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Kodo havoc in Madhya Pradesh: 13 people fell ill in two districts in two days, panic in health department, samples sent for testing

मध्य प्रदेश में इन दिनों कोदो का कहर जारी है। दो दिनों में दो जिलों में 13 लोग इसे खाने से बीमार हो गए हैं। लगभग दो महीने पहले इसे खाने से 10 हाथियों की मौत भी हो चुकी है। कोदो की रोटी खाने से शहडोल में एक दिन पहले चार, कटनी में एक परिवार के तीन सदस्य और आज यानी गुरुवार को छह लोग बीमार हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोदो की पुरानी रोटी फूड पॉइजनिंग का कारण हो सकती है। या चने की भाजी में अत्यधिक उपयोग हो रहा खाद इसकी वजह हो सकता है। जांच के बाद सब स्पष्ट हो सकेगा।

जानकारी के मुताबिक कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से दूसरे दिन भी जिला अस्पताल में एक ही परिवार के छह सदस्य भर्ती हुए हैं। इसमें दो बच्चे भी शामिल हैंं। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत खतरे के बाहर है। ज्ञात हो कि मंगलवार को दादरा टोला के चार सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अब बुधवार रात मुख्यालय से सटे ग्राम चाका में एक ही परिवार के छह सदस्य कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार हो गए हैं। डॉक्टरों की टीम जिनका इलाज कर रही है। लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से बीमार लोगों से स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिसिन डॉक्टर के साथ एक बैठक कर कोदो की सैंपलिंग करने की बात कही है।

खाना खाने के आधे घंटे बाद बिगड़ी तबीयत

रामचरण कोरी ने बताया कि बीती रात्रि 8:30 बजे परिवार के सभी लोग इकट्ठा हुए और कोदो की रोटी और चने की भाजी खाई थी। आधे घंटे बाद परिवार के 6 सदस्य ने खाना खाया था, उन सबकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और सबको चक्कर के साथ उल्टियां आनी शुरू हो गई। इसके बाद पड़ोस के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने निजी वाहन से सभी को जिला अस्पताल लाकर भर्ती करवाया है। इसमें रामचरण कोरी (58), सावित्री ( 55), रामकुमार (35), राजकुमारी कोरी (25), दो बच्चों में जिया 7 वर्ष एवं सूर्या 6 वर्ष शामिल है। परिवार के 6 सदस्यों में दो बच्चे बच्चा वॉर्ड के आईसीयू वार्ड में भर्ती किए गए हैं, जिनका इलाज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील हथगेल के द्वारा किया जा रहा है।

सीएमएचओ एवं प्रभारी सिविल सर्जन ने बुलाई बैठक

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने लगातार दूसरे दिन भी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से भर्ती हुए मरीजों से मुलाकात कर डॉक्टरो से चर्चा की है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि जिन डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया है, उनके साथ एक बैठक कर चीजों को बारीकी से पता लगाने की कोशिश की जा रही है। किन वजह से दो दिनों के भीतर 10 लोग बीमार हुए हैं। सीएमएचओ ने बताया कि जिस कोदो को खाने से लोग बीमार हुए हैं। उसका सैंपल लेने के निर्देश फूड विभाग को जारी किए गए हैं। कोदो और चने की भाजी का फूड विभाग सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद चीज स्पष्ट हो सकेगी कि किस वजह से लोग बीमार हो रहे हैं।

एक दिन पहले चार लोग हुए थे बीमार

शहडोल मुख्यालय से लगे गांव खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला में मंगलवार रात एक परिवार के सदस्यों ने कोदो की रोटी के साथ चने की भाजी खाई थी, इसके कुछ देर बाद उन्हें उल्टी दस्त शुरू हो गई और तबीयत बिगड़ने लगी। एक युवक ने खाना नहीं खाया था, उसकी तबीयत नहीं बिगड़ी और उसने पड़ोसियों से मदद लेकर सभी को जिला अस्पताल उपचार के लिए लाकर भर्ती करवाया। बताया गया कि खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला गांव निवासी राजेंद्र सिंह की अमलाई निवासी उनकी बुआ शाम घर आई थीं। रात में भोजन में कोदो की रोटी और चने की भाजी बनी थी। सभी भोजन करने के बाद सो गए। रात करीब दो बजे राजेंद्र सिंह मरावी, लक्ष्मी सिंह, रामवती सिंह और चंदा बाई की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त होने लगे। सभी को जिला अस्पताल लाया गया, जिन्हें जांच के बाद भर्ती कर लिया गया।

कटनी में दादा-पोते सहित तीन बीमार

कटनी जिले में कोदो की रोटी खाकर दादा पोते सहित तीन लोग बीमार हुए हैं। मामला कटनी जनपद पंचायत के ग्राम जरवाही का बताया गया, जहां सुबह के वक्त आलू की सब्जी के साथ कोदो की रोटी खाने से दादा और उनके दो पोते को अचानक चक्कर के साथ उल्टी होने लगी। तीनों की एक साथ बिगड़ी तबीयत देख परिजन उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल लाए थे। ड्यूटी में मौजूद डॉक्टर नर्स ने प्राथमिक इलाज के साथ तीनों को भर्ती किया है। उर्मिला बाई ने बताया कि हमेशा की कोदो की रोटी और सब्जी खिलाया था, लेकिन सबकी तबीयत बिगड़ गई। बेटा घर में था नहीं इसलिए पड़ोसियों की मदद से सभी को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले आए, यहां इलाज हो रहा है। पीड़ित सोने लाल चौधरी ने बताया कि सुबह कोदो की रोटी अपने पोतों के साथ खाई थी, जिसके बाद मैं घर के बाहर घूमने निकला तो चक्कर आने लगे। तभी घर में खेल रहे पोते भी बेहोश हो गए थे। हम लोगों को समझ नहीं आया कब गाड़ी में बैठे और अस्पताल आ गए। हम लोग सिर्फ कोदो की रोटी और सब्जी खाए बस, अभी तबीयत ठीक है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

अमर उजाला की टीम ने विशेषज्ञों से इसके बारे में जब चर्चा की तो शहडोल में मेडिसिन विभाग के डॉक्टर गंगेश डांडिया ने बताया कि कोदो अगर अधिक पुराना है तो फूड पॉइजनिंग की आशंकाएं हो सकती हैं। लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। सभी भर्ती मरीजों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। डॉ. भूपेंद्र सिंह सेंगर मेडिसिन विशेषज्ञ ने बताया कि चने की भाजी में काफी मात्रा में खाद का उपयोग किया जाता है, जिससे लोग बीमार भी हो सकते हैं हालांकि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मरीजों की जांच रिपोर्ट आने के बाद चीजें स्पष्ट हो सकेंगी, अभी सभी मरीजों की हालत स्थिर है।

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