अक्षय कुमार के पर्स में किसकी फोटो, सुपरस्टार ने सरेआम किया खुलासा, इस दिन रिलीज होगी हाउसफुल 5

नई दिल्ली अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने पर्स में माता-पिता या अपने प्यार की तस्वीर को लेकर घूमते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सिनेमा जगत के सेलेब्स के पर्स में क्या रहता है। रुपया और डॉक्युमेंट्स के अलावा उनके पर्स में कुछ अलग चीजें भी होती हैं क्या। फिलहाल सुपरस्टार अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने सरेआम ये खुलासा किया है कि वह अपने पर्स में किसकी तस्वीर रखते हैं। आपको ये जानकार हैरानी होगी कि उनके पर्स में फैमिली के किसी सदस्य की फोटो नहीं है। बल्कि इस खास इंसान की तस्वीर मौजूद है, आइए जानते हैं। अक्की के पर्स में किसकी फोटो एक्शन के साथ-साथ अक्षय कुमार हिंदी फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए भी जाने जाते हैं। उनके एज ग्रुप के बहुत ही कम कलाकार कॉमेडी को उनसे बेहतरीन तरीके से कर पाते होंगे। हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर वह कॉमेडी में अपना गुरु किसे मानते हैं। मंगलवार को अपनी आने वाली मूवी हाउसफुल 5 के ट्रेलर लॉन्च के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में अक्की ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा है- मैं चार्ली चैप्लिन का बहुत बड़ा फैन हूं। जिस तरह से वह बिना बोले कॉमेडी करते थे, वो कोई आसान काम नहीं था। बहुत बड़ी बात होती है कि जब एक शब्द बोले बिना लोगों को सिर्फ और सिर्फ अपने एक्सप्रेशन से हंसाना हो। यही कारण है जो मैं उनको पसंद करता हूं। आप यकीन नहीं मानेंगे मेरे पर्स में उनकी फोटो भी रहती है। इस तरह से अक्षय ने ये खुलासा किया कि वह दिवंगत हास्य कलाकार चार्ली चैप्लिन के प्रशंसक हैं और अपने पर्स में उनकी तस्वीर लेकर घूमते हैं। ये भी कमाल बात है न कि कोई शख्स अपने आदर्श की फोटो को पर्स में रखता है। शायद यही वो वजह है जो अक्षय कुमार को सबसे अलग और खास बनाती है। कब रिलीज होगी हाउसफुल 5 हिंदी सिनेमा की सबसे सफल कॉमेडी फ्रेंचाइजी हाउसफुल की पांचवी किस्त जल्द ही दर्शकों की हंसाने का काम करती हुई नजर आएगी। 27 मई को हाउसफुल 5 का मजेदार ट्रेलर लॉन्च किया गया है, जिसमें अक्षय कुमार अपने पुराने अंदाज में कॉमेडी करते दिख रहे हैं। गौर करें इस मूवी की रिलीज डेट की तरफ तो 6 जून को हाउसफुल 5 दुनियाभर के सिनेमाघरों में एंट्री मारेगी। recent visitors 111

भाजपा ने कर्नाटक में अपनी अनुशासन नीति को सख्ती से लागू करते हुए दो विधायकों को पार्टी से किया निष्कासित

बेंगलुरु भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक में अपनी अनुशासन नीति को सख्ती से लागू करते हुए दो विधायकों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ये दोनों विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे। निष्कासित किए गए विधायकों में यशवंतपुर से एसटी सोमशेखर और येल्लापुर से ए शिवराम हेब्बार शामिल हैं। पार्टी की तरफ से इस कार्रवाई की पुष्टि कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। विजयेंद्र ने कहा कि यह निर्णय पार्टी की गरिमा बनाए रखने और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था। कारण बताओ नोटिस के बाद आई कार्रवाई पार्टी के केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक ने ए शिवराम हेब्बार को एक औपचारिक पत्र भेजा, जिसमें कहा गया है कि बार-बार पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन करने के चलते उन्हें यह सजा दी गई है। पत्र में लिखा है कि समिति ने 25 मार्च 2025 को भेजे गए कारण बताओ नोटिस के जवाब पर विचार किया और पाया कि विधायक द्वारा पार्टी की मर्यादाओं का कई बार उल्लंघन किया गया। इसके आधार पर उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है। साथ ही वे पार्टी के किसी भी पद पर बने नहीं रहेंगे। बीजेपी में अनुशासन सर्वोपरि बीजेपी हमेशा से अनुशासन को सबसे ऊपर मानती रही है। चाहे वह वरिष्ठ नेता हों या जनप्रतिनिधि, पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाता। यही वजह है कि पार्टी ने अपने दो मौजूदा विधायकों पर भी सख्त कार्रवाई करने में देर नहीं की। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम पार्टी के अंदर संदेश देने के लिए भी है कि अनुशासनहीनता या गुटबाजी जैसी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा। recent visitors 81

भारत में मेक इन इंडिया को मिलेगी नई उड़ान, कर्नाटक में बनेगी पहली प्राइवेट एयरफोर्स हेलिकॉप्टर फैक्ट्री

नई दिल्ली भारत में एयरोस्पेस सेक्टर को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। कर्नाटक के कोलार जिले में देश की पहली प्राइवेट सेक्टर की वायुसेना हेलिकॉप्टर असेंबली यूनिट बनने जा रही है। इस यूनिट को स्थापित करने की जिम्मेदारी एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) की साझा साझेदारी को दी गई है। यह प्रोजेक्ट भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देगा और एयरोस्पेस निर्माण में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह असेंबली लाइन यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस और भारत की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) द्वारा मिलकर बनाई जा रही है। इस संयंत्र में H125 सिविल हेलिकॉप्टर बनाए जाएंगे, जो एयरबस का सबसे ज्यादा बिकने वाला हल्का हेलिकॉप्टर है। यह भारत में निजी क्षेत्र की पहली हेलिकॉप्टर असेंबली यूनिट होगी। इससे पहले हेलिकॉप्टर असेंबली का काम भारत में सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा किया जाता था। कहां बनेगा यह प्लांट? यह प्लांट कर्नाटक के कोलार जिले के वेमगल इंडस्ट्रियल एरिया में बनेगा, जो बेंगलुरु से लगभग दो घंटे की दूरी पर है। यहां पहले से ही टाटा ग्रुप के उपग्रह निर्माण और अन्य एयरोस्पेस इकाइयां मौजूद हैं। टाटा समूह ने इस प्रोजेक्ट के लिए हाल ही में 7.4 लाख वर्गफुट का प्लॉट अधिग्रहित किया है, जिसमें विमान निर्माण, फाइनल असेंबली और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) की सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इस संयंत्र में शुरुआत में हर साल 10 H125 हेलिकॉप्टरों का निर्माण किया जाएगा। लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। एयरबस के अनुसार आने वाले 20 वर्षों में भारत और दक्षिण एशिया में 500 लाइट हेलिकॉप्टरों की जरूरत होगी, जिसे देखते हुए यह प्लांट भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। क्या है इस यूनिट का महत्व? मेक इन इंडिया को मजबूती – स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। नई नौकरियों के अवसर – स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार खुलेंगे।   Aequs के चेयरमैन और सीईओ अरविंद मेलिगेरी का कहना है कि यह परियोजना न केवल स्थानीय स्तर पर नौकरियां पैदा करेगी, बल्कि भारत को उन्नत औद्योगिक क्लस्टर के रूप में भी स्थापित करेगी। गुजरात को लेकर क्यों उठे सवाल? गौरतलब है कि टाटा और एयरबस इससे पहले वडोदरा (गुजरात) में भी C295 सैन्य विमान असेंबली लाइन की स्थापना कर रहे हैं। इसके साथ ही गुजरात को सेमीकंडक्टर प्लांट और डायमंड बोर्स जैसी बड़ी परियोजनाएं भी मिली हैं। इन्हीं वजहों से विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर गुजरात को विशेष तरजीह देने का आरोप लगाया है। हालांकि कोलार में हो रहे इस निवेश से दक्षिण भारत में भी संतुलन बनने की उम्मीद है। recent visitors 80

पाकिस्तान के खिलाफ युवा तेज गेंदबाजों पर जताया भरोसा, चोटों से जूझ रहा बांग्लादेश: बांग्लादेश मुख्य कोच

लाहौर चोट के कारण सीनियर तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान और तस्कीन अहमद के बाहर होने के बाद बांग्लादेश के मुख्य कोच फिल सिमंस को उम्मीद है कि बाकी तेज गेंदबाज पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, जो बुधवार को लाहौर में शुरू होगी। तस्कीन टखने की चोट के कारण दो महीने से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं, जबकि मुस्तफिजुर को पिछले हफ्ते दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए अपने अंतिम इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 मैच के दौरान अंगूठे में चोट लग गई थी। सिमंस ने कहा, 'आपको अपने सीनियर तेज गेंदबाजों की कमी खलेगी। जैसा कि हमने देखा, फिज (मुस्तफिज़ुर) उस समय आईपीएल में किस तरह की गेंदबाजी कर रहे थे। हमें उनकी कमी खलेगी। यह किसी के लिए इस सीरीज में उनकी जगह लेने का मौका भी है। उम्मीद है कि कोई गेंदबाज इस सीरीज में फिज की जगह लेना चाहेगा। इस फॉर्मेट में हमारी गेंदबाजी आमतौर पर हमारी मजबूती होती है। लेकिन दो वरिष्ठ गेंदबाजों, तस्कीन और फिज के बाहर होने से संतुलन बिगड़ा है।' मुस्तफिज़ुर की अनुपस्थिति में चयनकर्ताओं ने खालिद अहमद को शामिल किया है। नाहिद राणा के प्रतिस्थापन खिलाड़ी को नहीं चुना गया है जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए दौरे से नाम वापस ले लिया है। खालिद के अलावा, तेज गेंदबाजी इकाई में तंजीम हसन साकिब, हसन महमूद और शोरीफुल इस्लाम शामिल हैं। ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज को भी चोटिल सौम्य सरकार की जगह लाया गया है ताकि उनके गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत किया जा सके। यूएई से 2-1 से सीरीज हारने के बावजूद सिमंस आशावादी बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीम का मनोबल अच्छा है और लाहौर में शानदार प्रदर्शन के साथ वापसी करने को उत्सुक है। उन्होंने कहा, 'यूएई में सीरीज हारना मुश्किल था, लेकिन फिर कभी-कभी इससे आपका मनोबल बढ़ता है। हमारा मनोबल बहुत अच्छा रहा है, इसलिए हमें उम्मीद है कि (यूएई में परिणाम) हमारा मनोबल बढ़ाएगा।' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि सीरीज जीतने का हमेशा अच्छा मौका रहता है। लोग कहते रहते हैं कि पाकिस्तान अच्छा नहीं खेल रहा है। फिर से, यह उस दिन होने वाली घटनाओं पर निर्भर करता है। हमारे पास यहां सीरीज जीतने का अच्छा मौका है। हम सभी पहलुओं में सुधार करने की कोशिश में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उम्मीद है कि हम इस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।' यह सीरीज बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी विभाग के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगी, जिसमें शॉन टैट दो साल के अनुबंध पर तेज गेंदबाजी कोच के रूप में अपने पहले काम के लिए कोचिंग स्टाफ में शामिल होंगे। सिमंस ने कहा कि स्पिन गेंदबाजी कोच मुश्ताक अहमद के साथ टैट, जो दोनों कराची किंग्स और पेशावर जाल्मी के साथ हाल ही में पाकिस्तान सुपर लीग में शामिल थे, विपक्षी टीम की ताकत के बारे में मूल्यवान जानकारी देंगे। सिमंस ने कहा, 'मुझे लगता है कि वह (टैट) न केवल गेंदबाजों के लिए, बल्कि पूरी टीम के लिए शानदार साबित होंगे। हम यहां स्थिति का आकलन करेंगे। मुशी PSL में थे, इसलिए हम उनसे जानकारी लेंगे और अपने फैसले लेंगे।' अनुभवी खिलाड़ियों के न होने के कारण अब युवा तेज गेंदबाजों पर जिम्मेदारी आ गई है। उनमें से सबसे अनुभवी शोरफुल इस्लाम से आगे बढ़कर नेतृत्व करने की उम्मीद की जाएगी। बांग्लादेश 28 मई, 30 मई और 1 जून को गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान से तीन टी20 मैच खेलेगा।   recent visitors 70

2025 के चुनाव में केवटी सीट पर बीजेपी और आरजेडी उम्मीदवारों में होगी कड़ी टक्कर

केवटी केवटी विधानसभा सीट मधुबनी लोकसभा के तहत आता है। 1977 में केवटी सीट पर हुए विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी के कैंडिडेट दुर्गादास राठौड़ ने जीत हासिल की थी। 1980 के चुनाव में केवटी सीट से कांग्रेसी कैंडिडेट  एस नबी ने जनता का समर्थन हासिल कर लिया था। वहीं 1985 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के कैंडिडेट कलीम अहमद ने विरोधियों को शिकस्त दे दिया था।1990 और 1995 के चुनाव में जनता दल के कैंडिडेट गुलाम सरवर ने जीत हासिल कर लिया था। वहीं 2000 के विधानसभा चुनाव में केवटी से एक बार फिर गुलाम सरवर ने आरजेडी की टिकट पर जीत का सिलसिला बरकरार रखा था। 2005 और 2010 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट पर अशोक कुमार यादव ने लगातार दो बार जीत का सिलसिला कायम रखा था। 2015 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी की टिकट पर फराज फातमी ने विरोधियों को शिकस्त दे दिया था, लेकिन 2020 में बीजेपी उम्मीदवार मुरारी मोहन झा ने आरजेडी को मात दे दिया था।   वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी कैंडिडेट मुरारी मोहन झा ने जीत का परचम लहराया था। मुरारी मोहन झा 76 हजार तीन सौ 72 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट अब्दुल बारी सिद्दीकी 71 हजार दो सौ 46 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस तरह से मुरारी मोहन झा ने अब्दुल बारी सिद्दीकी को 5 हजार एक सौ 26 वोट के कम मार्जिन से हराया था। वहीं तीन हजार तीन सौ चार वोट के साथ निर्दलीय कैंडिडेट योगेश रंजन तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से आरजेडी कैंडिडेट फराज फातमी ने जीत हासिल की थी। फराज फातमी 68 हजार छह सौ एक वोट लाकर पहला स्थान हासिल किया था तो बीजेपी कैंडिडेट अशोक कुमार यादव को 60 हजार सात सौ 71 वोट ही मिल पाया था। इस तरह से फराज फातमी ने अशोक कुमार यादव को 7 हजार आठ सौ 30 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं 3 हजार पांच सौ 13 वोट के साथ नोटा तीसरे स्थान पर रहा था।   वहीं 2010 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से बीजेपी कैंडिडेट अशोक कुमार यादव ने जीत हासिल की थी। अशोक कुमार यादव 45 हजार सात सौ 91 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट फराज फातमी ने 45 हजार सात सौ 62 वोट हासिल किया था। इस तरह से अशोक कुमार यादव ने फराज फातमी को 29 वोटों के बेहद कम अंतर से हरा दिया था। वहीं कांग्रेसी कैंडिडेट मोहम्मद मोहसिन ने 5 हजार छह सौ 79 वोट लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था। वहीं 2005 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से बीजेपी की टिकट पर अशोक कुमार यादव ने जीत हासिल की थी। अशोक कुमार यादव 41 हजार आठ सौ 17 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट महबूब अहमद खां को 35 हजार एक सौ 65 वोट मिला था। इस तरह से अशोक कुमार यादव ने महबूब अहमद खां को 6 हजार छह सौ 52 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं एलजेपी कैंडिडेट महेश प्रसाद गुप्ता ने 9 हजार चार सौ 46 वोट लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था। केवटी सीट पर मुस्लिम, ब्राह्मण और यादव वोटर निर्णायक संख्या में हैं। इसके अलावा रविदास और पासवान वोटरों की संख्या भी यहां ठीक ठाक है। पिछली बार भी यहां बीजेपी कैंडिडेट ने 5 हजार से थोड़े ज्यादा अंतर से आरजेडी उम्मीदवार को हराया था। इसलिए 2025 के चुनाव में केवटी सीट पर बीजेपी और आरजेडी उम्मीदवारों में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। recent visitors 91

भारत के सांसद चाहे किसी भी पार्टी से हों, इन दिनों एकजुट नजर आ रहे, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का वैश्विक संदेश

नई दिल्ली भारत के सांसद चाहे किसी भी पार्टी से हों, इन दिनों एकजुट नजर आ रहे हैं। शशि थरूर, असदुद्दीन ओवैसी, अभिषेक बनर्जी, सुप्रिया सुले से लेकर रविशंकर प्रसाद तक सभी सांसद विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ एक सुर में बोल रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। न्यूयॉर्क, बहरीन और यूरोप के अलग-अलग मंचों से सभी नेताओं ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है आतंकियों को पनाह दोगे तो बख्शे नहीं जाओगे। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का वैश्विक संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में साफ कहा ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि आतंक के खात्मे का राष्ट्रीय अभियान है। पीएम मोदी ने अपील की कि देशवासी विदेशी सामानों की पहचान करें और उसका बहिष्कार करें। उनका कहना है कि पाकिस्तान आतंक को ही टूरिज्म मानता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये सिर्फ सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। शशि थरूर ने दिखाई विपक्ष के भीतर राष्ट्रवाद की लहर न्यूयॉर्क में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 9/11 मेमोरियल जाकर श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने दो टूक कहा—हमने हमला शुरू नहीं किया, लेकिन जवाब जरूर दिया। थरूर का यह भी कहना है कि भले ही वो सरकार का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन जब देश की बात आती है, तो सियासत पीछे रह जाती है। वो खुलकर स्वीकार करते हैं कि उन्होंने खुद एक लेख में सटीक लेकिन सोच-समझ कर हमला करने की बात कही थी और भारत ने बिल्कुल वैसा ही किया। ओवैसी बोले-इस्लाम आतंकवाद का विरोध करता है AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बहरीन में साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि बेकसूर की हत्या मानवता की हत्या के समान है। ओवैसी ने यह भी कहा कि मजहब का सहारा लेकर निर्दोष लोगों की जान लेना सबसे बड़ा अपराध है, और ऐसा करने वालों को किसी भी धर्म का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।    टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने कहा–पाकिस्तान आतंक का हैंडलर तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आतंकवाद को खतरनाक पागल कुत्ता बताया और पाकिस्तान को उसका दुष्ट हैंडलर। उनका कहना है कि जब तक इस ‘हैंडलर’ से दुनिया निपटेगी नहीं, तब तक आतंकवाद की बीमारी फैलती रहेगी। recent visitors 86

मुंबई में मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, 8 राज्यों में 27 मई से 1 जून तक आंधी, रेड अलर्ट

नई दिल्ली इस बार मानसून ने पूरे देश को चौंका दिया है। जहां आमतौर पर जून में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून मई के अंत से पहले ही मुंबई पहुंच गया, वहीं इसके साथ आई मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई में बारिश से मचा हड़कंप मई महीने में इतनी ज्यादा बारिश पिछले एक सदी से भी ज्यादा वक्त में नहीं देखी गई। मुंबई के कई इलाकों में जलभराव से सड़कें तालाब बन गईं और मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। वर्ली में निर्माणाधीन भूमिगत मेट्रो स्टेशन में पानी भरने से मेट्रो सेवाएं रोकनी पड़ीं और 250 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ की 13 और एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। कहां-कहां फैला मानसून मानसून ने तेलंगाना, रायलसीमा, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तक अपनी पकड़ बना ली है और अगले कुछ दिनों में यह पूरे महाराष्ट्र और उत्तर-पूर्व भारत में फैलने की उम्मीद है। उत्तर भारत को मिली राहत, तापमान में गिरावट उत्तर भारत में गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर गया है, हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, कुछ दिनों बाद तापमान फिर से चढ़ सकता है। आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट 27 मई से 1 जून तक उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और यूपी में आंधी, बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। महाराष्ट्र के अन्य जिले भी प्रभावित पालघर, ठाणे, रायगढ़, सतारा, कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर जैसे जिलों में भी हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में रेलवे ट्रैक डूब गए और मेट्रो स्टेशन की फॉल्स सीलिंग ढहने की घटनाएं भी सामने आई हैं। अन्य राज्यों में भी संकट     कर्नाटक में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, तटीय इलाकों में पांच दिन का रेड अलर्ट घोषित किया गया है।     केरल में बारिश के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में राहत शिविर खोले गए हैं।     महाराष्ट्र के लातूर जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत और छह घायल हुए हैं। 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई पहुंचा मानसून आईएमडी की वैज्ञानिक सुषमा नायर के अनुसार, मानसून ने इस बार 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई में दस्तक दी है। इससे पहले इतनी जल्दी मानसून केवल 1956, 1962 और 1971 में ही पहुंचा था।   recent visitors 91