MY SECRET NEWS

भोपाल 

प्रदेश में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नगरीय क्षेत्र (कॉलोनी विकास) अधिनियम-2021 में संशोधन का मसौदा तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ दंड और जुर्माने को कई गुना बढ़ाने की तैयारी है। इसमें अवैध कॉलोनियों की शिकायत मिलने पर 90 दिन में एफआईआर दर्ज करने, अधिकतम सजा 10 साल तक करने और एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है। हालांकि, नया कानून पुरानी कॉलोनियों पर लागू होगा या नई कॉलोनियों, पर इसको लेकर निर्णय लिया जाना है। शनिवार को विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों के साथ संशोधित मसौदा की समीक्षा बैठक करेंगे। 

विस में मंत्री विजयवर्गीय ने दिए सख्त संदेश
शुक्रवार को अवैध कॉलोनियों को लेकर विधायक रीति पाठक के प्रश्न के जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में कहा कि अब अवैध कॉलोनियों पर कड़ा कानून लागू किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ तेज कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन महीने के भीतर सख्त नियम लागू होंगे। 

90 दिन में दर्ज करनी होगी एफआईआर
जानकारी के अनुसार नए प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार यदि किसी अवैध कॉलोनी को लेकर थाने में शिकायत मिलती है, तो 90 दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य होगा। समय सीमा का पालन नहीं करने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतों को लंबित रखने से  दोषियों को मिलने वाली राहत न मिल सके। हालांकि, अभी यह प्रस्तावित है। 

बहुत कम मामलों में केस हुए दर्ज
बता दें, आंकड़ों के अनुसार, अब तक अवैध कॉलोनियों के  खिलाफ हजारों शिकायतें मिलने के बावजूद बहुत कम मामलों में एफआईआर दर्ज हो पाई है। कार्रवाई की धीमी गति को देखते हुए जवाबदेही तय करने की जरूरत महसूस की गई है।

सजा और जुर्माने में बड़ा इजाफा
जानकारी के अनुसार मौजूदा कानून में अवैध कॉलोनी विकसित करने पर तीन से सात वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। संशोधन के बाद इसे बढ़ाकर अधिकतम 10 वर्ष की सजा और एक करोड़ रुपये तक के आर्थिक दंड में बदलने की तैयारी है। इससे अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति कॉलोनी काटने वालों को कड़ा संदेश जाएगा।

अधिकारियों की जिम्मेदारी भी होगी तय 
नए कानून में केवल कॉलोनाइजर ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। प्रस्तावित कानून में यह व्यवस्था की गई है कि शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने वाले प्रशासनिक या नगरीय निकाय के अधिकारी दोषी पाए जाने पर दंडित किए जा सकेंगे। इसमें एक वर्ष तक की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान शामिल है। 

4 हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां 
बता दें, प्रदेश में चार हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों में सड़क, सीवरेज, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। सरकार को इनसे संबंधित 5 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 600 से ज्यादा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। 

Loading spinner
यूजफुल टूल्स
QR Code Generator

QR Code Generator

Age Calculator

Age Calculator

Word & Character Counter

Characters: 0

Words: 0

Paragraphs: 0