Sunday, July 5, 2026 6:20 am

मुंबई में मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, 8 राज्यों में 27 मई से 1 जून तक आंधी, रेड अलर्ट

नई दिल्ली इस बार मानसून ने पूरे देश को चौंका दिया है। जहां आमतौर पर जून में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून मई के अंत से पहले ही मुंबई पहुंच गया, वहीं इसके साथ आई मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई में बारिश से मचा हड़कंप मई महीने में इतनी ज्यादा बारिश पिछले एक सदी से भी ज्यादा वक्त में नहीं देखी गई। मुंबई के कई इलाकों में जलभराव से सड़कें तालाब बन गईं और मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। वर्ली में निर्माणाधीन भूमिगत मेट्रो स्टेशन में पानी भरने से मेट्रो सेवाएं रोकनी पड़ीं और 250 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ की 13 और एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। कहां-कहां फैला मानसून मानसून ने तेलंगाना, रायलसीमा, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तक अपनी पकड़ बना ली है और अगले कुछ दिनों में यह पूरे महाराष्ट्र और उत्तर-पूर्व भारत में फैलने की उम्मीद है। उत्तर भारत को मिली राहत, तापमान में गिरावट उत्तर भारत में गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर गया है, हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, कुछ दिनों बाद तापमान फिर से चढ़ सकता है। आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट 27 मई से 1 जून तक उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और यूपी में आंधी, बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। महाराष्ट्र के अन्य जिले भी प्रभावित पालघर, ठाणे, रायगढ़, सतारा, कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर जैसे जिलों में भी हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में रेलवे ट्रैक डूब गए और मेट्रो स्टेशन की फॉल्स सीलिंग ढहने की घटनाएं भी सामने आई हैं। अन्य राज्यों में भी संकट     कर्नाटक में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, तटीय इलाकों में पांच दिन का रेड अलर्ट घोषित किया गया है।     केरल में बारिश के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में राहत शिविर खोले गए हैं।     महाराष्ट्र के लातूर जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत और छह घायल हुए हैं। 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई पहुंचा मानसून आईएमडी की वैज्ञानिक सुषमा नायर के अनुसार, मानसून ने इस बार 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई में दस्तक दी है। इससे पहले इतनी जल्दी मानसून केवल 1956, 1962 और 1971 में ही पहुंचा था।   recent visitors 68

आज MP सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय

विशेष लेख भोपाल एक समय था जब महिलाएं सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को लेकर असमंजस में थीं, लेकिन आज मध्यप्रदेश में हालात बदल रहे हैं। राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहयोग नहीं, बल्कि सम्मान और स्वावलंबन की नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। आज मध्यप्रदेश सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय है। यह बदलाव धीरे-धीरे हर घर, हर गांव और हर शहर में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिये निरंतर प्रयासरत होकर सक्रियता पूर्वक कार्य कर रहे है। उनका कहना है कि हम नारी सशक्तिकरण को केवल योजना के रूप में नहीं जन आंदोलन के रूप में देख रहे है। नारी शक्ति मिशन हमारे इस दृष्टिकोण का विस्तार है जिसमें हर जिले से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। कामकाजी महिलाओं को मिलेगा अब “अपना सुरक्षित आवास” प्रदेश में इंदौर और भोपाल में 250 बेड क्षमता के 3 वर्किंग वुमन हॉस्टल संचालित है। इसके अतिरिक्त "स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट"  योजना में वर्ष 2024-25 में 5412 बिस्तरीय 8 नये हॉस्टलों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 4 महिला एवं बाल विकास विभाग और 4 उद्योग विभाग द्वारा संचालित किये जायेगे। इसमें सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम और झाबुआ में 100-100 बिस्तरों के 4 हॉस्टलों के लिए 40.59 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब घर से दूर काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलेगा। जब ज़िंदगी मुश्किल हो, तब साथ देता है वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा, शोषण या किसी भी संकट में फंसी महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर पहले से ही संचालित हैं। जिनके माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 763 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई। अब 8 और नए सेंटर मंजूर किए गए हैं- पेटलावद, पीथमपुर, मनावर, लसूडिया, साबेंर, मैहर, पांढूर्णा और मऊगंज में वन स्टॉप सेंटर की मंजूरी दी गई है। अब तक कुल एक लाख 27 हजार 94 संकटग्रस्त महिलाओं को इन केन्द्रों से लाभ मिल चुका है।  एक कॉल, और मदद हाजिर महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को अब 112 आपात सेवा से जोड़ा गया है। यानी अब कोई भी महिला मुसीबत में हो तो सिर्फ एक कॉल से पुलिस, काउंसलिंग, आश्रय और कानूनी मदद सब एक साथ मिल सकती है। वर्ष 2024-25 में लगभग 82 हजार 552 महिलाओं को त्वरित सहायता मिली है। योजना के प्रारंभ से अब तक एक लाख 57 हजार महिलाओं को लाभ मिल चुका है। बहनों के हक की कमाई: सीधे उनके हाथ में लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1551.86 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता उनके खातों में पहुंच रही है। न केवल पैसा, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी दी जा रही है ताकि बहनें सिर्फ उपभोक्ता नहीं, डिजिटल युग की सहभागी बनें। छोटे कदम, बड़ी उड़ान – लाड़ली लक्ष्मी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 2 लाख 73 हजार 605 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ और लगभग 223 करोड़ रूपये से अधिक की छात्रवृत्ति यूनि-पे के जरिए वितरित की गई। अब तक कुल 50 लाख 41 हजार 810 बेटियां इस योजना का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में विगत वर्षों की तरह ही इस वर्ष भी मध्यप्रदेश द्वारा शत प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदाय की गई। वर्ष 2024-25 में लगभग 6 लाख 30 हजार 929 हितग्राही महिला पंजीकृत किये गये। आत्म-निर्भरता की राह पर महिला उद्यमिता मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना ने हजारों महिला समूहों को कम ब्याज पर ऋण दिलाकर उनके छोटे-छोटे व्यवसायों को सहारा दिया है। अब महिलाएं न सिर्फ घर चला रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। अब तक 30 हजार 264 महिला समूहों और 12 हजार 685 महिला उद्यमियों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान के रूप में 648.67 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है। कठिन वक्त में “शक्ति-सदन” बन रहा सहारा ऐसी महिलाएं और बच्चियां जो बेहद कठिन हालात में हैं, उनके लिए 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित किये जा रहे हैं, जहां उन्हें सुरक्षित अस्थायी आश्रय मिलता है। वर्ष 2024-25 में एक हजार 824 महिलाएं और 461 बच्चे लाभान्वित हुए है। आगामी समय में सभी 10 संभागीय मुख्यालयों में शक्ति सदन स्थापित किये जायेगें। सशक्त वाहिनी से बदलाव- 156 को मिली नौकरी ‘सशक्त वाहिनी’ के तहत हजारों बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आत्म रक्षा प्रशिक्षण मिला है। इसके तहत 11 हजार से अधिक बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये शैक्षणिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 156 युवतियों का विभिन्न सरकारी पदों पर चयन हुआ। साथ ही 2.6 लाख से अधिक महिलाओं ने सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान में भाग लिया। एक राज्य, एक संकल्प – नारी शक्ति को देना सम्मान राज्य सरकार द्वारा नारी शक्ति मिशन के तहत जिला, परियोजना और ग्राम स्तर पर 100 दिवसीय जागरूकता "हम होंगे कामयाब अभियान" चलाया गया। इसमें प्रदेश में जेंडर संवादों, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, सायबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों की महिलाओं को न केवल जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना भी सिखाया गया। निश्चित ही सरकार के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में महिलाएँ स्वाबंलबी हो रही है और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर रही है।   बिन्दु सुनील   recent visitors 60

बीते नौ दिनों में कोविड-19 से संक्रमित 11 लोगों की मौत, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा एक्टिव केस

नई दिल्ली  देशभर कोरोना के मामलों में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कई राज्यों में हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। देशभर में कोरोना से इस साल अबतक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से नौ की मौत एक हफ्ते के भीतर हुई है। देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 1047 हो गई है। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कुल 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें से नौ की मौत एक हफ्ते के भीतर हुई है। कोरोना से सबसे ज्यादा पांच मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। ठाणे में सोमवार को एक महिला की मौत हुई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में 787 नए मरीज दर्ज किए गए हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर डॉ राजीव बहल ने बताया कि अभी तक देश में 4 वैरिएंट मिले हैं। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट शामिल हैं। कोरोना के सबसे ज्यादा 430 एक्टिव केस केरल में हैं। महाराष्ट्र में 208, दिल्ली में 104 और गुजरात में 83 केस हैं। कर्नाटक के 80 केसों में से सिर्फ 73 बेंगलुरु में हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में 787 नए मरीज दर्ज किए गए हैं। कोरोना से सबसे ज्यादा पांच मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। ठाणे में सोमवार को एक महिला की मौत हुई। ठाणे में ही 25 मई  को अस्पताल में इलाज करा रहे 21 साल के युवक की मौत हो गई। उसका 22 मई से इलाज चल रहा था। वहीं, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी मौतें हुईं हैं। जयपुर में सोमवार को कोरोना के दो मरीजों की मौत हो गई। इनमें से एक रेलवे स्टेशन पर मृत मिला था। उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दूसरी मौत प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती 26 साल के युवक की हुई। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डायरेक्टर डॉ राजीव बहल ने बताया कि अभी तक देश में 4 वैरिएंट मिले हैं। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए, बस सतर्क रहना चाहिए। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं। भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट भारत के कई राज्यों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच देश में चार नए वैरिएंट मिले हैं। ICMR के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से जिन वैरिएंट की सीक्वेंसिंग की गई है, वे LF.7, XFG , JN.1 और NB.1.8.1 सीरीज के हैं। बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए, बस सतर्क रहना चाहिए। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने भी इन्हें चिंताजनक नहीं माना है। हालांकि, निगरानी में रखे गए वैरिएंट के रूप में कैटेगराइज किया है। चीन सहित एशिया के दूसरे देशों में कोविड के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट दिख रहा है। NB.1.8.1 के A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैलते हैं। इन पर कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी का भी असर नहीं होता। भारत में कोविड का JN.1 वैरिएंट सबसे आम है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट मिलता है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) वैरिएंट के मामले भी मिलते हैं। JN.1 वैरिएंट इम्यूनिटी कमजोर करता है​​​​​ JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे अगस्त 2023 में पहली बार देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं।   recent visitors 52

मंत्री राजवाड़े ने आश्रम में बुजुर्गों से उनके स्वास्थ्य, खानपान, मनोरंजन एवं दैनिक आवश्यकताओं की जानकारी ली

रायपुर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित शासकीय नवीन वरिष्ठजन आश्रम का औचक निरीक्षण  किया। उन्होंने आश्रम परिसर में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी और जरूरतों के संबंध में जानकारी ली। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बुजुर्गों के सम्मान और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारी सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की दिशा में तत्पर है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आश्रम की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए साफ-सफाई की स्थिति को और बेहतर बनाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने आश्रम में स्वच्छता संबंधी मानकों का कठोरता से पालन करने तथा नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित करने अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आश्रम में बुजुर्गों से आत्मीयता के साथ चर्चा करते हुए उनके स्वास्थ्य, खानपान, मनोरंजन एवं दैनिक आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस मौके पर आश्रम में निवासरत कई बुजुर्गों ने उनके समक्ष अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बुजुर्गों के सुझाव को गंभीरता से लेते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने आश्रम में निवास कर रहे बुजुर्गों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिले, इसके लिए हर संभव प्रयास करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आश्रम प्रबंधन समिति के सदस्यगण तथा कर्मचारीगण उपस्थित थे। recent visitors 62

सेनाओं के शौर्य को सलाम करेगी BCCI, 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल का होगा समापन

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल 2025 के क्लोजिंग सेरिमनी को भारतीय सशस्त्र बलों के नाम करने का फैसला किया है। 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल का समापन होगा। कार्यक्रम करीब 45 मिनट तक चलेगा और उस दौरान ऑपरेशन सिंदूर के तहत सशस्त्र बलों की तरफ से दिखाए गए शौर्य का सम्मान किया जाएगा। मीडिया के मुताबिक, बीसीसीआई ने आईपीएल के क्लोजिंग सेरिमनी के लिए तीनों सेनाओं के अध्यक्षों और दूसरे शीर्ष अफसरों और सैनिकों को न्योता दिया है। आईपीएल का फाइनल 3 जून को अहमदाबाद में खेला जाएगा। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत के चलाए ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद पाकिस्तान की भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश के बाद तनाव काफी बढ़ गया था। इस वजह से आईपीएल को 9 मई को आईपीएल को स्थगित करना पड़ा था। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने एएनआई से कहा, 'हमने तीनों सेनाओं के प्रमुखों (सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख ऐडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह), शीर्ष अफसरों और सैनिकों को अहमदाबाद में आईपीएल फाइनल के लिए न्योता दिया है। इसका मकसद ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाना है।' मीडिया रिपोर्ट में सैकिया के ही हवाले से बताया गया है कि बीसीसीआई ने आईपीएल क्लोजिंग सेरिमनी को भारतीय सेनाओं के पराक्रम के नाम समर्पित किया है। सैकिया ने टीओआई से कहा, ‘BCCI हमारे सशस्त्र बलों के साहस, पराक्रम और निःस्वास्थ सेवा को सैल्यूट करती है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत उन्होंने अपने शौर्य से देश की रक्षा और और उसे प्रेरित किया। उनके सम्मान के खातिर हमने क्लोजिंग सेरिमनी को सशस्त्र बलों को समर्पित करने और हमारे नायकों का सम्मान करने का फैसला किया है। क्रिकेट राष्ट्रीय जुनून है और देश और उसकी संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा से बड़ा कुछ भी नहीं है। हमें अपनी सेनाओं पर गर्व है और हर समय हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम उनके आभारी हैं।’ पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान-पोषित आतंकियों ने धर्म पूछकर पर्यटकों की बर्बर हत्याएं की थी। उसके बाद भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और उसके अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमले से नेस्तनाबूद कर दिया था। ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों पर मिसाइल और ड्रोन हमले की कोशिश की थी। भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया और उनकी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। भारत के जवाबी हमले से पाकिस्तान थर्रा गया। उसके कई महत्वपूर्ण एयरबेस पर भारत ने सटीक और जोरदार हमले किए। उसके बाद पाकिस्तान घुटने पर आ गया और उसके डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन) भारतीय समकक्ष के सामने सीजफायर की पेशकश की।   recent visitors 178

यूुपी में अब वन दारोगाओं पर मधुमक्खियों का हमला, 20 घायल, 4 गंभीर

ललितपुर यूपी के ललितपुर में रविवार को ही मधुमक्खियों ने कई अधिकारियों पर हमला बोल दिया था। इनमें कई अधिकारी बुरी तरह घायल हो गए थे। अब मिर्जापुर में मधुमक्खियों ने वन दारोगाओं की टीम पर हमला बोला है। मंगलवार को कानपुर से मड़िहान के जंगलों में भ्रमण के लिए प्रशिक्षु वन दारोगा पहुंचे थे। इसी दौरान मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। कुल 54 दारोगाओं की टीम पर हमला होते ही सभी भाग खड़े हुए। इसके बाद भी मधुमक्खियों ने 20 दारोगाओं को बुरी तरह काट लिया है। इनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। इन वन दारोगाओं को सीएचसी मड़िहान में भर्ती कराया गया है। बेहतर इलाज के लिए सभी को मिर्जापुर के मंडलीय अस्पताल भेजा गया है। वन क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी के अनुसार कानपुर नगर से 54 प्रशिक्षु वन दरोगा बेला मंदिर के पास स्थित चंदन वन विश्राम गृह में भ्रमण के लिए आए थे। सुबह सभी लोग झरी पौधशाला में भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। इसके बाद एक-एक कर सभी वनकर्मी घायल हो गए। सभी लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रभागीय वनाधिकारी अरविंद राज मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और सभी घायलों के बेहतर इलाज के लिए तत्काल मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल ले गए। इससे पहले रविवार को ललितपुर के देवगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं तलाशने गए नोडल अधिकारी एवं विशेष सचिव रेशम विकास सुनील कुमार वर्मा सहित कई आला अफसरों और कर्मचारियों पर बौद्ध गुफा के पास मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था। इस दौरान कई अफसर घायल हो गए। देवगढ़ मैनेजिंग कमेटी, ग्रामीणों ने रेस्क्यू करके एंबुलेंस से अफसरों को अस्पताल पहुंचाया था। एक अफसर के कान से चार मधुमक्खियों को अस्पताल में निकाला गया था। नोडल अधिकारी एवं विशेष सचिव रेशम जनपद के संचालित योजनाओं और विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए ललिलतपुर पहुंचे थे। रविवार को उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी केके पांडेय, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे राजेश श्रीवास्तव, खंड विकास अधिकारी बिरधा, अधिशासी अभियंता जल निगम अवनीश, सचिव शैलेंद्र सहित तमाम कर्मचारी देवगढ़ गए थे। यहां सभी ने पहले दशावतार मंदिर के भग्नावशेष का भ्रमण किया। फिर बौद्ध गुफा की तरफ चले गए। बौद्ध गुफा के पास अफसरों और कर्मचारियों का दल पहुंचा ही था कि अचानक मधुमक्खियों के दल ने उन पर हमला बोल दिया। नोडल अधिकारी एवं विशेष सचिव रेशम, मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम नमामि गंगे ज्यादा दौड़ नहीं लगा सके और मधुमक्खियां उन पर टूट पड़ीं। यह देख अर्दली और गनर ने अफसरों को बचाने का प्रयास करते रहे। हालांकि उनको भी मधुमक्खियां काटती रहीं। इसकी जानकारी मिलते ही देवगढ़ मैनेजिंग दिगंबर जैन कमेटी के अध्यक्ष सीए संजीव जैन, प्रचार मंत्री गौरव जैन के साथ पूरा स्टाफ और आस पास के ग्रामीण मौके पर गए और आहत अधिकारियों, कर्मचारियों को कंबल ओढ़ा कर राहत पहुंचाई।   recent visitors 64

फारूक अब्दुल्ला की पहलगाम से अपील- देश भर से आएं लोग, खत्म हो गया कश्मीर में डर का माहौल

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारूक अब्दुल्ला का कहना है कि कश्मीर में अब डर का माहौल काफी हद तक खत्म हो गया है। उन्होंने देश भर के लोगों से आग्रह किया कि वे कश्मीर में खूबसूरती का आनंद लेने के लिए आएं। अब्दुल्ला ने विदेश मंत्रालय से आग्रह किया कि वह जम्मू-कश्मीर की यात्रा के खिलाफ कुछ देशों की ओर से जारी निगेटिव ट्रैवल गाइडलाइन को रद्द कराने का प्रयास करे। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन प्रभावित हुआ है। इस आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। अब्दुल्ला ने कहा, 'यहां (पहलगाम हमला) जो हुआ वह बहुत दुखद है, ऐसा नहीं होना चाहिए था। लोग यहां खुशी-खुशी आ रहे थे। लोग अपने काम में व्यस्त थे, वे सरकारी नौकरी नहीं मांग रहे थे। पहलगाम में स्थिति ऐसी थी कि यहां कमरे उपलब्ध नहीं थे।'सीनियर लीडर ने पर्यटक रिसॉर्ट का दौरा किया और कुछ मित्रों के साथ पहलगाम गोल्फ कोर्स में गोल्फ खेला। उन्होंने कहा कि हालांकि हमले से भय का माहौल पैदा हुआ है, लेकिन सरकार ने घाटी में सुरक्षा स्थिति सुधारने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'यहां डर का माहौल था, लेकिन मुझे लगता है कि अब डर का माहौल काफी हद तक कम हो गया है। आप देख सकते हैं कि कितने लोग पहलगाम आ रहे हैं। मैं गुलमर्ग में था, वहां 400-500 पर्यटक थे।' उन्होंने कहा, 'अल्ला का शुक्र है कि अब डर खत्म हो रहा है। सरकार ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। मुझे लगता है कि लोगों को आगे आना चाहिए।' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने केंद्र से अपील की कि वह उन देशों से बातचीत करे, जिन्होंने अपने नागरिकों को जम्मू कश्मीर नहीं जाने के लिए परामर्श जारी किया है, ताकि ये पाबंदियां हटाई जा सकें। उन्होंने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान का हवाला देते हुए कहा, 'मैं केंद्र सरकार और विदेश मंत्री से भी अनुरोध करता हूं कि अब समय आ गया है कि विदेशों द्वारा भारत आने पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए जाएं। दोनों देशों में शांति आ गई है और हम आशान्वित हैं कि शांति बनी रहेगी। उन्हें भी यहां आने की अनुमति मिलनी चाहिए क्योंकि वे भी इस जगह को देखना चाहते हैं। इनमें से कई गोल्फ खिलाड़ी हैं, मैं आशा करता हूं कि वे आएंगे।' अब्दुल्ला ने कहा कि बहुत से लोग गोल्फ खेलते हैं और इस खेल को अब खेलो इंडिया गेम्स में भी जगह मिल गई है। उन्होंने कहा, 'यह खेल ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में खेला जाता है, इसलिए अब इसे हर जगह खेले जाने की जरूरत है। मेरा मानना ​​है कि हमारे लोगों को बड़ी संख्या में यहां आना चाहिए और इस खेल को खेलना चाहिए ताकि भारत को इन खेलों में पदक मिल सके।' कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, "इस मौसम और सुंदरता को देखिए, मैंने दुनिया भर में विभिन्न स्थानों की यात्रा की है, लेकिन मैंने कहीं भी ऐसी सुंदरता नहीं देखी है। मुझे उम्मीद है कि आपके चैनल को देखने वाले लोग बड़ी संख्या में यहां आएंगे, इस सुंदरता को देखेंगे और देश को मजबूत बनाएंगे। हमें डरना नहीं चाहिए, अगर हम डर गए, तो हम मर चुके हैं।' अमरनाथ यात्रा पर बोले- यह अहम है, भोले नाथ के होंगे दर्शन अब्दुल्ला ने तीन जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा के बारे में कहा कि यह तीर्थयात्रा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'यह कई वर्षों से जारी है। मुझे उम्मीद है कि अधिक से अधिक तीर्थयात्री यहां आएंगे और शंकर भगवान, भोले नाथ के दर्शन करेंगे तथा अपने घर जाकर लोगों को बताएंगे कि यह स्थान कितना सुंदर है।' जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा अपने मंत्रिपरिषद की बैठक तथा बाद में पहलगाम में पर्यटन हितधारकों के साथ बैठक के बारे में पूछे गए सवाल पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है और इससे शांति का संदेश जाएगा। 'यहां पूरी कैबिनेट है तो लोगों को पॉजिटिव मेसेज मिलेगा' उन्होंने कहा, 'एक बार लोगों को पता चलेगा कि पूरा मंत्रिमंडल यहां है और यहां शांति है। वे हितधारकों से भी मिलेंगे। इसका भी असर होगा क्योंकि यहां के लोग सबसे ज्यादा परेशानी का सामना कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, "इन लोगों ने ऋण लिए हैं, कुछ ने घर और होटल की मरम्मत के लिए, कुछ ने टैक्सी और घोड़ों के लिए। मुझे उम्मीद है कि हमारे देश से और ज्यादा लोग यहां आएंगे और हम उन्हें दिखाएंगे कि हमने पहले भी मेहमाननवाजी की है और आगे भी करेंगे।' पांच सालों में हमारी सरकार बहुत से बदलाव लाएगी पार्टी में खासकर श्रीनगर लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी के साथ मतभेदों की खबरों पर उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिशें हमेशा होती रही हैं, लेकिन नेतृत्व परेशान नहीं है। यह हमारे लिए नई बात नहीं है, यह मेरे और मेरे पिता के समय भी होता रहा है। हमें क्यों चिंता करनी चाहिए?' उन्होंने कहा, 'हम यहां लोगों की समस्याएं हल करने के लिए हैं और हम ऐसा करेंगे, इंशा अल्लाह। आप देखिए कि अगले पांच सालों में इस राज्य में कितना बदलाव आएगा।'   recent visitors 60