Sunday, July 5, 2026 7:39 am

नगर निगम शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं देने में विफल, कांग्रेसियों ने महापौर मालती राय का पुतला जलाया, मांगा इस्तीफा

The Municipal Corporation failed to provide basic amenities to the city residents; Congressmen burnt the effigy of Mayor Malti Rai and demanded her resignation.

  • शहर में गोमांस और गंदे पानी को लेकर लोगों का फूटा गुस्सा जल्द इस्तीफार नहीं तो सीएम हाउस घेरने की दी चेतावनी

भोपाल। राजधानी भोपाल में गोमांस तस्करी और दूषित पेयजल आपूर्ति को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकतार्ओं ने भोपाल नगर निगम के सामने प्रदर्शन करते हुए महापौर का पुतला जूते-चप्पलों से पीटा और दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम पर गोहत्या को संरक्षण देने और शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं देने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए महापौर से तत्काल इस्तीफे की मांग की।

सनातनी सरकार ने साधी चुप्पी

पूर्व जिला अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मोनू सक्सेना ने कहा कि भोपाल मध्य प्रदेश का हृदय है और भोपाल का हृदय जिंसी चौराहा है। उसी जिंसी चौराहे के नीचे गोहत्या हो रही है। हजारों लाखों टन मांस दूसरे प्रदेशों में निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को सनातनी बताने वाली सरकार झूठे वादे कर रही है। और इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री से लेकर राज्य सरकार तक चुप्पी साधे हुए है।

स्लाटर को नियम विरुद्ध एमआईसी ने दिया टेंडर

मोनू सक्सेना ने कहा, नगर निगम ने नियमों के विरुद्ध जाकर स्लाटर हाउस का टेंडर दिया है, जिसमें महापौर मालती राय और एमआईसी का संरक्षण है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहरवासी तमाम तरह के टैक्स दे रहे हैं। इसके बावजूद न अच्छी सड़क मिल रही है और न ही साफ पानी। नालियों की हालत भी बदतर है। ऐसे में गोहत्या को संरक्षण देने वाली महापौर को इस्तीफा देना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि असलम चमड़ा उर्फ असलम कुरैशी एक मंत्री के सीधे संपर्क में हैं और उसे महापौर व उनके पति का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सच्चाई जानना चाहती है तो पूर्व जजों की उच्च स्तरीय समिति बनाकर जांच कराई जाए। इससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो जाएगा।

बिना परिषद में क्यों नहीं लाया गया प्रस्ताव

सक्सेना ने कहा कि जिन कर्मचारियों पर अब तक कार्रवाई हुई है, उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वे 25 दिवसीय कर्मचारी हैं और उनके हस्ताक्षर तक नहीं हैं। जिस डॉक्टर को सस्पेंड किया गया है, वह चार महीने पहले ही निगम में पदस्थ हुआ था और उसका टेंडर प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। स्लाटर हाउस का प्रस्ताव एमआईसी में चुपके से पारित किया गया और परिषद की बैठक में भी नहीं लाया गया।

आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, सीएम हाउस घेरने की चेतावनी

प्रदर्शन के बाद नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें दूषित जल आपूर्ति की तत्काल जांच, गंदे पानी की सप्लाई रोकने, जल शुद्धिकरण संयंत्रों और पाइप लाइनों की नियमित सफाई, स्लॉटर हाउस में पाए गए गोमांस की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि महापौर को बर्खास्त नहीं किया गया तो आंदोलन मुख्यमंत्री निवास तक जाएगा और हर कार्यक्रम में काले झंडे दिखाए जाएंगे।

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