Friday, July 3, 2026 4:08 pm

सरकारी सूत्रों ने बताया सच, किसानों के हितों पर टैरिफ डील का असली मंथन

वाशिंगटन अमेरिका के साथ सोमवार को घोषित व्यापार समझौते को लेकर कयासों का बाजार गरम है। संसद से लेकर सड़कों तक विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। इस बीच केंद्र सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत उन देशों से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा जिन पर प्रतिबंध नहीं हैं। गौरतलब है कि भारत रूस से तेल खरीदने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है, जिस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हुए हैं। किसानों के हितों से समझौता नहीं दरअसल, भारत द्वारा अपने राजनीतिक रूप से संवेदनशील कृषि क्षेत्र को अमेरिका की अधिक पहुंच के लिए खोलने से इनकार करना मुक्त व्यापार समझौते के दौरान वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच एक प्रमुख विवाद का मुद्दा रहा है। नई दिल्ली सोयाबीन और डेयरी जैसे कृषि क्षेत्रों को खोलने के लिए अनिच्छुक रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को, जिन्हें अब तक संरक्षित रखा गया है, आगे भी संरक्षित रखा जाएगा। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि भारत ने समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं के हिस्से के रूप में कुछ कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच की पेशकश की है। भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ के साथ एक व्यापार समझौते के तहत कृषि उत्पादों के लिए चुनिंदा बाजारों तक पहुंच की पेशकश की है। प्रतिबंध-मुक्त तेल खरीदेगी सरकार वैश्विक व्यापार डेटा प्रदाता केप्लर के अनुसार, ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क लगाने के बावजूद भारत प्रतिदिन लगभग 1.5 मिलियन बैरल रूसी कच्चे तेल का आयात कर रहा है, जो कुल भारतीय आयात का एक तिहाई से अधिक है। सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारत प्रतिबंध-मुक्त दुनिया भर के देशों से कच्चे तेल की खरीद को दर के आधार पर जारी रखेगा। सूत्रों ने बताया कि प्रतिबंध लागू होने के दौरान हमने वेनेजुएला से तेल नहीं खरीदी थी। अब प्रतिबंध हट गए हैं, इसलिए हम खरीदेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नई दिल्ली ऊर्जा खरीद में अपने नागरिकों को प्राथमिकता देना जारी रखेगी। बता दें कि सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर अपना टैरिफ मौजूदा स्तर से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इसके बदले में नई दिल्ली रूस से तेल की खरीद बंद करने और इसके बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमत हो जाएगी। 500 अरब डॉलर के व्यापार ट्रंप ने यह भी कहा कि व्यापार समझौते के तहत भारत ने कई उपायों पर सहमति जताई है, जिनमें टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को 'शून्य' तक कम करना तथा ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि उत्पाद और कोयले सहित 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी सामान खरीदना शामिल है। सूत्रों ने बताया कि अमेरिका के साथ 500 अरब डॉलर की व्यापार प्रतिबद्धता की शर्तों में विमान सौदों और अन्य संबंधित निवेशों को शामिल किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि नया व्यापार समझौता भारत के लिए अपार आर्थिक लाभ के द्वार खोलेगा। भारतीय सरकार के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-नवंबर में अमेरिका को भारत का निर्यात सालाना आधार पर 15.88 प्रतिशत बढ़कर 85.5 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 46.08 अरब डॉलर रहा। इससे पहले एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी उत्पादों को खरीदने की प्रतिबद्धता में फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार, रक्षा, पेट्रोलियम और विमान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह प्रक्रिया कई वर्षों में पूरी की जाएगी। recent visitors 28

शिव-विवाह उत्सव की तैयारियां पूरी, उज्जैन में बाबा महाकाल नौ स्वरूपों में देंगे दर्शन

उज्जैन  महाशिवरात्रि में कुछ ही दिन का समय शेष बचा है। लेकिन शिव और पार्वती के विवाह के इस त्योहार को लेकर उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। मंदिर की दीवारों से लेकर शिखर पर रंग-रोगन किया जा रहा है। इसी के साथ 6 फरवरी से मंदिर में 9 दिनों तक चलने वाले उत्सव की शुरुआत होगी, जिसमें बाबा भक्तों को नौ अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे। बाबा महाकाल की नगरी में महाशिवरात्रि का त्योहार 9 दिन तक चलता है, जो 6 फरवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रोजाना भगवान का रुद्राभिषेक, 24 घंटे निराकार रूप में दर्शन और जलधारी, रात के समय स्नान और वस्त्र धारण का कार्यक्रम रहेगा। साथ ही अलग-अलग नौ विग्रहों की स्थापना और पूजा की जाएगी। ये नौ दिन भगवान की पूजा नवरात्रि के नौ दिनों जैसी होती है। भक्तों के लिए मंदिर भी खुले रहेंगे और भक्त बाबा महाकाल पर जलधारी अर्पित कर पाएंगे। महाकाल मंदिर के पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि पहले दिन बाबा का दुशाला ओढ़ाकर श्रंगार होता है और फिर दूसरे दिन बाबा को शेषनाग धारण कराए जाते हैं। तीसरे दिन घटाघटा स्थापित किया जाता है, जो शिवलिंग के समान ही होता है। चौथे दिन प्रभु के छवि दर्शन होते हैं और पांचवें दिन बाबा को मन-महेश, उमा महेश, शिव तांडव और होलकर के रूप में सजाया जाता है। इस वर्ष 15 फरवरी को होने वाली खास पूजा और अनुष्ठान पर पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि 15 फरवरी को जलधारी के साथ चारों पहर की पूजा और आरती होगी और रात के समय स्नान के साथ बाबा को दूल्हे के रूप में श्रंगार कर सजाया जाएगा और रात को विशेष श्रंगार पूजा होगी, जिसे सेहरा दर्शन भी कहा जाता है। इस दौरान नौ दिनों तक मंदिर परिसर में भजन और कीर्तन का आयोजन होगा और भक्तों के आगमन के लिए तैयारियां की जा रही हैं क्योंकि महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में भीड़ बढ़ जाती है। मंदिर में हो रही तैयारी पर उन्होंने कहा कि गर्भगृह की सफाई, मंदिर के कुंड़ों की सफाई और रंग-रोगन का काम शुरू हो चुका है, जिसे 6 फरवरी तक खत्म करने की कोशिश रहेगी। अधिकारियों ने देखी व्यवस्था महापर्व 2026 के अवसर पर ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम बनाए जाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह द्वारा आज श्री महाकालेश्वर मंदिर परिक्षेत्र एवं श्री महाकाल लोक के आंतरिक एवं बाह्य क्षेत्रों का विस्तृत भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान रोशन कुमार सिंह ने दर्शन मार्ग, श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं तथा भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही मंदिर परिसर एवं श्री महाकाल लोक में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया गया तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों को कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए, जिससे महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस अवसर पर मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक, अतेंद्र सिंह एडीएम उज्जैन अभिलाष मिश्रा आयुक्त नगर पालिका निगम एवं संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि, मंदिर अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 29

लाइन-2 की पीएम मोदी रखेंगे आधारशिला!, जयपुर मेट्रो का बदलेगा नाम

जयपुर. जयपुर मेट्रो पर नया अपडेट आया है। जल्द ही जयपुर मेट्रो को नाम मिल सकता है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में जयपुर मेट्रो लाइन-2 की आधारशिला रख सकते है। मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि आधारशिला समारोह के बाद जयपुर मेट्रो रेलवे निगम (जेएमआरसी) का नाम बदलकर राजस्थान मेट्रो रेलवे निगम (आरएमआरसी) हो जाएगा। अंतिम मंजूरी अभी बाकी है जयपुर मेट्रो रेलवे निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस बारे में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुरोध किया है। हालांकि, केंद्रीय मंत्रिमंडल से परियोजना को अंतिम मंजूरी अभी बाकी है। अधिकारियों ने कहा कि वे पीएमओ से अंतिम मंजूरी और शिलान्यास समारोह की निश्चित तिथि दोनों की एक साथ मिलने की उम्मीद है। जयपुर मेट्रो को जल्द मिलेगा नया नाम मेट्रो के एक अधिकारी के अनुसार जयपुर मेट्रो (कोलकाता मेट्रो के अलावा) एकमात्र मेट्रो है, जिसका निर्माण और संचालन राज्य सरकार ने किया है। अब, हम निगम को केंद्र और राज्य के बीच एक संयुक्त उद्यम इकाई में बदलकर आरएमआरसी का गठन करेंगे। recent visitors 30

धान खरीदी को लेकर बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में 2 दिन और बढ़ी तारीख

रायपुर राज्य सरकार ने धान खरीदी की समय अवधि दो दिन बढ़ा दी है। अब चार और पांच फरवरी को भी धान खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि समीक्षा में जानकारी मिली कि कुछ किसानों के टोकन नहीं कट पाए हैं, कुछ पंजीयन नहीं कर पाए। इसलिए समय अवधि बढ़ाई जा रही है। राज्य के ऐसे किसान जो पंजीकृत है और जिनका टोकन कट चुके है, उन किसानों का धान खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के दिवस में बढ़ोतरी की  ने अपनी पड़ताल के बाद खबर प्रकाशित कर सरकार को चेताया था कि टोकन कट जाने के बाद भी प्रदेश के लगभग ढाई लाख किसानों का धान नहीं बिक पाया है। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले को संज्ञान में लिया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी जिलों से जानकारी मांगी थी और इसके बाद मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के दिवस में बढ़ोतरी कर दी। अब तक 140 लाख टन धान की खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू धान खरीदी का महाभियान के तहत 31 जनवरी 2026 तक 25 लाख 11 हजार से अधिक किसानों से लगभग 140 लाख टन धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को 33 हजार 149 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत किया जा चुका है। राज्य में इस वर्ष 27 लाख 43 हजार 145 किसानों ने पंजीयन कराया है। 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया हुई है। शासन की यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक किसान को ही लाभ मिले और बिचौलियों अथवा फर्जी प्रविष्टियों की कोई गुंजाइश न रहे। यह भी पढ़ें- रायपुर-दुर्ग के बीच सफर होगा और भी आसान, सिरसा गेट और खुर्सीपार में बनेंगे ग्रेड सेपरेटर, ₹77 करोड़ मंजूर ये किसान होंगे धान बेचने के पात्र   ऐसे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन तो किया था, लेकिन उनका भौतिक सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।  वे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद आवेदन किया और सत्यापन के दौरान जिनके पास वास्तव में धान का स्टॉक (बचा हुआ धान) पाया गया है।  ऐसे किसान जिन्हें 28, 29 या 30 जनवरी 2026 के लिए टोकन जारी किया गया था, लेकिन वे किसी भी कारणवश निर्धारित तिथि पर अपना धान नहीं बेच पाए थे। हमने धान खरीदी की समीक्षा की है। कुछ किसान जिनका टोकन कट गया था और धान नहीं बेच पाए थे और कुछ किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया था। इसलिए दो दिन और किसानों का धान खरीदेंगे। – विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़     recent visitors 28

होटल कर्मचारी की साजिश नाकाम, 75 लाख की लूट में 4 आरोपी गिरफ्तार

 नरसिंहपुर.  जिला मुख्यालय के मुशरान पार्क चौराहा के समीप स्थित होटल कुसुम वैली में हुई करीब 75 से 80 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के 4 आरोपियों को पुलिस ने चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया। 2-3 जनवरी की दरमियानी रात्रि करीब 2.30 बजे जिला मुख्यालय में मुशरान पार्क चौराहा के पास स्थित होटल कुसुम वैली के कर्मचारियों ने थाना में सूचना दी कि 3–4 नकाबपोश बदमाशों ने होटल में जबरन प्रवेश कर वहां रखी नकद राशि लूट ली है। सूचना मिलते ही सुबह 4 बजे पुलिस अधीक्षक डा. ऋषिकेश मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के साथ स्वयं घटनास्थल पहुंचे और मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। होटल में रखी रकम बना लालच की वजह जांच के दौरान सामने आया कि होटल कर्मचारी अनुज कुमार वाल्मीकि को होटल में रखी नकदी की पूर्व जानकारी थी। लालच में आकर उसने यह जानकारी रात्रिकालीन मैनेजर चंद्रेश रजक एवं राकेश कुमार शुक्ला को दी। फिर अनुज ने अपने साथी मोनू उर्फ डइया वंशकार निवासी रिप्टापार से संपर्क कर इस राशि को हड़पने की साजिश रची। इसके तहत मोनू अपने अन्य तीन साथियों के साथ होटल में पहुंचा और वहां मौजूद अनुज, राकेश शुक्ला व चंद्रेश रजक से दिखावटी मारपीट की और ड्राज में रखी हुई रकम निकालकर वहां से फरार हो गए।     पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए।     सीसीटीवी फुटेज लूट की साजिश उजागर करने में अहम कड़ी साबित हुई, जिसके आधार पर पुलिस ने तेजी से आरोपियों तक पहुंच बनाई। 4 गिरफ्तार, 3 फरार पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने देर शाम पत्रकारवार्ता आयोजित कर वारदात के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मामले में आरोपी चंद्रेश रजक निवासी यादव कॉलोनी नरसिंहपुर, राकेश कुमार शुक्ला निवासी लखीमपुर खीरी उ.प्र., हाल निवास नरसिंहपुर, अनुज कुमार वाल्मीकि निवासी लखीमपुर खीरी उ.प्र., हाल निवास नरसिंहपुर एवं मोनू उर्फ डइया बंशकार निवासी रिपटा पार, नरसिंहपुर को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में संलिप्त 3 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।   recent visitors 44

ट्रेड डील पर सरकार घिरी? शशि थरूर बोले—खुश होने से पहले शर्तें देश के सामने रखिए

नई दिल्ली मंगलवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार से स्पष्टता की मांग की। थरूर ने कहा कि भले ही भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ (शुल्क) को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसद करना सकारात्मक हो सकता है, लेकिन सरकार को इसके सभी पहलुओं और विवरणों को सार्वजनिक करना चाहिए। थरूर ने कहा कि वे इस डील को लेकर जश्न मनाना चाहेंगे लेकिन पहले सरकार बताए तो कि मसला क्या है? शशि थरूर की मुख्य आपत्तियां एएनआई से बात करते हुए थरूर ने सरकार की कार्यशैली और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा- हमारे पास राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट हैं; क्या संसदीय लोकतंत्र में इतना ही काफी है? क्या भारत सरकार को देश की जनता को यह नहीं समझाना चाहिए कि इस सौदे में वास्तव में क्या है? उन्होंने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र पर समझौते के प्रभाव को लेकर चिंता जताई। थरूर ने कहा कि यदि अमेरिका भारत को अपने कृषि उत्पादों का बड़ा बाजार बनाना चाहता है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि भारतीय किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर अमेरिका 500 अरब डॉलर के व्यापार की बात कर रहा है, जबकि भारत का कुल आयात बिल लगभग 700 अरब डॉलर है, तो क्या भारत को अन्य देशों से आयात कम करना पड़ेगा। थरूर ने कहा- विपक्ष सिर्फ इतना जानना चाहता है कि इस समझौते में है क्या। अगर यह अच्छी खबर है तो हम खुशी-खुशी इसका स्वागत करेंगे, लेकिन सरकार को देश को बताना चाहिए कि इसमें कौन-सी शर्तें शामिल हैं। कांग्रेस पार्टी के तीखे सवाल कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर कर सरकार से कई कड़े सवाल पूछे हैं- घोषणा का तरीका: कांग्रेस ने आपत्ति जताई कि युद्धविराम की तरह इस व्यापार समझौते की घोषणा भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा की गई। यह भी कहा गया कि यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर हुआ है। 'जीरो' टैरिफ का डर: ट्रंप के दावे के अनुसार, भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को 'शून्य' करने पर सहमत हो गया है। कांग्रेस का मानना है कि इससे भारतीय बाजार पूरी तरह अमेरिका के लिए खुल जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। रूसी तेल पर पाबंदी: सबसे बड़ा सवाल रूसी तेल को लेकर है। कांग्रेस ने पूछा है कि क्या मोदी सरकार ने ट्रंप के दावे के अनुसार रूस से मिलने वाले रियायती तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जता दी है? विपक्ष का मुख्य तर्क यह है कि किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते को केवल सोशल मीडिया घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार संसद और जनता के सामने इस सौदे का पूरा कच्चा चिट्ठा रखे ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा कैसे की जा रही है। recent visitors 36

भारी ओलावृष्टि से ग्वालियर में तबाही: 4 इंच बर्फ जमी, फसलों को भारी नुकसान

ग्वालियर.  पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते ग्वालियर जिले में मंगलवार सुबह वर्षा और भारी ओलावृष्टि हुई। प्रकृति का यह प्रकोप भितरवार-चीनोर क्षेत्र के गांव कछौआ, बड़की सराय, जुझारपुर, भोरी, ररुआ, चीनोर, आंतरी, करहिया और सिकरौदा समेत 12 से अधिक गांवों में देखा गया। जहां पर भीषण ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी अधिक थी कि खेतों में फसलों के ऊपर चार-चार इंच तक बर्फ जम गई। बर्फ की चादर से ढका कश्मीर जैसा नजारा मंजर ऐसा था कि दूर-दूर तक फैली हरियाली गायब हो गई और पूरा इलाका बर्फ की चादर से ढका कश्मीर जैसा नजर आने लगा। किसानों के मुताबिक गेहूं, सरसों व चना आदि फसलों में 70 से 90 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीमें फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए मौके पर पहुंची। कुछ गांवों में कलेक्टर रुचिका चौहान भी नुकसान को देखने के लिए पहुंची। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आगामी 24 घंटों में गरज चमक के साथ वर्षा व ओलावृष्टि की संभावना अभी बनी हुई है। साथ ही कोहरा भी रहेगा। आसमानी बिजली से किसान की मौत शिवपुरी में आसमानी बिजली की चपेट में आने से एक किसान की मौत भी हो गई। कई खेतों में तो नुकसान का आकलन 70 से 90 प्रतिशत तक बताया जा रहा है। ओलावृष्टि की सूचना के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने बड़की सराय व सिकरौदा गांव में पहुंचकर ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्र निरीक्षण किया और किसानों से बात की। शिवपुरी में बिजली गिरने से किसान झुलसा शिवपुरी के सिलानगर निवासी वीर सिंह पुत्र रामप्रसाद आदिवासी उम्र 25 साल गांव में बटाई से खेती करता है। रात में खेत पर फसल की रखवाली के लिए रुका था। इसी दौरान तेज आंधी, वर्षा आदि से बचने के लिए वह खेत में बनी झोंपड़ी के अंदर जाकर सो गया। इसी दौरान आसमानी बिजली झोपड़ी गिरी, जिससे झोंपड़ी में आग लग गई। किसान झोपड़ी में लगी आग की चपेट में आ गया, जिससे उसकी जलने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर मर्ग कायम कर लिया है।   recent visitors 36