एवेंजर्स: डूम्‍सडे और सीक्रेट वॉर्स पोस्‍टपोन, बढ़ा इंतजार

लॉस एंजिल्स मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की फिल्‍में बीते कुछ समय से वह जादू नहीं चला पा रही हैं, जिसकी इनसे उम्‍मीद रहती है। एक दिन पहले जहां टॉम हॉलैंड की 'स्‍पाइडर मैन 4' अपनी कास्‍ट‍िंग को लेकर चर्चा में थी, वहीं अब MCU की मोस्‍ट अवेटेड फिल्‍मों 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' और 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' को लेकर बड़ी खबर आई है। इन दोनों ही फिल्‍मों से जहां फैंस को भरदम उम्‍मीदें हैं, वहीं डॉक्‍टर डूम के रोल में विलेन बनकर आ रहे रॉबर्ट डाउनी जूनियर के कारण भी एक्‍साइटमेंट लेवल हाई है। पर अफसोस, फैंस को इन दोनों ही फिल्‍मों के लिए थोड़ा और लंबा इंतजार करना होगा। 'आयरन मैन' बनकर फैंस के फेवरेट बने रॉबर्ट डाउनी जूनियर की 'डॉक्‍टर डूम' के रूप में झलक पाने के लिए फैंस की बेताबी बढ़ गई है। ऐसा इसलिए कि डिज्नी ने मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की इन दोनों ही फिल्‍मों की रिलीज को पोस्‍टपोन कर दिया है। स्टूडियो ने गुरुवार को इस बाबत घोषणा की है। बताया है कि MCU की दोनों अगली 'एवेंजर्स' फिल्मों की रिलीज में देरी होगी। 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' की नई रिलीज डेट डिज्नी, जो अब मार्वल स्टूडियोज की मूल कंपनी है ने बताया, 'अब एवेंजर्स: डूम्सडे, जिससे रॉबर्ट डाउनी जूनियर MCU में वापसी कर रहे हैं, अब 18 दिसंबर 2026 को रिलीज होगी।' यह फिल्‍म पहले 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में दस्‍तक देने वाली थी। लेकिन अब इसे 7 महीने के लिए पोस्‍टपोन कर दिया गया है। यह फिल्म अभी प्रोडक्‍शन लेवल पर है। 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' की नई रिलीज डेट मार्वल स्‍टूडियोज ने इससे पहले बताया था कि 'एवेंजर्स' की दोनों अपकमिंग फिल्‍मों की शूटिंग शुरू हो चुकी है। नई घोषणा में 'एवेंजर्स: डूम्‍सडे' के साथ ही 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' की रिलीज डेट बदलने का भी ऐलान हुआ है। अब यह फिल्‍म 2 मई 2027 की बजाय 17 दिसंबर 2027 को रिलीज होगी। फिल्‍म निर्माण में देरी के कारण पोस्‍टपोन हुई रिलीज 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, नए शूटिंग शेड्यूल तय हुए हैं। फिल्म निर्माताओं को सुपरहीरो फिल्मों को पूरा करने के लिए अधिक समय देने का फैसला लिया गया है। ये डिज्नी द्वारा अब तक बनाई गई सबसे बड़ी फिल्मों में से एक हैं। रुसो ब्रदर्स कर रहे हैं 'एवेंजर्स: डूम्सडे' और 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' का डायरेक्‍शन 'एवेंजर्स: डूम्सडे' और 'एवेंजर्स: सीक्रेट वॉर्स' दोनों ही मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) के फेज-VI का हिस्सा हैं। इन फिल्‍मों का डायरेक्‍शन रुसो ब्रदर्स कर रहे हैं। इससे पहले, रुसो ब्रदर्स ने MCU को अपनी सबसे बड़ी हिट फिल्में- एवेंजर्स: एंडगेम और एवेंजर्स: इनफिनिटी वॉर दी हैं। 'एवेंजर्स: एंडगेम' का रिकॉर्ड तोड़ेंगी 'डूम्‍सडे' और 'सीक्रेट वॉर्स'? सही मायने में मार्वल स्‍टूडियोज की प‍िछली बंपर हिट फिल्‍म 2019 में रिलीज 'एवेंजर्स: एंडगेम' ही थी। इसने दुनियाभर में 2.79 बिलियन डॉलर यानी करीब 23902 करोड़ रुपये की कमाई की थी। यह दुनियाभर में 'अवतार' (2.9 बिलियन डॉलर' के बाद सबसे अध‍िक कमाई करने वाली फिल्‍म है। 'एवेंजर्स: एंडगेम' ने भारतीय बॉक्‍स ऑफिस पर भी 373.05 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन किया था। recent visitors 56

साई सुदर्शन को पछाड़ नंबर-1 बनना है तो चढ़ना होगा ‘शतक का पहाड़’, ऑरेंज कैप से कितना दूर विराट कोहली?

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2025 का 65वां मैच आज यानी शुक्रवार, 23 मई को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच में विराट कोहली की नजरें ऑरेंज कैप के करीब पहुंचने पर होगी। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ पिछला मैच बारिश की भेंट चढ़ने से किंग कोहली इस लिस्ट में काफी पिछड़ गए हैं। विराट के नाम आईपीएल 2025 में 11 मैचों में 63.12 की औसत के साथ 505 रन दर्ज है, वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में 8वें पायदान पर खिसक गए हैं। अगर आज उन्हें टॉप पर बैठे साई सुदर्शन को पछाड़ना है तो शतक का पहाड़ चढ़ना होगा। गुजरात टाइटंस के दोनों सलामी बल्लेबाज -साई सुदर्शन और शुभमन गिल- ऑरेंज कैप की रेस में टॉप-2 में अपना कब्जा जमाए बैठे हैं। साई सुदर्शन के नाम जहां 13 मैचों में 638 रन दर्ज है, वहीं शुभमन गिल 636 रनों के साथ बिल्कुल उनके पीछे हैं। इन दोनों बल्लेबाजों के अलावा अभी तक कोई और इस सीजन 600 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। गुरुवार, 22 मई को हुई जीटी वर्सेस एलएसजी मैच में शतक जड़ मिचेल मार्श भी 560 रनों के साथ चौथे पायदान पर पहुंच गए हैं। विराट कोहली को ऑरेंज कैप की रेस में नंबर-1 बनने के लिए चाहिए कितने रन? विराट कोहली को अगर आज ऑरेंज कैप पर कब्जा जमाना है तो उन्हें शतकीय पारी खेलनी होगी। वह साई सुदर्शन से अभी 133 रन पीछे हैं। विराट कोहली के नाम IPL के इतिहास में सबसे अधिक 8 शतक जड़ने का रिकॉर्ड है, ऐसे में उनके लिए यह काम मुश्किल नहीं है। कोहली पिछले दो सीजन से लगाकार शतक मारते हुए आ रहे हैं। ऐसे में उनकी नजरें इस सीजन भी शतक जड़ हैट्रिक पूरी करने पर होगी। recent visitors 58

न्यायाधीश अपने विदाई समारोह में ही नहीं गए बल्कि 11 फैसले सुनाए, शनिवार को लास्ट डे रहेगा, आज आखिरी कार्यदिवस था

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के जज रिटायरमेंट के दिन आमतौर पर कोई फैसला नहीं सुनाते, लेकिन जस्टिस एएस ओका ने इस पुरानी रवायत को बदल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को अपने आखिरी कार्यदिवस पर कई बेंचों में हिस्सा लिया और 11 फैसले दिए। ऐसा उन्होंने तब किया है, जब उनकी मां का एक दिन पहले ही निधन हुआ था। वह गुरुवार को ही अपनी मां के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए मुंबई गए थे और फिर लास्ट वर्किंग डे पर काम करने के लिए दिल्ली लौट आए। शुक्रवार को शीर्ष अदालत में उनका आखिरी दिन था और इस मौके पर भी वह सिर्फ विदाई समारोह के आयोजनों में ही नहीं रहे बल्कि 11 फैसले सुनाए। उनका शनिवार को लास्ट डे रहेगा, लेकिन आज आखिरी कार्यदिवस था। उन्होंने पहले ही कहा था कि वह रिटायरमेंट शब्द से नफरत करते हैं। इसके अलावा उनका कहना था कि जजों को आखिरी दिन भी फैसले सुनाने चाहिए और बेंच का हिस्सा बनना सही रहता है। इसी के तहत उन्होंने कई सुनवाई में हिस्सा लिया और फिर अंत में प्रतीकात्मक बेंच का भी हिस्सा बने, जिसका नेतृत्व चीफ जस्टिस बीआर गवई कर रहे थे। किसी भी जज के रिटायरमेंट पर प्रतीकात्मक जज चीफ जस्टिस के नेतृत्व में बैठती है। ऐसा जस्टिस को सम्मानजनक विदाई के लिए किया जाता है और यह परंपरा शीर्ष अदालत में दशकों से चली आ रही है। जस्टिस ओका बोले- आखिरी दिन भी करना चाहिए पूरा काम बता दें कि 21 मई को जस्टिस ओका के लिए फेयरवेल समारोह आयोजित हुआ था। इसका आयोजन सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन की ओर से किया गया था। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि मैं इस परंपरा को सही नहीं मानता कि रिटायरमेंट के दिन जज काम ही न करें। मैं पसंद करूंगा कि आखिरी कार्यदिवस पर भी काम करूं और कुछ फैसलों का हिस्सा बनूं। इसके अलावा उनका कहना था कि रिटायर होने वाले जज के लिए गार्ड ऑफ ऑनर 1:30 बजे दिया जाता है, जिसमें थोड़ी देरी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आखिरी दिवस पर कम से कम शाम को 4 बजे तक तो काम करना ही चाहिए। जिला अदालत से की थी शुरुआत और SC तक आ पहुंचे उन्होंने कहा था कि मैं तो रिटायरमेंट शब्द से ही नफरत करता हूं। बता दें कि जस्टिस ओका ने यूनिवर्सिटी ऑफ बॉम्बे से लॉ की पढ़ाई करने के बाद जून 1983 से वकालत शुरू की थी। उन्होंने अपने पिता श्रीनिवास ओका के ठाणे जिला अदालत स्थित चेंबर से वकालत शुरू की थी और वहां से लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज तक का सफर तय किया। उनकी 29 अगस्त, 2003 को बॉम्बे हाई कोर्ट में एंट्री हुई थी। तब वह अस्थायी जज थे और फिर 2005 में परमानेंट हुए। वह कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस 10 मई, 2019 को बने थे। फिर वह 31 अगस्त, 2021 को सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर आए। उनका कार्य़काल शीर्ष अदालत में करीब 4 साल का रहा है। recent visitors 77

उपराष्ट्रपति धनखड़ नरसिंहपुर में 26 मई को करेंगे कृषि उद्योग समागम का शुभारंभ

 भोपाल  प्रदेश में वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के अंतर्गत अनंत संभावनाओं के दृष्टिगत नरसिंहपुर में 26 मई को कृषि उद्योग समागम का आयोजन होगा। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 मई को  कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। तीन दिन के कृषि उद्योग समागम में कृषि अधारित उद्योग इकाइयों का शिलान्यास एवं लोकार्पण तथा उद्योगपतियों को भूमि आवंटन पत्र एवं आशय पत्रों का वितरण भी होगा। साथ कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 26 मई को नरसिंहपुर जिले में किसान उद्योग समागम मेले का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस मेले में अत्याधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। आने वाले समय में रीवा सतना और चंबल में भी ऐसे ही मेले आयोजित किये जाऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन ने हर खेत में सिंचाई के लिये पानी पहुचाने का संकल्प लिया है। पहले प्रदेश के 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा थी जिसे बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित कर ली गई है। आने वाले समय में 100 लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य- "कृषि उद्योग समागम 2025" का आयोजन मध्यप्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण में निवेश आकर्षित करने, और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ने के लिए किया जा रहा है। यह समागम उद्योगपतियों कृषक उत्पादक संगठनों एवं नीति निर्माताओं के बीच संवाद, नीति प्रस्तुति एवं सहयोग के अवसर प्रदान करेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि उद्योग समागम में आधुनिक कृषि तकनीकों व उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समागम में कृषि के साथ खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित जानकारी मिलेगी।   recent visitors 52

यूनुस के प्रोजेक्ट को आर्मी चीफ ने कह दिया ‘Bloody corridor’, ढाका के गलियारों में सत्ता के लिए जोर आजमाइश!

 ढाका बांग्लादेश की राजनीति में फिर एकबार तख्तापलट की आहट सुनाई देने लगी है। खबर है कि मुहम्मद यूनुस ने इस्तीफे का मन बना लिया है। इस बीच  ढाका में एक बड़ी घटना देखने को मिली। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने विदेश मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर बदलाव करते हुए विदेश सचिव जाशिम उद्दीन को अस्थायी रूप से कार्यमुक्त कर दिया। विदेश मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार, ‘‘यह निर्णय लिया गया है कि विदेश सचिव जाशिम उद्दीन को जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने की पृष्ठभूमि में अग्रिम आदेश तक एम रुहुल आलम सिद्दीक विदेश सचिव के नियमित कामकाज संभालेंगे।’’ विदेश मंत्रालय के एक महानिदेशक के हस्ताक्षर वाले संक्षिप्त आदेश में कहा गया कि यह 23 मई से प्रभावी होगा और इसे जनहित में जारी किया गया है। खबरों के मुताबिक, सरकार ने जाशिम उद्दीन को करीब दो सप्ताह पहले अज्ञात कारणों से हटाने का फैसला किया था। दो दिन पहले ‘द डेली स्टार’ अखबार ने लिखा कि विदेश मंत्रालय में इन खबरों को लेकर अनिश्चितता का माहौल है कि जाशिम उद्दीन को हटाया जाएगा, वहीं जूनियर मंत्री के ओहदे के साथ विदेश मामलों के लिए मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक नियुक्त किए गए एक अन्य सेवानिवृत्त राजनयिक सूफीउर रहमान ने अभी तक कामकाज नहीं संभाला है। हालांकि विदेश मामलों के सलाहकार एम तौहीद हुसैन ने बुधवार को कहा कि हाशिम उद्दीन ने अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों को छोड़ने की मंशा जताई है और यह उन्हें पद से हटाने जैसा नहीं है। आपको बता दें कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि राजनीतिक दलों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण उन्हें काम करना मुश्किल लग रहा है। बीबीसी बांग्ला सेवा ने देर रात नेशनल सिटिजन पार्टी के प्रमुख नाहिद इस्लाम के हवाले से यह खबर दी। इस्लाम ने बीबीसी बांग्ला से कहा, ‘‘हम आज सुबह से ही सर (यूनुस) के इस्तीफे की खबर सुन रहे हैं। इसलिए मैं इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सर से मिलने गया था। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में सोच रहे हैं। उन्हें लगता है कि स्थिति ऐसी है कि वह काम नहीं कर सकते।’’ छात्रों के नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के संयोजक ने कहा कि मुख्य सलाहकार यूनुस ने आशंका जताई कि देश की मौजूदा स्थिति में वह काम नहीं कर पाएंगे। इस्लाम के मुताबिक यूनुस ने कहा, ‘‘जब तक राजनीतिक दल सहमति नहीं बना लेते, मैं काम नहीं कर पाऊंगा।’’ इस साल फरवरी में यूनुस के मार्गदर्शन में राजनीतिक पटल पर उभरे एनसीपी के नेता ने कहा कि उन्होंने यूनुस से कहा कि ‘‘देश की सुरक्षा और भविष्य के लिए मजबूत बने रहें और जन-विद्रोह की उम्मीदों पर खरा उतरें।’’ इस्लाम के मुताबिक, उन्होंने मुख्य सलाहकार से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राजनीतिक दल एकजुट होकर उनके साथ सहयोग करेंगे और ‘‘मुझे उम्मीद है कि हर कोई उनके साथ सहयोग करेगा’’। आर्मी चीफ ने कह दिया 'Bloody corridor'   बांग्लादेश की राजनीति उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है. आखिर क्या हुआ कि मोहम्मद यूनुस अपनी जिम्मेदारी छोड़ना चाह रहे हैं. बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख के पद से इस्तीफा देने की उनकी पेशकश बांग्लादेश में पावर स्ट्रगल की कहानी बता रही है. बांग्लादेश आर्मी इस सत्ता संघर्ष का एक प्रमुख घटक है. बांग्लादेश आर्मी के चीफ जनरल वकार उज जमा ने मोहम्मद यूनुस को तीन ऐसे संदेश दिए जिस राजनीतिक गलियारों में चेतावनी समझा गया. वकार उज जमान ने मोहम्मद यूनुस को कहा कि दिसंबर तक देश में चुनाव कराएं, सैन्य मामलों में दखल न दें और म्यांमार के साथ Bloody corridor को बंद करें. देश की अंतरिम सरकार के चीफ के फैसले के लिए Bloody corridor जैसे शब्दों का इस्तेमाल ने मोहम्मद यूनुस को अपनी कमजोरी का एहसास करा दिया. मोहम्मद यूनुस पर ये राजनीतिक हमला तो सेना की ओर से था दूसरी ओर छात्रों के नए नए बने राजनीतिक दल एनसीपी के लगातार प्रदर्शन ने मोहम्मद यूनुस को कुंठा में डाल दिया. अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस पिछले 9 महीने से राजनेता यूनुस बनने की अपनी कोशिशों में लगातार असफल हो रहे थे. 'Bloody corridor' की कहानी क्या है? मोहम्मद यूनुस की मुश्किलों में उस कॉरिडोर का अहम रोल था जो बांग्लादेश को म्यांमार से जोड़ रहा था. इस कॉरिडोर का नाम चटगांव-राखिन कॉरिडोर है. ये कॉरिडोर बांग्लादेश से म्यांमार में रोहिंग्याओं तक सामान की सप्लाई पहुंचाने के लिए बनाए जाने की योजना है मोहम्मद यूनुस के विदेशी मामलों सलाहकार तौहीद हुसैन ने सेना को विश्वास में लिए बिना एकतरफा घोषणा कर दी थी कि अंतरिम सरकार ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तावित राखिन गलियारे पर सहमति व्यक्त की है. तौहीद हुसैन का ये बयान बांग्लादेश की आर्मी को नकारने जैसा था. इससे बांग्लादेश में यह चिंता बढ़ गई कि यह गलियारा उसकी संप्रभुता पर असर डाल सकता है. बांग्लादेश में एक थ्योरी यह भी चल रही है कि अमेरिका अपने सामरिक और भू-रणनीतिक फायदे के लिए इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहा है. बांग्लादेश के सुरक्षा विशेषज्ञों ने राखिन गलियारे पर चिंता जताई है. सुरक्षा विशेषज्ञों को चिंता है कि राखिन क्षेत्र में अराकान आर्मी जैसे विद्रोही समूहों की बढ़ती गतिविधियां और म्यांमार की सीमा पर उनके नियंत्रण से बांग्लादेश में अस्थिरता फैल सकती है. उदाहरण के लिए, अराकान आर्मी ने हाल ही में बांग्लादेश-म्यांमार सीमा पर कई चौकियों पर कब्जा कर लिया है, जिससे सीमा पार से हथियारों, आतंकवादी गतिविधियों और घुसपैठ का जोखिम बढ़ गया है. दूसरा डर रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर है. सुरक्षा विशेषज्ञों को डर है कि राखिन गलियारा रोहिंग्या शरणार्थियों की स्थिति को और जटिल कर सकता है. बांग्लादेश पहले से ही 10 लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी मौजूद हैं, और गलियारे के खुलने से म्यांमार से और अधिक शरणार्थी बांग्लादेश में प्रवेश कर सकते हैं. इस गलियारे को लेकर बांग्लादेश की इस तरह की व्याख्या की जा रही है कि यूनुस और उनके वफादार चुनाव के बिना सत्ता में बने रहने की अमेरिकी मांग के आगे झुक रहे हैं. बांग्लादेश आर्मी का स्पष्ट और मुखर विरोध लेकिन बांग्लादेश की आर्मी ने इस कॉरिडोर को अंतरिम सरकार द्वारा रेड लाइन क्रॉस करना समझा और इसका … Read more

गढ़चिरौली में हुआ बड़ा एनकाउंटर, पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार हार्डकोर नक्सली ढेर

गढ़चिरौली गढ़चिरौली में महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ सीमा पर पुलिस ने मुठभेड़ में चार खतरनाक नक्सलियों को ढेर कर दिया. साथ ही पुलिस ने एक सेल्फ लोडिंग राइफल, दो 303 राइफल बरामद किया गया. इसके अलावा मौके से वॉकी-टॉकी, कैंपिंग का सामान भी जब्त किया गया है. दरअसल, महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर नक्सलियों के समूहों की मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर, एडिशनल एसपी रमेश और 12 सी60 पार्टियों (300 कमांडो) और सीआरपीएफ के एक कंपोनेंट के नेतृत्व में गुरुवार (22 मई) को दोपहर को कवांडे और नेलगुंडा से इंद्रावती के तट की ओर भारी बारिश के बीच एक अभियान शुरू किया गया था. गढ़चिरौली पुलिस के मुताबिक शुक्रवार (23 मई) की सुबह, माओवादियों ने सी60 कमांडो पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके कारण फोर्स ने प्रभावी जवाबी कार्रवाई की. लगभग दो घंटे तक रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही. इस फायरिंग में चार माओवादी मारे गए. उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे तक मुठभेड़ चली और बाद में सुरक्षा बलों ने इलाके की तलाशी ली, जिसमें चार माओवादियों के शव बरामद हुए। बयान के अनुसार, घटनास्थल से एक ऑटोमैटिक सेल्फ-लोडिंग राइफल, दो .303 राइफल, एक भारमार बंदूक, वॉकी-टॉकी, कैंप सामग्री और नक्सली साहित्य समेत अन्य सामान बरामद किया गया. महाराष्ट्र में यह मुठभेड़ ऐसे समय हुई है, जब दो दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने पड़ोसी छत्तीसगढ़ में 27 नक्सलियों को मार गिराया था, जिनमें उनका शीर्ष नेता बसवराजू भी शामिल था. recent visitors 51

इंदौर में सिटी बस में सफर महंगा, आज से नई दरें लागू

इंदौर  इंदौर शहर में सिटी बस में सफर एक बार फिर महंगा हो गया है। एआइसीटीएस एल ने 10 माह में दूसरी बार किराया बढ़ाया है। हर कैटेगरी में 1 रुपए वृद्धि की है। शहर में 28 किमी सफर करने पर अब तक 40 रुपए चुकाने होते थे, अब 42 रुपए चुकाने होंगे।  एआइसीटीएसएल ने यह आदेश जारी कर सभी बस ऑपरेटर को बढ़ा किराया वसूलने के निर्देश दे दिए। जानकारी है कि पूर्व में हुई बोर्ड बैठक में निर्णय लिया था कि हर वित्तीय वर्ष में पांच फीसदी किराए में वृद्धि करेंगे। जानकारी अनुसार एआइसीटीएसएल घाटे में चल रहा है। करीब 60 करोड़ के घाटे में संचालन किया जा रहा है। इसके अलग-अलग कारण भी हैं। कई बार कर्मचारियों का भुगतान भी लंबित हो जाता है। कई रूट पर तो बस संचालन ही सुचारू नहीं हो रहा। जानिए कितना बढ़ा किराया दूरी (किमी में) दर पहले: 0 से 1.5 – 5 रुपए अब: 0 से 1.5 – 5 रुपए पहले: 1.5 से 3- 10 रुपए अब: 1.5 से 3- 11 रुपए पहले: 3.1 से 4.5- 15 रुपए अब: 3.1 से 4.5- 16 रुपए पहले: 4.5 से 7.5- 20 रुपए अब: 4.5 से 7.5- 21 रुपए पहले: 7.5 से 12- 25 रुपए अब: 7.5 से 12- 26 रुपए पहले: 12.1 से 18- 30 रुपए अब: 12.1 से 18- 32 रुपए पहले: 28.1 से अधिक- 42 रुपए अब: 18.1 से 28 – 37 रुपए recent visitors 45