कर्मचारियों को पेंशन योजना की पूरी जानकारी मिलनी चाहिए, रेल मंत्रालय का आदेश

नई दिल्ली रेल मंत्रालय ने अपने सभी जोन को एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के अंतर्गत उपलब्ध विकल्पों के संबंध में सभी कर्मचारियों के बीच व्यापक और प्रभावी संचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। सभी 17 रेलवे जोन के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारियों को संबोधित 21 मई के एक परिपत्र में मंत्रालय ने कहा कि ‘‘यूपीएस के तहत उपलब्ध विकल्पों के बारे में स्पष्ट, सटीक और व्यापक जानकारी प्रसारित करने के लिए तत्काल और सक्रिय उपाय की आवश्यकता है।'' मंत्रालय ने इन अधिकारियों से मानव संसाधन, वित्त कर्मियों और विषय विशेषज्ञों से पर्याप्त सहायता सुनिश्चित करते हुए विभिन्न स्थानों पर सुविधा शिविर आयोजित करने का भी आग्रह किया। परिपत्र में कहा गया है, ‘‘ये शिविर कर्मचारियों के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने, संदेहों को स्पष्ट करने तथा आसानी से अपनी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेंगे।''   recent visitors 88

दिल्ली एयरपोर्ट पर दिखा तूफान का कहर, टर्मिनल-1 की छत का हिस्सा टूटकर गिरा, यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बना

नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) के टर्मिनल-1 पर अचानक एक हादसा हो गया। तेज बारिश और आंधी के कारण टर्मिनल के बाहर छत का एक हिस्सा यानी ओवरहैंग नीचे गिर गया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें देखा जा सकता है कि ओवरहैंग का एक बड़ा टुकड़ा फुटपाथ पर गिरा पड़ा है और चारों ओर पानी ही पानी भरा है। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है लेकिन इससे यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया। तेज आंधी और बारिश के कारण हवाई यातायात पर भी असर पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट से जारी बयान के अनुसार, 24 मई की रात हुई भारी बारिश और तेज हवा की वजह से कुल 49 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया। इनमें से 17 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें थीं। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि मौसम की मार से प्रभावित ऑपरेशनों को सामान्य करने के लिए तुरंत कार्रवाई की गई और ग्राउंड स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई। 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, 81.2 मिमी बारिश भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार रात 11:30 बजे से रविवार सुबह 5:30 बजे तक राजधानी में 81.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। हवाओं की रफ्तार 82 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे पेड़ और अस्थायी ढांचे गिर गए। दिल्ली एयरपोर्ट के मुताबिक, यह बारिश अचानक और बहुत तीव्र थी जो महज 30 से 45 मिनट के भीतर हुई। तेज बारिश के कारण टर्मिनल-1 अराइवल फोरकोर्ट पर लगे बाहरी तन्यता कपड़े (टेंशन फैब्रिक स्ट्रक्चर) का एक हिस्सा दबाव के कारण ढह गया, जिससे पानी फैलाने में मदद मिल सकी। एयरपोर्ट प्रशासन ने साफ किया है कि टर्मिनल के अन्य हिस्सों पर कोई नुकसान नहीं हुआ है। जलभराव और ट्रैफिक ने शहर को रोका तेज बारिश के बाद दिल्ली के कई हिस्सों में भीषण जलभराव देखने को मिला। सड़कें पानी में डूबी हुई थीं और कई जगहों पर वाहन धीमे चलते नजर आए। मिंटो रोड जैसे इलाकों से तस्वीरें आईं जिनमें एक कार पानी में डूबी नजर आ रही थी। ट्रैफिक पुलिस को कई स्थानों पर यातायात डायवर्ट करना पड़ा और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। तेज आंधी और बारिश के बाद राजधानी के कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई। कुछ जगहों पर घंटों तक लाइट नहीं आई। अधिकारियों ने बताया कि बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने और तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई, जिसे जल्दी ठीक कर लिया गया। पहले भी आया था मौसम का झटका इससे पहले बुधवार को भी दिल्ली के ऊपर बादलों का एक घना समूह मंडराया था और तेज धूल भरी आंधी के साथ-साथ हल्की बारिश भी हुई थी। हवाओं की रफ्तार तब भी 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी जिससे कुछ इलाकों में पेड़ गिरे और बिजली गुल हो गई थी। दिल्ली एयरपोर्ट ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में टर्मिनल स्ट्रक्चर ने सामान्य प्रक्रिया के तहत पानी के दबाव को सहा और जहां भी आवश्यकता पड़ी, वहां क्षति को रोकने के लिए बनावट ने खुद को समायोजित किया। साथ ही, टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एयरपोर्ट पर सामान्य स्थिति बहाल कर दी ताकि यात्रियों को अधिक परेशानी न हो। recent visitors 79

मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक कई जिलों में बारिश की संभावना जताई, मध्य प्रदेश में नौतपा की ठंडी शुरुआत

भोपाल मध्यप्रदेश में अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली कई सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मई की तपन पर ब्रेक लग गया है। नौतपा के पहले ही दिन जहां कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, वहीं अधिकतर जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि वर्तमान में दक्षिणी-मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तरी कर्नाटक पर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जो पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही यह सिस्टम ओडिशा तक द्रोणिका रेखा के रूप में फैला हुआ है। इस ट्रफ के साथ मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी तेलंगाना और दक्षिणी छत्तीसगढ़ भी प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और उत्तरी गुजरात के ऊपर हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवातीय गतिविधियां दर्ज की गई हैं। इन सभी सिस्टमों की वजह से राज्य में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वर्षा भी हो रही है।   बंगाल की खाड़ी से भी राहत के संकेत मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के अनुसार मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में भी एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इसके प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में अच्छी वर्षा की शुरुआत हो सकती है। बारिश के साथ तापमान में गिरावट रविवार को खजुराहो में सर्वाधिक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मंडला में 11 मिमी, मलाजखंड में 8 मिमी, छिंदवाड़ा में 2 मिमी और बैतूल में 1 मिमी बारिश हुई। ग्वालियर और चंबल संभागों में तापमान में हल्की वृद्धि संभव है, लेकिन लू चलने की संभावना फिलहाल नहीं है। सोमवार को इन संभागों में बारिश के आसार भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल, रीवा, इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ जिलों में सोमवार को भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में यह राहत भरा मौसम फिलहाल बना रहेगा। recent visitors 58

विदिशा में जल गंगा संवर्धन अभियान में किसानों को पानी के महत्व के बारे में बताया जा रहा

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं का निर्माण, पुरानी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, ट्यूबवैल, कुओं एवं हैंडपंप जैसी जल संरचनाओं के आसपास रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण और तालाबों का गहरीकरण जैसे जल संवर्धन कार्यों से मध्यप्रदेश में करोड़ों लीटर वर्षा जल सीधे भूगर्भ में सहेजा जा सकेगा। उद्यानिकी फसलों के लिये जल-संचयन पर जोर विदिशा में जल गंगा संवर्धन अभियान में किसानों को पानी के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। उद्यानिकी और कृषि विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में संगोष्ठी का आयोजन कर ग्रामीणों को ऐसी तकनीकों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जहाँ किसान उद्यानिकी फसलों को पानी के सदुपयोग के बाद अच्छे तरीके से ले सकते हैं। किसानों को जल संरचनाओं के महत्व, सूक्ष्म सिंचाई में ड्रिप और स्प्रिंकलर के प्रयोग के बारे में बताया जा रहा है। किसानों को यह बताया गया कि ड्रिप एरीगेशन से उद्यानिकी फसलों में 60 से 70 प्रतिशत पानी की बचत की जा सकती है। सिंचाई की यह पद्धति घुलनशील होती है, जो जमीन को पोषक तत्वों को पौधों की जड़ों तक पहुँचाती है। कल्याणी नदी में श्रमदान सीहोर जिले के ग्राम बरखेड़ादेवा और रसूलपुरा में कल्याणी नदी में श्रमदान किया गया। ग्रामीणों ने नदी के आसपास की सफाई की। ग्रामवासियों को जल संरक्षण की शपथ दिलायी गयी। जिले में जल संरक्षण की अनेक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। जिले में दीवार-लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर-बैनर, रंगोली, ग्रामसभा, कलश-यात्रा हो रही हैं। अनेक ग्रामों में कूप मरम्मत, तालाब जीर्णोद्धार, डेम की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किये जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान का प्रमुख उद्देश्य जन-भागीदारी से जल संरक्षण तथा संवर्धन सुनिश्चित करना है। जन-भागीदारी से जल-स्रोतों को प्रदूषण मुक्त करने के लिये मिलकर काम किया जा रहा है। जिले में आगामी वर्षा मौसम को ध्यान में रखते हुए पौध-रोपण के कार्य किये जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान बुरहानपुर जिले में ग्राम सीवल, बाकड़ी, मांडवा में चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को जल संवर्धन अभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के बारे में जानकारी दी गयी। जिला पंचायत सीईओ सुश्री लता शरणागत ने ग्रामीणों को धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस योजना का लाभ उठाने के लिये आगे आने के लिये कहा। चौपाल में ग्रामीणों को अपने खेत के छोटे से हिस्से में तालाब निर्माण करने की सलाह दी। इसी के साथ कपिलधारा कुएँ के निर्माण के बारे में बताया गया। चौपाल में ग्रामीणों को पानी की बचत की शपथ दिलायी गयी। ग्रामीणों से कहा गया कि आगामी वर्षा के मौसम को ध्यान में रखते हुए गाँव में फलदार पौधे लगाने के लिये अभी से सामूहिक तैयारी करें। जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रमदान सतना जिले में जल संरचनाओं के पुनर्जीवीकरण के लिये रामपुर बघेलान नगर परिषद में नर नदी के घाट पर श्रमदान किया गया। श्रमदान के बाद नागरिकों को जल संरचनाओं की स्वच्छता के लिये शपथ दिलायी गयी। श्रमदान में अनेक जन-प्रतिनिधि शामिल हुए। नगर परिषद कोठी के वार्ड क्रमांक-9 में खटोला स्थित वृंदावन आश्रम कुंड की सफाई की गयी। जिले में 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलेगा। सभी जल-स्रोतों को चिन्हित कर लिया गया है। जिले में पौध-रोपण की कार्य-योजना भी तैयार की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं ने जल यात्रा के माध्यम से जन-जागरूकता लाने के भी प्रयास किये हैं। नागरिकों को अच्छे भविष्य के लिये पानी की बचत की समझाइश दी जा रही है। ग्रामीणों के बीच जल संरक्षण संवाद छिंदवाड़ा जिले में जल संरक्षण संवर्धन अभियान में निरंतर गतिविधियाँ हो रही हैं। कन्हान वन ग्राम में पानी बचाने के लिये वनवासियों के बीच बैठक की गयी। वनवासियों से वर्षा जल का संचयन करने की समझाइश दी गयी। ग्राम पीपरढार में स्कूल के सामने वाले हैण्ड-पम्प की साफ-सफाई का कार्य किया गया। पानी के निस्तार के लिये गाद निकाल कर नाली बनायी गयी। ग्राम देव नदी में ग्रामीणों के बीच जल संरक्षण संवाद कार्यक्रम हुआ। विकासखण्ड बिछुआ के देव नदी गांव में किसान के खेत में खेत-तालाब के लिये श्रमदान किया गया। ग्राम पिपरियाकला में जल संरक्षण के अंतर्गत जल संगोष्ठी हुई। ग्रामीणों ने श्रमदान कर पोखर तालाब में सफाई कार्य किया। जिले में यह अभियान 30 जून तक निरंतर चलेगा। जल संवाद कार्यक्रम में “जल है तो कल है’’ जैसे नारे के बारे में युवाओं में जोश एवं उत्साह भरा जा रहा है।   recent visitors 102

मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में विवाद, पेजेंट में वेश्या जैसा महसूस कराया गया : मिस इंग्लैंड मैगी

हैदराबाद हैदराबाद में जारी मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले कॉम्पटीशन में भाग लेने वाली प्रतिभागियों का लोकल महिलाओं से पैर धुलाने को लेकर बवाल मचा। अभी यह विवाद थमा भी नहीं है कि मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता एक और मामले को लेकर विवादों में आ गई है। मिस इंग्लैंड मिला मैगी ने हैदराबाद में चल रहा पेजेंट छोड़ दिया है। मिला मैगी ने मिस वर्ल्ड के ऑर्गनाइजर्स पर गंभीर आरोप लगाकर वतन यूके लौट गईं हैं। मिस इंग्लैंड मिला मैगी ने इंग्लैंड के अखबार द सन को दिए इंटरव्यू में मिस वर्ल्ड के ऑर्गनाइजर्स पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर मिस वर्ल्ड के फाइनेंसर्स से मेलजोल बढ़ाने का दबाव बनाया गया। मैगी ने कहा कि पेजेंट में वेश्या जैसा महसूस कराया गया। द सन की रिपोर्ट के अनुसार, मिला मैगी ने कहा, “पेजेंट में बड़ी उम्र के आदमियों के साथ समय बिताने और मेलजोल बढ़ाने को कहा गया, क्योंकि वो लोग शो में फाइनेंशियल कॉन्ट्रिब्यूशन कर रहे हैं। सभी कंटेस्टेंट्स पर दिन भर मेकअप करके रहने और हैवी बॉल गाउन पहनने का दबाव बनाया जा रहा था, यहां तक कि ब्रेकफास्ट करते हुए भी। हर टेबल पर 6 गेस्ट और 2 लड़कियों को बैठाया जाता है। लड़कियों से कहा जाता है कि वो गेस्ट को खुश रखें। ये सब देखकर मुझे बहुत गलत लगता है, मैं यहां हंसने-खिलखिलाने और किसी को एंटरटेन करने नहीं आई हूं। मुझे वेश्या जैसा महसूस करवाया जाता है। हम यहां सामजिक मुद्दों पर बात करने आए थे, लेकिन वहां लोग इस बारे में सुनने तक को तैयार नहीं हैं। असहज महसूस करवाने वाली बातें होती हैं। पेजेंट में हिस्सा ले रहीं 109 लड़कियों को ये कहते हुए डांटा गया कि वो बोरिंग हैं। सभी के साथ परफॉर्मिंग मंकी की तरह बर्ताव किया जा रहा है। जो मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। मिस वर्ल्ड की CEO ने आरोपों को गलत करार दिया हालांकि हालांकि मिस वर्ल्ड की CEO जूलिया मोर्ले ने ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर मैगी के आरोपों को खारिज कर दिया है। मिस वर्ल्ड 2025 हैदराबाद में जारी है, फिनाले 31 मई को होगा। जूलिया मोर्ले ने कहा कि मिस इंग्लैंड ने मां की तबीयत बिगड़ने पर अचानक मिस वर्ल्ड छोड़ने का फैसला किया है। ऑर्गनाइजेशन ने उनकी स्थिति समझते हुए उनके लौटने का बंदोबस्त करवाया है।स्टेटमेंट में मिला के आरोपों पर भी सफाई दी गई है। इसमें लिखा है, दुर्भाग्य से हमारे सामने आया है कि कुछ UK मीडिया आउटलेट ने झूठी और अपमानजनक खबरें पब्लिश की हैं। ये दावे पूरी तरह गलत हैं। मिला मैगी को रिप्लेस करेंगी मिस इंग्लैंड रनर-अप बता दें कि 24 साल की मिला मैगी 7 मई को हैदराबाद पहुंची थीं। 16 मई को ही मिला मैगी ने पेजेंट बीच में ही छोड़ दिया और यूके लौट गईं। मिस वर्ल्ड के 74 साल के इतिहास में पहली बार है, जब इंग्लैंड को रिप्रेजेंट कर रहीं कंटेस्टेंट को अचानक बदला गया। मिला को मिस इंग्लैंड रनर-अप रिप्लेस किया है।मिला मैगी के जाने पर मिस इंग्लैंड की रनर-अप रहीं चार्लेट ग्रांट ने उन्हें रिप्लेस किया है। जाहिर है कि फिनाले से चंद दिनों पहले हुए इस बदलाव का इंग्लैंड की दावेदारी पर बुरा असर पड़ेगा, क्योंकि सब-टाइटल के लिए कॉम्पिटिशन पहले से जारी है। recent visitors 44

बलूचिस्तान में सेना के काफिले पर हुए अटैक में बिछ गईं पाक सैनिकों की लाशें

बलूचिस्तान पाकिस्तान ने जिस आतंकवाद नाम के ‘सांप’ को पाला वह अब उसे ही डस रहा है। आतंकवादियों को पालना अब पूरे पाकिस्तान को पड़ रहा है। दसअसल, पाकिस्तान में एक बार फिर सेना पर बड़ा हमला हुआ है। बलूचिस्तान में सेना के काफिले पर हुए अटैक में पाक सैनिकों की लाशें बिछ गईं। कराची-क्वेटा हाईवे पर खुजदार के जोरो पॉइंट के पास हुए एक बम धमाके में कम से कम 32 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। खड़ी कार में हुआ विस्फोट कराची-क्वेटा राजमार्ग पर पास विस्फोटक एक खड़ी कार में प्लांट किया गया था। जब सेना की आठ गाड़ियों का काफिला इस कार के पास से गुजरा, तभी विस्फोटक (व्हीकल बॉर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) फट गया। बताया जा रहा है कि तीन गाड़ियां सीधे इसकी चपेट में आईं, जिसमें एक बस भी शामिल थी। उस में पाकिस्तानी सेना के जवान और उनके परिवार के लोग सवार थे। अबतक किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी अब तक किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी गुटों पर शक गहराता जा रहा है। यह इलाका पहले भी सेना और सुरक्षाबलों के काफिलों पर हमलों का गवाह रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला पाकिस्तानी सेना की कमजोर सुरक्षा रणनीति और बलूच विद्रोहियों की बढ़ती ताकत का संकेत है। हमले के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। यह घटना पाकिस्तान की आतंरिक सुरक्षा चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है, खासकर बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में, जहां दशकों से अस्थिरता बनी हुई है। घटना को छुपाने की कोशिश गौरतलब है कि, पाक सेना के अधिकारी अपनी इस सुरक्षा चूक को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। आंतरिक स्रोतों के मुताबिक अधिकारी कथित तौर पर कहानी को बदलने के प्रयास में इस घटना को एक स्कूल बस पर हमले के रूप में दिखा रहे हैं। बता दें कि, पाकिस्तान का दूर-दराज इलाकों से आतंकी घटनाओं की खबरें पहले आना आम बात थी, लेकिन अब ऐसे हमले पाकिस्तान के बड़े शहरों में भी होने लगे हैं। जिसके बाद वहां की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। recent visitors 53

PM मोदी ने खुद हस्तक्षेप करते हुए बीजेपी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया- वाणी पर रखें संयम, अनावश्यक बयानबाजी से बचें

नई दिल्ली 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर चल रही बयानबाजी ने सियासी गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद हस्तक्षेप करते हुए बीजेपी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपनी वाणी पर संयम रखें और गैरजरूरी बयान देने से बचें। उन्होंने कहा कि कुछ भी, कहीं भी बोलना पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की हालिया बैठक में पीएम मोदी ने यह संदेश सीधे तौर पर नेताओं को दिया। उनका कहना था कि सेना के पराक्रम और सरकार की रणनीति की आड़ में किसी भी तरह की गैर-जिम्मेदार टिप्पणी न की जाए। एनडीए बैठक में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रशंसा, पर नसीहत भी बैठक के दौरान शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक प्रस्ताव रखा, जिसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारतीयों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला बताया गया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की गई और कहा गया कि उन्होंने हमेशा सशस्त्र बलों का समर्थन किया है। साथ ही 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। लेकिन इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया कि कोई भी नेता इस ऑपरेशन पर अनावश्यक और भड़काऊ बयान न दे। उन्होंने यह बात शायद हरियाणा और मध्यप्रदेश के नेताओं के हालिया बयानों के चलते कही। कौन-कौन से बयान बने विवाद की वजह? हरियाणा के बीजेपी सांसद रामचंद्र जांगड़ा और मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा एवं मंत्री विजय शाह के बयान विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। रामचंद्र जांगड़ा के एक बयान को लेकर आरोप है कि उन्होंने शहीदों और उनकी पत्नियों पर अमर्यादित टिप्पणी की। वहीं जगदीश देवड़ा ने सेना की कार्रवाई को लेकर बयान देकर पार्टी को मुश्किल में डाल दिया। विजय शाह का एक बयान सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हुआ, जिसमें उन्होंने एक शहीद कर्नल की पत्नी पर अनुचित टिप्पणी की थी। कांग्रेस का वार: माफी मांगें प्रधानमंत्री कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और दोषी नेताओं को पार्टी से बाहर करने की मांग की है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तीखा हमला करते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं में शहीदों और सेना के खिलाफ बयानबाजी की होड़ लग गई है। खरगे ने कहा, "मोदी जी कहते हैं कि उनकी रगों में सिंदूर है। अगर ऐसा है तो उन्हें महिलाओं के सम्मान के लिए इन नेताओं को पार्टी से बाहर करना चाहिए।" कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी अब इतनी असंवेदनशील हो चुकी है कि सुरक्षा चूक को नजरअंदाज कर रही है और शहीदों के परिवारों पर उंगली उठा रही है। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व अब तक चुप क्यों हैं? क्या इसे मौन स्वीकृति माना जाए?   पीएम मोदी की चुप्पी अब नहीं चलेगी: विपक्ष विपक्षी दलों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी नेतृत्व की चुप्पी, इन विवादित बयानों को अप्रत्यक्ष समर्थन जैसा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का सार्वजनिक रूप से बोलना जरूरी हो गया था। पीएम मोदी का बयान इस दिशा में एक जरूरी पहल है, लेकिन विपक्ष अब भी कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ा है।   recent visitors 64