ऑपरेशन सिंदूर वाली टीम के लिए ममता बनर्जी ने दी सहमति, विदेश दौरे में TMC से अभिषेक होंगे शामिल

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर का सच दुनिया के सामने रखने और पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए विदेश दौरा करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में टीएमसी से अभिषेक बनर्जी शामिल होंगे। सूत्रों का कहना है कि टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी को भेजने पर सहमत हो गई हैं। इससे पहले ममता बनर्जी ने इस प्रतिनिधिमंडल से दूरी बना ली थी। खबर यह भी थी कि उन्होंने यूसुफ पठान को भी जाने से रोक दिया था। मोदी सरकार की इस टीम में यूसुफ पठान का नाम शामिल किया गया था। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने खुद इस मामले में ममता बनर्जी से बात की थी। उन्होंने टीएमसी की तरफ से प्रतिनिधि को लेकर फैसला लेने की अपील की थी। ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से निपटने के भारत के रुख को सामने रखने के लिए गठित केंद्र के बहुदलीय राजनयिक मिशन का बहिष्कार नहीं कर रही हैं और केंद्र से औपचारिक अनुरोध प्राप्त होने पर अपने प्रतिनिधि भेजेंगी। टीएमसी ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रतिनिधिमंडलों में पार्टी के उम्मीदवार का फैसला केंद्र को नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर अनुरोध हमारे पास आता है, तो निश्चित रूप से हम इस पर विचार कर सकते हैं। हम हमेशा केंद्र सरकार की नीति (विदेश मामलों पर) का समर्थन करते हैं। अगर कुछ खास होगा, तो हम इस पर विचार करेंगे, लेकिन अभी नहीं। फिलहाल, हम केंद्र सरकार के विचारों और उनके द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन कर रहे हैं।’ बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को किसी पार्टी के प्रतिनिधियों को चुनने का कोई अधिकार नहीं है। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ देश की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति के रुख को सभी के सामने रखने के लिए पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिजनों या ऑपरेशन सिंदूर का नेतृत्व करने वाले सशस्त्र बलों के अधिकारियों को विदेश भेजना चाहिए। तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव ने संवाददाताओं के सामने दोहराया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय हित, सीमा पार आतंकवाद का मुकाबला करने और संप्रभुता की रक्षा के मामलों में सरकार के साथ खड़ी है। अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘हालांकि, जहां तक संसदीय प्रतिनिधिमंडलों का सवाल है केंद्र एकतरफा फैसला नहीं कर सकता कि किस पार्टी से किसे चुना जाएगा। उन्हें नाम मांगने होंगे और सभी राजनीतिक दलों, खासकर विपक्षी खेमे के साथ व्यापक विचार-विमर्श की व्यवस्था करनी होगी।’ डायमंड हार्बर के सांसद ने कहा था कि अगर पार्टी से संपर्क किया जाता है, तो तृणमूल ‘‘निश्चित रूप से’’ अपने सदस्यों को प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में भेजेगी। बता दें कि केंद्र जो टीम बनाई है उसमें कांग्रेस से शशि थरूर, जेडीयू से संजय झा, बीजेपी से रविशंकर प्रसाद, डीएमके से कनिमोझी और एनसीपी-एसपी से सुप्रिया सुले का नाम शामिल है।  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 44

मुख्यमंत्री ने राजवाड़ा के दरबार हाल के जीर्णोद्धार कार्य का किया शुभारंभ

इंदौर इंदौर के राजवाड़ा में आयोजित मंत्रि-परिषद की महत्वपूर्ण बैठक का शुभारंभ लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के नमन के साथ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजवाड़ा के समीप स्थित उद्यान में देवी अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल तथा जगदीश देवड़ा सहित मंत्रीगण प्रहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट और अन्य मंत्रीगणों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्यों का मालवी परम्परा के अनुरूप पगड़ी पहनाकर स्वागत-सत्कार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्रीगणों ने इस स्मृति को चिर स्थायी बनाये रखने के लिये सामूहिक फोटो भी खिंचवाये। मुख्यमंत्री ने राजवाड़ा के दरबार हाल के जीर्णोद्धार कार्य का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के गौरव राजवाड़ा के प्रसिद्ध दरबार हाल के संरक्षण एवं पुनर्स्थापना कार्य का शुभारंभ किया। यह कार्य संस्कृति विभाग के पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा प्रदेश की समृद्ध, सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के संरक्षण की दिशा में कराया जा रहा है। इससे दरबार हॉल के गौरव को पुन: लौटाया जायेगा। दरबार हॉल के लिये 11 करोड़ 21 लाख रूपये सिंहस्थ मद के तहत स्वीकृत किये गये हैं। यह कार्य होने से इंदौर की पहचान होल्करकालीन स्थापत्य की कला को उसका मूल भव्य स्वरूप प्राप्त होगा। सांस्कृतिक गतिविधियों, धरोहर भ्रमण और विरासत पर्यटन के एक सक्रिय केन्द्र के रूप से पुनः: विकसित किया जायेगा।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 16

चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा- ऐसा नहीं है कि सरकारी नियंत्रण में जाने से उपासना का अधिकार प्रभावित होगा

नई दिल्ली वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज से फिर सुनवाई शुरू हुई है। इस मामले की सुनवाई पूर्व चीफ जस्टिस संजीव खन्ना कर रहे थे, जिन्होंने अपने रिटायरमेंट से पहले मौजूदा सीजेआई बीआर गवई की बेंच को केस सौंप दिया। याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार इस ऐक्ट के माध्यम से वक्फ की संपत्तियां ही कब्जा कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि वक्फ का अर्थ अल्लाह के लिए समर्पण से है। यदि कोई वक्फ में अपनी संपत्ति देता है तो वह एक तरह से अल्लाह के लिए दान है और उसका इस्तेमाल नहीं बदला जा सकता। वक्फ की संपत्ति को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। एक बार जो संपत्ति वक्फ रहती है, वह हमेशा वक्फ ही कहलाती है। उसमें बदलाव संभव नहीं है। कपिल सिब्बल ने वक्फ ऐक्ट को गलत ठहराते हुए कहा, 'इसे यह कहते हुए लाया गया है कि वक्फ का इससे संरक्षण होगा, लेकिन उससे तो कब्जा होगा। इस कानून को ऐसे बनाया गया है कि बिना किसी प्रक्रिया के ही वक्फ की संपत्ति को लिया जा सके। कोई संपत्ति वक्फ है या नहीं। यह तय करने वाला एक सरकारी अधिकारी होगा। यदि वह कोई फैसला इधर-उधर कर दे तो वक्फ संपत्ति पर विवाद हो सकता है। आइए अब बात करें कि आखिर वक्फ क्या है। वक्फ तो अल्लाह के प्रति एक समर्पण है। इसे किसी और को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।' खजुराहो मंदिर का चीफ जस्टिस गवई ने क्यों किया जिक्र केस की सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने एक दलील प्राचीन स्थलों को लेकर भी दी। उन्होंने कहा कि कुछ ऐतिहासिक स्मारक हैं, उन्हें पहले जब सरकार के नियंत्रण में लिया जाता था, तब भी उनका वक्फ का दर्जा खत्म नहीं होता था। अब यदि किसी वक्फ संपत्ति को स्मारक का दर्जा मिलेगा तो फिर उसे वक्फ नहीं माना जाएगा। फिर एक बार जब वक्फ का दर्जा समाप्त हो जाएगा तो लोगों को प्रार्थना करने से रोक दिया जाएगा। इस तरह स्वतंत्रता के साथ उपासना करने का अधिकार प्रभावित होगा। इस पर चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकारी नियंत्रण में जाने से उपासना का अधिकार प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि खजुराहो फिलहाल संरक्षित स्मारक है। इसके बाद भी वहां के मंदिर में आम लोग जाकर पूजा कर सकते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32

मुंबई में कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के मिले संकेत, खबरों के बीच इन शेयर पर टूटे निवेशक, खरीदने की लूट

मुंबई बीएमसी के अफसरों ने कहा है कि सिंगापुर, हांगकांग, पूर्वी एशिया और अन्य देशों में कोरोना मामलों में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। बीएमसी का स्वास्थ्य विभाग इस पर नियंत्रण रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।  देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक बार फिर कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में कुछ 53 कोरोना के पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने कोरोना मरीजों के लिए गाइडलाइन जारी की है।  बीएमसी ने नई गाइडलाइन में लोगों को बताया है कि नगरपालिका अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों के उपचार एवं मार्गदर्शन की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। मुंबई महानगरपालिका के अस्पतालों में मरीजों के लिए विशेष बिस्तर और विशेष कमरों की व्यवस्था भी की गई है। कोरोना को लेकर बीएमसी कर्मचारी फिर अलर्ट बीएमसी की ओर से जारी बयान के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सिंगापुर, हांगकांग, पूर्वी एशिया और अन्य देशों में COVID मामलों की संख्या बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग COVID-19 के प्रसार पर नियंत्रण रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। जनवरी 2025 से अप्रैल 2025 तक कोविड मरीजों की संख्या बहुत कम आई थी। हालांकि, मई से अब तक कुछ मरीज देखे गए हैं, लेकिन बृहन्मुंबई नगर निगम प्रशासन नागरिकों से न घबराने की अपील कर रहा है। बीएमसी के अस्पताल में अलग से बेड की व्यवस्था बृहन्मुंबई नगर निगम के अस्पतालों में कोरोना मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए गए हैं. कोरोना मरीजों के लिए सेवन हिल्स अस्पताल में 20 बिस्तर (एमआईसीयू), 20 बिस्तर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए और 60 सामान्य बिस्तर हैं. इसके अलावा, कस्तूरबा अस्पताल में 2 गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) बेड और 10 बेड का वार्ड है. यदि आवश्यक हुआ तो यह क्षमता बढ़ाई जा सकती है. कोविड-19 के लक्षण COVID-19 के सामान्य लक्षणों में मुख्य रूप से बुखार, खांसी (सूखी या कफ के साथ), गले में खराश या दर्द, थकान महसूस होना, शरीर में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं। इसके साथ ही कभी-कभी सर्दी, नाक बहना, स्वाद या गंध का एहसास न होने जैसे लक्षण भी शामिल हो सकते हैं। ये लक्षण प्रायः सामान्य सर्दी-जुकाम के समान हो सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति में भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई एक बड़ा खतरे का संकेत है। कोविड से बचने के उपाय अगर आपको कोई भी लक्षण महसूस हो तो आपको तुरंत किसी नगरपालिका क्लिनिक, अस्पताल या पारिवारिक चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। ताकि कोरोना को फैलने से समय पर रोका जा सके। इस बीच, कोविड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी जा रही है। साथ ही अन्य फार्मा सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी है। आज मंगलवार को ग्लोबल वैक्सीन निर्माता फाइजर इंक की भारतीय यूनिट फाइजर लिमिटेड के शेयर एनएसई पर 13% तक चढ़ गए और 5,009 रुपये के पार पहुंच गए थे। इन शेयरों में भी तेजी अजंता फार्मा के शेयर में आज तेजी है। इसके अलावा, एबॉट इंडिया लिमिटेड, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड में तेजी है। डिवीज़ लैबोरेटरीज लिमिटेड, सनफार्मा, सिप्ला समेत के शेयर फोकस में हैं। बता दें कि पिछली बार कोविड के समय शेयर बाजार पस्त पड़ गया था, बावजूद फार्मा कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई थी। ऐसे में निवेशकों में फार्मा कंपनी के शेयरों को लेकर एक बार फिर उत्साह नजर आ रहा है और वे खरीदारी को लेकर अलर्ट हो गए हैं। बता दें कि ग्लोबल मार्केट में बीते सोमवार को साउथ कोरियाई डायग्नोस्टिक किट निर्माता सुगेंटेक इंक. सोमवार को 29% तक उछल गया था। जापान में, कोविड वैक्सीन निर्माता दाइची सैंक्यो के शेयरों में 7.4% तक की बढ़ोतरी हुई थी, जब यूबीएस द्वारा इसके टारगेट प्राइस को भी बढ़ा दिया गया। हांगकांग में, शंघाई जुंशी बायोसाइंसेज कंपनी, जो कोविड टीके भी बनाती है, के शेयरों में 4.3% तक की बढ़ोतरी हुई थी। भारत में स्थिति कंट्रोल बता दें कि देश के विभिन्न राज्यों में कुल 257 सक्रिय COVID मामले दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर मामले केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से सामने आए हैं। सरकार के मुताबिक, स्थिति कंट्रोल में और लगातार निगरानी में है। इस बार संक्रमण के लिए ओमिक्रोन के नए वेरिएंट JN.1 और इसके सब-वेरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। हालांकि, यह खतरनाक है भी नहीं। अभी इस तरह का कोई प्रमाण नहीं मिला है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

ई-पॉस प्रणाली का उपयोग हितग्राहियों द्वारा प्रत्येक माह पृथक बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर राशन सामग्री का उठाव किया जाएगा

बेमेतरा प्रदेश के राशन कार्डधारियों को राज्य शासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जून, जुलाई और अगस्त माह का एक साथ चावल का आवंटन जारी कर दिया है। राशन कार्डधारी को सुविधानुसार एक या तीन माह का चावल उठाव करने का विकल्प होगा। राशन कार्डधारियों को तीन माह का चावल एकमुश्त उठाव करने की बाध्यता नहीं होगी। अन्य राशन सामग्री (शक्कर, नमक, चना, गुड़) का वितरण: नागरिक आपूर्ति निगम में उपलब्ध स्टॉक के आधार पर प्रत्येक माह पृथक-पृथक आबंटन कर वितरण किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा पत्र जारी कर चावल उत्सव के आयोजन की तिथि का निर्धारण कर उत्सव के दिन 03 महीने का चावल वितरित किया जाए। तीन माह के चावल एवं अन्य राशन सामग्री के परिवहन के लिए वाहन और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था की जाए। चावल उत्सव के आयोजन के लिए प्रत्येक उचित मूल्य के लिए नोडल अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाए, जिनके द्वारा समय सीमा के भीतर राशन सामग्री का भंडारण और चावल वितरण के बाद सत्यापन की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा चावल वितरण की सूचना का उचित मूल्य की दुकानों में पोस्टर-बैनर तथा अन्य माध्यमों से प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। माह जून में 03 माह का चावल एवं राशन सामग्री उठाव 31 मई तक कर लिया जाए। ई-पॉस प्रणाली का उपयोग हितग्राहियों द्वारा प्रत्येक माह पृथक बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर राशन सामग्री का उठाव किया जाएगा। साथ ही ई-पॉस मशीन से रसीद जनरेट कर हितग्राहियों को प्रदाय की जाएगी। चावल उत्सव का आयोजन माह जून में उचित मूल्य दुकानों में तीन माह की चावल वितरण हेतु “चावल उत्सव” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दुकान स्तर की निगरानी समिति की उपस्थिति में वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 21

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका, पहलगाम आतंकी घटना का नाम ‘शहीद हिंदू घाटी टूरिस्ट प्लेस’ रखा जाए

चंडीगढ़ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जिस स्थान पर 26 पर्यटकों को धर्म पूछकर मार डाला गया था, उसके नामकरण को लेकर एक अर्जी मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में पहुंची। इस जनहित याचिका में मांग की गई कि जिस स्थान पर इन लोगों को आतंकियों ने बेरहमी से मार डाला था, उसका नाम- 'शहीद हिंदू घाटी टूरिस्ट प्लेस' रखा जाए। इसके अलावा हमले में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा दिया जाए। इस अर्जी को चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमीत गोयल की बेंच ने खारिज कर दिया। बेंच ने कहा कि ऐसी मांग पर फैसला सरकार या फिर संबंधित अथॉरिटीज की ओर से ही किया जा सकता है। इसमें अदालत की कोई भूमिका नहीं हो सकती। अदालत ने कहा, 'किसी स्थान को कुछ घोषित करना अथवा स्मारक तय करना या फिर नाम में बदलाव करना यह सरकार का काम है। इसके अलावा किसी दिवंगत व्यक्ति को बलिदानी का दर्जा देना भी हमारे हाथ में नहीं है। यह पूरी तरह से सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।' बेंच ने कहा कि अदालत पॉलिसी मेकिंग का काम नहीं कर सकती। हम इससे खुद को दूर ही रखते हैं क्योंकि यह पूरी तरह से संसद या फिर विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ता को यह सुझाव भी दिया कि वह सरकार के समक्ष ज्ञापन दे सकते हैं। उसकी तरफ से ही इस पर कानून के दायरे में विचार किया जा सकता है। इस पर हम विचार नहीं कर सकते।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 38

ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ आतंकियों बल्कि पाकिस्तानी सेना को भी इतने जख्म दिए कि उसे भरने में लंबा वक्त लगेगा: सेना

नई दिल्ली सेना ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में चिनार कोर ने पीओके की लीपा घाटी में स्थित सैन्य ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इसे फिर खड़ा करने में 8 से 12 महीने का वक्त लग जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने न सिर्फ आतंकियों बल्कि पाकिस्तानी सेना को भी इतने जख्म दिए कि उसे भरने में लंबा वक्त लगेगा। भारतीय सेना की चिनार कोर ने पीओके की लीपा घाटी में स्थित सैन्य ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। सेना अधिकारियों का कहना है कि इस बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने में पाकिस्तान को 8 से 12 महीने का समय लग सकता है। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के अग्रिम क्षेत्र तंगधार स्थित नियंत्रण रेखा (LoC) का दौरा करने पर देखा गया कि मई के दूसरे सप्ताह में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय जवाबी कार्रवाई के बाद पीओके में पाकिस्तानी सैन्य ढांचा तबाह हो चुका है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने कम से कम तीन पोस्ट, एक गोला-बारूद डिपो, ईंधन भंडारण सुविधा और तोपखाने जैसे कई ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। हमारी जवाबी कार्रवाई इतनी प्रभावशाली थी कि पाकिस्तान को इन सबको दोबारा तैयार करने में लंबा वक्त लगेगा।" पाक के हर हमले का सटीक जवाब एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान सेना ने भारी हथियारों के साथ-साथ हवाई साधनों का भी इस्तेमाल किया, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस और 'आकाशदीप' रडार प्रणाली की वजह से वह कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा पाए। भारतीय सेना ने केवल उन्हीं पाक ठिकानों को निशाना बनाया जहां ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सकता था। अधिकारियों के अनुसार, इस जवाबी कार्रवाई में कम से कम 64 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 96 घायल हुए। हर सीजफायर का तीन गुना जवाब चिनार कोर के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, "हमारा संदेश साफ था—हम हर सीज़फायर उल्लंघन का तीन गुना जवाब देंगे।" 7 मई को मुज़फ्फराबाद के पास 25 मिनट तक चले सटीक हमले में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। यह हमला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था। सेना अधिकारियों ने बताया कि हमले के दौरान एक पाकिस्तानी ब्रिगेड कमांडर ने मस्जिद में छिपते हुए सैनिकों को संदेश भेजा—"पहले जानें बचाओ, दफ्तर बाद में खुल जाएंगे।" पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने हर प्रयास को नाकाम किया। अंततः दोनों देशों ने 10 मई को संघर्ष विराम पर सहमति जताई। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 28