शराब के विवाद में मर्डर, युवक के साथ मारपीट, इलाज के दौरान मौत

बेमेतरा बेमेतरा जिले में शराब पिलाने की बात को लेकर हुए विवाद में एक आरोपी ने युवक के साथ जमकर मारपीट की। युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। पूरा मामला बेमेतरा जिले के बेरला थाना क्षेत्र के पाहंदा गांव का है। बेरला थाना प्रभारी टीआई कृष्णकांत सिंह ने बताया कि 22 मई को शाम लगभग 5:30 बजे गांव के दीपक निषाद ने शराब पिलाने की बात को लेकर मृतक रमेश साहू के साथ गाली-गलौच की। जान से मारने की धमकी देते हुए लात-मुक्का और पत्थर से हमला कर घायल कर दिया। इस मामले में आरोपी दीपक निषाद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3),115(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान जानकारी मिली कि घायल रमेश साहू का उपचार मेकाहारा अस्पताल रायपुर में चल रहा था, जहां उनकी मौत हो गई। थाना मौदहापारा रायपुर से प्राप्त मर्ग डायरी के आधार पर थाना बेरला में धारा 194 BNS के तहत असल मर्ग कायम कर जांच की गई। मर्ग जांच में गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी दीपक निषाद उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम पाहंदा ने मृतक रमेश साहू को शराब पिलाने से मना करने पर गुस्से में आकर मारपीट की, जिससे सिर सहित अन्य अंगों में गंभीर चोटें आईं, जिनके कारण उपचार के दौरान मौत हो गई। विवेचना में आरोपी पर धारा 103(1) BNS को भी जोड़ा गया।कल 25 मई रविवार को देर शाम आरोपी दीपक निषाद को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में न्यायिक रिमांड के लिए प्रस्तुत किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। recent visitors 57

शनि जयंती के मौके पर इन चीजों का करें दान

ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है, जो इस वर्ष 27 मई 2025, मंगलवार को है. यह दिन भगवान शनि देव के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है. यदि आप शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, या किसी अन्य शनि दोष से पीड़ित हैं, तो इस दिन कुछ विशेष चीजों का दान करने से आपके सभी कष्ट दूर हो सकते हैं. यहां शनि जयंती के अवसर पर दान करने योग्य कुछ प्रमुख वस्तुएं दी गई हैं. ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को विशेष स्थान दिया गया है. शनि न्यायाधीश हैं, वे लोगों को कर्मों के अनुसार फल देते हैं. इन चीजों का करें दान     काले तिल: काले तिल शनि देव को अत्यंत प्रिय हैं और उन्हें दान करने से शनि के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं. यह दुर्भाग्य को दूर करता है और घर में शांति व समृद्धि लाता है. किसी गरीब, जरूरतमंद व्यक्ति को या शनि मंदिर में दान करें.     उड़द की दाल (विशेषकर काली उड़द): काली उड़द भी शनि से संबंधित मानी जाती है. इसका दान करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं, धन-धान्य में वृद्धि होती है और शनि देव प्रसन्न होते हैं. गरीबों को, विशेषकर शनि मंदिर के बाहर बैठे लोगों को, या किसी जरूरतमंद परिवार को.     सरसों का तेल: सरसों का तेल शनि देव को अत्यंत प्रिय है. शनि जयंती पर सरसों के तेल का दान करने और शनि मंदिर में दीपक जलाने से शनि देव शांत होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है. यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी दूर करता है. शनि मंदिर में या किसी गरीब को दान करें.     काले वस्त्र: काले वस्त्र शनि देव की ऊर्जा और प्रभाव का प्रतिनिधित्व करते हैं. काले वस्त्रों का दान करने से शनि देव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और शनि के शुभ फल प्राप्त होते हैं. यह अटके हुए कार्यों को भी पूरा करने में मदद करता है. किसी निर्धन या असहाय व्यक्ति को दान दें.     लोहे की वस्तुएं: लोहा शनि का धातु है. लोहे से बनी वस्तुओं का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और सभी कष्टों को दूर करते हैं. लोहे के बर्तन या अन्य कोई लोहे की वस्तु किसी गरीब को दान करें.     जूते या चप्पल: शनि जयंती पर जूते या चप्पल का दान करना बहुत शुभ माना जाता है. इससे शनि से संबंधित कष्ट दूर होते हैं और जीवन की बाधाएं कम होती हैं. किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें, विशेषकर जो नंगे पैर हो. दान का महत्व दान हमेशा अपनी सामर्थ्य और पूर्ण श्रद्धा भाव से करें. दान को गुप्त रखना अधिक पुण्यकारी माना जाता है. दान ऐसे व्यक्ति को करें जिसे वास्तव में उसकी आवश्यकता हो. दान के साथ-साथ अपने कर्मों को शुद्ध रखें, ईमानदारी से जीवन जिएं और किसी को कष्ट न दें. शनि जयंती पर इन चीजों का दान करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाले सभी कष्टों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है. recent visitors 89

ट्रायल रूम में दुकान मालिक ने हिडन कैमरा लगाया, महिलाओं और लड़कियों के वीडियो होने लगे वायरल

शहडोल  अगर आप कपड़े खरीदने जा रहे हैं और वहां के ट्रायल रूम का इस्तेमाल कर रहे हैं तो काफी सोच समझकर करें. अच्छे से जांच परख कर लें, क्योंकि थोड़ी सी असावधानी आपको भारी पड़ सकती है. एक ऐसा ही मामला आदिवासी बहुल जिला शहडोल के बुढ़वा गांव से आया है. जहां कपड़े दुकान की ट्रायल रूम से हिडन कैमरा मिला है. कपड़े दुकान के ट्रायल रूम में सावधान आपने शहरों में हिडन कैमरे लगे होने की खबरें सुनी होंगी. लेकिन ग्रामीण इलाकों में भी इस तरह के केसेस सामने आने लगे हैं. ताजा मामला शहडोल जिले के देवलोंद थाना क्षेत्र अंतर्गत बुढ़वा गांव से सामने आया है. जहां कपड़े की दुकान में मालिक ने ट्रायल रूम में हिडन कैमरा लगा कर रखा था. जब महिलाओं को उनके ही आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर मिले तो उनके होश उड़ गए. चेंजिंग रूम में छुपा था सीक्रेट कैमरा इस मामले को लेकर कृष्ण कुमार नामक एक व्यक्ति ने देवलोंद थाने में जाकर शिकायत की और शिकायत में यह बताया कि कई महिलाओं के वीडियो उनकी जानकारी और अनुमति के बिना रिकॉर्ड किए गए हैं और सोशल मीडिया पर इसे वायरल किया जा रहा है. इस मामले को देवलोंद थाने की पुलिस ने गंभीरता से लिया और तुरंत ही जांच शुरू कर दी. शिकायत के बाद देवलोंद थाना प्रभारी सुभाष दुबे तत्काल ही एक्शन में आ गए और वहां पर छापा मार दिया. ट्रायल रूम की गहराई से जांच की. इस दौरान उन्हें चेंजिंग रूम में एक हिडन कैमरा मिला, जिसे बहुत ही शातिर अंदाज में छुपाया गया था. दुकानदार के बेटे की गलती से हुआ खुलासा आरोपी से पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने यह स्वीकार भी किया कि उसने कैमरा लगाया था और इन वीडियो को बाद में अपने कंप्यूटर पर देखा करता था. जांच में यह भी सामने आई है कि आरोपी के नाबालिक बेटे को भी यह बात पता हो गई थी, और वो भी इन वीडियो देखा करता था और इसे अपने दोस्तों के साथ साझा भी करता था. इसलिए वहीं से यह वीडियो वायरल भी हुए. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शहडोल एसपी राम जी श्रीवास्तव का कहना है कि, ''एक कपड़ा व्यापारी के चेंजिंग रूम में कैमरा लगे होने की सूचना मिली थी. जिस पर दो लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है. आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. recent visitors 50

मुजफ्फरनगर में बन रही मस्जिद को कर दिया गया सील और नियाजउद्दीन-यूनुस भेजे गए जेल

मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक अवैध मस्जिद पर एक्शन हुआ है. पुलिस ने बगैर अनुमति के बनाई जा रही मस्जिद पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है. इसके साथ ही मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है. दरअसल, जिले के भोपा थाना क्षेत्र स्थित मोरना गांव में बगैर शासन की अनुमति के एक मस्जिद का निर्माण किया जा रहा था. जब इसकी सूचना जिला प्रशासन को मिली तो वह पुलिस की टीम के साथ जांच पड़ताल करने मौके पर पहुंची. जांच-पड़ताल के क्रम में ये मस्जिद अवैध पाई गई. जिसके चलते इसे सील कर दिया गया. साथ ही मौके से मस्जिद के संरक्षक नियाजउद्दीन और प्लॉट मालिक यूनुस को गिरफ्तार कर बीएनएस की धारा 170 में जेल भेज दिया गया. मालूम हो कि प्रदेश में बगैर शासन की अनुमति के किसी भी धार्मिक स्थल का निर्माण कराया जाना अवैध है. इसी के चलते मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन के द्वारा इस अवैध मस्जिद पर कार्रवाई की गई है. मामले में एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने बताया कि कल शाम थाना भोपा पर एक सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ लोगों द्वारा मोरना में बिना इजाजत के एक अवैध धार्मिक स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है. यह सूचना तुरंत एसडीएम जानसठ के साथ शेयर की गई. जिसपर उनके द्वारा भी तहसीलदार की एक टीम मौके पर भेजी गई. मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की गई तो पता चला कि धार्मिक स्ट्रक्चर नियमों का उल्लंघन कर बनाया जा रहा था. ऐसे में उस को प्रॉपर्टी को सील किया गया और शांति भंग करने के लिए दो लोगों- नियाजउद्दीन और यूनुस को गिरफ्तार कर लिया गया.   recent visitors 90

मुरैना :पार्क में घूम रहे कांग्रेस नेता पर लाठी और धारदार हथियार से हमला, ग्वालियर किया रेफर

मुरैना  मध्य प्रदेश में गुंडे बदमाशों के हौसले बुलंद है, ताजा मामला मुरैना जिले से सामने आया है। जहां मॉर्निग वॉक पर निकले कांग्रेस नेता पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राकेश परमार की लाठी- डंडे और हथियारों से लैस आधा दर्जन से ज्यादा बदमाशों ने पिटाई कर दी। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए ग्वालियर रेफर कर दिया गया है।   पार्क  वॉक करने के दौरान किया हमला जानकारी के मुताबिक राकेश परमार सिविल लाइन थाना क्षेत्र के न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित शहीद पार्क में जब वॉक कर रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे करीब आधा दर्जन बदमाशों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। लाठी-डंडों से हुई मारपीट में उन्हें सिर पर गंभीर चोट आई है। पिटाई करने के बाद बदमाश भाग निकले। मारपीट की घटना का वीडियो भी सामने आया है। कांग्रेस नेता के भाई ने इन पर लगाए आरोप घटना में घायल राकेश परमार के छोटे भाई मुकेश परमार के द्वारा सिविल सर्जन डॉ गजेन्द्र तोमर का इस हमले में हाथ होना बताया गया है। इसके साथ ही पुरानी रंजिश व टेरर टेक्स को लेकर सुमित परमार, विक्रम परमार, धर्म सिंह परमार, शिवराज सिंह परमार, देवा परमार, गोरखा परमार सहित तीन-चार लोगों पर भी उन्होंने आरोप लगाए गए है। पुरानी रंजिश को लेकर कांग्रेस नेता पर हमला किया गया है। फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई है।  recent visitors 59

मरवाही वनमंडल के जंगलों में तलाब में अठखेलियां करते नजर आया हाथियों का दल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के जंगलों में बीते कुछ वर्षों से हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है. हाल ही में चार दंतैल हाथियों का एक दल इन जंगलों में देखा गया है, जो इन दिनों सिवनी बीट के कतलगढ़ाई बांध के आसपास विचरण कर रहा है. गर्म मौसम से राहत पाने के लिए यह हाथी दल जंगल में बने तालाब में मस्ती करते हुए नजर आया है. इस दृश्य को ग्रामीणों ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया. इस वीडियो में साफ दिखाई देता है कि पानी पीने के बाद हाथी तालाब में उतरकर एक-दूसरे को धक्का दे रहे हैं और आपस में खेल रहे हैं. वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं और जमकर शेयर भी कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार, यह हाथियों का दल मरवाही और सिवनी के जंगलों की सीमा से लगे मध्यप्रदेश के अनूपपुर वनमंडल से होते हुए छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल में प्रवेश किया है और फिलहाल यहीं विचरण कर रहा है. हालांकि अभी तक हाथियों द्वारा किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचनाएं जरूर मिली हैं. वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल लगातार इन हाथियों पर निगरानी रखे हुए हैं. जिन स्थानों पर किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, वहां विभाग द्वारा मुआवजा भी दिया जा रहा है. recent visitors 51

हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की मूर्ति लगाकर रहेंगे: दामोदर यादव

 2 जून को बड़ा प्रदर्शन, चंद्रशेखर आज़ाद भी होंगे शामिल  ग्वालियर में मूर्ति स्थापना पर विवाद, संविधान और सामाजिक न्याय को लेकर तेज हुआ संघर्ष    CJI, CM और राज्यपाल से हस्तक्षेप की माँग* भोपाल ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापना को लेकर उपजे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। दलित पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के वरिष्ठ नेता दामोदर सिंह यादव ने दो टूक कहा है कि "बाबा साहब की मूर्ति हाईकोर्ट परिसर में लगाकर रहेंगे।" यादव ने भोपाल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि संविधान रचयिता की मूर्ति का विरोध, आज भी समाज में मौजूद जातिगत भेदभाव और मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मूर्ति और उसका चबूतरा पूरी तरह से तैयार हो चुका था, तब ग्वालियर बार एसोसिएशन द्वारा विरोध किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। "कोर्ट धार्मिक ग्रंथों से नहीं, भारतीय संविधान से चलता है। अगर उस संविधान को लिखने वाले बाबा साहब की प्रतिमा अदालत में नहीं लगेगी, तो किसकी लगेगी?" यादव ने सवाल उठाया। दामोदर यादव ने बताया कि इस विषय में उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की माँग की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को वर्ग संघर्ष में बदलने से पहले प्रशासन को हस्तक्षेप कर मूर्ति की स्थापना सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे समाज में शांति बनी रहे। यादव ने कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी जी सामाजिक न्याय और बाबा साहब की बात तो करते हैं, लेकिन जब असली सम्मान देने का समय आता है, तो कांग्रेस के नेता सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रह जाते हैं। इससे यह सिद्ध होता है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सामंतशाही मानसिकता से संचालित हो रही है।" यादव ने ऐलान किया कि वह स्वयं 2 जून को ग्वालियर पहुंचेंगे। इस दिन संभाग के सभी जिलों से कार्यकर्ता एकत्रित होंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही नगीना से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद भी ग्वालियर आएंगे और आंदोलन को गति देंगे। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ग्वालियर में बाबा साहब की मूर्ति लगाने के समर्थन में खड़े अंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं पर कथित रूप से ऊँची जातियों से जुड़े वकीलों द्वारा हमला किया गया था। इस घटना की निंदा करते हुए यादव ने इसे 'कायराना हरकत' बताते हुए चेतावनी दी कि संविधान विरोधी ताकतों को अब चुपचाप देखने का समय नहीं रहा। न्यायपालिका में संविधान निर्माता की उपस्थिति अनिवार्य: यादव यादव ने जोर देते हुए कहा कि देशभर के सभी न्यायालय परिसरों में बाबा साहब की मूर्ति लगाई जानी चाहिए। "यह सिर्फ मूर्ति नहीं, बल्कि न्याय, समानता और संविधान के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है," recent visitors 52