विश्व मंच पर चमकेंगे भारत के सितारे: हरमनप्रीत-कौर और स्मृति मंधाना का बीबीसी अवॉर्ड नामांकन

नई दिल्ली भारत की महिला विश्व कप 2025 की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना, शतरंज की प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिव्या देशमुख '2025 बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर' पुरस्कारों के लिए नामांकित हैं।   पिस्टल निशानेबाजी में सनसनी मचाने वाली सुरुचि सिंह और ट्रैक एवं फील्ड एथलीट ज्योति याराजी इस प्रतिष्ठित वार्षिक पुरस्कार के लिए नामांकित अन्य दो खिलाड़ी हैं। अंतरिम वैश्विक निदेशक फियोना क्रैक ने एक विज्ञप्ति में कहा, ''इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर' पुरस्कार पूरे भारत में महिलाओं की खेल प्रतिभाओं के एक वर्ष का प्रतीक है और बीबीसी विश्व सेवा अन्य किसी भी मीडिया प्रदाता की तुलना में इन प्रयासों को प्रदर्शित करने और उनका जश्न मनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।' उन्होंने कहा, ‘हम इन महिलाओं को भारत और दुनिया भर के दर्शकों के सामने अपनी मेहनत से हासिल की गई उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करके रोमांचित हैं।’ भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत ने नवंबर 2025 में देश को आईसीसी महिला विश्व कप का पहला खिताब दिलाया था। उन्होंने घरेलू सरजमीं पर खेले गये विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 339 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए 88 गेंदों में 89 रनों की शानदार पारी खेली। हरमनप्रीत की 2017 में इसी प्रतिद्वंदी के खिलाफ एक अन्य विश्व कप सेमीफाइनल में 171 रनों की नाबाद पारी को आज भी महिला क्रिकेट की महानतम पारियों में से एक माना जाता है। इसी टीम की उप कप्तान 29 साल की मंधाना पहले से ही क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं। यह वामहस्त बल्लेबाज एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतकों के मामले में दूसरे जबकि सबसे अधिक रन बनाने वालों की सूची में तीसरे पायदान पर है। महाराष्ट्र के सांगली शहर की रहने वाली मंधाना अपने पिता और भाई से प्रेरित हैं, दोनों ने ही जिला स्तर पर क्रिकेट खेला है। उन्होंने पिछले साल सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 50 गेंदों में शतक बनाया था। यह इस प्रारूप में किसी भारतीय द्वारा बनाया गया सबसे तेज शतक है। उन्होंने इस पारी के दौरान विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्हें 2018 और 2021 में दो बार आईसीसी की साल की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर चुना गया है। बीस वर्षीय शतरंज की प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिव्या ने पिछले साल जुलाई में फिडे महिला विश्व कप की पहली भारतीय और सबसे कम उम्र की चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि ने उन्हें ग्रैंडमास्टर का दर्जा भी दिलाया। दिव्या ने ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले में ग्रैंडमास्टर बनने वाली पहली भारतीय महिला कोनेरू हम्पी को हराया था। नागपुर में जन्मी देशमुख ने पांच साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया। दो साल के भीतर ही वह अंडर-7 राष्ट्रीय चैंपियन बन गईं और 2017 में उन्होंने लड़कियों के अंडर-12 वर्ग में विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता। दिव्या ने 2022 में ओलंपियाड में भारत की कांस्य पदक विजेता टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इसके दो साल बाद व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर और शीर्ष स्थान हासिल करने वाली टीम का हिस्सा बनकर और भी बड़ी उपलब्धि हासिल की। सुरुचि ने निशानेबाजी में आईएसएसएफ विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतकर शीर्ष खिलाड़ियों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई। हरियाणा की सुरुचि ने 2024 में राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियनशिप में सात स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने इसके एक साल से भी कम समय में सीनियर स्तर पर अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और वैश्विक मंच पर अपनी पहचान तेजी से स्थापित की। इस 19 साल की खिलाड़ी ने 2025 में ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप सीरीज में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने लीमा में मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।   recent visitors 32

10वीं–12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर: CBSE बोर्ड परीक्षा एडमिट कार्ड और एग्जाम डेट घोषित

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (cbse) द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड 2026 जल्द ही जारी किए जाने की उम्मीद है। सीबीएसई ने प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए हॉल टिकट पहले ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर अपलोड कर दिए हैं, जबकि रोगुलर छात्रों के लिए एडमिट कार्ड फरवरी के पहले सप्ताह में जारी किए जा सकते हैं। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली हैं। परीक्षा में बैठने वाले हर छात्र के लिए एडमिट कार्ड सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है, क्योंकि इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा का पूरा शेड्यूल बोर्ड द्वारा जारी रिवाइज्ड शेड्यूल के अनुसार: कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक चलेगी। इस साल से कक्षा 10 के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं का विकल्प भी शुरू किया गया है, जिसका दूसरा चरण मई-जून में होगा। कक्षा 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्कूलों में 1 जनवरी 2026 से ही शुरू हो चुकी हैं। एडमिट कार्ड कैसे प्राप्त करें? नियमित छात्रों के लिए: रेगुलर छात्रों को अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। उनके संबंधित स्कूल बोर्ड के पोर्टल से एडमिट कार्ड डाउनलोड करेंगे और प्रधानाचार्य के सिग्नेचर व स्कूल की मुहर के बाद छात्रों को वितरित करेंगे। प्राइवेट छात्रों के लिए (डाउनलोड स्टेप्स):     आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं। 2. होमपेज पर "Admit Card for Candidates 2026" लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना एप्लीकेशन नंबर, पिछला रोल नंबर या नाम दर्ज करें। 4. विवरण सबमिट करें और अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करें। 5. इसका एक स्पष्ट रंगीन प्रिंटआउट लें। एडमिट कार्ड पर इन जानकारियों को जरूर जांचें छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड मिलते ही इन विवरणों का मिलान कर लें: छात्र का नाम और रोल नंबर। परीक्षा केंद्र का नाम, पता और केंद्र कोड। विषयों के नाम और उनके सही विषय कोड। फोटो और सिग्नेचर स्पष्ट हैं या नहीं। परीक्षा के दिनों के लिए रिपोर्टिंग समय और गेट बंद होने का समय। यदि किसी भी जानकारी में कोई गलती पाई जाती है, तो छात्र तुरंत अपने स्कूल या क्षेत्रीय सीबीएसई कार्यालय से संपर्क करें।   recent visitors 38

मिलावट के खिलाफ अभियान तेज, कई जिलों में औचक जांच और कार्रवाई

रायपुर. खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने लगातार औचक जांच आमजन को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पोषणयुक्त खाद्य सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में लगातार औचक निरीक्षण एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।  धमतरी जिले में 73 परिसरों का निरीक्षण खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला धमतरी द्वारा जनवरी 2026 में कुल 73 खाद्य परिसरों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 14 परिसरों को आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया गया। इस अवधि में 1 खाद्य नमूना संग्रहित किया गया तथा 2 प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर रमन स्वीट्स, बस स्टैंड धमतरी से ‘ढोकना’ का नमूना संकलित कर प्रयोगशाला जांच हेतु भेजा गया। इसके अतिरिक्त खाद्य पदार्थ परोसने में अखबारी कागज के उपयोग को हतोत्साहित करने हेतु प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को फॉसटैक प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाण-पत्र परिसर में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा में पोहा मिलों पर कार्रवाई जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में जनवरी 2026 के दौरान भाटापारा स्थित मातारानी इंडस्ट्रीज (सेमरिया रोड, खोखली), महासती उद्योग (सूरजपुरा रोड) एवं एन.एस. इंडस्ट्रीज (खोखली) का निरीक्षण किया गया। मातारानी इंडस्ट्रीज में खाद्य लेबल पर विनिर्माता के स्थान पर अन्य फर्म का नाम एवं पता अंकित पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई।महासती उद्योग से पोहा का विधिक नमूना लिया गया। एन.एस. इंडस्ट्रीज में नवीनीकरण के समय फोरेंकोस में अपलोड किए गए स्व-निरीक्षण प्रतिवेदन में असत्य जानकारी पाए जाने पर निरीक्षण कर पोहा एवं नायलॉन पोहा के विधिक नमूने लिए गए तथा नोटिस जारी किया गया। इस माह जिले में कुल 5 विधिक नमूने संकलित किए गए और 1 प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। महासमुंद में गुटखा जब्ती, 15.50 लाख का जुर्माना जिला महासमुंद में जनवरी 2026 के दौरान निरीक्षण के समय कुल 13 नमूने संकलित किए गए, जिनमें 8 विधिक, 4 सर्विलेंस नमूने तथा 1 सूचना सुधार प्रकरण शामिल है। कार्रवाई के दौरान 92,352 पाउच प्रतिबंधित गुटखा, 2 किलोग्राम बेसन एवं 500 ग्राम बारीक सेव (अवमानक तिथि पार) जब्त की गई। न्याय निर्णयन अधिकारी द्वारा संबंधित प्रकरणों में 15,50,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसके अतिरिक्त बिना अनुज्ञप्ति/पंजीयन के 2 प्रकरणों में धारा 69 (कंपाउंडिंग) के अंतर्गत 20,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही 51 नग अखाद्य रंग नष्ट किए गए। रायगढ़ में संदिग्ध वाहन से दुग्ध उत्पाद जब्त जिला रायगढ़ में संदिग्ध पिकअप वाहन द्वारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विक्रय हेतु परिवहन की जा रही लगभग 2 लाख रुपये मूल्य की दुग्ध उत्पाद सामग्री (कॉलेज एनालॉग एवं दही) जब्त की गई। नमूने गुणवत्ता जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निरंतर सघन निरीक्षण एवं कार्रवाई जारी रखी जाएगी। recent visitors 45

पुर्बाचल प्लॉट घोटाला मामला: चुनाव से पहले शेख हसीना और भतीजी को सजा — अब देश की राजनीति में क्या होगा?

ढाका बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले बांग्लादेश की एक अदालत ने सोमवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को सरकारी आवास परियोजना में भूमि आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़े दो अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों में 10 साल की जेल की सजा सुनाई। ढाका विशेष न्यायाधीश न्यायालय-4 के न्यायाधीश रबीउल आलम ने फैसला सुनाते हुए हसीना को कुल 10 साल की कैद की सजा दी। प्रत्येक मामले में 5-5 साल की सजा सुनाई गई।   खबर के अनुसार, अदालत ने 78 वर्षीय शेख हसीना, उनके भतीजे रादवान मुजीब सिद्दीक (रादवान मुजीब सिद्दीक बॉबी), भतीजियों ट्यूलिप रिजवाना सिद्दीक (ब्रिटिश सांसद) और अजमीना सिद्दीक तथा अन्य को पुरबाचोल (पुर्बाचल) में राजुक न्यू टाउन प्रोजेक्ट के तहत भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताओं के मामलों में सजा सुनाई है। ट्यूलिप सिद्दीक को कुल 4 साल की कैद की सजा सुनाई गई (प्रत्येक मामले में 2 साल), जबकि रादवान मुजीब सिद्दीक और अजमीना सिद्दीक को दोनों मामलों में 7-7 साल की कैद की सजा दी गई। वहीं कोर्ट में अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने वाले एकमात्र आरोपी मोहम्मद खुर्शीद आलम को प्रत्येक मामले में एक-एक साल की कैद की सजा सुनाई गई है। यानी कुल मिलाकर 2 साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने सभी दोषियों पर एक लाख टका (बांग्लादेशी मुद्रा) का जुर्माना भी लगाया और जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त 6 महीने की जेल की सजा काटने का आदेश दिया। गौरतलब है कि शेख हसीना पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद देश छोड़कर भारत में शरण लिए हुए हैं। उन्हें पहले अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एसीसी) ने 20 कठा भूखंडों के आवंटन में कथित रूप से सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में ये मामले दर्ज किए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने आवंटन प्रक्रिया में हेराफेरी की और राजधानी उन्नयन कर्तृपक्ष के मौजूदा नियमों व विनियमों का उल्लंघन किया था। recent visitors 43

समाधान योजना में 852 करोड़ 76 लाख मूल राशि हुई जमा : ऊर्जा मंत्री तोमर

350 करोड़ 67 लाख सरचार्ज हुआ माफ भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि समाधान योजना 2025-26 के प्रथम चरण में 852 करोड़ 76 लाख रूपये मूल राशि जमा हुई है। साथ ही 350 करोड़ 67 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। योजना में 17 लाख 15 हजार उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में शामिल होकर लाखों बकायादार उपभोक्ताओं ने सौ फीसदी तक छूट का लाभ लिया। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के शेष बकायादार उपभोक्ता  योजना के द्वितीय चरण में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्त जमा कर 90 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठायें। द्वितीय चरण 28 फरवरी तक चलेगा।  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 5 लाख 27 हजार बकायादार उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 534 करोड़ 16 लाख की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 263 करोड़ 94 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 6 लाख 8 हजार उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। मूल राशि 174 करोड़ 94 लाख रूपये जमा हुई है तथा 62 करोड़ 11 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत 5 लाख 80 हजार उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। कुल मूल राशि 143 करोड़ 66 लाख रूपये जमा हुई है। साथ ही 24 करोड़ 62 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में द्वितीय और अंतिम चरण 01 फरवरी से शुरू हो चुका है जो कि 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। दूसरे चरण में एक मुश्‍त भुगतान करने पर 70 से 90 फीसदी तथा किस्‍तों में भुगतान करने पर 50 से 60 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को कंपनी के ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं। recent visitors 27

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा-परेड, अनुशासन और आपसी तालमेल का बेहतरीन नमूना होती है

लोकभवन में हुआ एन.सी.सी. एट होम समारोह भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि परेड, अनुशासन और आपसी तालमेल का बेहतरीन नमूना होती है। हर देशवासी को देशभक्ति और ऊर्जा से भर देती है। हम सभी को देश सेवा की प्रेरणा देती है। गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड में शामिल प्रत्येक एन.सी.सी. कैडेट्स अनुशासन और प्रेरणा का प्रतीक है। राजधानी के कर्तव्य पथ पर आपकी अनुशासित, प्रभावी और गरिमामयी सहभागिता ने प्रदेशवासियों का मान बढ़ाया है। आप सभी हमारा गौरव हैं। राज्यपाल  पटेल सोमवार को लोकभवन के सांदीपनि सभागार में एन.सी.सी. एट होम समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने गणतंत्र दिवस 2026 की राष्ट्रीय परेड और विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक एवं उपलब्धियां प्राप्त करने वाले मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ निदेशालय के एन.सी.सी. कैडेट्स को सम्मानित किया। राज्यपाल  पटेल ने राष्ट्रीय स्तर पर ओवरऑल तीसरा स्थान प्राप्त करने पर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. निदेशालय को बधाई दी। भविष्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने की शुभकामनाएं दी। समारोह में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि एन.सी.सी. कैडेट्स शिक्षित और अनुशासित होने के साथ संस्कारवान भी बने। आदर्श जीवन मूल्यों को धारण करें। माता-पिता, गुरुजनों, प्रशिक्षकों और वरिष्ठों का हमेशा सम्मान करें। उन्होंने कहा कि युवा संविधान के मूल्यों, न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व को जीवन में उतार कर  गरीब,  वंचित,  और  ज़रूरतमंदों के कल्याण में उपयोग करें। स्वच्छता, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण,  डिजिटल साक्षरता और स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्रों में ध्वज वाहक के रूप में समाज का नेतृत्व करें। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि हर युवा “हम दिन चार रहे न रहे, माँ तेरा वैभव सदा रहे” के भाव के साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय योगदान दें। संकल्प लें कि जीवन  का  प्रत्येक  क्षण  राष्ट्र  प्रेम  और  भक्ति  के  साथ  अपने  कर्तव्यों, अधिकारों, नियमों और सामाजिक दायित्वों का आदर्श रूप में पालन करेंगे। राज्यपाल  पटेल ने समारोह की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एन.सी.सी. कैडेट्स की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां जोश-जज्‍़बे और जुनून का उदाहरण है। यह भारत की विविधता में एकता को प्रस्तुत कर रही थी। राज्यपाल  पटेल के समक्ष एन.सी.सी. कैडेट्स ने “ऐ मेरे भारत की नारी, तू है महान” से नारी की महानता और “नव भारतम्-श्रेष्ठ भारतम्” पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से नए भारत को दिखाया। राज्यपाल  पटेल का मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल जे.पी. सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह-भेंट कर अभिनंदन किया। मेजर जनरल सिंह ने स्वागत उद्बोधन और रिपब्लिक डे कैम्प-2026 में प्रदेश की सहभागिता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। सीनियर अंडर ऑफिसर सु प्रथा सिंह उमठ ने रिपब्लिक डे कैम्प- 2026 के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. निदेशालय के अधिकारी-कर्मचारी, एन.सी.सी. कैडेट्स और उनके परिजन मौजूद थे।   recent visitors 26

रणबीर कपूर की ‘रामायण’ पर अरुण गोविल का बड़ा बयान

मुंबई,  प्रभास स्टारर 'आदिपुरुष' को लेकर हुए विवादों और दर्शकों की निराशा के बाद अब हर किसी की नजर रणबीर कपूर की मेगा बजट फिल्म 'रामायण' पर टिकी है। करीब 4,000 करोड़ के बजट में बन रही इस फिल्म को लेकर फैंस के मन में उत्सुकता के साथ संशय भी है। ऐसे में टीवी के प्रतिष्ठित 'राम' अरुण गोविल ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी है। खास बात यह है कि वह इस फिल्म में राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे हैं। राम का किरदार निभाने के लिए आत्मा का शुद्ध होना जरूरी अरुण गोविल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी कलाकार के लिए भगवान का किरदार निभाना सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, भगवान की भूमिका निभाने के लिए इंसान की आत्मा का साफ और अच्छा होना बहुत जरूरी है। साथ ही वह एक अच्छा इंसान भी होना चाहिए। उन्होंने निर्देशक नितेश तिवारी की तारीफ करते हुए कहा कि पूरी टीम ने इस फिल्म पर बेहद मेहनत की है। रणबीर कपूर को लेकर उन्होंने सकारात्मक राय देते हुए कहा कि वे न केवल शानदार अभिनेता हैं, बल्कि अच्छे इंसान भी हैं और भगवान राम के रूप में प्रभावशाली लग रहे हैं। 'आदिपुरुष' से तुलना करना ठीक नहीं अरुण गोविल ने साफ कहा कि रणबीर कपूर की 'रामायण' की तुलना 'आदिपुरुष' से करना गलत होगा। उनके अनुसार हर निर्देशक का विजन अलग होता है और किसी एक फिल्म की असफलता के आधार पर दूसरी फिल्म को पहले से जज करना सही नहीं। उन्होंने कहा कि 'आदिपुरुष' एक अलग तरह का प्रयास था, जबकि 'रामायण' एक नया और स्वतंत्र प्रोजेक्ट है, जिसे उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए। भगवान जैसा दिखना भी जरूरी अरुण गोविल ने यह भी माना कि जब एक मानक स्थापित हो जाता है तो तुलना होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, भगवान की भूमिका निभाने के लिए लुक बहुत मायने रखता है। दर्शकों को स्क्रीन पर देखते ही महसूस होना चाहिए कि वे सच में भगवान को देख रहे हैं। भव्य पैमाने पर बन रही है 'रामायण' 68 वर्षीय अरुण गोविल ने बताया कि उन्होंने फिल्म की शूटिंग काफी पहले पूरी कर ली थी। यह फिल्म नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियो द्वारा बनाई जा रही है, जिसमें यश की कंपनी मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस भी सहयोग कर रही है। फिल्म आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक वीएफएक्स की मदद से दर्शकों को हजारों साल पुराने युग में ले जाने का प्रयास करेगी। भव्य पैमाने, दमदार स्टारकास्ट और मजबूत तकनीकी टीम के साथ 'रामायण' को भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक माना जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।   recent visitors 30