Sunday, July 5, 2026 3:53 am

महिला सशक्तिकरण की नई पहल: डीटीसी बसों में फ्री सफर अब पिंक मोबिलिटी कार्ड से

नई दिल्ली केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार राजधानी की महिला निवासियों के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की शुरुआत करने जा रही है। सोमवार 2 मार्च को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक विशेष व भव्य कार्यक्रम ‘सशक्त नारी समृद्ध दिल्ली’ में देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस महत्वाकांक्षी योजना (पिंक कार्ड) का शुभारंभ करेंगी। एक ही कार्ड से मेट्रो और रेपिड रेल में सफर मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता का कहना है कि यह कार्ड दिल्ली निवासी महिलाओं को डीटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा। साथ ही मेट्रो, रीजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में एक ही स्मार्ट कार्ड के माध्यम से सशुल्क सुविधा देगा। मुख्यमंत्री के अनुसार यह पहल सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, सुरक्षित और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं के दैनिक यात्रा खर्च में कमी आएगी और उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य तथा सामाजिक अवसरों तक सुगम पहुंच मिलेगी। तीन तरह के कार्ड जारी होंगे मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत तीन प्रकार के एनसीएमसी कार्ड जारी किए जाएंगे। पिंक कार्ड दिल्ली निवासी पात्र महिलाओं के लिए होगा, जबकि ब्लू कार्ड सामान्य यात्रियों के लिए और ऑरेंज कार्ड मासिक पास उपयोगकर्ताओं के लिए जारी किया जाएगा। शुरुआती चरण में पिंक और ब्लू कार्ड लॉन्च किए जाएंगे, जिसके बाद ऑरेंज कार्ड लागू किया जाएगा। दिल्ली सरकार वहन करेगा सारा खर्चा उन्होंने बताया कि कार्ड जारी करने के लिए दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड (मुफिनपे) और एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को अधिकृत किया है। ये कार्ड दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में पहले से लागू ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (एएफसीएस) से एकीकृत होंगे। पिंक कार्ड पात्र महिलाओं को पूर्णतः निःशुल्क दिया जाएगा और इसकी संपूर्ण लागत दिल्ली सरकार वहन करेगी। इन जगहों पर मिलेंगे पिंक कार्ड मुख्यमंत्री के अनुसार कार्ड जारी करने के लिए लगभग 50 केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और एसडीएम कार्यालयों के साथ-साथ डीटीसी के चयनित केंद्र शामिल होंगे। यह कार्ड न्यूनतम दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा ताकि प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी रहे। प्रत्येक पिंक कार्ड लाभार्थी के मोबाइल नंबर और आधार से लिंक किया जाएगा। आधार के माध्यम से प्रमाणीकरण कर आयु (5 वर्ष से अधिक), लिंग (महिला) और दिल्ली निवास (दिल्ली पिन कोड के आधार पर) की पुष्टि की जाएगी, जिससे पात्रता सुनिश्चित होगी और डुप्लिकेशन रोका जा सकेगा। टिकट की जगह लेगा पिंक कार्ड यह एक टच-फ्री और सुरक्षित स्मार्ट कार्ड होगा। इससे हर यात्रा का सही डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। नकद लेन-देन कम होगा और आय का हिसाब-किताब अधिक साफ और पारदर्शी रहेगा। यात्रा के आंकड़ों की मदद से बस रूट तय करने, बसों की संख्या सही करने और बेहतर फैसले लेने में आसानी होगी। यही कार्ड पिंक पेपर टिकट की जगह लेगा, जिससे पूरी व्यवस्था ज्यादा आसान और आधुनिक बन जाएगी। recent visitors 25

वर्ल्ड कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान के हर खिलाड़ी पर 50 लाख का जुर्माना, नकवी के बयान ने मचाई हलचल

इस्लामाबाद  आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खराब प्रदर्शन का खामियाजा अब पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों को सीधे अपनी जेब से भुगतना पड़ेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सख्त रुख अपनाते हुए टीम के हर खिलाड़ी पर जुर्माना लगाने का फैसला किया है. वर्ल्ड कप के सुपर-8 से बाहर होने और टीम इंडिया से ग्रुप स्टेज में मिली करारी हार के बाद यह कार्रवाई की गई है. हर खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टी20 विश्व कप खेलने वाले पाकिस्तान के हर खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये (करीब 16 लाख भारतीय रुपये) का जुर्माना लगाया गया है. यह रकम खिलाड़ियों की सैलरी या मैच फीस से काटी जाएगी. यानी पीसीबी खुद यह पैसा वसूल करेगा. लगातार चौथे आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई है. ऐसे में बोर्ड ने साफ संदेश दिया है कि खराब प्रदर्शन अब सीधे आर्थिक नुकसान में बदलेगा. पाकिस्तान क्रिकेट में पहले भी नतीजों को लेकर सख्ती हुई है, लेकिन इस बार इतनी बड़ी रकम का जुर्माना चर्चा का विषय बन गया है. टूर्नामेंट में कैसा रहा प्रदर्शन पाकिस्तान ने अपने सभी मैच श्रीलंका में खेले, लेकिन घरेलू जैसे हालात का भी फायदा नहीं उठा सका. शुरुआत में उसने नीदरलैंड्स को 3 विकेट से हराया, हालांकि वह मैच भी काफी करीबी था. इसके बाद अमेरिका को 32 रन से हराया. लेकिन भारत के खिलाफ 61 रन की बड़ी हार ने टीम की कमजोरियां उजागर कर दीं. इसके बावजूद पाकिस्तान किसी तरह सुपर-8 में पहुंच गया. सुपर-8 में भी मुंह की खाई  सुपर-8 में कहानी पूरी तरह बदल गई. न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबला बारिश में रद्द हो गया. फिर इंग्लैंड ने 2 विकेट से हरा दिया. श्रीलंका के खिलाफ जीत जरूर मिली, लेकिन खराब नेट रन रेट के कारण टीम अगले दौर में जगह नहीं बना सकी. कुल मिलाकर, टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और अब खिलाड़ियों को इसकी सजा आर्थिक रूप से भी झेलनी पड़ेगी.  भारत से हार ने बना दिया नकवी का मजाक दरअसल, इस वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान ने जमकर ड्रामेबाजी की थी. पाकिस्तान ने टीम इंडिया के साथ अपने मुकाबले के बायकॉट का ऐलान किया था. कई दिनों तक पीसीबी चीफ नकवी की नौटंकी चली. लेकिन आखिरकार पाकिस्तान मान गया और जब भारत से भिड़ा तो टीम इंडिया ने उसे बुरी तरह से हरा दिया. पाकिस्तान की इस हार ने उसे अपने ही देश में मजाक का पात्र बना दिया. इसलिए पीसीबी अपने खिलाड़ियों से बुरी तरह से खिसियाया हुआ है.  recent visitors 26

भीड़ में फंसी कार, गुस्से में महिला ने स्कूटी लेकर क्रिकेट पिच पर किया धावा

 दुर्गापुर पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर के 54 फुट इलाके स्थित चयोन मैदान में चल रहे तीन दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे दिन उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला स्कूटी लेकर सीधे मैदान की पिच पर पहुंच गई. अचानक हुई इस घटना से मैच रोकना पड़ा और मैदान में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. इसलिए स्कूटी लेकर पिच पर पहुंची महिला जानकारी के मुताबिक कल्याण संघ क्लब की ओर से पिछले तीन वर्षों से आयोजित “तनमय नंदी-बप्पा हलदार स्मृति टूर्नामेंट” का यह दूसरा दिन था. स्थानीय सूत्रों के अनुसार मैदान के पास की सड़क संकरी होने के कारण वहां कुछ ऑटो और बाइक खड़ी थीं व दर्शक मैच देख रहे थे. इसी दौरान पास के एक फ्लैट में रहने वाले व्यक्ति की कार को निकलने में दिक्कत हुई. आरोप है कि रास्ता खाली कराने में थोड़ी देरी होने पर संबंधित व्यक्ति की पत्नी नाराज़ हो गईं और स्कूटी लेकर खेल के दौरान ही सीधे पिच के बीचों-बीच पहुंच गईं. जिससे मैच तत्काल रोकना पड़ा. महिला के इस कदम से मौजूद दर्शकों में आक्रोश फैल गया और कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. दो महिला पुलिसकर्मी पिच पर जाकर स्थिति संभालने की कोशिश कर रही थीं, तभी भीड़ के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई. इस दौरान एक महिला सिविक वॉलंटियर के घायल होने की भी खबर है. क्लब ने क्या कहा? हालात बिगड़ते देख एसीपी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया. पुलिस ने संबंधित महिला और कल्याण संघ के सचिव समर सिकदर को पूछताछ के लिए दुर्गापुर थाने ले गई. क्लब की ओर से दावा किया गया है कि उन्होंने किसी प्रकार की मारपीट नहीं की और वे केवल टूर्नामेंट के संचालन में व्यस्त थे. इस मामले पर एसीपी ने कहा कि क्रिकेट मैच को लेकर एक अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई थी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और यह देखा जा रहा है कि वास्तव में क्या हुआ? मैच दोबारा शुरू होगा या नहीं, इस पर भी प्रशासन विचार कर रहा है. पुलिस ने शुरू की जांच स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों का दावा है कि संबंधित महिला का पहले भी आसपास के लोगों से विवाद रहा है. पुलिस ने इस संबंध में किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है. फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना ने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. recent visitors 19

सीमेंट सूखा नहीं, अफगानियों ने फिर से हमला कर खोदा PAK का नूर खान बेस

लाहौर  पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण नूर खान एयरबेस की हालत इस समय बहुत खराब हो गई है. सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन हमले के बाद अभी सीमेंट भी सूखा नहीं था कि अफगानों ने फिर खोद दिया. यह मजाक इसलिए बन रहा है क्योंकि मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर सटीक हमले किए थे. उस समय नूर खान एयरबेस को भी निशाना बनाया गया था. बेस पर काफी नुकसान हुआ था.  पाकिस्तान की सेना दिन-रात मेहनत करके उसे ठीक कर रही थी. लेकिन अब मार्च 2026 में अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने अचानक हवाई हमला कर दिया. अफगान रक्षा मंत्रालय ने साफ कहा कि यह हमला पाकिस्तान के हाल के हवाई हमलों का जवाब था. नतीजा यह हुआ कि नूर खान बेस की मरम्मत अधूरी रह गई और उसकी हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई. आम पाकिस्तानी नागरिक भी डर रहे हैं कि उनकी सेना अब कितने दिनों तक टिक पाएगी. नूर खान एयरबेस पर अफगान हमला, रावलपिंडी का दिल दहल गया नूर खान एयरबेस रावलपिंडी शहर के पास स्थित है. यह पाकिस्तान एयर फोर्स का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण बेस माना जाता है. यहां कमांड सेंटर, फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट प्लेन और कई गोला-बारूद के गोदाम हैं. 2 मार्च 2026 को अफगान एयर फोर्स ने सटीक हवाई हमले किए. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके पायलटों ने बिना किसी गलती के निशाना साधा. हमले में बेस के कई हिस्से पूरी तरह तबाह हो गए. स्थानीय लोगों ने रात भर विस्फोटों की तेज आवाजें सुनीं. पाकिस्तान की तरफ से अभी तक पूरा नुकसान बताना बाकी है लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें धुआं और आग दिख रही है. यह हमला इसलिए ज्यादा चौंकाने वाला है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि बेस को जल्दी ठीक कर लिया जाएगा. लेकिन अफगानों ने इतनी जल्दी जवाब दे दिया कि पाकिस्तानी सेना हैरान रह गई. अब बेस की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है लेकिन लोग कह रहे हैं कि हालत पूरी तरह से बेहाल है. क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय पर हमला, बलूचिस्तान में अफरा-तफरी अफगान हमलों का दूसरा बड़ा निशाना बलूचिस्तान प्रांत का क्वेटा शहर है. यहां पाकिस्तान आर्मी की 12वीं डिवीजन का मुख्यालय है. यह मुख्यालय पूरे बलूचिस्तान की सुरक्षा देखता है. यहां हजारों सैनिक तैनात रहते हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके ड्रोन और हवाई हमलों ने इस मुख्यालय को भी सीधा नुकसान पहुंचाया. हमला इसलिए किया गया क्योंकि पाकिस्तान ने पहले काबुल और कंधार पर बमबारी की थी. क्वेटा में हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर दौड़ने लगे. 12वीं डिवीजन का मुख्यालय बलूच अलगाववादियों से भी लड़ता है इसलिए इसका नुकसान पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है. अफगान पक्ष कह रहा है कि यह हमला सिर्फ बदला है और वे आगे भी पाकिस्तानी ठिकानों पर नजर रख रहे हैं. पाकिस्तान सरकार ने क्वेटा में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी हैं ताकि खबरें ज्यादा न फैलें. मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप पर हमला, सीमा पर तनाव चरम पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप भी अफगान हमलों का शिकार बना. यह कैंप अफगानिस्तान की सीमा से सिर्फ कुछ किलोमीटर दूर है. यहां पाकिस्तान की फौज की कई यूनिट्स तैनात रहती हैं जो सीमा पर निगरानी करती हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला पाकिस्तान के सीमा उल्लंघन का सीधा जवाब था. हमले में कैंप के कई टेंट और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. दोनों तरफ से गोलीबारी भी हुई. स्थानीय आदिवासी लोग अब डर के मारे घरों में छिपे बैठे हैं। स्कूल और बाजार बंद हैं. ख्वाजाई कैंप का महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां से टीटीपी जैसे समूहों पर कार्रवाई होती है. अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान इन समूहों को मदद देता है. इस हमले के बाद सीमा पर तनाव और बढ़ गया है. दोनों देशों की फौजें अलर्ट पर हैं और हर घंटे नई खबरें आ रही हैं. पेशावर एयरबेस और अन्य सीमा ठिकानों पर भी हमले  अफगान सेना ने सिर्फ तीन ठिकानों तक हमले नहीं रोके. उनके बयान के मुताबिक पेशावर एयरबेस और सीमा के पास कई छोटे-बड़े मिलिट्री पोस्ट भी निशाने पर आए. पेशावर एयरबेस पाकिस्तान एयर फोर्स का दूसरा बड़ा केंद्र है जहां कई लड़ाकू विमान रखे जाते हैं. अफगानों ने यहां भी ड्रोन हमले किए जिससे कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं. इसके अलावा बन्नू और वाना जैसे इलाकों के कैंपों पर भी गोलीबारी हुई.  अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये सब हमले पाकिस्तान के काबुल और कंधार पर किए गए हमलों का बदला हैं. पिछले छह महीनों में दोनों देशों के बीच झड़पें बढ़ गई हैं. इन सब हमलों से पाकिस्तान की पूरी रक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. सेना को अब कई मोर्चों पर एक साथ लड़ना पड़ रहा है. तनाव क्यों बढ़ रहा है और आगे क्या हो सकता है? अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुरानी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहते हैं लेकिन इसे लेकर बहुत विवाद है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान से टीटीपी आतंकी आकर हमले कर रहे हैं. तालिबान सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह उनके खिलाफ ग्रुपों को मदद देता है.  अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुरानी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहते हैं लेकिन इसे लेकर बहुत विवाद है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान से टीटीपी आतंकी आकर हमले कर रहे हैं. तालिबान सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह उनके खिलाफ ग्रुपों को मदद देता है.  मई 2025 के भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान कमजोर हुआ तो अफगानिस्तान ने इसका फायदा उठाते हुए जवाबी हमले शुरू कर दिए. अब मार्च 2026 में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि दोनों तरफ से हवाई हमले हो रहे हैं. आम लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. हजारों परिवार सीमा से भाग रहे हैं.       recent visitors 18

मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के कारण एयरस्पेस बंद, सैकड़ों फ्लाइट्स प्रभावित, कैंसिल और डायवर्ट

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कई देशों के एयरस्पेस बंद होने के कारण पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं. कई एयरलाइंस को अपने रूट बदलने पड़े हैं, जिससे फ्लाइट का समय बढ़ गया है और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र में हालात बिगड़ने के बाद कई देशों ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) बंद कर दिया है. इसके कारण यूरोप और नॉर्थ अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है. कुछ फ्लाइट को दक्षिणी मार्ग से ओमान, सऊदी अरब और मिस्र के ऊपर से होकर भेजा जा रहा है, जिससे ट्रैवल टाइम एक से दो घंटे तक बढ़ गया है. उड़ान की स्थिति चेक करने की सलाह नागरिक उड्डयन अधिकारियों के अनुसार, सैकड़ों उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गई हैं. कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर पहले से उड़ान की स्थिति चेक करने को कहा है. ट्रांजिट यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कनेक्टिंग फ्लाइट्स के समय में बदलाव हुआ है. भारतीय एयरलाइंस पर भी इसका असर पड़ा है. दिल्ली-लंदन और अन्य यूरोपीय मार्गों पर उड़ानों को वैकल्पिक रास्तों से संचालित किया जा रहा है. कुछ फ्लाइट में ईंधन भरने के लिए अतिरिक्त टेक्निकल हॉल्ट भी करना पड़ रहा है. एयरलाइंस का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात सामान्य होते ही नियमित रूट बहाल कर दिए जाएंगे. विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि तनाव जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के समय और लागत पर और असर पड़ सकता है. फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा से संपर्क कर अपनी फ्लाइट की ताजा स्थिति की जानकारी लेते रहें. कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कई प्रमुख एयरपोर्ट और देशों ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. इससे यूरोप, एशिया और नॉर्थ अमेरिका के बीच उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. नीचे प्रमुख हवाई अड्डों और उनके हालात की जानकारी दी गई है: 1. Dubai International Airport (DXB) दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हब में शामिल इस एयरपोर्ट पर रात में हमला होने की खबर है. कई उड़ानें प्रभावित हुईं और संचालन बाधित रहा. 2. Abu Dhabi International Airport (AUH) ड्रोन हमले की सूचना के बाद सभी प्रस्थान (Departures) अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए गए. 3. Hamad International Airport (DOH) कतर का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हब 28 फरवरी की शाम से एयरस्पेस बंद है. 4. Kuwait International Airport (KWI) ड्रोन हमले के खतरे के बाद एयरस्पेस 28 फरवरी से बंद.  5. Baghdad International Airport (ORBI) 28 फरवरी दोपहर से एयरस्पेस बंद. यह रूट भारत-यूरोप के उत्तरी ओवरफ्लाइट कॉरिडोर को सीधे प्रभावित करता है. 6. Tehran Imam Khomeini International Airport (IKA) लगातार एयरस्पेस बंद. फारस की खाड़ी और ओमान सागर के ऊपर संघर्ष क्षेत्र घोषित. 7. Bahrain International Airport (BAH) एयरस्पेस बंद. रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल हमला हुआ. 8. King Abdulaziz International Airport (JED) एयरस्पेस आंशिक रूप से बंद. केवल निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से ही विमान संचालन की अनुमति. 9. Israel देश का एयरस्पेस 6 मार्च तक बंद घोषित. 10. Muscat International Airport (MCT) 18 नॉटिकल माइल का नो-फ्लाई जोन घोषित. यूएई से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए अस्थायी नया मार्ग तय. 11. Sharjah International Airport / Ras Al Khaimah International Airport 2 मार्च तक एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) सेवाएं बंद या सीमित. असर क्या पड़ा? लंबी दूरी और अतिरिक्त ईंधन की जरूरत के कारण एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत बढ़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो टिकट कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. साथ ही कार्गो और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ने की संभावना है. कुल मिलाकर, क्षेत्रीय तनाव का असर अब वैश्विक हवाई नेटवर्क और यात्रियों की जेब दोनों पर पड़ता दिख रहा है. ट्रांजिट यात्रियों को भारी असुविधा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि क्षेत्रीय तनाव जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर और गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे उड़ान से पहले एयरलाइन से स्थिति की पुष्टि ज़रूर करें. recent visitors 18

पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर किया हंगामा, 23 मौतें, तनाव बढ़ा

 कराची इजरायली-अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में जमकर हंगामा हुआ. कराची में शिया संगठनों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास तोड़फोड़ और आगजनी की थी, जिसके बाद यूएस मिलिट्री ने फायरिंग कर दी थी. इस झड़प में मारे जाने वाले पाकिस्तानियों का आंकड़ा 10 पहुंच गया है. प्रदर्शनकारी सुल्तानाबाद से माई कोलाची होते हुए कॉन्सुलेट की ओर बढ़ रहे थे. भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया. कराची के अलावा पाकिस्तान के स्कार्दु और लाहौर में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन हुए. स्कार्दू में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कार्यालय में आग लगा दी थी, इस दौरान 11 लोगों की मौत हो गई. वहीं, इस्लामाबाद में भी प्रदर्शनकारियों में से दो लोगों की जान चली गई. कराची में कड़ी सुरक्षा हिंसा के बाद कराची प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है. एमटी खान रोड और माई कोलाची रोड को पूरी तरह बंद कर दिया है. ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता को प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है.  खामेनेई की मौत के बाद जगह-जगह प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से कई जगहों पर शोक का माहौल है. कराची में मस्जिदों और इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत का मातम मनाने के लिए शोक सभाएं आयोजित की गईं. ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फहान में भी खामेनेई समर्थक सड़कों पर उतरे और अमरिका-इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. recent visitors 25

शेयर बाजार में भारी गिरावट: 1000 अंक टूटा सेंसेक्स, 6 लाख करोड़ की तबाही, जंग का असर

मुंबई  ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्‍स 2743 अंक या 3.38% टूटकर 78543 पर खुला, जबकि निफ्टी 519 अंक या 2.06 फीसदी गिरकर 24659 अंक पर खुला. बैंक निफ्टी में 1300 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट रही. हालांकि कुछ देर बाद ही शेयर बाजार संभला हुआ नजर आया. सेंसेक्‍स 1000 अंंक या 1.21 फीसदी गिरकर 80,282 अंक पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 300 अंक टूटकर 24900 के नीचे था.   इसके अलावा, कच्‍चे तेल के दाम में 10 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर ये जंग और आगे बढ़ती है तो गिरावट ज्‍यादा हावी हो सकती है. वहीं कच्‍चा तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं.  BSE टॉप 30 के 29 शेयर भारी गिरावट पर रहे, सिर्फ बीईएल के शेयर में 1 फीसदी की तेजी रही. इंडिगो के शेयर करीब 5 फीसदी, एल एंड टी के शेयर करीब 4 फीसदी, अडानी पोर्ट 3 फीसदी और एटर्नल के शेयरों में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.  सेक्‍टर्स की बात करें तो ऑटो,  एफएमसीजी, आईटी, बैंक, हेल्‍थकेयर, फाइनेंशियल और बाकी सभी सेक्‍टर्स लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे, सिर्फ मेटल सेक्‍टर में तेजी रही, क्‍योंकि निवेशक सेफ असेट में पैसा लगा रहे हैं. सभी सेक्‍टर में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.   6 लाख करोड़ डूबे  शेयर बाजार में भारी गिरावट के कारण निवेश्‍कों को आज तगड़ा नुकसान हुआ. बीएसई मार्केट कैप में बड़ी गिरावट देखने को मिली. शुकवार को बीएसई मार्केट कैप 463.50 लाख करोड़ रुपये पर था, जो सोमवार को घटकर  457.50 लाख के करीब पहुंच गया. यह निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में 6 लाख करोड़ रुपये की कमी है.  162 शेयरों में लोअर सर्किट  ईरान पर हमले के कारण शेयर बाजार में आज गिरावट देखी जा रही है. इस बीच, बीएसई पर एक्टिव 3,660 शेयरों में से 510 शेयर उछाल पर रहे, जबकि 2,985  शेयरों में गिरावट रही और  165 शेयर अनचेंज रहे. 43 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर क्‍लोज हुए और 663 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर थे और 162 शेयरो में लोअर सर्किट रहा.  एशियाई मार्केट में भी कोहराम भारतीय बाजार के साथ ही बाकी एशियाई बाजारों में भी कोहराम देखा गया. जापान का निक्केई 225 874.07 पॉइंट्स नीचे 57,976.20 पर खुला. चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 11.08 पॉइंट्स (-0.27%) नीचे 4,151.80 पर खुला,  हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स शुरुआती ट्रेड में 2% से ज़्यादा गिरा और 324.96 पॉइंट्स (-1.22%) नीचे 26,305.58 पर खुला. इसके अलावा,  ताइवान स्टॉक एक्सचेंज का मेन इंडेक्स 2.3% तक गिरा.  यह 137.01 पॉइंट्स नीचे 35,277.48 पर खुला. recent visitors 30