Sunday, July 5, 2026 5:16 am

मध्यप्रदेश में अक्टूबर में होगी एशियन रोइंग चैम्पियनशिप, मुख्यमंत्री ने की खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में आगे लाने के लिए सरकार कटिबद्ध होकर प्रयासरत है। खेल और खिलाड़ियों के विकास में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन कराने केंद्र सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ को प्रस्ताव भेजा गया है। वर्ष-2028 में जनवरी से मार्च के दौरान राष्ट्रीय खेलों का आयोजन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समय रहते राष्ट्रीय खेल आयोजन की सभी तैयारियों को अंजाम दें। राष्ट्रीय खेल का मध्यप्रदेश में आयोजन सरकार के लिए गौरव का विषय है। इसकी तैयारियों में कोई कमी न रहे। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल पर्यटन को प्रोत्साहन किया जा रहा है। भोपाल आने वाले लोगों को यहां के छोटे और बड़े तालाब में जल क्रीड़ाओं का प्राकृतिक एवं वास्तविक आनंद प्रदान करने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं और व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी 14 से 19 अक्टूबर 2025 के दौरान एशियन रोईंग चैम्पियनशिप का आयोजन होना है। यह आयोजन भोपाल के खानूगांव स्थित वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर में होगा। इसमें 22 से ज्यादा देशों के लगभग 450 खिलाड़ी, 100 टेक्निकल ऑफिशियल और 12 ज्यूरी मेम्बर्स सहित बड़ी संख्या में वॉटर स्पोर्टस में रूचि रखने वाले भोपाल आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि एशियन रोईंग चैम्पियनशिप के लिये तय आयोजन स्थल खानूगांव वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर को अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार सर्वसुविधायुक्त बनाया जाए। इससे भोपाल तालाब की ब्रांडिंग के साथ देश में ओलम्पिक-2036 में वॉटर स्पोर्ट्स के आयोजन के लिये भोपाल शहर प्रबल दावेदार भी बनेगा। साथ ही मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स, मध्यप्रदेश टूरिज्म एवं स्थानीय व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 14 से 19 अक्टूबर को होने वाली एशियन रोईंग चैम्पियनशिप की सभी तैयारियां अभी से प्रारंभ कर लें। स्थल का सौन्दर्यीकरण और समतलीकरण इत्यादि कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करा लिए जाएं। उन्होंने कहा कि मलखम्भ को बढ़ावा देने के लिये अन्य देशों में इसका डेमो प्रदर्शन किया जाये। खेलो एमपी गेम्स में रस्साकशी, तीरंदाजी- इंडियन स्टाईल, शूटिंग बॉल एवं पिट्ठू जैसे पारम्परिक खेलों का समावेश भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेल विभाग के अधिकारी स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर प्रदेश में विभिन्न खेल प्रतिभाओं को निखारें। उन्होंने कहा कि खेलों को स्कूल/कॉलेज के पाठ्यकम्रम का हिस्सा बनायें। इसके लिये महाविद्यालय स्तर पर अलग से खेल संकाय बनाने के प्रयास किये जायें। उन्होंने कहा कि साहसिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये ओंकारेश्वर और पचमढ़ी में ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किये जायें। भोपाल के बड़े और छोटे तालाब की तरह अन्य जल खेल गतिविधियों के लिए जल स्थल चयनित किये जायें। इससे जल पर्यटन और इस क्षेत्र के प्रतिभावान खिलाड़ियों को भी लाभ मिलेगा। बैठक में बताया गया कि खेल विभाग द्वारा प्रदेश के युवाओं को पुलिस-आर्मी में भर्ती के लिए शारीरिक एवं लिखित परीक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए पार्थ योजना (पुलिस-आर्मी रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग हाउस) प्रारंभ की गई है। एमपी युवा पोर्टल एवं मध्यप्रदेश युवा प्रेरक योजना भी संचालित की जा रही है। विक्रम आवार्डी एवं अन्य अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को शासकीय पदों पर नियुक्ति देने की योजना भी संचालित है। इस पर मुख्यमंत्री ने देश के दूसरे राज्यों में इस संबंध में प्रावधानों का अध्ययन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मलखम्भ एवं जिम्नास्टिक जैसे खेलों के विकास पर ध्यान दें और इन खेलों के विकास के लिए आवश्यकतानुसार पृथक-पृथक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की अकादमी की स्थापना के लिए भी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्पोटर्स यूनिवर्सिटी प्रारंभ करने के लिए भी प्रयास किए जाएं। इस संबंध में बताया गया कि भोपाल में स्पोटर्स कोचिंग एवं अलाईड सब्जेक्ट के सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने के लिए कार्यवाही की जा रही है। स्पोटर्स यूनिवर्सिटी के लिए निजी निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जा रहे हैं। खेलों के जरिए स्पोर्टस टूरिज्म को मिल रहा प्रोत्साहन बैठक में बताया गया कि प्रदेश में स्पोर्टस टूरिज्म के प्रोत्साहन तथा प्रदेश को स्पोर्टस हब बनाने के लिए भोपाल के नाथू-बरखेड़ा में 985.76 करोड़ रुपए से 2 चरणों में अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्टस कॉम्पलेक्स का निर्माण कराया जा रहा है। पहले चरण में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एथलेटिक, फुटबॉल व हॉकी के स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में मल्टीपर्पस इण्डोर काम्पलेक्स, ऑल वेदर स्वीमिंग पूल, क्रॉस कन्ट्री रेस ट्रैक एवं अन्य आउटडोर फील्ड का निर्माण किया जाएगा। इसी स्पोर्टस कॉम्पलेक्स में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्पोर्टस साईंस सेंटर की स्थापना भी प्रस्तावित है। परियोजना के तीसरे चरण में इस स्पोर्टस कॉम्पलेक्स में ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण भी किया जाएगा।   recent visitors 24

पाक का कंट्रोल बस क्वेटा तक, बलूचिस्तानियों के तेवर अब पूरी तरह सामने आने लगे, भारत हमारा साथ दे: बलोच नेता

बलूचिस्तान बलोच अमेरिकन कांग्रेस के सेक्रेटरी जनरल रज्जाक बलोच ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा है कि बलोचिस्तान का बड़ा हिस्सा अब फौज के कंट्रोल में नहीं रहा। साथ ही उन्होंने भारत और अमेरिका से खुला समर्थन मांगा है। पाकिस्तान में काफी वक्त से सताए बलूचिस्तानियों के तेवर अब पूरी तरह सामने आने लगे हैं। इस बात से पूरी दुनिया वाकिफ है कि पाकिस्तान अपने ही राज्य बलूचिस्तान से सौतेला व्यवहार करता आया है। वहां के लोग अब पाकिस्तान के रवैये से उक्ता गए हैं, और निरंतर अपना विरोध जता रहे हैं, ये विरोध कभी हिंसक होते हैं तो कभी जुबानी तौर पर होते हैं। हाल ही में दिए इंटरव्यू में बलोच अमेरिकन कांग्रेस के सेक्रेटरी जनरल रज्जाक बलोच ने पाकिस्तान की हुकूमत और फौज पर जमकर हमला बोला। उन्होंने बलूचिस्तान की आजादी के भारत और अमेरिका से मदद मांगी। बलूचिस्तान के अंदर खौफ में पाक फौज: रज्जाक बलोच रज्जाक बलोच ने दावा किया कि बलोचिस्तान का 70 से 80 फीसद हिस्सा अब नो-गो जोन बन चुका है, जहां पाकिस्तानी फौज जाने से डरती है। उनका दावा है कि क्वेटा जैसे शहर में भी सूरज ढलते ही फौज घरों में दुबक जाती है, बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करती। रज्जाक बलोच ने कहा कि पाकिस्तान की फौज ने पूरे बलोचिस्तान को एक मिलिट्री छावनी बना दिया है, लेकिन अब जनता उठ खड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि मरंग बलोच जैसे नेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद जिले-जिले में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने सरदार अख्तर मेंगल की कोशिशों की सराहना करते हुए ये भी साफ किया कि सिर्फ अंदरूनी कोशिशों से अब काम नहीं चलेगा बल्कि अब अंतरराष्ट्रीय मदद जरूरी है। भारत-अमेरिका से भी मांगी मदद उन्होंने सीधे भारत और अमेरिका से अपील की कि बलोचिस्तान की आजादी की लड़ाई में साथ दें। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत में निर्वासित बलोच सरकार बन सकती है, तो उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तानी नहीं जो भीख मांगें, हम मर्द हैं, मर्दों की तरह बात करते हैं। लेकिन अगर भारत बलोचिस्तान की मदद करेगा, तो बलोचिस्तान के दरवाजे उस पर हमेशा खुले रहेंगे।” रज्जाक बलोच ने पाकिस्तान की फौज को बरबर आर्मी कहते हुए चेताया कि अगर दुनिया ने आज बलोचिस्तान की आवाज नहीं सुनी, तो कल ये फौज पूरे दक्षिण एशिया में तबाही मचा देगी। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश की तरह अगर ये फौज बूट छोड़कर भागे उससे पहले, बेहतर है कि इज्जत से वापसी करे।” उन्होंने लोकतांत्रिक मुल्कों से अपील की कि बलोच प्रतिनिधियों को मंच दें, उनकी आवाज को दुनिया तक पहुंचाएं और पाकिस्तान के जुल्म के खिलाफ इंसाफ की लड़ाई में साथ खड़े हों।   recent visitors 34

मुख्यमंत्री साय बोले – नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में निकलेगा विकास का नया सूरज

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द ही विकास का नया सूरज निकलेगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित रहा है जिसके कारण यहां विकास के पहिए थम गए थे। हमारी यह चिंता है कि यहां नक्सलवाद समाप्त हो और विकास के काम तेजी से आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि हमारे जवान मजबूती के साथ नक्सलियों के विरूद्ध मोर्चा ले रहे हैं। हमारा संकल्प है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करना है। मुख्यमंत्री श्री साय आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के सीतागांव में आयोजित समाधान शिविर को संबाधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार में सरकार आपके द्वार पहुंच रही है और आपकी समस्याओं का समाधान भी कर रही है। सच्ची नियत से जो सरकार काम करती है वही जनता के बीच जाकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करती है। उन्होंने इस मौके पर सीतागांव उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उन्नत करने, मोहला में बस स्टैंड और छात्रावास का निर्माण और सीतागांव हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन तथा अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में 132 केवी सब स्टेशन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र बहनों को दिया जा रहा है, और जिनके नाम नहीं जुड़े हैं उन्हें शीघ्र जोड़ा जाएगा।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान हम निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बिना पूर्व सूचना के किसी भी क्षेत्र में पहुंचकर चौपाल लगाकर जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रही है। यह सरकार पारदर्शिता और जनभागीदारी की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से नक्सल प्रभावितों के लिए पीएम जनमन के तहत् 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए। जिनमें बड़ी संख्या में आवास पूर्ण हो चुके हैं हितग्राहियों का गृह प्रवेश भी हो रहा है। नक्सल हिंसा से पीड़ित तथा आत्मसर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार विशेष मकानों की स्वीकृति दी गई है।    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की है। जमीन रजिस्ट्री के साथ अब नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः पूर्ण होगी। हक त्याग अब सिर्फ  500 रुपए में हो जाता है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसे आगामी एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में स्थापित आदिवासी संग्रहालय जनजातीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिविर को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी संबोधित किया।    सीतागांव समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास अंतर्गत हितग्राहियों को खुशियों की चाबी सौंपी। उन्होंने इस मौके पर स्वच्छता दीदियों और मेघावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया। इसके अलावा मत्स्य पालकों को जाल, ग्रामीणों को राशन कार्ड, पेंशन आदि योजनाओं के हितग्राहियों को सामाग्री का वितरण किया गया। सीतागांव शिविर में आस-पास के 08 ग्रामपंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। शिविर में वन अधिकार पट्टा के 336, प्रधानमंत्री आवास के 258, राशन कार्ड के 247 आवेदन सहित कुल 1770 आवेदनों का निराकरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 47076 आवेदनों का निराकरण मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त 48007 आवेदनों में से अब तक 47076 आवेदनों का निराकरण किया चुका है। इन आवेदनों में मुख्यरूप से प्रधानमंत्री आवास, व्यक्तिगत शौचालय, मनरेगा अंतर्गत व्यक्तिमूलक कार्य, अधोसंरचना निर्माण, महतारी वंदन योजना, वन अधिकार पट्टे संबंधी आवेदन प्राप्त हुए हैं। मांग एवं पात्रता के अनुसार आवेदनों का विभागवार परीक्षण कर शिविरों के माध्यम से आवेदकों को लाभ प्रदान किया जा रहा है।  जिले में शिविरों के माध्यम से अब तक 242 मनरेगा, 1130 व्यक्तिगत शौचालय, 02 सामुदायिक शौचालय, 364 पेंशन स्वीकृति, 332 राशन कार्ड, 294 मनरेगा जॉब कार्ड, 24 ऋण पुस्तिका का वितरण किया जा चुका है, साथ ही 81 आयुष्मान कार्ड एवं 30 वय वंदन कार्ड बनाये जा चुके हैं एवं ही जिले के 142 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जा चुका है, जिनमें से 27 सिल्वर ग्राम पंचायत एवं 125 ब्रांज ग्राम पंचायत के रूप में चिन्हांकित एवं पुरस्कृत है। recent visitors 36

बिजली चोरी के सूचनाकर्ता को पारितोषिक की पांच फीसदी राशि तुरंत मिलेगी

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए चलाई जा रही पारितोषिक योजना के तहत बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली होने पर सूचनाकर्ता को दी जाने वाली 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि में से योजना के संशोधित प्रावधान के अनुसार पांच प्रतिशत राशि का भुगतान संबंधित सूचनाकर्ता को सूचना सही पाए जाने पर जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश के तुरंत बाद किया जाएगा। शेष पांच प्रतिशत राशि पूर्ण वसूली उपरांत देय होगी। कंपनी में कार्यरत नियमित कर्मचारी/ संविदा/ आउटसोर्स कर्मचारी को भी सूचनाकर्ता के रूप में शामिल किया गया है, परंतु उसे सूचना सही पाए जाने एवं जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश की पूर्ण वसूली होने पर एक प्रतिशत प्रोत्‍साहन राशि के रूप में दी जाएगी। कंपनी ने कहा है कि विभिन्न परिसरों की जांच एवं उसके बाद बनाये गये पंचनामा के आधार पर आरोपी के विरूद्ध निकाली गयी राशि की वसूली में सभी कर्मचारियों का महत्‍वपूर्ण योगदान रहता है। कंपनी ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ जांच एवं वसूली के कार्य में सम्मिलित बाह्य स्त्रोत कर्मचारियों को भी परितोषिक योजना के तहत दी जाने वाली 2.5 (ढाई) प्रतिशत प्रोत्साहन राशि को सभी संबंधितों को समान रूप में दिया जाना निर्धारित किया गया है। कंपनी ने कहा है कि अब पारितोषिक योजना की पूरी जानकारी जैसे बिलिंग एवं भुगतान से संबंधित गतिविधियों को ऑनलाइन कर दिया गया है। अब सूचनकर्ता को कंपनी के पोर्टल पर गुप्‍त रूप से दिए गए प्रारूप में बैंक खाता, पहचान क्र. (आधार अथवा पेन ) देना अनिवार्य कर दिया गया है। कंपनी द्वारा विद्युत की चोरी के प्रभावी रोकथाम एवं विद्युत के अवैध उपयोग को रोकने के लिए यह योजना चलाई गई है। योजनांतर्गत कोई भी व्यक्ति बिजली के अवैध उपयोग के संबंध में सूचना कंपनी मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक, संचा.संधा/शहर वृत्त कार्यालय के महाप्रबंधकों को लिखित अथवा मोबाईल के साथ ही कंपनी की वेबसाईट portal.pmcz.in पर ऑनलाईन सूचना दे सकते हैं। योजना के अंतर्गत सूचनाकर्ता के संबंध में जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखते हुए, कंपनी मुख्यालय से प्रोत्साहन की राशि सीधे संबंधित सूचनाकर्ता के बैंक के खाते में हस्तांतरित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय, वृत्त स्तर के अधिकारियों को जो शिकायतें प्राप्त होती है, उन शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने के लिये कंपनी मुख्यालय के द्वारा सतत रूप से निगरानी रखी जाती है। पोर्टल अथवा उपाय ऐप पर देनी होगी सूचना कंपनी द्वारा योजना में सूचनाकर्ता को निर्धारित शर्तों के अधीन पारितोषिक देने का प्रावधान है। इस राशि की अधिकतम सीमा नहीं है। वर्तमान में इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया गया है तथा कंपनी वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर informer scheme लिंक पर क्लिक करके, सूचनाकर्ता के द्वारा गुप्त सूचना दर्ज की जा सकती है एवं उपाय ऐप के माध्यम से भी बिजली चोरी की सूचना दी जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समस्त नागरिकों के साथ साथ आउटसोर्स कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाकर कंपनी को सहयोग प्रदान करें।   recent visitors 32

स्कूल शिक्षा विभाग में स्वैच्छिक स्थानांतरण आवेदन की तिथि बढ़ी

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण नीति के क्रियान्वयन की समय-सारणी जारी की है। विभाग ने समय-सारणी तालिका में आंशिक संशोधन किया है। स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिये ऑनलाइन आवेदन करने की नियत सीमा 16 मई से बढ़ाकर अब 21 मई की गयी है। इसी के साथ ऑनलाइन स्थानांतरण आदेश जारी करने की तिथि 20 मई से बढ़ाकर 25 मई, 2025 नियत की गयी है। इस संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किये हैं। recent visitors 29

बीएसएफ जवान ने अपनी पत्नी को बताया कि पाकिस्तान में कैद के दौरान उन्हें रात को सोने तक नहीं दिया गया

कोलकता पाकिस्तान से 21 दिनों के बाद रिहा होकर भारत लौटे बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ ने अपनी पत्नी रजनी से फोन पर बातचीत में कैद के दौरान के अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने अपनी पत्नी को बताया कि पाकिस्तान में कैद के दौरान उन्हें रात को सोने तक नहीं दिया गया। लगातार पूछताछ की जाती थी। पाकिस्तानी ऐसी हरकत करते थे कि जैसे पीके शॉ कोई जासूस हों। 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में ड्यूटी के दौरान पूर्णम कुमार शॉ गलती से पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश कर गए थे। कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले ही दिन यह घटना घटी। पाकिस्तान की सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया था। भारत सरकार ने कूटनीतिक चैनल के जरिए दबाव बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान से उसकी रिहाई हुई। बुधवार को पति से बात करने के बाद रजनी शॉ ने से बात करते हुए कहा, "उन्होंने बताया कि उन्हें शारीरिक यातना नहीं दी गई, लेकिन मानसिक रूप से वे पूरी तरह थक चुके हैं। उन्हें हर रात पूछताछ के लिए उठाया जाता था। वह बोले कि उन्हें खाना तो मिलता था, लेकिन दांत साफ करने की अनुमति भी नहीं दी गई। उनकी आवाज में थकावट साफ झलक रही थी।" तीन अलग-अलग जगहों पर रखा गया रजनी ने यह भी बताया कि पूर्णम शॉ को तीन अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। उनमें से एक जगह संभवतः किसी एयरबेस के पास की जगह थी, क्योंकि वहां हवाई जहाजों की आवाजें आती थीं। यह सब उनके मानसिक तनाव को और बढ़ाने वाला अनुभव था। रजनी शॉ ने गर्व के साथ कहा, “वह पिछले 17 वर्षों से देश की सेवा कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। हम सभी को उन पर गर्व है। वह फिर से ड्यूटी पर लौटेंगे।” अगर शॉ को जल्दी छुट्टी नहीं मिली, तो रजनी स्वयं पठानकोट जाकर उनसे मिलने की योजना बना रही हैं। आपको बता दें कि बुधवार शाम को पूर्णम कुमार शॉ को अटारी-वाघा सीमा के जरिए भारत लाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण और डिब्रीफिंग की गई।   recent visitors 35

इंदौर एवं उज्जैन संभाग में आने वाले स्थानीय निकायों की समीक्षा बैठक

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने इंदौर में शुक्रवार को उज्जैन और इंदौर संभाग के अंतर्गत आने वाले नगर निगम, नगरपालिका एवं नगर परिषदों के विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अमृत-2.0, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के क्रियान्वयन की समीक्षा की गयी। बैठक में कायाकल्प, मुख्यमंत्री नगरीय अधोसंरचना निर्माण योजना, मुख्यमंत्री विकास योजना, चतुर्थ चरण के अंतर्गत हो रहे कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गयी। बैठक में आयुक्त श्री भोंडवे ने निकायों के अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिये राजस्व आय बढ़ाने के लिये भी प्रयास हों। बैठक में नगरीय निकायों के कर्मचारियों के वेतन भुगतान की स्थिति, पेयजल आपूर्ति, विद्युत बिलों के भुगतान की जानकारी प्राप्त की गयी। समीक्षा बैठक में निर्देश दिये गये कि वर्षा के पहले प्रत्येक निकाय अपने क्षेत्र के नालों की सफाई और जीर्णशीर्ण भवनों की स्थिति का आंकलन कर खाली कराने की कार्यवाही अभी से करें। बैठक में सीएम हेल्पलाइन और सीएम मॉनीटर पोर्टल पर प्राप्त जन-शिकायतों एवं घोषणाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गयी। विभागीय अधिकारियों को उच्च न्यायालय से संबंधित अवमानना प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये। आयुक्त नगरीय प्रशासन ने कहा कि शहर में अग्निशमन, वायु गुणवत्ता सुधार, ऐतिहासिक शहरों में सौंदर्यीकरण के लिये इनसे जुड़े विभागों से राशि प्राप्त की जाये। उन्होंने निकायों की हॉर्टीकल्चर विंग को सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। आयुक्त नगर निगम इंदौर ने बताया कि इंदौर शहर को 110 नई ईव्ही बसें प्रदान की गयी हैं। उन्होंने इंदौर में स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार हो रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी दी। recent visitors 36