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Saturday, March 21, 2026 8:52 pm

कानपुर
बिकरू कांड मुख्य मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। नियत तिथि पर पीठासीन अधिकारी के न होने से सुनवाई टल गई। अब न्यायालय ने सुनवाई को 15 अप्रैल की तिथि नियत की है। चौबेपुर क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने 45-50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है।

एंटी डकैती कोर्ट में मामले की चल रही सुनवाई
मामले में अभियोजन गवाह से बचाव पक्ष की जिरह चल रही है। नियत तिथि पर मंगलवार को पीठासीन अधिकारी के न होने से सुनवाई टल गई। इस दौरान सभी आरोपित न्यायालय में उपस्थित रहे। एडीजीसी आशीष तिवारी ने बताया कि अब 15 अप्रैल को मामले की सुनवाई होगी।
 
क्या हुआ था बिकरू कांड में
बता दें कि उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के चौबेपुर क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग और उसके अन्य साथियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे।

30 आरोपितों पर हुई थी गैंगस्टर की कार्रवाई
इस केस के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। जिसें विकास दुबे एसटीएफ के इनकाउंटर में मारा गया था। मामले में पुलिस ने 30 आरोपितों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी, जिसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय पंचम में चल रही है।

इन आरोपितों को मिली सजा
कोर्ट ने साल 2023 में 23 आरोपितों, जिनमें बिकरू गांव का हीरू दुबे, श्यामू बाजपेई, जहान यादव, दयाशंकर अग्निहोत्री, बबलू मुसलमान, रामू बाजपेयी, शशिकांत पांडेय, शिवम दुबे, गोविंद सैनी, उमाकांत, शिवम दुबे उर्फ दलाल, शिव तिवारी, जिलेदार, राम सिंह यादव, जय बाजपेई, धीरेंद्र कुमार, मनीष, सुरेश, गोपाल, वीर सिंह, राहुल पाल, अखिलेश उर्फ श्यामजी, छोटू शुक्ला को गैंगस्टर मामले में दोषसिद्ध किया था।

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