Wednesday, July 8, 2026 6:53 am

ईरान-इजराइल टकराव का प्रभाव: जयपुर से उड़ान भरने वाले यात्रियों को झटका, खाड़ी रूट बाधित

जयपुर ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में लगाई गई अस्थायी बंदिशों का असर अब जयपुर से संचालित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी दिखने लगा है। जयपुर से खाड़ी देशों के लिए उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट्स को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने के बाद Etihad Airways की अबू धाबी जाने वाली फ्लाइट EY-327 रद्द कर दी गई है। इसी तरह Air Arabia की शारजाह के लिए उड़ान G9436 और Air India Express की दुबई जाने वाली फ्लाइट IX-195 भी कैंसिल कर दी गई है। इसके अलावा SpiceJet की दुबई जाने वाली फ्लाइट SG-57 भी रद्द की गई है। एयरपोर्ट प्रशासन की एडवाइजरी मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। प्रबंधन के अनुसार मिडिल ईस्ट क्षेत्र, खासकर इजराइल-ईरान संघर्ष के चलते कई अंतरराष्ट्रीय एयरस्पेस में अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे उड़ानों के समय और रूट में बदलाव संभव है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से फ्लाइट की ताजा स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें। बिना जानकारी के एयरपोर्ट आने से बचें और यात्रा की योजना एयरलाइन से संपर्क में रहकर ही बनाएं। एयरस्पेस बंद होने के कारण देरी, रद्दीकरण या रूट परिवर्तन जैसी स्थितियां बन सकती हैं, इसलिए अतिरिक्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने की सलाह दी गई है। दुबई और शारजाह रूट सबसे ज्यादा प्रभावित सूत्रों के मुताबिक दुबई और शारजाह रूट पर संचालित उड़ानों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। हालात सामान्य होने तक आने वाले दिनों में भी उड़ानों के संचालन में बदलाव की संभावना बनी हुई है। recent visitors 29

महंगाई में राहत: होली पर फ्री LPG सिलेंडर योजना से करोड़ों को फायदा

लखनऊ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में पूरे देश के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। पीएमयूवाई के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को मंजूरी दी गई है। होली के मौके पर एक बड़े वर्ग को फ्री में एलपीजी गैस सिलेंडर मिलने वाला है। ये फ्री सिलेंडर उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) लाभार्थियों को मिलेगा। आइए इस योजना के बारे में जान लेते हैं। 1.86 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) लाभार्थियों के लिए गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी के रूप में 1,500 करोड़ रुपये जारी किए। इसके तहत लाभार्थी होली से पहले या बाद में अपनी नजदीकी एजेंसी से भरा हुआ एलपीजी सिलेंडर मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। बता दें कि योगी सरकार ने रिफिल सब्सिडी योजना 2022 में शुरू की थी। इस योजना के तहत होली के अलावा दिवाली में भी लाभार्थियों को फ्री एलपीजी सिलेंडर मिलता है। उज्ज्वला योजना के बारे में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत मई 2016 में पूरे देश के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए की गई थी। पूरे देश में लगभग 10.50 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन हैं। हाल ही में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने पीएमयूवाई के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन को मंजूरी दी गई है। पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी को ज्यादा किफायती बनाने और उनके द्वारा एलपीजी का निरंतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए, मई 2022 में सरकार ने पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 200 रुपये (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से निर्धारित) सब्सिडी देनी शुरू की। कुछ साल बाद में इसे बढ़ाकर 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से निर्धारित) कर दिया गया। क्या है जरूरी दस्तावेज? प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नामांकन प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड, राशन कार्ड, पता प्रमाण, पासपोर्ट साइज का फोटो औ बैंक विवरण शामिल हैं। आवेदन पत्र आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भरें। इसके बाद तेल कंपनी का नाम चुनना होगा। उदाहरण के लिए इंडेन / भारतगैस / एचपी गैस कनेक्शन का प्रकार चुनना होगा। इसके अलावा राज्य, जिला और वितरक का नाम चुनें। मोबाइल नंबर, कैप्चा और ओटीपी दर्ज करें। परिवार के सभी विवरण, व्यक्तिगत विवरण, पता विवरण, बैंक विवरण भरें, सिलेंडर के प्रकार चुनें, ग्रामीण या शहरी चुनें और घोषणा का चयन करके सबमिट करें। एलपीजी सिलेंडर के दाम बता दें कि होली से ठीक पहले कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं जबकि घरेलू सिलेंडर के मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में रविवार से 19 किलोग्राम वाला कॉमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर 1,768.50 रुपये का हो गया है। यह मार्च 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इस साल लगातार तीसरी बार वृद्धि हुई है। वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 08 अप्रैल 2025 के बाद से कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। दिल्ली में इसकी कीमत 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये पर स्थिर है।   recent visitors 31

वैश्विक निवेश, टेक्नोलॉजी और भरोसे के दम पर बदलता उत्तर प्रदेश

1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा यूपी, सिंगापुर-जापान दौरे ने खोले नए द्वार 2.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव बने ‘ब्रांड योगी’ पर भरोसे की नई कहानी बेहतरीन कानून व्यवस्था और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बना निवेश का आधार लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। यह वही प्रदेश है, जिसे नौ साल पहले अत्यधिक जनसंख्या और पिछड़ेपन के संदर्भ में देखा जाता था। आज वही उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश, अत्याधुनिक तकनीक और निर्णायक नेतृत्व के बल पर 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास से बढ़ रहा है। यह बदलाव आकस्मिक नहीं है। इसके पीछे एक स्पष्ट विजन, कठोर प्रशासनिक इच्छाशक्ति और निवेशकों को दिया गया भरोसेमंद वातावरण है। हालिया सिंगापुर और जापान दौरे से लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे उत्तर प्रदेश के लिए विश्वास और अवसर का नया अध्याय बताया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह दौरा केवल निवेश जुटाने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के बदलते विकास मॉडल को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर था। सिंगापुर-जापान दौरा: कूटनीति से अर्थनीति तक हालिया सिंगापुर-जापान दौरा केवल एक शिष्टाचार यात्रा नहीं था। यह आर्थिक कूटनीति का सुविचारित प्रयास था। सरकार-से-सरकार (G2G), सरकार-से-व्यवसाय (G2B) और उद्योग-से-उद्योग (B2B) संवादों के माध्यम से 60 से अधिक उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। नतीजा, जापान में लगभग ₹90,000 करोड़ के एमओयू और ₹1.5 लाख करोड़ तक के निवेश प्रस्ताव तथा सिंगापुर में ₹60,000 करोड़ के एमओयू और लगभग ₹1 लाख करोड़ तक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। कुल मिलाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को मुख्यमंत्री ब्रांड यूपी पर वैश्विक भरोसे की मुहर मानते हैं। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश अब निवेशकों के लिए केवल संभावनाओं का प्रदेश नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की क्षमता वाला राज्य बन चुका है। उत्तर प्रदेश अब निवेश मानचित्र पर उभरता विकल्प नहीं, विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है। ‘ब्रांड योगी’: नीति, निर्णायकता और विश्वास किसी भी निवेश का पहला आधार आंकड़े नहीं, विश्वास होता है। उत्तर प्रदेश में यह विश्वास दो स्तरों पर निर्मित हुआ है। पहला राष्ट्रीय नेतृत्व की वैश्विक साख और दूसरा प्रदेश नेतृत्व की प्रशासनिक दृढ़ता। मुख्यमंत्री का मानना है कि पिछले वर्षों में प्रदेश ने कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और सेक्टोरल नीतियों में जो संरचनात्मक सुधार किए हैं, उसी का परिणाम है कि सिंगापुर और जापान जैसे विकसित देशों के निवेशक बड़े पैमाने पर राज्य में रुचि दिखा रहे हैं। एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब जैसे प्रोजेक्ट्स को सीएम योगी इस भरोसे की आधारशिला बताते हैं। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: निवेश से आगे की सोच जापान और सिंगापुर दौरे की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि फोकस केवल पूंजी निवेश पर नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और कौशल विकास पर भी रहा। दौरे के दौरान ग्रीन हाइड्रोजन, क्लीन एनर्जी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, फिनटेक, मेडिटेक व डीपटेक जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाश की गईं। मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि उत्तर प्रदेश को दीर्घकालिक औद्योगिक शक्ति बनाना है तो उसे भविष्य की तकनीकों से जुड़ना ही होगा। कानून व्यवस्था: निवेश की असली रीढ़ किसी भी औद्योगिक विकास की सबसे मजबूत नींव कानून व्यवस्था होती है। उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में निर्णायक सुधार किए हैं। माफिया और संगठित अपराध पर सख्ती, निवेशकों की सुरक्षा की गारंटी और प्रशासनिक जवाबदेही ने प्रदेश की छवि को बदला है। आज निवेशक उत्तर प्रदेश को एक स्थिर, सुरक्षित और सुनियोजित नीति वाले राज्य के रूप में देखते हैं, जो बड़े निवेश के लिए अनिवार्य शर्त है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट मत है कि मजबूत कानून व्यवस्था के बिना औद्योगिक विकास संभव नहीं है। वह कहते हैं कि पिछले वर्षों में माफिया और संगठित अपराध पर सख्ती तथा प्रशासनिक जवाबदेही ने प्रदेश की छवि बदली है। निवेशक सुरक्षा, स्थिरता और पारदर्शिता चाहते हैं। उत्तर प्रदेश ने यह भरोसा दिया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: प्रक्रिया से परिणाम तक योगी सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन अनुमतियां और समयबद्ध स्वीकृतियों से उद्योगों के लिए प्रक्रियागत बाधाएं कम की हैं। उत्तर प्रदेश अब निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाकर प्रतिस्पर्धी राज्यों की श्रेणी में खड़ा है। जो प्रक्रियाएं कभी महीनों लेती थीं, वे अब तय समय-सीमा में पूरी हो रही हैं। उत्तर प्रदेश ने वास्तव में ‘रेड टेप’ की जटिलता से निकलकर ‘रेड कार्पेट’ की संस्कृति को अपनाया है, जहां निवेशक को अड़चनों से नहीं, समाधान से संतुष्ट किया जाता है। यही प्रशासनिक दक्षता और नीतिगत स्पष्टता आज वैश्विक निवेशकों के बीच प्रदेश को प्रतिस्पर्धी, विश्वसनीय और परिणामोन्मुख गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है। रोजगार, युवा और 1 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रस्तावित निवेश धरातल पर उतरते हैं तो लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आईटी, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, रक्षा उत्पादन, ग्रीन एनर्जी और एमएसएमई सेक्टर में निवेश प्रदेश की आर्थिक संरचना को नई मजबूती देगा। उनका कहना है कि 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि व्यापक आर्थिक परिवर्तन का रोडमैप है, जहां उद्योग, कृषि, सेवाएं और निर्यात की समान भागीदारी अनिवार्य है। recent visitors 28

पर्यटकों के लिए जरूरी सूचना: होली के दौरान 3 मार्च से जंगल सफारी रहेगी बंद

रायपुर  होली की छुट्टियों में अगर आप नवा रायपुर स्थित एशिया की सबसे बड़ी मानव-निर्मित नंदनवन जंगल सफारी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। सफारी प्रबंधन ने होली पर्व और सालाना मेंटेनेंस कार्य को ध्यान में रखते हुए 3 मार्च से 5 मार्च 2026 तक जंगल सफारी को पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया है। बता दें कि जंगल सफारी के संचालक सह वनमंडलाधिकारी द्वारा इस संबंध में अनुमति मांगी गई थी, जिस पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ अरुण कुमार पांडे ने अनुमति प्रदान की है। जारी आदेश के अनुसार, तीन दिनों तक किसी भी पर्यटक को सफारी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर फैसला सफारी प्रबंधन के अनुसार, होली के दौरान जंगल सफारी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भीड़भाड़ और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ने की आशंका रहती है। इससे शासकीय सीमाएं और सफारी क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा, हर साल इस अवधि में वार्षिक रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य संपादित करने की आवश्यकता होती है। इसलिए, 3 मार्च से 5 मार्च 2026 तक जंगल सफारी को पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया है। सफारी प्रबंधन ने पर्यटकों से की अपील सफारी प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे 3 दिवसीय बंदी को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। होली की छुट्टियों के दौरान सफारी भ्रमण का कार्यक्रम न तय करें और वैकल्पिक तिथियों का चयन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के बाद सफारी पूर्व निर्धारित समय पर पुनः पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी। recent visitors 23

जॉब अलर्ट: 1500+ सरकारी पदों पर सीधी भर्ती का सुनहरा मौका, एक क्लिक में जानें आवेदन से वेतन तक सब कुछ

भोपाल सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका है। दरअसल, मध्य प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड यानी एमपीईएसबी ने 1500 से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती निकाली है। जिसमें वनरक्षक के 728, जेल प्रहरी के 757 और असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट के लिए 25 पद शामिल है। इन पदों पर सीधी भर्ती होगी। आवेदन शुरू, 14 मार्च अंतिम तारीख मध्य प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड ने 1500 से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती निकाली हैं। इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं। इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन एप्लीकेशन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी। वहीं 19 मार्च 2026 तक फॉर्म में सुधार करने की आखिरी तारीख तय की गई है। ऑनलाइन मंगवाए गए आवेदन, जानें एप्लीकेशन की फीस इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं। इच्छुक उम्मदीवार www.esb.mp.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। अभ्यर्थी केवल ऑनलाइन ही आवेदन कर सकेंगे। जनरल के लिए 500 रुपये और एसटी-एससी-ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए 250 रुपये फीस तय की गई है। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशन से 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी है। आयु सीमा, कम से कम 18 साल का होना चाहिए और रिजर्व कैटगरी को उम्र में छूट दी जाएगी। उम्र 1 जनवरी 2026 के हिसाब से की जाएगी। आयु सीमा से संबंधित ज्यादा जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट का अवलोकन करें। परीक्षा और चयन प्रक्रिया इन पदों पर परीक्षा की तारीख भी घोषित की गई है। एमपीईएसबी के मुताबिक, वनरक्षक परीक्षा 7 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। यह एग्जाम प्रदेश के अलग अलग सेंटर पर होंगे। परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह 10 से दोपहर 12 और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। बात करें चयन प्रक्रिया की तो परीक्षा के बाद नंबरों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। वेतन आपको बता दें कि वन रक्षक, क्षेत्र रक्षक और जेल प्रहरी के पदों का वेतनमान समान रहेगा। वहीं असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट की सैलरी 1 लाख 14 हजार 800 तक रहेगी। recent visitors 22

सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान से बदली तकदीर: आजमगढ़ के अविनाश ने बनाई डिजिटल लाइब्रेरी चेन

बिना गारंटी पांच लाख का ऋण, संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक की यात्रा डेढ़ वर्ष में दूसरी शाखा शुरू, प्रयागराज में विस्तार की तैयारी लखनऊ, उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रहा है। आजमगढ़ के 25 वर्षीय अविनाश सिंह इसकी सशक्त मिसाल बनकर उभरे हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने सरकारी योजना का लाभ उठाकर न केवल स्वयं का व्यवसाय स्थापित किया, बल्कि पांच युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया। अधिकारियों से मिला मार्गदर्शन बीएससी गणित की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी करने वाले अविनाश एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। परिवार में माता-पिता तथा पांच भाई बहन हैं। बड़ा बेटा होने के कारण घर की आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। परिवार की सीमित आय और भविष्य की चिंताओं के बीच उन्होंने रोजगार की तलाश के बजाय उद्यमिता का रास्ता चुना। जनवरी 2025 में उन्हें ऑनलाइन माध्यम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी मिली। योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने जिला उद्योग केंद्र में संपर्क किया और आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन प्रक्रिया पूरी की। अधिकारियों के मार्गदर्शन से उनका आवेदन शीघ्र स्वीकृत हुआ। बिना गारंटी मिला 5 लाख का लोन फरवरी 2025 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से उन्हें पांच लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। यह ऋण बिना किसी गारंटी और बिना कुछ गिरवी रखे मिला। 21 फरवरी को पहली किस्त के रूप में 2 लाख 57 हजार रुपये और एक सप्ताह बाद दूसरी किस्त के रूप में 1 लाख 53 हजार रुपये सीधे उनके खाते में जमा किए गए। योजना के तहत ब्याज में भी विशेष राहत प्रदान की गई। प्राप्त राशि से अविनाश ने आजमगढ़ में ‘विद्या डिजिटल लाइब्रेरी’ की स्थापना की। यहां छात्रों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों के माध्यम से ऑनलाइन अध्ययन की सुविधा दी जाती है। क्षेत्र के विद्यार्थियों को शांत और तकनीकी रूप से सुसज्जित वातावरण उपलब्ध कराने की इस पहल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। वर्तमान में इस उद्यम से उन्हें प्रतिमाह 30 हजार रुपये से अधिक की आय हो रही है, साथ ही वे नियमित रूप से 10 हजार रुपये से अधिक की मासिक किस्त जमा कर रहे हैं। सफलता से मिला उत्साह, तीसरी लाइब्रेरी शुरू करेंगे व्यवसाय की सफलता से उत्साहित होकर अविनाश ने आजमगढ़ में ही दूसरी डिजिटल लाइब्रेरी भी शुरू कर दी। अब वे वर्ष के मध्य तक प्रयागराज में तीसरी शाखा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। अल्प समय में मिली सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है। अविनाश का कहना है कि यदि युवा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करें, तो आत्मनिर्भरता का लक्ष्य दूर नहीं है। उनका मानना है कि यह अभियान उन युवाओं के लिए अवसर का द्वार है जो स्वयं का व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं। अविनाश की यात्रा यह दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और परिश्रम के बल पर युवा न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं, बल्कि समाज में रोजगार सृजन की नई राह भी खोल सकते हैं। recent visitors 25

नाबालिग छात्रा का VIDEO बनाता पकड़ा गया पटवारी, ग्रामीणों की पीटाई

राजगढ़ मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में एक पटवारी की जमकर पिटाई की गई। बताया जा रहा है कि उसने नाबालिग छात्रा का नहाते हुए वीडियो बनाया था। छात्रा पटवारी के घर पर ही किराये से रहकर पढ़ाई करती थी। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पटवारी की खूब धुनाई की। जिसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं पुलिस ने भीड़ से छुड़ाकर पटवारी को थाने ले गई है। यह पूरा मामला खिलचीपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पटवारी महेश के घर एक नाबालिग छात्रा किराये से रहकर पढाई करती थीं। बताया जा रहा है कि जब छात्रा नहाने के लिए गई तो महेश ने बाथरूम की जाली से मोबाइल में वीडियो बना लिया था। इसकी जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने मिलकर पटवारी की पिटाई कर दी। परिजन और ग्रामीणों ने जमकर पीटा और कपड़े भी फाड़ दिए। इसके बाद घसीटते हुए घर से बाहर निकाला और फिर धुनाई की। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ से जैसे तैसे पटवारी को छुड़ाया और थाने ले गई। बताया जा रहा है कि पटवारी ने मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दिया था। जिसे पुलिस ने रिकवर कर लिया है। लोगों में आक्रोश इस घटना से लोगों में काफी आक्रोश है। वहीं खिलचीपुर थाना के टीआई उमाशंकर मुकाती ने बताया कि बालिका ने मामले की शिकायत की है। जिसके आधार पर पटवारी महेश के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल विवेचना की जा रही है। recent visitors 21