Friday, July 10, 2026 12:41 pm

सवाई मानसिंह स्टेडियम को मिली बम से उड़ाने धमकी, मचा हड़कंप, जिसको देखते हुए कड़ी की गई सुरक्षा

जयपुर जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम को महज सात दिनों में चौथी बार बम की धमकी मिली है, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राजस्थान खेल परिषद की आधिकारिक आईडी पर भेजे गए नवीनतम धमकी भरे ईमेल में विषय पंक्ति ‘एचएमएक्स बम विस्फोट सवाई मानसिंह स्टेडियम ऑपरेशन प्रभाकर दिविज’ थी और इसमें एक भयावह संदेश भी शामिल था, जिसमें चेतावनी दी गई थी, “पाकिस्तान से पंगा मत लो। हमारे पास भारत में स्लीपर सेल हैं। ऑपरेशन सिंदूर के लिए आपके अस्पताल भी उड़ा दिए जाएंगे।” अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है और इन बार-बार आने वाली धमकियों को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं।   विदेशी स्लीपर सेल और आतंकवाद विरोधी अभियानों के प्रतिशोध का हवाला देते हुए दहशत फैलाने के संगठित प्रयास की संभावना की जांच की जा रही है। मेट्रो स्टेशनों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि आईपीएल मैचों के जल्द ही होने के कारण सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना राजस्थान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। घटना की पुष्टि करते हुए खेल परिषद के अध्यक्ष नीरज के पवन ने कहा कि बम की धमकियों के मद्देनजर राज्य सरकार ने इस बार अतिरिक्त सावधानी बरती है। उन्होंने कहा, “हम चार-चरणीय सुरक्षा उपाय बढ़ा रहे हैं। हम अतिरिक्त पुलिस और बाउंसर तैनात करेंगे। हमने कैमरों की संख्या बढ़ा दी है और खराब कैमरों की मरम्मत कर दी है।” इस बीच, राजस्थान खेल परिषद के सचिव राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि स्टेडियम को निशाना बनाकर यह चौथी ऐसी धमकी है। उन्होंने कहा कि ई-मेल में न केवल स्टेडियम को धमकी दी गई है, बल्कि अस्पतालों पर हमले का भी जिक्र किया गया है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और साइबर क्राइम विशेषज्ञ भेजने वाले का पता लगाने के लिए जांच में जुट गए हैं। इस बीच, स्टेडियम में चौबीसों घंटे सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। हाल ही में जयपुर में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 8 मई, 12 मई और 13 मई को स्टेडियम को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। 9 मई को जयपुर मेट्रो को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसमें मेट्रो स्टेशन और ट्रेनों में विस्फोट की चेतावनी दी गई थी, जिसमें फिर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र था। 20 फरवरी को एसएमएस मेडिकल कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी, जिसका पता 22 फरवरी को चला। इसी तरह 4 अक्टूबर 2023 को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत पूरे भारत के 100 से ज्यादा एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले। सीआईएसएफ अधिकारियों को भेजे गए संदेश में कहा गया था, “आइए हम दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों से अकेले ही मुकाबला करें। हर जगह धमाका होगा…धमाका होगा…धमाका होगा।” recent visitors 38

असम पंचायत चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, हिमंत बिस्व सरमा ने ठोंका 105 सीटों पर दावा, कांग्रेस को करारी शिकस्त दी

गुवाहाटी असम के पंचायत चुनावों में बीजेपी और उसके सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। दोनों दलों ने असम के ग्रामीण इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जहां कभी कांग्रेस का सिक्का चलता था। बीजेपी और एजीपी ने 397 जिला परिषदों में से 300 पर कब्जा कर लिया है। दोनों दलों की जोड़ी ने 2,192 आंचलिक पंचायतों में से 1,436 जीत ली हैं। वोटिंग पैटर्न में इस बदलाव का असर विधानसभा में दिखा तो कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा। 2018 के मुकाबले इस बार एनडीए का वोट शेयर 26 फीसदी बढ़ा है। इन आंकड़ों के आधार पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 126 में से 104 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कई जिलों में कांग्रेस का खाता नहीं खुला असम में एनडीए ने 2 मई और 7 मई को हुए पंचायत चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है। विधानसभा चुनाव से एक साल पहले हुए इस चुनाव परिणाम से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा उत्साहित है। बीजेपी ने जिला परिषद में 274 और असम गण परिषद ने 26 सीटें जीती हैं। 2,192 आंचलिक पंचायतों में बीजेपी ने 1,265 और असम गण परिषद ने 171 सीटें जीती हैं। कांग्रेस को 72 जिला परिषदों में जीत मिली है। सीएम सरमा ने बताया कि राज्य की 76.27 फीसदी जिला परिषद सीटें एनडीए के पास हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने डिब्रूगढ़, धेमाजी, सोनितपुर, तिनसुकिया, गोलाघाट, जोरहाट जैसे कई जिलों में लगभग पूरी तरह से जीत हासिल की है। बीजेपी ने कई जिलों में 100 प्रतिशत परिषद सीटें जीती हैं। एनडीए के वोट में 26 प्रतिशत का इजाफा 126 सदस्यों वाली असम विधानसभा में अभी बीजेपी के 64 विधायक हैं। उसके सहयोगी असम गण परिषद के नौ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल के सात विधायक हैं। अगले साल 2026 में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिला परिषद में मिले वोट का आकलन किया जाए तो एनडीए 105 विधानसभा में जीत मिल सकती है। असम के सीएम ने दावा किया कि बीजेपी ने मुस्लिम बहुल सीटों पर भी जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस पूरे असम में एक भी हिंदू-बहुल सीट नहीं जीत पाई। स्वदेशी मुसलमानों में बीजेपी का वोट प्रतिशत 60-70 प्रतिशत तक बढ़ गया है। ओवरऑल एनडीए का वोट प्रतिशत भी 26 प्रतिशत बढ़ गया। पंचायत सम्मेलन करेगी बीजेपी, शाह होंगे चीफ गेस्ट मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि बीजेपी गुवाहाटी में एक पंचायत सम्मेलन करेगी, जिसमें पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित किया जाएगा। पंचायत चुनाव में बड़ी जीत पर अमित शाह ने X पर कहा कि असम के लोगों को पंचायत चुनाव 2025 में एनडीए को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए धन्यवाद। यह जीत पीएम नरेंद्र मोदी की जन-केंद्रित नीतियों का समर्थन है, जिन्होंने असम में शांति और समृद्धि का एक नया युग लाए हैं। recent visitors 36

महिला पटवारी मांग रही थी 36 हजार रूपये रिश्वत, लोकायुक्तटीम ने 10 हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा

भोपाल मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है जहां अफसरों की नाक के नीचे एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है। रिश्वतखोर महिला पटवारी बुधवार को भोपाल लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को 10 हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। हुजूर तहसील के पटवारी हलका नंबर 40 में पदस्थ महिला पटवारी सुप्रिया जैन ने जमीन के नामांकन के बदले मुबारकपुर गांव के रहने वाले मोहम्मद असलम से 36 हजार रूपये रिश्वत की मांग की थी। पटवारी सुप्रिया जैन के द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत फरियादी ने भोपाल लोकायुक्त में की थी। 10 हजार रूपये की पहली किश्त लेते पकड़ा भोपाल लोकायुक्त में शिकायत करते हुए फरियादी मोहम्मद असलम ने बताया कि उसने अपनी 18 एकड़ जमीन के नामांकन के लिए आवेदन दिया था। जमीन का नामांकन करने के बदले पटवारी सुप्रिया जैन ने उससे प्रति एकड़ 2 हजार रूपये रिश्वत की मांग की है। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की शिकायत सही मिलने पर रिश्वत की पहली किस्त 10 हजार रूपये लेकर फरियादी को रिश्वत देने के लिए भेजा। महिला पटवारी ने रिश्वत देने के लिए फरियादी को अपने निवास हिमांशु टावर लालघाटी पर बुलाया जहां पार्किंग में रिश्वत लेते ही लोकायुक्त ने पटवारी सुप्रिया जैन को रंगेहाथों पकड़ लिया। recent visitors 31

अमेरिका सऊदी अरब को 124 अरब डॉलर के हथियार और युद्धक साजो-सामान डिलिवर करेगा, खतरे में ईरान!

रियाद अमेरिका और खाड़ी के प्रमुख मुस्लिम देश सऊदी अरब के बीच इतिहास का सबसे बड़ा हथियार सौदा हुआ है। इसके तहत अमेरिका सऊदी अरब को 124 अरब डॉलर के हथियार और युद्धक साजो-सामान डिलिवर करेगा। वॉइट हाउस ने इस बारे में जानकारी दी है। यह हथियार बिक्री सऊदी अरब के साथ 600 अरब डॉलर के ऐतिहासिक सौदे का हिस्सा है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रियाद यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किया गया। सुन्नी इस्लामिक मुल्क सऊदी अरब के साथ यह हथियार डील शिया ईरान के लिए खतरे की घंटी है। ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ईरान को यह तय करने की जरूरत है कि वह परमाणु हथियार विकसित करके युद्ध करना चाहता है या शांति और व्यापारिक संबंध चुनना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने शांति को अस्वीकार कर दिया तो हमारे पास परमाणु हथियार रखने से रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। ट्रंप ने कहा, 'ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा।' सऊदी को पहले दौरे के लिए चुना डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की पहली राजकीय यात्रा पर मंगलवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। हालांकि, उन्हें पिछले महीने पोप के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इटली जाना पड़ा था। इसके पहले साल 2016 में पहले कार्यकाल में डोनाल्ड ट्रंप पहली राजकीय यात्रा सऊदी अरब की ही थी। रियाद पहुंचने पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने स्वागत किया। अमेरिका से हथियार डील सऊदी अरब की रक्षा क्षमताओं में सुधार करेगा। ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ 1 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार सौदे का लक्ष्य रखा है। सऊदी-इजरायल संबंध बहाल कराने की कोशिश ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सऊदी अरब जल्द ही अब्राहम समझौते में शामिल होगा और ‘अपने समय में’ इजराइल को मान्यता देगा। ट्रंप और युवराज सलमान रॉयल कोर्ट में दोपहर के भोज में शामिल हुए, जिसमें मेहमान और सहयोगी भी शामिल हुए। ट्रंप का यह दौरा अमेरिका की मध्य पूर्व में फिर से वापसी को दिखाता है। अहमद शरा से करेंगे मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात करेंगे। शरा एक पूर्व विद्रोही नेता हैं जो इराक में पकड़े जाने के बाद कई वर्षों तक अमेरिकी सेना की कैद में रहे थे। शरा ने बशर असद को पिछले साल सत्ता से बेदखल कर दिया था। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने बताया कि ट्रंप ने सऊदी अरब में अपने प्रवास को समाप्त करने और कतर जाने से पहले अल-शरा से मिलने पर सहमति व्यक्त की है। शरा से मुलाकात के बाद वह कतर की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। उनका संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाने का भी कार्यक्रम है। recent visitors 31

बलूच नेता मीर यार बलूच ने राज्य में दशकों से हो रही हिंसा के चलते पाक से स्वतंत्रता का एलान किया, भारत से मांगी ये मदद

बलूचिस्तान बलूचिस्तान ने पाकिस्तान से आजाद होने का एलान किया है। बलूच नेता मीर यार बलूच ने बुधवार को राज्य में दशकों से हो रही हिंसा, जबरन गायब किए जाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान से स्वतंत्रता का एलान किया। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान पाकिस्तान नहीं हैं। उन्होंने भारत और वैश्विक समुदाय से आजादी के लिए समर्थन देने की मांग की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बलूचिस्तान के लोगों ने अपना फैसला दे दिया है। अब दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान के लोग सड़कों पर हैं। उनका कहना है कि तुम मारोगे हम टूटेंगे, हम नाक बचाएंगे आओ हमारा साथ दो। उन्होंने भारतीय नागरिकों, खास तौर पर मीडिया, यूट्यूबरों और बुद्धिजीवियों से बलूचों को 'पाकिस्तान के अपने लोग' कहने से बचने का आग्रह किया है। पाकिस्तान के अपने लोग पंजाबी हैं: मीर यार बलूच उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तानी नहीं हैं। हम बलूचिस्तानी हैं। पाकिस्तान के अपने लोग पंजाबी हैं। जिन्होंने कभी हवाई बमबारी, जबरन गायब किए जाने और नरसंहार का सामना नहीं किया। मीर यार बलूच ने कहा कि दुनिया को पाकिस्तान के एकतरफा बयान पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान बलूचिस्तान के नेता के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर और 27 मार्च 1948 को बलूचिस्तान के पाकिस्तान में शामिल होने के समारोह में अंतरराष्ट्रीय या तीसरे देश की भागीदारी को साबित करने वाला एक भी कागज और कानूनी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। बलूचिस्तान में लंबे समय से मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होता रहा है। इसमें जबरन गायब कर दिया जाना, न्यायेतर हत्याएं और असहमति को दबाना शामिल है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सशस्त्र समूहों दोनों पर ही मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया है। गुलाम जम्मू-कश्मीर को खाली करने का किया समर्थन बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत के पाकिस्तान से गुलाम जम्मू-कश्मीर खाली करने की कहने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बलूचिस्तान भारत द्वारा 14 मई 2025 को पाकिस्तान से गुलाम जम्मू-कश्मीर को खाली करने के लिए कहने के फैसले का पूरा समर्थन करता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान से तुरंत गुलाम जम्मू-कश्मीर छोड़ने का आग्रह करना चाहिए ताकि ढाका में उसके 93000 सैन्यकर्मियों को आत्मसमर्पण के एक और अपमान से बचाया जा सके। भारत पाकिस्तानी सेना को हराने में सक्षम है और अगर पाकिस्तान ने कोई ध्यान नहीं दिया तो केवल पाकिस्तानी सेना के जनरलों को ही रक्तपात के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान गुलाम जम्मू-कश्मीर के लोगों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। बलूचिस्तान में बंदूकधारियों ने चार ट्रक ड्राइवरों की हत्या की अशांत बलूचिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने चार ट्रक ड्राइवरों का अपहरण कर लिया और बाद में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि मंगलवार रात को क्वेटा से लगभग 100 किलोमीटर पश्चिम में नोश्की के गलांगूर इलाके में गोलियों से छलनी उनकी लाशें मिलीं। हालांकि अभी तक किसी ने भी हत्याओं की जिम्मेदारी नहीं ली है। recent visitors 31

हाईकोर्ट ने डीएमएफ घोटाला मामले में रानू साहू, सौम्या चौरसिया, समेत 4 आरोपियों की जमानत खारिज

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में DMF घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने आज पूर्व IAS रानू साहू, पूर्व सीएम के उप सचिव सौम्या चौरसिया, एनजीओ संचालक मनोज कुमार और बिचौलिया सूर्यकांत तिवारी की स्थायी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में एफआईआर और केस डायरी में उपलब्ध सामग्री का अवलोकन करने बाद आवेदक की धारा 7 और 12 के तहत अपराध करना प्रतीत होता है. प्रथम दृष्टया पीसी एक्ट के तहत आर्थिक अपराध परिलक्षित होता है. एफआईआर और रिकॉर्ड में रखी गई अन्य सामग्री को देखते हुए, प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि आवेदक का संबंधित अपराध में संलिप्तता है. जानिए क्या है DMF घोटाला: प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक, ईडी की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने धारा 120 बी 420 के तहत केस दर्ज किया है. केस में यह तथ्य सामने आया है कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड कोरबा के फंड से अलग-अलग टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया है. टेंडर भरने वालों को अवैध लाभ पहुंचाया गया. जांच रिपोर्ट में यह पाया गया है कि टेंडर की राशि का 40% सरकारी अफसर को कमीशन के रूप में दिया गया है. प्राइवेट कंपनियों के टेंडर पर 15 से 20% अलग-अलग कमीशन सरकारी अधिकारियों ने ली है. ED ने अपनी जांच रिपोर्ट में पाया था कि IAS अफसर रानू साहू और कुछ अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने पद का गलत इस्तेमाल किया. recent visitors 35

एक दशक बाद गूगल ने G आइकन बदला

नई दिल्ली टेक दुनिया की बड़ी दिग्‍गज गूगल ने एक दशक यानी 10 साल के लंबे अंतराल के बाद अपने लोगो को रिफ्रेश किया है। उसका आइकॉनिक G आइकन अब बदल गया है। भले यह फर्क मामूली सा लगे, लेकिन कंपनी की सोच को दर्शाता है कि अब वह एआई की दुनिया में पूरी तरह से गोता लगाने काे तैयार है। रिपोर्टों के अनुसार, गूगल ने रिड‍िजाइन किए गए ‘जी’ आइकन को रोलआउट करना शुरू कर दिया है। यह सब 20 मई को प्रस्‍तावित गूगल के सालान I/O 2025 डेवलपर कॉन्‍फ्रेंस से पहले हाे रहा है। नए लोगो में स्‍मूद ग्रेडिएंट ट्रांजिशन दिखाई देता है। पहले वाले लोगो में सभी कलर्स अलग-अलग बंटे हुए थे, जिन्‍हें अब मिक्‍स कर दिया गया है। इनमें रेड, येलो, ग्रीन और ब्‍लू कलर्स शामिल हैं। कहां दिखेगा नया गूगल लोगो रिपोर्टों के अनुसार, नया 'G' आइकल अब लेटेस्‍ट गूगल सर्च ऐप अपडेट में लाइव हो गया है। यह एंड्रॉयड और आईओएस दोनों यूजर्स के लिए उपलब्‍ध है। कहा जा रहा है कि गूगल का नया ‘जी’ एआई की दिशा में कंपनी के विजन को दिखाता है। गौरतलब है कि ओपनएआई और परप्‍लेक्‍स‍िटी जैसी कंपनियों से मुकाबला करने के लिए गूगल लगातार अपने जेमिनी एआई को एडवांस बना रही है। वह अपने प्रोडक्‍ट्स में एआई फीचर्स को इंटीग्रेट कर रही है। 2015 में बदला था गूगल लोगो गूगल ने आखिरी बार साल 2015 में अपने जी आइकन में बड़ा बदलाव किया था। उससे पहले गूगल के लोगो का कलर नीला था, जिसे मल्‍टीकल में बदला गया था। हालांकि अभी यह कन्‍फर्म नहीं है कि अन्‍य गूगल प्रोडक्‍ट्स जैसे- क्रोम, मैप्‍स के लोगो बदले गए हैं या नहीं। कहा जा रहा कि उनमें भी कंपनी ग्रेडिएंट फ‍िनिश दे सकती है। गूगल का नया लोगो अभी सिर्फ गूगल सर्च ऐप और मोबाइल डिवाइस में दिखने वाले गूगल के होमस्‍क्रीन लोगाे में है। इससे पहले मंगलवार रात Google ने “The Android Show: I/O Edition” में Android 16 के कुछ खास फीचर्स और मजेदार डिजाइन एलिमेंट्स पर से पर्दा उठाया। यह शो 20-21 मई को होने वाले Google I/O डेवलपर कॉन्फ्रेंस से पहले Android पर फोकस करता हुआ एक इवेंट था। पिछले साल के Google I/O में ज्यादा फोकस AI पर किया गया था लेकिन इस बार इस शो के जरिए Google ने Android में होने वाले बदलावों पर भी ध्यान दिया है। इस स्टैंडअलोन इवेंट में Android 16, Wear OS 6, डिजाइन, AI इंटीग्रेशन, सिक्योरिटी और डिवाइस ट्रैकिंग जैसी चीजों पर खासा ध्यान दिया गया। बता दें कि Google I/O गूगल का सालाना टेक इवेंट है, जहां वह अपने नए प्रोडक्ट्स, सॉफ्टवेयर अपडेट्स और इनोवेशन पेश करता है। recent visitors 50