प्रदेश की जनजातीय संस्कृति से नई पीढ़ी को परिचित करा रहा है संस्थान

लखनऊ. उत्तर प्रदेश जनजाति एवं लोक कला संस्कृति संस्थान, प्रदेश की जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस दिशा में संस्थान जनजातियों के पारंपरिक आभूषणों व दुर्लभ बर्तनों के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार का उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। संस्थान का यह प्रयास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समावेशी विकास की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस क्रम में प्रदेश की विभिन्न जनजातियों के पारंपरिक तरीके से बनाए गए 500 से अधिक आभूषणों व बर्तनों का न केवल संरक्षण किया जा रहा है, बल्कि इनकी प्रदर्शनी के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जानने का अवसर भी प्रदान कर रहा है। जनजातीय परंपराओं और उनके कला-कौशल की पहचान हैं ये आभूषण उत्तर प्रदेश की थारू, बुक्सा, गोंड और बैगा जनजातियों के आभूषण न केवल सौंदर्य के प्रतीक हैं, बल्कि जनजातीय समाज की गहरी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को भी जीवंत बनाते हैं। इस उद्देश्य से जनजाति एवं लोक कला संस्कृति संस्थान इन जनजातियों के पारंपरिक तरीके से बने आभूषणों का संरक्षण कर रहा है। संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि ये आभूषण पूरी तरह से हस्तनिर्मित होते हैं, जिन्हें जनजातियों के शिल्पकार अपने सदियों पुराने ज्ञान और हस्तकौशल से तैयार करते हैं। जो इन जनजातियों की सांस्कृतिक परंपराओं के साथ उनके कला कौशल की भी पहचान हैं। ये आभूषण गिलेट या गोटा चांदी, पुराने भारतीय सिक्कों, मनकों, तांबा, पीतल, लकड़ी, हड्डी व सीप जैसी सामग्रियों से बनाए जाते हैं। इनका निर्माण पारंपरिक तरीके से होता है, जिसमें धातु को भट्टी में गर्म कर तार और चादरों में बदला जाता है, फिर हाथों से अंतिम आकार दिया जाता है। इनमें हंसली, पायल, करधनी, कड़े, झुमकी, हार, अंगूठियां, बाजूबंद और मंगलसूत्र जैसे आभूषण जनजातीय जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान के प्रयास से जहां एक ओर लुप्त होते इन आभूषणों और उनकी निर्माण कला का संरक्षण किया जा रहा है, साथ ही उन्हें आधुनिकता से भी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन आभूषणों के आधुनिक रूप युवा पीढ़ी पारंपरिक परिधानों के साथ-साथ एथनिक व वेस्टर्न पहनावे में भी प्रयोग कर रही है।  यूपी की थारू,बुक्सा,अगरिया,खरवार जनजातियों के बर्तनों का हो रहा है संरक्षण संस्थान का प्रयास केवल आभूषणों के संरक्षण तक ही सीमित नहीं है। यह जनजातियों के विलुप्त होते पीतल, तांबे और मिट्टी के पारंपरिक बर्तनों के संरक्षण में भी सक्रिय है। संस्थान के निदेशक ने बताया कि थारू, बुक्सा, अगरिया, खरवार और सोनभद्र क्षेत्र की जनजातियों के धातु के बर्तन, मृदभांड, धातु पात्र और जंगली लौकी से बनी ‘तुंबी’ आज भी जनजातीय समाज की जीवनशैली का सजीव उदाहरण है। हमारा संस्थान इनका संरक्षण करने के साथ समय-समय पर इनकी प्रदर्शनी भी लगाता है। प्रदेश की अगरिया जनजाति धातु शिल्प के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जो कि प्राचीन काल से धातुकर्म की कला से परिचित है। जबकि थारू जनजाति चावल से पेय बनाने के लिए प्रयोग होने वाले ‘जाड़’ के लिए मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग करती है। संस्थान समय-समय पर प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश की जनजातियों की कलाकृतियों, आभूषणों और बर्तनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहा है। इसी क्रम में संस्थान की ओर से उत्तर प्रदेश दिवस- 2026 और जनजातीय भागीदारी महोत्सव में जनजातीय शिल्पकारों को मंच और सम्मान देकर जनजातीय गौरव को नई ऊंचाई प्रदान की गई। recent visitors 45

आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा केन्द्रीय बजट: डॉ. मोहन यादव

भोपाल भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में हम विकसित भारत का मिशन लेकर आगे बढ़ रहे हैं। केन्द्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा, उद्योगों को सरल प्रक्रियाएँ, निवेशकों को भरोसेमंद वातावरण, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, एमएसएमई सेक्टर को संस्थागत समर्थन और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त होंगी। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की जो नींव प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रखी गई है उसे वर्ष 2026-27 के बजट ने और ज्यादा मजबूत किया है। भारत की अर्थव्यवस्था अब तेजी से नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तत्पर है। युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति और उदयमिता के सहयोग से भारत ने आगे बढ़ने जो संकल्प लिया है वह कई अर्थों में अदभुत है। आज जब भारत औदयोगिक निवेश और निर्माण क्षेत्र का हब बनने जा रहा है, उसमें मध्यप्रदेश भी अपनी पूरी शक्ति के साथ योगदान देने के लिए तैयार है। हमने औदयोगिक निवेश के लिये अनूकूल वातावरण तैयार किया, जिससे निरंतर निवेश आ रहा है। नये बजट से पूरे इको-सिस्टम को नई ऊर्जा मिली है। बजट में हरित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया गया है। इससे मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ होने वाला है। कृषक कल्याण और कृषि विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया है। इसी प्रकार सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित तकनीक के विकास पर बजट में ध्यान केन्द्रित किया गया है। इन तीनों क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को हाई‑टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। इन क्षेत्रों के लिये नीतियां बनाने का काम पूरा कर लिया है। निवेश आकर्षित करने के प्रयास निरंतर जारी हैं। केन्द्रीय बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है। यह सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट है। जिस प्रकार मध्यप्रदेश में तेजी से शिक्षा का आधुनिकीकरण हो रहा है, नया बजट युवाओं के कौशल विकास और रोज़गार के लिए व्यापक अवसर लेकर आया है। शिक्षा से रोजगार एवं उदयम स्थायी समिति का गठन और 15 हजार माध्यमिक विदयालयों एवं 500 महाविदयालयों में एपीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम के सहयोग से 10 हजार गाइड्स के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेलों के परिदृश्य में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। महिलाओं के लिये एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ रूपये का आवंटन लाभदायी होगा। युवा भारत के लिये सेवा क्षेत्र का विस्तार संभावनाओं के नये द्वार खोलेगा और रोज़गार और उदयम के अवसर बढ़ेंगे। महिला उदयमिता को बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी योजना में महिला उदयमियों को क्रेडिट लिंक आजीविका से उद्म स्वामित्व से जोड़ने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश ने पहले ही इस दिशा में ठोस प्रयास किये हैं। सिटी ईकॉनामिक रीजन बनाने की नीति मध्यप्रदेश के शहरी विकास के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। शहरों को संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने में यह सहायक सिद्ध होगी। शहरी क्षेत्रों में नियोजित आर्थिक विकास, औद्योगिक‑व्यावसायिक क्लस्टरिंग और आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण होगा। इससे मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे और निवेश‑अनुकूल शहरी अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। यह निवेश मॉडल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स तथा व्यापारिक सुगमता को व्यापक रूप से मजबूत बनायेगा। बजट में सामाजिक समावेश पर पूरा ध्यान दिया गया है। आर्थिक विकास की ये पहल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। समावेशी विकास के साथ मानव-पूंजी निर्माण को भी मजबूती मिलेगी। शी-मार्ट्स, दिव्यांगजन कौशल योजना, सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा‑कौशल आधारित पहल से सामाजिक सशक्तिकरण के साथ आर्थिक विकास को समावेशी स्वरूप मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव‑पूंजी का सृजन होगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को विकास के केन्द्र में रखते हुए यह बजट प्रशासनिक सरलीकरण, निवेश-अनुकूल नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और वित्तीय स्थिरता के माध्यम से मध्यप्रदेश को तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की ठोस आधारशिला रखता है। मध्यप्रदेश के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 केवल एक नीति-दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का एक ऐतिहासिक अवसर है, जो मध्यप्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में अत्यंत सहायक एवं परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी।   recent visitors 33

हर मंगलवार जनसुनवाई, देश में मिसाल बने अकेले विधायक

सिवनी.  दिनेश राय मुनमुन मध्यप्रदेश के अकेले ऐसे विधायक हे जो हर मंगलवार जनता की समस्याओं को सुनकर तुरंत हल करते हे या हल कराने की कोशिश करते हैं। यदि किसी को छोटी मोटी बीमारी के लिए आर्थिक मदद की आवश्यकता होती हैं तो ये अपनी जेब से उसे तुरंत मदद करते है। इसी कारण इनकी लोकप्रियता जनता में अलग छाई हुई हैं। आज तक इनके ऊपर दलाली और कमीशन का दाग नहीं है।  बेबाक बिना भय के इनकी बोलने की शैली इनकी पहचान हे। कोई भी कार्यक्रम चाहे सामाजिक विकास की बात हो हो या राजनीतिक कार्यक्रम हो इसके लिए वे सबसे आगे होते हैं। इसी कड़ी में पिछले  मंगलवार को,सिवनी स्थित अपने बारापत्थर  कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई मे अनेकों आवेदनों पर सुनवाई कर समस्याओं का निराकरण किये जाने निर्देश दिया। ​प्रातः 11:00 बजे विधायक * दिनेश राय मुनमुन जी द्वारा अपने कार्यालय मे आयोजित जनसुनवाई आरंभ की गयी। इस जनसुनवाई में विधानसभा क्षेत्र के दूर-दराज से आए नागरिकों द्वारा अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित अनेकों आवेदन प्रस्तुत किये गये। जिसमें विधायक  दिनेश मुनमुन जी ने प्रत्येक आवेदकों की बात को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनता की सेवा ही हमारा मुख्य ध्येय है समस्याओं का शीघ्र और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा विधायक  दिनेश राय मुनमुन जी ने ग्राम पंचायत अलोनिया द्वारा गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम मे सहभागिता किया। जहां पर बालिकाओं द्वारा कलश लेकर आपकी आगवानी की गयी। इसके तदोपरांत सर्वप्रथम विधायक  दिनेश राय मुनमुन जी ने मां भारती का पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम आरंभ कराया। तत्पश्चात पंचायत प्रतिनिधियों ने साफा पहनाकर फूलमालाओं आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान विधायक  दिनेश राय मुनमुन जी ने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थितों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते कहा कि कला और संस्कृति हमारे समाज की आत्मा होती है। अभी मंच पर जो प्रस्तुतियां मैंने देखीं,वे यह दर्शाती हैं कि हमारे क्षेत्र की प्रतिभा किसी से कम नहीं है। ​ राय ने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि शिक्षा का अर्थ केवल किताबों से नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास से है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।विधायक  दिनेश राय मुनमुन जी ने आगे कहा कि मैं आयोजकों को बधाई देता हूं कि उन्होंने छात्र- छात्राओं को मंच प्रदान किया। सभी विद्यार्थियों से यही कहूंगा कि आप अपनी कला को जीवित रखें, खूब मेहनत करें और अपने माता-पिता व क्षेत्र का नाम रोशन करें। आप सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। इस अवसर पर सर्व जयदीप ठाकुर जी अध्यक्ष भाजपा मंडल बंडोल, राकेश बैस (काकू), विशाल साहू जी सरपंच, नीरज यादव जी उपसरपंच, राकेश यादव जी, टेकराम बरकडे जी, रामनाथ यादव जी, जयवंती यादव जी, अमरीश डहेरिया जी, निखिल राय जी, संजू बंजारा जी, तीरन ठाकुर जी, पवन साहू जी, नीलू बघेल जी सहित अभिभावक, शिक्षक,  शिक्षिकाऐं एवं बड़ी संख्या मे छात्र-छात्राओं की गरिमामय उपस्थिति रही।   recent visitors 39

बयान बना बवाल: ‘दौड़ते विधायक’ कहानी सुनाने वाले जतिन सांसद पर कानूनी शिकंजा

इंदौर दौड़ते हुए 'विधायक जी संग युवा नेता के किस्से' सुनाकर लाखों लोगों को अपना फैन बना चुके जतिन शुक्ला बुरी तरह घिर गए हैं। सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर जतिन शुक्ला के खिलाफ मध्य प्रदेश के इंदौर में केस दर्ज किया गया है। सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जतिन का एक वीडियो वायरल होने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई है। क्राइम ब्रांच ने प्राथमिक जांच के बाद जतिन शुक्ला के खिलाफ आईटी ऐक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।   एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा कि सांसद के प्रतिनिधि विशाल गदवानी ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत देकर बताया था कि 'जतिन ऑफिशियल' नामक इंस्टाग्राम से एक वीडियो वायरल किया गया है जिसमें सांसद का नाम लेकर अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक और झूठी बातें कहीं गईं हैं। जतिन शुक्ला के खिलाफ बीनएस की धारा 200, 223 और 352 के तहत केस दर्ज किया गया है। डीसीपी ने बताया कि एक पेन ड्राइव में वीडियो और लिंक शेयर किया गया है। किसी प्रकार की असत्य और अशोभनीय और भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करना एक अपराध है। वहीं, शिकायतकर्ता विशाल गिदवानी ने कहा कि कुछ दिनों पहले उन्हें जानकारी मिली कि इंदौर शहर और जनप्रतिनिधियों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए वीडियो बनाया गया। शिकायतकर्ता ने क्या कहा? गिदवानी ने कहा कि जतिन ने वीडियो में इंदौर के सांसद के साथ बातचीत का दावा करते हुए उनके हवाले से कई ऐसी बातें कहीं है जो पूरी तरह असत्य हैं। गिदवानी ने कहा कि सांसद कभी जतिन से मिले भी नहीं हैं। वीडियो में जतिन इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत को लेकर कटाक्ष करते हुए सांसद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल जतिन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। recent visitors 43

आईओसी अध्यक्ष ने कहा- आईसीई और एपस्टीन फाइलें शीतकालीन ओलंपिक से ध्यान भटकाने वाली

मिलान अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की अध्यक्ष किर्स्टी कोवेंट्री ने कहा है कि अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) और जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को लेकर उठे मुद्दे आगामी मिलानो–कोर्टिना शीतकालीन ओलंपिक से ध्यान भटका रहे हैं, जो 'दुखद' है। मिलान में रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईओसी अधिकारियों से इन विषयों पर सवाल पूछे गए। कोवेंट्री ने शुरुआत में इन्हें आईओसी के दायरे से बाहर का विषय बताया, लेकिन जोर देने पर उन्होंने माना कि ऐसी खबरें खेलों से फोकस हटाती हैं। कोवेंट्री ने कहा, “इन खेलों से ध्यान भटकाने वाली कोई भी चीज दुखद है। लेकिन वर्षों के अनुभव से हमने सीखा है कि खेलों से पहले हमेशा कोई न कोई मुद्दा सुर्खियों में आ जाता है—चाहे वह जीका रहा हो या कोविड। मगर मुझे भरोसा इस बात से मिलता है कि जब उद्घाटन समारोह होगा और खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा शुरू करेंगे, तब दुनिया फिर से खेलों के जादू और भावना को याद करेगी।” शनिवार को मिलान में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने शीतकालीन ओलंपिक के दौरान आईसीई एजेंटों की तैनाती के विरोध में प्रदर्शन किया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि एजेंट सड़कों पर नहीं, बल्कि एक नियंत्रण कक्ष में तैनात रहेंगे। इसी बीच, एपस्टीन से जुड़ी सरकारी फाइलों के हालिया खुलासे में वर्ष 2003 के कुछ ईमेल सामने आए हैं, जो लॉस एंजेलिस ओलंपिक आयोजन समिति के प्रमुख केसी वासरमैन और एपस्टीन की तत्कालीन साथी घिस्लेन मैक्सवेल के बीच बताए जा रहे हैं। आईसीई एजेंटों की मौजूदगी पर पूछे गए सवाल पर कोवेंट्री ने कहा, “हमारे पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर मुझे लगता है कि अमेरिकी प्राधिकरणों ने आवश्यक स्पष्टीकरण दे दिए हैं। सुरक्षा से जुड़े इस पहलू पर हमें आगे टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। हम खेलों का इंतजार कर रहे हैं।” वासरमैन के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “इस पर कल चर्चा नहीं हुई थी। वासरमैन अपना बयान दे चुके हैं और हमारी ओर से इसमें कुछ जोड़ने को नहीं है।” फाइलों में आईओसी के दो सदस्यों के नाम भी आए हैं—रिचर्ड कैरियन और जोहान एलियाश—हालांकि किसी भी तरह की गलत भूमिका का कोई संकेत नहीं है। इस पर कोवेंट्री ने कहा, “हम मीडिया रिपोर्ट्स पर नजर रख रहे हैं और सामने आई जानकारी को समझने के लिए समय चाहिए।” उल्लेखनीय है कि मिलानो–कोर्टिना शीतकालीन ओलंपिक 6 से 22 फरवरी तक आयोजित होंगे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। कोवेंट्री करीब 10 महीने पहले आईओसी अध्यक्ष चुनी गई थीं और इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं।   recent visitors 44

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आह्वान: स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार और योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करें

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, योजनाओं का करें प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता एवं चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के लिए सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय सहायक एवं चिकित्सकीय मैनपावर की नियुक्ति तथा स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन से संबंधित प्रस्तावों की गहन समीक्षा की। उन्होंने इन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। रिमोट लोकेशन में स्थित मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण स्टाफ की नियुक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त इंसेंटिव प्रदान करने के प्रस्ताव को कैबिनेट अनुमोदन हेतु शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में योग्य शिक्षण स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय शिक्षा के लिए अहम है। बैठक में अंतर्विभागीय विषयों पर चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर औपचारिकताओं की पूर्ति प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो। सीएम केयर्स के अंतर्गत टर्शरी केयर स्वास्थ्य सुविधाओं में अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ आवश्यक मैनपावर की नियुक्ति के प्रस्तावों को प्राथमिकता से अग्रेषित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर रोगों के उपचार हेतु टर्शरी केयर सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जाना आवश्यक है, ताकि नागरिकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदेश के हर क्षेत्र में उपलब्ध हों। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने दमोह, छतरपुर एवं बुधनी मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए आवश्यक शिक्षण स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र में संचालन शुरू करने के लिए प्राथमिकता से समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति की जाये। बैठक में केंद्रीय बजट के प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने उपलब्ध बजटीय संसाधनों के समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए विभाग को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, आयुक्त  धनराज एस, एमडी एमपीपीएचएससीएल  मयंक अग्रवाल, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 38

मंत्री पटेल का ऐलान, नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों में बड़े पैमाने पर होगा पेड़ लगाना

नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण : मंत्री  पटेल  राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल ने नर्मदा परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आश्रय स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिये है।  पटेल सोमवार को जीवनदायिनी माँ नर्मदा के जल को निर्मल बनाए रखने, उनके प्रवाह को अविरल सुनिश्चित करने तथा नर्मदा से जुड़े समग्र विकास कार्यों के संबंध में राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सर्व छोटे सिेंह, दिनेश जैन, मती हर्षिका सिंह,  अविप्रसाद एवं  दीपक आर्य उपस्थित थे। मंत्री  पटेल ने अधिकारियों को परिक्रमा पथ पर प्रस्तावित पुल, पुलिया एवं ब्रिज के सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये। बैठक में विधानसभा से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। मंत्री  पटेल ने सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनहित से जुड़े विषयों का शीघ्र समाधान हो सके। बैठक में माँ नर्मदा के संरक्षण एवं विकास को जनभागीदारी से जोड़ने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।   recent visitors 36