Sunday, July 5, 2026 8:49 am

स्टॉक मार्केट में गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक गिरा, क्‍या Covid-19 है वजह?

मुंबई देश में कोराना (Corona) का साया एक बार फिर मंडराने लगा है और लगातार इसके मामलों में इजाफा हो रहा है. इसका डर शेयर बाजार (Corona Fear On Share Market) पर भी दिखने लगा है. बीते कारोबारी दिन सोमवार को जहां Sensex-Nifty दिनभर जोरदार तेजी के साथ भागते हुए नजर आए थे, तो वहीं मंगलवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही 800 अंक से ज्यादा फिसलकर 81500 के नीचे कारोबार करता नजर आया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी अपने पिछले बंद की तुलना में 200 अंक से ज्यादा टूटकर रेड जोन में ट्रेड करता दिखा. शुरुआती कारोबार में टाटा मोटर्स से लेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा और टीसीएस जैसे शेयरों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली. धराशायी हुई सेंसेक्स और निफ्टी बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद 82,176.45 की तुलना में गिरावट लेकर 82,038.20 पर ओपन हुआ और महज कुछ मिनटों में ही ये इंडेक्स करीब 800 अंकों की गिरावट लेकर 81,303 पर कारोबार करता नजर आने लगा. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने भी शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट देखी और अपने पिछले बंद 25,001.15 की तुलना में फिसलकर 24,956.65 पर कारोबार की ओपनिंग की, लेकिन मिनटों में ये 200 अंक से ज्यादा टूटकर 24,769 पर कारोबार करता दिखा. सबसे ज्यादा गिरावट वाले 10 स्टॉक बात करें शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों के बारे में, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Tata Motors Share (1.50%), NTPC Share (1.54%), M&M Share (1.40%) और TCS Share (1.20%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में FirstCry Share (4%), GICRE Share (2.70%), Emcure Share (2.40%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. बात स्मॉलकैप शेयरों की करें, तो RatGain Share (7.40%), Sagility Share (5%) और Infobean Share (4.90%) की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. एशियाई बाजारों में मिले थे सुस्ती के संकेत बाजार खुलने से पहले सप्ताह के दूसरे दिन मिले जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे थे. जहां कुछ अमेरिकी इंडेक्स में ग्रीन बंद हुए थे, तो वहीं एशियाई बाजार में गिरावट देखने को मिल रही थी. जी हां, गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) जहां मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. तो वहीं जापान का निक्केई (Japan Nikkei) करीब 100 अंक फिसलकर 37,440 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. हांगकांग के हैंगसेंग (Hang Seng) की बात करें, तो ये भी शुरुआती कारोबारी में 90 अंक की गिरावट लेकर 23,199 पर कारोबार कर रहा था. साउथ कोरिया का कोस्पी (KOSPI) में भी मामूली गिरावट देखने को मिली थी. कल दिनभर रही थी बाजार में तेजी बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार में दिनभर जोरदार तेजी देखने को मिली थी. बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 81,721.08 की तुलना में तेज उछाल के साथ 91,928.95 पर खुला था और 700 अंक से ज्यादा चढ़ गया था. हालांकि, कारोबार खत्म होते-होते BSE Sensex की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी, फिर भी ये 455.38 अंक की तेजी लेकर 82,176.45 के लेवल पर क्लोज हुआ था. तो वहीं NSE Nifty 24,853.15 की तुलना में सोमवार को 24,919.35 के स्तर पर खुला और फिर 25,079 तक उछला, लेकिन अंत में निफ्टी इंडेक्स 148 अंकों की बढ़त के साथ 25,001.15 के लेवल पर बंद हुआ था. कोरोना फिर से डराने लगा सिंगापुर, हांगकांग के बाद अब भारत में भी पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना के मामले बढ़ (Covid-19 Cases In India) हैं और देश की तमाम स्वास्थ्य एजेंसीज कोरोना के मामलों पर नजर रखी हुई हैं और कई राज्यों ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है. चीन में कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़तों का प्रतिशत पिछले महीने 3.3 प्रतिशत से बढ़कर 6.3 प्रतिशत हो गया है और वहां के अस्पतालों में वायरस के लिए A&E रोगियों की दर 7.5 प्रतिशत से बढ़कर 16.2 प्रतिशत हो गई है. इसके अलावा ताइवान ने कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती होने वालों में 78 प्रतिशत की वृद्धि देखी है. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान में कोरोना के 104 एक्टिव केस (मामले) हैं. बीते एक हफ्ते में 99 नए मामले सामने आए हैं.वहीं, अब पूरे देश में कोरोना के मरीजों की संख्या एक हजार के पार पहुंच गई है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा मामले केरल में 430 में है.   recent visitors 60

राज्य में किसान तेजी से कर रहे हैं खाद एवं बीज का उठाव- मंत्री श्री राम विचार नेताम

रायपुर : खरीफ के लिए राज्य में खाद-बीज का पर्याप्त स्टॉक खरीफ के लिए राज्य में खाद-बीज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध: मंत्री राम विचार नेताम राज्य में किसान तेजी से कर रहे हैं खाद एवं बीज का उठाव कृषि मंत्री ने 28 नवीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना कृषि विभाग के योजनाओं के क्रियान्वयन में आएगी तेजी रायपुर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आज छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम परिसर, तेलीबांधा रायपुर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में राज्य के 28 जिलों को नवीन बोलेरो वाहन की सौगात देने की साथ ही उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नवीन वाहनों का उपयोग विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं का फील्ड में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही किसान हितैषी कार्यक्रमोें की मॉनिटरिंग के लिए किया जाएगा। इस अवसर पर संचालक कृषि राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में कई योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसका लाभ किसानों को मिले इसके लिए किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उनको इसका लाभ उठाने के लिए जागरूक किए जाने का काम विशेष रूप से किया जाएगा। किसान जागरूकता शिविरों में इस वाहन के माध्यम से विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंचेगी और किसानों को उन्नत तकनीक और आधुनिक खेती की जानकारी देगी। जिलों को वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी। मंत्री नेताम ने इस मौके पर मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि खरीफ सीजन 2025 के लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। खरीफ के लिए खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण कराए जाने के साथ ही किसानों को इसका तेजी से वितरण भी किया जा रहा है। मंत्री नेताम ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य 14 लाख 62 हजार मेट्रिक टन है, जिसके विरूद्ध अब तक 8 लाख 48 हजार 604 मेट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का भण्डारण तथा एक लाख 68 हजार 255 मेट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो कि भण्डारण की मात्रा का 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उर्वरक कंपनियों से विभिन्न प्रकार की खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा सतत् संपर्क एवं समन्वय किया जा रहा है, ताकि राज्य की डिमांड अनुरूप उर्वरकों की रैक निर्धारित सेड्यूल के अनुरूप उपलब्ध हो सके। मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य में मार्कफेड के डबल लॉक, सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर वर्तमान में कुल 3 लाख 90 हजार 840 मेट्रिक टन यूरिया, 86,046 मेट्रिक टन डीएपी, 1,14,539 मेट्रिक टन एनपीके, 67,640 मेट्रिक टन पोटाश तथा 1,89,539 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट उपलब्ध है। किसानों को समितियों और निजी क्षेत्रों के माध्यम से खाद का वितरण लगातार किया जा रहा है। अब तक किसानों को 84,661 मेट्रिक टन यूरिया, 27,045 मेट्रिक टन डीएपी, 18,809 मेट्रिक टन एनपीके, 10,359 मेट्रिक टन पोटाश तथा 27,381 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न प्रकार की 6,80,350 मेट्रिक टन रासायनिक खाद राज्य में किसानों के वितरण हेतु उपलब्ध है।   मंत्री नेताम ने बताया कि खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों के लिए 4 लाख 95 हजार 57 क्विंटल बीज की डिमांड को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा 4 लाख 29 हजार 535 क्विंटल बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई हैै। समितियों में 2 लाख 31 हजार क्विंटल से अधिक बीज का भण्डारण कराया गया है। समितियों के माध्यम से किसानों को अब तक 47 हजार 881 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। राज्य में खाद एवं बीज का भण्डारण एवं उठाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। recent visitors 88

माओवाद से मुक्त जमीन पर रखी जा रही है विकास की मजबूत नींव – मुख्यमंत्री साय

रायपुर बीजापुर का पामेड़, जो कभी माओवादियों की बटालियन नंबर-1 का गढ़ माना जाता था, आज वहां बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुले मन से सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बदला हुआ बस्तर है, आत्मविश्वास, विकास और लोकतंत्र का प्रतीक। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती और पूर्व में माओवादी प्रभाव से ग्रस्त रहे पामेड़ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने इसे विकास और विश्वास की नई सुबह बताते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल सरकार के सुशासन और समावेशी विकास के विजन को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां बैंक शाखा खुलने से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों को सीधे लाभ मिलेगा, जहां अब खाता खोलने, पैसा निकालने और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं की राशि लेने में सुविधा होगी। उन्होंने विशेष रूप से माताओं-बहनों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें योजना की राशि के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पामेड़ में 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का भी लोकार्पण किया,  जिसकी लागत 1.62 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि कन्या आश्रम आने वाले समय में बस्तर की बेटियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर नए नेतृत्व के रूप में उभारेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पामेड़ में अब पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की जा रही है, ताकि आसपास के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में लाएं और स्वास्थ्य लाभ लें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तालपेरू नदी पर धर्मावरम ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे अब तेलंगाना के चेरला होकर 200 किलोमीटर लंबा सफर तय करके बीजापुर जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल पामेड़ को जोड़ने वाला होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास का मुख्य द्वार भी बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि आवागमन की सुविधा बढ़ाते हुए सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब सुबह जाकर शाम को लौटना संभव हो गया है। लोगों की दिनचर्या सरल हुई है और व्यापार-सेवा गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं। इस मौके पर सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान छत्तीसगढ़ में लोगों को उनके द्वार पर प्रशासन देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प मार्च 2026 तक माओवाद को पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि हम विकास की यात्रा को रुकने नहीं देंगे। पामेड़ में ग्रामीण बैंक की शाखा के शुभारंभ कार्यक्रम और वहां आयोजित समाधान शिविर में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। recent visitors 65

माओवाद से मुक्ति की जमीन पर रखी जा रही है विकास की मजबूत नींव – मुख्यमंत्री

रायपुर : छत्तीसगढ़ के पामेड़ में खुली ग्रामीण बैंक की शाखा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया वर्चुअल शुभारंभ अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा- मुख्यमंत्री माओवाद से मुक्ति की जमीन पर  रखी जा रही है विकास की मजबूत नींव – मुख्यमंत्री रायपुर जिस पामेड़ को कभी माओवादियों की बटालियन नंबर-1 का गढ़ माना जाता था, आज वहां बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुले मन से सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बदला हुआ बस्तर है — आत्मविश्वास, विकास और लोकतंत्र का प्रतीक। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती और पूर्व में माओवादी प्रभाव से ग्रस्त रहे पामेड़ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने इसे विकास और विश्वास की नई सुबह बताते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल सरकार के सुशासन और समावेशी विकास के विजन को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैंक शाखा से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों को सीधे लाभ मिलेगा, जहां अब खाता खोलने, पैसा निकालने और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं की राशि लेने में सुविधा होगी। उन्होंने विशेष रूप से माताओं-बहनों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें योजना की राशि के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पामेड़ में 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का भी लोकार्पण किया,  जिसकी लागत 1.62 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि कन्या आश्रम के माध्यम से आने वाले समय में बस्तर की बेटियां शिक्षा और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर बस्तर को नया नेतृत्व प्रदान करते हुए क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाईयां प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पामेड़ में अब पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की स्थापना की जा रही है, ताकि आसपास के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में लाएं और स्वास्थ्य लाभ लें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तालपेरू नदी पर धर्मावरम ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे अब तेलंगाना के चेरला होकर 200 किलोमीटर लंबा सफर तय करके बीजापुर जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल पामेड़ को जोड़ने वाला होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास का मुख्य द्वार भी बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि आवागमन की सुविधा बढ़ाते हुए सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब सुबह जाकर शाम को लौटना संभव हो गया है। लोगों की दिनचर्या सरल हुई है और व्यापार-सेवा गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं। इस मौके पर 'सुशासन तिहार' के तहत समाधान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान छत्तीसगढ़ में लोगों को उनके द्वार पर प्रशासन देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस मौके पर महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य  अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 73

एक हजार से अधिक महिलाएं कर रही हैं जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य

प्रदेश में शहरी क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयास महिलाओं को  आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिये उन्हें रोजगार से जोड़ने के लगातार प्रयास कर रहा एक हजार से अधिक महिलाएं कर रही हैं जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य भोपाल नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग शहरी क्षेत्र की महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिये उन्हें रोजगार से जोड़ने के लगातार प्रयास कर रहा है। प्रदेश के 55 नगरीय निकायों में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत अमृत मित्र के रूप में 312 स्वसहायता समूह की एक हजार 28 महिला सदस्यों को जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य सौंपा गया है। इस कार्य के लिये महिलाओं को करीब 3 करोड़ रूपये की राशि के कार्य आदेश जारी किये गये हैं। नगरीय निकायों ने महिला स्वसहायता समूहों को बगीचों के रख-रखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी है। केन्द्र सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम 'वुमन फॉर ट्रीज' में स्वसहायता समूहों की महिलाओं को लगाये गये पौंधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गयी है इसके ऐवज में उन्हें आर्थिक सहायता दी जायेगी। खाद्य प्रसंस्करण की गतिविधियों से जोड़ा गया शहरी क्षेत्र के महिला स्वसहायता समूहों को केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों से जोड़ा गया है। शहरी क्षेत्र के 211 स्वसहायता समूह के 1142 समूह सदस्यों को 3 करोड़ 50 लाख रूपये की राशि एरिया लेबल फेडरेशन के माध्यम से सौंपी गयी है। राज्य सरकार का प्रयास है कि ये महिलाएं इन गतिविधियों से जुड़कर लखपति दीदी बनें। स्वच्छ भारत मिशन में भी कार्य कर रही हैं महिलाएं शहरी क्षेत्र की महिलाएं अपने परिवार को आर्थिक रूप से बनाने के लिये उन्हें स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की गतिविधियों से जोड़ा गया है। यह महिलाएं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सेनिटेशन जैसी गतिविधियो में कार्य कर रही है। अब तक 202 स्वसहायता समूह को इस कार्य से जोड़ा गया है। शहरी क्षेत्रों में संचालित होने वाले आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार वितरण कार्यक्रम में डे-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत एक हजार 689 शहरी स्वसहायता समूहों की महिलाओं को 12 हजार 454 आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार वितरण का कार्य सौंपा गया है। इसी के साथ प्रदेश में 1800 स्वसहायता समूहों की महिला सदस्यों द्वारा स्कूल के बच्चों के गणवेश तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। रैन बसेरा में महिलाओं के रूकने की व्यवस्था शहरी क्षेत्र में 62 नगरीय निकायों में संचालित 117 रैन बसेरों में महिलाओं के अलग से रूकने की व्यवस्था की गई है। निकायों द्वारा वहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किये गये हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र की महिलाओं को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास भी किये जा रहे हैं।   recent visitors 43

खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन में 4376.30 करोड़ रूपये का निवेश, सृजित होंगे 6164 रोजगार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह अद्भुत समय चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की खुशबू देशभर में फैल रही है। प्रदेश में विकास का क्रम जारी है। इस विकास यात्रा में सभी राज्यों के उद्योगपतियों का स्वागत है। जहां जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, अधिकारी साथ में मिलकर प्रदेश के औद्योगिक विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के फरवरी में आयोजन के बाद पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी मध्यप्रदेश को निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि जीआईएस में 65 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 15 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को आवंटन आदेश और आशय पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में हमें टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मेड इन इंडिया का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नरसिंहपुर जिले में कृषि उद्योग समागम में "खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश की संकल्पनाओं को साकार करने के लिए हमें सभी क्षेत्रों में समान प्रगति करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माइनिंग, टेक्सटाइल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनायें हैं। कृषि आधारित उद्योगों के लिए चार स्थानों पर कृषि उद्योग समागम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट वर्तमान में 12 प्रतिशत से अधिक होकर देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 (जीआईएस) के सफल आयोजन के बाद मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा 1744 एकड़ भूमि 46 औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गई है। इन इकाइयों में लगभग 24,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 35,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। भूमि आवंटन प्राप्त प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में मेसर्स पतंजलि ग्रुप, रीवा को सर्वाधिक 433 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इसके अलावा मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट, सीधी को 264 एकड़, मेसर्स बीईएमएल, रायसेन को 148 एकड़, मेसर्स गौतम सोलार को 55 एकड़ एवं मेसर्स ग्लेक्सो स्मीथ एशिया प्रा. को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के कार्यक्रम में कुल 52 इकाईयों से रू. 4376 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 6100 से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इन निवेश प्रस्तावों के राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। औद्योगिक इकाईयों को वितरित किये गये आवंटन आदेश एवं आशय पत्र क्र. जिला इकाई का नाम प्रस्तावित निवेश (करोड़ रूपये) प्रस्तावित रोजगार   नर्मदापुरम     ग्रेनटेक फूड्स एण्ड बेवरेजेस इण्डिया प्रा.लि. एवं मे. सेक्टर सेवन फूड्स प्रा.लि. 1150.00   630   सिवनी बड़ेबाबा मेटेलिक प्रा.लि. 340.80 450   बालाघाट श्री गुरुदेव राइस इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड. 310.08   805     बालाघाट विसाग बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड 210.00   250     जबलपुर जबलपुर बायोफ्यूल्स 200.00 111   सीहोर   गोविन्द मिल्क एण्ड मिल्क प्रोडक्ट्स 150.00 210     सिवनी जनक फूड्स 2.00 15   मण्डला   माउंट कैलाश एग्री फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड 5.00 35     मण्डला       जबलपुर कमर्शियल नेटवर्किंग एंड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड 1.00   14     छिंदवाड़ा   स्नेह ग्लोबल केम्स प्राइवेट लिमिटेड 1.20   30     मण्डला   स्टील क्लैड इन्फ्रा सॉल्यूशन 1.21   25   मण्डला दी ऑल सॉल्यूशन्स 0.92 15   मण्डला   पीके राइस एंड जनरल मिल्स एलएलपी 1.50   17     कटनी किआरा इम्पेक्स 1.25 9   सिवनी   विट फूड केम प्राइवेट लिमिटेड 7.00   35   योग 2381.96 2651   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर जिला गन्ने की फसल के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल के लिए स्प्रिंक्लर सिंचाई का लक्ष्य बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह हमारा संकल्प है कि कृषकों की आय को बढ़ाया जायेगा। हमारी सरकार का प्रयास है कि कृषकों को उनके उत्पादों के सही दाम मिले। खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों की अधिक से अधिक स्थापना होगी। खेती, बागवानी, फल-सब्जी उत्पादन सभी क्षेत्रों में बजट को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य की प्रगतिशील नीतियों से निवेशकों की कठिनाईयों को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।   प्रमुख निवेश प्रस्ताव क्र. जिला इकाई का नाम प्रस्तावित निवेश (करोड़ रूपये) प्रस्तावित रोजगार क्षेत्र   सिवनी विस्तार एग्री फूड्स प्रा. 400 500   कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर   काकड़ा मेटल्स प्रा. लि. 400   500   कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर धारणी शुगर मिल प्रा. लि. 300 500 कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर 1 मार्चे एलएलपी 160 140 ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा   नरसिंहपुर भूमि साहू 100 250 शिक्षा   नरसिंहपुर मेसर्स विजय कुमार लुनावत 4 15   ऊर्जा   नरसिंहपुर जैन पॉली प्लास्टिक्स 2.5 8 प्लास्टिक उत्पाद योग 1366.5 1913   नरसिंहपुर में कृषि आधारित और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं: मंत्री श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने "कृषि उद्योग समागम-2025" के नरसिंहपुर जिले में आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हार्दिक अभिनंदन और आभार माना। उन्होंने देश भर से आए निवेशको/ उद्योपतियों का आयोजन में सम्मिलित होने पर आभार भी व्यक्त किया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिले के कृषकों ने अनुसंधान एवं नवीन तकनीकों को अपनाकर प्रदेश और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर प्रदेश का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक जिला है, जहां सर्वाधिक शुगर फैक्ट्रियां स्थापित हैं। जिले में कृषि के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहा है आशातीत विकास : मंत्री श्री राजपूत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बागडोर संभाली … Read more

नीलामी प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के तत्काल प्रयास करेगी : प्रमुख सचिव खनिज उमराव

खनिज ब्लॉकों के शीघ्र क्रियान्वयन के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध : प्रमुख सचिव खनिज उमराव नीलामी प्रक्रिया, वैधानिक स्वीकृतियाँ और ब्लॉक क्रियान्वयन विषय पर कार्यशाला नीलामी प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के तत्काल प्रयास करेगी : प्रमुख सचिव खनिज उमराव भोपाल प्रमुख सचिव खनिज उमाकांत उमराव ने नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में भौमिकी तथा खनिकर्म संचालनालय द्वारा नीलामी प्रक्रिया, वैधानिक स्वीकृतियाँ और ब्लॉक क्रियान्वयन विषय पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। प्रमुख सचिव खनिज उमराव ने कहा कि खनिज ब्लॉकों के शीघ्र क्रियान्वयन के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसके व्यापक आर्थिक लाभों को रेखांकित किया। प्रमुख सचिव ने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय कमेटी गठित की गई है, जो नीलामी प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के तत्काल प्रयास करेगी। खनिकर्म संचालक फ्रैंक नोबेल ने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार की मंशा यह है कि मध्यप्रदेश राज्य में नीलाम हुए खनिज ब्लॉक में उत्पादन शीघ्र प्रारंभ हो। उन्होंने कहा कि इससे राज्य को खनिज राजस्व प्राप्ति हो। कार्यशाला में प्रश्नों के उत्तर दिये गये एवं शंकाओं का समाधान किया गया। कार्यशाला में विषय-विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सूचनाप्रद प्रस्तुतियाँ दी गयीं, जिनमें भारतीय खान ब्यूरो प्रतिनिधियों ने खान योजना की तैयारी एवं प्रस्तुति, उनकी महत्ता और मूल्यांकन के दौरान सामान्य त्रुटियों पर प्रकाश डाला। खान योजना स्वीकृति की प्रक्रिया भी समझाई। वन विभाग के प्रतिनिधि ने वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्रमुख प्रावधानों, परिवेश पोर्टल के उपयोग तथा वन स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। राज्य पर्यावरण प्रभाग मूल्यांकन प्राधिकरण प्रतिनिधि ने पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन के अनुरूप पर्यावरण स्वीकृति प्रक्रिया की जानकारी दी। राजस्व विभाग के प्रतिनिधि द्वारा भूमि अधिग्रहण संबंधी मुद्दों एवं प्रक्रियात्मक जटिलताओं पर चर्चा की गयी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि ने स्थापना सहमति और संचालन सहमति प्रक्रियाओं तथा उनसे संबंधित दिशा-निर्देशों पर प्रकाश डाला। खान मंत्रालय के उप सचिव ने खनिज ब्लॉकों के क्रियान्वयन को सरल एवं शीघ्र बनाने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा किये गये प्रमुख पहलुओं को साझा किया। कार्यशाला में नीलामी पोर्टल की विशेषताओं एवं संचालन पहलुओं पर भी विस्तृत जानकारी दी गयी। कार्यशाला में मुख्य खनिज की नीलामी प्रक्रिया एवं इससे संबंधित विषय-विशेषज्ञ, जिला अधिकारी, आरक्यूपी और अधिमानी बोलीदारों ने भाग लिया।   recent visitors 52