इजरायल का ईरान पर बड़ा हमला: 95 लोग घायल, ईरान ने कहा – यह युद्ध की घोषणा है

इजरायल का ईरान पर बड़ा हमला: 95 लोग घायल, ईरान ने कहा – यह युद्ध की घोषणा है

Israel attacks Iran LIVE: 95 people injured in Israeli attack; Iran calls it a ‘declaration of war’ नई दिल्ली ! मध्य-पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर है। इजरायल ने गुरुवार देर रात ईरान पर हवाई हमला किया, जिसमें अब तक 95 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। ईरान ने इस कार्रवाई को ‘युद्ध की सीधी घोषणा’ करार दिया है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को उठाने की बात कही है। दोनों देशों के बीच इस गंभीर टकराव से वैश्विक चिंता गहराती जा रही है। क्या हुआ इजरायली हमले में?सूत्रों के अनुसार, इजरायली वायुसेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यह हमला ऐसे समय पर हुआ जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी लगातार तीखी होती जा रही थी। तेहरान में विस्फोट की आवाजें कई किलोमीटर दूर तक सुनी गईं। स्थानीय अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ देखी गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। ईरान की प्रतिक्रिया ईरान के राष्ट्रपति ने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा,“यह हमला हमारी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमला है। यह युद्ध की घोषणा है और हम इसका करारा जवाब देंगे।”ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है, और देश के सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है। इजरायल का पक्षइजरायल ने अभी तक आधिकारिक रूप से हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इस कार्रवाई को “सुरक्षा कारणों से किया गया आवश्यक प्रतिरोध” बताया है। इजरायल ने पहले भी कहा था कि वह ईरानी परमाणु कार्यक्रम को किसी भी कीमत पर रोकने के लिए तैयार है। वैश्विक प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है और स्थिति को लेकर आपात बैठक बुलाई है।अमेरिका, रूस और चीन ने गहरी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि इस टकराव से वैश्विक शांति को खतरा है।भारत ने भी इस टकराव पर चिंता जताते हुए कूटनीतिक समाधान की अपील की है। क्या हो सकते हैं इसके परिणाम?विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष आगे बढ़ा, तो यह पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक सकता है। इससे न केवल तेल की कीमतों में उछाल आएगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं भी प्रभावित होंगी। इजरायल और ईरान के बीच यह संघर्ष एक नए युद्ध की आहट जैसा महसूस हो रहा है। आने वाले कुछ घंटे और दिन बेहद अहम होंगे। पूरी दुनिया की नजरें अब इन दो देशों पर टिकी हैं कि क्या यह तनाव और बढ़ेगा या कोई समाधान निकलेगा? recent visitors 122

जिला अस्पताल परिसर में आक्सीजन प्लांट के समीप लगी आग में दो एम्बुलेंश जली

जिला अस्पताल परिसर में आक्सीजन प्लांट के समीप लगी आग में दो एम्बुलेंश जली

Two ambulances were burnt in a fire near the oxygen plant in the district hospital premises सीधी । जिला अस्पताल के एम्बुलेंशों में फिर आग लगने का मामला सामने आया। आक्सीजन प्लांट के समीप आग की चपेट में दो एम्बुलेंशों के आने से हडक़म्प मच गया। सूचना मिलते ही तत्काल नगर पालिका का फायर बिग्रेड मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया गया।मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल परिसर में आक्सीजन प्लांट के समीप कुछ बिगड़ी हालत में एम्बुलेंश खड़ी हुई थीं। कल शाम करीब 5:30 बजे अचानक एक एम्बुलेंश से आग की तेज लपटें तथा धुआं निकलना शुरू हो गया। यह जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ.एस.बी.खरे स्वयं मौके पर पहुंचे और फायर बिग्रेड से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू हुआ। करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। बताते चलें कि कुछ माह पूर्व ही जिला अस्पताल परिसर से लगे पुराने सीएमएचओ कार्यालय के पीछे खड़ी कण्डम एम्बुलेंशों में आग लगने की घटना रात में सामने आयी थी। उस दौरान यह माना गया कि रात में किसी नशेड़ी द्वारा बीड़ी या सिंगरेट फेंकने से आग लगने की घटना हुई थी। इससे पूर्व भी पुरानी एम्बुलेंशों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। आज जिस स्थान पर बिगड़ी एम्बुलेंशों को खड़ा किया गया था वहां से बिजली का तार भी गुजरता है। फिर भी लापरवाही पूर्वक आक्सीजन प्लांट के समीप ऐसे जोखिम भरे स्थान में पुरानी एम्बुलेंशों को खड़ा किया गया था। जिला अस्पताल की बिगड़ी एम्बुलेंशों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा पुरानी एम्बुलेंशों की सुरक्षा को लेकर कोई माकूल इंतजाम नहीं किये जा रहे हैं। पुरानी कण्डम एम्बुलेंशों की नीलामी की स्वीकृति न मिलने के कारण अस्पताल परिसर में पुराने सीएमएचओ कार्यालय के पीछे दर्जनों एम्बुलेंश खड़ी हुई हैं। नीलामी न होने के कारण अधिकांश एम्बुलेंश पूरी तरह से कण्डम हो चुकी हैं। इनका कहना हैजिला अस्पताल परिसर में जहां एम्बुलेंश खड़ी थीं। उसके ऊपर से बिजली के तार के गुजरने से शार्ट सर्किट के चलते आग लगने से प्रथम दृष्टया जानकारी सामने आयी है। अस्पताल परिसर में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी भी रहती है। इस मामले में जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जावेगी।डॉ.एस.बी.खरे, सिविल सर्जन जिला अस्पताल सीधी recent visitors 130

बाबा साहब की मूर्ति लगाने का विरोध संघ समर्थक कर रहे हैंः गोविंद सिंह

बाबा साहब की मूर्ति लगाने का विरोध संघ समर्थक कर रहे हैंः गोविंद सिंह

Sangh supporters are opposing the installation of Baba Saheb’s statue: Govind Singh ग्वालियर। हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति लगाये जाने का विरोध आरएसएस के समर्थक लोग कर रहे है। जिस कारण प्रशासन द्वारा हाईकोर्ट परिसर से मूर्ति को हटा दिया गया। यह समस्त देश की जनता का अपमान है। कुछ अलग विचारधारा के लोगों ने संविधान की प्रतियां जलाई एवं अंबेडकर के पुतले जलाये। आज वही विचारधारा के लोग खुलेआम मूर्ति स्थापना का विरोध कर रहे है। कांग्रेस पार्टी इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह बात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहीं।डा. सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित किये जाने की प्रक्रिया पूरी तरह से न्यायालय की अनुमति और विधि सम्मत कार्रवाई के अनुरूप पूरी हो चुकी है। इसके बाबजूद यदि किसी विशेष मानसिकता या राजनीतिक दबाब में आकर यह प्रक्रिया रोकी गई है तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा के लिये हम सामाजिक जनजागरण और राजनीतिक आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और हाईकोर्ट प्रशासन शीघ्र ही मूर्ति स्थापना की तारीख तय करें। पत्रकारवार्ता में राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, विधायक डा. सतीश सिंह सिकरवार, विधायक साहब सिंह गुर्जर, डबरा विधायक सुरेश राजे, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. देवेन्द्र शर्मा, प्रवक्ता राम पाण्डे भी उपस्थित थे। recent visitors 92

विमान दुर्घटना के दिवंगत यात्रियों की आत्मा की शांति के लिए भगवान चक्रधर से की प्रार्थना

विमान दुर्घटना के दिवंगत यात्रियों की आत्मा की शांति के लिए भगवान चक्रधर से की प्रार्थना

Prayers were offered to Lord Chakradhar for the peace of the souls of the deceased passengers of the plane crash ग्वालियर। श्री सनातन धर्म मंडल में आज अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया की भीषण दुर्घटना में दिवंगत यात्रियों की आत्मा की शांति हेतु भगवान श्री चक्रधर के चरणों में प्रार्थना की गई। मण्डल के अध्यक्ष विजय गोयल, प्रधानमंत्री रमेश चंद्र गोयल लल्ला, कोषाध्यक्ष राकेश बंसल, धर्म मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि अहमदाबाद में घटित भीषण हृदयविदारक विमान हादसे से सभी स्तब्ध, निःशब्द और दुखित है। ऐसे हादसों पर विश्लेषण से ज्यादा विलाप स्वीकार्य होता है। आधुनिकीकरण और वैज्ञानिक अनुसंधान भी ईश्वरीय प्राकृतिक प्रकोप के आगे निस्सहाय साबित हुए। ईश्वर मृतको को सद्गति और परिजनों को संबल प्रदान करें। ऐसे दुःखद घटनाक्रम पर अभिव्यक्ति के लिए शब्द एवं भाव भी अपर्याप्त हो जाते है। मृत्यु शाश्वत सत्य है परंतु इस तरह जाना या जाते हुए अपनों को देखना अकल्पनीय है। गोयल ने कहा कि सनातन धर्म मंडल परिवार की संवेदनाएं इस दुख की घड़ी में सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। recent visitors 112

बेबस मां, कलयुगी पुत्र-बहू ने हड़पा मकान, पुलिस को सुनाई फरियाद

बेबस मां, कलयुगी पुत्र-बहू ने हड़पा मकान, पुलिस को सुनाई फरियाद

Kaliyuga’s son and daughter-in-law usurped the house जबलपुर। बच्चे माता-पिता का अरमान, उम्मीद होते हैं, लेकिन कलयुगी दौर में जिस माता पिता ने उन्हें उंगलियां पकडक़र चलना सिखाया, खून पसीने की कमाई से उन्हें पाला पोसा, ताकि वे बुढ़ापे का सहारा बने लेकिन वे उन्हें रामभरोसे छोड़ रहे हैं। ताजा मामला शांति नगर का सामने आया। बेटा बहू ने मां के साथ न केवल मारपीट की बल्कि उसे घर से निकाल दिया और उसके मकान को हड़प लिया अब वृद्धा दर-दर भटक रही है। मंगलवार को 75 वर्षीय वृद्धा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। रोते-बिलखते हुए फरियाद सुनाई। रेवती बाई सोनी निवासी शांति नगर ने बताया कि उनका छोटा बेटा चन्द्रेश सोनी और बहू प्रीति सोनी ने उनके साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया। राशन कार्ड छीन लिया। उनके मकान को भी हड़प लिया है, वे दरदर भटक रही है, बड़ा बेटा इंदौर में रहता है जो फोन तक नहीं उठाता है। recent visitors 119

कई दुकानों में पहुंचा बेहद खराब क्वालिटी का खाद्यान्न, पीडीएस के जिम्मेदार अधिकारी अनजान

कई दुकानों में पहुंचा बेहद खराब क्वालिटी का खाद्यान्न, पीडीएस के जिम्मेदार अधिकारी अनजान

Very poor quality food grains reached many shops, PDS officials are unaware सिंगरौली । सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ती कीमतों पर गरीबों को मिलने वाले खाद्यान्न वितरण की क्वालिटी भी सवालों के घेरे में आ गई है। बैढ़न ब्लॉक के कई शासकीय उचित मूल्य दुकानों में तीन महीने के लिए पहुंचा खाद्यान्न बेहद खराब है। जहां हितग्राही खाद्यान्न लेने में आनाकानी कर रहे हैं। वही जिम्मेदार अधिकारी उक्त मामले में अनजान हैं।गौरतलब है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को सस्ते दर पर राशन देने का निर्देश है। जिसमें जमकर भर्रेशाही मची हुई है। आरोप है कि जिला खाद्य अमला इस निरंकुश व्यवस्थाओं पर अंकुश लगाने में अब तक नाकाम रहा है। एक ओर जहां आये दिन शिकायते मिलती रहती हैं कि गरीबों को खाद्यान्न दो-दो, तीन-तीन महीने का वितरण विके्रताओं के द्वारा नही किया जाता है और ई-केवाईसी समेत आवंटन न मिलने का बहाना बताकर गरीब परिवारों को वैरंग लौटा दिया जाता है। जबकि गोदाम एवं स्टॉक पंजी में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध भी रहता है। यह तो कहानी विके्रताओं की है। वही अब राशन दुकानों में बेहद खराब क्वालिटी के गेहूॅ-चावल का परिवहन राशन दुकानों में किया गया है। बताया जाता है कि बैढ़न इलाके के कई दुकानों में अत्यंत घटिया किस्म के चावल-गेहूं का भण्डारण किया गया है। जिसे लेने में उपभोक्ता लेने में आनाकानी कर तरह-तरह के सवाल खड़े करते हुये यह कहते नजर आ रहे हैं कि जब पीडीएस का खाद्यान्न गुणवत्ता युक्त देने का निर्देश है, फिर यह घटिया चावल-गेहूं कहां से आ गया। सरकार एवं प्रशासन खाद्यान्न वितरण के नाम पर केवल कोरम पूर्ति कर अपनी पीठ थपथपाने में लगा हुआ है। गरीबों को किस तरह का खाद्यान्न मिल रहा है उसको देखने एवं सुनने वाला कोई नही है।तीन महीने का दुकानों के गोदामों में पहुंचा है राशनजानकारी के मुताबिक कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला का निर्देश है बरसात सीजन को देखते हुये तीन महीने का एक साथ राशन दुकानों के गोदामों में भण्डारण का जून से अगस्त महीने तक वितरण कराया जाना है। जहां खाद्यान्नों का वितरण भी शुरू हो गया है। लेकिन खाद्यान्न गेहूं-चावल की क्वालिटी को देखकर हर कोई सक्श कोस रहा है। बैढ़न कस्बे के आसपास के उपभोक्ताओं ने यहां तक कहा कि उक्त खाद्यान्न को अधिकारी चख कर देखे तो पता चल जायेगा। यह खाद्यान्न इतना घटिया है कि देखते ही मन उचट जाता है। इतना घटिया खाद्यान्न मिलों में कैसे पहुंचा, इसकी जवाबदेही किसकी है और क्या ऐसे लापरवाहों पर कार्रवाई होगी?विंध्या एग्रो इण्ड्रस्ट्रीज के मिल से पहुंचा है खाद्यान्नजानकारी के मुताबिक बैढ़न मुख्यालय के आसपास के शासकीय उचित मूल्य दुकानों में गेहूं विंध्या एग्रो इण्ड्रस्ट्रीज उद्योग दीप बैढ़न के मिल से परिवहन किया गया है। जिसमें एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड सिंगरौली के मद 2024-25 के प्रत्येक बोरिया में टैग भी लगा हुआ है और टैग में राइस की स्थिति क्या है, उसमें एनर्जी, सूगर, बिटामिन की मात्रा कितनी है, उसका विधिवत जिक्र है। अब सवाल उठता है कि उचित मूल्य दुकानों में सिर्फ गुणवत्ता विहीन जिसे देखने लायक भी नही है, वह दुकानों में कैसे पहुंचा। अब चर्चा यह है कि केवल टैग लगाकर राइस के बेहतर क्वालिटी बताया जा रहा है। जबकि मामला कुछ और है। इनका कहना:-अभी मैं अवकाश पर हू। ऐसी कोई शिकायत मेरे पास नही आई है और ऐसा हो भी नही सकता है कि गुणवताविहीन खाद्यान्न वितरण के लिए दिया जाये। अवकाश से आने के बाद देखता हॅू।पीसी चन्द्रवंशीजिला खाद्य अधिकारी, सिंगरौली recent visitors 224

क्या आपकी प्राइवेसी खतरे में है? सोशल मीडिया, सरकार और निगरानी की सच्चाई

क्या आपकी प्राइवेसी खतरे में है? सोशल मीडिया, सरकार और निगरानी की सच्चाई

Is your privacy at risk? The truth about social media, government and surveillance Is your privacy at risk आज हम एक ऐसे समय में जी रहे हैं जहाँ सूचना ही शक्ति है — लेकिन ये शक्ति अब आम नागरिकों के हाथ से निकलकर सरकारों, कॉर्पोरेशनों और डेटा एग्रीगेटिंग प्लेटफॉर्म्स के पास चली गई है। हमने अपनी मर्जी से, बिना कुछ समझे, सोशल मीडिया पर वह सब साझा कर दिया जो कभी सिर्फ घर की चारदीवारी में सुरक्षित था। फोटो, लोकेशन, पसंद-नापसंद, रिश्ते, विचार—हर चीज़ हमने पोस्ट की, लाइक की, शेयर की। शुरू में ये एक आज़ादी जैसी लगी, लेकिन यह आज़ादी धीरे-धीरे एक जाल में बदल गई। Is your privacy at risk जब हम अपनी निजी ज़िंदगी का डिजिटल खाका खुद ही खींच रहे थे, तब न सरकारें दिखती थीं और न ही राजनीतिक एजेंडा। पर जैसे ही यह डेटा बढ़ा, सरकारें चौकन्नी हुईं, निगरानी शुरू हुई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इसे मॉनेटाइज करना शुरू कर दिया। अब यह डेटा हमारे खिलाफ हथियार बन चुका है। Read more: भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि वेब स्टोरी आज का यथार्थ यही है कि सोशल मीडिया पर दी गई हर जानकारी का इस्तेमाल हमारी मानसिकता को प्रभावित करने, हमें उपभोक्ता में बदलने और कभी-कभी राजनीतिक टूल बनाने तक में हो रहा है। यह न केवल व्यक्ति की निजता, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा के लिए भी खतरा है। हमें यह समझना होगा कि Is your privacy at risk प्राइवेसी कोई सुविधा नहीं, बल्कि एक मूलभूत अधिकार है। जब तक हम इसके महत्व को नहीं समझेंगे, तब तक हम और हमारा समाज लगातार नियंत्रण में आता जाएगा। हमें खुद तय करना होगा कि हम तकनीक का इस्तेमाल करेंगे या तकनीक हमारा इस्तेमाल करेगी। प्राइवेसी ही पावर है। यही वह शक्ति है जो हमें सवाल पूछने, सोचने और चुनने की आज़ादी देती है। इसे समझना, इसकी रक्षा करना आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। यदि आप इस विषय में जागरूकता फैलाना चाहते हैं, तो इस लेख को अधिक से अधिक साझा करें — क्योंकि सोच तभी बचेगी जब निजता बचेगी। recent visitors 135