ज़िंदगी के रंग: अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और जीवन कौशल का उत्सव

भोपाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क ने इस सप्ताह "ज़िंदगी के रंग" नामक एक प्रेरणादायक और सृजनात्मक श्रृंखला की शुरुआत की, जो युवाओं को आत्म-अभिव्यक्ति का एक प्रभावशाली मंच देने और उनके भीतर छिपी रचनात्मकता एवं जीवन कौशल को उजागर करने की एक अनूठी पहल है। तीन दिवसीय आयोजन में पेंटिंग, अभिनय और फोटोग्राफी जैसे कला रूपों के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल अपनी भावनाओं और दृष्टिकोण को अभिव्यक्त करने का अवसर मिला, बल्कि उन्होंने नेतृत्व, टीम भावना और आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों को भी आत्मसात किया। श्रृंखला में पहले दिन, प्रसिद्ध लाइफ कोच सायंती अधिकारी के सान्निध्य में छात्रों ने रंगों के ज़रिए अपने विचारों और भावनाओं को कैनवास पर साकार किया। दूसरे दिन, सौरभ अनंत और विहान आर्ट ग्रुप के सहयोग से प्रतिभागियों ने अभिनय के माध्यम से संवाद, अभिव्यक्ति और मंचीय आत्मबल को निखारा। तीसरे दिन अनुभवी फोटोग्राफर भावना जायसवाल ने छात्रों को फोटोग्राफी की तकनीकी बारीकियों और रचनात्मक दृष्टिकोण से परिचित कराया, जिससे उन्होंने कैमरे की आंख से दुनिया को नए अंदाज़ में देखना सीखा। हर सत्र में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि युवा प्रतिभाएं जब सही दिशा और मंच पाती हैं, तो वे सीमाओं को लांघ सकती हैं। जीएसपी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गिरीश शर्मा के मार्गदर्शन ने छात्रों में ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया। "ज़िंदगी के रंग" केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि GSP की उस प्रगतिशील सोच की झलक है, जिसमें शिक्षा को तकनीकी प्रशिक्षण से आगे बढ़ाकर समग्र व्यक्तित्व निर्माण का साधन बनाया गया है। यह पहल निश्चित ही युवाओं में नवाचार, आत्मविश्वास और जीवन-दृष्टि को मजबूती प्रदान करेगी। recent visitors 34

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण, जल्द ही बनकर होगा तैयार

भोपाल खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को भोपाल स्थित बरखेड़ा नाथू में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मापदण्ड के अनुसार निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्यों को तेजी व गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रदेश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में वैश्विक मंच तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान खेल संचालक श्री राकेश कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, कांट्रेक्टर, इंजीनियर्स, प्रोजेक्ट मैनेजर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने एथलेटिक्स स्टेडियम, लाइटिंग सिस्टम, प्रैक्टिस हॉकी फील्ड, वार्म-अप ट्रैक, मल्टीलेवल पार्किंग, फुटबॉल फील्ड, वॉटर एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य निर्माण कार्यों का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन डिटेल्स का प्रस्तुतीकरण भी देखा और तकनीकी पहलुओं पर अधिकारियों से चर्चा की। सभी खेल सुविधाएं एक परिसर में मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इस सर्वसुविधायुक्त स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के तैयार होने से मध्यप्रदेश में खेलों के लिए एक नया आयाम स्थापित होगा। यहाँ के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण से लेकर प्रतियोगिताओं तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मजबूती मिलेगी।   recent visitors 38

योगी सरकार ने बदल द‍िया ये न‍ियम- यूपी में प्राइवेट अस्‍पताल चलाने वाले डॉक्‍टरों के ल‍िए अच्‍छी खबर!

लखनऊ 50 बेड से कम क्षमता का प्राइवेट अस्पताल चलाने वाले चिकित्सकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब इन्हें अस्पताल के नवीनीकरण के लिए हर साल भाग दौड़ नहीं करनी होगी। एक बार अस्पताल का पंजीकरण हो जाने के बाद उन्हें हर पांचवें साल नवीनीकरण कराना होगा। अब तक हर साल नवीनीकरण कराने की व्यवस्था रही है। पांच साल पर नवीनीकरण कराने से संबंधित आदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने जारी कर दिए हैं। नवीनीकरण पांच साल पर कराने संबंधित आदेश में यह व्यवस्था भी कर दी गई है कि यदि कोई चिकित्सक एक अस्पताल पर पूरा समय दे रहा है तो वह दूसरे अस्पताल का लाइसेंस नहीं ले सकेगा। रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण में चिकित्सकों को यह ब्यौरा भरना होगा कि वह अस्पताल पर अपना कितना समय देंगे। जिन चिकित्सकों द्वारा यह भरा जाएगा कि वह अस्पताल में पूरा समय देंगे उन्हें दूसरा अस्पताल खोलने का लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। महानिदेशक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने बताया है कि अस्पतालों के नवीनीकरण के लिए चिकित्सकों को जनहित गारंटी पोर्टल पर आवेदन करना होगा। विभागीय स्तर पर भी यह ब्यौरा रखा जाएगा कि कोई चिकित्सक कितने अस्पताल चला रहा है। recent visitors 52

पश्चिमी देश एशिया में आसियान की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश कर रहा, बोले रूसी विदेश मंत्री

मॉस्को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि पश्चिमी देश भारत और पाकिस्तान को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं। सरकारी समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक, लावरोव ने मॉस्को में सीमाओं के बिना संस्कृति : सांस्कृतिक कूटनीति की भूमिका और विकास विषय पर आयोजित डिप्लोमैटिक क्लब की बैठक में यह टिप्पणी की। रूसी विदेश मंत्री ने कहा, ''एशिया-प्रशांत क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर गौर करें, जिसे पश्चिम ने अपनी नीति को स्पष्ट रूप से चीन विरोधी रुझान देने के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र कहना शुरू कर दिया है-इस उम्मीद के साथ भी कि इससे हमारे महान मित्रों और पड़ोसी देशों भारत व चीन के बीच टकराव पैदा किया जा सकेगा।'' चीन के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए स्थापित चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) के मुखर आलोचक लावरोव ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका के सैन्य गठबंधन एयूकेयूएस के गठन के बाद इसकी आलोचना कम कर दी है। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और अमेरिका शामिल हैं। लावरोव ने कहा कि पश्चिमी देश एशिया में आसियान (दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, ''पश्चिमी सहयोगी दुनिया के अन्य हिस्सों की तरह यहां भी प्रभावशाली भूमिका में आना चाहते हैं। वे आसियान की केंद्रीय भूमिका को कमजोर करना चाहते हैं, जो कई दशकों से सभी के लिए अनुकूल थी और जो आसियान देशों और उनके सहयोगियों की ओर से राजनीति के क्षेत्र में, सैन्य सहयोग के क्षेत्र में और रक्षा के क्षेत्र में बातचीत में कायम एकमत पर आधारित थी।'' आसियान दक्षिण-पूर्वी एशिया के 10 देशों का एक क्षेत्रीय समूह है, जिसका उद्देश्य अपने सदस्यों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है। इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, म्यांमा, कंबोडिया, लाओस और वियतनाम इसके सदस्य देश हैं। रूसी विदेश मंत्री ने कहा, ''आम सहमति के नियम, साझा आधार की तलाश-इन सभी को हमारे पश्चिमी सहयोगी धीरे-धीरे दरकिनार करना शुरू कर रहे हैं और कुछ आसियान देशों को एकीकृत मंचों के बजाय खुले तौर पर प्रतिरोधी मंचों से जुड़ने के लिए प्रलोभन दे रहे हैं।'' उन्होंने यूरेशिया में सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था का भी आह्वान किया। लावरोव ने कहा, ''यूरेशिया जैसा कोई दूसरा महाद्वीप नहीं है, जहां इतनी सारी सभ्यताएं एक साथ रहती हैं और जिन्होंने आधुनिक युग में भी अपनी पहचान एवं प्रासंगिकता बनाए रखी है। हालांकि, यूरेशिया एकमात्र ऐसा महाद्वीप भी है, जहां कोई महाद्वीप-व्यापी मंच नहीं है। यूरेशिया में इस तरह के एकीकृत मंच की जरूरत है, ताकि कई बड़ी, वास्तव में महान शक्तियों और सभ्यताओं के हितों में सामंजस्य स्थापित किया जा सके।'' उन्होंने याद दिलाया कि अफ्रीका में जहां उप-क्षेत्रीय मंचों के अलावा अफ्रीकी संघ मौजूद है, वहीं लातिन अमेरिका और कैरीबियाई क्षेत्र में लातिन अमेरिकी और कैरीबियाई राज्यों का समुदाय (सीईएलएसी) है, जबकि यूरेशिया में अभी तक ऐसा कोई मंच नहीं बनाया जा सका है।   recent visitors 41

निर्माणाधीन सिद्धबाबा जलाशय का मुख्यमंत्री साय ने किया निरीक्षण, योजना से 34 ग्राम होंगे सिंचित

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विकासखंड छुईखदान के ग्राम गभरा का दौरा किया और वहाँ निर्माणाधीन सिद्ध बाबा  जलाशय परियोजना का निरीक्षण किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 220 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जा रही है, जो क्षेत्र के सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएगी। उल्लेखनीय हैं की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्तावित सिद्धबाबा लघु जलाशय योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना जिले के ग्राम उरतुली के पास लमती नदी पर स्थापित की जाएगी, जो जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर स्थित है। परियोजना की अनुमानित लागत 220.07 करोड़ रुपये है। इसे दिनांक 9 मार्च 2022 को जल संसाधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर–अटल नगर द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। सिंचाई का होगा बड़ा विस्तार सिद्धबाबा जलाशय की कुल जलभराव क्षमता 9.496 मिलियन घन मीटर निर्धारित की गई है। इसके निर्माण से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बेमेतरा और दुर्ग जिलों के कुल 34 गांवों में लगभग 1840 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के 19 गांवों (जैसे गगरा, बुंडेली, सूरादरी, कोटरा आदि) में 885 हेक्टेयर। बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र के 11 गांवों (जैसे पचरसोरी, जानो, सोहागपुर आदि) में 820 हेक्टेयर। इसी प्रकार  दुर्ग जिले के 4 गांवों (अगारकला, नवागांव आदि) में 135 हेक्टेयर शामिल है जलाशयों को भी मिलेगा जीवनदान इस परियोजना से 23 लघु जलाशयों को भी जलापूर्ति की जाएगी, जिससे जल संरक्षण और कृषि उत्पादन को नई ऊर्जा मिलेगी। इनमें शामिल हैं: छुईखदान विकासखंड के 13 जलाशय, साजा विकासखंड के 7 जलाशय, धमधा विकासखंड के 3 जलाशय कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल यह परियोजना न केवल सिंचाई सुविधाओं को सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और किसान आत्मनिर्भरता में भी अहम भूमिका निभाएगी। इससे सूखे की मार झेल रहे कई इलाकों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। recent visitors 35

भारत सरकार ने तुर्की के साथ सभी तरह के समझौते की समीक्षा शुरू कर दी, तुर्की पर पहली बार प्राइवेट यूनिवर्सिटी की मार

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के मददगार तुर्की की अब खटिया खड़ी होने लगी है। भारतीयों ने तुर्की बहिष्कार का ऐलान किया है। इसके अलावा भारत सरकार ने तुर्की के साथ सभी तरह के समझौते की समीक्षा शुरू कर दी है। कुछ समझौते तो रद्द भी होने शुरू हो गए हैं। इस बीच, पहली बार एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तुर्की के साथ हुए अपने सभी समझौतों को रद्द कर दिया है। पंजाब के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने ऐसा कर दिखाया है। इस यूनिवर्सिटी ने तुर्की और अजरबैजान के साथ सभी समझौता ज्ञापनों को रद्द कर दिया है। इस यूनिवर्सिटी ने हाल की भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए तुर्की और अजरबैजान के संस्थानों के साथ छह शैक्षणिक साझेदारियों को औपचारिक रूप से तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। एलपीयू के संस्थापक चांसलर और राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा, “जब हमारे बहादुर सशस्त्र बल अपने जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं – चाहे गुप्त ऑपरेशन हो, हवाई रक्षा हो, या हमारी सीमाओं पर गश्त करना हो, तो हम, एक संस्थान के रूप में कैसे उदासीन बने रह सकते हैं।"  बता दें कि सुरक्षा और विमानन से लेकर शिक्षा और व्यापार तक भारत तुर्की के साथ कई क्षेत्रों में संबंध खत्म कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद का समर्थन करने के बाद नई दिल्ली ने अंकारा को सबक सिखाने का प्रण किया है। एक दिन पहले ही नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में’ तुर्की की कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लि. की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी। यह कंपनी देशभर के नौ हवाई अड्डों – मुंबई, दिल्ली, कोचीन, कन्नूर, बेंगलुरु, हैदराबाद, गोवा (जीओएक्स), अहमदाबाद और चेन्नई में सेवाएं प्रदान करती थी। इसके बाद इस सभी हवाई अड्डों ने सेलेबी के साथ समझौता रद्द कर दिया है। AIU ने देशभर के कुलपतियों को पत्र लिखा गुरुवार को ही एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ने देशभर के कुलपतियों को पत्र लिखा है। AIU ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कुलपतियों से तुर्की, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ शैक्षणिक संबंध निलंबित करने का आग्रह किया है। इसके अगले ही दिन लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ऐसा कदम उठाकर देश की पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बन गई है। अब तक इन विश्वविद्यालयों ने लिया ऐक्शन अब तक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), जामिया मिलिया इस्लामिया और कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) सहित कई शैक्षणिक संस्थान ऐसा ही कदम उठा चुके हैं। दिल्ली में जामिया मिलिया विश्वविद्यालय ने तुर्की के शैक्षणिक संस्थानों के साथ अपने एमओयू को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है, जबकि जेएनयू ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ऐसा किया है। जेएनयू ने तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ एमओयू को निलंबित कर दिया है। तुर्की के पर्यटन स्थलों के बहिष्कार का ऐलान गुरुवार को ही मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) ने तुर्की के यूनुस एमरे इंस्टीट्यूट के साथ अपने संबंधों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। MANUU के एक बयान में कहा, "यह निर्णय भारत-पाक तनाव की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों के लिए तुर्की के समर्थन के विरोध में लिया गया है।" फिलहाल दिल्ली विश्वविद्यालय तुर्की के कॉलेजों के साथ अपने संबंधों की समीक्षा कर रहा है। लोगों ने तुर्की के विमानों और तुर्की के पर्यटन स्थलों का बहिष्कार करने का भी आह्वान किया है। तुर्की एयरलाइन्स के विमान देशभर के 10 हवाई अड्डों से सप्ताह में 56 उड़ान भरते हैं। ये उड़ानें भारतीय यात्रियों को 131 देशों के 352 शहरों तक सेवा पहुंचाती हैं।   recent visitors 54

रेखा गुप्ता ने कहा- दिल्ली में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की घोषणा के बाद इन लोगों को मिलेगी नौकरी में प्राथमिकता

नई दिल्ली दिल्ली में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की घोषणा के बाद अपनी नौकरी को लेकर चिंतित मोहल्ला क्लीनिक में तैनात डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रति मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सहानुभूति दिखाई है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि नई भर्ती में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। शुक्रवार सुबह शालीमार बाग स्थित आवास पर मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से अपनी चिंता साझा कीं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि आप निश्चिंत रहें, दिल्ली में जो भी नए आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे, उनमें नई भर्ती में पहले आपको प्राथमिकता (आक्यूपाइ करेंगे) दी जाएगी, इसके बाद किसी और को रखा जाएगा। दिल्ली में इस समय 553 मोहल्ला क्लिनिक उल्लेखनीय है कि दिल्ली में इस समय 553 मोहल्ला क्लीनिक है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने 14 मई को ही मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत 431 डॉक्टर को एक साल के लिए कार्य विस्तार दिया गया है। इसके अलावा 410 पैरा मेडिकल कर्मचारियों को भी कार्य विस्तार दिया गया है लेकिन इस कार्य विस्तार में डाली गई एक शर्त को लेकर मोहल्ला क्लीनिक स्टाफ चिंतित है। नई शर्त में यह कहा गया है कि यदि इस अनुबंध अवधि के दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए नई नियुक्ति होती हैं तो वर्तमान अनुबंध स्वत: खत्म हो जाएगा। recent visitors 47