई विभाग, पदोन्नति देने ठोकी अपनी शर्तें, अधिकारों से वंचित कर्मचारी

Flouting GAD rules, the PHE Department has imposed its own conditions for granting promotions, leaving employees deprived of their rights. भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों एवं कर्मचारी हितैषी मंशा अनुरूप जीएडी के नियमों के मुताबिक सभी विभागों में पदोन्नति का बड़ा काम चल रहा है। लेकिन कुछ विभाग उदासीनता भी दिखा रहे हैं। ऐसा ही कुछ पीएचई विभाग में चल रहा है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मनमानी से सैकड़ों कर्मचारी पदोन्नति से बाहर होने की कगार पर पहुंच गए हैं।वैसे तो जीएडी ने सभी विभागों को विस्तृत दिशा निर्देश दिए हैं। मध्यप्रदेश शासन के अनेक विभागों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी पदों पर पदोन्नत कर दिया गया है। कंप्यूटर डिप्लोमा एवं सीपीसीटी (CPCT) की अनिवार्यता पूर्ण करने के लिए 5 वर्ष का समय भी दिया गया है। जानकारी के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD), स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, उद्योग विभाग, जनसंपर्क विभाग तथा संभागीय उपायुक्त, वाणिज्यिक कर विभाग सहित कई विभागों में जीएडी नियमों के तहत कर्मचारियों की पदोन्नति का कार्य बड़ी तेजी से चल रहा है। वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग में पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति अब तक लंबित है। पीएचई विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि जब समान शासन, समान सेवा नियम और समान परिस्थितियों में अन्य विभागों के कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल चुका है, तब पीएचई विभाग के कर्मचारियों को इस अधिकार से वंचित रखा जा रहा है। इससे कर्मचारियों में असंतोष और भेदभाव की भावना उत्पन्न हो रही है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि पीएचई विभाग के कर्मचारियों को भी शासन की मंशा के अनुरूप तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं, ताकि पात्र कर्मचारियों को शीघ्र पदोन्नति प्रदान की जा सके तथा कंप्यूटर डिप्लोमा एवं सीपीसीटी की पूर्ति के लिए अन्य विभागों की तरह पाँच वर्ष का अवसर उपलब्ध कराया जाए। कर्मचारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से पीएचई विभाग के कर्मचारियों को भी समान न्याय मिलेगा और पूरे प्रदेश में एक समान पदोन्नति नीति लागू होगी। recent visitors 5

डेयरी की आड़ में चल रहा था अवैध बूचड़खाना, पुलिस ने किया खुलासा; बेटे-दामाद व मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Illegal slaughterhouse operating under the guise of a dairy exposed by police; son, son-in-law, and main accused arrested. भोपाल । निशातपुरा थाना क्षेत्र के कमला नगर में मिला संदिग्ध मांस गोवंश का ही निकला है। हालांकि अभी तक एफएसएल की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन पुलिस ने एक गाय का धड़ बरामद करने के बाद यह मानकर चल रही है कि यह मामला गोकशी का ही है। पुलिस ने डेयरी की आड़ में अवैध बूचडख़ाना संचालित करने वाले मुख्य आरोपी अजीज और बेअे आसिफ तथा दामाद जुबैर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से सड़कों पर घूमने वाली आवारा गायों और गौवंश चुराकर लाते और लोगों को बताते की वह डेयरी का संचालन कर रहे हैं। हालांकि जहां कथित तौर पर डेयरी का संचालन आरोपी बता रहे हैं, वह जमीन भी शासकीय बताई जा रही है। जिला प्रशासन जमीन की भी जांच शुरू कर दिया है। अवैध अतिक्रमण कर कथित डेयरी के नाम पर बूचडख़ाना संचालित किए जाने का खुलासा होने के बाद मामला सुर्खियों में है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी देर रात बजरंगदल के डेढ़ दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने एक ऑटो से ले जाए जा रहे मांस को पकड़कर हंगामा कर गोकशी का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को रिगफ्तार कर लिया है। गौपाल रखे हुए थे नजरपुलिस सूत्रों के अनुसार गोकशी के बाद गायों की हड्डियों और सिर को पास की बंजर जमीन और खेतों में गड्ढे कर मिट्टी के अंदर गाड़ देते थे, ताकि पड़ोसियों को गोकशी का पता नहीं चले। कमला नगर क्षेत्र में रहने वाले सत्येंद्र ने दावा किया कि पिछले तीन महीने में उनकी चार गायों चोरी हो चुकी हैं। मेरे साथ इस कॉलोनी और अन्य कॉलोनियों की कई गायों और गोवंश चोरी हो चुके हैं। इसके बाद हम लोग बजरंगदल के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गायों की निगरानी करते थे। जानें कैसे हुआ खुलासा?तभी पता चला कि अजीज और उससे जुड़े लड़के सड़कों पर घूमने वाली गायों को चुराते हैं। इसके बाद निगरानी की गई तो पता चला कि गायों तो चुराकर लाते हैं, लेकिन इनके यहां ज्यादा दिन तक गायें रहती रहीं। ऐसे में खुलासा हुआ कि जब यह व्यक्ति गायों को बेचता नहीं तो क्या करता है? इसके बाद गोकशी का खुलासा हुआ। कई दिनों से कॉलोनी के लड़के निगरानी कर रहे थे, तब पता चला कि यह गायों को काटकर मांस बेचने का कार्य कर रहा है। इसके बाद मांस को पकड़ा गया है। पुलिस अब यह भी पता कर रही है कि गोवंश की मांस की सप्लाई कहां की जा रही थी। संदिग्ध मांस की एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद अगर गाय का मांस की रिपोर्ट आती है तौर कुछ और लोगों की गिरफ्तारी संभव है। recent visitors 19

200 करोड़ की शंकराचार्य प्रतिमा के निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, मुख्य पिलर में आया झुकाव, लोकायुक्त ने शुरू की जांच

Safety standards ignored in the construction of the ₹200-crore Shankaracharya statue; main pillar develops a tilt; Lokayukta initiates an investigation. भोपाल। ओंकारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य की नव-निर्मित 108 फीट ऊंची प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ वननेस) के एक पिलर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इंटरनेशनल स्ट्रक्चरल एनालिसिस सॉफ्टवेयर (ईटीएबीएस) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस विशाल प्रतिमा के मुख्य आंतरिक स्टील पिलर पर तय सीमा से करीब 24 प्रतिशत अधिक दबाव पड़ रहा है। मानकों के मुताबिक सुरक्षा का स्ट्रेस रेशियो 0.85 होना चाहिए, जो बढ़कर 1.244 तक पहुंच गया है। इस दबाव के कारण मुख्य पिलर में हल्का झुकाव भी देखा गया है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई2,300 करोड़ रुपये के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में सुरक्षा और तकनीकी खामियों की शिकायत अब सीबीआई, लोकायुक्त और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव तक पहुंच चुकी है। यह शिकायत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (पीएमसी) के तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर विश्वजीत बनर्जी ने दर्ज कराई है। बनर्जी का आरोप है कि वे पिछले 6 महीनों से मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम और निर्माण कंपनी एलएंडटी को लिखित में इस खतरे की चेतावनी दे रहे थे, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर गड़बड़ी को उजागर करने के बाद फील्ड डायरेक्टर विश्वजीत बनर्जी को उनके पदों से हटा दिया गया है। बता दें कि 200 करोड़ की इस प्रतिमा को 140 से 170 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं को झेलने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन जांच के अनुसार यह 120 किमी/घंटा की हवा भी नहीं झेल सकती। फिलहाल इंदौर लोकायुक्त कार्यालय ने इस मामले की जांच शुरू करते हुए शिकायतकर्ता से सभी जरूरी दस्तावेज मांगे हैं। अधिकारियों का पक्षइस मामले पर आदि शंकराचार्य न्यास के सीईओ डॉक्टर मनीष पांडेय का कहना है कि एकात्म धाम प्रोजेक्ट का संचालन पर्यटन विभाग द्वारा हो रहा है, इसलिए इस विषय पर पर्यटन निगम ही बात कर सकता है। वहीं, मप्र पर्यटन विकास निगम के एमडी दिलीप यादव ने निर्माण में किसी भी तरह की कमी से साफ इनकार किया है। उनका दावा है कि विशेषज्ञों की देखरेख में काम हुआ है और गुणवत्ता में किसी लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। recent visitors 34

भड़काऊ पोस्ट करने वाले कर्मचारियों पर कसा शकंजा मप्र सरकार ने जारी किया फरमान

Employees who post inflammatory posts are being prosecuted. The Madhya Pradesh government has issued a decree. भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम जारी किए हैं। अब भड़काऊ पोस्ट, राजनीतिक कमेंट या विवादित चीजें शेयर करने पर कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई होगी। मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर अब सरकार की सीधी नजर रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में विस्तृत आदेश जारी किया है। आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी शासकीय सेवक ऐसी सामग्री साझा नहीं करेगा, जिससे सामाजिक वैमनस्य फैलने का खतरा हो। सरकार ने इसे शासकीय सेवा आचरण का जरुरी हिस्सा बताया है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब सभी प्लेटफॉर्म आदेश के दायरे में आते हैं। किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ घृणा फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करना सख्त मना है। खास बात यह है कि सिर्फ पोस्ट करना ही नहीं, विवादित सामग्री को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी नियम उल्लंघन माना जाएगा। यानी कर्मचारियों को अब सोशल मीडिया पर हर एक्टिविटी में सतर्क रहना होगा। आदेश के मुताबिक कोई भी सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में प्रचार नहीं करेगा। किसी राजनीतिक अभियान पर सार्वजनिक टिप्पणी करना भी नियम विरुद्ध होगा। सरकार ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन बताया है। इसका मकसद प्रशासनिक तटस्थता बनाए रखना है। इसके अलावा विभाग ने कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर होने वाली बहस और क्रॉस-कमेंट से भी दूर रहने को कहा है। तर्क है कि किसी भी सार्वजनिक टिप्पणी को सीधे सरकार की छवि से जोड़ा जाता है। इसलिए कर्मचारियों से संयम और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की अपेक्षा की गई है। यह सलाह हर स्तर के कर्मचारी पर लागू होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें मप्र सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 और भारतीय न्याय संहिता दोनों लागू हो सकते हैं। यानी सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं, कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। सभी विभागाध्यक्षों को आदेश का तुरंत पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें मप्र सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 और भारतीय न्याय संहिता दोनों लागू हो सकते हैं। यानी सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं, कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। सभी विभागाध्यक्षों को आदेश का तुरंत पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों पर पुनर्विचार करना होगा। recent visitors 24

सीहोर शरबती गेहूं एवं रीवा सुन्दरजा आम के बाद इन चार फसलों को मिला जीआई टैग

After Sehore Sharbati wheat and Rewa Sundarja mango, these four crops got GI tag. भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों की समृद्धि एवं कृषि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के सहयोग तथा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के तकनीकी एवं वैज्ञानिक प्रयासों से प्रदेश की चार विशिष्ट कृषि उपजों में (सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगानी अरहर एवं छत्रिय धान) को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) टैग प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश की समृद्ध कृषि विरासत एवं विशिष्ट कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। जीआई टैग प्राप्त होने से इन कृषि उपजों को कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा, उनकी ब्रांड वैल्यू एवं बाजार प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी तथा किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ कृषि निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि जीआई टैग प्राप्त करने वाली चारों कृषि उपजें प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों से संबंधित हैं। इससे विशेष रूप से महाकौशल क्षेत्र के किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा। इन उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी, क्षेत्र की पारंपरिक कृषि पद्धतियों एवं जैव-विविधता का संरक्षण होगा तथा कृषि आधारित प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं निर्यात को नई गति मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व सीहोर शरबती गेहूं एवं रीवा सुन्दरजा आम को भी जीआई टैग दिलाने में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश शासन भविष्य में भी अन्य विशिष्ट कृषि उपजों को जीआई टैग दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ मध्यप्रदेश की विशिष्ट कृषि पहचान को वैश्विक स्तर पर और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सहायक संचालक योगेश नागले ने बताया कि “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन एवं निर्यात को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश की चार विशिष्ट कृषि उपजों को जीआई टैग प्राप्त होना मध्यप्रदेश के किसानों के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि प्रदेश की कृषि विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।“किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री ऐन्दल सिंह कंसाना ने बताया कि “जीआई टैग प्रदेश की विशिष्ट कृषि उपजों को वैश्विक पहचान प्रदान करने के साथ किसानों की आय में वृद्धि, स्थानीय कृषि विरासत के संरक्षण तथा मूल्य संवर्धन का प्रभावी माध्यम है। राज्य शासन भविष्य में भी प्रदेश की अन्य विशिष्ट कृषि उपजों के जीआई पंजीयन के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।“ किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने बताया कि “मंडी बोर्ड प्रदेश की विशिष्ट कृषि उपजों की ब्रांडिंग एवं वैश्विक पहचान स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जीआई टैग प्राप्त होने से विशेष रूप से महाकौशल क्षेत्र के किसानों को नए बाजार, बेहतर मूल्य एवं निर्यात के अवसर प्राप्त होंगे।मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि मंडी बोर्ड भविष्य में भी प्रदेश की अन्य विशिष्ट कृषि उपजों के जीआई पंजीयन एवं विपणन संवर्धन के लिए सक्रिय सहयोग प्रदान करता रहेगा। recent visitors 34

मुख्यमंत्री के गृह जिला उज्जैन में अजाक्स का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, मुख्यमंत्री कर सकते हैं बड़ी घोषणा

Ajax staged a major show of strength in Ujjain, the Chief Minister’s home district; the Chief Minister may make a major announcement. भोपाल। पिछले चार महीने से मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति- जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) में चल रही ग्रुपबाजी के बीच प्रांतीय अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के नेतृत्व में पहली बार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह जिला उज्जैन में 28 जून दिन रविवार को बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की पूरी तैयारी हो चुकी है। यह कार्यक्रम उज्जैन शहर के परेड ग्राउंड दशहरा मैदान में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, राज्य के मंत्री, विधायको के अलावा कई बड़े अफसर और कई दिग्गज नेता तथा अजाक्स के प्रांतीय पदाधिकारी, सदस्यों के शामिल होने की खबर है। आईएएस वर्मा ग्रुप के कर्ताधर्ताओं ने आयोजन को बड़े स्तर पर भव्य स्वरूप देने की योजना को मूर्त रूप दे दिया है। जिसकी मैदानी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकीं हैं। आईएएस वर्मा के नेतृत्व की बढ़ेगी ताकत संघ के कार्यकारी अध्यक्ष इंजीनियर एसएल सूर्यवंशी ने अजाक्स के समर्पित पदाधिकारियों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। बता दें, संघ की प्लानिंग के मुताबिक अगर यह आयोजन सफल हुआ, तो प्रांतीय अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के लिए बड़ी संजीवनी साबित होगा। साथ ही उनकी संगठनात्मक ताकत में भी इजाफा होगा। वहीं दूसरी ओर अजाक्स में घुसपैठ की नाकाम कोशिश करने वाले दूसरे गुट (मुकेश मौर्य और आईएएस विशेष गढ़पाले) को बड़ा तमाचा लगेगा। मुख्यमंत्री कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं, ऐसी संभावना जताई जा रही है। क्योंकि उनके द्वारा पूर्व में दिया गया एक कथित बयान उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। ऐसे में यह आयोजन उनके लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। संघ आरक्षित वर्ग के हित में उठाता है आवाज संघ के कार्यकारी अध्यक्ष इंजीनियर एसएल सूर्यवंशी ने बताया कि अजाक्स हमेशा आरक्षित वर्ग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक लोगों के हित में हक और अधिकारों की आवाज को संवैधानिक तरीके से उठाता है। सरकार या किसी अन्य पर कोई दबाव बनाने का काम नहीं करता है। इस महासम्मेलन में भी अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक लोगों के हितों की रक्षा के लिए कुछ मुद्दों ओर समस्याओं की ओर केंद्र और राज्य सरकार का ध्यानाकर्षित किया जाएगा। यह आयोजन उज्जैन संभाग के आरक्षित वर्गों के लिए वरदान साबित होगा। आयोजन में यह होंगे शामिल संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, राज्यपाल थावरचंद गहलोत, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया, राज्यसभा सांसद व राष्ट्र संत उमेश नाथ महाराज, अनुसूचित जाति मोर्चा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायकगण अनिल जैन, सतीश मालवीय, चिंतामण मालवीय, तेज बहादुर सिंह चौहान, महेश परमार और दिनेश जैन, अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य रामलाल मालवीय, उज्जैन के महापौर मुकेश टेटवाल, उज्जैन नगर पालिका निगम की अध्यक्ष कलावती यादव, समाजसेवी नारायण यादव, बजाज के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष व वर्तमान संरक्षक सेवानिवृत आईएएस जेएन कंसोटिया, प्रांतीय अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष इंजीनियर एसएल सूर्यवंशी, प्रांतीय उपाध्यक्ष आईएएस मीनाक्षी सिंह, प्रांतीय महासचिव (प्रशासन) इंजीनियर एमसी अहिरवार, महासचिव गण गौतम पाटिल, विजय शंकर श्रवण, महेश विरोलिया, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष निर्मल पाटिल, उज्जैन संभागीय अध्यक्ष जगन्नाथ बागड़ी, जिला अध्यक्ष डॉक्टर आरएल परमार और उनकी पूरी टीम के सदस्य तथा हजारों की संख्या में अन्य लोग शामिल होंगे। recent visitors 38

वास्तव में शिक्षा ऐसा मंत्र है, जिसको कोई चुरा नहीं सकता: महेंद्र सिंह यादव

In fact, education is such a mantra that no one can steal it: Mahendra Singh Yadav भोपाल। पिछड़ा दलित विकास महासंघ के बैनर तले रविवार को टीटी नगर स्थित अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन संपन्न हुआ। इसमें मुख्य अतिथि अपेक्स बैंक के अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, राधारमण इंस्टीट्यूट ग्रुप के चेयरमैन संजीव सक्सेना, महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ददन यादव, मिलेनियम इंस्टीट्यूट ग्रुप के चेयरमैन विनोद यादव समेत अन्य गणमान्यजनों ने करीब 500 बच्चों को शील्ड और प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया। आयोजन में बड़ी संख्या में बच्चों, उनके अभिभावकों और महासंघ के पदाधिकारियों , सदस्यों तथा महिलाओं ने भाग लिया और बच्चों का हौंसला बढ़ाया। कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि वास्तव में शिक्षा ऐसा मंत्र है, जिसको कोई चुरा नहीं सकता है। इसलिए बच्चों को शिक्षा, संस्कार और समन्वय सीखना जरूरी है। आज की भागमभाग भरी जिंदगी में आत्मीयता की आवश्यकता है। हमारा परिवार एकजुट और संस्कारित रहे। बच्चों को एक टारगेट बनाकर पढ़ाई करना पड़ेगा। सुबह 5 बजे उठना होगा। रात की पढ़ाई भूल जाती है, लेकिन सुबह की ग्रहण की गई शिक्षा ज्यादा याद रहती है। हर अभिभावक पढ़ाई में बेटा और बिटिया में अंतर न करें। आयोजन का कारवां रुकेगा नहीं, यही महासंघ का संकल्प: ददन यादव महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ददन यादव ने कार्यक्रम के आय-व्यय का ब्यौरा रखा। उन्होंने बताया कि महासंघ को कार्यक्रम आयोजित करने के लिए लोगों ने भरपूर मदद की है। इस आयोजन के लिए 1 लाख 75 हजार रुपए समाज से जनसहयोग के रूप में एकत्रित हुआ है। इसमें 50 हजार रुपए महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ददन यादव ने भी दिया। जबकि इस आयोजन पर करीब 3 लाख 5 हजार खर्च हुआ है। बच्चों के भविष्य को लेकर इस प्रकार के आयोजन निरंतर महासंघ के बैनर तले होते रहेंगे, यह मेरी प्रतिज्ञा और संकल्प है। पुरस्कार बढ़ाते हैं बच्चों का उत्साह : संजीव सक्सेना राधारमण कॉलेज ग्रुप के चेयरमैन संजीव सक्सेना ने बच्चों का भविष्य गढ़ने के बारे में मैथर्डपूर्वक विस्तार से बताया, जिससे बच्चे आत्मबोधन करने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पुरस्कारों ने मुझे मेरे बचपन की याद दिला दी। मैं भी प्रतिभाशाली रहा हूं और सम्मान मिला है। पुरस्कार बच्चों का उत्साह बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि माता- पिता अपने बच्चों को फोकस करने का तरीका बताएं, तभी बच्चे अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने तकनीकी ज्ञान के उदाहरण के जरिए भी बच्चों को बारीकी से समझाया। उन्होंने कहा कि हमें बिजनेसमैन बनने के लिए पढ़ना है, ना कि किसी की नौकरी के लिए। पढ़ने की 10 प्रकार की लर्निंग होती है। आपको 5 से 10 साल तक दिमाग को अपने लक्ष्य पर फोकस करना है। उसके बाद अनंत संभावना है। आपका कर्म ही आपका भाग्य बनाता है: एनआर यादव संघ के महासचिव एनआर यादव (इलाहाबाद) ने कहा कि छात्र-छात्राएं हमारे भविष्य की धरोहर हैं। यही बच्चे आगे चलकर आईएएस और आईपीएस व अन्य स्तर के अधिकारी बनते हैं। इसलिए इनका मनोबल बढ़ाए। आपका कर्म ही आपका भाग्य बनाता है। कोर्स के अलावा भी स्किल सीखना जरूरी: विनोद यादव मिलेनियम कॉलेज ग्रुप के चेयरमैन विनोद यादव ने कहा कि बच्चों को कोर्स के अलावा सामाजिक समझ और जनरल अवेयरनेस में भी आगे आना होगा। उन्होंने बच्चों को कॉलेजेस शिक्षा के क्षेत्र में हर प्रकार के मार्गदर्शन देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कॉलेज में प्रवेश लेना है, तो उनकी मदद करने में मैं पीछे नहीं हटूंगा। जैसे फोन करना हो या अन्य परेशानी के लिए भी मुझसे बच्चे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जो बच्चे हमारे कॉलेज में प्रवेश लेते हैं, तो उनकी आर्थिक रूप से मदद की जाएगी। समाज में एकता बनाए रखने पर जोर महिला बिंग की अध्यक्ष सीमा यादव ने समाज में एकता बनाए रखने पर जोर दिया। बच्चों को निरंतर अपनी पढ़ाई और कैरियर में आगे बढ़ने की सलाह दी। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिशुपाल यादव ने कहा कि अगर मकान बनाना है तो उसकी नींव मजबूत होना चाहिए, इसलिए अगर जिंदगी सही बनाना है, तो उसके लिए अच्छी शिक्षा होना जरूरी है। शिक्षा की सबसे बड़ी जननी बच्चों की माता है। आज का दौर स्किल का है। यह डिजिटल युग है। आप घर बैठे विदेशी कंपनियों के काम कर सकते हैं। राजधानी यादव समाज के अध्यक्ष रामस्वरूप यादव ने कहा कि अपने अधिकारों के प्रति हम सबको काम करना है, तभी यह समाज आगे बढ़ पाएगा। क्योंकि जागरूकता ही हमारी तरक्की की राह आसान करती है। आयोजन में मुख्य रूप से महासंघ के जिलाध्यक्ष शिवजी यादव, विकास यादव, कोचिंग संचालक कृष्ण सर, संदीप यादव, महिला बिंग की जिलाध्यक्ष अनीता कुशवाहा, महामंत्री शैलेंद्र यादव, दिलीप यादव, शैलेश सेन, रेखा सेन, अरविंद कुशवाहा, प्रो सूर्यदेव सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। recent visitors 61