Sunday, July 5, 2026 12:09 pm

कोरबा में कोयला चोरी करते दो युवकों की मौत,खदान धंसी, हादसे के बाद मच गया हड़कंप, मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम

कोरबा कोरबा जिले के SECL गेवरा कोयला खदान में आज सुबह बड़ा हादसा हुआ, जिसमें दो युवकों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। ये तीनों युवक कोयला चोरी करने के लिए खदान में घुसे थे। मृतकों की पहचान विशाल यादव (18 वर्ष) और धन सिंह कंवर (24 वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि घायल युवक की पहचान साहिल धनवार (19 वर्ष) के रूप में हुई है। कोयला चोरी करने के लिए खदान में घुसना युवकों को महंगा पड़ गया। इस हादसे में विशाल यादव और धन सिंह कंवर की मौत हो गई वही तीसरा किसी तरह बाहर निकला और गांव जा कर घटनाक्रम की जानकारी दी। जहां तीसरा लड़का साहिल धनवार घायल है। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है।  हरदी बाजार पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। कोयला चोरी की वारदातें आज भी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एसईसीएल पीआरओ बिलासपुर शनिष चन्द्र ने बताया कि एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट में खनन गतिविधियों के संचालन में कोई दुर्घटना नहीं हुई है, न ही कोई एसईसीएल कर्मी हताहत हुआ है। उन्होंने बताया कि दीपका पुलिस के द्वारा उन्हें सूचना मिली है कि गेवरा और दीपका माइंस के सीमा पर जो कोयल रहता है। उसे निकालने के लिए कुछ लोग गए हुए थे। जहां दो लोगों के दबने की खबर सामने आ रही है। जिस जगह पर कोयला निकाला जा रहा था। लगभग खदान से 20 से 25 फीट ऊपर है। जिस जगह पर यह हादसा हुआ है। जानिए कैसे हुआ हादसा ? दरअसल, 3 दोस्त सुबह-सुबह खदान में कोयला चोरी करने के लिए गए थे। तीनों युवक अपने साथ सब्बल और कोयला निकालने के लिए अन्य चीजें रखे थे। वह जैसे ही कोयला निकालने के लिए खुदाई कर रहे थे। 20-25 फीट गहरी खदान में मिट्टी धसकने लगी, जिसमें 3 लोग दब गए। इस दौरान 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक युवक का रेस्क्यू किया गया। घायल युवक साहिल को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में युवक का इलाज चल रहा है। घटना स्थल पर पहुंचे विधायक प्रेमचंद पटेल वहीं हादसे की सूचना मिलते ही कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल मौके पर पहुंचे। यहां हादसे की जानकारी ली। विधायक ने SECL प्रबंधन और पुलिस को रेस्क्यू कर शव बाहर निकालने को कहा है। वे वहीं मौके पर मौजूद हैं। recent visitors 57

देश में एक्टिव हुए कोरोना के दो वैरिएंट NB.1.8.1 and LF.7, जानें ये कितने खतरनाक?

नई दिल्ली देश में एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है और स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती जा रही है। मई 2025 के अंत तक भारत में कोविड-19 के एक्टिव केस 1000 का आंकड़ा पार कर चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और बिहार समेत कई राज्यों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिस पर केंद्र और राज्य सरकारों ने सतर्कता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा केस कहां? कोविड की इस नई लहर में केरल सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बनकर सामने आया है, जहां अब तक 430 से अधिक एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। वहीं, दिल्ली में 100 से ज्यादा मरीज, महाराष्ट्र में 43 नए केस, और नोएडा में 8 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। पटना में भी संक्रमण ने दस्तक दे दी है, जहां एक मरीज पटना एम्स का डॉक्टर है। नोएडा और पटना में नए केस नोएडा में सामने आए मामलों में से एक व्यक्ति की हाल की यात्रा चेन्नई से रही है, जो नए संक्रमण के प्रसार की आशंका को और गहरा करता है। वहीं बिहार की राजधानी पटना में दो नए केस दर्ज किए गए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। कोरोना के नए वेरिएंट भारत में इस समय 4 वेरिएंट्स की पुष्टि हो चुकी है:     XFG सीरीज     LF.7 सीरीज     JN.1 सीरीज     NB.1.8.1 सीरीज इन वेरिएंट्स में से JN.1 तेजी से फैलने वाला बताया जा रहा है, जिसके लक्षणों में नाक बहना, गले में खराश, बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। एशिया में भी बढ़ता खतरा भारत के साथ-साथ एशिया के कई देशों में कोरोना मामलों में तेजी देखी जा रही है। हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड और चीन में रोज़ नए संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। सिंगापुर और हांगकांग में मौतों की संख्या में भी इजाफा दर्ज हुआ है। कोरोना के दो वैरिएंट NB.1.8.1 and LF.7, जानें ये कितने खतरनाक? पिछले सप्ताह में वायरस के कारण कम से कम सात मौतें हुई हैं. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत स्थापित भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के डेटा के अनुसार इस समय देश में कोरोना वायरस के दो वैरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 – JN.1 भी पाए गए हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में ख्याल आ सकता है कि यह दोनों वैरिएंट कितने खतरनाक हैं. चलिए हम आपको इस सवाल का जवाब देते हैं. सबसे पहले आपको संक्षेप में इन मामलों के अपडेट बताते हैं.     INSACOG के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में तमिलनाडु में NB.1.8.1 का एक मामला पाया गया था, जबकि मई में गुजरात में LF.7 के चार मामले सामने आए थे.     अब तक, 22 अलग-अलग देशों के ग्लोबल जीनोम डेटाबेस में NB.1.8.1 वैरिएंट के 58 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और सिंगापुर शामिल हैं. अमेरिका में, कैलिफ़ोर्निया, वाशिंगटन, वर्जीनिया और न्यूयॉर्क जैसे राज्यों में एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के दौरान इस वैरिएंट की पहचान की गई थी. कोरोना वायरस के NB.1.8.1 और LF.7 – JN.1 वैरिएंट क्या हैं? इसे जानने के लिए आपको पहले वैरिएंट का मतलब समझना होगा. दरअसल फैलने के लिए एक वायरस किसी होस्ट (इंसान या जानवर) को संक्रमित करता है, वह अपनी बहुत साली कॉपी बनाता है. जब कोई वायरस अपनी कॉपी बनाता है, तो वह हमेशा अपनी एक सटीक कॉपी तैयार करने में सक्षम नहीं होता है. इसका मतलब यह है कि, समय के साथ, वायरस अपने जीन सीक्वेंस (जिन कैसे लाइन में लगे हैं) में थोड़ा अलग होना शुरू कर सकता है. इस प्रक्रिया के दौरान उस वायरस के जीन सीक्वेंस में किसी भी परिवर्तन को म्यूटेशन के रूप में जाना जाता है, और इन नए म्यूटेशन (नए या अलग जीन सीक्वेंस वाले वायरस) वाले वायरस को ही वेरिएंट कहा जाता है. वेरिएंट एक या एक से अधिक म्यूटेशन से भिन्न हो सकते हैं. अब वापस आते हैं कोरोना वायरस के दो वैरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 – JN.1 पर. NB.1.8.1 और LF.7 दोनों कोरोना के JN.1 वैरिएंट में बदलाव होने से बने हैं आनी वे उप-वंशावली हैं. अभी भारत में सबसे अधिक फैलने वाला वैरिएंट JN.1 ही है. सभी मालूम चले कोरोना मामलों के सैंपल में 53% JN.1 वैरिएंट के ही हैं. इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और अन्य ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) का स्थान है. भारत सरकार की तैयारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। टेस्टिंग, ट्रैकिंग और आइसोलेशन पर ज़ोर देने की सिफारिश की गई है, ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके। क्या कहती हैं ताज़ा रिपोर्ट्स?     दिल्ली में बीते एक हफ्ते में 100+ नए केस सामने आए हैं।     महाराष्ट्र में अब तक कोविड से 5 मौतें दर्ज हो चुकी हैं।     केरल, कर्नाटक और मुंबई जैसे शहरों में रेड अलर्ट लागू कर दिया गया है। कोरोना वायरस के NB.1.8.1 और LF.7 – JN.1 वैरिएंट कितने खतरनाक? WHO के इन वैरिएंट को लेकर उनके जोखिम का जो शुरुआती मूल्यांकन किया है, उसके अनुसार, NB.1.8.1 वैरिएंट दुनिया भर में कम सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है. फिर भी इसमें A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन है. यह दिखाता है कि यह अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैल सकता है और शरीर के इम्यून सिस्टम (रोगों से लड़ने की क्षमता) को मात दे सकता है. शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि NB.1.8.1 और LF.7 के संक्रमण से सामान्य फ्लू या हल्के COVID-19 के समान लक्षण होते हैं. अधिकांश रोगी अस्पताल में एडमिट हुए बिना घर पर ही जल्दी ठीक हो जाते हैं. यह डेल्टा जैसे पहले के वेरिएंट के उल्टा है, जो अधिक गंभीर बीमारी और उच्च मृत्यु दर का कारण बनता है, खासकर बिना टीकाकरण वाले लोगों में या उनमें जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है . हांगकांग-ताइवान में मरीजों की भीड़…. कोरोना कहां-कहां बरपा रहा कहर? भारत में पिछले एक हफ्ते में कोविड-19 के 752 नए केस रिपोर्ट किए गए हैं. देश में कुल पॉजिटिव मामलों की तादाद 1,000 से ज्यादा हो गई है. केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली ऐसे राज्य हैं, जहां पिछले एक हफ्ते में सबसे ज्यादा नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं. इसके साथ ही विदेश में भी कोरोना के … Read more

युवती का फोटो पोस्ट कर लिखा, फुल नाइट इंज्वाय Book Now, धर्म परिवर्तन से जुड़ा है मामला

दुर्ग  जिले में धर्म परिवर्तन के लिए युवती को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। युवती ने कहा कि उसे गौ.मांस खिलाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गयाए ऐसा नहीं करने पर मारपीट की गई। उसका अबॉर्शन कराया गया। जब बच्चा हुआ तो उसकी मर्जी के बिना 5 साल के मासूम का खतना किया गया। लड़की की शिकायत पर भिलाई नगर थाने में आरोपी बादशाह खान के खिलाफ नाबालिग से रेप और मारपीट का मामला दर्ज है। युवती ;26द्ध ने बताया कि कोर्ट में उसका केस चल रहा है। वह दूसरे जिले की रहने वाली है। साल 2016 में उसकी मुलाकात भिलाई हॉस्पिटल सेक्टर सड़क नंबर 9 निवासी बादशाह खान ;28द्ध से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी और बादशाह खान ने उसे झूठे प्यार का वादा किया। वह उस समय 17 साल की थी, इसके बाद भी वो उसे अपने घर ले गया और शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।यह सिलसिला कई साल तक चला। इस दौरान लड़की 2 बार गर्भवती हुई तो बादशाह ने उसका अबॉर्शन करा दिया। तीसरी बार फिर से लड़की गर्भवती हुई तो उसने फिर से उसे बच्चा गिराने की दवा खिलाना चाहा, लेकिन लड़की जिद पर अड़ गई। इसके बाद बादशाह ने एक उर्दू लिखे पेपर में साइन करके उसे बोला कि वो दोनों आज से पति-पत्नी हैं। आधिकारिक तौर पर दोनों ने शादी या निकाह नहीं किया है। लड़की ने बताया कि वो अपना धर्म नहीं छोड़ना चाहती थी। बादशाह ने उसे कहा कि उसे उसके धर्म से कोई तकलीफ नहीं है। वो उसके साथ शादी के बाद भी अपने हिंदू धर्म में रह सकती है। लेकिन जैसे ही युवती ससुराल गई, ससुराल वालों ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। बादशाह और युवती के बीच दूरियां बढ़ने लगी। आरोपी ने एक दिन युवती का फोन लिया और उसकी फोटो को फेसबुक में पोस्ट कर दिया और उसमें लिख दिया कि फुल नाइट इंज्वाय बुक नाउ और नीचे लड़की का फोन नंबर डाल दिया। इसके बाद लड़की के पास हर दिन 15-20 फोन कॉल आने लगे। लोग अश्लील बात करते तो लड़की मानसिक रूप से परेशान हो गई। युवती की शिकायत पर भिलाई नगर पुलिस ने बादशाह खाने के खिलाफ रेप और पॉक्सो की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। लड़की ने न्यायालय से लड़के को कड़ी सजा देने की मांग की है। साथ ही कहा है कि उसकी जान को खतरा है। वह ये लड़ाई इसलिए लड़ रही है ताकि दूसरी लड़कियों के साथ ऐसा ना हो। इसके बाद से शुरू हुई प्रताड़ना लड़की ने बताया कि वो अपना धर्म नहीं छोड़ना चाहती थी। बादशाह ने उसे कहा कि उसे उसके धर्म से कोई तकलीफ नहीं है। वो उसके साथ शादी के बाद भी अपने हिंदू धर्म में रह सकती है। लेकिन जैसे ही युवती ससुराल गई, ससुराल वालों ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। गाय का मांस खिलाया, पूजा करने से रोका लड़की ने कहा कि ससुराल वालो ने उसे गाय का मांस खिलाया और कहा कि उनके धर्म में गाय का मांस खाना सुन्नत होता है। लड़की ने दबाव में आकर उसे खा लिया। इसके बाद उसे पूजा करने और मंदिर जाने से मना किया गया। पति आए दिन करता था मारपीट ससुराल वालों ने लड़की को कलमा पढ़ना और नमाज अदा करना सीखने के लिए दबाव बनाया। इसके बाद बादशाह भी अब उसके साथ मारपीट करने लगा। उसे बुरी तरह मारता, जिससे वो कई-कई दिन घर में पड़ी रहती थी। उसका 2 बार गर्भपात कराया गया। तीसरी बार बच्चा हुआ तो युवती के मर्जी के बिना मासूम का खतना करा दिया गया। दूसरी लड़की के साथ देखा तो तोड़ दिया संबंध युवती ने बताया कि बादशाह छत्तीसगढ़ स्टूडियो नाम से अपनी एक दुकान चलाता है। वो लड़कियों को हिरोइन बनाने का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता फिर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। जब युवती ने बादशाह को दूसरी लड़की के साथ दो बार रंगे हाथों पकड़ा तो उसके साथ संबंध तोड़ लिया। recent visitors 63

शिलांग घूमने गए नव दंपति लापता, संवेदनशील इलाके में मिली गाड़ी, 15 दिन पहले इंदौर में हुई थी शादी

इंदौर  इंदौर से हनीमून पर शिलांग घूमने गए कारोबारी और उसकी पत्नी लापता हो गए। 15 दिन पहले ही दोनों की शादी हुई थी। विवाह के बाद मेघालय के शिलांग में हनीमून मनाने गए थे। दंपति की गाड़ी शिलांग के संवेदनशील इलाके में मिली है। फिलहाल शिलांग पुलिस के साथ ही इंदौर क्राइम ब्रांच भी इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक, इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी (30) और सोनम रघुवंशी (25) की 11 मई को इंदौर में शादी हुई थी। विवाह के बाद दोनों गुवाहाटी में कामाख्या देवी के दर्शन करने पहुंचे। यहां दर्शन के बाद 23 मई को मेघालय के शिलांग पहुंचे। दंपति शिलांग में जिस गाड़ी पर घूम रहे थे, वह गाड़ी शिलांग के संवेदनशील इलाके में मिली है। बताया गया कि परिवार के लोग दो दिन से संपर्क में थे, लेकिन जब संपर्क नहीं हुआ तो घर वाले शिलांग पहुंचे। फिलहाल शिलांग पुलिस और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम दंपति को ढूंढने में जुटी हुई है। 3 दिनों से लापता हैं राजा और सोनम 30 साल के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की 11 मई को ही इंदौर में शादी हुई थी. शादी के बाद दोनों ने सबसे पहले गुवाहाटी जाकर मां कामाख्या देवी के दर्शन किए. इंदौर से 20 मई को सुबह 9 बजे बेंगलुरु होते हुए गुवाहाटी पहुंचे थे. 23 मई को मेघालय के शिलांग पहुंचे. 2 दिन से परिवार के लोगों उनके संपर्क में थे लेकिन जब संपर्क नहीं हुआ तो परिवार के 2 सदस्य इमरजेंसी फ्लाइट से शिलांग पहुंच गए. बड़े भाई सचिन रघुवंशी और चचेरे भाई अर्पित रघुवंशी ने बताया कि पहले तो यही लगा कि नेटवर्क का इशू होगा. इस वजह से बात नहीं हो पा रही है. 24 मई को भी दोनों को फोन बंद आए. 23 मई को आखिरी बार मां से उनकी बातचीत हुई थी. सोनम के भाई गोविंद ने गूगल मैप के जरिए उनके फोटो से आसपास की लोकेशन ट्रेस कर पता लगाया तो रेंट पर एक्टिवा गाड़ी देने वाले की जानकारी मिल गई. जब उसे फोटो भेजा तो उसने कहा कि हां दोनों ने मेरे से एक्टिवा गाड़ी लेकर ओसरा हिल गए थे. लोकल पुलिस से पता चला की एक्टिवा पहाड़ी क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली है. पत्नी के साथ लापता हुए इंदौर के कारोबारी. कपल 23 मई को शिलांग में घूमने के लिए किराए पर बाइक देने वाले एक व्यक्ति के पास पहुंचा. यहां से एक्टिवा किराए पर ली और फिर ईस्ट ओसरा हिल्स इलाके में एक्टिव से घूमने चले गए . यहां दोपहर 1:30 बजे राजा की पत्नी सोनम और राजा ने इंदौर में मां उमा रघुवंशी से फोन पर आखिरी बार बात की और वादियों में होने की जानकारी दी. इसके बाद से दोनों से संपर्क नहीं हो पाया. अगले दिन परिवार वालों ने फोन किया तो फोन नहीं लगा. सभी को लगा जंगल इलाका होने की वजह से नेटवर्क इशू हो सकता हैं. पुलिस भी जाने से कतराती है उस इलाके में शिलांग पहुंचे राजा के बड़े भाई विपिन ने जानकारी दी की जिस इलाके में गाड़ी लावारिस मिली है वहां से पहाड़ी के बीच एक खाई भी है. यहां एक ओसरा रिजॉर्ट भी बना हुआ है. स्थानीय लोगों से पता चला है कि ये लुटेरों और बदमाशों का गढ़ है. कुछ महीने पहले एक दंपति भी लापता हुए थे, जिनके बारे में आज तक पता नहीं चल सका है. पुलिस भी इस इलाके में जाने से कतराती हैं. अब परिवार के लोगों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मदद की गुहार लगाई है. recent visitors 60

जस्टिस संजीव सचदेवा को मिल सकती है MP हाईकोर्ट की कमान

जबलपुर  जस्टिस संजीव सचदेवा एमपी हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश की है। वे एक्टिंग चीफ जस्टिस हैं। 3 नए जज मिले हाईकोर्ट को 3 नए जज मिले हैं। जबलपुर के अपर महाधिवक्ता अमित सेठ, ग्वालियर के अधिवक्ता दीपक खोत व पवन द्विवेदी जज बनाए गए। हाईकोर्ट ने 11 नवंबर 2022 को नाम सुप्रीम कोर्ट भेजे थे। कॉलेजियम ने जांच की। जनवरी 24 को तीनों नाम केंद्र को भेजे। 3 नए जज आने से हाईकोर्ट में 35 जज हो जाएंगे। कर्नाटक, पटना, गुवाहाटी, झारखंड हाईकोर्ट में सीजे नियुक्ति के नामों की सिफारिश केंद्र को भेजी है। जस्टिस संजीव सचदेवा का जन्म 7 अप्रैल 1964 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री प्राप्त की और वर्ष 1989 में वकालत शुरू की। वर्ष 2013 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। बाद में वे स्थायी न्यायाधीश बने और 2024 में उनका तबादला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में किया गया। वर्तमान में वे जबलपुर हाईकोर्ट में प्रशासनिक न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। recent visitors 55

रीवा में स्कूल को बना डाला ‘ गोदाम’, वीडियो हुआ वायरल तो डीएम ने प्राचार्य को किया निलंबित

रीवा मध्य प्रदेश के रीवा में स्कूल प्रबंधक की लापरवाही का मामला सामने आया है. जहां एक शासकीय स्कूल को प्याज के गोदाम के रूप में तब्दील कर दिया गया. कमरों के अंदर प्याज से भरी हुई बोरियां रखी गई हैं. स्कूल के अंदर प्याज के भण्डारण का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन सकते में आ गया. कलेक्टर ने मामले में संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से स्कूल के हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा उन्होंने जिले के अन्य स्कूलों को सख्त निर्देश जारी किया है. स्कूल के हेडमास्टर ने किया कारनामा मामला गोविंदगढ़ क्षेत्र स्थित ओढ़की खुर्द शासकीय प्राथमिक पाठशाला का है. छुट्टियों के चलते स्कूल पूरी तरह से खाली है. ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद 15 जून से स्कूल फिर से खुलेंगे. मगर यहां पर पदस्थ हेडमास्टर नरेन्द्र पाण्डेय ने एक गजब का कारनामा कर दिया. हेडमास्टर ने शासकीय स्कूल को पूरी तरह से प्याज के गोदाम में तब्दील कर दिया. इस बात की भनक ग्रामीण और बच्चों के अभिभावकों को लगी तो वो आक्रोशित हो गए. उन्होंने कलेक्टर को शिकायती पत्र लिखकर स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. स्कूल के प्रिंसिपल को किया गया सस्पेंड किसी ने स्कूल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. वीडियो कलेक्टर प्रतिभा पाल के संज्ञान में आया तो वो भी हेडमास्टर की इस करतूत को देखकर हैरान हो गईं. इसके अलावा उन्हें मामले की शिकायत भी मिली थी. उन्होंने तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए शासकीय स्कूल को निजी उपयोग करने पर स्कूल के हेडमास्टर नरेंद्र पांडेय को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. बताया जा रहा है कि हेडमास्टर द्वारा पिछले कई दिनों से स्कूल में प्याज के भंडारण किया गया था. कलेक्टर ने जिले के अन्य स्कूलों को दिया निर्देश मामले को लेकर कलेक्टर प्रतिभा पाल का कहना है कि "उन्हें शिकायत मिली थी कि रीवा ब्लाक स्थित ओढ़की खुर्द प्राथमिक पाठशाला में किसी ने प्याज की बोरियों का भंडारण किया है. प्राथमिक जांच में ये शिकायत सही पाई गई. हेडमास्टर नरेन्द्र पाण्डेय की जवाबदेही थी की विद्यालय की कक्षाओं का उपयोग केवल पठन-पाठन के लिए हो. ऐसा न पाए जाने पर हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया. साथ ही अन्य स्कूलों के प्रिंसिपल को भी निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल कैंपस केवल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो. अगर कैंपस में कोई दूसरी गतिविधि होते हुए पाई जाएगी तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी." recent visitors 68

IPL में 14 साल के वैभव सूर्यवंशी के शतक से स्टीव वॉ हैरान, नियंत्रण पर फोकस करने की दी सलाह

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग के इस सत्र में सनसनी फैलाने वाले 14 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी की शानदार टाइमिंग से ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर स्टीव वॉ भी हैरान हैं। उन्होंने सूर्यवंशी को ‘सुपरनोवा’ बनने से बचते हुए नियंत्रण पर फोकस करने की सलाह दी है। वॉ ने सचिन तेंदुलकर से तुलना को लेकर कहा कि उनसे किसी खिलाड़ी की तुलना हो ही नहीं सकती। सचिन जैसी प्रतिभा बार-बार नहीं आती। वॉ नियमित रूप से आईपीएल नहीं देखते हैं लेकिन उन्होंने सूर्यवंशी को शानदार खिलाड़ी बताते हुए कहा कि उसे अपने पैर जमीन पर रखने होंगे। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले सूर्यवंशी ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंद में शतक जमाया जो टूर्नामेंट के इतिहास में किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज शतक है । वॉ ने जियो स्टार की तरफ से आयोजित , क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ऑस्ट्रेलिया सरकार मीडिया कांफ्रेंस ‘ऑस्ट्रेलियन समर आफ क्रिकेट 2025-26’ में अनिल कुंबले, मैथ्यू हेडन और रॉबिन उथप्पा के साथ भाग लिया। उन्होंने कहा ,‘‘चौदह साल की उम्र में उस पर कोई दबाव नहीं है। वह पूरी आजादी के साथ खेल रहा है जिसे देखकर अच्छा लगा। मुझे लगता है कि उसके सामने चुनौती नियंत्रण बनाए रखने की होगी।’’ वॉ का मानना है कि एक करोड़ से अधिक का आईपीएल करार पा चुके सूर्यवंशी 16 वर्ष के होने से पहले करोड़पति होंगे और उन पर अपेक्षाओं का काफी दबाव होगा। उन्होंने कहा , ‘‘ क्या वह इसी उत्साह से खेल सकेगा, इसी आजादी से बल्लेबाजी करेगा? यह एक चुनौती होगी।’’ उन्होंने कहा , ‘‘उसके पास कौशल है और वह मानसिक रूप से मजबूत है। आप चाहते हैं कि उसके जैसा बल्लेबाज कामयाब हो। क्रिकेट के लिए यह शानदार कहानी है। मैं आईपीएल ज्यादा नहीं देखता लेकिन इस तरह का कोई खिलाड़ी आता है तो देखने का मन करता है।’’ भारत में हर नए बल्लेबाजी स्टार की तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाती है लेकिन वॉ ने कहा कि सूर्यवंशी या किसी की भी तुलना उनसे नहीं होनी चाहिए क्योंकि तेंदुलकर जैसी प्रतिभा बार-बार नहीं आती। पर्थ में 1991-92 में 18 वर्ष के तेंदुलकर की 114 रन की पारी आज भी याद की जाती है। वॉ ने कहा , ‘‘मुझे नहीं लगता कि सचिन तेंदुलकर से किसी की भी तुलना हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया में आकर पर्थ में शतक जड़ना जो दुनिया की सबसे कठिन पिचों में से है और जहां अधिकांश खिलाड़ी जूझते नजर आते हैं।’’ उन्होंने कहा , ‘‘पर्थ में इतनी कम उम्र में शतक लगाना हैरानी भरा था। सचिन तेंदुलकर जैसा दूसरा आसानी से नहीं मिल सकता। लेकिन मैंने एक 14 साल के लड़के के आईपीएल में शतक लगाने की कल्पना भी नहीं की थी।’’   recent visitors 64