MY SECRET NEWS

Tuesday, June 16, 2026 9:06 pm

प्रयागराज कुंभ में प्रदेश से भेजेंगे 3.50 लाख थाली-थैले,संघ-विहिप के कार्यकर्त्ता श्रद्धालुओं के थैले से निकालेंगे पॉलीथिन

प्रयागराज/ नीमच
प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित होने वाले महा कुंभ को इस बार ग्रीन महा कुंभ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार महा कुंभ को स्वच्छ महा कुंभ, ग्रीन महा कुंभ बनाने के लिए मेला प्राधिकरण ने मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने के प्रयास शुरू कर दिए हैं वहीं नगर निगम प्रयागराज भी पूरे शहर को प्लास्टिक फ्री रखने को लेकर अभियान चला रहा है, इसमें अब मध्य प्रदेश भी भागीदार बन रहा है।

प्रयागराज महा कुंभ को प्लास्टिक मुक्त बनाने के संकल्प के लिए मध्य प्रदेश का नीमच जिला भी सहभागी बन रहा है। जिले में सामाजिक संगठनों ने एक थाली, एक थैला अभियान चलाया। इसके अंतर्गत जिले से 4100 स्टील थाली व 4100 थैला संग्रहित किए। इनकी पूजा-अर्चना कर पैकिंग की गई। अब ट्रांसपोर्ट से प्रयागराज पहुंचाया जा रहा है। अभियान में सभी संगठनों का अमूल्य योगदान रहा है।

इन सभी ने दिया अहम् योगदान  

नीमच के सीए एसोसिएशन संगठन द्वारा 101, भारत विकास परिषद 251, नीमच सिटी जैन मंदिर समाज 50, जैन स्थानक समाज 50, भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा 89, मुक्तिधाम सर्वसमाज नीमच सिटी (रावण रूंडी), सीताराम जाजू कन्या महाविद्यालय 300, विवेकानंद बाल कल्याण समिति (शिशु मंदिर एसएसवीएम) 200 एवं नगर की व्यवसायी शाखा के स्वयंसेवकों द्वारा 150 थाली और थैले जुटाने में अहम् योगदान दिया है।

मालवा प्रांत केंद्र से प्रयागराज पहुंचाया जायेगा

4100 थाली 4100 थैले को राम मंदिर जाजू बिल्डिंग में पुजारी जीवन तिवारी ने विधि-विधान से भगवान की आरती कर इनकी पूजा-अर्चना की। इसके बाद नीमच से मालवा प्रांत के केंद्र इंदौर ट्रांसपोर्ट द्वारा पहुंचाई। मालवा प्रांत केंद्र से सभी को प्रयागराज पहुंचाया जायेगा। कार्यक्रम में कई समाजजन ने सहयोग किया।

40 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित होने का अनुमान

कार्यक्रम आयोजकों के अनुसार प्रयागराज में जो महा कुंभ होने जा रहा है इसमें 45 दिनों में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित होने वाले हैं। हम कल्पना करें कि एक तीर्थ यात्री तीन दिन भी वहां रुकता है, तीन दिन में 6 बार भोजन, दो से तीन बार चाय नाश्ता करेगा। ऐसे में 40 करोड़ तीर्थ यात्रियों के भोजन आदि में कितना पॉलिथिन, डिस्पोजल, कागज लग जाएगा। जो कचरा बनकर तीर्थ नगरी प्रयागराज को प्रदूषित कर सकता है। महाकुंभ में 40 हजार टन कचरा उत्सर्जित होने का अनुमान है। शासन-प्रशासन अपने स्तर पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था करेगा। इसलिए पर्यावरण को बचाने के लिए ये पहल की जा रही है।

अब तक भेजे जा चुके हैं 40 हजार थैले

    मध्यभारत प्रांत में शामिल जिले- मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर (डबरा), भिंड (लहार), शिवपुरी (पिछोर), गुना (राघौगढ़), अशोकनगर, विदिशा (बासौदा), रायसेन (भोजपुर), रायसेन (बरेली), नर्मदापुरम (पिपरिया), हरदा, बैतूल (मुल्ताई) (जिले के साथ लिखे कस्बे को भी संघ की संरचना में जिला माना गया है।

    मध्यभारत प्रांत से करीब 1 लाख 25 हजार थैले और थाली एकत्रित कर प्रयागराज भेजने का लक्ष्य है। अब तक करीब 40 हजार भेजे जा चुके हैं।

    महाकौशल प्रांत में शामिल जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नरसिंहपुर।

    महाकौशल प्रांत से करीब सवा लाख थैले और थाली भेजने का टारगेट रखा है।

    मालवा प्रांत में शामिल जिले- नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, उज्जैन, शाजापुर, देवास, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर।

मालवा प्रांत से करीब एक लाख थैले और थाली एकत्रित कर प्रयागराज कुंभ में भेजे जाएंगे।

थाली और थैले का आकार

    15 इंच लंबाई और 12 इंच चौड़ाई होना चाहिए, थैला कपड़े का ही होना चाहिए। थैले पर प्रायोजक, दानदाता, संस्था का नाम प्रिंट करवा सकते हैं।

    थाली स्टील की होनी चाहिए। थाली का साइज लगभग 11 ⅹ 14 इंच चौकोर या गोल जैसी भी उपलब्ध हो, भेज सकते हैं।

अब जानिए क्या है हरित कुंभ अभियान हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी ईकाईयों ने 45 दिन तक चलने वाले प्रयागराज महाकुंभ के लिए हरित कुंभ अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य महाकुंभ को पॉलीथिन मुक्त रखना है। इसी के तहत देशभर में संघ से जुड़े संगठन थाली और थैले एकत्रित कर रहे हैं। इन थाली और थैलों को महाकुंभ के दौरान वितरित किया जाएगा।

75 देशों से 40 करोड़ श्रद्धालु आएंगे प्रयागराज महाकुंभ 2025 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। 75 देशों से पहुंचने वाले लोगों के लिए यहां टेंट सिटी बनाई जा रही है। जिसमें 2 हजार से अधिक स्विस कॉटेज होंगे। इन कॉटेज में फाइव स्टार जैसी सुविधाएं मिलेंगी। टेंट सिटी 1 जनवरी 2025 से 5 मार्च 2025 तक संचालित होगी।

प्रयागराज कुंभ में मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025, मौनी अमावस्या 29 जनवरी 2025, बसंत पंचमी 3 फरवरी 2025, माघी पूर्णिमा 12 फरवरी 2025, महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को शाही स्नान होंगे।

प्रयागराज के बाद 2028 उज्जैन में सिंहस्थ कुम्भ होगा। इससे पहले 2016 में उज्जैन में कुंभ का आयोजन हुआ था। उज्जैन में 2016 में हुए सिंहस्थ कुम्भ में एक महीने के दौरान शहर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 5 करोड़ आंकी गई थी। सिंहस्थ 2016 के प्रतिवेदन की मानें तो सिंहस्थ 2028 में यह आंकड़ा बढ़कर 15 करोड़ होने की संभावना है।

Loading spinner

1 thought on “प्रयागराज कुंभ में प्रदेश से भेजेंगे 3.50 लाख थाली-थैले,संघ-विहिप के कार्यकर्त्ता श्रद्धालुओं के थैले से निकालेंगे पॉलीथिन”

  1. The next time I read a blog, I hope that it doesnt disappoint me as much as this one. I mean, I know it was my choice to read, but I actually thought youd have something interesting to say. All I hear is a bunch of whining about something that you could fix if you werent too busy looking for attention.

    Loading spinner
    Reply

Leave a Comment