4 जून तक मध्य भारत में भी शुरू हो जाएगी झमाझम बारिश, 26-27 मई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना में अलर्ट

नई दिल्ली दक्षिण पश्चिम मानसून शनिवार को केरल पहुंच गया। 16 साल में यह पहला मौका है जब मानसून ने 8 दिन पहले दस्तक दी है। आमतौर पर 1 जून से केरल में मानसून की बारिश शुरू होती है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सब कुछ ठीक रहा तो 4 जून से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात सहित मध्य भारत के बड़े हिस्से में भी बारिश शुरू हो जाएगी। पिछली बार केरल में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में आया था, जब 23 मई से बारिश शुरू हो गई थी। केरल में मानसून के आगमन से पहले अनुकूल परिस्थितियां विकसित हो गई थीं। पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। इसका कारण निम्न दबाव का क्षेत्र और आगे बढ़ रहा मानसून सिस्टम है। आईएमडी ने मुताबिक, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश के साथ ही दक्षिण, मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों में 22 से 27 मई के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 29 मई से 4 जून के दौरान मानसून के दक्षिण प्रायद्वीपीय और पूर्वोत्तर भारत के शेष हिस्सों के साथ ही पूर्व और मध्य भारत के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ जाएगा। इस दौरान देश के अन्य हिस्सों मे प्री-मानसून बारिश जारी रहेगी। इस तरह आगे बढ़ेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, 28 मई तक मानसूनी हवा को सही तरीके से साथ आगे बढ़ाने के सिस्टम बन रहे हैं। अरब सागर में कोंकण-गोवा तट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बन रह है। वहीं तेलंगाना और मध्य प्रदेश में कम दबाव के बीच चलने वाली दो ट्रफ भी मानसून को आगे बढ़ने में मदद करेगी। पंजाब और असम में चक्रवाती तूफान की स्थिति भी मानसून की मदद करेगी। शनिवार तक अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर की ओर बढ़ने लगेगा। आईएमडी के अधिकारियों ने कहा कि इससे मानसूनी हवाएं मजबूत हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के चक्रवात में बदलने की संभावना कम है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 55

अगर आप अपने आधार विवरण को अपडेट करने में देरी कर रहे हैं, तो 14 जून से पहले मुफ्त में अपडेट करें अपना आधार

नई दिल्ली अगर आप अपने आधार विवरण को अपडेट करने में देरी कर रहे हैं, तो अब समय आ गया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) 14 जून, 2025 तक मुफ्त ऑनलाइन अपडेट की सुविधा दे रहा है। उसके बाद, आपको किसी भी बदलाव के लिए 50 रुपये का मामूली शुल्क देना होगा। आप बिना किसी केंद्र पर जाए, अपने घर बैठे myAadhaar पोर्टल के माध्यम से अपना आधार अपडेट कर सकते हैं – लेकिन केवल चुनिंदा जनसांख्यिकीय विवरणों के लिए। और UIDAI के नियमों के अनुसार, आपको हर 10 साल में अपनी पहचान का प्रमाण (PoI) और पते का प्रमाण (PoA) अपडेट करना होगा। आप मुफ्त में ऑनलाइन क्या अपडेट कर सकते हैं? पोर्टल के माध्यम से, आप बिना किसी शुल्क के निम्नलिखित जानकारी अपडेट कर सकते हैं: नाम (कुछ वर्ण सीमा के भीतर) – जन्म तिथि – पता – लिंग – भाषा वरीयताएँ नोट: बायोमेट्रिक डेटा – जैसे उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और तस्वीरें आप UIDAI वेबसाइट पर अपना पिन कोड दर्ज करके निकटतम केंद्र का पता लगा सकते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 51

UPSC CSE प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी, प्रारंभिक परीक्षा 25 मई को होगी आयोजित

नई दिल्ली 25 मई, 2025 को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा आयोजित होगी। UPSC CSE प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी, पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी। परीक्षा से पहले देख लें ये दिशा-निर्देश     उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करना होगा अन्यथा उन्हें परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।     अभ्यर्थियों को अपना एडमिट कार्ड परीक्षा केंद्र पर अवश्य लाना होगा, इसके बिना उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।     अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर अपना वैध पहचान पत्र लाना होगा तथा पहचान पत्र पर दी गई जानकारी प्रवेश पत्र पर दी गई जानकारी से मेल भी खानी चाहिए।     यदि एडमिट कार्ड पर फोटो स्पष्ट नहीं है, तो उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर एक नया पासपोर्ट आकार का फोटो लाना होगा।     यूपीएससी द्वारा सलाह दी जाती है कि अपनी ओएमआर शीट भरने के लिए काला बॉलपॉइंट पेन का उपयोग करें। अपनी परीक्षा शीट भरने के लिए, नीले बॉलपॉइंट पेन का उपयोग किया करना होगा। किन-किन चीजों की नहीं होगी अनुमति?     महंगी वस्तुओं की अनुमति नहीं है।     किसी भी प्रकार का बैग या हैंडबैग ले जाने की अनुमति नहीं है।     परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाना सख्त मना है।     स्मार्ट वॉच जैसे डिजिटल उपकरणों की अनुमति नहीं है।     नोट्स, किताबें जैसी किसी भी तरह की सामग्री की अनुमति नहीं है। एडमिट कार्ड में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर उम्मीदवारों को तुरंत प्राधिकरण को सूचित करने की सलाह दी जाती है। उम्मीदवार uscsp-upsc@nic.in पर अपनी समस्या ईमेल कर सकते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 46

एस-400 ने 300 KM से ज्यादा की दूरी पर हवाई लक्ष्य को मार गिराकर सबसे लंबे समय तक मार करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया

नई दिल्ली  यूक्रेन युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों की मीडिया ने रूसी S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को बदनाम करने की हर मुमकिन कोशिश की। उसे नाकाम बताया, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ S-400 ने जैसा कमाल किया है, उसे देखकर पश्चिमी देश परेशान है। भारत के रूसी हथियारों ने जिस तरह से पाकिस्तान को धूल चटाया है, वो पश्चिमी देशों को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। एक वजह ये भी है कि पश्चिमी देशों की मीडिया ने पाकिस्तान के समर्थन में उसका भोपूं बन जाने का फैसला किया। एस-400 के पराक्रम के बारे में धीरे धीरे खुलासे होने लगे हैं और यूरेशियन टाइम्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की लंबी दूरी की मिसाइलों के खिलाफ एस-400 सौ फीसदी कामयाब और प्रभावी साबित हुआ है। एस-400 ने पाकिस्तान के कई क्रूज मिसाइलों और विनाशकारी ड्रोन को मार गिराया, जिससे भारत को अपने सैन्य ठिकानों को सुरक्षित रखने में मदद मिली। आपको बता दें कि भारत ने 5.4 अरब डॉलर की लागत से रूस से एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के पांच यूनिट खरीदे थे। जिनमें से रूसे ने अभी तक तीन एस-400 की ही डिलीवरी दी है। दो एस-400 की डिलीवरी मिलना अभी बाकी है। रूस से एस-400 खरीदने की वजह से अमेरिका ने CAATSA के तहत प्रतिबंध लगाने की भी धमकी दी थी, लेकिन भारत एस-400 खरीदने के फैसले से पीछे नहीं हटा। S-400 ने कैसे गिराया पाकिस्तानी AWACS एयरक्राफ्ट? यूरेशियन टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारतीय S-400 ने 314 किलोमीटर की दूरी पर किसी हवाई लक्ष्य को भेदकर एक रिकॉर्ड बनाया है। अधिकारी ने कहा कि एस-400 ने 300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर हवाई लक्ष्य को मार गिराकर SAM (सरफेस टू एयर मिसाइल) द्वारा सबसे लंबे समय तक मार करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान एस-400 ने पाकिस्तान वायु सेना की आंख माने जाने वाले SAAB Erieye-2000 फ्लाइंग रडार, यानि AWACS एयरक्राफ्ट को मार गिराया था। ऐसा करके भारतीय एस-400 ने एक अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है। अधिकारी का नाम नहीं छापने की शर्त पर यूरेशियन टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि SAAB Erieye-2000 का ये दूसरा नुकसान था। इससे पहले, पाकिस्तान के एयर मार्शल मसूद अख्तर (सेवानिवृत्त) ने खुलासा किया था, कि 9-10 मई की रात को भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल से पाकिस्तान वायु सेना के एक AWACS विमान को मार गिराया था। लेकिन भारतीय अधिकारी ने कहा है कि AWACS को ब्रह्मोस से नहीं, बल्कि एस-400 से मारा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक किसी भी SAM ने इतनी ज्यादा दूरी से किसी हवाई लक्ष्य को नष्ट नहीं किया है। लेकिन एस-400 ने 314 किलोमीटर से पाकिस्तानी AWACS एयरक्राफ्ट को मार गिराकर पूरी दुनिया में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। एस-400 की वजह से बाद में पाकिस्तान के फाइटर जेट्स ने उड़ान भरना ही बंद कर दिया था। जिसकी वजह से भारतीय वायुसेना के विमानों ने एक के बाद एक पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस पर हमले किए थे और भारी नुकसान पहुंचाया था। एस-400 के नये ऑर्डर दे सकता है भारत भारत के पास फिलहाल एस-400 के तीन यूनिट्स हैं। जिनमें से दो को भारत ने पश्चिमी मोर्चे पर जबकि एक को पूर्वी मोर्चे पर तैनात कर रखा है। भारत अभी भी रूस से 2 और यूनिट की डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। लेकिन यूक्रेन युद्ध की वजह से रूस डिलीवरी देने में देरी कर रहा है। इस बीच भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल जल्द ही मॉस्को का दौरा करने वाले हैं। इस दौरान वो रूस से बाकी बचे 2 यूनिट्स की डिलीवरी के अलावा कुछ और एस-400 डिफेंस सिस्टम का भी ऑर्डर दे सकते हैं। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि एस-400 की जगह भारत एस-500 'प्रोमेथियस' को खरीदने का भी फैसला कर सकता है, जिसकी क्षमता धरती के लोअर ऑर्बिट तक मार करने की है। S-500 प्रोमेथियस रूस की अगली पीढ़ी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम है। अल्माज़-एंटे ने इसे डेवलप किया है और इसका ऑपरेशनल रेंज 600 किमी तक है। यह हाइपरसोनिक हथियारों, बैलिस्टिक मिसाइलों और यहां तक कि लोअर-ऑर्बिट में स्थिति सैटेलाइट्स को भी मार गिराने की क्षमता रखता है। हालांकि इसकी कीमत काफी ज्यादा होने की संभावना है। रूस ने अभी तक एस-500 की कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इसकी कीमत 4 से 5 अरब डॉलर के बीच होने की संभावना है। एस-500 खरीदकर भारत, चीन और पाकिस्तान के स्टील्थ फाइटर जेट को न्यूट्रल कर सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 53

महाकाल मंदिर में दान की जांच होगी, स्वर्ण-रजत टेस्टिंग मशीन लगेगी

उज्जैन देश के अन्य बड़े मंदिरों की तरह महाकाल मंदिर (Mahakaleshwar Temple Ujjain) में भी लगभग प्रतिदिन श्रद्धालुओं द्वारा बड़ी संख्या में दान किया जाता है। यह क्रम वर्षभर जारी रहता है। इसी को देखते हुए महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने निर्णय लिया है कि दान में मिलने वाली वस्तुओं का भौतिक सत्यापन मंदिर में ही टंच मशीन लगाकर किया जाएगा। इसके अलावा वर्तमान वाली प्रक्रिया को भी बंद नहीं किया जाएगा। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने लिया निर्णय गत दिनों हुई महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि देश के अन्य बड़े मंदिरों की तरह महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान स्वरूप दी जाने वाली सोने और चांदी की वस्तुओं की शुद्धता की जांच के लिए ‘टंच मशीन’ लगाकर की जाए। इस टंच मशीन की मदद से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जो आभूषण या धातुएं दान की जाती हैं, वे वास्तव में सोना या चांदी हैं या नहीं और उनकी कितनी शुद्धता है। इससे मंदिर प्रशासन को दान की गई वस्तुओं का सही मूल्यांकन करने में आसानी होगी और पारदर्शिता भी बनी रहेगी। 23 साल से बिना मशीन के जांच रहे शुद्धता महाकाल मंदिर में लगभग 23 साल से सोना और चांदी की शुद्धता की जांच करने वाले अशोक जड़िया (सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष) उनका कहना है कि हम लोग अपनी नजरों से देखकर ही बता सकते हैं कि यह शुद्ध है या खोटा है। कोई भी मशीन 100त्न एक्यूरेसी नहीं बता सकती, जबकि इंसान द्वारा जांची गई सोने चांदी की शुद्धता 100त्न मानी जाती है, क्योंकि डॉक्टर का काम एक डॉक्टर ही करेगा, मशीन नहीं। क्या प्रक्रिया है सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुओं की शुद्धता की जांच कई तरीकों से की जाती है। इनमें से कुछ परंपरागत हैं और कुछ आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों पर आधारित हैं। यह कहना है अशोक जड़िया के पुत्र अतिन जड़िया का, जो महाकालेश्वर मंदिर से आने वाले दान वस्तुओं की जांच करते हैं। उन्होंने कहा- 1. टंच मशीन यह एक सबसे आधुनिक और लोकप्रिय तरीका है। मशीन में वस्तु को रखकर X-Ray की मदद से उसकी धातु संरचना का विश्लेषण किया जाता है। यह जांच कुछ ही सेकंड में हो जाती है और धातु में मौजूद सोना, चांदी, तांबा, जस्ता आदि का प्रतिशत स्क्रीन पर आ जाता है। बिना धातु को नुकसान पहुंचाए जांच संभव होती है। 2. एसिड टेस्ट यह पुराना और सस्ता तरीका है, परन्तु इसमें वस्तु को थोड़ा खरोंचना पड़ता है। धातु पर अलग-अलग एसिड की बूंदें डालकर उसकी प्रतिक्रिया देखी जाती है। रंग बदलने से शुद्धता का अनुमान लगाया जाता है, लेकिन यह तरीका पूरी तरह सटीक नहीं होता। 3. कैरट माप यह पारंपरिक तरीका है, जिसमें काली पत्थर (टच स्टोन) पर आभूषण को रगड़ा जाता है और फिर एसिड से परीक्षण किया जाता है। इससे लगभग अंदाजा लग जाता है कि सोने की कितनी कैरट की शुद्धता है (जैसे 22 कैरट, 18 कैरट आदि)। 4. फायर एस्से यह सबसे विश्वसनीय और शुद्धता वाला परीक्षण होता है, लेकिन प्रक्रिया लंबी और महंगी होती है। इसमें धातु को उच्च तापमान पर पिघलाकर उसके तत्वों को अलग किया जाता है। इसका उपयोग आमतौर पर सरकारी मानक प्रयोगशालाओं में किया जाता है। 5. अल्ट्रासोनिक टेस्ट इसका उपयोग आभूषणों की भीतरी संरचना देखने के लिए किया जाता है ताकि यह पता चले कि अंदर कोई मिलावट या नकलीपन है या नहीं। क्या होगा लाभ नकली या मिलावटी धातु की पहचान दान प्रक्रिया में पारदर्शिता मंदिर संपत्ति का सही लेखा-जोखा अभी अप्रूवल मिला है, जल्द ही टंच मशीन खरीदी जाएगी अधिकतर दुकानों और मंदिरों में XRF आधारित टंच मशीन का ही उपयोग किया जाता है, क्योंकि यह तेज, सटीक और बिना नुकसान के काम करती है। अभी तो सिर्फ अप्रूवल मिला है, जल्द ही मशीन क्रय की जाएगी, उस मशीन से यह फायदा होगा कि हाथों हाथ वैरिफिकेशन होगा, उसमें तत्काल मालूम होगा कि वस्तु कितनी शुद्ध है। –प्रथम कौशिक, प्रशासक, महाकाल मंदिर Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32

राज्य में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी को ऐतिहासिक रूप से 99.47 % के उच्चतम स्तर तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त हुई

प्रदेश में पारेषण उपलब्धता का नया कीर्तिमान 98 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले हासिल किया 99.47 प्रतिशत मध्यप्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग पारेषण उपलब्धता बढ़कर 99.47 प्रतिशत तक हो गई राज्य में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी को ऐतिहासिक रूप से  99.47 % के उच्चतम स्तर तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त हुई भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के विद्युत क्षेत्र में ट्रांसमिशन नेटवर्क (पारेषण प्रणाली) की अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इसके फलस्वरूप राज्य में पारेषण उपलब्धता (ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी) को ऐतिहासिक रूप से  99.47 प्रतिशत के उच्चतम स्तर तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त हुई है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2024-25 के लिये निर्धारित 98 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले इस वित्तीय वर्ष में पारेषण उपलब्धता (ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी) बढ़कर 99.47 प्रतिशत तक हो गई है।  वर्ष 2023-24 में पारेषण उपलब्धता (ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी) 99.42 प्रतिशत के मुकाबले यह उल्लेखनीय सुधार है, जो राज्य विद्युत कंपनियों की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रदेश के विद्युत क्षेत्र की यह सफलता राज्य के लिए गर्व की बात है, इस उपलब्धि के लिये उन्होंने विद्युत कार्मिकों को बधाई दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध होगी। विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता होगी बेहतर तोमर ने  कहा है कि एम.पी. ट्रांसको द्वारा किए गए नवाचारों, उन्नत तकनीकी समाधानों जैसे स्काडा प्रणाली, विद्युत ग्रिडों की निगरानी और समय-समय पर रख-रखाव के चलते यह सफलता संभव हो पाई है। कंपनी द्वारा विद्युत नेटवर्क के आधुनिकीकरण और क्षमतावर्धन की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पारेषण उपलब्धता अधिक होने के फायदे किसी भी ट्रांसमिशन सिस्टम में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी (पारेषण उपलब्धता) अधिकतम होने से विद्युत आपूर्ति में बाधाएँ कम होती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को निरंतर बिजली मिलती है। इससे औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होती है और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है। यह प्रणाली की विश्वसनीयता और दक्षता को भी सुनिश्चित करता है। साथ ही आपात स्थितियों में शीघ्र बिजली आपूर्ति संभव होती है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 44

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले सेवा प्रदाताओं और टट्टुओं के पंजीकरण में तेजी

जम्मू/श्रीनगर   वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा-2025 के निर्बाध और शांतिपूर्ण संचालन के लिए उन्नत ढांचा स्थापित करने के लिए मंडलायुक्त कश्मीर विजय कुमार बिधूड़ी ने अधिकारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें आधार शिविरों और पवित्र गुफा के रास्ते में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों को आवश्यक विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से निष्पादित करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर उन्हें पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने मौसम संबंधी आपात स्थितियों का सामना करने के लिए आधार शिविरों की क्षमता बढ़ाने का भी आह्वान किया। साथ ही, मंडलायुक्त ने श्रम और पशुपालन विभागों से यात्रा शुरू होने से पहले लक्ष्य को पूरा करने के लिए सेवा प्रदाताओं और टट्टुओं के पंजीकरण में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने यात्रियों को सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी देने के लिए प्रमुख स्थानों पर साइनेज लगाने के लिए भी कहा। विभिन्न स्थानों पर यात्रियों के पंजीकरण के संबंध में मंडलायुक्त ने अन्य स्थानों के अलावा नौगाम और अनंतनाग रेलवे स्टेशनों पर आर.एफ.आई.डी. काऊंटर स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बी.आर.ओ. को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पवित्र गुफा तक जाने वाले मार्ग गड्ढों से मुक्त हों। बैठक के दौरान श्रीनगर, अनंतनाग, बड़गाम, गांदरबल और बांदीपोरा के उपायुक्तों के अलावा के.पी.डी.सी.एल., एफ.सी.एस. एंड सी.ए., पी.एच.ई., आर. एंड बी., एस.एम.सी., स्वास्थ्य, पर्यटन, सोनमर्ग विकास प्राधिकरण, पहलगाम विकास प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने श्री अमरनाथ जी यात्रा-2025 के तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए चल रहे कार्यों और योजनाओं के बारे में बैठक में जानकारी दी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 46