मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा राज्य में 8वीं आर्थिक गणना, 2025-26 के सुचारू रूप से संचालन की तैयारियो, प्रगति की निगरानी तथा समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव/मुख्य सचिव द्वारा नामित अधिकारी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया है। समिति में प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, वित्त, नगरीय विकास एवं आवास, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा एवं प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एन.एस.ओ) क्षेत्र संकार्य प्रभाग (एफ.ओ.डी) सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, सदस्य/राज्य चार्ज अधिकारी तथा आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय को सदस्य-सचिव/ राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। समिति मुख्यत: आर्थिक गणना के संचालन में तैयारियों, प्रगति की निगरानी तथा आने वाली प्रशासनिक एवं तकनीकी समस्याओं का नियमित आधार पर समीक्षा और समाधान करेगी। राज्य में पर्याप्त संख्या में सुपरवाइजर्स की तैनाती तथा मासिक आधार पर क्षेत्रीय कार्य की प्रगति की समीक्षा की जायेगी। राज्य में पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करना, राज्य और एन.एस.ओ (एफ.ओ.डी) के पर्यवेक्षकों द्वारा किए पर्यवेक्षण के आधार पर डेटा की शुद्धता पर रिपोर्ट तैयार करना, व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों को सहयोग के लिए संवेदनशील बनाना तथा जिला-स्तरीय प्राप्त फीडबैक की निगरानी करना तथा यदि कोई समस्या हो तो उसका समाधान समिति द्वारा किया जायेगा।   recent visitors 46

बिना इंटरनेट डाटा ट्रांसफर, जानें कैसे करें

अगर आपको डाटा ट्रांसफर करना है तो इंटरनेट की जरूरत पड़ेगी ही। पीसी से डाटा मोबाइल पर भेजना तो इंटरनेट का इस्तेमाल करना ही होगा और स्मार्टफोन पर रिसीव करना है तो भी इंटरनेट डाटा की खपत तय है, लेकिन इन सिंपल ट्रिक्स से आप बिना इंटरनेट के डाटा ट्रांसफर कर सकते हैंः 1. सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से जेंडर एप डाउनलोड करें। यह एक डाटा ट्रांसफर एप है। इसकी खासियत है कि यह एप बिना इंटरनेट, यूएसबी और वाई-फाई के डाटा ट्रांसफर करता है। 2. अब पीसी में जेंडर एप डाउनलोड करें। 3. इसके बाद पीसी और मोबाइल दोनों को डाटा ट्रांसफर के लिए साथ रखें। 4. अब जैसे ही आप फोन पर जेंडर एप खोलेंगे, उसे पता चल जाएगा कि साथ रखें डिवाइस में जेंडर इंस्टॉल है। 5. इसके बाद डिवाइस के ग्रुप में ऐड करें। 6. अब जिन फाइल्स को भेजना है उन्हें सेलेक्ट करके सेंड ऑप्शन पर क्लिक करके भेज दें। 7. इस एप की खासियत है कि आप किन्हीं भी दो डिवाइसेज के बीच डाटा ट्रांसफर कर सकते है। आप चाहे तो दो स्मार्टफोन्स के बीच या फिर चार डिवाइसेज को कनेक्ट उनके बीच भी डाटा ट्रांसफर कर सकते है।   recent visitors 162

छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा, AI डेटा सेंटर- ESDS करेगी 600 करोड़ रुपये का निवेश-CM साय

रायपुर छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा है। रायपुर में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए टेक्नोलॉजी कंपनी ESDS Software Solution Ltd ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुलाकात के दौरान कंपनी के चेयरमैन पीयूष सोमानी और उपाध्यक्ष लोकेश शर्मा ने कहा कि यह सेंटर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत के डिजिटल भविष्य को गति देगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से छत्तीसगढ़ को AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल स्टोरेज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “डिजिटल इंडिया की भावना को छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतारने के लिए यह निवेश मील का पत्थर साबित होगा। सरकार हरसंभव सहायता देगी ताकि यह परियोजना जल्द से जल्द मूर्तरूप ले।” ESDS की यह पहल छत्तीसगढ़ को एक टेक्नोलॉजी हब बनाने के साथ-साथ युवाओं के लिए उच्च स्तरीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यह सेंटर राज्य के IT इकोसिस्टम को मजबूती देगा और डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी । recent visitors 62

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु नवीनीकरण एवं नवीन आवेदनों के लिए ऑनलाइन आवेदन तीन चरणों में आमंत्रित

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइट postmatric-scholarship.cg.nic.in पर ऑनलाइन किया जा रहा है। छात्रवृत्ति हेतु प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन तीन चरणों में आमंत्रित किया गया है। नवीनीकरण के लिए विद्यार्थियों द्वारा आवेदन प्राप्ति की तिथि 31 मई, 31 अगस्त और 30 नवम्बर 2025 तक तथा नवीन विद्यार्थियों द्वारा आवेदन प्राप्ति की तिथि 31 अगस्त, 30 सितम्बर और 30 नवम्बर 2025 तक निर्धारित हैं। विद्यार्थियों को उनके आधार सीडेड बैंक खाते में भुगतान 7 कार्य दिवस में प्राप्त होगा। निर्धारित तिथि के पश्चात शिक्षा सत्र 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जावेगा एवं ड्रॉफ्ट प्रपोजल एवं सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जावेगा। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं तो इसके लिए संस्था प्रमुख जिम्मेदार होंगे।              सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। छात्रवृत्ति हेतु पात्रता के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के पालक की आय-सीमा 2.5 लाख रूपए प्रतिवर्ष, अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु आय-सीमा 1 लाख रूपए प्रतिवर्ष, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र, छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र, विद्यार्थी के अध्ययनरत पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम संलग्न करना होगा।  छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से आधार सीडेड बैंक खाते में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। इसलिए सभी विद्यार्थी अपने सक्रिय एवं आधार सीडेड बैक खाते की प्रविष्टि ऑनलाइन करते समय सुनिश्चित कर लें। वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति,  अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। इसके लिए राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल में प्रदाय निर्देशों का अवलोकन किया जा सकता है। वर्ष 2025-26 में नवीन संस्था के संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक अथेंटिकेशन किया जाना अनिवार्य है। recent visitors 55

हार्ट अटैक से बचने के उपाय

दिल की सेहत पर ही निर्भर करती है, हमारे शरीर की सेहत। और दिल को सेहतमंद रखने के लिए बहुत जरूरी है कि हम संतुलित जीवनशैली अपनाएं और नियमित व्याहयाम करें। पर्याप्त नींद हार्वर्ड के 70,000 महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, नींद हमारे दिल को सेहमतमंद रखने में काफी मदद करती है। इस अध्य यन में पाया गया कि जो लोग रात को एक घंटा अधिक सोते हैं, उन्हेंु दिल की बीमारी अन्यव लोगों की तुलना में कम होती है। वहीं सात घंटे से कम सोने वाले लोगों को दिल की बीमारी होने की आशंका अधिक होती हैद्य कोलेस्ट्रॉल कम करें रक्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल धमनियों की भीतरी दीवारों पर जम जाता है। इससे धमनियां सिकुड़ जाती हैं और परिणामस्वॉरूप दिल तक कम मात्रा में खून पहुंचता है। इसलिए आपको चाहिए कि अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखें और इसकी नियमित जांच भी करवाते रहें। उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल, कोरोनरी हृदय रोग विकसित होने की संभावना को बढ़ा देता है। नियमित रूप से व्यायाम करें नियमित रूप से व्यायाम स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है। इससे मधुमेह होने की आशंका भी कम हो जाती है। मधुमेह रोगियों के बीच हार्ट अटैक का खतरा ज्याकदा होता है। गैर इंसुलिन निर्भर मधुमेह के रोगियों में सभी मौतों में से लगभग आधी दिल की बीमारी के कारण होती हैं। फैट से बचें भोजन में तेल का प्रयोग कम कर ताजी हरी सब्जियों और फल की मात्रा बढ़ाएं। ये रेशेदार और एंटी ऑक्सीडेंट्स के स्रोत हैं जो खून की वाहिकाओं में खराब कोलेस्ट्रोल के असर को कम करती हैं। इनके प्रतिदिन प्रयोग से दिल की बीमारी से बचा जा सकता है। साथ ही जंक फूड का सेवन कम से कम करें। भोजन समय पर करें। धूम्रपान न करें सिगरेट पीना महिलाओं में दिल की बीमारी का सबसे प्रमुख कारण है। मध्य म वर्ग की महिलाओं में तंबाकू के कारण लगभग 50 प्रतिशत हार्ट अटैक के मामलें देखने को मिलते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा यह बात सिद्ध की जा चुकी है कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में दिल का दौरा या आकस्मिक हृदय रोग से मृत्यु होने का खतरा आम व्यक्तियों की तुलना में दोगुनी होता है। धूम्रपान छोड़ देने के 10 वर्षो के अंदर इन बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। वजन को नियंत्रित करें यदि आपका वजन अधिक है तो आपके हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उसे तेजी से धड़कना पड़ता है। अधिक वजन का कारण असंतुलित भोजन और व्यायाम की कमी है, जिससे कई अन्य रोग भी जन्म लेते हैं। इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है, रेशे वाले अनाजों तथा उच्च किस्म के सलादों का सेवन। साथ ही नियमित रूप से आधे घंटे टहलना। यह आपके अच्छे कोलेस्ट्रोल यानी एचडीएल कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। तनाव में कमी मनोवैज्ञानिक तनाव को हार्ट अटैक की मुख्य वजह मानते हैं। तनाव के प्रभाव को कम करने के और दैनिक आधार पर सामना करने वाले तनाव का प्रबंधन के लिए स्वस्थ तरीके खोजें। इसके अलावा, पौष्टिक आहार योजना और नियमित रूप से व्यायाम आपके स्वापस्य्नी  पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। शराब का सेवन कम अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, शराब का अत्यधिक सेवन हाई बीपी ओर दिल की बीमारियों का नेतृत्व कर सकता हैं। हालांकि, कुछ अध्ययनों से पता चला है कि कम मात्रा में शराब के सेवन से कोलेस्ट्रॉल सही रहता है और इसलिए यह दिल के लिए फायदेमंद है।   recent visitors 154

रायपुर : तटबंध निर्माण कार्य के लिए 77.35 लाख रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बालोद जिले के विकासखण्ड-डौण्डीलोहारा के अंतर्गत ग्राम बड़ाजुंगेरा में स्थित स्थानीय नाले पर तटबंध निर्माण कार्य के लिए 77 लाख 35 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को तटबंध निर्माण कार्य कराने प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। recent visitors 46

महाविद्यालय परिसर को सुरक्षित करने के लिए बाउंड्रीवॉल बनाने की मिली मंजूरी, परिसर होगा सुरक्षित

बीना  शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लंबी मांग के बाद बाउंड्रीवॉल निर्माण कराने को स्वीकृति मिली है। यह निर्माण 155.90 लाख रुपए में होना है और इस कार्य की निर्माण एजेंसी बिल्डिंग डेवलपमेंट कारपोरेशन है। यह कार्य कुछ माह बाद शुरू होने की उम्मीद है।  महाविद्यालय परिसर को सुरक्षित करने के लिए पूर्व में भी बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया गया था, जो जर्जर हो गई है और कई जगह गिर भी चुकी है। बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त होने के कारण अंदर मवेशी पहुंच रहे हैं, जिससे परिसर में लगे पेड़ सुरक्षित नहीं हैं। खेल मैदान भी खराब हो रहा है। साथ ही असामाजिक तत्व भी अंदर पहुंच जाते हैं। महाविद्यालय प्रबंधन लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था और जनभागीदारी समिति में भी प्रस्ताव रखा था। प्राचार्य डॉ. एमएल सोनी ने बताया कि बाउंड्रीवॉल निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा। इसके बनने से परिसर सुरक्षित होगा। जनभागदारी समिति की बैठक में प्रस्ताव रखा गया था, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर यह मांग की गई थी। मुख्य गेट से होगी एंट्री बाउंड्रीवॉल बनने के बाद विद्यार्थियों की एंट्री एक ही गेट से होगी और बाहरी व्यक्ति सीधे अंदर नहीं पहुंच पाएंगे। अभी जगह-जगह से बाउंड्रीवॉल टूटी होने से विद्यार्थियों के अलावा अन्य व्यक्ति अंदर पहुंच जाते हैं। recent visitors 43