मोहसिन खान ने रिटायर्ड एडिशनल एसपी की बेटी और महिला पुलिसकर्मी को भी जाल में फंसा था

इंदौर  लव जिहाद के आरोपित मोहसिन अब्दुल सलीम खान ने रिटायर्ड एडिशनल एसपी की बेटी और महिला पुलिसकर्मी को भी जाल में फंसा लिया था। एक युवती मोहसिन की प्रताड़ना का जिक्र कर फूट-फूटकर रोने लगी। उसने बताया कि मोहसिन धमकाता था कि उसकी ऊपर तक पहुंच है। तुम लोगों की कोई नहीं सुनेगा। वह एकेडमी से निकालने और करियर बर्बाद करने की धमकी देता था। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता महिला पुलिसकर्मी के संपर्क में हैं। 38 वर्षीय मोहसिन खान के खिलाफ पुलिस ने एट्रोसिटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर ली है। पीड़िता पुलिस अफसर की बेटी निकली। उसने बताया कि पिछले वर्ष 14 मई को एकेडमी में सहायक की नौकरी ज्वाइन की थी। एकेडमी तीसरी मंजिल पर है। दूसरी मंजिल पर मोहसिन का फ्लैट है। वह बहाने से बुलाकर अकारण ही बैठाता था। जाने का बोलने पर कहता था अभी बच्चे नहीं आए हैं। तुम मेरे पास ही बैठी रहो। एक बार उसने छेड़छाड़ की तो घबरा गई। वह अन्य लड़कियों के साथ भी इसी तरह की हरकतें करता था। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करता था। शिकायत की बात पर कहता था- मेरी ऊपर तक पहुंच है एक बार शिकायत का बोला तो मोहसिन ने कहा कि उसकी ऊपर तक पहुंच है। तुम्हारी बात कोई भी नहीं सुनेगा। परेशान होकर 22 जुलाई को एकेडमी की नौकरी छोड़ दी। कॉल कर रुपये मांगे तो उसने अश्लील और आपत्तिजनक बातें की। पुलिस ने मोहसिन के दो मोबाइल जब्त किए हैं। हिंदू संगठन के पदाधिकारियों का दावा है कि मोहसिन नकली नोट का काम भी करता था। उन्होंने मोहसिन की चैटिंग सबूत के तौर पर पेश की है। टीआई अजय नायर के मुताबिक फोटो व वीडियो रिकवर करवाने के लिए साइबर विशेषज्ञ की मदद ली जा रही है। जयश्री राम बोलने पर रोक, कुरान पढ़ने का दबाव पीड़िता ने कहा कि मोहसिन युवतियों का ब्रेनवाश कर देता था। मोहसिन ने एकेडमी में आने वाली युवतियों पर जयश्री राम बोलने पर प्रतिबंध लगा दिया था। वह कहता था कुरान पढ़ा करो। एक युवती कुरान पढ़ने लगी थी। एकेडमी में बंदूकों पर बंधे कलावा खुलवाए। हिंदू संगठन के अनिल पाटिल के मुताबिक रहवासियों को एकेडमी में जारी अनैतिक गतिविधि की जानकारी मिली थी। फंडिंग और प्रापर्टी की जांच करेगी पुलिस: एसीपी शिवेंदु जोशी के मुताबिक पुलिस फंडिंग की भी जांच कर रही है। सभी बैंकों को पत्र लिखा गया है। मोहसिन की संपत्ति की जांच के लिए रजिस्ट्रार, विकास प्राधिकरण, सीएमओ को चिट्ठी भेजी है। एकेडमी और रायफल के लाइसेंस के संबंध में कलेक्टोरेट से पत्राचार किया है। दोस्त, रिश्तेदारों से पूछताछ होगी। मकान मालिक को दिया नोटिस, अवैध निर्माण हटेगा इधर नगर निगम ने मोहसिन को मकान किराए पर देने वाले प्रह्लाद मिश्रा को नोटिस जारी कर मकान के दस्तावेज लेकर जोनल कार्यालय आने के लिए कहा है। जोनल अधिकारी राहुल रघुवंशी ने बताया कि नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया है। मकान मालिक द्वारा दस्तावेज पेश करने के बाद मकान की नप्ती की जाएगी। दस्तावेजों की जांच के अलावा निर्माण की भी नपती और जांच की जाएगी। निर्माण अवैध पाए जाने की स्थिति में उसे हटाया भी जाएगा। कम उम्र की हिंदू लड़कियां टारगेट, तिलक पर आपत्ति मोहसिन के टारगेट पर कम उम्र की हिंदू लड़कियां ही थीं। नमस्ते की जगह जयश्री राम बोलने पर नाराज हो जाता था। उसने तिलक लगाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। उसने ऐसा ब्रेनवाश किया कि लड़कियों ने कुरान पढ़ना शुरू कर दिया। उसने कहा था कि तुम्हारे धर्म में जो लिखा है, वह मुझे नहीं पता। मेरे धर्म में लिखा, वही मानों। वह तिलक लगाने पर भी आपत्ति लेता था। उसने मेरे सामने आठ-दस लड़कियों से अश्लील हरकतें की। मैं चाहती हूं मोहसिन को फांसी की सजा हो। उसने छोटी बच्चियों का शोषण किया है। जेल से बाहर आया तो पुन: वैसी हरकतें करेगा। (जैसा कि पीड़िता ने बताया) सहमते हुए बोला मोहसिन- लव जिहाद पाप है मोहसिन की करतूतों का खुलासा सबसे पहले मल्हारगंज निवासी युवती ने किया। छेड़छाड़ की शिकार युवती ने मोहसिन के वीडियो बना लिए थे। अन्य युवतियों के साथ हरकतों की जानकारी लगने पर उसने वीडियो पुलिस को सौंप दिए। उधर मोहसिन का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। सहमी अवस्था में बैठा मोहसिन लव जिहाद को पाप बता रहा है। recent visitors 50

बिहान योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

सफलता की कहानी बिहान योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी सरिता और संतोषी बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल बिलासपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना ने जिले की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की नई राह दिखाई है। योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं अब न केवल अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। कोटा ब्लॉक के ग्राम चपोरा की सरिता जायसवाल और ग्राम कर्रा की संतोषी ऐसी ही महिलाएं हैं,जिन्होंने बिहान योजना से सहायता लेकर अपने जीवन को एक नई दिशा दी है।     कोटा ब्लॉक के ग्राम चपोरा की  सरिता जायसवाल ने प्रज्ञा समूह से जुड़कर योजना का लाभ उठाया। समूह से आर्थिक सहायता प्राप्त कर उन्होंने बर्तन और फर्नीचर की दुकान शुरू की, जो आज उनके परिवार के लिए स्थायी आय का साधन बन गई है। सरिता बताती हैं, “पहले घर चलाना भी मुश्किल था, लेकिन अब खुद की कमाई से बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रही हूं।” सरिता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आ रही है       इसी तरह, ग्राम कर्रा की श्रीमती संतोषी ने शारदा समूह से सहायता लेकर ईंट निर्माण इकाई की शुरुआत की। शुरुआत में संसाधनों और तकनीक की कमी से मुश्किलें जरूर आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आज संतोषी की ईंट भट्ठा स्थानीय निर्माण कार्यों में प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन चुकी है और इस माध्यम से वह  लखपति दीदी बन चुकी है। संतोषी कहती है कि इस उद्यम के लिए आत्मविश्वास बिहान योजना के कारण आया है जिसके लिए वह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देती है जिनके कुशल नेतृत्व में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो रहा है जिससे लोग लाभान्वित हो रहे हैं।        इन  महिलाओं की सफलता ने उनके गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है। बिहान योजना के तहत सैकड़ों महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ चुकी हैं और छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर अपने परिवार का सहारा बन रही हैं। सरिता और संतोषी की तरह कई अन्य महिलाएं भी बिहान योजना के जरिए न सिर्फ अपने परिवार का सहारा बनी हैं, बल्कि गांव के विकास में भी अपना योगदान दे रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। रेहाना/ recent visitors 45

गाजा में भूख से हर घंटे हो रही मौत, फलस्तीनी आबादी मदद से वंचित; खतरे में हजारों बच्चे

गाजा गाजा में हालात इतने खराब हो गए हैं कि इजरायली हमलों से ज्यादा लोग भुखमरी से मरने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि गाजा इस समय सबसे खराब समय का सामना कर रहा है। इजरायल ने लंबे समय की पाबंदी के बाद जब गाजा वालों के लिए राहत सामग्री वाले ट्रकों को जाने की इजाजत दी तो दर्जनों ट्रक रास्ते में ही लूट लिए गए। भूख और अभाव से त्रस्त लोगों ने राहत सामग्री वाले ट्रकों को लूट लिया। बता दें कि इजरायल ने एक बार फिर गाजा में आक्रामक तरीके से हमला शुरूर कर दिया है। गाजा सिविल डिफेंस एजेंसी के अधिकारी मोहम्मद अल मुगायीर ने बताया कि शुक्रवार को इजरायल के हवाई हमलों में कम से कम 71 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। इसके अलावा अब भी कई लोग लापता हैं। यूएन चीफ ने कहा कि इजरायल को कम से कम राहत सामग्री पर रोक नहीं लगानी चाहिए। यह क्रूरता की हद है जिसका सामना गाजा के लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में इजरायल ने 400ट्रकों को अनुमति दी थी। हालांकि इनमें से 115 ही गाजा में पहुंचे। उन्होंने कहा कि इजरायल ने गाजा में नरसंहार तेज कर दिया है और जोरदार तबाही मचाने लगा है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने  कहा कि बीती रात दक्षिणी गाजा में करीब 15 ट्रंक लूट लिए गए। लोगों में भुखमरी है। ऐसे में लोगों को भरोसा नहीं है कि राहत सामग्री के और ट्रक आएंगे या नहीं। 2 मार्च के बाद सोमवार को गाजा में ट्रकों की आवाजाही शुरू हुई थी। गाजा में लोग पानी को भी तरस रहे हैं। एक फिलिस्तीनी ने कहा, मेरी बेटी सुबह से ही ब्रेड मांग रही है। लेकिन मेरे पास कुछ भी नहीं है। इजरायली वायुसेना ने गाजा पट्टी में आतंकवादियों के 75 से भी अधिक ठिकानों पर हमला किया है। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने  यहां जारी बयान में कहा कि उसकी वायुसेना ने आतंकवादियों के 75 से भी ज्यादा ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। बयान के मुताबिक हमलों में आतंकवादियों , रॉकेट लांचरों, सैन्य परिसरो, हथियार भंडारण सुविधाओं और अन्य सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान गाजा की स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइली हमलों में इस सप्ताह अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, भुखमरी की स्थिति भी गंभीर होती जा रही है। राहत समूहों के पास हफ्तों से भोजन खत्म हो चुका है और करीब 23 लाख की आबादी में से अधिकांश अब सामुदायिक रसोइयों पर निर्भर हैं, जिनके पास भी अब लगभग कुछ नहीं बचा। रसोई में पड़ोसी जा रही पतली और पानी जैसी दाल मीडिया रिपोर्ट की माने तो गाजा सिटी में एक रसोई में केवल पतली और पानी जैसी दाल परोसी जा रही है। वहां की निवासी सोमाया अबू अमशा ने बताया कि हमने पिछले 10 दिनों से रोटी नहीं देखी। ये खाना कुत्ते भी नहीं खाएं, हमारे बच्चे कैसे खाएं? इस भीषण संघर्ष को देखते हुए उन्होंने युद्ध खत्म करने की अपील की। वेस्ट बैंक में डिप्लोमैट्स पर गोलीबारी इसी बीच वेस्ट बैंक के जेनिन में इस्राइली सेना ने चेतावनी स्वरूप फायरिंग की जब अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों का एक समूह इलाके का दौरा कर रहा था। मामले में इस्राइली सेना का कहना है कि यह दौरा अनुमति प्राप्त था, लेकिन डेलीगेशन निर्धारित रास्ते से भटक गया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। साथ ही वीडियो फुटेज में देखा गया कि डिप्लोमैट्स मीडिया को बयान दे रहे थे, तभी गोलियों की आवाजें आईं और सभी ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। सेना ने घटना पर जताया खेद हालांकि सेना ने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा कि संबंधित देशों से संपर्क किया जाएगा। गौरतलब है कि जेनिन में इस्राइली सेना अकसर छापेमारी करती रही है, खासकर 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद से वेस्ट बैंक में कई इलाकों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है, जिससे हजारों फलस्तीनी बेघर हो चुके हैं। टॉम फ्लेचर का दावा- 14 हजार बच्चों की हो सकती है मौत गाजा में संकट कितना गंभीर है, इसका अंदाजा उन मीडिया रिपोर्ट्स से लगाया जा सकता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख टॉम फ्लेचर के हवाले से कहा गया है कि अगर मानवीय सहायता गाजा के प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंची तो 48 घंटे के भीतर लगभग 14 हजार बच्चों की मौत हो सकती है। हालांकि, फ्लेचर के इस दावे पर मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) के प्रवक्ता- जेन्स लार्के ने कहा है कि हजारों बच्चे ऐसे हैं, जो कुपोषण के शिकार हैं, और उन्हें तत्काल जीवन रक्षा मदद की जरूरत है। recent visitors 73

वनाधिकार एक्ट का क्रियान्वयन करते हुए वनों के संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक

जनजातियाँ वनों की सबसे बड़ी पोषक और संरक्षक हैं – कमिश्नर श्री जामोद वनाधिकार के तहत सामुदायिक दावे तत्परता से मान्य करें – कमिश्नर शहडोल वनाधिकार एक्ट का क्रियान्वयन करते हुए वनों के संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक वनों का संरक्षण करने वालों के ही वनाधिकार दावे मान्य किए जाएं – सीसीएफ रीवा सीधी  वनाधिकार अधिनियम की रीवा और शहडोल संभाग की संयुक्त कार्यशाला विन्ध्या रिट्रीट होटल रीवा के सभागार में आयोजित की गई। कार्यशाला के प्रथम दिन वनाधिकार समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के सदस्यों को सामुदायिक दावों के निपटारे के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम ने पीढ़ियों से वन भूमि में खेती करने वाले तथा रहने वाले जनजातीय परिवारों एवं अन्य परिवारों के अधिकारों को मान्यता दी है। इसने वर्षों से वनों के साथ सह अस्तित्व में वनवासी परिवारों को जमीन का मालिकाना हक दिया है। जनजातीय परिवार परंपरागत रूप से वनों के पोषक और संरक्षक हैं। उनकी आजीविका मुख्य रूप से वनों पर ही निर्भर रही है। उनके रीति रिवाज, परंपराएं और धार्मिक अनुष्ठानों में भी वन अनिवार्य रूप से शामिल रहा है। वनाधिकार अधिनियम से व्यक्तिगत दावे में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। अब सामुदायिक दावों को भी मान्यता देकर जनजातीय परिवारों की हमें सहायता करनी है। जनजातीय परिवार अगर न होते तो आज वन भी नाममात्र के ही बचे होते।         कार्यशाला में शहडोल संभाग के कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने कहा कि कार्यशाला में सामुदायिक दावों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। सामुदायिक दावों के निराकरण के लिए अब किसी के मन में संदेह नहीं रहना चाहिए। वनाधिकार अधिनियम के तहत दर्ज सामुदायिक दावों का तत्परता से निराकरण करें। मुख्य वन संरक्षक रीवा राजेश राय ने कार्यशाला में कहा कि वनाधिकार अधिनियम ने जनजातीय परिवारों को भू अधिकार पत्र देकर उनके जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन किया है। व्यक्तिगत दावों के साथ-साथ वन भूमि में निस्तार और सामुदायिक उपयोग को भी एक्ट में मान्य किया गया है। इसके सामुदायिक दावों को मान्य करते हुए वन संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक है। वनों का संरक्षण करने वालों को ही वनाधिकार का लाभ दिया जाना चाहिए। शहडोल संभाग के सीसीएफ श्री एसके पाण्डेय ने कहा कि कार्यशाला में दी गई जानकारी से सामुदायिक दावों के निराकरण के लिए सही मार्गदर्शन मिला है। सामुदायिक दावों में किसी तरह का टकराव नहीं है। गांव की राजस्व सीमा, वनों का क्षेत्र तथा सामुदायिक कार्यों के लिए समुदाय के अधिकार तीनों पर हमें ध्यान देना होगा।         कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर वाई गिरि राव ने कहा कि सामुदायिक दावे से वन, राजस्व, जनजातीय कार्य और ग्रामीण विकास विभाग जुड़े हैं। अधिनियम के तहत गठित समितियों को राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश के 54903 गांवों में से 26555 गांवों में वनाधिकार एक्ट के दावे मान्य किए गए हैं। राष्ट्रीय वन नीति, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान रखते हुए सामुदायिक दावे मान्य किए जाएंगे। वन भूमि अथवा उसके आसपास के क्षेत्र में परंपरागत रूप से रहने वाले परिवारों को वन क्षेत्र में स्थित धार्मिक स्थल में पूजा-पाठ करने, जल श्रोतों के दोहन, मछलीपालन, वनोपज संग्रहण एवं निस्तार के दावे इसमें शामिल होंगे। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर श्री शरद लेले ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम वन क्षेत्र में गैर वनीय कार्य को मान्यता देता है। सामुदायिक दावों में पूजा-पाठ, वनोपज संग्रहण, परंपरागत मार्ग से आने-जाने, पानी भरने तथा अन्य निस्तार शामिल हैं। सामुदायिक दावों में समुदाय के अधिकार के साथ-साथ उनके स्थल और क्षेत्र का भी निर्धारण किया जाना आवश्यक है। यदि एक गांव के निस्तार के दावे पर विचार किया जा रहा है तो आसपास के गांवों की भी उसमें सहमति आवश्यक होगी। गांव में उपलब्ध दस्तावेजों अथवा बुजुर्गों के कथन के आधार पर गांव की सीमा का निर्धारण किया जा सकता है। श्री लेले ने व्यक्तिगत दावे तथा सामुदायिक दावे दर्ज करने के लिए आवश्यक अभिलेखों एवं प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में वन-राजस्व सीमा विवाद के निराकरण के लिए वनों के व्यवस्थापन, पेसा एक्ट तथा वन संरक्षण के उपायों पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला में रीवा, सीधी, सतना, शहडोल, अनूपपुर, मऊगंज तथा मैहर जिलों के कलेक्टर शामिल रहे। कार्यशाला में रीवा और शहडोल संभाग के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वन मण्डलाधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, जिला संयोजक ट्राईबल उपस्थित रहे। कार्यशाला के समापन पर उपायुक्त ट्राईबल ऊषा अजय सिंह ने आभार व्यक्त किया। recent visitors 57

सुप्रीम कोर्ट ने मातृत्व अवकाश को महिलाओं का संवैधानिक अधिकार बताया, अब तीसरे बच्चे के जन्म पर भी पूरा मातृत्व अवकाश मिलेगा

नई दिल्ली देशभर की कामकाजी महिलाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राहत भरा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने  साफ किया कि मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) केवल सामाजिक न्याय या सद्भावना का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं का संवैधानिक अधिकार है. अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें एक सरकारी शिक्षिका को तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) देने से इनकार कर दिया गया था. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि मातृत्व अवकाश का मकसद महिला कर्मचारियों को सामाजिक न्याय दिलाना है ताकि वे बच्चे को जन्म देने के बाद न केवल जीवित रह सकें, बल्कि अपनी ऊर्जा दोबारा प्राप्त कर सकें, शिशु का पालन-पोषण कर सकें और अपने कार्यकौशल को बनाए रख सकें. तमिलनाडु की एक महिला सरकारी कर्मचारी के उमादेवी की अर्जी पर जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने यह आदेश पारित किया है. महिला ने पुनर्विवाह के बाद बच्चे को जन्म दिया था. लेकिन उसके महकमे के आला अधिकारियों ने उसे मातृत्व अवकाश से वंचित रखने का आदेश दिया, जिसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. कोर्ट ने तमिलनाडु की एक सरकारी महिला कर्मचारी की याचिका पर यह फैसला सुनाया. महिला का अपनी दूसरी शादी से एक बच्चा था. महिला को यह कहकर मैटरनिटी लीव नहीं दी गई थी कि उसके अपनी पहली शादी से पहले से ही दो बच्चे थे. तमिलनाडु राज्य में नियम है कि मातृत्व लाभ केवल पहले दो बच्चों के लिए ही होगा. याचिका में महिला ने कहा था कि पहली शादी से पैदा हुए बच्चों को लेकर भी उन्हें मैटरनिटी लीव का लाभ नहीं मिला था. उनके वकील केव मुथुकुमार ने कहा कि उन्होंने दूसरी शादी के बाद ही सरकारी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था. बता दें कि मातृत्व अवकाश से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में मातृत्व लाभ अधिनियम में संशोधन कर 12 सप्ताह की छुट्टी को बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया था. सभी महिला कर्मचारियों कोपहले और दूसरे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव दी जाती है. बच्चा गोद लेने वाली माताएं भी 12 सप्ताह के मातृत्व अवकाश की हकदार हैं. यह बच्चे को सौंपे जाने की तारीख से शुरू होता है. सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में मातृत्व अवकाश के अधिकार पर जोर दिया है. एक मामले में यह कहा गया है कि मातृत्व अवकाश सभी महिला कर्मचारियों का अधिकार है, चाहे उनकी नौकरी कैसी भी हो. recent visitors 59

अभिनेता मुकुल देव का 54 की उम्र में निधन

मुंबई हिंदी सिनेमा अपने लोकप्रिय अभिनेता मुकुल देव की अचानक मौत हो जाने से स्तब्ध है। मुकुल देव को हाल फिलहाल की फिल्मों 'सन ऑफ सरदार', 'आर… राजकुमार', 'जय हो' जैसी फिल्मों में अपने काम के लिए जाना जाता है। वह 54 वर्ष के थे। जानकारी के मुताबिक मुकुल देव का शुक्रवार रात निधन हुआ। शनिवार को उनके दोस्तों को जब उनके निधन की खबर मिली तो वे उनके घर पहुंचे। उनकी मृत्यु के कारण की पुष्टि नहीं हो सकी है। उनके परिवार और दोस्तों की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है। उनकी करीबी मित्र और अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर करते हुए इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, “RIP”। मुकुल देव आखिरी बार हिंदी फिल्म दिव्या दत्ता के साथ ‘अंत द एंड’ में नजर आए थे। वे अभिनेता राहुल देव के छोटे भाई हैं। मुकुल देव का जन्म नई दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में हुआ था, जिनकी जड़ें जालंधर के पास के एक गांव से जुड़ी थीं। उनके पिता हरी देव पुलिस में असिस्टेंट कमिश्नर थे और उन्होंने ही मुकुल को अफगानी संस्कृति से परिचित कराया था। उनके पिता पश्तो और फारसी भाषा बोल सकते थे। मुकुल का मनोरंजन की दुनिया से पहला परिचय कक्षा 8 में हुआ जब उन्होंने दूरदर्शन के एक डांस शो में माइकल जैक्सन की नकल करते हुए प्रस्तुति दी थी और इसके लिए उन्हें पहली बार पारिश्रमिक मिला था। मुकुल ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से हवाई जहाज उड़ाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। धारावाहिक ‘मुमकिन’ (1996) से अभिनय की शुरुआत करने वाले मुकुल देव ने  ‘फियर फैक्टर इंडिया’ का पहला सीजन होस्ट किया था। फिल्मों में उनकी शुरुआत ‘दस्तक’ से हुई थी, जिसमें उन्होंने एसीपी रोहित मल्होत्रा का किरदार निभाया था। पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन की भी ये पहली फिल्म थी। recent visitors 62

मऊसहानियां में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियों का कलेक्टर एवं एसपी ने लिया जायजा

29 मई को मा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गौरिहार एवं मऊसहानियां में आगमन प्रस्तावित गौरिहार कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री मऊसहानियां में विरासत महोत्सव में करेंगे शिरकत मऊसहानियां में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियों का कलेक्टर एवं एसपी ने लिया जायजा 29 से 30 मई को विरासत महोत्सव का होगा आयोजन मऊसहानियाँ प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav का 29 मई 2025 को छतरपुर जिले के गौरिहार में आगमन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गौरिहार में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मऊसहानियाँ में विरासत महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे।यह संस्कृति संचालनालय द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से विगत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी दो दिवसीय विरासत महोत्सव का आयोजन 29 एवं 30 मई 2025 को छतरपुर जिले के मऊसहानियाँ में महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान शौर्यपीठ में किया जाएगा।  मुख्यमंत्री के मउसहानियां में विरासत महोत्सव में आगमन को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल एवं एसपी श्री अगम जैन ने मऊसहानियाँ में ही महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान शौर्यपीठ में तैयारियों के लिए एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तपस्या परिहार, एसडीएम श्री मिलिंद नागदेवे, एएसपी विदिता डागर, एसडीएम नौगांव श्री जी.एस. पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही महाराजा छत्रसाल समिति के अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह बुंदेला भी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके पश्चात छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान शौर्यपीठ के म्यूजियम का निरीक्षण किया एवं महाराजा छत्रसाल की विशाल मूर्ति को भी देखा। recent visitors 55