Thursday, July 9, 2026 9:39 pm

सोनू निगम ने एफआईआर रद्द करने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया, सुनवाई की तारीख तय

बेंगलुरु,  'कर्नाटक भाषा विवाद' को लेकर मुसीबत में फंसे गायक सोनू निगम ने दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई 15 मई को होगी। एफआईआर बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान कन्नड़ गाने की मांग को लेकर गुस्से में आए निगम के पहलगाम आतंकी हमले से जोड़ने वाले उनके कमेंट से संबंधित है। न्यायमूर्ति शिवशंकर अमरन्नावर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को सोनू निगम की याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई की तारीख 15 मई तय की। कर्नाटक पुलिस ने 22 अप्रैल को एक कार्यक्रम के दौरान निगम की टिप्पणियों पर विवाद के बाद 3 मई को एफआईआर दर्ज की थी। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), 352 (सार्वजनिक उपद्रव भड़काने वाले बयान) और 352(1) (शांति भंग करने या किसी अन्य अपराध को भड़काने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर कर्नाटक रक्षण वैदिके के बेंगलुरु सिटी जिला इकाई के अध्यक्ष धर्मराज ए. ने दर्ज करवाई है। बेंगलुरु के वीरगोनगर में सोनू निगम का एक शो आयोजित था, जिसमें परफॉर्मेंस के दौरान एक युवक ने उनसे कन्नड़ में गाने की मांग की, जिसके बाद बहस शुरू हो गई थी। सोनू ने कहा था, "कन्नड़, कन्नड़, कन्नड़ इसलिए पहलगाम में हमला हुआ। वहां पर जान ले रहे थे तब भाषा नहीं पूछी गई थी।" उनकी इस टिप्पणी को लेकर जमकर हो-हल्ला मचा और जबरदस्त विरोध देखने को मिला। इस विवाद के बाद सोनू निगम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर किया और माफी मांगते हुए बताया कि वह हमेशा से कर्नाटक की भाषा, संस्कृति, संगीत, कलाकारों का सम्मान करते आए हैं। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग शोर मचाने के साथ ही धमकी दे रहे थे। पोस्ट के अंत में सोनू ने कर्नाटक के लोगों पर यह फैसला छोड़ दिया कि गलती किसकी है। recent visitors 36

भारत ने साफ किया, संघर्षविराम को लेकर हुई चर्चाओं में व्यापार या दबाव जैसी कोई बात नहीं हुई, ट्रंप का दावा किया खारिज

वाशिंगटन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सीजफायर की कहानी में  व्यापार धमकी का मसाला डालते हुए दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम (Ceasefire) कराने के लिए अमेरिका ने दोनों देशों को व्यापार रोकने की धमकी  दी थी। ट्रंप के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज  कर दिया है।भारत ने साफ किया है कि संघर्षविराम को लेकर हुई चर्चाओं में व्यापार या दबाव जैसी कोई बात नहीं हुई थी। भारत के अनुसार, यह निर्णय दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत  का नतीजा था। क्या कहा था डोनाल्ड ट्रंप ने? व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि  “हमने भारत और पाकिस्तान से कहा कि अगर उन्होंने लड़ाई नहीं रोकी, तो अमेरिका उनके साथ व्यापार नहीं करेगा। जैसे ही यह बात कही, दोनों देश रुक गए।” उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका की इस ‘सख्त चेतावनी’ ने  परमाणु युद्ध  को टाल दिया।“यह एक परमाणु युद्ध में बदल सकता था, जिससे लाखों लोग मारे जाते। हमने इसे रोक दिया।” भारत का जवाब   सरकारी सूत्रों ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति  जे. डी. वेंस  ने 9 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 8 और 10 मई को विदेश मंत्री  एस. जयशंकर और 10 मई को एनएसए अजीत डोभाल से बात की।सूत्रों के अनुसार, इन सभी बातचीतों में कहीं भी व्यापार रोकने या दबाव बनाने की कोई चर्चा नहीं हुई ।  कैसे हुआ सीजफायर का फैसला? भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की जानकारी सबसे पहले ट्रंप ने सार्वजनिक की थी। इसके बाद पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने भी पुष्टि की।इसके बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री  ने कहा कि यह फैसला दोनों देशों के DGMO स्तर की बातचीत के बाद हुआ। पाकिस्तान की ओर से पहल की गई थी, जिसके बाद आपसी सहमति से संघर्षविराम लागू किया गया। प्रधानमंत्री मोदी का बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश को संबोधित करते हुए बताया कि भारत ने आतंकवाद और पाकिस्तान के कायराना हमलों का पूरी ताकत से जवाब दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  तनाव कम करने की अपील  की।मोदी ने बताया कि 10 मई को पाकिस्तान ने भारत के DGMO से संपर्क कर संघर्षविराम पर चर्चा शुरू की।  ट्रंप के बयान भले ही चर्चा में हों, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि  सीजफायर किसी बाहरी दबाव का नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिति और सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय था। recent visitors 34

मोटिवेशन: खपत और बचत के बीच बनाये रखें संतुलन

उदारीकरण के मौजूदा दौर में सरकारी क्षेत्र में नौकरी के अवसर कम होते जा रहे हैं. दूसरी ओर निजी एवं कारपोरेट क्षेत्र में नौकरी के मौके में बढ़ोतरी देखी जा रही है. नौकरी के स्वरुप आदि में भी अनेक बदलाव दिखाई पड़ते रहे हैं. सरकारी नौकरी में प्रचलित वेतन के स्थान पर अब निजी एवं कारपोरेट क्षेत्र में पैकेज या सी टी सी जैसी शब्दावली का चलन बढ़ गया है. जैसा कि हम जानते रहे हैं, वेतन का सरल व सीधा अर्थ होता है महीने के अंत में हाथ में मिलने वाली राशि. लिहाजा उस राशि से महीने भर की सारी जरूरतें पूरी करनी की अपेक्षा होती है और साथ में भविष्य के लिए कुछ बचत की भी. सामान्यतः बचत के लिए आम नौकरीपेशा आदमी गुल्लक से लेकर डाकघर या बैंक में बचत या मियादी जमा खाते का सहारा लेता रहा है. कुछ लोग बेशक सोने -चांदी खरीद कर बचत को अंजाम देते रहे हैं. जीवन बीमा को भी जोखिम प्रबंधन के साथ दृसाथ बचत का एक बेहतर जरिया माना जाता रहा है. बहरहाल, पैकेज और सी टी सी के इस जमाने में कहने को तो बहुत कमाने का एहसास होता है, परन्तु महीने के अंत में खाते में बैलेंस देखकर निराशा होती है. दिलचस्प बात तो यह भी है कि इसके बावजूद आज हमें चिंता नहीं सताती, क्यों कि हमें आजकल चार्वाक के सिद्धांत, ऋण लो और घी पीओ को घुट्टी में पिलाने की हर संभव संस्थागत कोशिशें होती हैं, जिसमें क्रेडिट कार्ड, ओवर ड्राफ्ट जैसी लुभावने व आसान, पर वास्तव में काफी मंहगी सुविधाएं शामिल हैं. ऐसे में कमाने की एक सीमा होने के बावजूद खर्च करने की सीमा उससे आगे चली जाती है. गौरतलब बात है कि जब हम अपने कमाए हुए पैसे को कैश (नकद) के रूप में खर्च करने जाते हैं तो मनोवैज्ञानिक दवाब के तहत हम सोचने लगते हैं कि खरीदे जाने वाली चीज की हमें आवश्यकता है भी कि नहीं, या हम यूं ही बिना वजह उसे खरीद रहे हैं. लेकिन अगर कैश के बजाय क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए सामान खरीदने की बात हो, तो फिर कहने ही क्या ? ज्ञातव्य है कि निम्न या मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बचत अनायास शायद ही हो पाता है. इसके लिए तो सोच दृविचार कर निर्णय लेना पड़ता है और लेना चाहिए भी. कहते है न, लक्ष्मी चंचल होती है. ऐसे भी, हमारे पॉकेट में रखा सौ रुपया अपने आप एक सौ दस रूपये होने से रहे, लेकिन इसके उलट शाम तक जरुरत दृ बेजरूरत खर्च हो कर सौ से कम होने की संभावना प्रबल रहती है. दरअसल, बचत के मुख्यतः तीन सिद्धांत प्रचलन में है . एक जिसे अधिकांश लोग अपनाते हैं और वह है, कुल मासिक कमाई से 30 दिनों में होने वाले खर्चे के बाद जो राशि बची रहे, उसे बचत के लिए रखा जाय. दूसरा यह कि महीने में सभी आवश्यक चीजों पर होने वाले अनुमानित औसत खर्च के लिए राशि अलग रख कर बची हुई राशि को वेतन मिलते ही बचत के मद में रख दें या फिर तीसरा तरीका जैसा प्रसिद्ध इन्वेस्टमेंट गुरु वारेन बफेट कहते हैं वह यह कि बचत की राशि निर्धारित कर अलग रख लें, फिर बची राशि से महीने भर खर्च करें. कुछ भी करें-कहें, पैसे की फिजूलखर्च से बचने और उसकी बचत के एकाधिक फायदे तो हैं ही, व्यक्ति, समाज और देश – सबके लिए.     recent visitors 48

मार्केट कैप में कहीं नहीं टिकता पड़ोसी देश, पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर

नई दिल्ली बीते कुछ दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की वजह से दोनों देश के स्टॉक एक्सचेंज उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरे हैं। इस दौरान भारत के मुकाबले पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर हो गई थी। हालात ये हो गए कि पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग कुछ देर के लिए बंद करनी पड़ी। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की ऐतिहासिक गिरावट की वजह से मार्केट कैपिटल भी गिर गया। स्थिति ये है कि भारत की कई बड़ी कंपनियों का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। किस कंपनी का कितना मार्केट कैपिटल अकेले मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कुल कैपिटल से कई गुना अधिक है। सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत 1415 रुपये के स्तर पर थी। वहीं, मार्केट कैपिटल करीब 19.17 लाख करोड़ रुपये पर है। एचडीएफसी बैंक के शेयर की कीमत 1923.10 रुपये पर है। वहीं, मार्केट कैपिटल 14.75 लाख करोड़ रुपये है। टाटा की कंपनी टीसीएस के शेयर मंगलवार को 3515 रुपये पर थे। वहीं, मार्केट कैपिटल 12.73 लाख करोड़ रुपये था। इसी तरह, एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैपिटल क्रमश: 10.38 लाख करोड़ रुपये और 10.20 लाख करोड़ रुपये है। ये सभी आंकड़े भारतीय रुपये में हैं। बता दें कि इंफोसिस समेत कई अन्य लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल भी पाकिस्तन स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का हाल भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद अब पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज रिकवरी मोड में है। बीते सोमवार को इस स्टॉक एक्सचेंज में करीब 9.5 प्रतिशत की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। मंगलवार को भी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा और एक्सचेंज ने 1.5 प्रतिशत की छलांग लगाई। मंगलवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज 1,18,700 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिटल बढ़कर ₹15 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये के पार पहुंच गया है। बता दें कि 1 पाकिस्तानी रुपये भारत के 0.30 पैसे के बराबर हैं। इस आधार पर देखें तो पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिट 4.55 लाख करोड़ भारतीय रुपये के करीब है। पिछले सप्ताह किस कंपनी का क्या हाल बीते सप्ताह मार्केट कैपिटल के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और आईटीसी का स्थान रहा। recent visitors 45

14 मई यानी बुधवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि, कल 11 बजे तक रहेगा अनुराधा नक्षत्र

14 मई यानी बुधवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है. द्वितीया तिथि आज देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. आज पूरा दिन, पूरी रात पार कर कल सुबह 7 बजकर 2 मिनट तक शिव योग रहेगा. साथ ही आज दोपहर पहले 11 बजकर 47 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा. इसके अलावा आज रात 12 बजकर 11 मिनट पर सूर्य वृष राशि में प्रवेश करेंगे. जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय. शुभ मुहूर्त ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि- 14 मई 2025 को देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. अनुराधा नक्षत्र- 14 मई को आज दोपहर पहले 11 बजकर 47 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र लग जाएगा. शिव योग-14 मई को पूरा दिन, पूरी रात पार कर कल सुबह 7 बजकर 2 मिनट तक. 14 मई 2025 ग्रह-गोचर- आज रात्रि के समय सूर्य और गुरु ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे. राहुकाल का समय दिल्ली- दोपहर 12:18 – 01:59 PM मुंबई- दोपहर 12:35 – 02:13 PM चंडीगढ़- दोपहर 12:19 – 02:02 PM लखनऊ- दोपहर 12:03 – 01:44 PM भोपाल- दोपहर 12:17 – 01:56 PM कोलकाता- दोपहर पहले 11:33 – 01:12 PM अहमदाबाद- दोपहर 12:36 – 02:15 PM चेन्नई- दोपहर 12:05 – 01:41 PM सूर्योदय और सूर्यास्त का समय सूर्योदय- सुबह 5:31 am सूर्यास्त- शाम 7:03 pm recent visitors 39

क्या आप जानते हैं, तरबूज के यह 5 फायदे

गर्मी के दिनों में ठंडा-ठंडा, मिठास से भरा तरबूज किसे पसंद नहीं होता। लेकिन यह केवल स्वाद में ही बेमिसाल नहीं है बल्कि सेहत के लिए भी बेहतरीन फल है। यकीन न हो, तो जरूर जानिए तरबूज के यह 5 अनमोल लाभ… -गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी से निपटने के लिए यह बढ़िया विकल्प है। तरबूज में पानी की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है जिसे खाने पर आपके शरीर में पानी की आपूर्ति होती है। -वजन कम करने के लिए रोजाना तरबूज का सेवन बेहतरीन विकल्प है। इसे खाने पर पेट भी जल्दी भरता है और शरीर में वसा का संग्रह भी नहीं होता। इतना ही नहीं, यह आपके शरीर को पोषण भी देता है। -तरबूज में विटामिन-ए और सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो आपकी प्रतिरोधक क्षमता में तो इजाफा करता ही है साथ ही आंखों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। -तरबूज का सेवन आपकी त्वचा में ताजगी और नमी बनाए रखने के साथ ही खूबसूरती को बढ़ाने में भी मददगार है। यह झुर्रियों से बचाने में भी कारगर है। तरबूज के टुकड़े को त्वचा पर रगड़ने पर त्वचा की बेहतर सफाई की जा सकती है। -तरबूज में मौजूद लाइकोपीन कैंसर कोशिकाओं को समाप्त कर इस गंभीर बीमारी से आपकी रक्षा करता है। तरबूज को काला नमक और काली मिर्च के साथ खाने पर अपचन की समस्या दूर होता है और पाचन तंत्र बेहतर कार्य करता है।   recent visitors 52

इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के अंतर्गत विभागीय समन्वय हेतु संयुक्त जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

अलीराजपुर  दिनांक 13 मई 2025 को पुलिस नियंत्रण कक्ष, जिला अलीराजपुर में इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (Inter-Operable Criminal Justice System – ICJS) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विभागीय समन्वय सुदृढ़ करने हेतु एक संयुक्त जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में माननीय न्यायालय, पुलिस विभाग, जिला लोक अभियोजन कार्यालय, जेल प्रशासन तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न आपराधिक प्रकरणों के निपटान हेतु डिजिटल प्रणाली को सशक्त बनाना, विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करना एवं ICJS के पांच प्रमुख स्तंभों–पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल एवं फॉरेंसिक प्रयोगशाला के मध्य सूचना के निर्बाध आदान-प्रदान की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं त्रुटिरहित बनाना था। संयुक्त वर्कशॉप मे सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर श्री राजेश व्यास द्वारा संयुक्‍त वर्कशॉप में उपस्थित हुये माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलीराजपुर श्री अनीष कुमार मिश्रा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री राजेन्द्र सेवतिया एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री ज्योत्सना आर्य का स्वागत किया। इसके पश्चात श्री व्यास द्वारा सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रणाली के अंतर्गत "इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS)  पोर्टल से संबंधित एक प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। इस प्रेजेंटेशन में निम्नलिखित सात मुख्य बिंदुओं पर विशेष जानकारी दी गई, जो निम्‍नानुसार है- Police to Court (e-Signed Chargesheet):चार्जशीट को डिजिटल रूप से तैयार कर न्यायालय को ई-साइन के माध्यम से भेजा जाना, जिससे समयबद्धता, प्रामाणिकता और कागज रहित प्रक्रिया सुनिश्चित हो। इसमें वर्तमान में तकनीकी सहयोग एवं प्रशिक्षण की निरंतर आवश्यकता है। एफएसएल रिपोर्ट की इलेक्ट्रॉनिक उपलब्धता:FSL रिपोर्ट अब CCTNS पर SHO एवं SP स्तर तक उपलब्ध होनें पर प्रकरण मे त्‍वरित कार्यवाही हो सकती है।   MedLeaPR (MLC रिपोर्ट का डिजिटल एकीकरण):CCTNS पोर्टल से MLC हेतु अनुरोध भेजे जा रहे हैं, किन्तु समस्त MLC रिपोर्ट अभी भी डिजिटल माध्यम से नहीं मिल पा रही हैं। यदि चिकित्सा संस्थानों के द्वारा MLC रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से भेजी जायेगी तो इससे भी प्रकरण में त्‍वरित निराकरण सुनिश्चित होगा। अभियोजन विभाग – E-Prosecution Portal:मसौदा चार्जशीट एवं विधिक राय अब ई-पोर्टल के माध्यम से भेजनें हेतु पुलिस विभाग के द्वारा अधिक से अधिक विवेचकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे भविष्‍य मे फिजिकल दस्तावेजों की निर्भरता कम की जा सके। Online Summon/Warrant (e-Court Integration):e-Court एवं CCTNS के माध्यम से समन/वारंट भेजनें व प्राप्‍त होनें पर समय/मानव संसाधन की बचत होगी, इस हेतु पुलिस विभाग के अधि/कर्म0 को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। E-Sakshya App (डिजिटल साक्ष्य एकत्रीकरण):यह ऐप जांच अधिकारियों को घटनास्थल से फोटो/वीडियो प्रमाण एकत्र कर डिजिटल रूप से सुरक्षित करने में सहायक है। इसके उपयोग में तकनीकी जानकारी, उपकरणों की कमी जैसी चुनौतियाँ सामने आई हैं परंतु इसमें भी अधिक से अधिक अनुसंधान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाकर कार्य किया जा रहा है। BAMS (जमानत पचिका मॉड्यूल) एवं उच्च न्यायालय से एकीकरण:उच्च न्यायालय द्वारा केस डायरी की मांग CCTNS माध्यम से की जाती है, एवं उत्तर भी डिजिटल रूप से भेजे जानें के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाकर दस्‍तावेजों को ऑनलाईन भेजनें हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। संयुक्त वर्कशॉप के समापन के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अनीष कुमार मिश्रा द्वारा संबोधन में कहा गया कि पुलिस अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, तकनीकी और त्रुटिरहित बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराया और सुझाव दिया कि समयबद्ध एवं तकनीकी-आधारित अनुसंधान से प्रकरणों में शीघ्र न्याय संभव है। साथही अनुसंधान के दौरान महिलाओं/बच्‍चीयों पर होनें वाले अपराधों में पीडिता की उम्र का निर्धारण निहित दस्‍तावेजों के आधार पर किये जानें हेतु पुलिस अधिकारियों को बताया। इस संयुक्त वर्कशॉप में पुलिस विभाग के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण, थाना प्रभारी, जिला अभियोजन अधिकारी, जेल विभाग, एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 31