Major decision by MP Board! Exam fees for orphaned children waived; benefits to start from the 2026-27 academic session.
भोपाल। आर्थिक तंगी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई और परीक्षा न रुके, इसे ध्यान में रखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश ने अनाथ विद्यार्थियों के लिए बड़ा राहतभरा फैसला लिया है। अब जिन विद्यार्थियों के माता और पिता दोनों का निधन हो चुका है, उन्हें मंडल की परीक्षाओं में शामिल होने के लिए परीक्षा शुल्क और नामांकन शुल्क नहीं देना होगा। मंडल के जारी आदेश के अनुसार, ऐसे विद्यार्थी जो माता-पिता की मृत्यु के बाद किसी रिश्तेदार के आश्रय में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं अथवा शासन द्वारा संचालित अनाथालय में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें मंडल द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शामिल होने के लिए शुल्क से पूरी तरह छूट दी जाएगी।
आर्थिक परेशानी के चलते पढ़ाई न छूटे, इसलिए फैसला
मंडल ने आदेश में माना है कि माता-पिता दोनों को खो चुके कई विद्यार्थी रिश्तेदारों या अनाथालय के सहारे अपनी पढ़ाई जारी रखते हैं। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण इनके सामने परीक्षा शुल्क जमा करना भी चुनौती बन सकता है। ऐसे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसलिए उन्हें परीक्षा और नामांकन शुल्क से राहत देने की व्यवस्था की गई है।
लाभ लेने के लिए प्रमाण-पत्र जरूरी
शुल्क माफी का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी को परीक्षा फॉर्म भरते समय माता और पिता दोनों के मृत्यु प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे। इसके साथ ही शासन द्वारा संचालित अथवा मान्यता प्राप्त संस्था की ओर से ऐसा प्रमाण-पत्र देना होगा, जिसमें यह प्रमाणित हो कि संबंधित विद्यार्थी वहां रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहा है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर विद्यार्थी शुल्क छूट का पात्र नहीं होगा।

2026-27 की परीक्षाओं से लागू
यह सुविधा शैक्षणिक सत्र 2026-27 की परीक्षाओं से लागू की गई है। यानी आगामी मंडल परीक्षाओं में पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल की यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो माता-पिता के निधन के बाद भी विपरीत परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं।