भारत में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार, मृत्यु दर 130 से घटकर 93 हुई

नई दिल्ली भारत में मातृ और शिशु मृत्य दर में वर्ष 2014 से 2021 के बीच बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य एवं परिवारण कल्याण मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2014-16 के दौरान जो मातृ मृत्यु दर प्रति एक लाख पर 130 थी वह 2021 में घटकर 93 रह गई है। इसी तरह शिशु मृत्यु दर में भी कमी आई है। 2014 में प्रति एक हजार शिशुओं में 39 की मौत होती थी जो अब घटकर 27 रह गई है। यह जानकारी भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) की ओर से जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) रिपोर्ट में दी गई। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह 2030 तक मातृ मृत्यु दर को 70 तक कम करने के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आठ राज्यों केरल (20), महाराष्ट्र (38), तेलंगाना (45), आंध्र प्रदेश (46), तमिलनाडु (49), झारखंड (51), गुजरात (53), और कर्नाटक (63) ने पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया है। इन राज्यों ने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और मातृ देखभाल सेवाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए हैं। नवजात मृत्यु दर में आई कमी नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 2014 में 26 से घटकर 2021 में 19 हो गई, जबकि पांच वर्ष से कम आयु की मृत्यु दर 45 से घटकर 31 हो गई। ये संकेतक भारत में नवजात और बच्चों की देखभाल में महत्वपूर्ण प्रगति के दर्शाते हैं। इसके अलावा, जन्म के समय लिंगानुपात 2014 में 899 से सुधरकर 2021 में 913 हो गया। यह लैंगिक संतुलन में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। कुल प्रजनन दर (टीएफआर) भी 2014 में 2.3 से घटकर 2021 में 2.0 पर स्थिर रही, जो जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में प्रगति को दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर भारत का बेहतर प्रदर्शन संयुक्त राष्ट्र मातृ मृत्यु अनुमान इंटर-एजेंसी समूह (यूएन-एमएमईआईजी) की 2000-2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का एमएमआर 2020 से 2023 तक 23 अंक कम हुआ। 1990 से 2023 तक भारत में एमएमआर में 86 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह कमी केवल 48 प्रतिशत थी। संयुक्त राष्ट्र शिशु मृत्यु अनुमान समूह (यूएन-आईजीएमई) की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने यू5एमआर में 78 प्रतिशत, एनएमआर में 70 प्रतिशत, और आईएमआर में 71 प्रतिशत की कमी दर्ज की, जो वैश्विक औसत से कहीं अधिक है। वहीं सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) के आंकड़ों के अनुसार, 2020 और 2021 में भारत की अतिरिक्त मृत्यु दर 9.3% रही। आयुष्मान भारत को क्रेडिट इस प्रगति का श्रेय सरकार की आयुष्मान भारत को दिया जा सकता है। यह विश्व का सबसे बड़ा स्वास्थ्य गारंटी कार्यक्रम है। इसके तहत प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक की वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया जाता है। मंत्रालय ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य इकाइयों, जैसे मातृ प्रतीक्षा गृह, मातृ-शिशु स्वास्थ्य विंग, ऑब्स्टेट्रिक हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू), और नवजात स्थिरीकरण इकाइयों (एनबीएसयू) की स्थापना पर ध्यान केंद्रित किया है। गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त संस्थागत प्रसव, सिजेरियन डिलीवरी, मुफ्त परिवहन, दवाएं, निदान, और पोषण सहायता सुनिश्चित की गई है। वहीं, नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 2014 में प्रति 1000 जन्मों पर 26 से घटकर 2021 में प्रति 1000 जन्मों पर 19 हो गई है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (यू5एमआर) 2014 में प्रति 1000 जन्मों पर 45 से घटकर 2021 में प्रति 1000 जन्मों पर 31 हो गई है। जन्म के समय लिंग अनुपात 2014 में 899 से सुधरकर 2021 में 913 हो गया है। कुल प्रजनन दर 2021 में 2.0 पर स्थिर है, जो 2014 में 2.3 से उल्लेखनीय सुधार है। एसआरएस 2021 रिपोर्ट के अनुसार, देश में केरल (20), महाराष्ट्र (38), तेलंगाना (45), आंध्र प्रदेश (46), तमिलनाडु (49), झारखंड (51), गुजरात (53), कर्नाटक (63)। राज्य पहले ही एमएमआर (2030 तक <=70) का एसडीजी लक्ष्य प्राप्त कर चुके हैं। वहीं, बारह (12) राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पहले ही यू5एमआर (2030 तक <=25) का एसडीजी लक्ष्य प्राप्त कर चुके हैं- केरल (8), दिल्ली (14), तमिलनाडु (14), जम्मू और कश्मीर (16), महाराष्ट्र (16), पश्चिम बंगाल (20), कर्नाटक (21), पंजाब (22), तेलंगाना (22), हिमाचल प्रदेश (23), आंध्र प्रदेश (24) और गुजरात (24)। इसके अलावा, 6 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पहले ही एनएमआर का एसडीजी लक्ष्य (वर्ष 2030 तक <=12) प्राप्त कर चुके हैं, जिसमें शामिल हैं -केरल (4), दिल्ली (8), तमिलनाडु (9), महाराष्ट्र (11), जम्मू और कश्मीर (12) और हिमाचल प्रदेश (12)। दरअसल, सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं को गरिमापूर्ण, सम्मानजनक और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी देने के लिए एकीकृत किया गया है। यह पूरी तरह से निःशुल्क है। इसमें देखभाल से इनकार करने के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है। वहीं, आयुष्मान भारत विश्‍व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य आश्वासन पहल है जो प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है, जिससे वित्तीय सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित होती है। केंद्रित सहयोग यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक गर्भवती महिला को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में निःशुल्क परिवहन, दवा, निदान और पोषण सहायता के साथ-साथ सीजेरियन सेक्शन सहित नि:शुल्क संस्थागत प्रसव का अधिकार हो। समावेशी और न्यायसंगत पहुँच सुनिश्चित करने के लिए, मंत्रालय ने मातृत्व प्रतीक्षा गृह, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग, प्रसूति उच्च निर्भरता इकाइयाँ (एचडीयू)/गहन देखभाल इकाइयाँ (आईसीयू) नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाइयाँ (एनबीएसयू), बीमार नवजात शिशु देखभाल इकाइयाँ (एसएनसीयू), माँ-नवजात शिशु देखभाल इकाइयाँ, और जन्म दोषों की जाँच के लिए समर्पित कार्यक्रम स्थापित करके स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूत किया है। वहीं, समय से पहले प्रसव के लिए प्रसवपूर्व कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स की व्यवस्‍था, निरंतर सकारात्मक वायुमार्ग दबाव (सीपीएपी) का उपयोग, और सुनने और दृष्टि की जांच के लिए संरचित अनुवर्ती जैसी प्रमुख नैदानिक ​​व्‍यवस्‍थाएं नवजात शिशु के जीवित रहने के परिणामों में सुधार करने में योगदान करती हैं। इन उपायों से सालाना लगभग 300 लाख सुरक्षित गर्भधारण और 260 लाख स्वस्थ जीवित जन्म होते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय … Read more

तनाव के बीच भारत ने चीन पर कंसा शिकंजा, 5 साल के लिए सोलर ग्लास पर लगाई एंटी-डंपिंग ड्यूटी

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव (India-Pakistan Tension) कम हो गया है और सीमा पर सीजफायर लागू है. एक ओर जहां अमेरिका की ओर से Indo-PAK Ceasefire का ऐलान बीते शनिवार को किया गया था, तो उसी दिन चीन पाकिस्तान को उकसाते हुए नजर आया था. अब सीजफायर के बाद भारत ने China को तगड़ा झटका दिया है, जिसका असर 5 साल तक ड्रैगन पर देखने को मिलेगा. आइए जानते हैं भारत सरकार ने ऐसा क्या फैसला लिया है? 5 साल के लिए लगाई एंटी डंपिंग ड्यूटी   India-Pakistan के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद भारत सरकार ने चीन को निशाने पर लिया है और उस पर नया टैरिफ बम फोड़ा है. जी हां, चीन से आयातित टाइटेनियम डाइऑक्साइड (Titanium Dioxide) पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगा दी है और ये अगले पांच साल के लिए लगाई गई है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने 460 डॉलर-681 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के बीच एंटी डंपिंग ड्यूटी को नोटिफाई किया है. क्यों लिया भारत सरकार ने फैसला? अब सवाल कि भारत और पाकिस्तान सीमा पर तनाव के बाद सीजफायर और चीन का पाकिस्तान को उकसाने के बीच भारत सरकार (Indian Govt) ने आखिर ड्रैगन को लेकर ये फैसला क्यों लिया. तो बता दें कि भारत के डीजीटीआर (DGTR) यानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज ने ये पाया कि चीन बहुत कम कीमतों पर टाइटेनियम डाइऑक्साइड देश में डंप कर रहा है, जिससे घरेलू उद्योग को नुकसान हो रहा है और इसीके मद्देनजर ये एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला लिया गया है. इन सेक्टर्स पर दिखेगा असर यहां बता दें कि टाइटेनियम डाइऑक्साइड (Titanium Dioxide) का इस्तेमाल तमाम सेक्टर्स में किया जाता है. इनमें पेंट, प्लास्टिक, कागज, खाद्य उद्योग शामिल हैं. ऐसे में इनसे जुड़ी भारतीय कंपनियों पर सरकार के इस फैसले का असर देखने को मिलेगा. खासतौर पर पेंट्स कारोबार से जुड़ी भारतीय कंपनियों Asian Paints, Berger Paints, Shalimar Paints समेत अन्य आने वाले दिनों में फोकस में रहेंगी. US के साथ China की बनी बात! उधर दूसरी ओर ग्लोबल ट्रेड वॉर का मुद्दा बने अमेरिका और चीन के बीच तनाव कम होने के संकेत मिले हैं. दरअसर, US-China ट्रेड डेफिसिट को कम करने को  लेकर जेनेवा में डील फाइनल हो गई है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, उन्होंने चीन के साथ दो दिवसीय बैठकों के बाद एक समझौता किया है, जिससे अमेरिका को अपना 1.2 ट्रिलियन डॉलर व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलेगी. हालांकि, ये खुलासा नहीं किया कि कैसे अमेरिका का ट्रेड डेफिसिट कम होगा और न ही उन्होंने टैरिफ कटौती पर स्पष्ट ऐलान नहीं किया है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 40

उत्तराखंड में फिर लौटे टूरिस्ट, नैनीताल-मसूरी में भीड़-होटल फुल; ट्रैफिक डायवर्ट

देहरादून  पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई थी। केदारनाथ-बदरीनाथ सहित उत्तराखंड के चारों धामों में भी भक्तजनों की संख्या में भी कमी देखी गई थी। लेकिन, भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने लगा है। यूपी के सहारनपुर, मुरादाबाद, मेरठ, मुज्जफरनगर, बिजनौर सहित दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा सहित अन्य पड़ोसी राज्यों से पर्यटक भारी संख्या में उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। उत्तराखंड में नैनीताल, हल्द्वानी, मसूरी, हरिद्वार, ऋषिकेश आदि टूरिस्ट स्पॉटों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने लगा है। नैनीताल, मसूरी, हरिद्वार और आसपास क्षेत्रों के पर्यटन कारोबार को राहत मिलने की उम्मीद है। टूरिस्ट स्पॉटों में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिली। नैनीताल जू, हिमालयन बॉटनिकल गार्डन, वुडलैंड वाटरफॉल, जीरो प्वाइंट, माल रोड में पर्यटक दिनभर चहलकदमी करते दिखाई दिए। नौकायन का लुत्फ लेने को भी भीड़ उमड़ी। अप्रैल तीसरे सप्ताह से नैनीताल की ओर पर्यटकों का आना कम होने लगा था। मई की शुरुआत में शहर में घटना के बाद होटल, होम स्टे करीब खाली हो गए थे। हालांकि, रविवार को पर्यटकों की संख्या बढ़ने से व्यापारियों ने राहत की सांस ली। सुबह से नौकायन को अच्छी भीड़ रही। जू में दिनभर में 876, बॉटनिकल गार्डन में 300 , वाटरफॉल में 877 पर्यटक आए। वहीं मेट्रोपोल पार्किंग में पर्यटकों के 180 और डीएसए पार्किंग में 270 वाहन पार्क हुए। पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। पर्यटकों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्ट बुद्ध पूर्णिमा स्नान को लेकर पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह से तैयार है। पर्यटकों की भीड़ और हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं सहित चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी बनाया गया है। भारी वाहनों को हाईवे पर नारसेन बॉर्डर पर रोका जा रहा है। हरिद्वार में पार्किंग पूरी तरह से फुल है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर ट्रैफिक भी डायवर्ट किया नेशनल हाईवे सहित शहर की सड़कों पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जा रही है। सोमवार सुबह से ही हरिद्वार की हरकी पैड़ी सहित अन्य गंगा घाटों में आस्था की डुबकी लगाने के लिए तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली है। होटल पूरी तरह पैक-पार्किंग भी फुल उत्तराखंड के कई पर्यटन स्थलों में एडवांस बुकिंग होने शुरू हो गई है। नैनीताल, मसूरी, हरिद्वार आदि शहरों में होटल पूरी तरह से पैक हैं। इसी के साथ ही पार्किंग भी फुल हो गए हैं। टूरिस्टों की भारी भीड़ को देखते हुए होटल कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। चारधाम यात्रा रूट सहित पर्यटन स्थलों में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। 24 घंटे में 16 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध शक्ति पीठों में से एक मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब निरंतर उमड़ रहा है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बीते 24 घंटों में 16,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। श्रद्धालु रेल, बस और निजी वाहनों के माध्यम से टनकपुर पहुंच रहे हैं, जिस कारण ककराली गेट से लेकर मुख्य मंदिर तक लगातार भक्तों की आवाजाही बनी हुई है। मंदिर मार्ग भक्ति, श्रद्धा और आस्था के अद्भुत वातावरण से गुंजायमान है। एसडीएम आकाश जोशी ने बताया कि प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सुरक्षाकर्मी, सीसीटीवी निगरानी, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, स्वच्छ पेयजल, विश्राम स्थल, शौचालय, महिला सहायता केंद्र, साफ-सफाई इत्यादि सहित सम्पूर्ण मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस फोर्स की ओर से मंदिर मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को सतर्कता के साथ लागू किया गया है। भीड़ नियंत्रण, मार्गदर्शन एवं सहायता सेवाओं को पूरी मुस्तैदी से संचालित किया जा रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 42

सीएम साय बोले – टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की यात्रा वैश्विक खेल जगत के लिए एक स्वर्णिम अध्याय रही

रायपुर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज़ विराट कोहली द्वारा टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद देशभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी विराट कोहली के क्रिकेट करियर को ‘एक स्वर्णिम अध्याय’ बताया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विराट कोहली को अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर टैग करते हुए लिखा, देश के गौरव, क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज़ विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है। टेस्ट क्रिकेट में उनकी यह यात्रा न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए बल्कि वैश्विक खेल जगत के लिए एक स्वर्णिम अध्याय रही है। उन्होंने देश के लिए अनेक महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं और भारत को जीत दिलाई है एवं अपने करोड़ों प्रशंसकों को गौरव की अनुभूति कराई है। टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान सदैव भारतीय क्रिकेट और युवाओं की प्रेरणा के रूप में स्मरणीय रहेगा।     गौरतलब है कि हाल ही में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। रोहित के संन्यास लेने के 5 दिन बाद विराट कोहली ने भी क्रिकेट के सबसे पुराने फॉर्मेट से विदाई ले ली है। इस तरह स्टार बल्लेबाज़ के 14 साल के लंबे युग का अंत हो गया है। 269 विराट की टेस्ट कैप का नंबर है। भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं कोहली विराट कोहली ने 20 जून 2011 को भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था और आखिरी मुकाबला उन्होंने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में खेला, जो सिडनी में 3 जनवरी 2025 से खेला गया था। अपने 14 साल के टेस्ट करियर के दौरान उन्होंने 123 टेस्ट मैचों की 210 पारियों में 46.85 के औसत से 9230 रन बनाए। इसमें सात दोहरे शतक समेत कुल 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। 13 बार वे इस फॉर्मेट में नाबाद रहे। 1027 चौके और 30 छक्के उन्होंने अपने टेस्ट करियर में जड़े। विराट कोहली 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के नियमित टेस्ट कप्तान घोषित किए गए थे। तब महेंद्र सिंह धोनी ने बीच दौरे पर टेस्ट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। इसके बाद कोहली साल 2022 तक टेस्ट में भारत की कप्तानी करते रहे। साल 2022 की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के दौरे के बाद कोहली ने टेस्ट की कप्तानी छोड़ दी थी। कोहली टेस्ट क्रिकेट में सबसे सफल भारतीय कप्तान रहे। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 68 मैचों में 40 जीत दर्ज की और 17 में हार का सामना किया। टीम ने इस दौरान 11 मैच ड्रॉ भी खेले। विराट की जीत का प्रतिशत 58.82 रहा, जो पूर्व कप्तानों सौरव गांगुली, एमएस धोनी और मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे दिग्गजों से ज्यादा है। कोहली की कप्तानी में भारत ने सबसे ज़्यादा समय तक टेस्ट में नंबर एक टीम रहने का रिकॉर्ड बनाया। साथ ही टीम ने विदेशी ज़मीन पर कई इतिहास रचे। कोहली T20I से पहले ही रिटायरमेंट ले चुके हैं। उन्होंने पिछले साल T20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतने के साथ ही T20 इंटरनेशनल फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। विराट अब रोहित के साथ सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते नजर आएंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 33

ABCDEFG थैंक्यू थैंक्यू सीएम जी, सहायक शिक्षकों के समायोजन किए जानें पर निकाली आभार रैली

रायपुर साय कैबिनेट की 30 अप्रैल को हुई बैठक में बर्खास्त 2,621 बी.एड. डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों को बड़ी राहत दी गई. सभी सहायक शिक्षकों के समायोजन किए जानें का फैसला लिया गया. राज्य सरकार द्वारा सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला विज्ञान) के पद पर समायोजन किए जाने के निर्णय को लेकर आज रायपुर में हजारों की संख्या में शिक्षकों ने आभार रैली निकाली. इस दौरान शिक्षकों ने ‘ABCDEFG थैंक्यू थैंक्यू सीएम जी’ नारे लगाए. राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम से लेकर सुभाष स्टेडियम तक यह रैली निकाली गई. इस आभार रैली में प्रदेश के कोने-कोने से सहायक शिक्षक शामिल होने के लिए पहुंचे. शिक्षकों ने समायोजन के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया, साथ ही समायोजन प्रक्रिया को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने की मांग भी दोहराई. रैली में उमड़े अभूतपूर्व जनसैलाब ने यह साफ कर दिया कि प्रदेश के बी.एड. प्रशिक्षित शिक्षक सरकार के साथ सहयोग करने को पूरी तरह तैयार हैं. वे न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि इसकी मजबूती में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दोहरा रहे हैं. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 27

विदेश सचिव की ट्रोलिंग भड़के अखिलेश यादव बोले – निर्णय तो सरकार का होता है, किसी अधिकारी का नहीं

लखनऊ भारत-पाक के बीच सीजफायर ऐलान के बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है. जिसे लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी आलोचना की है. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा- निर्णय तो सरकार का होता है, किसी अधिकारी का नहीं. ये बेहद संवेदनशील, निंदनीय, शर्मनाक, आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि देश के एक बहुत बड़े अधिकारी और उसके परिवार के खिलाफ कुछ असामाजिक-आपराधिक तत्व सरेआम अपशब्दों की सारी सीमाएं तोड़ रहे हैं. लेकिन उनके मान-सम्मान की रक्षा के लिए न तो भाजपा सरकार, न ही उनका कोई मंत्री सामने आकर ऐसी अवांछित पोस्ट करनेवालों के खिलाफ किसी कार्रवाई की बात कर रहा है. अखिलेश यादव ने लिखा- ऐसी पोस्ट और बयानों से, दिन-रात एक करके देश के लिए समर्पित रहनेवाले सत्यनिष्ठ अधिकारियों का मनोबल टूटता है. कहीं ऐसा तो नहीं कि भाजपा सरकार अपनी नाकामी और नाकामयाबी के लिए किसी और की ओर ध्यान भटकाकर खुद को बचना चाह रही हो. भाजपा सरकार से हमारी खुली मांग है कि इन सबकी तुरंत गहरी जांच हो और इनके सोशल मीडिया एकाउंट्स और बैंक खाते से लेकर ई-पेमेंट के सभी एकाउंट्स का पूरा ब्यौरा निकाला जाए. आज ही, तुरंत, तत्काल अभी ही ईडी, सीबीआई, साइबर सिक्योरिटी व अन्य जांच एजेंसियों को असली काम पर लगाया जाए और पता किया जाए कि इनके पीछे कौन सी ताकतें काम कर रही हैं और ये राष्ट्र विरोधी लोग किस विदेशी ताकतों से पैसा लेकर देश में अमन-चैन-शांति को भंग करना चाहते हैं. सपा प्रमुख ने लिखा- जो भाजपा सरकार बात-बात पर देश की सुरक्षा की आशंका के नाम पर प्रतिष्ठित यू ट्यूब चैनल्स को बंद कर देती है, वो ऐसे लोगों के बारे में चुप क्यों है? अगर ये सब भाजपा की रजामंदी से नहीं हो रहा है तो ये और भी गंभीर मसला है और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अत्यंत खतरनाक बात भी है. क्योंकि ऐसे तत्व देश के अंदर बैठे हैं और भाजपा सरकार उनका कुछ भी नहीं बिगाड़ पा रही है. ये वही लोग हैं, जो किसी के भी खिलाफ सरेआम जहरीली बातें लिखते हैं, लेकिन उनका बाल भी बांका नहीं होता. चंद पैसों के लिए बिक जानेवाले ये लोग किसी के भी सगे नहीं हो सकते हैं. ऐसे लोगों को रोकने के लिए भाजपा सरकार ने अगर 24 घंटे में कोई कदम नहीं उठाया तो देश की जनता को ये समझते देर नहीं लगेगी कि ये किसके लोग हैं, किसके लिए काम करते हैं, कौन उन्हें बचा रहा है और क्यों. भाजपा की चुप्पी उसकी संलिप्तता मानी जाएगी. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35

आईफोन की बैटरी को लम्बे समय तक इन तरीकों से बढाएं

एप्पल यूं तो अपनी डिवाइसेज में पहले से ही अच्छी बैटरी लाइफ देती है चाहे फिर वह आईफोन, आईपैड, मैक, एप्पल वाच या अन्य कोई डिवाइस हो। फिर भी बीते समय एप्पल पर अपने आई-फोन मॉडल्स में जल्दी लाइफ खोने वाली बैटरी का इस्तेमाल कर फोन को स्लो करने के आरोप लगे थे। इसके लिए कंपनी ने 113 मिलियन डॉलर (लगभग 819 करोड़ रुपये) केवल अपने 'बैटरी गेट' केस को सुलझाने में अदा किए थे। जबकि एप्पल का कहना है कि यह केवल इसलिए किया गया था कि लम्बे समय तक बैटरी की क्षमता बरकरार रहे। उसके बाद से ही कंपनी ने यूजर्स के लिए बैटरी और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट जैसे फीचर्स भी अपने मॉडल्स में देना शुरू कर दिए। इन फीचर्स में कुछ सामान्य प्रयास जो कि एप्पल अपनी ओर से यूजर्स को प्रयोग करने की सिफारिश करता है वे हैं- लेटेस्ट सॉफ्टवेयर को अपडेट रखना, उच्च परिवेश तापमान से बचाव रखना, चार्जिंग के समय कुछ केस को डिवाइस से अलग कर देना और जब लम्बे समय तक डिवाइस को स्टोर करना हो तो उसे आधी चार्ज हुई अवस्था में ही स्टोर करके रखना। एप्पल ने अपनी वेबसाइट पर एक पेज भी इसके लिए बनाया है जिसमें बैटरी लाइफ को बढ़ाने और आईफोन की लाइफ ज्यादा से ज्यादा बनाए रखने के कुछ टिप्स दिए गए हैं। इनमें से सबसे प्रथम स्टेप है डिवाइस को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर से अपडेट रखा जाए।   हाउ तो अपडेट आईफोन -अपने आईफोन की सेटिंग्स में जाएं। -यहां पर जनरल पर टैप करें। -उसके बाद सॉफ्टवेर अपडेट पर टैप करें। यहां पर आपको उपलब्ध अपेडट दिखाई देता है। यदि आपको अपडेट यहां पर उपलब्ध दिखाई दे जाता है तो इस पर टैप करें और आपका आईफोन अपडेट होना शुरू हो जाएगा। इसके लिए यह सुनिश्चित कर लें कि फोन में पर्याप्त बैटरी हो। वैकल्पिक तौर पर आप अपने आईफोन को कम्प्यूटर से कनेक्ट करके इसे लेटेस्ट आईट्यून्स वर्जन से अपडेट कर सकते हैं। बैटरी लाइफ को स्क्रीन की ब्राइटनेस एडजस्ट करके भी बढाया जा सकता है। जहां तक संभव हो सके वाइ-फाई कनेक्शन का प्रयोग करें। इससे बैटरी अधिक समय तक चल पाती है। आप आईफोन स्क्रीन की ब्राइटनेस डिम भी कर सकते हैं या फिर ऑटो-ब्राइटनेस को टर्न-ऑन कर सकते हैं।   How to Dim display brightness, Turn on auto brightness -इसके लिए Control Centre को ओपन करें। -ब्राइटनेस स्लाइडर को बिल्कुल नीचे तक ड्रैग करके ले आएं। -ऑटो ब्राइटनेस को एक्टिवेट करने के लिए Settings में जाएँ। -यहां पर General पर टैप करें। -इसके बाद Accessibility पर टैप करें। -अब Display Accommodations पर टैप करें। -यहां पर Auto-Brightness को On पर सेट कर दें। How to Enable Low Power Mode आईफोन यूजर बैटरी कम होने की स्थिति में लो-पावर मोड को भी सक्रिय कर सकते हैं। जब हैंडसेट की बैटरी 20 प्रतिशत या उससे कम पर आती है तो आपको एक नोटिफिकेशन प्राप्त होती है। यहीं से आप एक सिंगल टैप के द्वारा ही Low Power Mode को टर्न ऑन कर सकते हैं।   How to manually turn on Low Power Mode: -सबसे पहले Settings में जाएँ। -स्क्रॉल डाउन करके Battery पर टैप करें। -अब Low Power Mode पर जाएं और On पर सेट कर दें। आईफोन बैटरी की खपत को जांचने के लिए यूजर्स बैटरी सेटिंग्स में जाकर चेक सकते हैं। बैटरी की खपत को कम करने के लिए यूजर्स Background App Refresh और location services को टर्न-ऑफ कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स देखें-   How to Prevent apps from refreshing in the background     सबसे पहले Settings में जाएं।     अब General पर टैप करें।     इसके बाद Background App Refresh पर टैप करें।     यहां पर Off को सिलेक्ट करें और Background App Refresh अब पूर्ण रूप से रुक जाएगा।   How to Turn off location services for apps     सबसे पहले Settings में जाएं।     अब Privacy पर टैप करें।     उसके बाद Location Services पर टैप करें। यहां पर आपको उन ऐप्स की जानकारी मिलेगी जो कि लोकेशन सर्विसेज का प्रयोग कर रही हैं। यहां से ऐप की लोकेशन सर्विस को टर्न-ऑफ करने का ऑप्शन मिल जाता है। जिसके बाद फोन की बैटरी लम्बे समय तक चल पाती है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 46