प्रयागराज,

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने कुंभ मेले के दौरान कई महत्त्वपूर्ण आध्यात्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, वहाँ कई अखाड़ों के साधु-संतों से मुलाकात की और हजारों श्रद्धालुओं के लिए ध्यान-सत्र का आयोजन किया।

2 फरवरी की सुबह, सबसे पहले गुरुदेव ने आर्ट ऑफ लिविंग कैंप से 800 मीटर की दूरी पर स्थित नागवासुकी घाट पर देश विदेश से पहुँचे अनुयायियों के साथ गंगा स्नान किया। उसके बाद गुरुदेव सीधे सतुआ बाबा के आश्रम पहुंचे  जहां उन्होंने बाबा से  मुलाकात और आध्यात्मिक चर्चा की। इस अवसर पर बजरंगदास मार्ग सेक्टर 8 में स्थित आर्ट ऑफ लिविंग कैंप में रूद्र पूजा और गणेश होम का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

गुरुदेव आज स्वामी अवधेशानंद गिरी जी के प्रयागराज आश्रम पहुँचे, जहां उन्होंने उनसे आध्यात्मिक चर्चा की। दोपहर 12 बजे गुरुदेव ने संगम पर श्रद्धा की डुबकी लगाई उसके बाद दिगंबर अखाड़े के साधु संतों से मुलाकात की।

गुरुदेव की ओर से श्री श्री तत्त्व द्वारा भंडारे का आयोजन कर रहे विभिन्न साधु-संतों को 10 टन खाद्य सामग्री दान की गई, जिसमें बिस्किट, घी, सोया बड़ी आदि शामिल थे। आर्ट ऑफ लिविंग कैंप में भी हर दिन भंडारा चलाया जा  रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं को बिस्किट और अन्य खाद्य सामग्री वितरित की जा रही है।

आज वसंत पंचमी के अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा विशेष भंडारे का आयोजन किया गया है जिसमें लाखों भक्तों को भोजन कराया जा रहा है।

शाम को, मीडिया से बातचीत करते हुए गुरुदेव ने कहा, “यह कुंभ मेला एक अद्भुत अनुभव है, जो हर व्यक्ति के लिए अपनी आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का एक शानदार अवसर है। यह दुनिया को दर्शाता है कि कैसे विभिन्न आस्थाएं और संप्रदाय एक साथ रहकर पूजा-पाठ कर सकते हैं। आज जहां दुनिया धर्मों और मान्यताओं के बीच संघर्ष कर रही है, उन्हें यहां आकर विविधता में एकता का सजीव उदाहरण देखना चाहिए।”

वसंत पंचमी की संध्या पर आर्ट ऑफ लिविंग के सत्संग सभागार में एक भव्य सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें गुरुदेव ने श्रद्धालुओं को ध्यान कराया।

आगामी 4 फरवरी को, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर महाकुंभ की पवित्र धरती प्रयागराज से पूरे विश्व को ऑनलाइन सामूहिक ध्यान कराएंगे, जिसमें 180 देशों से करोड़ों लोग जुड़ेंगे।

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