Saturday, July 4, 2026 12:53 pm

कृषि क्षेत्र में बड़ा राहत: विष्णु सरकार ने किसानों के खाते में ट्रांसफर किए 1061 करोड़, दूर होंगे कष्ट

राजनांदगांव छतीसगढ़ की साय सरकार ने राजनांदगांव जिले के किसानों को बड़ा सौगात दी है। साय सरकार ने किसानों के खाते में 1061 करोड़ डाल दिए हैं। राजनांदगांव जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का यह सीजन किसानों के लिए आर्थिक राहत बनकर सामने आया है। इस बार धान विक्रय के बाद किसानों के खातों में 1061 करोड़ रुपए से अधिक की राशि पहुंची है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है, बल्कि स्थानीय बाजारों में भी बहार लौटने का संकेत है एक लाख से ज्यादा किसानों ने बेचा धान जिला सहकारी बैंक के अनुसार इस खरीफ सीजन में जिले के 1 लाख 24 हजार 95 किसानों ने धान खरीदी केंद्रों में अपनी फसल बेची। केंद्र सरकार से घोषित 2369 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को कुल 1483 करोड़ 51 लाख रुपए का भुगतान किया गया। धान बिक्री की कुल राशि में से 42245.15 लाख रुपये की कटौती लिंकिंग के तहत की गई थी। कटौती के बाद किसानों के खातों में 1061 करोड़ की राशि जमा हुई। किसानों के खातों में राशि  पहुंच गई और अब बाजारों में भी रौनक लौट सकती है। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा जैसे क्षेत्रों से जुड़े व्यापारियों व्यापार में लाभ होने की उम्मीद है। व्यापारियों का कहना है कि धान खरीदी के बाद बाजार में उछाल आता है, इसका बाजार में असर भी दिखने लगा है। विवाह से जुड़े सामग्री की बिक्री शुरू हो गई है तो वहीं ट्रैक्टर सहित मोटर साइकिल, कार की बुकिंग हो रही है।  लिहाजा साय सरकार की सौगात से किसानों की स्थिति में सुधार आएगा ।  recent visitors 22

कैबिनेट मीटिंग में अहम निर्णय: एंटी नार्कोटिक्स टीम से लेकर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों तक बड़े बदलाव

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार 4 फरवरी को मंत्रिमंडल की बैठक की गई. कैबिनेट सदस्यों के बीच कई विषयों पर चर्चा हुई, जिसके बाद अहम मुद्दों पर मुहर लगाई गई. इस बैठक में नशे पर शिकंजा कसने 10 जिलों में एंटी नार्कोटिक्स टीम के गठन किए जाने का फैसला लिया गया है. साथ ही पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का गठन होगा, जिसके लिए 44 नए पद स्वीकृत किए गए हैं. साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय 1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई. इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं. 2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है. एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है. एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है. 3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया. जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी. विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा. इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी. फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा. 4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया. इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा. छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा. भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा. 5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है. इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी. हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी. अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है. एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है. इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी. 6. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके. 7. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है. गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है. इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है. विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था. वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है. साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है. 8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है. छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया. छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी. किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा. सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे. कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है. इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी. साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी. 9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है. भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है. इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा. मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों … Read more

लंबित देयों का मानवीय व न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री

लंबित आवास मामलों के निस्तारण हेतु ‘एकमुश्त समाधान योजना’ लागू करें: मुख्यमंत्री सभी पात्र आवंटियों तक ओटीएस योजना की जानकारी पहुंचे, मुख्यमंत्री ने व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए लंबित देयों का मानवीय व न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री डिफॉल्टर मामलों के निस्तारण में गति लाएं, प्रक्रिया को पूरी तरह यूजर-फ्रेंडली बनाएं: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में लंबित आवासीय और व्यावसायिक आवंटनों के त्वरित निस्तारण के लिए एक नई ‘एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस-2026)’ लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित देयों और विवादित मामलों के कारण न केवल योजनाओं की प्रगति प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था लागू करना है, जिसमें समाधान तेज, पारदर्शी और सभी के लिए व्यावहारिक हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की किसी भी योजना में लंबित भुगतान या विवादित आवंटन राज्य की विकास गति को धीमा करते हैं। इसलिए आवास विभाग को ऐसी समाधान-प्रधान व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे विभाग को आवश्यक राजस्व प्राप्त हो और आवंटियों को भी राहत मिले। उन्होंने कहा कि यह योजना जन-केंद्रित होनी चाहिए, जिसमें हर वास्तविक आवंटी को स्पष्ट और सरल विकल्प उपलब्ध हों। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में लागू की गई ओटीएस-2020 योजना से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ था, लेकिन कोविड-19 के कारण कई आवंटी अंतिम भुगतान नहीं कर पाए। विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में प्रदेश के विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में मौजूद ऐसे सभी डिफॉल्ट मामलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओटीएस-2026 योजना को अधिक व्यावहारिक और लाभकारी स्वरूप दिया जाए। एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को देयों पर उपयुक्त छूट दी जाए। साथ ही, किस्तों में भुगतान की सुविधा हो। उन्होंने कहा कि योजना के प्रावधानों को अंतिम रूप देते समय यह ध्यान रहे कि योजना के मूल में आम आदमी को राहत देने का ही भाव निहित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विभाग द्वारा प्रत्येक आवेदन का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में कर दिया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना लागू होने से हजारों आवंटियों को राहत मिलेगी और विभाग को राजस्व भी प्राप्त होगा।  मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिया कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे अवगत हो सकें। उन्होंने कहा, 'एकमुश्त समाधान योजना' के बारे में आम जनता के बीच सक्रिय रूप से जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि सभी पात्र लोग इसका लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजना की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल होनी चाहिए। recent visitors 26

ग्वालियर में कारों की ठगी का खुलासा, युवक ने 1.5 करोड़ की 17 कारें बनाई पुलिस के हाथों निशाना

ग्वालियर  ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने विभागों में लग्जरी वाहनों के अटैचमेंट के नाम पर फर्जी एग्रीमेंट कर कारें हायर करके हड़पने वाले 23 वर्षीय जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीए पास है और दो साल पहले तक टिफिन सेंटर चलाता था। इसके बाद उसने विभागों में गाड़ियों का अटैचमेंट कराने के नाम पर ठगी शुरू की। आरोपी अभय भदौरिया खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर बताकर लोगों पर इंप्रेशन डालता था। फर्जी दस्तावेज बनाकर कंपनियों और विभागों के नाम पर लग्जरी कार हायर करने के बाद वह इन्हें दो से पांच लाख रुपए में गिरवी रख देता था। इसके लिए वह फेक मालिक बनाकर दस्तावेज तैयार करता था। एक 7 सीटर कार का वह 85 हजार रुपए तक किराया देता था। इस तरह अब तक उसने 50 से अधिक कारें ठगने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 17 कारें बरामद की हैं। कारों का किराया नहीं दिया तो पता चली ठगी शहर के शताब्दीपुरम फेस-1 निवासी भास्कर शर्मा ने सोमवार क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। भास्कर अपने ट्रेवल एजेंसी श्री मधुवन जी ट्रेवल्स के माध्यम से अन्य लोगों को वाहन सेवाएं देते हैं। उनके अनुसार, अभय भदौरिया ने खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर बताकर उन्हें 7 सीटर कार के बदले 85 हजार रुपए और 5 सीटर कार के बदले 50 हजार रुपए देने का लालच दिया। भास्कर ने आरोपी को 19 कारें किराए पर दी, लेकिन अभय ने कारें सर्विस पर नहीं भेजीं और किराया भी नहीं दिया। जब भास्कर ने कंपनी में जाकर सत्यापित किया, तो पता चला कि अभय भदौरिया नाम का कोई भी व्यक्ति वहां काम नहीं करता है। बाद में भास्कर को पता हुआ कि अभय ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी कारें अन्य व्यक्तियों को गिरवी रखवा दी हैं। काफी दबाव डालने पर आरोपी ने कुछ कारें वापस की। इसी तरह रघुवीर रजक ने भी 20 कारें ठगे जाने की शिकायत की। पुलिस ने 1.5 करोड़ की कारें बरामद की है। पुलिस ने 1.5 करोड़ की कारें बरामद की है। 24 घंटे में गिरफ्तारी, 17 कारें बरामद मामला दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी की लोकेशन और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस मंगलवार को घटना का खुलासा किया। पहले आरोपी ने अपनी कहानी जारी रखी, लेकिन ट्रेवल एजेंसी के संचालक को सामने खड़े करने पर वह चुप हो गया। पुलिस ने जीपीएस ट्रैकिंग के माध्यम से 17 कारें बरामद की, जिनकी कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपए बताई गई है। आरोपी ने कुल 39 कारें ठगी का दावा किया है, पुलिस को संदेह है कि 50 से अधिक कारों से उसने ठगी की है।     भास्कर शर्मा की कारें: मारूति अर्टिगा, टाटा अल्ट्रोज, मारूति सियाज, टोयोटा अर्बन क्रूजर, महिंद्रा बोलेरो, मारूति स्विफ्ट, महिंद्रा स्कॉर्पियो – कुल 8 वाहन     रघुवीर रजक की कारें: मारूति स्विफ्ट, रेनॉल्ट ट्रायवर, मारूति अर्टिगा, महिंद्रा बोलेरो – कुल 7 वाहन     कुल बरामद वाहन: 15, कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपए कार का मालिक बताने वालों पर भी होगी कार्रवाई एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने कारें गिरवी रखीं, वे भी एक तरह से पीड़ित हैं। उनके साथ भी ठगी हुई है। कुछ लोगों ने खुद को कार का मालिक बताया था। उनके दस्तावेज जुटाकर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 18

गद्दाफी के परिवार पर जारी त्रासदी: बेटे सैफ अल-इस्लाम की लीबिया में मौत

गद्दाफी लीबिया के पूर्व शासक मुअम्मर गद्दाफी का बेटा सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी, मंगलवार को एक हमले में मारा गया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने उनकी टीम के एक बयान का हवाला देते हुए बताया कि मुअम्मर गद्दाफी के बेटे की मंगलवार को पश्चिमी लीबिया में हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सैफ अल-इस्लाम के घर में घुस आए चार अज्ञात बंदूकधारियों के साथ उनकी सीधी मुठभेड़ हुई और इस दौरान उनकी मौत हो गई। गद्दाफी के करीबी नेता अब्दुल्ला ओथमान अब्दुर्रहीम ने फेसबुक पर इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि चार नकाबपोश बंदूकधारियों ने दोपहर में जिंटान शहर में गद्दाफी के आवास पर धावा बोल दिया। हमलावरों ने कथित तौर पर मुठभेड़ से पहले सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे हमलावरों की पहचान पता नहीं चल पाई। वहीं सैफ अल-इस्लाम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को लेकर ज्यादा जानकारी फिलहाल सामने नहीं आ पाई है। सैफ की टीम ने लीबियाई कोर्ट और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से हमले की जांच करने, अपराधियों की पहचान करने और इस ऑपरेशन की योजना बनाने वालों को जवाबदेह ठहराने की अपील की है। कौन थे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी? लीबिया में 2011 में नाटो समर्थित विद्रोह के बाद भी सैफ यहां एक अहम नेता बने रहे। बता दें कि इस विद्रोह में उनके पिता मुअम्मर गद्दाफी मारे गए थे। गद्दाफी ने चार दशकों से अधिक समय तक लीबिया में राज किया था। सैफ ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई पूरी की थी और उन्हें कभी कई सरकारों द्वारा लीबिया का स्वीकार्य, पश्चिमी-अनुकूल चेहरा माना जाता था। कोई आधिकारिक पद ना होने के बावजूद, सैफ अल-इस्लाम को एक समय मेरा तेल समृद्ध उत्तरी अफ्रीकी देश में अपने पिता मुअम्मर गद्दाफी के बाद सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता था।रिपोर्ट्स के मुताबिक सैफ अल-इस्लाम ने कई उच्च-स्तरीय, संवेदनशील राजनयिक मिशनों में मध्यस्थता की। उन्होंने पश्चिम के साथ संबंध बनाए और खुद को एक सुधारक के रूप में पेश किया। साथ ही सैफ ने संविधान और मानवाधिकारों के सम्मान का भी आह्वान किया। हालांकि जब 2011 में गद्दाफी के लंबे शासन के खिलाफ विद्रोह हुआ, तो सैफ अल-इस्लाम ने अपनी दोस्ती के बजाय परिवार और कबीले की वफादारी को चुना और विद्रोहियों पर क्रूर कार्रवाई का मास्टरमाइंड बन गया। 2015 में, त्रिपोली की एक अदालत ने सैफ अल-इस्लाम को युद्ध अपराधों के लिए फायरिंग स्क्वाड द्वारा मौत की सजा सुनाई। इसके बाद 2017 में एक माफी कानून के तहत मिलिशिया द्वारा रिहा किए जाने के बाद से, सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी अंडरग्राउंड होकर जिंटान में रह रहे थे। recent visitors 27

JEE Main Answer Key 2026 जारी, jeemain.nta.nic.in पर करें चेक; 13 लाख अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा खत्म

नई दिल्ली JEE Main Answer Key 2026 OUT, jeemain.nta.nic.in : एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन सेशन 1 की आंसर-की जारी कर दी। परीक्षार्थी जेईई मेन आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर आंसर-की चेक व डाउनलोड कर सकते हैं। जेईई मेन की प्रोविजनल आंसर-की पर 6 फरवरी, 2026 तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। आंसर-की के साथ रिस्पॉन्स शीट भी आई है जिसे देखकर अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं। किसी प्रश्न के उत्तर पर आपत्ति होने पर उम्मीदवार प्रति सवाल 200 रुपये के हिसाब से ऑब्जेक्शन दर्ज करा सकेंगे। सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स सभी चैलेंज की जांच करेंगे और उसके आधार पर फाइनल आंसर की जारी होगी। फाइनल आंसर की के आधार पर परिणाम जारी होगा। आपको बता दें कि इस बार जेईई मेन 2026 सेशन 1 के लिए कुल 1350969 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें से 1300368 यानी 96.26 फीसदी ने एग्जाम दिया था। जेईई मेन सेशन 1 की परीक्षा 21, 22, 23, 24, 28 और 29 जनवरी, 2026 को हुई थी। पहले चार दिनों में पेपर 1 की परीक्षा दो शिफ्ट में हुई थी – पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक। पेपर 2 की परीक्षा आखिरी तारीख को एक ही शिफ्ट में हुई थी – सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक। JEE Mains 2026 Session 1 Answer Key Direct Link जेईई मेन में दो पेपर होते हैं। पेपर 1 एनआईटी, आईआईआईटी, अन्य केंद्र सरकार से फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस (CFTIs) और हिस्सा लेने वाली राज्य सरकारों द्वारा फंडेड/मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशंस/यूनिवर्सिटीज में अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम में एडमिशन के लिए होता है। जेईई मेन जेईई एडवांस्ड के लिए एलिजिबिलिटी टेस्ट भी है, जो आईआईटी में एडमिशन के लिए होता है। जेईई मेन पेपर 2 बीआर्क व बी प्लानिंग कोर्स में एडमिशन के लिए होता है। जेईई मेन 2026 सेशन 2 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 25 फरवरी तक करें आवेदन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE Main 2026 सेशन 2 (अप्रैल सत्र) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 फरवरी 2026 से शुरू कर दी है। जो छात्र इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर या प्लानिंग कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। महत्वपूर्ण तारीखें और समय अपरैल सत्र की परीक्षा उन छात्रों के लिए एक और सुनहरा मौका है जो जनवरी सत्र में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए या जो पहली बार परीक्षा में बैठ रहे हैं। रजिस्ट्रेशन शुरू: 1 फरवरी 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 (रात 9:00 बजे तक) शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 (रात 11:50 बजे तक) परीक्षा की तारीखें: 1 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 (संभावित: 2 से 9 अप्रैल) एडमिट कार्ड: परीक्षा से 3 दिन पहले जारी होंगे। सीटों का गणित इस वर्ष देशभर की आईआईटी, एनआईटी व आईआईआईटी की साढ़े 62 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग सीटों के लिए लगभग 13 लाख विद्यार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। आईआईटी में 18160, एनआईटी में 24525, ट्रिपल आईटी में 9940 और जीएफटीआई में 10228 सीटें उपलब्ध हैं। जेईई मेन से IIT तक का रास्ता जेईई मेन परीक्षाएं खत्म होने के बाद दोनों सत्रों के बेस्ट एनटीए स्कोर के आधार पर स्टूडेंट्स की रैंक जारी की जाएगी। जेईई मेन परिणाम में पहले 2,50,000 रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार जेईई एडवांस टेस्ट के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। जेईई एडवांस के जरिए आईआईटी में दाखिला मिलता है। आईआईटी एंट्रेंस जेईई एडवांस्ड भी वही दे सकेगा जिसके 12वीं में कम से कम 75 फीसदी मार्क्स होंगे। या फिर संबंधित बोर्ड एग्जाम में टॉप 20 परसेंटाइल उम्मीदवारों में से एक होंगे। recent visitors 21

शक्तियों का प्रयोग करने शशिकांत द्विवेदी प्राधिकृत, राज्य सहकारी बोर्ड में मनोनयन

रायपुर. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित बोर्ड की शक्तियों का प्रयोग करने शशिकांत द्विवेदी को प्राधिकृत किया गया है, जारी आदेश में लिखा है, छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 49 ( 8 ) तथा छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी नियम 1962 के नियम 43-ख के उपनियम (3) के प्रावधानों के अन्तर्गत गठित छानबीन समिति की बैठक दिनांक 03/02/2026 में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, रायपुर के बोर्ड की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए शशिकांत द्विवेदी को प्राधिकृत किए जाने की अनुशंसा की गयी है। छानबीन समिति की अनुशंसा के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 49 ( 8 ) के तहत् अन्य आगामी आदेश तक के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, रायपुर के बोर्ड की शक्तियों का प्रयोग करने हेतु शशिकांत द्विवेदी को प्राधिकृत किया जाता है। यह आदेश आज दिनांक 03/02/2026 को मेरे हस्ताक्षर एवं कार्यालयीन पदमुद्रा से जारी किया गया । recent visitors 35