सेमीकंडक्टर पार्क, डेटा सेंटर और फार्मा हब से बदलेगा यूपी का औद्योगिक परिदृश्य

आम बजट 2026-27 से उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने आम बजट के उत्तर प्रदेश पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर की प्रेस वार्ता सेमीकंडक्टर से लेकर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग तक यूपी बन रहा निवेशकों की पहली पसंद एमएसएमई, ओडीओपी और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित बजट से यूपी को मिलेगा सीधा लाभ हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर और जलमार्गों से यूपी बनेगा लॉजिस्टिक्स हब खेल, स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में नई ऊंचाई की ओर उत्तर प्रदेश पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और आयुर्वेद से रोजगार के नए द्वार खोलेगा आम बजट युवाओं, महिलाओं और किसानों पर फोकस, विकसित भारत के लक्ष्य में होगी यूपी की बड़ी भूमिका सेमीकंडक्टर पार्क, डेटा सेंटर और फार्मा हब से बदलेगा यूपी का औद्योगिक परिदृश्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आम बजट 2026-27 को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश ने जो विकास यात्रा तय की है, उसका प्रत्यक्ष लाभ अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। यह बजट रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन का संतुलित दस्तावेज है, जो नए भारत के निर्माण के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि आम बजट 2026-27 उत्तर प्रदेश को ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगा। रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन के संतुलन से सशक्त भारत की नींव मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन तीनों का संतुलित समावेश स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इन तीनों तत्वों को एक सूत्र में पिरोकर यह बजट आने वाली पीढ़ियों को जोड़ते हुए एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करता है। यह बजट किसान, युवा, महिला और गरीब, सभी वर्गों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। स्वाभाविक रूप से, इसके माध्यम से देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की अपेक्षाओं और विकास जरूरतों को पूरा करने के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं। एमएसएमई सेक्टर में घोषणा का उत्तर प्रदेश को मिलेगा सर्वाधिक लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का सबसे महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव डालने वाला पहलू एसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा है। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश का नेतृत्व करता है और प्रदेश के पास देश का सबसे बड़ा एमएसएमई आधार है। वर्तमान में, उत्तर प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से करीब तीन करोड़ लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका और आर्थिक प्रगति से जुड़े हुए हैं। सीएम ने कहा कि यह फंड विशेष रूप से ओडीओपी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा, जिसे उत्तर प्रदेश ने ब्रांडिंग, डिजाइनिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट से जोड़कर सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। बजट के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर को नई तकनीक, स्किल ट्रेनिंग, आधुनिक पैकेजिंग और वैश्विक निर्यात बाजारों से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।  यूपी बनेगा कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का राष्ट्रीय हब मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का विशाल इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड तैयार किए जाने की घोषणा की गई है, जो उत्तर प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने और विभिन्न प्रमुख सेक्टरों को नई गति देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश के भीतर देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब विकसित हो रहा है। इसका सीधा लाभ उद्योग, व्यापार और रोजगार सृजन के रूप में उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगा।  इनलैंड वाटरवे में यूपी की होगी महत्वपूर्ण भूमिका सीएम योगी ने कहा कि देश में घोषित 20 अंतर्देशीय जलमार्गों में उत्तर प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश में देश का पहला इनलैंड वाटरवे वाराणसी से हल्दिया के बीच पहले ही प्रारंभ किया जा चुका है, जबकि इनके विस्तार के लिए वाराणसी, प्रयागराज और यमुना नदी तक जलमार्ग विकसित करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। कार्गो मूवमेंट को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिप रिपेयर एवं मेंटिनेंस इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में वाराणसी को मिलने वाला लाभ, उत्तर प्रदेश के इनलैंड वाटरवे नेटवर्क को और मजबूत करेगा, जिससे माल ढुलाई की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से मिलेगी विकास को नई गति मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में घोषित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से 2 महत्वपूर्ण कॉरिडोर उत्तर प्रदेश को प्राप्त हुए हैं। इन हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के अंतर्गत ट्रेनों की गति 300 से 500 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी, जिससे प्रदेश को तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इससे न केवल यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि औद्योगिक, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। उत्तर प्रदेश में बायो-फार्मा सेक्टर की संभावनाएं हुईं सुदृढ़ मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के माध्यम से बायो-फार्मा सेक्टर में उत्तर प्रदेश की संभावनाएं और अधिक सुदृढ़ हुई हैं। ललितपुर में लगभग 1,200 एकड़ क्षेत्रफल में बल्क ड्रग पार्क विकसित किए जाने की प्रक्रिया को तेज किया गया है, जबकि गौतम बुद्ध नगर के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क का कार्य भी अत्यंत उन्नत चरण में पहुंच चुका है। बायो-फार्मा सेक्टर के लिए बजट में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो भारत को वैश्विक फार्मा हब के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। लखनऊ में होने वाले फार्मा कॉन्क्लेव में देशभर से प्रमुख स्टेक-होल्डर्स की भागीदारी स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश इस सेक्टर में निवेश, नवाचार और नई सुविधाओं के लिए पूरी तरह तैयार है। डेटा सेंटर हब और ग्राम स्वराज से यूपी को डिजिटल व ग्रामीण विकास की दोहरी ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम उत्तर प्रदेश को एक नई दिशा देंगे। प्रदेश में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ डेटा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक उत्तर प्रदेश में लगभग 700 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित हो चुके हैं और इस सेक्टर में निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। … Read more

राज्यस्तरीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कबीरधाम जिला के खिलाड़ियों का रहा दबदबा

रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों ने की सौजन्य मुलाकात उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा से आज 16वीं छत्तीसगढ़ राज्यस्तरीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कबीरधाम जिले के खिलाड़ियों ने सौजन्य मुलाकात की। खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन की जानकारी साझा की तथा प्रतियोगिता के अनुभव भी बताए। गौरतलब है कि राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में कबीरधाम जिले के 13 पैरा खिलाड़ियों ने कुल 32 पदक जीतकर जिले को ओवरऑल चौंपियन बनाया। खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे जिले में गर्व और उत्साह का वातावरण है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सभी खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता केवल पदकों की संख्या नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के संघर्ष, आत्मविश्वास और अटूट हौसले की जीत है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम के दिव्यांग खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि शारीरिक चुनौतियाँ सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि मन में दृढ़ संकल्प और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है। उन्होंने खिलाड़ियों से चर्चा के दौरान कहा कि प्रतियोगिता में कबीरधाम जिले के 13 खिलाड़ियों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में कुल 32 पदक जीतकर पूरे प्रदेश में जिले का नाम गौरवान्वित किया है। पूरे आयोजन के दौरान कबीरधाम के खिलाड़ियों का दबदबा बना रहा। खिलाड़ियों ने अपने अनुशासन, कठिन परिश्रम, समर्पण और खेल भावना से सभी का ध्यान आकर्षित किया।  उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय सरकार खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हंन बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों के लिए उनके क्षेत्र में ही मिनी स्टेडियम बनाएं जा रहे है। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,  संतोष पटेल, जनपद उपाध्यक्ष कवर्धा  गणेश तिवारी, बोडला  नंद श्रीवास,  नरेंद्र मानिकपुरी,  मनीराम साहू,  अमर कुर्रे,  प्रवीण शर्मा,   जसबीर सालुजा,  शैलेन्द्र उपाध्याय सहित जन प्रतिनिधि, क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे। कबीरधाम के खिलाड़ियों ने जीते 32 पदक 16वीं छत्तीसगढ़ राज्यस्तरीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कबीरधाम जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए। छोटी मेहरा ने तवा फेंक और गोला फेंक दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अनिल कुमार ने गोला फेंक और भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया। खिलेश्वर पटेल ने 400 मीटर दौड़, 100 मीटर दौड़ तथा लंबी कूद में स्वर्ण पदक हासिल किए, जबकि सुखनंदन निषाद ने 200 मीटर दौड़, 100 मीटर दौड़ और लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। देव सिंह अहीरे ने भाला फेंक और गोला फेंक में रजत पदक प्राप्त किया। अरुण वर्मा ने भाला फेंक, लंबी कूद और गोला फेंक में स्वर्ण पदक जीते, साथ ही 100 मीटर दौड़ एवं 200 मीटर दौड़ में रजत पदक भी हासिल किए। गांधी कुर्रे ने भाला फेंक और लंबी कूद में स्वर्ण पदक, जबकि 100 मीटर दौड़ और गोला फेंक में रजत पदक प्राप्त किए। आमीन खान ने लंबी कूद और गोला फेंक में स्वर्ण पदक तथा तवा फेंक में रजत पदक जीता। शिवकिंकर नेताम ने तवा फेंक में स्वर्ण पदक, गोला फेंक में रजत पदक और भाला फेंक में कांस्य पदक प्राप्त किया। थानू ने तवा फेंक में रजत पदक जीता, वहीं रामलोचन वर्मा ने भाला फेंक में रजत पदक हासिल किया। केशव ने तवा फेंक और गोला फेंक दोनों में स्वर्ण पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सरजू कोसले ने गोला फेंक में स्वर्ण पदक तथा तवा फेंक और भाला फेंक में रजत पदक प्राप्त किए। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों से कबीरधाम जिले का नाम राज्य स्तर पर गौरवान्वित हुआ है और यह प्रदर्शन आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना है। recent visitors 31

नर्मदा नदी में भव्य नाव रैली, मेधा पाटकर ने बीच पानी में मछुआरों के अधिकारों का मुद्दा उठाया

बड़वानी  नर्मदा बचाओ आंदोलन के बैनर तले नर्मदा घाटी के विस्थापित मछुआरों ने सोमवार को अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर के नेतृत्व में मछुआरों ने कसरावद से राजघाट तक नर्मदा नदी में 30 से अधिक नावों के साथ भव्य नाव रैली निकाली. यह नाव रैली सरकार और प्रशासन का ध्यान वर्षों से लंबित मछुआरा समुदाय की समस्याओं की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई. मेधा पाटकर ने मछुआरों के साथ निकाली नाव रैली नाव रैली के समापन के बाद मछुआरा संगठनों द्वारा बड़वानी कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा. ज्ञापन में सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित मछुआरों को नर्मदा ट्रिब्यूनल के फैसले के अनुरूप अधिकार देने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई है. इसमें प्रस्तावित नर्मदा मत्स्य सहकारी उत्पादन व विपणन संघ के पंजीकरण, विस्थापित मछुआरों को पुनर्वास लाभ, आवास और आजीविका उपलब्ध कराने मत्स्य व्यवसाय को ठेकेदारी से मुक्त कर सहकारी समितियों को सौंपने की मांग शामिल है. आंदोलनकारियों ने रखी 10 मांग इसके साथ ही आंदोलनकारियों ने जलाशय में बढ़ते प्रदूषण, अवैध रेत खनन, क्रूज संचालन, जलस्तर में लगातार गिरावट से मत्स्याखेट पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव, मछुआरों को किसान का दर्जा, केसीसी कार्ड, बंद अवधि में आर्थिक सहायता राशि बढ़ाने और पुलिस-प्रशासन द्वारा कथित उत्पीड़न के मामलों पर त्वरित कार्रवाई की भी मांग की. कुल मिलाकर ज्ञापन में 10 प्रमुख मांगें रखी गई हैं. इस मौके पर मेधा पाटकर ने कहा कि "नर्मदा घाटी के मछुआरे विस्थापन के सबसे बड़े पीड़ित हैं, लेकिन दशकों बाद भी उन्हें उनके कानूनी अधिकार नहीं मिल पाए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और तीव्र किया जाएगा." कई जिलों के मछुआरा परिवार हुए शामिल इस नाव रैली और जल भरो आंदोलन में बड़वानी, धार, खरगौन और अलीराजपुर जिलों के बड़ी संख्या में मछुआरा परिवार शामिल हुए. आंदोलनकारियों ने बताया कि सरदार सरोवर परियोजना एक अंतरराज्यीय परियोजना है. इससे जुड़े लाभ, हानि और पुनर्वास से संबंधित सभी विषयों पर नर्मदा ट्रिब्यूनल के फैसले के अनुसार ही कार्रवाई की जानी चाहिए. यह फैसला 18 अक्टूबर 2000 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तहत कानूनन मान्य है, जिसका पालन करना शासन की जिम्मेदारी है. सरदार सरोवर में मतस्य पालन का अधिकार सरकार के पास नर्मदा ट्रिब्यूनल के फैसले की धारा XI, उपधारा V(8) के अनुसार सरदार सरोवर जलाशय में मत्स्य पालन का अधिकार राज्य शासन के पास है. इसी संदर्भ में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मत्स्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा पूर्व में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के मुख्य सचिवों को पत्र भी लिखा जा चुका है, बावजूद इसके मछुआरों को उनके अधिकार अब तक नहीं मिल पाए हैं. recent visitors 25

‘द स्टोरी ऑफ किंग भोरमदेव’ पुस्तक का उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के करकमलों से विमोचन

रायपुर. उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज विधायक कार्यालय कवर्धा में द स्टोरी ऑफ किंग भोरमदेव 'राजा भोरमदेव की कहानी' पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक के रचनाकार  रामप्रसाद बघेल को उप मुख्यमंत्री ने बधाई तथा आगे के सफल साहित्यिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।  शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है तथा इससे हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं को नयी पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह कहानी अंर्तराष्ट्रीय स्तर का है इस पुस्तक के प्रकाशन से भोरमदेव की ख्याति को अंर्तराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।  उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि पुस्तक न केवल राजा भोरमदेव के जीवन और काल की महिमा को उजागर करता है, बल्कि मनुष्य, प्रकृति और चेतना के बीच संतुलन की गूढ़ दार्शनिकता को भी बखूबी प्रस्तुत करता है। उन्होंने आग्रह किया कि वे इस पुस्तक को पढ़ें और इसके संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करें। लेखक  रामप्रसाद बघेल ने बताया कि 'राजा भोरमदेव की कहानी' की शुरुआत एक प्राचीन और रहस्यमयी युग से होती है, जब पृथ्वी पर आकाश से गिरा एक विशाल धूमकेतु ने न केवल प्राकृतिक संतुलन को बाधित किया, बल्कि अंधकार से ऊर्जा प्राप्त करने वाले ड्रैगन जैसे घातक प्राणियों का आगमन भी किया। ये प्राणी अंधकार में और अधिक शक्तिशाली होते गए तथा धीरे-धीरे संपूर्ण पृथ्वी को एक भयावह अनंत संध्या की ओर ले जाने लगे, जहाँ मानव, पशु और प्रकृति कोई भी सुरक्षित नहीं रहा। कथा का प्रमुख नायक कुरुगुरु भद्रदेव बैगा है, जो विज्ञान, अध्यात्म एवं प्रकृति के संतुलन को समझता है। विद्वानों के नेतृत्व में यह खोज की जाती है कि ड्रैगनों के माथे पर चमकता नीला चिह्न कोई सजावट नहीं, बल्कि अंधकार से ऊर्जा खींचने वाला यंत्र है, और जैसे-जैसे अंधकार बढ़ता है, वे और अधिक अजेय बनते जाते हैं। कहानी में एक प्राचीन राजवंश के शासक राजा परसमनिधर देव तथा रानी नागमती की गहन तपस्या और दिव्य-वैज्ञानिक शक्तियों का विवरण भी मिलता है। राजा के पास पारस रत्न है, जो सूर्य की ऊर्जा से पदार्थ और जीवन को रूपांतरित करने की क्षमता रखता है, जबकि रानी नागमती के पास नागमणि यंत्र है, जो किसी भी पदार्थ को नष्ट करने अथवा विष को निष्प्रभावी बनाने की शक्ति रखता है। कहानी केवल युद्ध और संघर्ष की नहीं है, बल्कि प्रेम, नियति एवं चेतना की भी है। झील के तट पर बिना शब्दों के केवल दृष्टियों और अनुभूतियों से राजा और रानी का प्रेम जन्म लेता है। उनका विवाह दो शक्तिशाली वंशों का नहीं, बल्कि विज्ञान, प्रकृति और चेतना के मिलन का प्रतीक बनता है। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,संतोष पटेल,जनपद उपाध्यक्ष कवर्धा  गणेश तिवारी, बोडला  नंद श्रीवास,नरेंद्र मानिकपुरी,मनीराम साहू,अमर कुर्रे,प्रवीण शर्मा,जसबीर सालुजा,शैलेन्द्र उपाध्याय सहित जन प्रतिनिधि, क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे। recent visitors 29

आर्थिक विकास का खाका है केंद्रीय बजट: सीएम ने गिनाए राजस्थान को मिलने वाले फायदे

      जयपुर,  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 साल से देश वित्तीय अनुशासन और स्थायित्व के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रविवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट को आत्मनिर्भर से विकसित, संभावनाओं से उपलब्धियों और संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में नए भारत की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति को आगे लाने की प्रतिबद्धता का भी पूरा ध्यान रखा गया है।       मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट पर सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति केन्द्रित इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और सर्विस सेक्टर पर फोकस बढ़ाने वाले प्रावधान किए गए हैं, इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल, 1 लाख 50 हजार केयर गिवर्स और टूरिस्ट गाइड्स को कौशल प्रशिक्षण से भी युवाओं को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में  एवीजीसीएक्सआर पॉलिसी पहले ही लागू की जा चुकी है। अब माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेट क्रियेटर लैब्स की स्थापना से राजस्थान के युवाओं को दोहरा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए सशक्तिकरण, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने, कृषि अवसंरचना एवं बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाने और जोखिम घटाने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। हैवी मशीनरी निर्माण के लिए प्रदेश में निवेश का किया आह्वान       शर्मा ने कहा यूरोप के साथ ऐतिहासिक समझौता होने के बाद इस बजट ने देश के छोटे-बड़े उद्योगों, मैन्युफैक्चरर्स, कारीगरों और कामगारों को वैश्विक बाजार में जगह बनाने के लिए नई दिशा दिखाई है। बायो फार्मा, केमिकल्स, टेक्सटाइल, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने उद्योग जगत का आह्वान किया कि कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर की हैवी मशीनरी के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बजट में लाई गई विशेष योजना का लाभ लेते हुए राजस्थान के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अपनी इकाइयां लगाएं। उन्होंने कहा कि इस बजट से प्रदेश के निर्यातकों को नए खुल रहे बाजारों में निर्यात वृद्धि  के अवसर भी मिलेंगे। राजस्थान के सोलर सेक्टर को मिलेगी नई गति       मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में राजस्थान की संभावनाओं और आवश्यकताओं को पूरा स्थान मिला है। अक्षय ऊर्जा के लिए 30 प्रतिशत ज्यादा करीब 32 हजार 914 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसी प्रकार पीएम सूर्यघर योजना को 22 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। सोलर ग्लास मैन्युफेक्चरिंग में प्रयोग आने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। बीईएसएस में उपयोग में आने वाले लीथियम आयन सेल बैटरी निर्माण में प्रयुक्त पूंजीगत सामानों के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। राजस्थान सौर ऊर्जा में पहले से ही अग्रणी प्रदेश है, अब इन प्रावधानों से प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर प्रावधानों से प्रदेश होगा लाभान्वित       शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में सेमीकंडक्टर नीति, एआईएमएल नीति और डेटा सेंटर नीति लागू की हैं। इसलिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, एआई मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन, इलेक्ट्रोनिक कम्पोनेन्ट मेनुफेक्चरिंग स्कीम, डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज को दिए गए इंसेंटिव्स का फायदा लेते हुए सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब बनने के लिए प्रदेश पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि एसएमई विकास निधि और आत्मनिर्भर भारत टॉपअप छोटे उद्योगों के लिए बड़ी सौगात हैं। महात्मा गांधी स्वराज योजना और चैम्पियन एमएसएमई बनाने की पहल से राजस्थान के छोटे उद्योगों के ग्लोबल बिजनेस हाउस बनने की राह प्रशस्त होगी। मेगा टैक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और देशभर में 200 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को फिर से मजबूत करने की घोषणा भी राजस्थान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।       मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में अवसंरचना विकास पर विशेष जोर देते हुए 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश के शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए अधिक राशि मिल सकेगी। इनविट बॉन्डस, आरईआईटी और म्युनिसिपल बॉन्डस से मिलने वाले आर्थिक संबल से प्रदेश के शहर बड़े पैमाने पर लाभान्वित होने जा रहे हैं।       इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।   recent visitors 32

नक्सल मोर्चे पर सख्ती के बाद भोपाल में नई जिम्मेदारी, संजय कुमार ने संभाला पुलिस कमिश्नर का पद

भोपाल  राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के पांचवे साल में तीसरे नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति की गई है. मध्य प्रदेश कैडर के वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय कुमार को भोपाल का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है. उन्होंने सोमवार 2 फरवरी को चार्ज ले लिया. इससे पहले वे बालाघाट जोन में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ थे. नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने तत्कालीन पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र से औपचारिक रूप से पुलिस कमिश्नर का कार्यभार ग्रहण किया. नए कमिश्नर संजय कुमार ने लिया चार्ज आईपीएस संजय कुमार को एक सख्त, अनुशासित और मजबूत फील्ड एक्सपीरियंस वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है. वह प्रदेश के कई जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक अपनी सेवाएं दे चुके हैं. संजय कुमार बालाघाट को नक्सल मुक्त करने के लिए जवानों के साथ जंगलों में लाल लड़ाकों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की. संजय कुमार करीब 12 साल पहले भोपाल में एसपी पुलिस मुख्यालय के पद पर भी रह चुके हैं. ऐसे में लंबे अंतराल के बाद राजधानी की कमान संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन उनके अनुभव और कार्यशैली से भोपाल पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को मजबूती मिलेगी. बीट सिस्टम को बनाएंगे प्रभावी ईटीवी भारत से बातचीत में नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने अपनी प्राथमिकताओं और कार्य योजना को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा, "12 साल बाद भोपाल लौटना एक अलग अनुभव है. मेरा फोकस टीम वर्क और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था पर रहेगा. इसके लिए बीट सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाएंगे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और फील्ड स्तर पर पुलिस की मौजूदगी मजबूत हो. शहरी पुलिसिंग अपने आप में कई चुनौतियां लेकर आती है. बदमाशों को नहीं मिलेगी रियायत कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता में रखते हुए पुलिसिंग के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाएगा. पहले से लागू व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उन्हें और बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा. बदमाशों पर किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी. चाहे चाकूबाजी हो या कोई अन्य गंभीर अपराध, सभी मामलों में सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी. साइबर क्राइम आज का गंभीर मुद्दा पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि "अपराधियों में पुलिस का डर बनाए रखना जरूरी है, ताकि कानून व्यवस्था कायम रह सके. भोपाल जैसे शहर के लिए ट्रैफिक सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है. इसे प्राथमिकता पर लिया जाएगा. इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर ठोस योजना बनाई जाएगी. पुरानी ट्रैफिक पॉलिसी को प्रभावी ढंग से इंप्लीमेंट किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उसमें सुधार करेंगे, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके. साइबर अपराधों के बढ़ते मामले चिंताजनक है. साइबर क्राइम आज के समय में एक गंभीर अपराध बन चुका है. इसे रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता भी बेहद जरूरी है.  recent visitors 26

छिंदवाड़ा: NHM डाटा मैनेजर रिश्वत लेते गिरफ्तार, लोकायुक्त की कार्रवाई में हुआ खुलासा

छिंदवाड़ा  भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को छिंदवाड़ा में एक बड़ी कार्रवाई की। CMHO कार्यालय खजरी में पदस्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डाटा मैनेजर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह रिश्वत एक नर्सिंग ऑफिसर के स्थानांतरण के बदले मांगी गई थी। कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। CMHO कार्यालय में लोकायुक्त की दबिश छिंदवाड़ा में जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए CMHO कार्यालय खजरी में पदस्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के डाटा मैनेजर जितेन्द्र यदुवंशी को गिरफ्तार किया। आरोपी को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। स्थानांतरण के बदले मांगी थी रिश्वत जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला (ब्लॉक पिण्डरईकला) में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा वडघरे अपना स्थानांतरण नजदीकी संजीवनी क्लीनिक में करवाना चाहती थीं। इस कार्य के लिए डाटा मैनेजर जितेन्द्र यदुवंशी ने उनसे 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त में की गई शिकायत रिश्वत की मांग से परेशान नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा वडघरे ने इसकी शिकायत लोकायुक्त जबलपुर में की। शिकायत सत्य पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने की रणनीति बनाई। रंगे हाथों गिरफ्तारी सोमवार को जैसे ही आवेदिका ने रिश्वत की राशि आरोपी जितेन्द्र यदुवंशी को सौंपी, पहले से घात लगाए लोकायुक्त दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। आरोपी के हाथ धुलाने पर वे गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। कानूनी कार्रवाई शुरू आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(b) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई यह सफल कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (लोकायुक्त) योगेश देशमुख के निर्देश और डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। टीम में निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, राहुल गजभिये, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।   recent visitors 26