बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के वक्त विराट कोहली को टेस्ट कप्तानी का इशारा किया था लेकिन बाद में उसके सुर बदल गए

नई दिल्ली दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली का टेस्ट से अचानक संन्यास चर्चा में है। जो खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद और आईपीएल शुरू होने से पहले रणजी ट्रॉफी में खुशी से खेला, ऐसा आखिर क्या हुआ जो उसने इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट को अलविदा कह दिया? विराट कोहली के संन्यास के संभावित कारणों को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के वक्त विराट कोहली को फिर टेस्ट कप्तानी का इशारा किया था लेकिन बाद में उसके सुर बदल गए। विराट कोहली ने 12 मई को एक इंस्टा पोस्ट में टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास का ऐलान किया। उनके इस ऐलान की टाइमिंग काफी अहम थी। 5 दिन पहले ही कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट से संन्यास का ऐलान किया था। कुछ ही दिन में इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया के चयन के लिए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की बैठक होनी थी। भारत को जून में इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैच की सीरीज खेलनी है। स्पोर्ट्स तक के एक वीडियो रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिसंबर-जनवरी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान विराट कोहली को इशारा दिया गया था कि उन्हें फिर से टेस्ट टीम की कमान दी जा सकती है। यह तब हुआ था जब रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया एडिलेड में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में हार गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 'कम से कम उनके (विराट कोहली) जो करीबी लोग हैं उनका तो यही कहना है कि एडिलेड टेस्ट के बाद उन्हें फिर से कप्तानी सौंपे जाने का इशारा किया गया था। बाद में चीजें बदल गईं।' रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब भारत को सीरीज में हार का सामना करना पड़ा तब टीम मैनेजमेंट का रुख बदल गया। अब वह किसी युवा को कप्तान बनाना चाहते थे। उस वीडियो रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि उसके बाद भी विराट कोहली कप्तानी मिलने को लेकर उम्मीद लगाए हुए थे और उन्होंने फरवरी में दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी का एक मैच भी खेला। लेकिन अप्रैल में उन्हें दो टूक कह दिया गया कि सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर ही उनकी भूमिका पर विचार किया जाएगा। इसी के बाद विराट कोहली ने रिटायरमेंट का मन बना लिया। कुछ रिपोर्ट्स में ऐसे भी दावे किए गए हैं कि बीसीसीआई और कुछ दूसरे बड़े नामों ने कोहली को इंग्लैड दौरे पर खिलाड़ी के तौर पर खेलने के लिए मनाने की खूब कोशिशें की, लेकिन वह नहीं माने। पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता और दिल्ली के कोच सरनदीप सिंह ने भी दावा किया था कि कोहली तो इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रहे थे। कुछ ऐसी ही बात पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ भी कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि विराट कोहली इंग्लैंड में खेलना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने रणजी का भी मैच खेला। कैफ ने कहा कि कोहली को बीसीसीआई और चयनकर्ताओं का सपोर्ट नहीं मिला। पूर्व क्रिकेटर ने तो यहां तक कहा कि हो सकता है कि अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने कोहली से यह कहा हो कि अब आपका टेस्ट करियर पूरा हो गया, जिसके बाद उन्होंने संन्यास का ऐलान किया हो। recent visitors 47

विक्रम विश्वविद्यालय में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र के साथ की मारपीट, जांच के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सौंपा मामला

उज्जैन  विक्रम विश्वविद्यालय के छात्रावास में मंगलवार रात को सीनियर छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। रात करीब डेढ़ बजे हॉस्टल के कमरे से एक जूनियर छात्र को बाहर निकालकर उसके कपड़े फाड़े और जमकर पीट दिया। मामले में माधवनगर पुलिस को शिकायत की गई है। छात्र का आरोप है कि रैगिंग को लेकर उसके साथ मारपीट की गई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। कमरे में पढ़ाई कर रहा था पुलिस ने बताया कि सचिन पुत्र प्रवीण उम्र 20 वर्ष निवासी आगर बीटेक का छात्र है। सचिन विक्रम विश्वविद्यालय के शालिगराम तोमर छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा है। वह मंगलवार रात को करीब डेढ़ बजे छात्रावास के कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रहा था। उसी दौरान उसके कमरे का दरवाजा किसी ने काफी जोर से खटखटाया था। दरवाजा खोला तो बाहर उसके सीनियर छात्र मुकुल उपाध्याय व कृष्णा खड़े हुए थे। दोनों उसे जबरन कमरे से बाहर खींचकर ले गए और उसके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद दोनों ने उसे जमकर पीट दिया। सीनियर्स ने हॉस्टल में जमकर उत्पात मचाया बताया जा रहा है कि पूर्व में भी सीनियर छात्रों ने हॉस्टल में जमकर उत्पात मचाया था। बुधवार शाम को पीड़ित छात्र ने माधवनगर पुलिस को शिकायत की थी। इस पर पुलिस ने युवक का मेडिकल करवाकर आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने बताया कि मामले को प्रॉक्टोरियल बोर्ड को भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 28

मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को सराहा गया और प्रशंसा की गई। इसके अलावा कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए यूपी सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यूपी में बीजों के प्रसंस्करण के लिए चौधरी चरण सिंह के नाम पर सीड पार्क बनेगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत 270 लाख हेक्टेयर पर खेती की जाएगी। प्रदेश के लिए लिए 70 लाख कुंतल बीज की जरूरत है। अभी यूपी में 40 लाख कुंतल बीज का ही उत्पादन हो रहा है। 10 क्लाइमेट जोन में स्थापित किए जाएंगे। पहला अटारी पार्क होगा। इसमें 270 करोड़ का खर्च आएगा। सीड पार्क में हाईब्रिड सीड बनेगा। इससे डेढ़ गुना उत्पादन बढ़ेगा। 6500 करोड़ बीज पर खर्च होंगे। सीड उत्पादक कंपनियों को लीज पर जमीन दी जाएगी। इससे 15000 लोगों को रोजगार मिलेगा। अभी 3500 करोड़ का ही उत्पादन हो रहा है। 36 कंपनियों ने रुचि जाहिर की है। बड़ी कंपनियों के आने का रास्ता खुलेगा। बैठक में नगर विकास विभाग के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। यह योजना 2016 से भारत सरकार के सहयोग से चल रही है। अमृत एक योजना में 328 कार्य दिए गए थे। 307 हो गए हैं 60 निकायों में। दूसरे चरण में 529 काम दिए गए थे। यूपी दुग्धशाला विकास एवं उत्पादन नीति को मंजूरी दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना को मंजूरी दी। इसमें छोटे निवेशक आयेंगे। खाद्य प्रसंस्करण में पांच करोड़ का अनुदान दिया गया है। नई दुग्ध इकाई में 35 फीसदी तक की सुविधा होगी। अब बड़े निवेशक आयेंगे। कई मद में अनुदान दिया जाएगा। recent visitors 31

भारतीय सेना ने भारत-म्यांमार बॉर्डर पर 10 उग्रवादियों को किया ढेर

चंदेल भारतीय सेना ने भारत-म्यांमार बॉर्डर पर 10 उग्रवादियों को मार गिराया है। सेना की ईस्टर्न कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी है। सेना की पूर्वी कमान ने देर रात एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर बताया, "भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित चंदेल जिले के खेगजॉय तहसील के न्यू समतल गांव के पास खुफिया जानकारी के आधार पर उग्रवादियों की गतिविधियों का पता चला था। इसके बाद असम राइफल्स की यूनिट ने 14 मई 2025 को स्पीयर कॉर्प्स के तहत एक ऑपरेशन शुरू किया।" उन्होंने बताया, "ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने सैनिकों पर गोलीबारी की, जिसका जवाब देते हुए सैनिकों ने तुरंत नियंत्रित और संतुलित तरीके से जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी में 10 उग्रवादी मारे गए और बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।" यह कार्रवाई मणिपुर में जारी अशांति के बीच सुरक्षाबलों की ओर से एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। भारत के पूर्वी सीमा पर यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल केंद्र सरकार ने भारत और म्यांमार के बीच 1,610 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा बाड़ लगाने और सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी थी। सरकार ने यह फैसला मणिपुर में घुसपैठियों को रोकने के लिए लिया था। सरकार के सूत्रों की मानें तो पड़ोसी मुल्क म्यांमार से घुसपैठिए, मणिपुर में प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए अब भारत सरकार ने भारत-म्यांमार सीमा पर मुक्त आवाजाही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ने लगभग 31 हजार करोड़ रुपये की लागत से भारत-म्यांमार के बीच 1610 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने और सीमा सड़कों के निर्माण के काम को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दी है। recent visitors 50

अमेजन, फ्ल‍िपकार्ट समेत इन ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस, पाकिस्तानी झंडे वाले प्रोडक्‍ट हटाने होंगे

नई दिल्‍ली  उपभोक्ता संरक्षण नियामक सीसीपीए ने अमेजन इंडिया और फ्लिकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को पाकिस्तानी झंडे वाले उत्पाद हटाने का आदेश दिया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को यह जानकारी दी। सीसीपीए ने यूबाय इंडिया, एट्सी, द फ्लैग कंपनी और द फ्लैग कॉरपोरेशन को भी नोटिस भेजा है। इन कंपनियों को पाकिस्तानी झंडे और संबंधित सामान बेचने से मना किया गया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा, 'ऐसी असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ई-कॉमर्स मंचों को निर्देश दिया जाता है कि वे ऐसी सभी सामग्री को तुरंत हटा दें और राष्ट्रीय कानूनों का पालन करें।' इसका मतलब है कि सरकार इस तरह के उत्पादों को बेचने की अनुमति नहीं देगी। सरकार चाहती है कि ई-कॉमर्स कंपनियां तुरंत इन उत्पादों को हटा दें और देश के कानूनों का पालन करें। यह आदेश ई-कॉमर्स कंपन‍ियों के ल‍िए चेतावनी हालांकि, मंत्री के पोस्ट में यह साफ नहीं किया गया कि कौन सा कानून तोड़ा जा रहा है। यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तानी झंडे वाले सामान को बेचने से किस कानून का उल्लंघन हो रहा है। यह घटनाक्रम कश्मीर के पहलगाम में हुई एक दुखद घटना के बाद हुआ है। पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों को मार डाला था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। सीसीपीए का यह आदेश ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए चेतावनी है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर कोई भी ऐसा उत्पाद न बेचा जाए जो देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाए या कानून का उल्लंघन करे। सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी। ई-कॉमर्स कंपन‍ियों को रहना होगा सावधान यह मामला दिखाता है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे जाने वाले उत्पादों के बारे में कितना सावधान रहना चाहिए। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे किसी भी तरह से देश के कानूनों और भावनाओं का उल्लंघन न करें। यह आदेश देश की राष्ट्रीय भावना के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान को दर्शाता है। पाकिस्तानी झंडे जैसे प्रतीकों की बिक्री को भारत में कई लोग आपत्तिजनक और राष्ट्रविरोधी मान सकते हैं, खासकर मौजूदा भू-राजनीतिक संदर्भ में और पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद। ऐसे उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी चिंताजनक हो सकती है। हालांकि, यह प्रत्यक्ष रूप से सुरक्षा को खतरा नहीं पहुंचाता, लेकिन यह शत्रुतापूर्ण भावनाओं को बढ़ावा दे सकता है। यह आदेश ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी यह जिम्मेदारी डालता है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे उत्पादों की प्रकृति के प्रति अधिक सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि वे स्थानीय कानूनों और भावनाओं का उल्लंघन न करें। recent visitors 53

मुख्यमंत्री साय ने किया राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण: आदिवासी परम्परा के अनुरूप प्रकृति शक्ति की पूजा कर किया म्यूजियम का शुभारंभ

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने किया राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण: आदिवासी परम्परा के अनुरूप प्रकृति शक्ति की पूजा कर किया म्यूजियम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 300 नवचयनित छात्रावास अधीक्षकों को नियुक्ति सह पदस्थापना पत्र सौंपा रायपुर छत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव सायछत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव सायछत्तीसगढ़ में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा पर्यटन और शोध का बड़ा केन्द्र : विष्णु देव साय आदिवासी बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने ट्राइबल म्यूजियम बनाकर आदिवासी संस्कृति, सभ्यता और उनकी जीवनशैली को आमजन तक पहुँचाने के लिए अभिनव पहल की है। इसके लिए नवा रायपुर अटल नगर में करीब 10 एकड़ क्षेत्र में भव्य एवं आकर्षक आदिवासी संग्रहालय (ट्राइबल म्यूजियम) बनाया गया है। राज्य के पहले ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। मुख्यमंत्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में सबसे पहले आदिवासी परम्परा अनुरूप मुख्य द्वार पर द्वार पूजा व श्रीफल तोड़कर नवनिर्मित ट्राइबल म्यूजियम में प्रवेश किया। वहीं प्रवेश गैलेरी में पंचतत्व के साथ प्रकृति शक्ति की पूजा करते हुए मंगलकामना की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम  उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के निर्माता तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि, अटल जी ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बनाया। अटल जी के कार्यकाल में ही जनजाति विकास के लिए केन्द्र सरकार में आदिम जनजाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ। वहीं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान और विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के लिए पीएम जनमन योजना लागू किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत में आज आदिवासी समुदाय की श्रीमती द्रौपदी मूर्मु राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष पहचान हमारी सुंदर जनजातीय संस्कृति से है।  छत्तीसगढ़ में जनजातीय संस्कृति में विविधता है और हर जनजातीय समुदाय की अपनी विशिष्ट पहचान है। प्रदेश 43 जनजातीय समुदाय हैं और इनकी अनेकों उपजातियाँ हैं। इसके साथ ही हमारे राज्य में विशेष पिछड़ी जनजातियाँ भी हैं।  जनजातीय समुदाय का सुंदर संसार, इनका खानपान, पहनावा, संगीत, लोककला, वाद्ययंत्र, नृत्य इन सबकी झलक म्यूजियम में दिखेगी। इसमें 14 गैलरी हैं और हर गैलरी एक विशेष थीम पर बनाई गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह संग्रहालय न केवल आदिवासी समाज की परंपराओं, कला और संस्कृति को संरक्षित करेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जनजातीय समुदायों की जीवनशैली, वेशभूषा, लोककला, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को दृश्य और डिजिटल माध्यमों से दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस म्यूजियम में हमारे जनजातीय क्षेत्रों की बहुरंगी संस्कृति की झलक दिखाई गई है। यह झलक दर्शकों को इस बात के लिए प्रेरित करेगी कि वे बस्तर और सरगुजा घूमने जाएं और जिन चीजों को उन्होंने इस म्यूजियम में महसूस किया है उसे वहां प्रत्यक्ष रूप में देख सकें।   ट्राइबल म्यूजियम के लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्राइबल म्यूजियम के शुभारंभ  को गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य प्रदेश में आदिवासी संस्कृति को और उनकी जीवन पद्धति को सबके सामने रखने के लिए ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण हुआ है। आदिवासी विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि अब ट्राइबल म्यूजियम में एक स्थान पर ही छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले हर आदिवासी समुदाय के बारे में संपूर्ण जानकारी लोगों को मिल जाएगी।    14 गैलरियों में दिखेगी जनजातीय संस्कृति : गौरतलब है कि जनजातीय संग्रहालय में कुल 14 गैलरियां हैं, जिनमें जनजातीय जीवनशैली के सभी पहलुओं का बहुत ही खूबसूरत ढ़ंग से जीवंत प्रदर्शन किया गया है। इनमें जनजातियों के भौगोलिक विवरण, तीज-त्यौहार, पर्व-महोत्सव तथा विशिष्ट संस्कृति, आवास एवं घरेलू उपकरण, शिकार उपकरण, वस्त्र (परिधान) एवं आभूषण, कृषि तकनीक एवं उपकरणों, जनजातीय नृत्य, जनजातीय वाद्ययंत्रों, आग जलाने, लौह निर्माण, रस्सी निर्माण, फसल मिंजाई (पौधों से बीज अलग करना), कत्था निर्माण, चिवड़ा-लाई निर्माण, मंद आसवन, अन्न कुटाई व पिसाई, तेल प्रसंस्करण हेतु उपयोग में लाने जाने वाले उपकरणो व परंपरागत तकनीकों, को दर्शाया गया हैं। वहीं  सांस्कृतिक विरासत के अंतर्गत अबुझमाड़िया में गोटुल, भुंजिया जनजाति में लाल बंगला इत्यादि, जनजातीय में परम्परागत कला कौशल जैसे बांसकला, काष्ठकला, चित्रकारी, गोदनाकला, शिल्पकला आदि का एवं अंतिम गैलरी में विषेष रूप से कमजोर जनजाति समूह यथा अबूझमाड़िया, बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं राज्य शासन द्वारा मान्य भुंजिया एवं पण्डो के विशेषीकृत पहलुओं का प्रदर्शन किया गया है। संग्रहालय में डिजिटल एवं एआई तकनीक के माध्यम से जनजातीय संस्कृति का भी प्रदर्शन किया गया है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही सम्बंधित झांकी की सम्पूर्ण जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगी। कथानक समिति के सदस्यों का सम्मान : ट्राइबल म्यूजियम बनाने में सहायक रहे विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं समाज के पदाधिकारियों का सम्मान भी मुख्यमंत्री साय के हाथों मंच से किया गया। ट्राइबल म्यूजियम में कथानक समिति में पंडित रविशंकर शुक्ल विवि. में मानव विज्ञान अध्ययनशाला के प्रो. (डॉ.) अशोक प्रधान, शासकीय गुंडाधूर महाविद्यालय की डॉ. किरण नुरुटी, कंवर समाज के प्रतिनिधि गंगाराम पैंकरा, बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ईतवारी राम मछिया बैगा, बिंझवार समाज के प्रदेश अध्यक्ष बेदराम बरिहा, हल्बा समाज के अध्यक्ष लतेल राम नाईक, मुरिया समाज के जिला अध्यक्ष धनीराम सोरी एवं राजगोंड समाज के जिला अध्यक्ष तुलाराम ठाकुर को सम्मानित किया गया।   ‘प्रयास’ के होनहारों को प्रशस्ति पत्र देकर किया प्रोत्साहित  : इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालय के 112 विद्यार्थियों से भी मुलाक़ात की, जिन्होंने जेईई(JEE) की मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चे न सिर्फ़ खुद के लिए, बल्कि पूरे आदिवासी समाज और राज्य के … Read more

तिरंगा यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, नागरिकों ने दिया एकजुटता और देशभक्ति का संदेश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा की जब भी बात आएगी हम सभी एक हैं। देश के, अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपनी सेना के साथ हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में सभी वर्गों के लोग, सेवानिवृत्त सैनिक, समाज सेवी संगठन, आम नागरिक, महिला एवं पुरुष, बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर एकजुटता, देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह धराशायी कर दिया। हम सभी अपनी सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हैं। आज का भारत नया भारत है, जो किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने में सक्षम है। हमें सर झुकाने की जरूरत नहीं होगी, हमारा डंका पूरी दुनिया में बजेगा। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी की कुशल कूटनीति के कारण पूरे विश्व में देश का सम्मान बढ़ा है और पाकिस्तान का आतंकवाद को शह देने का चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित हुआ है बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कह की आज के इस दौर में हमें अफवाहों से सचेत रहने की जरूरत है। हमें हमारी सेना एवं नेतृत्व में पूर्ण विश्वास है उनके हाथों में देश सुरक्षित है। लोकसभा सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से आज हम एकजुटता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत का नया पैमाना तय किया जा रहा है जिसमें देश के दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है। हमारे सैनिकाें पर हमें पूरा विश्वास है उनके शौर्य और पराक्रम से हमारा देश सुरक्षित है। पहलगाम आतंकवादी हमला का जवाब ऑपरेशन सिंदूर हमारे अभिमान का प्रतीक है एवं माता बहनों की उजड़ी मांग के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के संयोजक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम संजय श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक एकजुट हैं, हम सभी सेना के जवानों के साथ खड़े हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और देश की आन, बान और शान, भारतीय सैनिकों के साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए आज निकली गई तिरंगा यात्रा में लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए। तिरंगा यात्रा मरीन ड्राइव से नगर घड़ी चौक तक निकाली गई। जिसमें सभी धर्म, जाति, संप्रदाय और सभी वर्गों के लोग भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के साथ हाथ में तिरंगा थामे शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मामले तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा सहित विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित थीं। recent visitors 44