Sunday, July 5, 2026 8:30 am

रायपुर-अंबिकापुर हाइवे पर भीषण हादसा, हाइवा से हाइवा की भिड़ंत, केबिन में फंसा चालक

कोरबा रायपुर-अंबिकापुर हाइवे पर शुक्रवार को दो हाइवा वाहनों के बीच भीषण हादसा हुआ. छुरी से बिलासपुर जा रही हाइवा सड़क किनारे खड़ी दूसरी हाइवा से टकरा गई. हादसे में घायल चालक अनीश पटेल केबिन के अंदर फंस गया, जिसे गैस कटर की मदद से बाहर निकाला गया. जानकारी के मुताबिक, घटना सुबह तकरीबन 5 बजे के आसपास की बताई जा रही है. राखड़ से लोड ट्रेलर छुरी से बिलासपुर की ओर जा रही थी. इसी दौरान वह सड़क किनारे खड़ी हाइवा से जा भिड़ी. हादसे में ट्रेलर के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. वाहन चालक केबिन के भीतर ही फंस गया. वाहन चालक को चोटें आई है. दुर्घटना के बाद सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने से सड़क जाम हो गया. सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. कैबिन में फंसे चालक को गैस कटर की मदद से बाहर निकाला गया. recent visitors 42

घोसी में बारात से लौट रही तेज रफ्तार कार पुलिया से टकराकर खाई में जा गिरी, एक की मौत, चार बारातियों की हालत गंभीर

घोसी यूपी के मऊ में हंसी-खुशी के माहौल में बड़ा हादसा हुआ है। घोसी कोतवाली अन्तर्गत नगर क्षेत्र के जामडीह के समीप शुक्रवार की सुबह बारात से लौट रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पुलिया से टकराकर खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार दूल्हे के भाई की मौत हो गई। चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी भेजवाया। सभी चार लोगो की स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजकर जांच में जुटी है। गोरखपुर जनपद के बांसगांव थाना क्षेत्र के तिघरा गांव से गुरुवार को बलिया जिले के बेल्थरा में बारात गई थी। जहां बारात से एक कार में सवार तिघरा निवासी दो सगे भाई मदन तिवारी उम्र 18 वर्ष और विशु तिवारी उम्र 19 वर्ष पुत्र शशिभूषण तिवारी, किशन पांडे उम्र 30 वर्ष पुत्र दुर्गेश पांडे, चन्द्रमोल त्रिपाठी उम्र 38 वर्ष पुत्र कमलेश्वर त्रिपाठी और संदीप प्रजापति उम्र 30 वर्ष पुत्र दुर्गविजय वापस लौट रहे थे। घोसी कोतवाली क्षेत्र के जामडीह के समीप पहुंचे ही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पुलिया से टकरा गई और नीचे गड्ढे में पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार पलटते ही चीख पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी घोसी भेजा। जहां चिकित्सकों ने दूल्हे के भाई चन्द्रमोल त्रिपाठी को मृत घोषित कर दिया। अन्य चार घायलों की स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मौत की खबर लगते ही शादी की खुशियों में डूबे परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पर बड़ी संख्या में परिजनों और अन्य लोगों का जमावड़ा लग गया।   recent visitors 53

तमन्ना भाटिया को दो साल के लिए मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया, अब विवादों में फंसी

बॉलीवुड एवं दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने को लेकर कर्नाटक सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। तमन्ना भाटिया को दो साल के लिए मैसूर सैंडल सोप का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। गुरुवार को कर्नाटक सरकार की तरफ से एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद से विरोध पैदा हो गया। ऑनलाइन पब्लिश नोटिफिकेशन में कहा गया है कि तमन्ना दो साल तक सोप की ब्रांड एंबेसडर रहेंगी और इसके लिए उन्हें 6.20 करोड़ रुपए की रकम भुगतान किया जाएगा। मुंबई अभिनेत्री तमन्ना ने कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) के साथ दो वर्षों के लिए उसके प्रतिष्ठित उत्पाद का प्रचार करने के लिए करार किया है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले की हालांकि कड़ी आलोचना हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि ब्रांड एंबेसडर के लिए किसी कन्नड़ एक्टर या एक्ट्रेस को क्यों नहीं लिया गया? कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने इसे स्थानीय गौरव का अपमान बताया है और कहा कि दीपिका पादुकोण जैसी कर्नाटक की मूल की स्टार को इसके लिए क्यों नजरअंदाज किया गया।   कर्नाटक रक्षण वेदिके के अध्यक्ष टी नारायण गौड़ा ने कहा कि अगर नियुक्ति रद्द नहीं की गई तो राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा, -‘‘यह निराशाजनक निर्णय है कि सरकार को कर्नाटक की विरासत के प्रतीक के रूप में प्रतिनिधित्व करने के लिए एक भी कन्नड़ व्यक्ति नहीं मिला। इसके लिए दीपिका पादुकोण या कोई अन्य स्थानीय स्टार क्यों नहीं?'' फिल्म निर्माता कविता लंकेश ने भी सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा- ‘‘यह बॉलीवुड और निष्पक्षता के प्रति हमारे निरंतर जुनून को दर्शाता है। कर्नाटक में खूबसूरत, प्रतिभाशाली सितारे हैं, अगर इसका मतलब हमारे सांस्कृतिक प्रतीकों को संरक्षित करना है तो कई लोग मुफ्त में ब्रांड का समर्थन करेंगे।''    इसके जवाब में केएसडीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रशांत पीकेएम ने कहा कि राज्य से बाहर ब्रांड की द्दश्यता बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा- ‘‘हमारे 1,800 करोड़ रुपये के राजस्व का सिफऱ् 12 प्रतिशत कर्नाटक से आता है। राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए हमें व्यापक अपील वाले किसी व्यक्ति की ज़रूरत थी और तमन्ना उस प्रोफ़ाइल में फिट बैठती हैं।'' मंत्री एमबी पाटिल और एचके पाटिल ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ब्रांड की पहुंच को पूरे देश में पहुंचाना है। ऐसा करने से राज्य के जड़ें मजबूत होंगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1916 में लॉन्च किया गया मैसूर सैंडल सोप कर्नाटक की सबसे स्थायी विरासतों में से एक है। recent visitors 53

PBKS की सह-मालकिन प्रीति जिंटा ने नियुक्ति को चुनौती देते हुए चंडीगढ़ की अदालत का रुख दिया

चंडीगढ़ पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन कर रही है। वह प्लेऑफ में पहुंच चुकी है लेकिन उसके मालिकान के बीच ही विवाद हो गया है। टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा अपने ही बिजनेस पार्टनर मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ चंडीगढ़ की अदालत में चली गई हैं। जिंटा, बर्मन और वाडिया तीनों ही पंजाब किंग्स की ओनर कंपनी के डायरेक्टर हैं। क्या है विवाद? ताजा विवाद की जड़ में 21 अप्रैल को हुई केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड (पंजाब किंग्स के स्वामित्व वाली कंपनी) की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग है। प्रीति जिंटा ने मीटिंग की वैधता, उसकी प्रक्रिया और कंपनी का नया डायरेक्टर चुने जाने को अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से मीटिंग को अवैध ठहराने और मुनीश खन्ना को डायरेक्टर के तौर पर काम करने से रोके जाने की गुजार लगाई है। उन्होंने मीटिंग में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन पर भी रोक लगाने की मांग की है। प्रीति जिंटा के विरोध के बावजूद मुनीश खन्ना बनाए गए डायरेक्टर जिंटा का दावा है कि मीटिंग कंपनीज ऐक्ट 2013 और दूसरे कानूनी प्रावधानों को धता बताते हुए बिना उचित प्रक्रिया के हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक जिंटा ने 10 अप्रैल को ईमेल भेजकर कथित तौर पर होने वाली मीटिंग को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी लेकिन उनकी चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया। खुद आपत्ति जताने के बाद भी प्रीति जिंटा ने कंपनी के एक और डायरेक्टर करन पॉल के साथ मीटिंग में हिस्सा लिया। दोनों ने ही मीटिंग के दौरान मुनीश खन्ना को डायरेक्टर बनाए जाने का विरोध किया। विरोध के बावजूद मोहित बर्मन ने नेस वाडिया के समर्थन की बदौलत खन्ना की नियुक्ति पर आगे बढ़े। recent visitors 57

वन विभाग ने ‘पुष्पा’ फिल्म की तरह खेर की लकड़ी की तस्करी पकड़ी

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर के घाटीगांव इलाके में सांक नदी से 35 क्विंटल खैर की लकड़ी बरामद कर वन विभाग ने 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है. लेकिन आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के दौरान आरोपियों को रिमांड पर नहीं लेने से कार्रवाई पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं. चेकिंग के दौरान दो ट्रकों में मिली थी खैर की लकड़ी असल में ग्वालियर जिला वन मंडल में फिल्म 'पुष्पा' की तर्ज पर कुछ तस्कर खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहे थे. इस तस्करी के बारे में वन विभाग की टीम को एक मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी. वन विभाग के मुताबिक, उन्होंने अलवर से आए दो ट्रकों से चेकिंग के दौरान बहुमूल्य खैर की लकड़ी पकड़ी थी. ये लकड़ी कत्था बनाने के काम में ली जाती है. जो काफी महंगी होती है. पुष्पा की तर्ज पर नदी में इकट्ठा कर रहे थे लकड़ी तस्करों ने ट्रकों में छुपा कर रखी ज्यादातर लकड़ियों को पहले ही जखौदी इलाके में सांक नदी में फेंक दिया था. जब ग्रामीणों की सूचना वन विभाग को मिली तो टीम सांक नदी किनारे पहुंची और नदी से 35 क्विंटल से ज्यादा खैर की लकड़ी जब्त की. पता चला है कि तस्करों का गिरोह पुष्पा फिल्म की तरह ही खैर की लकड़ी को नदी से बहाकर इकट्ठा कर रहे थे. वन विभाग की विजलेंस टीम ने मौके से तीन तस्कर हामिद, अजहरुद्दीन और साउन खान को भी पकड़ा है. जबकि उनका एक साथी रामनिवास गुर्जर मौके से फरार हो गया. अंडरग्राउंड हुआ तस्करी का मास्टर माइंड खैर की लकड़ी की तस्करी का मास्टरमाइंड शोभित यादव बताया जा रहा है, जो वन विभाग की कार्रवाई के बाद के बाद अंडर ग्राउंड हो गया है. ऐसे में वन विभाग ने पकड़े गए तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर कोर्ट में पेश कर दिया है. वन विभाग के ग्वालियर रेंज सीसीएफ एपीएस सेंगर से बात करने पर उनका कहना है कि, ''सोनचिरैया अभियारण्य में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी की जानकारी मिल रही थी. इसी आधार पर ये कार्रवाई की गई है.'' पुष्पा फिल्म की तरह छुपाई लकड़ी ग्वालियर में वन विभाग को खेर की लकड़ी की तस्करी का एक बड़ा मामला मिला है। यह मामला फिल्म 'पुष्पा' की तरह है। 15-16 मई की रात को वन विभाग को खबर मिली कि कुछ लोग लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं। राजस्थान से आ रहे थे ट्रक अलवर से आ रहे दो ट्रकों की तलाशी ली गई। ट्रकों में कीमती खेर की लकड़ी छुपाई गई थी। तस्करों ने लकड़ियों को जखौदी इलाके में सांक नदी में फेंक दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग ने सांक नदी से 35 क्विंटल से ज्यादा खेर की लकड़ी जब्त की। हामिद, अजहरुद्दीन और साउन खान नाम के तीन तस्करों को भी पकड़ा गया। रामनिवास गुर्जर नाम का एक तस्कर मौके से भाग गया। सांक नदी से लकड़ी निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिमांड पर नहीं लिए तस्कर, उठा सवाल शोभित यादव नाम का एक व्यक्ति इस तस्करी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। वह वन विभाग की कार्रवाई के बाद से गायब है। वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि पकड़े गए तस्करों को रिमांड पर नहीं लिया गया। अगर रिमांड पर लिया जाता, तो तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता था। recent visitors 57

योगी सरकार ने यूपी में एक बार फिर अफसरों के तबादले, IAS, PCS के बाद अब 27 PPS के ट्रांसफर

लखनऊ यूपी में एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। योगी सरकार ने इस बार 27 PPS के तबादले किए हैं। देवेंद्र सिंह को पुलिस उपाधीक्षक, पीटीएस सुल्तानपुर भेजा गया है। वहीं अमित कुमार पांडेय को सहायक पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी से हटाकर पुलिस उपाधीक्षक पीटीएस जालौन भेजा गया है। इसके अलावा नईम खान मंसूरी पुलिस उपाधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ, गणेश कुमार पुलिस उपाधीक्षक आरीटीसी चुनार मिर्जापुर बनाया गया है। संत प्रसाद उपाध्याय को पुलिस उपाधीक्षक मुजफ्फरनगर से सहायक पुलिस आयुक्त प्रयागराज, अवनीश कुमार गौतम को पुलिस उपाधीक्षक गोरखपुर से सहायक सेनानायक 6वीं वाहिनी पीएएसी मेरठ, अभिषेक प्रताप अजेय को पुलिस उपाधीक्षक कुशीनगर से पुलिस उपाधीक्षक कन्नौज, राकेश प्रताप सिंह को पुलिस उपाधीक्षक लखनऊ से कुशीनगर पुलिस उपाधीक्षक, आशुतोष मिश्रा को पुलिस उपाधीक्षक अयोध्या से पुलिस उपाधीक्षक प्रतापगढ़ भेजा गया है। वहीं उदय प्रताप सिंह-1 को सहायक सेनानायक 42वीं वाहिनी पीएसी प्रयागराज, अरुण कुमार राय-1 को पुलिस उपाधीक्षक झांसी, सुरेंद्र नाथ यादव को पुलिस उपाधीक्षक/स्टाफ ऑफिसर लखनऊ, अमित चौरसिया को सहायक पुलिस आयुक्त कानपुर, नरेश कुमार को मण्डलाधिकारी (वीके) गाजियाबाद, अमित प्रताप सिंह को पुलिस उपाधीक्षक एएनटीए लखनऊ, मनोज कुमार सिंह को पुलिस उपाधीक्षक संभल, दीपशिखा अहिरवन को सहायक सेनानायक 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा भेजा गया है। सोहराव आलम को पुलिस उपाधीक्षक, रेलवे झांसी, सौरभ कुमार वर्मा को पुलिस उपाधीक्षक कानपुर देहात, आदित्य कुमार गौतम को सहायक सेनानायक 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ, कर्णसिंह यादव को सहायक सेनानायक 33वीं वाहिनी पीएससी झांसी, अंबुजा त्रिवेदी को पुलिस उपाधीक्षक, अभिसूचना मुख्यालय, लखनऊ, अंकित कुमार-II को पुलिस उपाधीक्षक सीआईडी मुख्यालय लखनऊ, गौरव कुमार त्रिपाठी को पुलिस उपाधीक्षक मुरादाबाद, अशोक कुमार सिंह-IV को पुलिस उपाधीक्षक मुरादाबाद, कमलेश कुमार को पुलिस उपाधीक्षक अलीगढ़, अंकित कुमार-I को सहायक पुलिस आयुक्त लखनऊ बनाया गया है।   recent visitors 58

भारत की जासूसी कर रहे दो ISI एजेंटों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल दो जासूसों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों में एक का नाम तुफैल है जिसे वाराणसी से पकड़ा गया, जबकि दूसरे आरोपी मोहम्मद हारून को दिल्ली से दबोचा गया। दोनों को गुरुवार देर रात राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। ATS दाखिल करेगी रिमांड अर्जी एटीएस का मानना है कि इन दोनों आरोपियों से देशविरोधी नेटवर्क के कई और तार जुड़ सकते हैं। इसलिए दोनों की गहन पूछताछ के लिए ATS जल्द ही कोर्ट में रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ कर और भी अहम जानकारियां सामने लाई जा सकती हैं, जिससे इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके। यह मामला इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर देश की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने की साजिशें की जा रही हैं। ATS और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। 600 से जुड़ा था तुफैल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद हारून का संपर्क पाकिस्तानी उच्चायोग से था और वह भारत की संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था। वहीं तुफैल, नफीसा नाम की एक महिला के हनी ट्रैप में फंसकर देश के संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें साझा कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, तुफैल व्हाट्सएप पर करीब 600 पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़ा हुआ था। तुफैल उन तक संवेदनशील सूचनाएं और जानकारी पहुंचाता था। इसके अलावा, तुफैल तहरीके-लब्बैक पाकिस्तान से संबंधित सामग्री भी लोगों के बीच प्रचारित करता था, जो एक कट्टरपंथी संगठन के रूप में पहचाना जाता है।   recent visitors 54