रायबरेली में गंगा में डूबकर तीन लोगों की मौत

रायबरेली रायबरेली के डलमऊ घाट पर तीन युवकों की गंगा में डूबने से मौत हो गई है। गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाल लिया गया है। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस मौजूद है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डलमऊ के रानी शिवाला घाट के सामने गंगा स्नान के दौरान तीन युवकों की मौत हुई है। चार युवक गंगा में नहा रहे थे। एक के बाद एक सभी डूबने लगे। इसमें से एक को बचा लिया गया, जबकि तीन की डूबकर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यहां युवक नहाते-नहाते गहरे पानी में चले गए थे। मरने वाले तीनों अमेठी के जगदीशपुर के रहने वाले हैं। सभी मृतक अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने के पालपुर निवासी चंद्रमा कौशल, चंद्र कुमार कौशल, चंद्र प्रकाश, विधि चंद्र कौशल, बाल चंद्र कौशल, घरम चंद्र कौशल, आयुष कौशल, अनिल कौशल और आर्या डलमऊ के रानी शिवालाघाट के पास स्नान करने के लिए आए थे। सभी लोग स्नान कर रहे थे। इस दौरान चंद्र कुमार कौशल (60), बाल चंद्र कौशल (42) और आर्या (17) गहरे पानी में चले गए। इस कारण तीनों की डूबकर मौत हो गई। घटना से घाट पर हड़कंप मच गया। लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। recent visitors 51

मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए मोबाइल जमा करने की सुविधा प्रदान करेगा निर्वाचन आयोग

एमसीबी मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने और मतदान दिवस की व्यवस्थाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने दो और व्यापक निर्देश जारी किए हैं। इनमें मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल जमा सुविधा प्रदान करना और प्रचार नियमों का सरलीकरण शामिल है। ये निर्देश लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और निर्वाचन संचालन नियम, 1961 के संबंधित प्रावधानों के अनुरूप है।  शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग और मतदाताओं विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को मतदान दिवस पर मोबाइल फोन संभालने में होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मोबाइल जमा सुविधा की अनुमति देने का निर्णय लिया है। मतदान केंद्र से 100 मीटर की परिधि के भीतर केवल बंद (स्विच ऑफ) स्थिति में मोबाइल फोन रखने की अनुमति होगी। मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के पास साधारण पिजनहोल बॉक्स या जूट बैग रखे जाएंगे, जिनमें मतदाताओं को अपने मोबाइल फोन जमा करने होंगे। मोबाइल फोन मतदान केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, कुछ मतदान केंद्रों को स्थानीय प्रतिकूल परिस्थितियों के आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा इस प्रावधान से छूट दी जा सकती है। मतदान केंद्र के भीतर मतदाता की गोपनीयता सुनिश्चित करने वाला निर्वाचन संचालन नियम 49 एम सख्ती से लागू रहेगा। इसके अतिरिक्त, मतदान दिवस पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोग ने प्रचार की अनुमति सीमा को निर्वाचन कानूनों के अनुरूप मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी तक सीमित कर दिया है। मतदान दिवस पर मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं होगी। अतः मतदान दिवस पर उम्मीदवारों द्वारा मतदान दिवस पर ऐसे बूथ, जिनसे वे आधिकारिक मतदाता सूचना पर्ची (VIS) न होने की स्थिति में अनौपचारिक पहचान पर्ची वितरित करते हैं, अब मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी के बाहर लगाए जा सकेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार तथा निर्वाचन आयुक्तगण डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी के नेतृत्व में भारत निर्वाचन आयोग विधिक ढांचे के अनुसार निष्पक्ष निर्वाचन कराने के लिए प्रतिबद्ध है और साथ ही मतदाताओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने हेतु लगातार नवाचार करता रहेगा। recent visitors 41

केंद्र सरकार वाहन चालकों के लिए लाई FASTag PASS, 3 हजार रुपए में करें साल भर सफर

नई दिल्ली टोल नाके पर हाई फाई टोल टैक्स को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति पैदा होते आपने देखा होगा। मामला तब और खराब हो जाता है जब फास्ट टैग रिचार्ज ख़त्म हो जाए। लेकिन इन समस्याओं का अंत करने केंद्र सरकार अब एक योजना लेकर आ रही है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार जल्द ही FASTag से जुड़ी एक नई पॉलिसी शुरू करने जा रही है, जिसके तहत वहां चालकों को मात्र 3000 रुपए में सालभर का वार्षिक पास मिलेगा। इस पास से वाहन चालक एक साल तक किसी भी टोल प्लाजा पर भुगतान किए बिना हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर सकेंगे। इस योजना से अक्सर यात्रा करने वाले चालकों का पैसा और समय दोनों बचेगा। इस योजना का सबसे अधिक लाभ रोजमर्रा टोल नाकों से सफर करनेवाले ट्रक और बड़े वाहनों को मिलेगा। हालांकि, यह योजना “Distance Based Pricing” प्रणाली पर आधारित होगी, यानी पास विशेष दूरी या क्षेत्र तक ही मान्य होग। किस वजह से लाई गई यह योजना ? FASTag Pass को लाने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम, समय की बर्बादी और कैश ट्रांजैक्शन को खत्म करना है। अगर ज्यादा वाहन चालक यह वार्षिक पास लेते हैं, तो भविष्य में टोल नाकों को पूरी तरह हटाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं। आसानी से मिल जाएगा FASTag Pass गौरतलब है कि, इस वार्षिक पास को लेने के लिए वाहन मालिकों को किसी भी नए दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। यह पास सीधे आपके मौजूदा FASTag अकाउंट से रिचार्ज किया जा सकेगा। गौरतलब है कि, पहले सरकार ने 15 वर्षों के लिए 30,000 रुपए वाला पास लॉन्च किया था, लेकिन लोगो ने इसमें कुछ ख़ास दिलचस्पी नहीं ली तो वह योजना अब बंद कर दी गई है। recent visitors 41

रियलमी जीटी 7 स्मार्टफोन ने 24 घंटे मूवी चलाकर गिनीज बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली Realme के एक जल्द लॉन्च होने वाले स्मार्टफोन ने कमाल का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। दरअसल हम बात कर रहे हैं Realme GT 7 की जिसने पूरे 24 घंटे तक मूवी प्ले करके एक अनोखा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। यह स्मार्टफोन जल्द ही लॉन्च होने वाला है। Realme ने 23 मई को पूरे 24 घंटे तक मूवी प्ले करने का रिकॉर्ड बनाया। क्या है रिकॉर्ड बता दें कि Realme की “Endless Power Journey” नाम की एक खास मुहिम के तहत कंपनी ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की है। यह इवेंट यूरोप में एक क्रूज पर आयोजित किया गया था, जिसकी शुरुआत रोम, इटली से हुई। इस चैलेंज की शुरुआत 22 मई 2025 को रात 9:30 बजे (भारतीय समय के अनुसार) शेनझेन, चीन से एक लाइवस्ट्रीम के जरिए की गई थी। लगातार 24 घंटे तक मूवी प्लेबैक करने के इस रिकॉर्ड को 23 मई 2025 की रात 9:30 बजे आधिकारिक रूप से पूरा किया गया। जहां गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के जजेस ने इसे मान्य घोषित किया। Realme ने क्या बताया Realme ने हाल ही में अपने अपकमिंग स्मार्टफोन GT7 सीरीज से जुड़ी कुछ बड़ी जानकारी शेयर की हैं। कंपनी के मुताबिक, इस शानदार रिकॉर्ड के पीछे फोन की पावरफुल 7000mAh की बैटरी है, जो 120W की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इतनी बड़ी बैटरी और तेज चार्जिंग की वजह से ही Realme GT 7 ने बिना रुके 24 घंटे लगातार मूवी चलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। Realme ने यह भी बताया कि GT 7 की बैटरी की क्वालिटी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार TÜV Rhineland की 5-Star बैटरी सर्टिफिकेशन से नवाजा गया है। यह इस फोन में इस्तमाल की गई बैटरी की क्वालिटी और सेफ्टी को साबित करता है। बता दें कि यह सर्टिफिकेशन सिर्फ उन्हीं डिवाइसेज को दिया जाता है, जो लंबी बैटरी लाइफ, तेज चार्जिंग और सुरक्षित इस्तेमाल के सभी स्टैंडर्ड्स पर खरे उतरते हैं। कब होगा लॉन्च Realme GT 7 सीरीज का ग्लोबल और इंडिया लॉन्च 27 मई 2025 को होने वाला है। यह खास लॉन्च इवेंट पेरिस, फ्रांस में होगा। इस मौके पर कंपनी GT 7 और GT 7T दोनों ही पेश किए जाएंगे। लॉन्च के बाद इन दोनों स्मार्टफोन मॉडल्स को realme.com, Amazon.in और अन्य रिटेल स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा। कुल मिलाकर इस वर्ल्ड रिकॉर्ड के जरिए Realme GT 7 ने साबित कर दिया है कि बैटरी को लेकर इस फोन से किसी को कोई शिकायत नहीं होने वाली है। recent visitors 163

उत्तर प्रदेश को इको टूरिज्म के हब के तौर पर किया जा रहा विकसित

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक वन एवं वन्य जीव विभाग उत्तर प्रदेश को इको टूरिज्म के हब के तौर पर विकसित कर रहा है. वन एवं वन्य जीव विभाग के संबंधित अधिकारियों ने बताया कि विभाग प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता को संरक्षित करते हुए बफर में सफर योजना शुरू की जा रही है. जिसके तहत प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में नए सफारी रूटों के साथ भीरा और मोहम्मदी जैसे क्षेत्रों में ईको टूरिज्म की नई संभावनाओं को विकसित किया जा रहा है. साथ ही स्थानीय लोगों को गाइड, रेस्टोरेंट संचालक के रूप में प्रशिक्षित कर स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा दिया जाएगा. इन प्रयासों का परिणाम है कि यूपी में पिछले वर्षों में ईको टूरिज्म के पर्यटकों की संख्या में भी तीव्र वृद्धि हुई है. सीएम योगी के विजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश को ईको टूरिज्म के हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है. इस दिशा में प्रदेश के वन एवं वन्य जीव विभाग ने मानसून के दौरान “बफर में सफर” योजना शुरू करने जा रही है. प्रदेश के टाइगर रिजर्वों के बफर जोन में सफारी के नए रूटों को विकसित किया जा रहा है. इस योजना के तहत दुधवा, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, और उत्तर खीरी बफर जोन में नए सफारी रूट विकसित किए जा रहे हैं. इसके तहत सोहागीबरवा, उत्तर खीरी और पीलीभीत में बफर जोन क्षेत्रों के नए मार्गों का चयन किया गया है. होगा जंगल के रोमांच का अनुभव इन बफर जोन में पर्यटक बरसात के दिनों में भी सफारी का आनंद ले सकेंगे. साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए टाईगर रिजर्वों को अधिक दिन खोलने की भी व्यवस्था की जा रही है. बफर में सफर योजना का सबसे बड़ा लाभ मानव और वन्य जीवों के संघर्ष में कमी लाते हुए पर्यटकों को जंगल के रोमांच का अनुभव प्रदान करना है. नई संभावनाएं की जा रही हैं विकसित वन एवं वन्य जीव विभाग प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए टाइगर रिजर्व और अभ्यारण्यों के अतिरिक्त अन्य नई संभावनाओं को भी विस्तार दे रहा है. इस दिशा में लखीमपुर खीरी के भीर और मोहम्मदी के क्षेत्रों को भी ईको टूरिज्म के स्पाट के तौर पर विकसित किया जा रहा है. दक्षिणी खीरी के गोला, मोहम्मदी रेंज और भीर में टूरिस्ट सर्किट का निर्माण किया गया है. साथ ही इस क्षेत्र में पड़ने वाली सेमराई झील, जो पक्षियों के प्रवास के लिए प्रसिद्ध है, इसको भी सर्किट में पर्यटकों के मनोरंजन के लिए शामिल किया जाएगा. नेपाल सीमा से सटे हुए कर्तनिया घाट के बफर जोन में भी जंगल सफारी की शुरुआत की गई है।.इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता के साथ वन्य जीवों की समृद्धि पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी. ईको टूरिज्म के हब के तौर पर किया जाएगा विकसित वन एवं वन्य जीव विभाग सीएम योगी के विजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश को ईको टूरिज्म का हब बनाने की दिशा में कई और नवीन प्रयास कर रहा है. इस दिशा क्रम में दुधवा पर्यटन परिसर में एक आधुनिक सूचना केंद्र की स्थापना की गई है, जो पर्यटकों को क्षेत्र की जैव विविधता, वन्य जीव, और स्थानीय संस्कृति की जानकारी प्रदान करेगा और लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक भी करेगा. इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए नेचर गाइड, कैंटीन कर्मियों, और खानसामों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. यह प्रशिक्षण न केवल उनकी कौशल क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि पर्यटकों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं भी सुनिश्चित करेगा. साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी प्रदान करेगा. इन प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश जल्द ही देश और दुनिया के नक्शे पर इको टूरिज्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है. recent visitors 56

ये 5 गैजेट्स कोरोना में आपकी फैमिली की करेंगे सुरक्षा

नई दिल्ली पिछले कुछ समय से मुंबई, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे शहरों में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तमिलनाडु और पुडुचेरी में कोविड-19 के 12-12 नए मामले सामने आए हैं। वहीं कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भी जानकारी दी थी कि कर्नाटक में कोविड-19 के 16 सक्रिय मामले सामने आए हैं। ऐसे में भले WHO ने 2023 में ही इस महामारी के खत्म होने की घोषणा कर दी हो लेकिन वैश्विक स्तर पर यह बीमारी लगातार फैल रही है। ऐसे में स्थिति बिगड़ने से पहले ही अगर हम कुछ बेसिक तैयारियां कर लें, तो खुद को और अपने परिवार को कोरोना की आहट से बचा सकते हैं। आज हम आपको 5 ऐसे गैजेट्स के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने घर में कोरोना को आने से रोक सकते हैं। ऑटोमैटिक हैंड सैनेटाइजर डिस्पेंसर पिछली बार जब कोविड फैला था, तो हैंड सैनेटाइजर हर घर में इस्तेमाल होने लगा था। हालांकि जैसे-जैसे यह बीमारी दूर हुई लोगों ने हैंड सैनेटाइजर का इस्तेमाल कम कर दिया। अब जब कोरोना के मामले फिर से सामने आने लगे हैं, तो अपने घर में एक ऑटोमैटिक हैंड सैनेटाइजर डिस्पेंसर रख लेना समझदारी होगी। इससे कोरोना के फैलने की रिस्क काफी हद तक कम हो जाती है। इस डिवाइस को अपने घर के एंट्री गेट पर लगा दें और हर आने-जाने वाले को इसका इस्तेमाल करने को कहें। UV-C स्टरलाइजेशन बॉक्स या बैग कोराना के बढ़ते मामलों के बीच UV-C स्टरलाइजेशन बॉक्स या बैग को घर में रखना समझदारी भरा फैसला हो सकता है। यह एक स्मार्ट गैजेट है जो कि उन सामानों को वायरस और बैक्टीरिया से मुक्त करने में मदद करता है जो आपके साथ रोज घर से बाहर जाते हैं। इस डिवाइस में खास तरह की UV-C लाइट होती है, जो कोरोना वायरस जैसे सूक्ष्म जीवों को नष्ट कर देती है। इस डिवाइस में आप अपना मोबाइल, चाबी, वॉलेट, पैसे या छोटे पार्सल को रखकर कुछ ही मिनटों में पूरी तरह से सैनिटाइज कर सकते हैं। इसमें किसी तरह के कैमिकल का इस्तेमाल नहीं होता और यह कोरोना के खिलाफ एक बहुत ही कारगर हथियार है। नॉन-कॉन्टैक्ट थर्मामीटर कोरोना की आहट के बीच घर में एक नॉन-कॉन्टैक्ट थर्मामीटर रखना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल अगर इस दौरान घर का कोई भी सदस्य बीमार होता है, तो शरीर के किसी हिस्से को छुए बिना तापमान मापा जा सकता है। कोरोना के लक्षणों में बुखार सबसे आम है, और इस थर्मामीटर से आप खुद या घर आने वाले लोगों का तापमान दूर से ही जांच सकते हैं। इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है क्योंकि किसी को छूने की जरूरत ही नहीं पड़ती। यह तेज, सुरक्षित और आसान तरीका है कोरोना की पहचान और उसे फैलने से रोकने के लिए। HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर कोरोना हवा के जरिए भी फैलता है। ऐसे में एक HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर घर में रखना अच्छा हो सकता है। यह हवा को साफ करने में बहुत कारगर होता है और हवा में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया, धूल, एलर्जी फैलाने वाले कणों को 99.97% तक सोंख लेने मे सक्षम होता है। कोरोना जैसे संक्रमण के समय जब हवा के जरिए वायरस फैल सकता है, तब यह डिवाइस घर के अंदर की हवा को शुद्ध और साफ रखता है। डोर ओपनर रिंग यह एक बहुत ही प्रैक्टिकल गैजेट है जिसे साथ में कैरी करना भी बेहद आसान है। दरअसल कोरोना वायरस अक्सर दरवाजों के हैंडल, लिफ्ट के बटन, एटीएम या अन्य पब्लिक जगहों पर छूने वाली सतहों से फैलता है। जब हम इन्हें हाथों से छूते हैं और फिर उसी हाथ से चेहरा या नाक-मुंह छू लेते हैं, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यह गैजेट हमें यही सब करने से रोकता है। इसकी मदद से आप दरवाजे खोलने और एटीएम के बटन दबाने जैसे काम आसानी से कर सकते हैं। इतना ही नहीं इसकी मदद से आप अपने फोन को भी ऑपरेट कर सकते हैं, ताकि आपको फोन की स्क्रीन को भी अपने हाथों से छूना न पड़े। इसे आप चाबी के छल्ले की तरह अपने साथ कैरी भी कर सकते हैं। इस डिवाइस के इस्तेमाल से संभव है कि आप कोरोना के वायरस अपने घर तक न ला पाएं। recent visitors 99

राजस्थान में हीट स्ट्रोक का जबरदस्त असर, 48 डिग्री पहुंचा तापमान

जयपुर राजस्थान इस वक्त मौसम विभाग के रडार पर लाल नजर आ रहा है। यहां पारा हर रोज नए रिकॉर्ड बना रहा है। शुक्रवार का दिन सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। जैसलमेर में सर्वाधिक तापमान 48 डिग्री दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान इस वक्त धधक रहा है और मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों तक दिन के साथ यहां रात के समय भी जबरदस्त हीट वेव्स चलेंगी। पाकिस्तान की सीमा से सटे राजस्थान के बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर में शनिवार को हीट वेव्स का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे यहां पर तापमान में कुछ कमी आ सकती है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में आज तेज आंधी व वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 40 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के 7 शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री से अधिक रहा। इसमें जैसलमेर में सर्वाधिक 48 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग का कहना है कि 48 घंटों में बीकानेर, जोधपुर संभाग व शेखावाटी के कुछ भागों में अधिकतम तापमान में राहत मिलने के आसार नहीं हैं और इस दौरान यहां दिन के साथ रात में भी तेज लू चलेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में धूल भरी हवाएं चलेंगी। राजधानी जयपुर में शुक्रवार के मुकाबले तापमान में दो डिग्री की गिरावट आई है। यहां गुरुवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी जयपुर में अगले कुछ दिन तापमान में गिरावट आ सकती है लेकिन पश्चिमी राजस्थान में अगले 4 से 5 दिन जबरदस्त हीट वेव्स चलेंगी। बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान की स्थिति इस प्रकार रही। अजमेर में 43.1, भीलवाड़ा में  41.1, वनस्थली 46.1, अलवर में 40.5, जयपुर में 43.2, पिलानी में 45.7, कोटा में 42.3, बाड़मेर में 47.5, जैसलमेर में 48, जोधपुर में 44.5, चूरू में 45.6 तथा बीकानेर में 46.4 व गंगानगर में 44.1 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। recent visitors 65