अवैध तरीके से रह रहे 148 बांग्लादेशियों को किया गया डिपोर्ट

जोधपुर भारत सरकार अब अवैध रूप से देश में रह रहे विदेशियों के खिलाफ सख्त रवैया अपना रही है। इसी कड़ी में राजस्थान के जोधपुर से सोमवार को 148 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किए जाने की कार्रवाई शुरू की गई। ये सभी बांग्लादेशी नागरिक पहले अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर विभिन्न स्थानों पर रह रहे थे। राजस्थान पुलिस ने हाल ही में चलाए गए विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में अवैध प्रवासियों की पहचान की। इस दौरान कुल 1008 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया। इनमें से अकेले जयपुर रेंज से 761 और सीकर जिले से 394 अवैध बांग्लादेशी पकड़े गए। दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद पहले चरण में 148 नागरिकों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन बांग्लादेशी नागरिकों को सीकर पुलिस की निगरानी में जोधपुर लाया गया, जहां से उन्हें एयरफोर्स स्टेशन के जरिए पश्चिम बंगाल रवाना किया गया। वहां से इन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराकर उनके देश वापस भेजा जाएगा। सरकार की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि अब भारत अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में और भी अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें उनके मूल देशों में भेजा जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कई अवैध प्रवासी वर्षों से भारत में रह रहे थे और इन्होंने यहां के फर्जी दस्तावेज़ बनवाकर काम-धंधे शुरू कर दिए थे। कई बार ये लोग कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। डिपोर्ट किए गए बांग्लादेशी नागरिकों की सूची केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है और विदेश मंत्रालय के समन्वय से इनकी वापसी सुनिश्चित कराई जा रही है।   recent visitors 44

जेसी जॉर्ज मोदी ने कहा कि वो चुनाव लड़ सकती हैं, इस खुले इजहार से राजनीतिक गलियारों में मची खलबली

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिवंगत दिग्गज नेता सुशील कुमार मोदी की पत्नी जेसी जॉर्ज मोदी ने चुनाव लड़ने की इच्छा जता दी है। बिहार में पार्टी के संघर्ष से अच्छे दिनों तक अगुआ रहे सुशील मोदी की पत्नी के चुनाव लड़ने की ख्वाहिश के खुले इजहार से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। सुशील मोदी का पिछले साल 13 मई को निधन हो गया था। उनकी पहली पुण्यतिथि पर पटना में आयोजित समारोह के बाद पत्रकारों से जेसी जॉर्ज मोदी ने कहा कि वो चुनाव लड़ सकती हैं। पत्रकारों ने जब जेसी जॉर्ज मोदी से पूछा कि क्या वो राजनीति में आ सकती हैं, क्या वो चुनाव लड़ सकती हैं तो उन्होंने जवाब दिया- “मेरा भाषण नहीं सुने क्या स्टेज पर, बहुत गलत बात।” मीडिया ने फिर से पूछा कि क्या आप लड़ सकती हैं तो उन्होंने कहा- “हां लड़ सकती हूं।” फिर जेसी जॉर्ज मोदी ने कार में बैठते हुए कहा- “इतना अच्छा भाषण हमने दिया, भाषण नहीं सुने क्या।” समारोह में जेसी जॉर्ज मोदी ने नीतीश के साथ सुशील मोदी के रिश्तों को बहुत स्पेशल बताते हुए कहा कि जब दोनों अलग हो गए थे तो उनके पूछने पर मोदी ने रोते हुए कहा था कि नीतीश मेरे दोस्त हैं। सुशील मोदी देश के उन गिने-चुने राजनेताओं में शामिल हैं, जो संसद और विधानमंडल के दोनों सदनों में रहे। जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से राजनीति में आए सुशील मोदी चुनावी राजनीति में बिहार विधानसभा से आए। पटना सेंट्रल विधानसभा सीट से लगातार तीन बार जीतकर विपक्ष के नेता के पद तक पहुंचे सुशील मोदी 2004 में भागलपुर लोकसभा सीट से संसद पहुंचे। 2005 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में दूसरी बार सरकार बनी तो वो पटना लौटे और एनडीए सरकार के उपमुख्यमंत्री बने। तब से वो विधान परिषद सदस्य बनते रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा से अलग हो गए नीतीश कुमार के 2015 में लालू यादव से हाथ मिलाने के बाद बनी महागठबंधन सरकार को दो साल के अंदर गिराकर नीतीश को वापस एनडीए के साथ लाने का श्रेय सुशील मोदी को ही जाता है। 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद भी उन्हें फिर डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया और राज्यसभा सांसद बनाकर दिल्ली भेज दिया गया। नीतीश को मोदी की कमी लगातार खलती रही, जिसके कारण वो बीच में एक बार फिर अगस्त 2022 से जनवरी 2024 तक महागठबंधन के साथ चले गए थे। recent visitors 41

जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी, मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, फोन, लैपटॉप के दाम होंगे सस्ते!

नई दिल्ली भारत में अब वो दिन दूर नहीं जब भारतीय फोन और लैपटॉप अपने ही देश में सस्ते दामों पर खरीद सकते हैं। दरअसल, मोदी सरकार ने भारत की चिप बनाने की महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा दिया है। इसके मद्देनजर आज बुधवार को मोदी कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। 3,706 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह परियोजना एचसीएल और फॉक्सकॉन के बीच एक ज्वाइंट वेंचर होगी। बता दें कि जेवर प्लांट में उत्पादित चिप्स का उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी आदि में किया जाएगा। अन्य पांच सेमीकंडक्टर गुजरात और असम में अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि करीब 3706 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित होने वाली इस प्लांट में लगभग दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यह यूनिट एचसीएल और फोक्सकाॅन के सहयोग से स्थापित की जाएगी और इसमें डिस्प्ले ड्राइव का निर्माण किया जाएगा। इसकी कैपासिटी मंथली 3.6 करोड़ माइक्रो चिप्स की होगी। भारत में तेजी से बढ़ रहा सेमीकंडक्टर उद्योग सरकार ने कहा, "पहले से ही पांच सेमीकंडक्टर यूनिट निर्माण के एडवांस स्टेज में हैं। अब 6वीं यूनिट के साथ भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर उद्योग अब पूरे देश में आकार ले रहा है। देश भर के कई राज्यों में विश्व स्तरीय डिजाइन सुविधाएं आ गई हैं। राज्य सरकारें डिजाइन फर्मों से सख्ती से संपर्क कर रही हैं।" भारत में लैपटॉप, मोबाइल फोन, सर्वर, चिकित्सा उपकरण, बिजली इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के तेजी से विकास के साथ सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट भारत के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाएगी।   recent visitors 51

रोहित शर्मा और विराट कोहली की जगह, जेम्स एंडरसन का बड़ा दावा, क्या बोला इंग्लिश क्रिकेटर

लंदन भारत के दो महान क्रिकेटरों रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट से संन्यास ले लिया है। इस पर दुनिया भर के क्रिकेटर अपनी राय दे रहे हैं। इसी क्रम में इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का भी बयान सामने आया है। एंडरसन का मानना है कि भारत के पास बेखौफ और आक्रामक क्रिकेट खेलने वाले अगली पीढ़ी के क्रिकेटर हैं। इन क्रिकेटरों में इतनी क्षमता है कि वह विराट कोहली और रोहित शर्मा की जगह ले सकते हैं। यह भी बता दें कि इन दोनों का संन्यास ऐसे समय पर हुआ है, जब भारत को इंग्लैंड दौरे पर जाना है। 20 जून से शुरू होने वाले इस दौरे पर इंग्लैंड को पांच टेस्ट मैचों की सिरीज खेलनी है। यह टेस्ट सिरीज, नए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 की शुरुआत भी होगी। हफ्ते भर के अंतराल में संन्यास गौरतलब है कि सबसे पहले भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने संन्यास का ऐलान किया। इसके कुछ ही दिनों के बाद विराट कोहली ने भी क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट को टा-टा, बाय-बाय बोल दिया। इसके बाद ही भारत की टेस्ट टीम के भविष्य को लेकर तरह-तरह की चिंताएं जताई जा रही हैं। यह दोनों दिग्गज पिछले साल टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी-20 फॉर्मेट को भी अलविदा कह चुके हैं। इसके बाद यह दोनों दिग्गज वनडे क्रिकेट खेलते रहेंगे। आक्रामक और बेखौफ क्रिकेटर जेम्स एंडरसन ने ‘टॉकस्पोर्ट’ से कहा कि महान खिलाड़ी। कोहली टेस्ट क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक हैं। भारतीय टीम के पास अब एक नया कप्तान होगा और टीम में दो सबसे अनुभवी खिलाड़ी नहीं होंगे। एंडरसन ने कहाकि शर्मा के संन्यास के बाद एक नया कप्तान होगा। विराट और रोहित की जगह लेना मुश्किल है, लेकिन भारत के पास काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहाकि आप आईपीएल देखिए। अब आईपीएल से टेस्ट टीम में ऐसे क्रिकेटर आ रहे हैं जो आक्रामक हैं, बेखौफ क्रिकेट खेलते हैं।   recent visitors 34

भारत-पाकिस्तान: जबरन दोनों देशों के विवाद को सुलझाने के लिए सरपंच बनने की कोशिश कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण सबंध के बीच भारत के द्वारा बार-बार मना करने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जबरन मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं। जबरन दोनों देशों के विवाद को सुलझाने के लिए सरपंच बनने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने सऊदी अरब में एक संबोधन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष विराम को अपनी सरकार की शांति स्थापना की उपलब्धि करार दिया है। उन्होंने यहां तक कहा कि भारत और पाकिस्तान को एक साथ डिनर पर जाना चाहिए ताकि तनाव और कम हो सके। आपको यह भी बता दें कि भारत ने बार-बार कहा है कि पाकिस्तान से पीओके और आतंकवाद पर ही सिर्फ बात होगी। और किसी की मध्यस्थता हमें स्वीकार नहीं। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मौजूदगी में हुए यूएस-सऊदी इन्वेस्टमेंट फोरम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों के बीच संभावित परमाणु युद्ध को टालने में अहम भूमिका निभाई। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “कुछ ही दिन पहले मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच एक ऐतिहासिक संघर्ष विराम कराने में सफलता हासिल की। हमने इसमें व्यापार को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। मैंने कहा कि दोस्तों, आओ कुछ ट्रेड करो। न्यूक्लियर मिसाइल्स का नहीं, बल्कि उन चीजों का जो तुम खूबसूरती से बनाते हो।” उन्होंने आगे कहा, “दोनों ही देशों के पास बहुत ताकतवर और समझदार नेता हैं। और यह सब रुक गया। उम्मीद है ऐसा ही बना रहेगा।” भारत की तीखी प्रतिक्रिया- तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं भारत सरकार ने ट्रंप के इन बयानों को एक बार फिर सिरे से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पूरी तरह से दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMOs) के बीच आपसी बातचीत का परिणाम है। इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा किया है। इससे पहले भी वे कश्मीर मुद्दे पर इसी प्रकार की पेशकश कर चुके हैं, जिसे भारत ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था। अपने संबोधन में ट्रंप ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो की ओर मुड़कर कहा, “मुझे लगता है कि अब भारत-पाकिस्तान वास्तव में साथ में ठीक रह रहे हैं। शायद हम उन्हें थोड़ा और करीब ला सकें। क्यों न उन्हें साथ में डिनर पर भेजा जाए? कितना अच्छा होगा?” recent visitors 39

महानदी भवन में मुख्यमंत्री साय ने की कैबिनेट की बैठक, लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य के शासकीय विद्यालयों में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का संचालन करने का अहम निर्णय लिया गया। इस अभियान के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, पालक-शिक्षक सहभागिता बढ़ाने और शैक्षणिक उपलब्धियों को उन्नत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अभियान के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण कर गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। कमजोर शालाओं की नियमित मॉनीटरिंग विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। मॉडल शालाओं का चयन कर, कमजोर शालाओं के शिक्षकों को वहाँ शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। पालक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि के लिए कक्षा शिक्षण प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने साहित्य और कला के क्षेत्र में राज्य के अर्थाभावग्रस्त कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। विधानसभा बजट सत्र में की गई घोषणा के परिपालन में अब कलाकारों को दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके लिए संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालित वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 में संशोधन के प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। इससे उन कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, जो आजीविका के लिए संघर्षरत हैं। यह योजना वर्ष 1986 में प्रारंभ की गई थी, तब न्यूनतम सहायता राशि 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये निर्धारित थी। बाद में वर्ष 2007 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये और फिर 2012 में 2000 रुपये किया गया। लेकिन पिछले 12 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वर्तमान में राज्य में कुल 162 कलाकारों को यह पेंशन दी जा रही है। वर्तमान में हर कलाकार को सालाना 24 हजार रुपये पेंशन मिल रही है, जो संशोधन के बाद बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगी। इससे कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये से बढ़कर 97.20 लाख रुपये हो जाएगा, जिससे राज्य पर 58.32 लाख रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार आएगा। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति देने एवं भूमि आबंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से औद्योगिक क्षेत्रों, लैंड बैंक तथा अन्य भूमि खंडों के आबंटन की प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता आएगी, इससे औद्योगिक निवेशकों को भूमि आबंटन प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने व लाभ उठाने में सुविधा होगी। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है। इससे राज्य की औद्योगिक नीति और अधिक रोजगारपरक, व्यापक और उद्यमों के लिए लाभकारी हो जाएगी। प्रस्तावित संशोधन से राज्य में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे साथ ही आधुनिक खेती से लेकर खिलौना उद्योग तक को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को मिलेगा रोजगार – नई नीति के तहत जिन कंपनियों में छत्तीसगढ़ के लोगों को नौकरी मिलेगी, उन्हें सरकार की तरफ से अनुदान मिलेगा। हाइटेक खेती को बढ़ावा – अब हाइड्रोपोनिक और ऐयरोपोनिक जैसी आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को नई तकनीक, जैसे ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का फायदा मिलेगा। युवाओं के लिए ट्रेनिंग और खेल की सुविधाएं – राज्य में खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और करियर के अवसर मिलेंगे। गुणवत्ता पूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग और सर्विस सेंटर को सभी विकासखण्ड समूहों में मान्य किया जाएगा। पर्यटन और होटल व्यवसाय को बढ़ावा – बस्तर और सरगुजा संभाग में होटल और रिसॉर्ट बनाने के लिए निवेश की न्यूनतम सीमा घटा दी गई है, जिससे इन इलाकों में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। कपड़ा उद्योग को दोगुना प्रोत्साहन – टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश करने पर अब 200 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे काम करने वालों को भी फायदा मिलेगा। लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़ – अब राज्य के हर हिस्से में माल ढुलाई और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई लॉजिस्टिक नीति लाई जाएगी। इससे व्यापारियों को फायदा होगा और बाजारों तक पहुंच आसान होगी। दिव्यांगजनों को विशेष लाभ – दिव्यांगजनों की परिभाषा को नया रूप दिया गया है ताकि उन्हें ज्यादा योजनाओं का लाभ मिल सके। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को विशेष पैकेज, निजी औद्योगिक पार्क के लिए अधोसंरचना अनुदान में बढ़ोत्तरी तथा प्लग एंड प्ले फैक्ट्री निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में इज आफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु, न्यूनतम 500 विद्यार्थी क्षमता के कक्षा पहली से 12वीं निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल एवं मल्टिप्लेक्स युक्त मिनी मॉल से वंचित प्रदेश के नगरीय क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र से भिन्न विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि तक के क्षेत्र में प्रथम तीन इकाई को थ्रस्ट सेक्टर की भांति सम्मिलित किया जाएगा।     recent visitors 25

500 में से 499 अंक पाकर सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉपर बनीं देबांशी शेखावत

 बीकानेर सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2025 में राजस्थान टॉपर बनीं देबांशी शेखावत ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर न सिर्फ राज्य में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि पूरे देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों में भी अपनी जगह बनाई है। देबांशी जयपुर के प्रतिष्ठित विद्याश्रम स्कूल की छात्रा हैं और मूल रूप से बीकानेर की निवासी हैं। हाल ही में उनके पिता का तबादला बीकानेर से जयपुर हुआ है। देबांशी ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, कठिन परिश्रम और माता-पिता द्वारा प्रदान किए गए सकारात्मक एवं अनुशासित माहौल को दिया है। उनके पिता, लोकेंद्र सिंह शेखावत, एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हैं और वर्तमान में एडीजे (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) के पद पर कार्यरत हैं। उल्लेखनीय है कि उन्होंने स्वयं भी एडीजे परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। देबांशी ने उनके पदचिह्नों पर चलते हुए यह ऐतिहासिक सफलता अर्जित की है। आज के समय में, जब अधिकांश युवा सोशल मीडिया की ओर झुकाव रखते हैं, देबांशी का किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई खाता नहीं है। उनका मानना है कि एकाग्रता के साथ पढ़ाई करना ही उनकी सफलता का मूल मंत्र रहा है। देबांशी की यह उपलब्धि उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो संयम, अनुशासन और मेहनत के बलबूते अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।   recent visitors 38