त्रिपुरा सुंदरी एक्सप्रेस में हथियारों का जखीरा पकड़ा, RPF ने 8 देसी पिस्तौल और 16 मैगजीन बरामद किये

भोपाल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने त्रिपुरा सुंदरी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14620) में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियारों की तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया। बदरपुर से अगरतला के बीच सफर के दौरान, RPF की ट्रेन एस्कॉर्ट टीम ने जनरल कोच की तलाशी के दौरान दो संदिग्ध पिठ्ठू बैग जब्त किए, जिनमें से 8 हस्तनिर्मित देसी पिस्तौल और 16 मैगजीन बरामद किया। RPF अधिकारियों के अनुसार, अगरतला पोस्ट के सुरक्षा कर्मी वर्तमान सुरक्षा स्थिति को देखते हुए गहन निगरानी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान जनरल कोच की ऊपरी सीट पर छोड़े गए दो बैगों की जांच की गई। बैगों में भूरे रंग के सेलो टेप में लिपटे हथियार पाए गए। बरामद हथियारों को RPF पोस्ट अगरतला में जमा कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है। मामले की जांच GRPS/अगरतला ने शुरू कर दी है, और अधिकारियों के अनुसार, इस पर जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। recent visitors 58

म.प्र. शासन का बड़ा फैसला: शासकीय सेवकों का मंहगाई भत्ता बढ़ाकर 55 प्रतिशत किया गया, आदेश जारी

भोपाल राज्य शासन ने शासकीय सेवकों को बड़ी राहत देते हुए मंहगाई भत्ते की दर में वृद्धि का आदेश जारी किया है। दो चरणों में बढ़ेगा DA आदेशानुसार, सातवें वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान 50% महंगाई भत्ते के स्थान पर दो चरणों में बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा। एक जुलाई 2024 से मंहगाई भत्ता 3% बढ़कर 53% किया गया है, जिसका भुगतान अगस्त 2024 के वेतन में होगा।इसी तरह 1 जनवरी 2025 से इसमें और 2% की वृद्धि कर इसे कुल 55% कर दिया जाएगा, जिसका भुगतान फरवरी 2025 के वेतन के साथ किया जाएगा। मई 2025 से मिलेगा लाभ, एरियर 5 किश्तों में राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि इस वृद्धि का वास्तविक लाभ 1 मई 2025 से दिया जाएगा और 1 जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की एरियर राशि का भुगतान जून से अक्टूबर 2025 के बीच 5 किश्तों में किया जाएगा। सेवानिवृत्त व दिवंगत कर्मियों को एकमुश्त भुगतान 1 जुलाई 2024 से 31 मई 2025 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके शासकीय कर्मचारियों को एरियर की पूरी राशि का एकमुश्त भुगतान किया जायेगा। इसी तरह एक जुलाई 2024 से 31 मई 2025 की अवधि में मृत कर्मचारियों के परिजनों को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी। अन्य निर्देश 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूर्णांक रुपए में पूर्णांकित किया जाएगा। मंहगाई भत्ते का कोई भी भाग वेतन के रूप में नहीं माना जाएगा। इस भुगतान का व्यय संबंधित विभाग के चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकृत बजट प्रावधान से अधिक नहीं होना चाहिए।   recent visitors 39

ठंडी हवाओं से खुशनुमा हुआ दिल्ली का मौसम, 9 से 14 मई तक आंधी और बारिश के आसार, IMD ने जारी किया हाई अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को अगले एक सप्ताह तक मौसम से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। मौसम विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में यह खुशखबरी दी है। भविष्यवाणी के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी समेत पूरे एनसीआर में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि आने वाले दिनों में दिल्लीवासियों को खुशनुमा मौसम का अनुभव हो सकता है। विभाग ने 14 मई तक बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक तेज आंधी और बारिश के बीच सतर्क रहने की भी सलाह दी है। ठंडी हवाओं से खुशनुमा हुआ दिल्ली का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य औसत तापमान से 0.5 डिग्री सेल्सियस कम है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि गुरुवार और शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। IMD के मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस समय दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। इसी वजह से चिलचिलाती गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली है। मौसम विभाग ने गुरुवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए मौसम विभाग ने तेज हवा चलने और बारिश के दौरान सुरक्षित रहने की सलाह दी है। कैसा रहेगा मौसम का मिजाज? वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर में शनिवार से लेकर सोमवार तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि इन दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सप्ताह के मध्य में आंशिक बादल मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार और बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इन दो दिनों में तेज हवाएं या बारिश होने की कोई खास संभावना नहीं है। हालांकि अधिकतम तापमान में लगभग एक डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है जबकि न्यूनतम तापमान स्थिर रहने का अनुमान है। हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बढ़ते तापमान और बदलते मौसम के बीच वायु गुणवत्ता को लेकर भी राहत की खबर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह 9 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 157 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी में आता है। रिपोर्ट के अनुसार 101 से 200 के बीच AQI को मध्यम माना जाता है जिसमें संवेदनशील लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है लेकिन आम लोगों के लिए यह स्तर अपेक्षाकृत सुरक्षित है।   recent visitors 43

हर घर नल से जल: जल जीवन मिशन से गांवों में आई मुस्कान, स्वास्थ्य, सम्मान और स्थायित्व की नई धारा

भोपाल गांवों की सुबह अब बदल गई है। बाल्टी लेकर दूर-दूर तक पानी लाने का संघर्ष बीते दिनों की बात हो चुकी है। अब घर के आंगन में नल से गिरता पानी केवल सुविधा नहीं, बल्कि गरिमा, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बन गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ जल जीवन मिशन आज ग्रामीण भारत की तस्वीर को जमीनी स्तर पर बदल रहा है और मध्यप्रदेश इसमें एक मिसाल बनकर उभरा है। बालाघाट जिले ने 96 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाकर यह सिद्ध कर दिया है कि सुनियोजित प्रयासों से हर घर तक शुद्ध पेयजल सुनिश्चित किया जा सकता है। इस मिशन के चलते वहां के गांवों में अब बीमारियों का बोझ घटा है, महिलाएं और बच्चियां राहत महसूस कर रही हैं और लोगों को स्वच्छ जीवन की आदतें सहजता से अपनाने का अवसर मिला है। इसी दिशा में हरदा जिले ने भी 96 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों को इस योजना से जोड़ते हुए गांवों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की एक नई लकीर खींच दी है। इंदौर जिले ने तो लगभग सम्पूर्ण लक्ष्य प्राप्त करते हुए 99.94 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को नल जल सुविधा से जोड़ दिया है। इंदौर जैसे जिले, जहां शहरी चमक के साथ ग्रामीण विस्तार भी मौजूद है, वहां यह कार्यक्षमता दिखाना साबित करता है कि यह योजना हर क्षेत्र में समान रूप से कारगर हो रही है। दूसरी ओर नर्मदापुरम जिले ने भी 84प्रतिशत ग्रामीण घरों में नल जल कनेक्शन देकर साफ किया है कि वह भी इस परिवर्तन का सक्रिय भागीदार है और यहां की ग्राम पंचायतों ने जनसहभागिता से जल पहुंच को आसान और प्रभावशाली बनाया है। इस बदलाव ने न केवल स्वास्थ्य के स्तर को ऊंचा उठाया है, बल्कि सामाजिक ढांचे में भी सकारात्मक हस्तक्षेप किया है। शुद्ध, सुलभ, घर-घर पहुंचता पेयजल अब डायरिया, टायफाइड, हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों को जड़ों से समाप्त कर रहा है। शौचालयों का उपयोग बढ़ा है, स्वच्छता की आदतें मज़बूत हुई हैं और बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बेहतर हुई है। महिलाएं अब घर से बाहर निकलकर कृषि, शिक्षा और छोटे व्यवसायों में सक्रिय हो रही हैं, क्योंकि उनका कीमती समय पानी के लिए नहीं बल्कि प्रगति के लिए व्यतीत हो रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने इस मिशन की सफलता को धरातल तक पहुंचाने में सशक्त भूमिका निभाई है। उनकी सतत निगरानी, जिलों में की गई यात्राएं और जनप्रतिनिधियों से संवाद ने यह सुनिश्चित किया है कि यह योजना कागज़ पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतर रही है। उनके मार्गदर्शन में मिशन को न केवल रफ्तार मिली है, बल्कि यह एक जन आंदोलन का स्वरूप भी ले चुका है। हर घर नल से जल अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवन का एक ऐसा अभिन्न भाग बन गया है जो स्वास्थ्य, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और समानता के पक्ष को मजबूत कर रहा है। recent visitors 30

मध्यप्रदेश में ‘AI भारत @MP’ कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के 300वें जयंती वर्ष आयोजनों की श्रृंखला में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से "AI भारत @ MP – कार्यशाला: नवाचार, आधार और राज्य परामर्श के साथ सुशासन में तीव्रता" विषय पर 2 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया है। कार्यशाला का शुभारंभ गुरुवार प्रातः कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में किया गया। कार्यशाला में केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, शिक्षाविद एवं विभिन्न विभागों के 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में AI अनुप्रयोगों पर आधारित एक्सपीरियंस जोन भी स्थापित किया गया। प्रारंभिक सत्र को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश उन कुछ राज्यों में से एक है जहां AI पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। राज्य ने AI तकनीक का उपयोग प्रशासन में करना प्रारंभ किया है। उन्होंने कहा कि आईटी और रिन्युएबल एनर्जी सबसे अधिक गति से बढ़ने वाले सेक्टर है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहाँ संपदा 2.0 पोर्टल से घर बैठे ही ई-रजिस्ट्री की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला राज्य के AI आधारित आगामी कार्य योजनाओं के लिये भविष्य के लिय महत्वपूर्ण कड़ी है। एमपीएसईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री आशीष वशिष्ठ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए दो दिवसीय कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल कार्यशाला नहीं है बल्कि मध्यप्रदेश को AI नवाचार में अग्रणी बनाने के दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे भविष्य में प्रवेश करने जा रहे है जहां प्रशासन का आधार AI-ड्रिवन सेवाओं के वितरण, स्मार्ट समावेशन है। इंडिया AI के जनरल मैनेजर श्री कार्तिक सूरी ने बताया कि इंडिया AI ने डेटा और AI लैब के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग बढ़ाने के लिये प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि इंडिया AI पूरे देश में नावाचार और र्स्टाटअप को बढ़ावा दे रहा है। डीआरडीओ के वैज्ञानिक श्री सौरभ मंडल ने कहा कि AI दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट गवर्नेंस को सक्षम बना रहा है। डीआरडीओ ने सशस्त्र बलों के साथ चुनौतीपूर्ण परिस्थतियों में नागरिकों को सेवाएँ प्रदान करने के मॉडल भी बनाये हैं। अमेजॉन वेब सर्विसेज के राज्य प्रतिनिधि श्री अजय कौल ने कहा कि AI केवल एक तकनीक नहीं है बल्कि परिवर्तनकारी शक्ति है। आईआईएम के प्रो. श्री प्रशांत सालवान ने AI की शुरूआत, वर्तमान अनुप्रयोगों और भविष्य पर प्रकाश डाला। प्रारंभिक सत्र का समापन एमपीएसईडीसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री गुरु प्रसाद ने आभार व्यक्त करते हुए किया। कार्यशाला के पहले सत्र में ‘शासन में AI की कल्पना: अकादमिक क्षेत्र की भूमिका’ विषय पर फोकस रहा। कार्यशाला में प्रथम दिन "सुशासन के लिये AI सत्र में सर्वम AI के श्री साहिल खेतान ने जनरल AI असिस्टेंट, सीएम गवर्नेंस डैशबोर्ड जैसे नवाचारों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया असिस्टेंट जैसे कार्यक्रम नागरिकों को तकनीकी रूप से सशक्त बना रहे है। IIM इंदौर के डीन प्रो. प्रशांत साल्वन ने प्रशासनिक अधिकारियों को उभरती तकनीकों और डाटा संग्रहण एवं अनुप्रयोगों से संबंधित एथिक्स के विषय में जानकारी दी। ‘डिजिटल गवर्नेंस में आधार की भूमिका’ विषय पर UIDAI के उप महानिदेशक श्री आमोद कुमार ने डाटा प्रमाणीकरण, ई-केवाईसी और डिजिटल समावेशन में आधार की आगामी भूमिका पर प्रकाश डाला। डीबीटी मिशन के अतिरिक्त सचिव सौरभ तिवारी, वरिष्ठ जिला रजिस्ट्रार स्वप्नेश शर्मा और कर्मचारी चयन बोर्ड के निदेशक श्री साकेत मालवीय ने डिजिटल समावेशन, प्रमाणीकरण, ई-केवाईसी और आधार-आधारित दक्षताओं को साझा किया। दोपहर के सत्र में कृषि, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में एआई के अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। आईआईटी इंदौर की प्रो. अरुणा तिवारी ने कृषि उत्पादकता के लिए मॉडल साझा किए। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के विशाल मेहता ने कंप्यूटर विजन आधारित धोखाधड़ी विश्लेषण पर जानकारी दी। गूगल क्लाउड के अनिरुद्ध श्रीवास्तव ने जनरल एआई द्वारा सारांशीकरण और अनुवाद जैसे उपयोग दर्शाए। आईआईएसईआर भोपाल के प्रो. तन्मय बसु ने एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी और लोक स्वास्थ्य पर एआई की भूमिका को रेखांकित किया। डीएसटी की सुश्री पूनम यादव ने वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय एआई कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया। स्टार्ट-अप्स और उद्योग प्रतिनिधियों जैसे आरपीए एग्री इंफ्रा के श्री रसेश त्रिवेदी, आईबीएम के प्रभात मनोचा, द्रोण मैप्स के श्री उत्कर्ष सिंह और ऐपस्क्वाड्ज़ सॉफ्टवेयर की सुश्री हर्षिता दुग्गल ने सार्वजनिक प्रशासन, कृषि और जीआईएस योजना में एआई के उपयोग पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। कार्यशाला का समापन एमपीएसईडीसी के वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री अभिषेक अनंत के धन्यवाद भाषण के साथ हुआ। उन्होंने इसे एक नई शुरुआत बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सभी विभागों में एआई को मुख्यधारा में लाकर एक डिजिटल, भविष्य-तैयार राज्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यशाला का दूसरा दिन 9 मई कार्यशाला के दूसरे दिन राज्य स्तरीय परामर्श, थीमैटिक वर्किंग ग्रुप्स एवं ‘डिजिटल इंडिया राज्य परामर्श कार्यशाला’ के अंतर्गत रोडमैप चर्चाओं पर केन्द्रित रहेगा। कार्यशाला के दूसरे दिन "डिजिटल इंडिया स्टेट कंसल्टेशन वर्कशॉप" आयोजित की जायेगी, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए संवाद और सहयोग पर बल दिया जाएगा।  recent visitors 31

निर्माण कार्यों में लायें गति, समानांतर रूप से खरीदें आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी श्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों में गति लाने और समानांतर रूप से आवश्यक उपकरण और फर्नीचर खरीदने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय शीघ्र प्रारंभ हो सके इसके लिए आवश्यक उपकरण और फर्नीचर की उपलब्धता भी साथ ही सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए मैनपॉवर की उपलब्धता बढ़ाने पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सागर में स्वास्थ्य विभाग के अधोसंरचना विकास संबंधी कार्यों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सभी परियोजनाओं के बारे में जनप्रतिनिधियों से पूर्व में ही चर्चा की जाए तथा उनके साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किए जाएं। उन्होंने उपस्थित विधायक गण से भी कहा कि वे उनके क्षेत्र विशेष के कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति आदि से समय-समय पर अवगत कराएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निर्माण कार्यों, अधोसंरचना विकास कार्यों में गति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य  सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए बजट का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए तथा निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने  निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियों द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, ताकि कार्यों की गति बनी रहे और गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने लैंड एलॉटमेंट की प्रक्रिया यथासंभव शीघ्रता से करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी और जनहितकारी व्यवस्थाओं पर संबंधित अधिकारी प्राथमिकता पर ध्यान दें। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्‍द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र/आरोग्य मंदिर से संबंधित विभिन्न पूर्ण हो चुके तथा निर्माणाधीन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। सागर जिले में उक्त सभी कार्यों की अनुमानित लागत लगभग 447 करोड़ रुपए है जो विभिन्न निर्माण एजेंसियों जैसे पीडब्ल्यूडी, पीआईएयू, हाउसिंग बोर्ड आदि से संबंधित हैं। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय नवीन भवन के शीघ्र लोकार्पण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के भी निर्देश दिए। इसी प्रकार बीना अस्पताल के रिनोवेशन /नवीनीकरण तथा वहां डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बंडा पीएचसी में बाउंड्री वॉल को प्रस्ताव शामिल करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार 15वें वित्त के तहत कार्यों को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह संवेदनशील रहकर कार्य करें और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम लाने की दिशा में हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन एक प्रभावी योजना है जिसका सीएचसी, पीएचसी और आरोग्य केन्‍द्रों के माध्यम से प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक , सशक्त और जनहितकारी बनाने के लिए अधोसंरचना, मानव संसाधन, उपकरण, प्रबंधन और तकनीकी सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यों की सतत निगरानी करें और सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करें। विधायक श्री शैलेंद्र जैन, श्री वीरेंद्र लोधी, श्रीमती निर्मला सप्रे, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत, कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक श्री विकास शाहवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी मौजूद थे। recent visitors 33

150 करोड़ रुपये की अंतर्राज्यीय धोखाधड़ी का पर्दाफाश, चूना लगाने वाले बंटी-बबली दिल्ली से गिरफ्तार

जशपुर एक हाई-प्रोफाइल ठगी कांड का चौंकाने वाला खुलासा करते हुए जशपुर पुलिस ने 150 करोड़ रुपये की अंतर्राज्यीय धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। बंटी-बबली स्टाइल में देशभर के व्यापारियों को करोड़ों का चूना लगाने वाले गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। स्वेटर की आड़ में ठगी, मिशन बना 'मुनाफे का जाल' पत्थलगांव निवासी व्यापारी अमित अग्रवाल से राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन के नाम पर 5.70 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। ठगों ने CSR फंड से जुड़ा बताकर स्कूली बच्चों के लिए स्वेटर सप्लाई का लालच दिया। मामले की तह तक जाते-जाते पुलिस को पता चला कि यह एक संगठित और अत्यंत शातिर ठगी नेटवर्क है, जो देश के कई राज्यों में सक्रिय था। ऐसे शुरू हुआ शिकंजा SSP शशि मोहन सिंह के निर्देश पर SDOP धुर्वेश जायसवाल की अगुवाई में टीम दिल्ली भेजी गई। जाल इतना बारीकी से बुना गया कि पुलिस ने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताकर 1000 करोड़ के ऑर्डर का लालच दिया और आरोपियों को दिल्ली के होटल ताज में बुलवाया। पुलिस की फ़िल्मी प्लानिंग, रंगीन कोट-पैंट और मॉडल असिस्टेंट आरोपी अनिता उपाध्याय को शक न हो, इसके लिए पुलिस अफसर ने सादी वर्दी में स्थानीय मॉडल को असिस्टेंट बनाकर भेजा। होटल में मीटिंग के बहाने अनिता को फंसाया गया और फिर उसके जरिये मुख्य आरोपी रत्नाकर उपाध्याय तक पुलिस पहुंच गई। रत्नाकर की रफ़्तार से तेज पुलिस का पीछा दिल्ली की सड़कों पर मोबाइल लोकेशन बदलते हुए रत्नाकर लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। लेकिन जशपुर पुलिस ने हार नहीं मानी और सागरपुर में एक मेडिकल स्टोर के पास उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसने चिल्लाकर खुद को अगवा बताया और SDOP पर हमला कर भागने की कोशिश भी की, लेकिन अफसर ने उसे नहीं छोड़ा। दिल्ली पुलिस के आने तक उसे मजबूती से पकड़े रखा गया। ठगों की दोहरी चाल, डायरेक्टर बदलो, जवाबदारी टालो गिरफ्तार आरोपी रत्नाकर उपाध्याय ने 2023 में डायरेक्टर पद छोड़ अनिता उपाध्याय को नाममात्र की डायरेक्टर बना दिया। जब भी ठगी का मामला सामने आता, दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल देते। 26 फ्लैट, 40 करोड़ की प्रॉपर्टी और 2.5 करोड़ की कार पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के पास लखनऊ में 24 फ्लैट, दिल्ली में 2 फ्लैट और एक लग्जरी रेंज रोवर गाड़ी है। इन संपत्तियों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। इतनी बड़ी ठगी को ऐसे दिए अंजाम गिरोह ने 15 राज्यों में एजेंटों के माध्यम से CSR फंड की योजनाओं में फायदा दिलाने का झांसा दिया। सिक्योरिटी मनी, प्रोसेसिंग फीस और नकद घूस के नाम पर करोड़ों की वसूली की जाती थी। सप्लाई के बाद चेक तो दिया जाता, लेकिन कैश कभी नहीं होता। इस साहसिक ऑपरेशन पर रायगढ़ रेंज IG दीपक झा ने पूरी टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की है। इस मिशन में SDOP धुर्वेश जायसवाल, निरीक्षक विनीत पांडे, अमित तिवारी, A.S.I लखेश साहू, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज और महिला आरक्षक रिंपा पैंकरा की भूमिका सराहनीय रही। recent visitors 35