Sunday, July 5, 2026 5:37 am

पंजाब ने मुंबई को 7 विकेट से धोया,श्रेयस अय्यर की टीम टेबल टॉपर बनी

 जयपुर पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 2 विकेट से हरा दिया है. इस जीत के साथ पंजाब अब पॉइंट्स टेबल (IPL 2025 Points Table) में पहले स्थान पर पहुंच गई है. इस मैच में मुंबई ने पहले खेलते हुए 184 रन बनाए थे, जिसके जवाब में पंजाब ने 18वें ओवर में ही अपनी जीत सुनिश्चित कर ली. पंजाब किंग्स के लिए प्रियांश आर्य और जोश इंग्लिश ने अर्धशतकीय पारी खेली. पंजाब किंग्स को 185 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसके जवाब में टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही क्योंकि प्रभसिमरन सिंह केवल 13 रन बनाकर आउट हो गए. उसके बाद प्रियांश आर्य और जोश इंग्लिश, दोनों MI के गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे. प्रियांश और इंग्लिश के बीच 109 रनों की विशाल साझेदारी हुई, इस बीच 15वें ओवर में प्रियांश 62 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने 62 रन की पारी में 9 चौके और 2 छक्के लगाए. जोश इंग्लिश दूसरे छोर से डटे रहे और 42 गेंद में 73 रनों की शानदार पारी खेली. ऐसी रही पंजाब की बल्लेबाजी 185 रनों के जवाब में उतरी पंजाब की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पांचवे ओवर में बुमराह ने प्रभसिमरन को चलता किया. प्रभसिमरन के बल्ले से 13 रन ही आए. लेकिन इसके बाद प्रियांश आर्य और जोस इंग्लिस के बीच अच्छी साझेदारी हुई. दोनों ने 9वें ओवर में टीम का स्कोर 80 के पार पहुंचा दिया. 10 ओवर के बाद मुंबई का स्कोर 90-1 है. प्रियांश आर्य और जोस इंग्लिस दोनों ने ही तूफानी फिफ्टी जमाई. लेकिन 14वें ओवर में प्रियांश आर्य 62 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इंग्लिस दूसरे छोर पर टिके रहे. श्रेयस अय्यर ने भी उनका बखूबी साथ दिया. इंग्लिस का विकेट 18वें ओवर में गिरा. इंग्लिस ने 42 गेंद में 73 रनों की शानदार पारी खेली. जब इंग्लिस आउट हुए तो पंजाब को जीत के लिए 15 गेंद में 14 रनों की दरकार थी. आखिरकार पंजाब ने ये मैच 7 विकेट से जीत लिया. गुजरात को पछाड़कर पंजाब अब अंक तालिका में टॉप पर पहुंच गई है. पंजाब के अब 14 मैच में 19 अंक हैं. जबकि गुजरात के 18 प्वाइंट हैं. ऐसे रही मुंबई की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी मुंबई की शुरुआत बेहद शानदार रही. रोहित शर्मा और रेयान रिकेल्टन ने आतिशी अंदाज में पारी का आगाज किया. लेकिन छठे ओवर में मुंबई को पहला झटका लगा जब रेयान रिकेल्टन अपना विकेट गंवा बैठे. 45 के स्कोर पर मुंबई को ये झटका लगा. रेयान ने 27 रनों की पारी खेली. लेकिन इसके बाद सूर्यकुमार यादव और रोहित शर्मा में अच्छी साझेदारी हुई. 9 ओवर में मुंबई का स्कोर 79-1 था. लेकिन 10वें ओवर में मुंबई को दूसरा झटका लगा जब रोहित शर्मा 24 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद 11वें ओवर में तिलक वर्मा भी आउट हो गए. तिलक ने केवल एक रन बनाया. वहीं, 13वें ओवर में विल जैक्स भी आउट हो गए. जैक्स ने 17 रन बनाए. वहीं, 17वें ओवर में हार्दिक पंड्या 26 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इसके बाद सूर्या ने 33 गेंद में फिफ्टी जड़ दी. वहीं, नमन धीर ने भी शानदार अंदाज में बल्लेबाजी की. नमन ने 11 गेंद में 20 रन बनाए. इसके दम पर मुंबई ने पंजाब के सामने 185 रनों का लक्ष्य दिया है.  recent visitors 65

गर्मियों की छुट्टी में बच्चों को वेद और रामायण के बारे में जानकारी के लिए लगेगी कार्यशाला : हाईकोर्ट ने लगाई मुहर

प्रयागराज प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद से संबद्ध स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों के दौरान रामायण और वेद पर आधारित कार्यशालाओं के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस पहल को सही ठहराते हुए देवरिया निवासी डॉ. चतुरानन ओझा की जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने माना कि याचिका दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होती है और याची खुद अपनी विधिक हैसियत स्थापित नहीं कर सका। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की अदालत ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि याची यह स्पष्ट नहीं कर सका कि रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, अयोध्या द्वारा जारी निर्देश उसके पास कैसे पहुंचे। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि इस प्रकार की याचिकाएं प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने के प्रयास के रूप में देखी जा सकती हैं। बता दें कि 5 मई 2025 को निदेशक, अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को पत्र भेजकर 75 जिलों में 5 से 10 दिन की रामायण-वेद कार्यशाला आयोजित कराने के निर्देश दिए थे। इन कार्यशालाओं में रामलीला, क्ले मॉडलिंग, मुख सज्जा, वेदगान व सामान्य ज्ञान जैसे सत्र प्रस्तावित हैं। सरकारी अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह ने याचिका का विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि यह कार्यक्रम बच्चों में भारतीय संस्कृति, लोककला और अध्यात्म के प्रति रुचि विकसित करने का एक प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें किसी प्रकार की बाध्यता नहीं है और अभिभावकों की सहमति से ही बच्चे प्रतिभाग करेंगे। याची ने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता व जागरूक नागरिक बताया। संविधान के अनुच्छेद 51ए (एच) का जिक्र करते हुए कहा कि रामायण कार्यशाला वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर हमला है। यह न केवल संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ है बल्कि जातिगत, लैंगिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाली कार्यशाला है। धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान की पहचान है। लिहाजा, स्कूलों में धार्मिक कार्यशाला का आयोजन नहीं किया जाना चाहिए। ऐसी कार्यशाला के जरिए बच्चों में सांस्कृतिक, संस्कार व कला के प्रति रुचि बढ़ाई जाएगी। बच्चों का नैतिक विकास होगा। प्रभु श्री राम के आदर्शों से नई पीढ़ी परिचित होगी। कोर्ट ने याचिक खारिज कर दी। साथ ही कहा कि याची अपनी विधिक हैसियत साबित करने में विफल रहा। साथ ही याची यह भी नहीं बता सका कि अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, अयोध्या का आलोच्य आदेश उसे कैसे मिला है। recent visitors 64

याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में शामिल हुए विधायक

आष्टा  आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर आज मप्र विधानसभा भवन के कक्ष क्र 6 में आयोजित याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में शामिल हुए । बैठक में अध्यक्ष एवं सभी सदस्यो के सामने रखे गये प्रस्तावों,आवेदनों का सभी ने बारीकी से परीक्षण कर चर्चा की एवं सम्बंधित विभाग प्रमुख से उसको लेकर किये कार्य एवं लिये निर्णयों की जानकारी ली एवं समीक्षा कर निर्देश दिये । recent visitors 34

अमेरिकी अधिकारियों का एक दल आएगा भारत , अंतरिम व्यापार समझौते पर होगी बातचीत

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते पर अगले दौर की चर्चा के लिए अमेरिकी अधिकारियों का एक दल आने वाले हफ्तों में भारत का दौरा कर सकता है। एक सूत्र के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों की यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और अमेरिका 9 जुलाई से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बना सकते हैं। इस बातचीत में नई दिल्ली घरेलू वस्तुओं पर 26 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ से पूर्ण छूट की मांग कर रहा है। एक सूत्र ने बताया, "व्यापार वार्ता के लिए अमेरिकी टीम के भारत आने की उम्मीद है। वार्ता तेज गति से आगे बढ़ रही है।" भारत के मुख्य वार्ताकार, वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने पिछले सप्ताह अपनी चार दिवसीय वाशिंगटन यात्रा पूरी की। उन्होंने प्रस्तावित समझौते पर अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ बातचीत की। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी व्यापार वार्ता को गति देने के लिए पिछले सप्ताह वाशिंगटन में थे। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक से दो बार मुलाकात की। अमेरिका ने 2 अप्रैल को भारतीय वस्तुओं पर 26 प्रतिशत का अतिरिक्त पारस्परिक शुल्क लगाया था, लेकिन बाद में इसे 90 दिनों के लिए 9 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया। हालांकि, भारतीय वस्तुओं पर अभी भी अमेरिका द्वारा लगाया गया 10 प्रतिशत बेसलाइन शुल्क लागू है। recent visitors 56

गुना जिले में 1855 सरकारी स्कूल, इनमें से सिर्फ 241 स्कूलों ने ही शिक्षकों की तस्वीर जानकारी के साथ प्रदर्शित की

गुना फर्जी शिक्षकों की स्कूलों में एंट्री रोकने के लिए शासन के 13 माह पुराने आदेश की जिले में धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रत्येक स्कूल के बाहर वहां पदस्थ नियमित शिक्षकों की तस्वीर प्रदर्शित करने के निर्देश शासन ने दिए थे। लेकिन जिले के 1613 स्कूलों में इस आदेश का पालन नहीं हुआ। आखिर यहां के शिक्षकों को अपना चेहरा दिखाने में किस बात का संकोच है? दरअसल, कई स्थानों पर वहां पदस्थ शिक्षकों की बजाय उनके रिश्तेदार या अन्य व्यक्तियों को ठेके पर रख लेने की शिकायत मिलने के बाद सरकारी स्तर पर यह आदेश जारी हुआ था कि सभी स्कूलों में वहां पदस्थ शिक्षकों के फोटो लगाए जाएं। गुना जिले में 1855 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से सिर्फ 241 स्कूलों ने ही शिक्षकों की तस्वीर जानकारी के साथ प्रदर्शित की है। इसमें भी ज्यादातर हाईस्कूल और हायर सेकंडरी शामिल हैं। वहीं 1613 स्कूलों ने तो शिक्षकों की तस्वीर स्कूल में लगाई ही नहीं। 3000 से 5000 रुपए में भाड़े पर रखे शिक्षक सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक मोटा वेतन लेते हैं, लेकिन कई शिक्षक अपनी जगह किसी दूसरे पढ़े-लिखे व्यक्ति को 3000 से 5000 रुपए तक में किराए पर बच्चों को पढ़ाने के लिए रख लेते हैं। पूर्व में ऐसे शिक्षकों को सिर्फ नोटिस देकर शिक्षा अधिकारियों ने मामले को रफादफा कर दिया गया था। वर्तमान में एक सहायक शिक्षक का वेतन भी कम से कम 75 हजार रुपए है। कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनके दूसरे कारोबार भी चलते हैं। या अपने रुतबे के कारण वे अपनी जगह किसी अन्य को स्कूल में पढ़ाने भेज देते हैं। नियमित शिक्षकों की जगह भाड़े के शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल प्रदेश के कई जिलों के स्कूलों की जांच कराई गई थी तब नियमित शिक्षकों की जगह एवज या भाड़े के शिक्षक पढ़ाते हुए मिले थे। गुना में भी कुछ स्कूलों में फर्जी शिक्षक मिले थे। इस खुलासे के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी स्कूलों को आदेश दिए थे कि स्कूलों में पदस्थ प्रत्येक शिक्षकों का नाम, मोबाइल नंबर और विषयवार जानकारी के साथ उनका फोटो प्रदर्शित किया जाए। ताकि छात्र-छात्रा और उनके अभिभावक शिक्षकों के बारे में जानकारी हो। अगर उनकी जगह कोई दूसरा शिक्षक स्कूल में पढ़ाने आए तो पहचान हो सके। भाड़े के शिक्षकों को सबक सिखाने और उनकी पहचान को लेकर यह व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन जिले में अभी तक यह फर्जीवाड़ा नहीं रुक पाए। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश को जारी हुए 13 माह बीत चुके हैं। लेकिन जिले में 87 फीसदी सरकारी स्कूलों ने इसका पालन नहीं किया। शिक्षा विभाग के अफसर अक्सर स्कूलों का निरीक्षण करते हैं, लेकिन इस तरफ उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। जिला शिक्षा अधिकारी अब इस बारे में कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। नियमों का पालन करवाएंगे डीईओ चंद्रशेखर सिसौदिया ने बताया स्कूलों में पदस्थ शिक्षक की तस्वीर, उनकी योग्यता एवं विषयवार जानकारी नोटिस बोर्ड या फिर स्कूल के बाहर प्रदर्शित करनी है। पूर्व में लोकशिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किए थे। ज्यादातर स्कूलों ने जानकारी प्रदर्शित नहीं की है। आपके द्वारा जानकारी संज्ञान में लाई गई है, हम इसका पालन कराएंगे।   recent visitors 103

SC ने यौन शिक्षा में सुधार और POCSO मामलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के सुझावों पर केंद्र सरकार से राय मांगी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई को सरकार को निर्देश दिया कि वह बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों से निपटने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर POCSO कोर्ट बनाए। कोर्ट ने कहा कि कई राज्यों ने स्पेशल POCSO कोर्ट बनाए हैं, लेकिन तमिलनाडु, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में केस पेंडेंसी के चलते और ज्यादा कोर्ट बनाए जाने की जरूरत है। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के मामलों के लिए स्पेशल कोर्ट कम होने के कारण मामले की जांच करने के लिए डेडलाइन का पालन नहीं हो पा रहा है। कोर्ट ने पॉक्सो केस के लिए निर्धारित डेडलाइन के अंदर ट्रायल पूरा करने के अलावा निर्धारित अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट और एमिकस क्यूरी वी गिरी और सीनियर एडवोकेट उत्तरा बब्बर को POCSO कोर्ट की स्थिति पर राज्यवार डीटेल देने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उसने "बाल बलात्कार की घटनाओं की संख्या में खतरनाक वृद्धि" को हाइलाइट करते हुए एक्शन लिया था। कोर्ट ने राज्य सरकारों से उन जिलों में दो कोर्ट बनाने को कहा जहां POCSO अधिनियम के तहत बाल शोषण के पेंडिंग मामलों की संख्या 300 से ज्यादा है। कोर्ट ने कहा POCSO एक्ट के तहत 100 से ज्यादा FIR वाले हर जिले में एक कोर्ट बनाने के जुलाई 2019 के निर्देश का मतलब था कि डेजिगनेटेड कोर्ट केवल कानून के तहत ऐसे मामलों से निपटेगा। पहले जानिए क्या है पॉक्सो एक्ट भारत में बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए पॉक्सो एक्ट, 2012। अगर कोई 18 साल से कम उम्र का यौन शोषण करता है तो उसे इस कानून के तहत सजा मिलती है। बच्चों को गलत तरीके से छूना, उन्हें गलत तरीके से छूने के लिए कहना, या उनके साथ यौन संबंध बनाना, बच्चों को अश्लील चीजें दिखाना, उन्हें वेश्यावृत्ति या पोर्नोग्राफी में शामिल करना, या इंटरनेट पर उनसे गलत बातें करना भी बाल यौन शोषण (CSA) है। पॉक्सो एक्ट के तहत पुरुष और महिला आरोपी दोनों के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट का हाल बहरहाल, इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्श फंड (ICPF) की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में CSA के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन इन मामलों को निपटाने की रफ्तार बहुत धीमी है। इसी वजह से भारत सरकार ने अक्टूबर 2019 में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने योजना शुरू की। इसके तहत, देश भर में 1,023 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) बनाए गए हैं। ये कोर्ट CSA के मामलों की तेजी से सुनवाई करते हैं। भारत के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में FTSC को 1 अप्रैल, 2023 से 31 मार्च, 2026 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस पर कुल 1952.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (ICPF) की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में पॉक्सो एक्ट के तहत मामलों को निपटाने की क्या स्थिति है। पूरे देश में, 2022 में सिर्फ 3% मामलों में ही दोषियों को सजा मिली। मतलब 2,68,038 मामलों में से सिर्फ 8,909 मामलों में ही आरोपियों को दोषी पाया गया। हर FTSC ने 2022 में औसतन सिर्फ 28 पॉक्सो मामलों का निपटारा किया। 2022 में, हर पॉक्सो मामले को निपटाने में औसतन 2.73 लाख रुपये खर्च हुए। इसी तरह, हर सफल सजायाफ्ता पॉक्सो मामले पर सरकारी खजाने से औसतन 8.83 लाख रुपये खर्च हुए। अगर कोई नया मामला नहीं आता है, तो भी भारत को 31 जनवरी, 2023 तक लंबित पॉक्सो मामलों के बैकलॉग को खत्म करने में लगभग नौ (9) साल लगेंगे। अभी 2.43 लाख पॉक्सो मामले पेंडिंग हैं। इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि हर जिले में स्थिति का दोबारा आकलन किया जाए और जरूरत पड़ने पर नए ई-पॉक्सो कोर्ट बनाए जाएं। योजना के अनुसार, सभी 1,023 स्वीकृत फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट को तुरंत पूरी तरह से चालू किया जाना चाहिए। ट्रायल की समय-सीमा तय की जाए रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित के लिए न्याय की लड़ाई लोअर कोर्ट में सजा होने के बाद भी खत्म नहीं होती है। यह लड़ाई तब तक जारी रहती है जब तक कि अपील की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। इसलिए, अपील/ट्रायल के समय को तय किया जाना चाहिए ताकि जल्द न्याय मिल सके। इस संबंध में नीतियां बनाई जानी चाहिए, और हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर समयबद्ध ढांचे बनाए जाने चाहिए ताकि लंबित पॉक्सो मामलों का निपटारा तेजी से हो सके। विशेष अदालतें स्थापित करने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने 16 दिसंबर, 2019 को एक विस्तृत आदेश पारित किया था। इसमें राज्य सरकारों को पॉक्सो एक्ट, 2012 के तहत मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। यह 25 जुलाई, 2019 के आदेश के क्रम में था, जिसमें सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि हर जिले में 60 दिनों के भीतर एक विशेष पॉक्सो अदालत स्थापित की जाए, जिसमें 100 से अधिक पॉक्सो मामले लंबित हैं। कानून और न्याय मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई की और जनवरी 2020 में बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के मामलों के त्वरित निपटान के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) की योजना लेकर आया. इस योजना में FY 2021-22 के अंत तक पूरे भारत में बलात्कार और पॉक्सो मामलों के त्वरित निपटान के लिए 389 एक्सक्लूसिव पॉक्सो कोर्ट (EPC) सहित 1,023 FTSC स्थापित करने की परिकल्पना की गई थी। इस विश्लेषण के माध्यम से, इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (ICPF) पॉक्सो एक्ट के तहत मामलों और शिकायतों के संबंध में भारत की स्थिति पर प्रकाश डालता है। इस व्यापक कानून के बनने के एक दशक बाद भी, पीड़ितों और उनके परिवारों की उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं, जिन्हें पहले के कानूनों द्वारा पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया गया था। हालांकि, जिस गति से मामलों को निपटाया जा रहा है, वह बहुत निराशाजनक है। केस बैकलॉग की चौंकाने वाली स्थिति रिपोर्ट में केस बैकलॉग की एक चौंकाने वाली प्रवृत्ति का पता चला। … Read more

इजरायल ने दो महीने के भीतर गाजा पट्टी के 75 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा करने की योजना बनाई

यरुशलम  इजरायल ने दो महीने के भीतर गाजा पट्टी के 75 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा करने की योजना बनाई है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने  ये जानकारी दी है। इजरायली सेना इसके लिए बड़ा जमीनी हमला शुरू करने की तैयारी में है, जिसमें फिलिस्तीनी आबादी को गाजा में तीन छोटे क्षेत्रों में धकेल दिया जाएगा। अगर फिलिस्तीनी आतंकी समूह हमास बंधकों को छोड़ने के लिए सहमत नहीं होता है तो इस अभियान को जल्द शुरू किया जा सकता है। इन इलाकों में रहेगी आबादी जिन क्षेत्रों में फिलिस्तीनी आबादी को भेजा जाना है, उसमें दक्षिणी पट्टी के कट पर मावासी में नया सुरक्षित क्षेत्र है, जहां इजरायल ने पहले एक मानवीय क्षेत्र घोषित किया था। इसके अलावा मध्य गाजा का दीर अल-बलाह और नुसेरात में जमीन की एक पट्टी है। तीसरा क्षेत्र गाजा सिटी का केंद्र, जहां इस साल की शुरुआत में युद्ध विराम के दौरान कई फिलिस्तीनी वापस लौटे थे। 20 लाख आबादी रहेगी छोटे से हिस्से में इजरायली सेना के अनुसार, वर्तमान में मवासी क्षेत्र में करीप 700,000 फिलिस्तीनी रह रहे हैं, जबकि 3 से 3.5 लाख मध्य गाजा और गाजा शहर में करीब 10 लाख लोग हैं। इसका मतलब है कि जब आईडीएफ अपना जमीनी अभियान शुरू करेगी तो गाजा की 20 लाख आबादी को पट्टी के 25 फीसदी हिस्से में धकेल दिया जाएगा। कब्जे वाले हिस्से के लिए बना प्लान इसके बाद सेना गाजा के बाकी हिस्से पर कब्जा कर लेगी। हमास के बुनियादी ढांचे को हटा दिया जाएगा। अधिकांश इमारतों को ध्वस्त किया जाएगा और निकट भविष्य तक उस पर कब्जा बनाए रखा जाएगा। इस कब्जे वाले क्षेत्र में राफा, खान यूनिस और गाजा शहर के उत्तर में स्थित सभी शहर शामिल होंगे। इजरायल का हवाई हमला जारी इस बीच सोमवार को गाजा पट्टी में इजराइली हमलों में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई जिनमें से 31 लोग आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे एक स्कूल में हुए हमले में मारे गए। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि लोग सो रहे थे तभी स्कूल पर हमला किया गया जिससे उनके सामान में आग लग गई। इजराइली सेना ने कहा कि उसने स्कूल से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे चरमपंथियों को निशाना बनाया। स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय की आपातकालीन सेवा के प्रमुख फहमी अवाद ने बताया कि उत्तरी गाजा में स्कूल पर हुए हमले में 55 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। इस बीच शिफा अस्पताल ने बताया कि सोमवार को एक मकान पर हुए हमले में एक ही परिवार के 15 लोग मारे गए जिनमें पांच महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। ऑनलाइन उपलब्ध फुटेज में बचावकर्मियों को जले हुए शवों को निकालते और आग बुझाने के लिए संघर्ष करते देखा जा सकता है। recent visitors 50