Sunday, July 5, 2026 9:44 am

आज मंगलवार 13 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष: आज 13 मई के दिन मजबूत रोमांटिक बॉन्डिंग देखने को मिलेगी। नौकरी में बेस्ट परिणाम देने के लिए कोशिश करें। स्मार्ट वित्तीय डिसीजन लेने के लिए आपकी मौद्रिक स्थिति अच्छी है। कोई बड़ी मेडिकल समस्या भी जीवन पर प्रभाव नहीं डालेगी। वृषभ: आज पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। इसके अलावा ऐसी किसी भी बात को लेकर डिस्कस न करें, जिससे रिश्तों में कड़वाहट बढ़े। आपके इनोवेटिव विचार वर्कप्लेस पर काम आएंगे। कोई गंभीर समस्या नहीं होगी। मिथुन: आज के दिन खुद को हेल्दी रखें। काम का प्रेशर ज्यादा न लें। आज उत्साह आपकी सबसे बड़ी संपत्ति रहेगी। रिलेशनशिप की दिक्कतों को ज्यादा बढ़ने न दें। आज जीवनसाथी से मतभेद हो सकता है। कर्क: आज आपकी लीडरशिप स्किल को भी परखा जाएगा। आज का दिन आपके लिए सरप्राइज से भरपूर रहेगा। चुनौतियों को स्टेपिंग स्टोन में बदलना आप जानते हैं। लव के मामले में डेट पर जाना अच्छा रहेगा। इससे आपका बॉन्ड स्ट्रॉंग होगा। सिंह: आज का दिन मिक्स्ड एनर्जी वाला रहेगा। समझदारी से वित्तीय डीसीजन लें क्योंकि आज पैसा खूब कमाएंगे। करियर में ग्रोथ और बदलाव का एक महत्वपूर्ण समय है। आप चुनौतियों और रोमांचक अवसरों के मिश्रण का सामना कर सकते हैं। कन्या: आज का दिन आपके लिए पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहेगा। आज मुश्किलों को मुस्कुराहट के साथ पार करें। प्यार का जश्न मनाएं और रोमांटिक संबंधों से अहंकार को दूर रखें। व्यावसायिक सफलता मिलने के योग हैं। तुला: आज किसी भी तरह की बहस में आज न उलझें। सभी मसले सुलझाकर रोमांटिक लाइफ बरकरार रखें। उत्पादकता का कोई बड़ा मुद्दा पेशेवर जीवन पर असर नहीं डालेगा। दूसरों की भावनाओं के प्रति आपको सेंसिटिव रहना चाहिए। वृश्चिक: आज का दिन प्रेम, करियर और वित्त में वृद्धि के पर्याप्त अवसरों का वादा करता है। आपको सेल्फ लव पर फोकस करने की सलह दी जाती है। अपनी मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने पर फोकस करें। फिटनेस पर गौर फरमाएं। धनु: आज अप्रत्याशित बदलाव का अनुभव हो सकता है, जो समृद्धि और विकास का अवसर लाएगा। हेल्थ के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। सर्वोत्तम परिणाम पाने के लिए परिवर्तन को खुली बांहों से स्वीकार करें। मकर: आज बदलावों भरे दिन के लिए रेडी रहें। अवसरों और व्यक्तिगत विकास पर अपना फोकस रखें। आज का दिन आपको पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लेवल पर सोच-विचार करने के लिए मोटिवेट कर रहा है। विकास के अवसर मिलेंगे, जिससे आपको काफी अच्छा लाभ होगा। कुम्भ: आज उथल-पुथल भरे दिन का सामना करेंगे। प्रेम जीवन को बरकरार रखने के लिए सोल्यूशन पर फोकस करें। चुनौतियान आपको डराती नहीं हैं। ऑफिस में शांत रहें और सभी कार्य पूरे करें। आर्थिक रूप से भाग्यशाली होने के लिए हर विकल्प पर विचार करें। मीन: आज का दिन शानदार रहेगा। प्रेम संबंधी मुद्दों को सकारात्मक सोच के साथ सुलझाएं। ऑफिस में कोई बड़ी परेशानी नहीं रहेगी। आर्थिक रूप से आप समृद्ध हैं। आपका स्वास्थ्य आपको किसी भी तरह की परेशानी नहीं देगा। recent visitors 45

अमेरिका नहीं चाहता था कि पाकिस्तान बिखर जाए, कर्ज पर टिकी इकॉनमी, भारत के सामने घुटने टेकने पड़े

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 10 मई की शाम को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया और भारत-पाकिस्तान के बीच समझौता हो गया। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से आई तस्वीरों में जश्न का सा माहौल था, जबकि भारत में जैसे चुप्पी साध ली गई। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे अपनी जीत बताते हुए पाकिस्तानी सेना को बधाई तक दे डाली। US-चीन एकमत: पाकिस्तान में मनाई जा रही खुशी समझौते की है या फिर इसलिए कि ट्रंप ने हार से बचा लिया? भारत के लोग इसे किस नजरिए से देखें? यह मसला दो देशों के बीच का था, तो ट्रंप ने इसकी घोषणा क्यों की? क्या इसका संदेश यह नहीं जाता कि ट्रंप हर हाल में पाकिस्तान को बचाना चाह रहे थे। वैसे चीन भी नहीं चाहता था कि भारत-पाकिस्तान टकराव जारी रहे क्योंकि कुछ मामलों में उसकी भी भद्द पिट रही थी, अमेरिका ने उसकी इच्छा पूरी कर दी। तो क्या पाकिस्तान मसले पर अमेरिका और चीन एकमत थे? ट्रंप की बेचैनी: सिद्धांत रूप से चीन के लिए दक्षिण एशिया में पाकिस्तान का वही महत्व है, जो पश्चिम एशिया में अमेरिका के लिए इस्राइल का। अमेरिका भी पाकिस्तान को इसी नजरिए से देख रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं कि इसी वजह से ट्रंप इतने बेचैन थे? समझौते के बाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल वेद प्रकाश मालिक ने जो ट्वीट किया, उसके कुछ तो मायने हैं, 'संघर्ष विराम 10 मई 2025 : हमने भारत के भविष्य को यह पूछने के लिए छोड़ दिया है कि पाकिस्तानी आतंकवादी हमले (22 अप्रैल को पहलगाम में) के बाद अपनी कार्रवाइयों से भारत ने कोई राजनीतिक या रणनीतिक लाभ हासिल किया या नहीं।' ऐसा ही कुछ पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे ने भी अपने ट्वीट की अंतिम पंक्ति में लिखा है, ' …हम हर बार घटनाओं पर आधारित प्रतिक्रिया देकर अपने लोगों की जान नहीं गंवा सकते। यह तीसरी बार है, अब आगे कोई और मौका नहीं।' अनसुनी पुकार: ट्रंप के लिए यह खुशी का अवसर हो सकता है, वह दुनिया को यह संदेश देने में कामयाब हो गए कि अमेरिका अब भी दुनिया का लीडर है। उनके विदेश मंत्री ने इसका भरपूर प्रचार भी कर दिया। अमेरिका मानव हानि से बड़ा आहत दिखा। होना भी चाहिए। लेकिन क्या भारत से अधिक कोई राष्ट्र मानवीय संवेदनाओं से संपन्न है? स्पष्टतया नहीं। 1990 के दशक से ही भारत दुनिया को पाकिस्तान की आतंकी हरकतों का सबूत देता चला आ रहा है, पर किसी ने नहीं सुना। लेकिन, जैसे ही 9/11 की घटना हुई, अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ जंग छेड़ दी। अमेरिका ने जब काबुल में तबाही फैलाई, तो क्या आम अफगानी नहीं मरा? पाकिस्तान पर मौन: काबुल के बाद अमेरिका ने बगदाद को निशाना बनाया, जिसका कोई औचित्य नहीं था। हां, उसे सद्दाम हुसैन की तरफ से कुछ खतरे दिख रहे होंगे, और उसने बगदाद का ध्वंस कर दिया। दुनिया उस समय मौन थी या तालियां बजा रही थी। दुनिया इस बात पर भी मौन रही कि दक्षिण एशिया में आतंकवाद का एपीसेंटर पाकिस्तान है, और उस पर कोई एक्शन नहीं हुआ। आतंक की जड़: यह स्थापित हो चुका है कि पाकिस्तान ही एशिया में आतंकवाद की जड़ है। लेकिन, अमेरिका ने अफगान वॉर में उसे सिपहसालार बना लिया था। यह बात तो अमेरिकी सेना के जनरल डेविड पेट्रास ने भी कही थी कि अल-कायदा, पाकिस्तानी तालिबान, अफगान तालिबान, TNSM (तहरीक-ए-नफज-ए-शरीयत-ए-मोहम्मदी) के बीच सिम्बियोटिक रिलेशनशिप है, फिर भी अमेरिका खामोश रहा। दबाव बढ़ रहा था: अंतरराष्ट्रीय मीडिया की खबरें बता रही थीं कि पाकिस्तान काफी दबाव में है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा था, 'भारत ने आतंकी संगठनों पर कार्रवाई कर पाकिस्तान को यह संदेश दिया है कि अब वह ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। पाकिस्तान अंदरूनी समस्याओं से जूझ रहा है। इमरान खान जेल में हैं, चुनाव विवादित रहे हैं। देश आर्थिक संकट में है…।' पाकिस्तान में घबराहट: वहां तख्तापलट या मार्शल लॉ लागू होने की आशंकाएं जोर पकड़ रही थीं। टॉप लीडर और वरिष्ठ सैन्य अफसर अपना पैसा विदेश भेजने लगे थे। पाकिस्तान के स्टेट बैंक की जांच में यह बात पता चली। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के ओपन एक्सचेंज मार्केट से डॉलर मिलना मुश्किल होने लगा था। उसके पास 12 दिन का आयात बिल चुकाने भर का विदेशी मुद्रा भंडार ही बचा था। अगर IMF से बेलआउट पैकेज की अगली किस्त न जारी होती, तो पाकिस्तान की आर्थिक गतिविधियां ही ठप पड़ जातीं। अब सवाल है कि जिस IMF में अमेरिकी इच्छा के बिना पत्ता भी नहीं हिलता, वहां भारत के विरोध के बाद भी पाकिस्तान को कर्ज मिल जाना क्या संकेत देता है? बिखरने से बचाया: अमेरिका को अच्छी तरह मालूम था कि कर्ज पर टिकी इकॉनमी की वजह से पाकिस्तान को भारत के सामने घुटने टेकने पड़ेंगे। अमेरिका नहीं चाहता था कि ऐसा हो और पाकिस्तान बिखर जाए। ऐसे तो दक्षिण एशिया में भारत के लिए कोई चुनौती ही नहीं रह जाती। अमेरिका को यह स्वीकार नहीं था। उसे पाकिस्तान को बचाना था और इसका एक ही रास्ता था, समझौता। recent visitors 55

पाकिस्तान के पास जितना विदेशी मुद्रा भंडार है, वह अपने कर्जों को चुकाने के लिए काफी नहीं: मूडीज

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर हो चुका है। दोनों देशों के बीच हुए इस संघर्ष में पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। बताया जा रहा है कि तीन दिन से कुछ ज्यादा समय तक चली इस लड़ाई में पाकिस्तान को करीब 4 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। यह रकम हाल ही में आईएमएफ से मिले 2.4 बिलियन डॉलर के लोन के मुकाबले कहीं ज्यादा है। ऐसे में पाकिस्तान एक बार फिर से आईएमएफ या किसी दूसरी संस्था से लोन लेने के लिए हाथ फैला सकता है। पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी। भारतीय सेना ने पिछले हफ्ते मंगलवार रात 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इस हमले से पाकिस्तान बौखला गया था और उसने भारतीय सेना और सीमा से सटे आम नागरिकों को निशाना बनाया। भारत ने भी पाकिस्तान के इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया और उसके एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया था। दोनों देशों के बीच तीन दिन तक संघर्ष चला। शनिवार को सीजफायर हो गया। पाकिस्तान को कितना नुकसान? तीन दिन से कुछ ज्यादा समय चले इस संघर्ष में पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान हुआ है। अमेरिका की एनालिस्ट सहर खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पाकिस्तान मीडिया की एक खबर को शेयर करते हुए एक पोस्ट की है। इस पोस्ट में उन्होंने बताया है कि इस संघर्ष में पाकिस्तान को करीब 4 अरब डॉलर की कीमत चुकानी पड़ी है। सहर खान ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए अपनी पोस्ट में बताया है कि पाकिस्तान को किस चीज में कितना नुकसान हुआ है: मिलिट्री ऑपरेशंस: 25 मिलियन डॉलर प्रतिदिन ड्रोन और मिसाइल ऑपरेशंस: 300 मिलियन डॉलर शेयर मार्केट में गिरावट: 2.5 बिलियन डॉलर पीएसएल सस्पेंड होने से: 10 मिलियन डॉलर एयरस्पेस बंद होने से: 20 मिलियन डॉलर कितना मंजूर हुआ लोन? भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने हाल ही में पाकिस्तान को 2.4 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज दिया है। इस बेलआउट पैकेज में एक मौजूदा कार्यक्रम से 1 अरब डॉलर और 1.4 अरब डॉलर का नया लोन शामिल है। भारत ने आईएमएफ में इस वोटिंग के दौरान भाग नहीं लिया, क्योंकि भारत इस बेलआउट पैकेज के खिलाफ था। पाकिस्तान को आईएमएफ से जितना लोन मिला है, उससे कहीं ज्यादा रकम वह खर्च कर चुका है। भरत नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने सहर खान की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है, 'उन्होंने यानी पाकिस्तान ने IMF का लोन जारी होने से पहले ही इसे खर्च कर दिया।' पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी बुरी पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति अभी बहुत खराब है। मूडीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी पाकिस्तान के पास जितना विदेशी मुद्रा भंडार है, वह अगले कुछ सालों में अपने कर्जों को चुकाने के लिए काफी नहीं है। पाकिस्तान के पास अभी करीब 15 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। वहीं, भारत के पास 688 अरब डॉलर से भी ज्यादा का भंडार है। पाकिस्तान कई देशों से लोन ले चुका है। साल 1948 से अकेले अमेरिका ने पाकिस्तान को 40 अरब डॉलर की आर्थिक और सैन्य मदद दी है। अगर कनाडा, ब्रिटेन और यूरोप को भी मिला लें, तो यह आंकड़ा 55 अरब डॉलर से ज़्यादा हो जाता है। recent visitors 126

अमेरिका और चीन के बीच हुई ट्रेड डील, ट्रंप के हाई टैरिफ से मिलेगी राहत

वाशिंगटन अमेरिका और चीन ने हाल ही में एक-दूसरे पर लगाए गए भारी शुल्कों को कम करने का फैसला किया है। दोनों देशों के बीच दो दिनों तक चली उच्च-सतरीय वार्ता के बाद आज (सोमवार को) जिनेवा में एक संयुक्त बयान जारी किया गया है, जिसके अनुसार, अमेरिका और चीन एक-दूसरे के उत्पादों पर अस्थायी रूप से यानी 90 दिनों के लिए टैरिफ कम करने पर सहमत हो गए हैं। ताकि व्यापार तनाव को कम किया जा सके और दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को आपसी मतभेद सुलझाने के लिए तीन महीने का वक्त मिल सके। सोमवार को जारी किए गए बयान के अनुसार, अधिकांश चीनी आयातों पर अमेरिका ने 145% टैरिफ को 115 फीसदी घटाकर सिर्फ 30% तक लाने का अस्थाई फैसला किया है।इसमें फेंटेनाइल से जुड़ी दर भी शामिल है। चीन भी अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए गए 125% टैरिफ को 115 फीसदी तक घटाकर अब 10% तक लाने पर सहमत हुआ है। हालांकि, इस डील में पेच यह है कि यह सिर्फ 90 दिनों के लिए ही है। चर्चा जारी रखने पर भी बनी सहमति अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका ने चीनी वस्तुओं पर 145 प्रतिशत शुल्क दर को घटाकर 30 प्रतिशत करने पर जबकि चीन ने अमेरिकी वस्तुओं पर अपनी दर को घटाकर 10 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ग्रीर और अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जेनेवा में संवाददाता सम्मेलन में शुल्क कटौती की घोषणा की। दोनों अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने व्यापार मुद्दों पर चर्चा जारी रखने की रुपरेखा तैयार की है। दो दिन की वार्ता के बाद संवाददाता सम्मेलन में बेसेंट ने कहा कि उच्च शुल्क स्तर से दोनों पक्षों के सामान पर पूरी तरह रोक लग गई ऐसा परिणाम कोई भी पक्ष नहीं चाहता। बेसेंट ने कहा, ‘‘ इस सप्ताहांत दोनों प्रतिनिधिमंडलों की आम सहमति यह है कि कोई भी पक्ष अलगाव नहीं चाहता है। इन उच्च उच्च शुल्क से जो हुआ … वह अवरोध के बराबर था। कोई भी पक्ष ऐसा नहीं चाहता। हम व्यापार चाहते हैं। हम अधिक संतुलित व्यापार चाहते हैं। मुझे लगता है कि दोनों पक्ष इसे हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने चीन पर अमेरिकी शुल्क को बढ़ाकर 145 प्रतिशत कर दिया था और चीन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी आयात पर 125 प्रतिशत का शुल्क लगाया था। इतने अधिक शुल्क का मतलब है कि दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों का बहिष्कार कर रहे हैं जिससे व्यापार बाधित हो रहा है, जो पिछले वर्ष 660 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक था। अमेरिका और चीन की घोषणा से शेयर बाजारों में उछाल आया। हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में करीब तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई। जर्मनी तथा फ्रांस के बाजार में 0.7 प्रतिशत की तेजी आई। recent visitors 50

चंद्रपुर में दो दिन में बाघ ने चार लोगों की ले ली जान, ग्रामीणों में दहशत

राजनांदगांव महाराष्ट्र के टाइगर बेल्ट में एक दुखद घटना हुई। दो दिन में बाघ ने चार लोगों की जान ले ली। शनिवार दोपहर को बाघ ने एक ही हमले में तीन महिलाओं को मार डाला था। यह पहली बार है जब एक बाघ ने एक साथ इतने लोगों की जान ली है। इसके बाद रविवार को एक और ग्रामीण की मौत हो गई। यह घटना सिंदेवाही वन रेंज के पास मेंढमाल गांव के जंगल में हुई। वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब एक बाघ ने एक ही हमले में तीन लोगों को मार डाला और एक को घायल कर दिया। कुछ महिलाएं तेंदूपत्ता इकट्ठा करने जंगल में गई थीं। तभी एक बाघ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के तुरंत बाद, वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। वन विभाग ने बाघ की पहचान करने के लिए इलाके में कैमरे लगाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं इसलिए बढ़ रही हैं क्योंकि वन्यजीवों के रहने की जगह कम होती जा रही है। महाराष्ट्र में पिछले तीन सालों में जंगली जानवरों के हमलों में 225 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इनमें से ज्यादातर मौतें बाघों के हमलों में हुई हैं। इलाके की गश्त बढ़ाई गई वरिष्ठ वन अधिकारियों ने कहा कि एक बार जब बाघ की पहचान हो जाएगी, तो उसे बेहोश करने और पकड़ने के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) को औपचारिक अनुरोध भेजा जाएगा। गांव वाले इस हमले से बहुत दुखी हैं। उन्होंने बाघ को तुरंत पकड़ने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों को जंगल में न जाने की चेतावनी दी है। इस हमले के साथ, चंद्रपुर जिले में 2025 में वन्यजीवों से संबंधित मौतों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। ये सभी मौतें बाघों के हमलों में हुई हैं। पिछले साल, ऐसी 29 मौतें हुई थीं, जिनमें से 27 बाघों के हमलों में हुई थीं। 2023 में, यह संख्या 25 थी। सबसे ज्यादा मौतें 2022 में हुई थीं, जब 51 लोग मारे गए थे। इनमें से 44 को बाघों ने और 7 को तेंदुओं ने मारा था। recent visitors 44

भारत और पाक के बीच सीजफायर:ट्रंप की मध्यस्थता से लेकर पहलगाम हमले पर भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली/रायपुर भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर होते ही एक बार फिर से सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंफ के सीजफायर के एलान से लेकर पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को लेकर सरकार से सवाल कर रही है. कांग्रेस की ओर से अबकी बार मोर्चा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने संभाला है. छत्सीगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. जब भी संकट आया कांग्रेस ने राजनीति की बजाय देशहित को आगे रखा. 1971 में अमेरिका के दबाव के बावजूद इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में राजनीति नहीं राष्ट्रवाद चाहिए. दुश्मन के सामने कमजोरी नहीं ताकत दिखाएं. सरकार बताए कि क्या अमेरिका के दबाव में हममें अपनी नीति बदल दी? कांग्रेस ने अपने तमाम कार्यक्रम रद्द किए. संकट के समय जब पूरा देश एकजुट था तब सोशल मीडिया पर बीजेपी नेता राजनीतिक बयानबाजी कर रहे थे. संसद का बुलाया जाए विशेष सत्र कांग्रेस नेता ने कहा, कांग्रेस सरकार के साथ खड़ी है, लेकिन हम पारदर्शिता की मांग करते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से सीज फायर का ऐलान क्या कूटनीतिक नाकामी नहीं है? क्या हमनें तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार कर ली? क्या शिमला समझौता रद्द हो गया? हम आतंक के खिलाफ लड़ रहे थे, बीच में कश्मीर का मुद्दा आ गया! संसद का विशेष सत्र बुलाकर बताया जाए कि संघर्ष विराम की शर्तें क्या हैं? सर्वदलीय बैठक बुलाकर शंकाओं का समाधान किया जाए. पहलगाम के आतंकियों का क्या हुआ? भूपेश बघेल ने सीजफायर के साथ-साथ पहलगाम आतंकी हमले पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी प्रवक्ता का ये कहना कि बदला ले लिया गया है, जो कई सवाल उठाता है. पहलगाम के चारों आतंकियों का क्या हुआ? वो पकड़े गए या मारे गए? सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी किसकी है? क्या गृहमंत्री इस्तीफा दे रहे हैं? recent visitors 38

भारत के हमले से रहीम यार खान एयरबेस का रनवे तहस-नहस, एक सप्ताह के लिए नॉन ऑपरेशनल घोषित

लाहौर पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठान रहीम यार खान एयरबेस अब काम नहीं कर पा रहा है. भारत की ओर से किए गए जवाबी हमले ने इस एयरपोर्ट के रनवे को तहस-नहस कर दिया है. अब पाकिस्तान ने फिलहाल एक सप्ताह के लिए इस एयरबेस को एक सप्ताह के लिए नॉन ऑपरेशनल घोषित कर दिया है. पाकिस्तान ने इस बाबत नोटम (NOTAM) नोटिस टू एयरमैन जारी किया है. ये नोटिस पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शनिवार शाम को जारी किया है. ये नोटम 10 मई को पाकिस्तानी समय के अनुसार 4 बजे शाम से प्रभावी हो गए हैं और 18 मई 5 बजे तक प्रभावी रहेगा. यानी कि इतने समय तक रहीम यार खान नूर बेस काम नहीं करेगा. पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि बंद करने का कारण वर्क इन प्रोग्रेस है. लेकिन पाकिस्तान ने शातिराना चालाकी करते हुए ये नहीं बताया है कि वो जंग जैसे इतने अहम समय में अपने सैन्य हवाई अड्डे पर क्या काम कर रहा है. नोटम में कहा गया है कि फिलहाल ये एयरबेस उड़ान के लिए संचालित नहीं होगा. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के दक्षिणी भाग में इस महत्वपूर्ण एयरबेस को अस्थायी रूप से बंद करना और बंद करने का समय और इसकी टाइमिंग इस एयरबेस पर भारत की ओर से किए गए तगड़े हमले की पुष्टि करती है. रहीम यार खान एयरबेस, जिसे आधिकारिक तौर पर शेख जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Shaikh Zayed International Airport) के नाम से जाना जाता है, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहीम यार खान शहर के पास स्थित है. यह हवाई अड्डा शहर से लगभग 4.6 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है. रहीम यार खान एयरबेस पर हमले का असर रविवार शाम को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े एक ब्रीफिंग में, भारतीय वायु सेना ने उपग्रह चित्रों से पुष्टि की कि रहीम यार खान वायु सेना अड्डे के रनवे पर भारत ने स्ट्राइक किया था. इस हमले में ये हवाई अड्डा तबाह हो गया था. नोटम के लिए जारी इस मैसेज में लिखा गया है. “RWY NOT AVBL FOR FLT OPERATION WIP” अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के अनुसार, NOTAM में कोड ‘WIP’ का उपयोग प्रगति पर चल रहे कार्य को दर्शाता है. अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) के अनुसार, ‘WIP’ हवाई अड्डे की सतह पर किए जा रहे किसी भी कार्य को दर्शाता है. यह देखते हुए कि NOTAM में विशेष रूप से एयरबेस पर रनवे का उल्लेख किया गया है, यह दर्शाता है कि रनवे पर ही प्रगति पर काम चल रहा है. रहीम यार खान एयरबेस में शेख जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी है. फ्लाइटराडार24 पर उपलब्ध एयरपोर्ट डेटा के अनुसार, इसका एकमात्र रनवे- रनवे 01/19- बिटुमिनस सरफेस वाला है और इसकी लंबाई 3,000 मीटर या 9,843 फीट है. यूं तो इस एयरपोर्ट को पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी (PCAA) द्वारा संचालित किया जाता है, लेकिन इसका उपयोग पाकिस्तान वायु सेना (PAF) द्वारा भी सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है. बता दें कि 10 मई को पाकिस्तानी हमले का जवाब देते हुए भारत ने पड़ोसी मुल्क के कई सैन्य एयरपोर्ट को निशाना बनाया. भारत के मिसाइल हमले में रफीकी, मुरीद, चकलाला, सुक्कुर, रहीम खान एयरबेस, चुनियां एयरबेस, नूर खान एयरबेस, सरगोधा एयरबेस को मुख्य रूप से निशाना बनाया. भारत के हमले में रहीम खान एयरबेस को तगड़ा नुकसान पहुंचा था. और इसकी हवाई पट्टी पर बड़ा गड्ढ़ा बन गया था. अब पाकिस्तान इन मलबों को साफ कर रहा है. और गड्ढे की मरम्मत कर रहा है. एयरबेस का मुख्य रनवे जो लगभग 3,000 मीटर लंबा है, पूरी तरह से तबाह हो गया. सैटेलाइट इमेजरी और वीडियो फुटेज में रनवे पर बड़ा गड्ढा दिखाई देता है. रिपोर्ट के अनुसार भारत के हमलों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर और दो हैंगर तबाह हो गए. रडार यूनिट और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा, जिससे एयरबेस की संचालन क्षमता अस्थायी रूप से ठप हो गई है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि भारत ने इन एयरबेसों पर अपने फाइटर जेट्स से एयर-टू-सरफेस मिसाइलें दागीं. भारत ने रविवार को कहा है कि पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 100 आतंकी मारे गए हैं. जबकि 40 से 50 पाकिस्तानी जवान और अधिकारी मारे गए हैं.   recent visitors 92