Wednesday, July 8, 2026 5:12 am

त्योहार में आसान सफर: MP के कई स्टेशनों पर रुकेगीं वडोदरा-खातीपुरा व बांद्रा-गोरखपुर स्पेशल ट्रेनें

रतलाम होली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा मंडल से होकर वडोदरा से खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस से गोरखपुर के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार 09103 वडोदरा -खातीपुरा स्पेशल प्रत्येक रविवार को वडोदरा से रात 9.35 बजे प्रस्थान कर दाहोद (12.26/12.28), रतलाम (2.05/2.10), मंदसौर (3.33/3.35), नीमच (4.43/4.48), चित्तौड़गढ़ (6.05/6.10) होते हुए अगले दिन दोपहर 2.10 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। यह ट्रेन वडोदरा से एक से 29 मार्च तक चलेगी। इसी तरह 09104 खातीपुरा-वडोदरा स्पेशल प्रत्येक सोमवार को खातीपुरा से रात 8.55 बजे प्रस्थान कर चित्तौड़गढ़ (3.25/3.30), नीमच (4.18/4.20), मंदसौर (5.00/5.02), रतलाम (7.10/7.20) व दाहोद (8.43/8.45) होते हुए मंगलवार सुबह 11.30 बजे वडोदरा पहुंचेगी। यह ट्रेन खातीपुरा से दो से 30 मार्च तक चलेगी।   ट्रेन दोनों दिशाओं में गोधरा, दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी (इकोनामी), स्लीपर क्लास और द्वितीय श्रेणी के सामान्य कोच होंगे। 09019 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर स्पेशल एक मार्च को बांद्रा टर्मिनस से सुबह 8.35 बजे रविवार को प्रस्थान कर दाहोद (6.02/6.04), रतलाम (8.10/8.20), नागदा (9.46/9.48), उज्जैन (10.48/10.50), मक्सी (11.26/11.28), शुजालपुर (12.28/12.30), सीहोर (12.57/12.59) होते हुए सोमवार रात 8.40 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। बुधवार सुबह होगी रवाना इसी तरह 09020 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल दो मार्च को गोरखपुर से 11.35 बजे प्रस्थान कर सीहोर (5.43/5.45), शुजालपुर (6.19/6.21), मक्सी (7.32/7.34), उज्जैन (8.15/8.17), नागदा (9.02/9.04), रतलाम (9.52/10.02) व दाहोद (11.22/11.24) होते हुए बुधवार को सुबह 9.45 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, नवसारी, उधना, सयान, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बस्ती व खलीलाबाद स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेनों के ठहराव, समय व संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन करने के साथ ही रेलवन एप पर भी जानकारी ले सकते हैं। recent visitors 31

जंगल में संकट की चेतावनी! भूख से बाघ की मौत ने खड़े किए सवाल

पीलीभीत दो कुंतल के वजन वाले भारी-भरकम बाघ की भूख से मौत हो गई। शनिवार रात को पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की माला रेंज में उसका शव मिला। रविवार को बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआइ) में उसके पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट हो गया कि उस पर हमला या किसी से संघर्ष नहीं हुआ था। वह बीमारी अथवा किसी अन्य कारण से जूझते हुए झाड़ियों में लेटा था, वहीं उसकी मौत हो गई। उसका पेट खाली पाया गया, जोकि संकेत कर रहा कि आठ दिन से उसे शिकार नहीं मिला था। शनिवार देर रात गश्त पर निकले वनकर्मियों ने धमेला वाच टावर के पास उसका शव देखा था। इसकी सूचना पर फील्ड डायरेक्टर पीटीआर पीपी सिंह, डीएफओ भरत कुमार डीके व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाघ के शव का निरीक्षण किया गया ताकि हमले या संघर्ष की स्थिति का आकलन किया जा सके। डीएफओ ने बताया कि बाघ के शरीर पर किसी प्रकार की चोट नहीं थी। उसका शव पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा गया। रविवार को पोस्टमार्टम करने वाली टीम के विज्ञानी ने फोन पर बताया कि बाघ की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, इसलिए विसरा सुरक्षित रखा है। विसरा की जांच में कुछ तथ्य सामने आ सकते हैं। पोस्टमार्टम के समय देखा गया कि बाघ का पेट खाली था, यानी उसे एक सप्ताह से शिकार नहीं मिला। उसके अंदरुनी हिस्से प्रभावित थे, जो संक्रमण का संकेत कर रहे थे। संक्रमण का कारण क्या रहा होगा, इस पर विज्ञानी ने कहा कि संभव है कि वह किसी बीमारी से पीड़ित हो। दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि उसने किसी ऐसे पशु का शिकार कर लिया, जिसका मांस जहरयुक्त हो। इसके पीछे आशंका जताई जा सकती है कि जहरीला पदार्थ खाने वाला वन्यजीव जंगल में बाघ के सामने आ गया हो। बाघ ने उसका शिकार कर लिया। ऐसे में उस वन्यजीव का जहरीला मांस बाघ के पेट में पहुंचने पर भी संक्रमण हो सकता है। यह सिर्फ अनुमान या आशंका ही है। वास्तविक कारण विसरा की जांच में सामने आ सकेगा। यह तय है कि संक्रमण के बाद बाघ शिकार नहीं कर सका, इसी कारण उसका पेट पूरी तरह खाली था। उसका उम्र सात वर्ष थी। टाइगर रिजर्व में हैं 80 से अधिक बाघ पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पांचों रेंज में 80 से अधिक बाघ हैं। माला और बराही रेंज में बाघों की गतिविधियां अधिक दिखती हैं। टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों को भी बराही रेंज में ही मुख्य रूप से घुमाया जाता है।   recent visitors 38

होली कार्यक्रम बना अफरा-तफरी: मधुमक्खियों के अटैक से मची भगदड़

शहडोल पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय में विद्यार्थी होली का उत्सव मना रहे थे, उसी दौरान अफरा-तफरी मच गई। रंग-गुलाल के बीच डीजे की धुनों पर झूम रहे छात्र-छात्राओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए छात्र परिसर में इधर-उधर भागते नजर आए। वहीं बीच किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट भी आपस में भिड़ गए। होली के उत्सव बीच हंगामे और भगदड़ का यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में होली का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। मधुमक्खियों के हमले से परिसर में भगदड़ जैसे हालात बन गए। जान बचाने के लिए छात्र इधर-उधर भागते नजर आए। कई छात्र-छात्राएं घबराकर जमीन पर गिरते-पड़ते भी दिखे। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने नहीं आई है।   मामला यहीं नहीं थमा, होली खेलने के दौरान किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते कहासुनी धक्का-मुक्की में बदल गई, कुछ देर तक परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन की दखल के बाद स्थिति को संभाला गया। विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर खड़े हो रहे सवाल     गौरतलब है कि हाल ही में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह दूषित और बदबूदार भोजन को लेकर भी चर्चा में रहा था। अब होली जश्न के दौरान मधुमक्खियों का हमला और छात्रों के बीच झड़प ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसारित वीडियो के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और लोग प्रशासनिक लापरवाही पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि किसी गंभीर घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कैंपस की सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर जवाबदेही तय होना अब जरूरी माना जा रहा है। recent visitors 27

साइबर गैंग का बड़ा खेल बेनकाब, पुलिस ने राजधानी से दबोचे आरोपी

ग्वालियर भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त चिकित्सक 89 वर्षीय नारायण महादेव टिकेकर को 24 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने के नाम पर 2.52 करोड़ रुपये ठगने के मामले में ग्वालियर पुलिस ने दिल्ली से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों ने इनके बैंक खातों में ठगी के 30 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। आरोपितों ने एटीएम कार्ड के जरिए राशि निकालकर बिचौलिये को सौंपी और इसके बदले 1.70 लाख रुपये कमीशन लिया। एक आरोपित का भाई दिल्ली पुलिस में दारोगा है। वह ग्वालियर पहुंचा, जहां उसे पता चला कि उसका भाई ही साइबर ठगी गिरोह को बैंक खाते किराये पर उपलब्ध कराता था। पुलिस की जांच में क्या पता चला पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, असम और बंगाल सहित अन्य राज्यों के करीब 500 बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। क्राइम ब्रांच ने मोहित मिश्रा (बी-40, चाणक्य पैलेस-1, स्ट्रीट नंबर 48, जनकपुरी, नई दिल्ली), राहुल प्रजापति (राजद-150, धरमपुर प्रथम, नजफगढ़, नई दिल्ली), हरीश यादव (हाउस नंबर 49, ब्लॉक धरमपुरा एक्सटेंशन, नजफगढ़, नई दिल्ली) और साहिल फिरोज खान (ए-5/175, एक्सटेंशन पार्ट वन, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली) को दिल्ली से गिरफ्तार किया। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, इस मामले में क्रिप्टो ट्रेडिंग भी की गई। यूएसडीटी के जरिए ठग रकम को क्रिप्टो में बदलकर विदेश भेज देते थे। आरोपित टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े थे, जहां से म्यूल खाते उपलब्ध कराने का नेटवर्क संचालित होता था।   recent visitors 30

वन विभाग में बड़ा बदलाव: सुभरंजन सेन नए प्रमुख नियुक्त, 2028 तक रहेंगे पद पर

भोपाल भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुभरंजन सेन मध्य प्रदेश के नए वन बल प्रमुख नियुक्त किए गए हैं। वरिष्ठता में 1989 बैच के आईएफएस अधिकारी एचएयू खान और 1990 बैच के बिभाष ठाकुर को पीछे छोड़ 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी सेन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली पसंद बन गए, सेन अभी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक हैं। वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह पहले से नए वन बल प्रमुख की तलाश की जा रही थी। इनमें खान, ठाकुर और सेन इन तीन नामों का पैनल बनाकर वन विभाग ने मुख्यमंत्री को स्वीकृति के लिए भेजा था। इससे पहले मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में नए वन बल प्रमुख के चयन के लिए बैठक की गई थी।   नजरअंदाज कर जूनियर को सौंपी कमान वन विभाग में वन बल प्रमुख सबसे वरिष्ठतम अधिकारी को ही बनाया जाता है। इस हिसाब से वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान और उनके बाद पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार बिभाष कुमार ठाकुर वन बल प्रमुख बनने की वरिष्ठता रखते हैं। लेकिन पहली बार वरिष्ठता को नजरअंदाज कर खान और ठाकुर से जूनियर सेन को वन बल प्रमुख की कमान सौंपी है। अब चूंकि सेन की नियुक्त हो गई है तो ठाकुर की वर्तमान पदस्थापना में बदलाव किया जा सकता है, उन्हें पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार से हटाना पड़ेगा। वरिष्ठता के कारण उन्हें लघु वनोपज संघ या वन विकास निगम के प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है। समीता राजौरा बनाई जा सकती हैं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक वरिष्ठता के आधार पर 1992 बैच की आईएफएस अधिकारी समीता राजौरा मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक बनाई जा सकती हैं। वह वन्यप्राणी शाखा में काम करने की इच्छुक भी हैं। वर्तमान में वह मप्र राज्य लघुवनोपज संघ की प्रबंध संचालक हैं। इधर, राज्य वन विकास निगम की प्रबंध संचालक एवं एसपीसीसीएफ अर्चना शुक्ला को पीसीसीएफ के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है। recent visitors 33

त्याग और साहस की परंपरा को नमन, मुख्यमंत्री ने किया सिख गुरुओं का स्मरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित रेलवे स्टेशन गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए अरदास की। इस अवसर पर उन्होंने सिख संगत द्वारा आयोजित होला मोहल्ला यात्रा के लिए निःशुल्क बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सिख संगत द्वारा आयोजित इस यात्रा में लगभग 1200 श्रद्धालु 17 बसों, 2 ट्रकों एवं अन्य वाहनों के साथ  हजूर साहिब नांदेड़ (महाराष्ट्र) तथा गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब, बीदर (कर्नाटक) के लिए रवाना हुए। यह यात्रा सिख समाज की आस्था, परंपरा और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री  साय ने संगत को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिख गुरुओं का त्याग, बलिदान और मानवता की सेवा का संदेश पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़े पवित्र स्थलों पर आयोजित होला मोहल्ला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत परंपरा का प्रतीक है। सिख गुरुओं द्वारा स्थापित शौर्य और समर्पण की विरासत सदैव देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि सिख संगत द्वारा लगातार 25वें वर्ष इस भव्य आयोजन का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए सिख समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष  सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा सहित सिख समाज के प्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।   recent visitors 38

गलत चालान भरने की जरूरत नहीं! मिनटों में ऑनलाइन कैंसिल कराने का तरीका

नई दिल्ली क्या आपका भी गलत चालान कटा है? कई बार ऐसा होता है कि ऑनलाइन गलत चालान काटकर आपको भेज दिया जाता है, लेकिन असल में आपकी गलती कुछ नहीं होती। इस तरह के चालान के पीछे अक्सर तकनीकी गड़बड़ी या पहचान की गलती वजह होती है। यही वजह है कि सरकार ने गलत चालान रद्द करवाने की व्यवस्था भी की है। ऐसे में चालान के आते ही उसे भरने की जल्दबाजी न करें। आप चंद स्टेप्स को फॉलो करके अपनी बेगुनाही का सबूत दे सकते हैं और बहुत ही आसानी से चालान रद्द भी करवा सकते हैं। स्टेप 1: सबसे पहले चेक करें चालान गलत चालान को रद्द करवाने के लिए सबसे पहले echallan.parivahan.gov.in पर जाकर चेक करें कि आपका चालान असली है भी या नहीं। यहां आपको चालान और वाहन की डिटेल्स दर्ज कर देखना होगा कि आपके नाम पर आया चालान असल में मौजूद है या नहीं। स्टेरप 2: Complaint/Grievance सेक्शन पर जाएं अगर चालान मौजूद होता है, तो उसी वेबसाइट पर Complaint/Grievance सेक्शन पर जाएं। यह सरकार तक शिकायत पहुंचाने का ऑफिशियल जरिया है। स्टेप 3: जानकारी दर्ज करें इसके बाद अपनी जानकारी दर्ज करें जैसे कि नाम, मोबाइल और चालान नंबर, क्यों चालान गलत है और आपकी बात साबित करने वाली फोटो या वीडियो। टिकट और टिकट का स्टेटस अगर आपके राज्य का पोर्टल अलग है, तो आप अपने राज्य के परिवहन पोर्टल पर जाकर इन्हीं स्टेप्स को वहां फॉलो कर सकते हैं। इसके बाद पोर्टल पर आपकी शिकायत की एक टिकट बन जाएगी। इस टिकट के जरिए आप शिकायत का स्टेटस भी चेक कर पाएंगे कि उस पर क्या निर्णय लिया गया। recent visitors 47