कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया में मज़बूत करेगी, लगेगा स्पेशल ट्रेनिंग कैंप

भोपाल मध्य प्रदेश की सत्ता से करीब 2 दशक से बाहर कांग्रेस पार्टी अब आगामी 2028 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को नए सिरे से तैयार करने में जुट गयी है. यह तैयारी ज़मीन पर बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया यानि वर्चुअल वर्ल्ड में कांग्रेस को कैसे मज़बूत करना है, उसकी होगी. जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुर सिखाये जायेंगे. सबसे खास बात यह है कि इसका खर्चा नेता और कार्यकर्ता खुद उठाएंगे. इसके लिए AICC ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिन राव अपनी टीम के साथ 9 जून से 15 जून तक मध्यप्रदेश में रहेंगे और सर्वोदय मेथोडोलॉजी को अपनाते हुए किसी शांत जगह पर यह ट्रेनिंग कैंप लगाया जायेगा. सबसे बड़ी बात है कि कांग्रेस के सभी विधायकों और जिला अध्यक्षों समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस प्रशिक्षिण शिविर में आना अनिवार्य होगा, जिसके लिए एक निश्चित शुल्क उनसे लिया जायेगा. एमपी कांग्रेस के अभिनव बरोलिया ने बताया कि सर्वोदय कैंप पहले भी आयोजित होते रहे हैं लेकिन अब नए ज़माने की नई तकनीक को भी इस बार शामिल किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं को बीजेपी के संगठन से मुकाबले के लिए हर मोर्चे पर तैयार करना पड़ेगा इसलिए इस कैंप का आयोजन किया जा रहा है. बीजेपी जिस तरह से सोशल मीडिया में नैरेटिव बनाती है और फेक न्यूज़ फैलाती है उसे कैसे पहचानें और कांग्रेस के खिलाफ होने वाले दुष्प्रचार को कैसे रोका जाये, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस पार्टी का देश की आज़ादी और विकास में क्या योगदान रहा इसे जनता तक पहुंचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा नेताओं और कार्यकर्ताओं को बताया जायेगा कि वो कैसे प्रवास पर रहें, प्रवास के दौरान लोगों से मिले, कार्यकर्ताओं के घर खाना खाएं या जिस इलाके में प्रवास पर हों वहां के लोगों के साथ समय बिताएं यह सारी बातें इस सर्वोदय कैंप में बताई जाएगी. recent visitors 52

मुख्यमंत्री आज रीवा और सीधी भ्रमण पर रहेंगे, सीधी से लाड़ली बहनों के खातों में राशि करेंगे अंतरित

सीधी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 मई को एक दिवसीय प्रवास पर रीवा और सीधी जिले के दौरे पर आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 10 बजे भोपाल से वायुयान से प्रस्थान कर सुबह 11 बजे एयरपोर्ट रीवा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा की तहसील के दिव्यगवां में मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवनिर्मित शासकीय महाविद्यालय भवन का लोकार्पण करने के बाद आमसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल गंगा संवर्धन अभियान के 501 खेत तालाबों तथा अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन भी करेंगे। स्वामित्व योजना से हितग्राहियों को भू अधिकार पत्रों का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 एकड़ प्रस्तावित क्षेत्र में पौध-रोपण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 12.55 बजे हेलीपैड सीधी पहुंचेंगे। सीधी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की मई माह की किश्त की राशि हितग्राहियों के बैंक खाते में जारी करेंगे। साथ ही पेंशन हितग्राहियों और सिलेंडर रिफिलिंग की राशि भी अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री विशाल आमसभा को संबोधित करने के साथ निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।   recent visitors 24

यमुना नदी का पानी दूषित, 2 वर्षों में पानी की गुणवत्ता में गिरावट: DPCC की रिपोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा यमुना नदी के प्रदूषण पर एक चिंताजनक रिपोर्ट जारी की गई है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में यमुना के जल की गुणवत्ता में गंभीर गिरावट आई है. विशेष रूप से, जनवरी 2025 में यमुना में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) का स्तर स्वीकार्य मानक से 42 गुना अधिक पाया गया है. एक स्वस्थ नदी में बीओडी की मात्रा आदर्श रूप से 3 मिलीग्राम/लीटर से कम होनी चाहिए. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के यमुना नदी के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में से एक नजफगढ़ नाले के आउटफॉल में जैविक ऑक्सीजन मांग (बीओडी) का स्तर जनवरी 2025 में 127 मिलीग्राम/लीटर तक पहुंच गया, जबकि जनवरी 2023 में यह 53 मिलीग्राम/लीटर था. यह पिछले दो वर्षों में सबसे उच्चतम स्तर है. ‘यमुना के कायाकल्प में प्रगति’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 के मध्य में यमुना में प्रदूषण के स्तर में थोड़ी सुधार देखने को मिली थी. हालांकि 2024 की शुरुआत और अंत में यमुना में प्रदूषण के स्तर में तेजी से वृद्धि देखी गई. रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 और मार्च 2025 के बीच दिल्ली के प्रमुख निगरानी बिंदुओं पर प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह, ISBT कश्मीरी गेट पर BOD का स्तर नवंबर 2023 में मिलीग्राम/लीटर से बढ़कर दिसंबर 2024 में मिलीग्राम/लीटर तक पहुंच गया. कालिंदी कुंज के पास शाहदरा नाले के नीचे स्थिति और भी गंभीर है. जनवरी 2023 में BOD रीडिंग 56 मिलीग्राम/लीटर से बढ़कर जनवरी 2025 में 127 मिलीग्राम/लीटर तक पहुंच गई, जो कि पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है. डीपीसीसी की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि दिल्ली में नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए किए गए सभी प्रयासों के बावजूद, स्थिति में सुधार नहीं हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना में प्रदूषण के लिए दो मुख्य कारण हैं: एक तो अपर्याप्त वर्षा के कारण नदी के प्रवाह में कमी, और दूसरा सीवेज प्लांट की क्षमता में ठहराव. ISBT कश्मीरी गेट का स्तर भी खराब ISBT कश्मीरी गेट पर, पिछले दो वर्षों में BOD का स्तर लगभग 40 mg/l के आसपास बना रहा, लेकिन नवंबर 2023 में यह बढ़कर 52 mg/l और दिसंबर 2024 में 51 mg/l तक पहुंच गया. वहीं, कालिंदी कुंज के पास शाहदरा नाले के नीचे, जहां नदी दिल्ली से निकलती है, स्थिति और भी गंभीर है। जनवरी 2023 में BOD की रीडिंग 56 mg/l से बढ़कर जनवरी 2025 में खतरनाक 127 mg/l तक पहुंच गई, जो पिछले तीन वर्षों में उस स्थान पर सबसे उच्चतम स्तर है. डीपीसीसी की रिपोर्ट, जो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के तहत यमुना नदी के पुनरुद्धार और मासिक जल गुणवत्ता की निगरानी करती है, राजधानी में चल रही कई कार्य योजनाओं के बावजूद नदी में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में शहर की निरंतर असफलता को उजागर करती है. खराब गुणवत्ता के लिए 2 फैक्टर जिम्मेदार विशेषज्ञों का मानना है कि पानी की deteriorating गुणवत्ता के लिए दो मुख्य कारण जिम्मेदार हैं: एक तो कम बारिश के कारण नदी के पर्यावरणीय प्रवाह में कमी और दूसरे, सीवेज तथा अपशिष्ट उपचार संयंत्रों की क्षमता में ठहराव. उनका कहना है कि पिछले वर्ष मानसून के बाद से दिल्ली और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की मात्रा बहुत कम रही है, जिससे यमुना में प्रदूषकों का पतला होना भी कम हुआ है. यमुना नदी से जुड़े कार्यकर्ता और साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपल (एसएएनडीआरपी) के सदस्य भीम सिंह रावत ने बताया कि दिल्ली के सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर में अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं किया गया है. वर्तमान में, दिल्ली में 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) हैं, जिनकी कुल क्षमता 764 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) है, जबकि शहर में प्रतिदिन लगभग 792 एमजीडी सीवेज उत्पन्न होता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) 12 नए एसटीपी स्थापित करने की योजना बना रहा है. recent visitors 36

योगी सरकार ने प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती का लिया फैसला

लखनऊ योगी सरकार ने प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में संविदा पर बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती का फैसला लिया है। प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती होगी। सरकार का यह कदम प्रदेश के युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले चरण में 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती  की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। जिसकी मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस फैसले के बाद कक्षा 9 से 12 तक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि तकरीबन 2 साल पहले भी इसी तरह का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसमें तीन बिंदुओं को लेकर आपत्ति जताई गई थी और सुधार करने के निर्देश दिए थे। बताया जा रहा है कि विभाग ने इस बार सरकार क मंशा अनुरूप फिर से नया प्रस्ताव भेजा है। recent visitors 43

अब उज्जैन और सागर में खुलेंगे पोषण केंद्र, मोटे अनाज के साथ सभी सामग्री मिलेगी

 भोपाल  मध्य प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा। इसकी शुरुआत इंदौर में 30 जन पोषण केंद्र खोलकर की जा चुकी है। अब इसका विस्तार उज्जैन और सागर में किया जाएगा। यहां 15-15 दुकानों को पोषण केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। यहां मोटे अनाज से बने उत्पादों के साथ अन्य सामग्री भी दुकान संचालक रख सकेंगे। इसका उद्देश्य है कि दुकान संचालकों को अतिरिक्त आय का माध्यम मिले और हितग्राहियों को भी सुविधा मिले। कारगर सिद्ध नहीं हुए नवाचार मध्य प्रदेश में अधिकतर उचित मूल्य राशन दुकानों का संचालन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा किया जाता है। समितियों की सरकार पर निर्भरता कम हो और आय में वृद्धि हो, इसके लिए इन्हें बहुउद्देश्यीय बनाने का प्रविधान रखा गया है। कुछ नवाचार भी हुए, पर वे अधिक कारगत सिद्ध नहीं हुए। इंदौर की 30 दुकानों का चयन किया गया अब भारत सरकार ने उचित मूल्य की राशन दुकानों को जन पोषण केंद्र की तरह संचालित करने का माडल लागू किया है। पहले चरण में इंदौर की 30 दुकानों का चयन किया गया। खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा। अगले चरण में उज्जैन और सागर में 15-15 दुकानों को जन पोषण केंद्र बनाया जाएगा। यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरित होने वाली सामग्री के अलावा स्थानीय आवश्यकता के अनुसार सभी वस्तुएं रखने की अनुमति होगी। इससे नागरिकों को सुविधा तो मिलेगी ही, दुकान संचालक समिति का आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा। recent visitors 26

छात्रों को डिप्लोमा का लाभ नॉन टेक्निकल कोर्सेस में मिलेगा, ग्रेज्युएशन करने के लिए अब 12वीं कक्षा पास करने की जरुरत नहीं होगी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कक्षा 10वीं के बाद पॉलिटेक्निक करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, अब ऐसे छात्रों को इस डिप्लोमा का लाभ नॉन टेक्निकल कोर्सेस में मिलेगा, जिससे उन्हें ग्रेज्युएशन करने के लिए अब 12वीं कक्षा पास करने की जरुरत नहीं होगी. बल्कि पॉलिटेक्निक करने के बाद स्टूडेंट सीधे बीए, बीकॉम या बीएससी के फर्स्ट ईयर में एडमिशन ले सकेंगे. इस संबंध में तकनीकी शिक्षा विभाग ने एमपी बोर्ड का प्रस्ताव भी भेजा है. इसके मंजूर होने के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा.तकनीकी शिक्षा विभाग ने पॉलिटेक्निक में एडमिशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई विद्यार्थी तीन साल के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेकर कम से कम दो साल की पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे हायर सेकंडरी यानी 12वीं कक्षा के समकक्ष माना जाएगा। जानकारों का मानना है कि इस पहल से पॉलिटेक्निक की विश्वसनीयता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को करियर के अधिक विकल्प मिलेंगे। इससे न सिर्फ तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को शैक्षणिक लचीलापन भी मिलेगा।  माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी ने कहा कि प्रस्ताव को बोर्ड में रखा जाएगा। बोर्ड में चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू हो सकती है व्यवस्था तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक प्रस्ताव तैयार किया है. इसके तहत पॉलिटेक्निक के दो साल पूरा करने वाले विद्यार्थियों को 12वीं पास के समकक्ष माना जाएगा. यह प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजा गया है और यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यह व्यवस्था लागू हो सकती है. बता दें कि तकनीकी शिक्षा विभाग वर्तमान में नए कोर्स को तैयार कर प्रवेश कराने के लिए काउंसलिंग की तैयारी में जुटा हुआ है. इंजीनियरिंग में मिलता है डिप्लोमा का लाभ वर्तमान में 10वीं पास करने के बाद जो स्टूडेंट पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं, उनका डिप्लोमा तीन साल का होता है और इसे करने के बाद विद्यार्थी सीधे बीई के सेकंड ईयर में प्रवेश के पात्र होते हैं. लेकिन अब तक पॉलिटेक्निक करने वालों को कॉमर्स, आर्ट्स या अन्य मेन स्ट्रीम्स में प्रवेश नहीं मिल पाता था. ऐसे में पॉलिटेक्निक के बाद यदि छात्र नान टेक्निकल कोर्स में दाखिला लेते थे, तो उन्हें पहले 12वीं की परीक्षा पास करनी होती थी. लेकिन अब इसकी जरुरत नहीं होगी. माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग से जो प्रस्ताव मिला है उसे बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा. इसके बाद ही निर्णय हो सकेगा. पालीटेक्निक में प्रवेश बढ़ाने के लिए लिया फैसला अधिकारियों ने बताया कि कई बार स्टूडेंट इसी कारण पॉलिटेक्निक में एडमिशन लेने से हिचकिचाते हैं, जिससे तकनीकी शिक्षा संस्थानों में दाखिले घटे हैं. तकनीकी शिक्षा विभाग ने पॉलिटेक्निक में एडमिशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है. प्रस्ताव के मुताबिक कोई विद्यार्थी तीन साल के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेकर कम से कम दो साल की पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे हायर सेकंडरी यानी 12वीं कक्षा के समकक्ष माना जाएगा. इसके बाद उसका कॉलेज में मनचाही स्ट्रीम में एडमिशन हो सकेगा. recent visitors 32

दिल्ली-एसीआर में Vodafone Idea ने आज से शुरू की 5G सर्विस

नई दिल्ली वोडाफोन आइडिया (Vi) आज 15 मई से दिल्ली-NCR में अपनी हाई-स्पीड 5G सर्विस की शुरुआत करने जा रही है। कंपनी ने इस घोषणा के साथ दिल्ली को उन शहरों की लिस्ट में शामिल कर लिया है, जहां पहले फेज में Vi ने 5G लॉन्च किया है। इससे पहले यह सेवा मुंबई, चंडीगढ़ और पटना जैसे शहरों में शुरू की जा चुकी है। Vi का लक्ष्य है कि अगस्त 2025 तक वह देश के उन सभी 17 सर्किलों में 5G नेटवर्क उपलब्ध करा दे जहां उसके पास 5G स्पेक्ट्रम मौजूद है। Vi अपने यूजर्स को एक आकर्षक इंट्रोडक्टरी ऑफर दे रहा है जिसके तहत जिनके पास 5G-सपोर्टेड डिवाइस हैं, वे 299 रुपये या उससे ऊपर के प्लान पर अनलिमिटेड 5G डेटा का लाभ उठा सकते हैं। Vi 5G यूजर्स अब हाई-स्पीड नेटवर्क का इस्तेमाल स्ट्रीमिंग, गेमिंग, वीडियो कॉलिंग, फास्ट डाउनलोड्स और रीयल-टाइम क्लाउड एक्सेस जैसे कामों के लिए कर सकेंगे। Airtel और Jio पहले से आगे Vi अब दिल्ली में 5G सर्विस शुरू कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ Jio और Airtel पहले ही दिल्ली समेत देश के कई शहरों में 5G सेवा दे रहे हैं। Vi को प्रतिस्पर्धी प्लेयर्स की तरह तेजी से विस्तार करना होगा। Vi के 5G प्लान्स Vi फिलहाल मुंबई में अपने 5G यूजर्स के लिए कुछ किफायती प्लान्स ऑफर कर रही है। इनमें शामिल हैं: 299 रुपये का प्रीपेड प्लान: Vi के इस प्लान में 1GB प्रतिदिन डेटा, अनलिमिटेड 5G डेटा, 28 दिन की वैधता और किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलती है। 579 रुपये का प्रीपेड प्लान: इस प्लान में 1.5GB प्रतिदिन डेटा, अनलिमिटेड 5G डेटा, 56 दिन की वैधता और अनलिमिटेड कॉलिंग। 451 रुपये का पोस्टपेड प्लान: जहां 5G उपलब्ध है वहां अनलिमिटेड 5G डेटा, 50GB डेटा, हर महीने 3000 SMS और अन्य बेनिफिट्स पोस्टपेड यूजर्स के लिए उपलब्ध हैं।   recent visitors 54