टी20 वर्ल्ड कप 2026: युवा जोश vs अनुभव का दम – टीम इंडिया के 8 30 पार खिलाड़ी

नई दिल्ली टेस्ट और वनडे के मुकाबले टी20 बिल्कुल ही अलग फॉर्मेट है। जहां पहले दो फॉर्मेट में टेंपरामेंट का टेस्ट होता है वहीं टी20 में पावर हिटिंग और साहस के दम पर मुकाबले जीते जाते हैं। टेस्ट और टी20 के मुकाबले यहां कप्तान को क्विंक डिसीजन लेने होते हैं। इस वजह से इसे युवाओं का खेल भी कहा जाता है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज होने में अब महज कुछ ही समय बाकी है, टीम इंडिया अपने वर्ल्ड कप स्क्वॉड का ऐलान कर चुकी है। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारत 7 फरवरी से अपने अभियान का आगाज करेगा। ऐसे में आईए एक नजर टीम इंडिया के खिलाड़ियों की उम्र पर डालते हैं, जानते हैं कौन टीम का सबसे युवा खिलाड़ी है और कौन सबसे उम्रदराज- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 खिलाड़ियों की भारतीय टीम का ऐलान किया है। इस टीम में 2 खिलाड़ियों को छोड़कर वही खिलाड़ी है जो हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज का हिस्सा थे। तिलत वर्मा और वॉशिंगटन चोट के बाद टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में वापसी कर रहे हैं। वहीं उनके बैकअप के लिए आए श्रेयस अय्यर और रवि बिश्नोई इस स्क्वॉड में नहीं है। टीम इंडिया के सबसे युवा खिलाड़ी की बात करें तो भारतीय टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में 1 खिलाड़ी 23 साल के हैं। जी हां, तिलक वर्मा मौजूदा भारतीय टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उनके बाद हर्षित राणा और अभिषेक शर्मा हैं, जिनकी उम्र क्रमश: 24 और 25 साल है। आधे से ज्यादा खिलाड़ियों की उम्र 30 के पार आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 15 खिलाड़ियों के इस स्क्वॉड में आधे से ज्यादा खिलाड़ियों की उम्र 30 के पार है। जी हां, भारतीय टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में 8 खिलाड़ी ऐसे में जिनकी उम्र 30 से अधिक है। कप्तान सूर्यकुमार यादव सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वह 35 साल के हैं। भारतीय टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड के खिलाड़ी और उनकी उम्र- तिलक वर्मा- 23 हर्षित राणा- 24 अभिषेक शर्मा- 25 अर्शदीप सिंह- 26 वॉशिंगटन सुंदर- 26 ईशान किशन- 27 रिंकू सिंह- 28 संजू सैमसन- 31 अक्षर पटेल- 31 कुलदीप यादव- 31 हार्दिक पांड्या- 32 शिवम दुबे- 32 जसप्रीत बुमराह- 32 वरुण चक्रवर्ती- 34 सूर्यकुमार यादव- 35 recent visitors 31

T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले वेस्टइंडीज की समस्या पर कोच का खुलासा

नई दिल्ली वेस्टइंडीज की टीम के हेड कोच डैरेन सैमी ने बताया है कि उनकी टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 कैसे जीत सकती है? डैरेन सैमी का कहना है कि अगर वेस्टइंडीज को तीसरा वर्ल्ड कप टाइटल जीतने का कोई भी मौका चाहिए, तो उनके बॉलर्स को बहुत मेहनत करनी होगी। सैमी ने यह कमेंट साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई T20I सीरीज के बाद किया, जिसमें वेस्टइंडीज की टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले कैरेबियाई टीम अफगानिस्तान से भी 3 मैचों की टी20 सीरीज हार गई थी। वेस्टइंडीज के बॉलर्स ने टी20 सीरीज के दौरान काफी संघर्ष किया था। तीन मैचों में सिर्फ 10 विकेट उनको मिले थे। पहले दो मैचों में उन्होंने 401 रन दिए और सिर्फ चार विकेट लिए। कैरेबियाई टीम के गेंदबाजों का सबसे अच्छा परफॉर्मेंस शनिवार के तीसरे मैच में आया, लेकिन इस मैच में 10 ओवर ही हुए थे। अब टीम सीधे टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उतरेगी, लेकिन हेड कोच ने साफ कर दिया है कि वेस्टइंडीज की टीम कितनी आगे जा सकती है? ये निर्भर उनकी गेंदबाजी पर करेगा। कोच सैमी ने कहा, "उम्मीद है, हम ऐसा क्रिकेट खेल पाएंगे, जिससे हमें जीतने में मदद मिले। जैसा कि मैंने पहले कहा, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे पता है कि बॉल से बहुत मेहनत करनी पड़ेगी, लेकिन जब हम इसे करते हैं तो मुझे इसके संकेत मिल रहे हैं और आज हमने अक्सर अलग-अलग बैट्समैन के सामने अपने प्लान को लागू किया, और रवि (रामपॉल) बॉलिंग से यही कर रहे हैं, इसलिए मैं वर्ल्ड कप का इंतजार कर रहा हूं।" 2012 और 2016 में वेस्टइंडीज की टीम ने जब विश्व कप जीता था, तो उस समय सैमी भी टीम का हिस्सा थे। उनका मानना है कि इस बार के वर्ल्ड कप के लिए बैटिंग यूनिट अच्छा है, लेकिन गेंदबाजी में समस्याएं हैं। सैमी ने कहा, "मैं बैटिंग के तरीके से खुश हूं। कुछ एरिया में शायद स्पिन के खिलाफ मैं उन्हें और रोटेट करते देखना चाहूंगा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में, मुझे लगता है कि वे हमारे स्पिनरों के खिलाफ शायद औसतन 11, 12 रन प्रति ओवर बना रहे थे, जबकि हम उनके खिलाफ औसतन सात रन बना रहे थे, और यह कुछ ऐसा है जिसका इस्तेमाल टीमें हमारे खिलाफ करने की कोशिश करेंगी।" recent visitors 28

अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर स्वामी प्रसाद मौर्य का हमला — ये प्रतिनिधित्व नहीं, भ्रम की राजनीति

लखीमपुर खीरी संत रविदास जयंती के अवसर पर लखीमपुर खीरी पहुंचे पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी (RSSP) के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए (PDA) फॉर्मूले पर तंज कसते हुए डिंपल यादव को लेकर टिप्पणी कर दी। एक कार्यक्रम में बोलते हुए मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव पीडीए का अर्थ समय-समय पर अपने अनुसार बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कभी 'P' का मतलब पिछड़ा बताया जाता है तो कभी पंडित, कभी 'A' को अगड़ा कहा जाता है तो कभी अल्पसंख्यक। इसी क्रम में उन्होंने 'D' को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि कभी 'D' को दलित बताया जाता है और कभी वही 'D' डिंपल यादव बन जाता है।   मौर्य ने आगे कहा कि पीडीए फॉर्मूला सिर्फ धोखाहै और जनता को भ्रमित करने की कोशिश है। स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी को लेकर समाजवादी पार्टी समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए आपत्तिजनक करार दिया है। वहीं विपक्षी दलों ने भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां राजनीति का स्तर गिराती हैं और सार्वजनिक मंचों पर नेताओं को संयम बरतना चाहिए। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक अखिलेश यादव या डिंपल यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस जरूर छिड़ गई है और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इससे पहले बीजेपी भी पीडीए की परिभाषा को लेकर अखिलेश को घेरती रही है।   recent visitors 37

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का जनसंवाद, विधायक कार्यालय में की नागरिकों से भेंट

रायपुर. उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने विधायक कार्यालय में लोगों से की मुलाकात उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने कबीरधाम प्रवास के दौरान विधायक कार्यालय में क्षेत्र से आए लोगों से मुलाकात की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने लोगों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को सुना और उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है और वे हर संभव प्रयास करेंगे कि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनता की भलाई के लिए वे हर समय उपलब्ध रहेंगे। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,  संतोष पटेल, जनपद उपाध्यक्ष कवर्धा  गणेश तिवारी, बोडला  नंद श्रीवास,  नरेंद्र मानिकपुरी,मनीराम साहू,अमर कुर्रे सहित जन प्रतिनिधि,क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे। recent visitors 24

अजित दादा के जाने के बाद NCP में भूचाल, बीजेपी की रणनीति से सुनेत्रा पवार बने उपमुख्यमंत्री, उद्धव सेना ने कहा ‘मास्टरमाइंड’

मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महाराष्‍ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे ने स्‍पष्‍ट किया कि उनकी पार्टी का एनडीए के साथ रहने का फैसला पूरी तरह मजबूत और कायम है. उन्होंने कहा कि जो नेता भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ रहना चाहते हैं, वे उसी के अनुरूप अपने फैसले लें. उनका यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी-एसपी की ओर इशारा माना जा रहा है. तटकरे के इस बयान को एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय के खिलाफ भी माना जा रहा है. अजित पवार ने एनसीपी के दो धड़ों के मर्जर को लेकर महत्‍वपूर्ण बयान देते हुए कहा था कि दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं की भावना है कि एकजुट हो जाया जाए. प्‍लेन क्रैश में निधन के बाद अजित पवार के गुट का मूड लगता है अब बदल चुका है. बता दें कि विलय पर शरद पवार ने कहा था कि अजित पवार की इच्‍छा को पूरा करना चाहिए. दूसरी तरफ, मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यदि एनसीपी के मर्जर की बात फाइनल स्‍टेज तक पहुंच चुकी थी तो अजित दादा उन्‍हें जरूर बताते. एनसीपी नेता सुनील तटकरे का यह बयान उस सवाल के जवाब में आया जिसमें दोनों एनसीपी गुटों के संभावित विलय को लेकर चर्चा की जा रही थी. उन्होंने संकेत दिया कि दोनों दलों के एकीकरण का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन इसके लिए शरद पवार गुट को अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी की राजनीतिक लाइन स्वीकार करनी होगी. हालांकि, तटकरे ने उन लोगों पर भी सवाल उठाए जिन्होंने अजित पवार के अंतिम संस्कार से पहले ही विलय की बातें शुरू कर दी थीं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को बताना चाहिए कि यह चर्चा इतनी जल्द क्यों शुरू की गई. हाल ही में सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण के बाद यह अटकलें तेज हो गई थीं कि दोनों गुटों के बीच संभावित बातचीत को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा. उधर, एनसीपी-एसपी के विधायक रोहित पवार ने कहा कि पवार परिवार में 13 दिनों तक कोई राजनीतिक बातचीत नहीं होगी और इसके बाद ही आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि परिवार की ओर से कोई भी कदम सोच-समझकर उठाया जाएगा.   सुनेत्रा को उपमुख्यमंत्री बनाने के पीछे बीजेपी की बड़ी चाल.. शिवसेना (UBT) ने कहा है कि अजित पवार की मौत के चौथे ही दिन सुनेत्रा पवार को उपमुख्मयमंत्री बनाने के पीछे मुख्य रूप से बीजेपी का ही दिमाग था। शिवसेना (UBT) के मुखपत्र 'सामना' में दावा किया गया कि इसके पीछे बीजेपी 'मास्टरमाइंड' थी। वहीं बीजेपी नेतृत्व के साथ ही एनसीपी नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल नहीं चाहते थे कि एक बार फिर एनसीपी की एकीकरण हो। बता दें कि 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे एनसीपी नेता अजित पवार की मौत हो गई थी। इसके बाद शनिवार को सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। एनसीपी (SP) चीफ शरद पवार ने कहा कि उन्हें तो पता भी नहीं था कि सुनेत्रा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाली हैं। सामना में दावा किया गया कि शरद पवार और सुप्रिया सुले समेत परिवार के किसी सदस्य को उनके शपथ ग्रहण के बारे में जानकारी नहीं थी। वह चुपचाप बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गईं और किसी से कुछ नहीं बताया। 12 फरवरी को होने वाला था विलय? अजित पवार के रहते चर्चा होने लगी थी कि अलग होकर बनीं दो पार्टियां एक बार फिर एक हो जाएंगी। वहीं अजित पवार के निधन के बाद पवार परिवार में एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। बताया जा रहा था कि 12 फरवरी को दोनों पार्टियों के विलय की तारीख भी निश्चित हो गई थी। हालांकि अब इस तारीख पर कोई कुछ भी दावा करने को तैयार नहीं है। शिवसेना ने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में कुछ लोगों की महत्वाकांक्षाएं और ज्यादा बढ़ गई हैं। उनकी पार्टी में भी उपमुख्यमंत्री बनने की होड़ शुरू हो गई थी। वहीं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के बीच भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ऐसे में आनन-फानन में सुनेत्रा पवार को मुख्यमंत्री बना दिया गया ताकि पाटिल और पवार परिवार की एकता को भी दिखाया जाए। शिवसेना ने कहा कि सुनेत्रा पवार को भले ही सरकार की अगली सीट पर जगह दे दी गई है लेकिन स्टीयरिंग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ही हाथ में है। फडणवीस की दया पर ही सुनेतेरा पवार और एकनाथ शिंदे अपना अस्तित्व बचा पा रहे हैं। शिवसेना (UBT) ने यह भी कहा कि हो सकता कि सुनेत्रा पवार गूंगी गुड़िया ना साबित हों और कुछ दिनों में वह खुलकर सामने आएं। एक तरफ सुनेत्रा पवार 'सनातनी मिजाज' वाली बीजेपी के साथ है तो दूसरी तरफ अपने पति की अंतिम क्रियाएं संपन्न किए बिना ही वह राजनीति में सक्रिय होकर हिंदू रीति-रिवाजों को नजरअंदाज कर रही हैं। अपनी शर्तों पर विलय तटकरे के बयान से साफ है कि अजित पवार गुट फिलहाल एनडीए के साथ अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है और किसी भी संभावित विलय की स्थिति में वह अपनी शर्तों पर ही आगे बढ़ना चाहता है. वहीं, शरद पवार गुट की ओर से अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों गुटों के बीच संवाद की संभावना बनी रह सकती है, लेकिन मौजूदा बयानबाजी से यह स्पष्ट है कि फिलहाल दूरी कम होने के बजाय रणनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिशें हो रही हैं. सीएम फडणवीस के बयान से नई बहस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि अगर इस पर कोई गंभीर बातचीत चल रही होती तो उपमुख्यमंत्री अजित पवार उन्हें जरूर बताते. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को न तो किसी चर्चा की जानकारी है और न ही विलय की किसी तारीख की. फडणवीस का बयान एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार के उस दावे के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 12 फरवरी को दोनों गुटों के विलय की घोषणा … Read more

बरगी बांध में लीक से 6 गांवों और खेतों में पानी फैलने से स्थिति बिगड़ी, जबलपुर में मचा हड़कंप

 जबलपुर/बरगी नगर  बरगी बांध से रीवा की ओर जाने वाली दाईं तट मुख्य नहर रविवार दोपहर करीब 12 बजे सगड़ा-झपनी ग्राम पंचायत के पास अचानक फूट गई। नहर फूटते ही हजारों क्यूसेक पानी तेज रफ्तार से बाहर निकलते हुए खेतों से लेकर आसपास की बस्तियों और निचले इलाकों की ओर बढ़ने लगा। देखते ही देखते क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। नहर में लंबे समय से पानी का दबाव अधिक बना हुआ था। नहर की दीवार कमजोर होने से ध्वस्त हो गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही देर में खेत जलमग्न हो गए और छह गांवों में जगह-जगह पानी भर गया। गनीमत रही कि नहर का पानी घरों में प्रवेश नहीं कर पाया। जिन गांवों तक नहर का पानी पहुंचा, वहां के लोगों का आरोप है कि नहर की दीवारें लंबे समय से जर्जर थीं। जहां नहर फूटी है वहां एक साल से पानी का रिसाव हो रहा था। सिंचाई विभाग को शिकायत दी गई थी, लेकिन मरम्मत नहीं की गई। अधिकारियों की अनदेखी व लापरवाही का खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। किसान नीरज उपाध्याय ने बताया कि नहर से पानी के रिसाव की शिकायत ग्रामीणों ने की थी, अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, परंतु सुनवाई नहीं हुई। किसान अजय पटेल ने बताया कि यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि विभागीय लापरवाही का नतीजा है। गनीमत रही कि, केनाल के पास ही नरई नाला है, नाला नहीं होता, तो खेत ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों के घरों में पानी घुस जाता। विभाग द्वारा नहर की मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की गई, जिसका नतीजा सामने है। तत्काल कराई मुनादी प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल मुनादी कराई, ताकि ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर रहें। क्षतिग्रस्त नहर से सगड़ाझपनी, बम्हनोदा, रोसरा, चारघाट, पिपरियाकला और घाना गांव प्रभावित हुए। नहर का अधिकतम बहाव नरई नाला की ओर गया और इसके आगे का पानी नर्मदा नदी में प्रवाहित हुआ। चारघाट क्षेत्र का रिपटा जलमग्न हो गया है। निरीक्षण के दौरान पता चला है कि प्रभावित गांवों में गेहूं, चना और सब्जियों की फसल जलमग्न हुई है। जिला प्रशासन के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है। फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशन पर एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह और बरगी बांध दाईं तट नहर के कार्यपालन यंत्री, सिंचाई विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद नहर का पानी की निकासी पूरी तरह रोकते हुए टूटे हिस्से के आगे के सभी गेट खोल दिए गए, जिसके बाद हालात सामान्य हो पाए। वहीं खेतों में पानी भरने से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे प्रारंभ कर दिया गया। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को शासन की ओर से राहत राशि दी जाएगी। बाईं तट नहर से भी हो रहा रिसाव बरगी बांध से निकली बाईं तट नहर में भी रिसाव हो रहा है। विभाग का कहना है कि इस एक्वाडक्ट में रिसाव को सुधारने के लिए जल्द शासन स्तर पर प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। बरगी बांध में भी सीपेज बरगी बांध के ब्लाक नंबर 3/10 में सीपेज हो रहा है। भोपाल और दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम जांच कर चुकी है। पानी का रिसाव सामान्य स्तर से अधिक पाया गया, लेकिन टेंडर और काम देने की प्रक्रिया में ही मामला उलझा है। 2021 में भी हुई थी घटना इधर, 2021 में पाटन और मझौली ब्लाक में बरगी बांध की नहरें फूटी थी। पाटन के पास जिनवाणी कलां में नहर फूटने से लगभग ढाई सौ एकड़ में धान की फसल को नुकसान हुआ था। वहीं चरगंवा में नहर फूटने से कोहा नाले में पानी भर गया था। recent visitors 29

यूपी बन रहा विदेशी निवेशकों की पहली पसंद -मुख्यमंत्री

सिंगापुर की कम्पनी 'एपी मोलर माएर्स्क के प्रमुख ने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात यूपी में निवेश विस्तार को लेकर उत्साहित सिंगापुर की कम्पनी 'एपी मोलर माएर्स्क यूपी बन रहा विदेशी निवेशकों की पहली पसंद -मुख्यमंत्री पिछले 20 वर्षों से राज्य में निवेश कर रही है कम्पनी, मुख्यमंत्री के समक्ष नए निवेश अवसरों पर हुई चर्चा लखनऊ उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को विदेशी निवेशकों से निरंतर समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में सिंगापुर की अग्रणी एकीकृत कंटेनर लॉजिस्टिक्स कंपनी एपी मोलर माएर्स्क के प्रबंध निदेशक रीन पील पेडरसन ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश विस्तार को लेकर गहन चर्चा हुई। पेडरसन के साथ विवेक शर्मा, हेड बिजनेस डेवलपमेंट एवं रेगुलेटरी अफेयर्स (भारत, बांग्लादेश एवं श्रीलंका क्षेत्र) भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं, उद्योगों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल तथा राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेज़ी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और यहां निवेशकों के लिए सुरक्षित, स्थिर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम, त्वरित स्वीकृतियां, नीति आधारित प्रोत्साहन और मजबूत कानून व्यवस्था के माध्यम से सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स हब, औद्योगिक कॉरिडोर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन चुका है। उन्होंने एपी मोलर माएर्स्क को राज्य में अपने निवेश का विस्तार करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार आवश्यक भूमि, कनेक्टिविटी और नीतिगत सहयोग सुनिश्चित करेगी।  इस अवसर पर विवेक शर्मा ने बताया कि हमने उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों और यहां के निवेश अनुकूल माहौल को लेकर बहुत अच्छी और सार्थक चर्चा की। हमारी कंपनी पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से इस राज्य में निवेश कर रही है। इस विशेष चर्चा के दौरान हमने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण और अपने व्यवसाय के विस्तार में राज्य सरकार से मिले पूर्ण सहयोग को लेकर अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए। हम भविष्य में भी उत्तर प्रदेश में अपने कारोबार के विस्तार के लिए नए निवेश अवसरों की तलाश करने के लिए उत्सुक हैं। उल्लेखनीय है कि एपी मोलर माएर्स्क शिपिंग, बंदरगाह, जल परिवहन और अंतर्देशीय लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर की कंपनी है। इसके संभावित निवेश से उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूती, औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना है, जो ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। recent visitors 27