महासमुंद : ड्यूटी में लापरवाही के कारण सहायक शिक्षक राहुल बैपारी निलंबित

महासमुंद विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला, गहनाखार में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) श्री राहुल बैपारी के विरुद्ध लगे आरोप जांच में सही पाए गए हैं। श्री बैपारी पर विद्यालय समय पर उपस्थित नहीं रहने, शाला में अनियमित रूप से आने तथा अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप थे। जांच में यह पुष्टि हुई कि शिक्षक की कार्यप्रणाली छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विरुद्ध है। इस संबंध में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा उन्हें पूर्व में स्पष्टीकरण हेतु नोटिस भी जारी किया गया था, परंतु इसके बावजूद उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं देखा गया। जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद श्री विजय कुमार लहरे ने प्राप्त तथ्यों के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत श्री राहुल बैपारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सरायपाली निर्धारित किया गया है। नियमों के तहत निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। recent visitors 33

बालाघाट गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्राया, हॉक फोर्स पर फायरिंग कर भागे नक्सली

बालाघाट बालाघाट में मंगलवार को एक बार फिर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. जहां मौके का फायदा उठाकर नक्सली भाग खड़े हुए. जानकारी के मुताबिक, जिले के लांजी क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी डाबरी में जीआरबी डिवीजन के 10 से 15 नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना प्राप्त हुई थी. जिसके चलते हॉकफोर्स तथा सीआरपीएफ बी 217 कोबरा की कुल 12 टीमों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत मंगलवार को सर्चिंग अभियान शुरू किया. नक्सलियों की पुलिस पर फायरिंग सर्चिंग के दौरान हॉकफोर्स की टीम बिलालकसा ग्राम से लगे जंगल क्षेत्र में पहुंची. जहां पुलिस टीम की उपस्थिति का पता लगने पर 15 से 20 सशस्त्र माओवादियों के समूह ने पुलिस पार्टी पर 20 से 30 राउंड फायर किए. जिससे पुलिस टीम को आत्मरक्षा के लिए पेड़ों तथा पत्थरों का सहारा लेना पड़ा. तब नक्सली सतर्क होकर पुलिस टीम पर फायर कर मौके से भागने में सफल हो गए. पुलिस ने बरामद किया नक्सलियों का सामान हॉकफोर्स की टीम ने भी आत्मरक्षा में जवाबी संतुलित फायर किए. मुठभेड़ के दौरान नक्सल पार्टी के भागने की दिशा में हॉकफोर्स तथा सीआरपीएफ कोबरा की टीम को तैनात कर सम्पूर्ण क्षेत्र को सर्च किया जा रहा हैं. मुठभेड़ में बालाघाट पुलिस ने मौके से नक्सलियों द्वारा उपयोग की जा रही सोलर प्लेट तथा बड़ी संख्या में दैनिक उपयोग की सामग्री तथा दवाइयां भी बरामद कर ली. पुलिस अधीक्षक नागेंद्र सिंह ने बताया कि, ''मुठभेड़ में किसी पक्ष को कोई नुकसान नहीं हुआ है. घटना के बाद क्षेत्र में सर्चिंग अभियान और भी तेज कर दिया गया है. जवानों ने नक्सलियों की सोलर प्लेट, दैनिक उपयोग की सामग्री और दवाइयां बरामद की हैं. थाने में नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है.'' एंटी-नक्सल ऑपरेशन पकड़ जोर जहां एक ओर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल एंटी नक्सल ऑपरेशन चला रहे हैं. वहीं छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे बालाघाट में सुरक्षाबलों का सर्चिंग अभियान जारी है. पिछले कई महीने से यहां का जवानों और नक्सलियों का आमना-सामना हुआ है. 19 फरवरी को बालाघाट जिले के ही गढ़ी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में 62 लाख रुपये की 4 महिला इनामी नक्सली मारी गई थीं. नक्सलियों का सामान जब्त पुलिस अधीक्षक नगेन्द्रसिंह ने बताया कि मुठभेड़ में किसी पक्ष को कोई नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद क्षेत्र में बड़ा सर्चिंग अभियान चल रहा है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के इस्तेमाल की सोलर प्लेट, दैनिक उपयोग की सामग्री और दवाइयां बरामद की हैं। पुलिस थाने में नक्सलियों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। फरवरी में 4 महिला नक्सलियों को मारा गया था इससे पहले 19 फरवरी को बालाघाट पुलिस ने गढ़ी थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ में 62 लाख रुपए के इनामी 4 महिला नक्सलियों को मार गिराया था। कान्हा के वनक्षेत्र सूपखार के जंगलों में हुई इस मुठभेड़ में भोरमदेव कमेटी की एक कमांडर और तीन एसीएम स्तर की महिला नक्सली मारी गई थीं। recent visitors 48

पेलमनाला जलाशय योजना के लिए 8.16 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायगढ़ जिले के विकासखंड धरमजयगढ़ अंतर्गत पेलमनाला जलाशय योजना के कार्यों के लिए आठ करोड़ 16 लाख 72 हजार रूपए स्वीकृत किए है। योजना के तहत क्षेत्र के किसानों को 206 हेक्टेयर खरीफ एवं 20 हेक्टेयर रबी की फसलों की सिंचाई की जाएगी। recent visitors 35

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 30 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों के साथ जारी है मुठभेड़

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर इलाके में बड़ा एनकाउंटर हो रहा है. अबूझमाड़ में डीआरजी के जवान लगातार ऑपरेशन चल रहा है. एनकाउंटर में अब तक 31 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है. नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा डीआरजी के जवानों से नक्सलियों की मुठभेड़ जारी है. माड़ के इलाके में सुबह से फायरिंग हो रही है. बताया ज रहा है कि DRG के जवानों ने बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ में नक्सल संगठन के जनरल सेक्रेटरी वसवा राजू के मारे जाने की भी खबर सामने आ रही है. वसवा राजू काफी उम्रदराज नक्सली लीडर है. ये दंडकारण्य में नक्सल संगठन की बुनियाद रखने वालों में से एक है. पिछले कई सालों से माड़ में पनाह लिया हुआ था. इस पर इंटरस्टेट 1 करोड़ का इनाम है. बताया जा रहा है कि नक्सलियों के सबसे गोपनीय ठिकाने पर जवानों ने अटैक किया है. माना जा रहा है कि अगर वसवा मारा जाता है तो जवानों की नक्सलियों पर अब तक की सबसे बड़ी फतह होगी. बताया जा रहा है इस मुठभेड़ में एक जवान भी शहीद हो गया है। मुठभेड़ अबूझमाड़ के जाटलूर इलाके में चल रही है। अभी मुठभेड़ की शुरुआती जानकारी ही सामने आई है। सुरक्षाबलों को इसमें बड़ी सफलता मिल सकती है। नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार के मुताबिक माओवादियों के के माड़ डिवीजन के बड़े कैडर की सूचना मिलने पर डीआरजी नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव का अबूझमाड़ में ऑपरेशन चलाया है। बुधवार सुबह से मुठभेड़ जारी है। फिलहाल घटना की जांच जारी है बीजापुर में 5 नक्सली मारे गए वहीं इससे कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा के जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए थे। सुरक्षा बलों ने सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था।तलाशी अभियान और मुठभेड़ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने ये जानकारी दी है। तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इन तीनों राज्यों के हजारों की संख्या में जवान ऑपरेशन पर हैं। इससे पूर्व छत्तीसगढ़ में 20 मार्च गुरुवार की दोपहर तक 30 नक्सली ढेर हुए हैं। इनमें बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26  और कांकेर सीमा पर हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। दो अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 30  नक्सली मारे जा चुके हैं। मारे गए सभी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मौके से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। इससे पहले 9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर हुए थे। विज्ञापन छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक 71 नक्सली मारे जा चुके हैं। साल 2024 में अलग-अलग एनकाउंटर में जवानों ने करीब 300 नक्सलियों को मार गिराया है। वहीं 290 ने हथियार जब्त किये गये हैं। साल 2025 में हुई नक्सली मुठभेड़-     5 जनवरी 2025 को अबूझमाड़ के जंगल में एक महिला नक्सली समेत पांच नक्सली ढेर।     12 जनवरी 2025 को बीजापुर के मद्देड़ इलाके में एनकाउंटर में दो महिला समेत पांच नक्सली मारे गये थे।     16 जनवरी 2025 को बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर और मारुड़बाका के जंगल में गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें फोर्स ने 18 नक्सलियों को मार गिराया था।     21 जनवरी 2025 को गरियांबद जिले में 14 नक्सली मारे गये थे।     2 फरवरी 2025 को बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र के तोड़का जंगल में मुठभेड़ में जवानों ने आठ नक्सलियों को मार गिराया था।     9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर।     20 मार्च को बीजापुर में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26 और कांकेर मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। इस तरह 20 मार्च को कुल 30 नक्सली मारे गये।   साल 2024 के नक्सली मुठभेड़- 16 अप्रैल 2024 को कांकेर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 33 नक्सली मारे गये थे। यह साल 2024 की देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी, जिससे नक्सली डर के भय से कांप उठे थे। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष माओवादी शामिल थे। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से 2 की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। इस साल बस्तर रेंज में 141 माओवादी ढेर हो चुके हैं। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी ने बताया कि वर्ष 2024 में अब तक प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई नक्सली संगठन के विरूद्ध चले अभियानों में बस्तर रेंज के तहत कुल 141 नक्सलियों के शव बरामद करने के साथ ही अत्याधुनिक हथियारों में दो एलएमजी, चार एके-47- 04, एक एसएलआर, तीन इंसास, चार  303 रायफल और चार 9एमएम पिस्टल सहित बड़ी संख्या में अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई हैं। 27 मार्च 2024 को नक्सल डिप्टी कमांडर समेत 6 नक्सलियों का किया एनकाउंटर 27 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ जवानों ने एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था। घटना स्थल से नक्सलियों के शव समेत हथियार बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल थी। मामला बासागुड़ा थाने क्षेत्र का था। 2 अप्रैल 2024 को 13 नक्सली ढेर दो अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली और लेंड्रा के जंगल में हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस ने तीन महिला नक्सली समेत 13 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पुलिस ने कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किये थे। इनमें 1 नग 7.62 एलएमजी -58 राउंड, 1 नग 303 रायफल -39 राउंड, 12 बोर सिंगल शॉट 1 नग, बीजीएल लांचर 3 नग – 17 सेल, एयर गन 2 नग, विस्फोटक – हेंड ग्रेनेड 1, यूबीजीएल सेल 1, टिफिन बम 7 नग, जिलेटिन स्टीक कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, उपकरण -लेपटॉप, डीव्हीडी … Read more

मुस्लिम युवती ने श्रेया बनकर हिंदू युवक को फंसाया, शादी के बाद 3 बच्चों की मां निकली, धर्मपरिवर्तन का बना रही दबाव

भोपाल राजधानी भोपाल में कथित लव जिहाद का अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें एक हिंदू युवक ने एक मुस्लिम युवती पर आरोप लगाया है कि वह उस पर धर्म बदलने का दबाव बना रही है. दूसरी ओर, युवती ने आरोप लगाया है कि युवक चार साल से उसके साथ रिलेशनशिप में है और अब किसी अन्य युवती से शादी करने वाला है, जो उसे स्वीकार नहीं है. दोनों थाने पहुंचकर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायती आवेदन दे चुके हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है. भोपाल के रहने वाले शेखर सिलावट ने अशोका गार्डन पुलिस थाने में आवेदन दिया है कि नीलोफर नाम की युवती ने श्रेया बनकर उससे प्रेम संबंध बनाए और फिर शादी कर ली. अब वह धर्म परिवर्तन का दबाव बना रही है. आवेदन के साथ युवक ने पुलिस को युवती के दो आधार कार्ड सौंपे, जिनमें एक में उसका नाम नीलोफर और दूसरे में श्रेया दर्ज है. युवक ने अपने आवेदन में लिखा कि वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है. उसकी मुलाकात अपनी कॉलोनी में रहने वाली श्रेया से हुई, जिसके बाद दोस्ती हो गई. श्रेया ने बताया कि वह भी नौकरी करती है और किराए के मकान में अकेले रहती है. श्रेया ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपने नाम से आईडी बनाई थी, जिसके जरिए दोनों की चैट होती थी. युवक ने आरोप लगाया कि 2021-22 से श्रेया उस पर शादी का दबाव बनाने लगी. जब उसने कहा कि उसके परिजन शादी के लिए तैयार नहीं हैं, तो श्रेया ने धमकी दी कि यदि शादी नहीं की तो उसे बलात्कार के मामले में फंसा देगी. इसके अलावा, श्रेया उसे ब्लेड की तस्वीरें भेजती थी और कहती थी कि यदि उससे शादी नहीं की तो वह नस काटकर आत्महत्या कर लेगी और सुसाइड नोट में शेखर को जिम्मेदार ठहराएगी. इन्हीं धमकियों के चलते श्रेया ने दबाव बनाकर 6 मई को गायत्री मंदिर में जबरन शादी कर ली. बाद में शेखर को पता चला कि श्रेया का असली नाम नीलोफर है और वह पहले से शादीशुदा है, जिसके तीन बच्चे हैं. पूछने पर नीलोफर ने बताया कि उसका तलाक हो चुका है और बच्चे उसके पूर्व पति के पास हैं. युवक ने आरोप लगाया कि नीलोफर ने यह बात छिपाई और अब उस पर दबाव बना रही है कि वह हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाए और उसके तीन बच्चों को भी स्वीकार करे. इसके अलावा, 18 मई को नीलोफर ने कुछ लड़कों की मदद से उसका अपहरण करवाया और भानपुर ब्रिज के नीचे ले जाकर मारपीट की, साथ ही इस्लाम अपनाने और शादी का दबाव बनाया. वहीं, इस मामले में युवती मंगलवार दोपहर थाने पहुंची और आरोप लगाया कि शेखर को उसके मुस्लिम होने की जानकारी पहले से थी. युवती ने अपने आवेदन में बताया कि उसकी शादी 2012 में मुस्लिम रीति-रिवाजों से हुई थी, जिससे उसके तीन बच्चे हैं. पति के साथ झगड़े और मारपीट के कारण वह 2020 में सुभाष नगर इलाके में किराए के मकान में अकेले रहने लगी. इसी मकान के नीचे शेखर रहता था, जिससे उसकी बातचीत शुरू हुई और दोनों रिलेशनशिप में आ गए. युवती ने आरोप लगाया कि शेखर को उसके मुस्लिम होने और शादीशुदा होने की जानकारी थी, साथ ही उसे उसके तीन बच्चों के बारे में भी पता था. शेखर को इससे कोई आपत्ति नहीं थी. दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध बने. कई बार शेखर उसके कमरे में रहता था और वहीं से ऑफिस जाता था. अगस्त 2023 में जब वह गर्भवती हुई, तो शेखर ने उसे गर्भनिरोधक गोली दी, जिससे गर्भपात हो गया. इसके बाद भी दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध बने. जब भी वह शादी की बात करती, शेखर कहता कि दोनों के धर्म अलग होने के कारण उसके परिजन शादी के लिए तैयार नहीं होंगे. इस साल अप्रैल में जब उसे मासिक धर्म नहीं हुआ, तो सोनोग्राफी से पता चला कि वह पांच सप्ताह की गर्भवती थी. युवती का आरोप है कि शेखर उसे अस्पताल ले गया और डॉक्टर को दिखाने के बाद घर पर गोली दी, जिससे उसका मासिक धर्म शुरू हो गया. आखिरकार 6 मई को दोनों ने गायत्री मंदिर में शादी कर ली, जिसके लिए युवती ने अपना धर्म बदलकर हिंदू नाम श्रेया रख लिया. युवती का आरोप है कि शादी के दो दिन बाद 8 मई को शेखर ने दूसरी युवती से सगाई कर ली. जब उसने विरोध किया, तो शेखर ने कहा कि वह दोनों को साथ रखेगा. युवती का कहना है कि वह केवल शेखर के साथ रहना चाहती है. उसने यह भी आरोप लगाया कि शेखर अब उस पर झूठा केस लगाने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसे उसके मुस्लिम होने की जानकारी पहले से थी. सोमवार को शेखर ने अशोका गार्डन थाने में युवती के खिलाफ आवेदन दिया था, जिसके बाद मंगलवार को युवती ने भी थाने में शेखर के खिलाफ आवेदन दिया. अशोका गार्डन के थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं और मामले की जांच की जा रही है. जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की गई है. recent visitors 34

गोल्‍ड स्‍मग‍ल‍िंग मामले में रान्या राव को मिली जमानत, फिर भी जेल में रहेंगी, जानें क्यों

बेंगलुरु सोना तस्करी मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव और आरोपी तरुण कोंडारू राजी को मंगलवार, 20 मई को इकोनॉमिक ऑफेंस की स्पेशल कोर्ट ने शर्तों पर जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें दो जमानतें और 2-2 लाख रुपये का बॉन्ड भरने को कहा है। इसके अलावा कुछ और शर्तें भी हैं, लेकिन एक्ट्रेस जमानत के बावजूद हिरासत में ही रहेंगी। कोर्ट ने रान्या राव और कोंडारू राजू को इस शर्त पर भी जमानत दी है कि वह देश छोड़कर नहीं जा सकते और अपराध नहीं दोहराएंगे। जमानत आदेश न्यायमूर्ति विश्वनाथ सी गौड़र द्वारा पारित किया गया जो इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। समाचार एजेंसी ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार, रान्या राव के वकील बीएस गिरीश ने अदालत के सामने तर्क दिया कि अगर एक्ट्रेस को जमानत भी मिल जाती है तो भी उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा। रान्या राव रहेंगी हिरासत में बताया गया कि रान्या राव के खिलाफ COFEPOSA (Conservation of Foreign Exchange and Prevention of Smuggling Activities Act, 1974) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब एक्ट्रेस की मां ने इस एक्ट को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी है। बता दें कि कोफेपोसा एक ऐसा कानून है, जिसका मकसद तस्करी को रोकना और विदेशी मुद्रा का संरक्षण करना है। रान्या राव को किया गया था अरेस्ट रान्या राव को तब तक रिहा नहीं किया जा सकता जब तक कि उन्हें कोफेपोसा मामले में भी जमानत नहीं मिल जाती। एक्ट्रेस को 3 मार्च को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से तस्करी कर लाई गई करीब 14.2 किलोग्राम सोने की रॉड मिली थी, जिसकी कीमत 12.56 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। recent visitors 60

हाई कोर्ट के जस्टिस रमना ने रिटायरमेंट से पहले अपने विदाई समारोह में गहरी कड़वाहट की व्यक्त

इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस दुप्पाला वेंकट रमना ने रिटायरमेंट से पहले अपने विदाई समारोह में गहरी कड़वाहट व्यक्त की. इंदौर में आयोजित समारोह में रमना ने कहा कि 2023 में गृह राज्य आंध्र प्रदेश से गलत इरादे के चलते उनका ट्रांसफर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में किया गया. सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करने पर भी मेरी बात नहीं सुनी गई. जस्टिस रमणा ने कहा, "यह मेरे जीवन का एक उल्लेखनीय दौर था, लेकिन मुझे बिना कारण आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में स्थानांतरित किया गया. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी पीएनईएस (पैरोक्सिस्मल नॉन-एपिलेप्टिक सीज़र्स) और COVID-19 के बाद मस्तिष्क संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी, जिसके लिए उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट का विकल्प चुना ताकि उनकी पत्नी को बेहतर इलाज मिल सके. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस विनती को अनसुना कर दिया. उन्होंने 19 जुलाई 2024 और 28 अगस्त 2024 को अपनी पत्नी की गंभीर मेडिकल कंडिशन बताते हुए अभ्यावेदन पेश किए, लेकिन इन पर न तो विचार किया गया और न ही इन्हें खारिज किया गया. रमना ने दुख जताते हुए कहा, "मुझे कोई जवाब नहीं मिला. एक न्यायाधीश के रूप में मुझे कम से कम मानवीय विचार की उम्मीद थी. मैं बहुत निराश और दुखी हूं." उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान चीफ जस्टिस बी. आर. गवई शायद अधिक सहानुभूतिपूर्ण हो सकते थे, लेकिन यह सहानुभूति "बहुत देर से आई, क्योंकि मैं अब सेवानिवृत्त हो रहा हूं." जस्टिस रमना ने दावा किया कि उनका तबादला गलत इरादे से और परेशान करने के लिए किया गया. उन्होंने कहा, "मुझे स्पष्ट कारणों के बिना अपने गृह राज्य से स्थानांतरित किया गया. मैं उनके अहंकार को संतुष्ट करने में खुश हूं. अब वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन भगवान न तो माफ करते हैं और न ही भूलते हैं. वे भी किसी रूप में पीड़ित होंगे." कटुता के बावजूद जस्टिस रमना का भाषण गरिमा से भरा था. पहली पीढ़ी के वकील के रूप में उन्होंने अपने जीवन पर विचार करते हुए कहा, "मैं मानव संघर्ष की शक्ति, गरीबी में गरिमा और अडिग आशा का गवाह रहा हूं. कड़ी मेहनत के अलावा सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है." उन्होंने स्वीकार किया कि उनका करियर संघर्षों और कड़वे अनुभवों से भरा था, जिसमें 'षड्यंत्रकारी जांच' भी शामिल थी. उन्होंने कहा, "मेरे परिवार ने चुपचाप पीड़ा सही, लेकिन सत्य की जीत होगी." जस्टिस ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर के शब्दों का हवाला दिया: "किसी व्यक्ति का मापदंड यह नहीं कि वह सुविधा के क्षणों में कहां खड़ा है, बल्कि यह कि वह चुनौती के समय कहां खड़ा है." जस्टिस रमना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अगस्त 2023 में उन्हें आंध्र प्रदेश से मध्य प्रदेश स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा था. उन्होंने कर्नाटक का अनुरोध किया, लेकिन कॉलेजियम ने इसे अस्वीकार कर मध्य प्रदेश स्थानांतरण की सिफारिश को दोहराया. उन्होंने कहा, "मैंने कर्नाटक चुना ताकि मेरी पत्नी को निमहान्स, बेंगलुरु में इलाज मिल सके, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर विचार नहीं किया." हालांकि, रमना ने इसे वरदान बताया, क्योंकि जबलपुर और इंदौर के बार और सहयोगी न्यायाधीशों से उन्हें अपार समर्थन मिला. उन्होंने कहा, "मैंने आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में स्थायी योगदान दिया. मुझे अमरावती, कृष्णा, गोदावरी और नर्मदा की धरती पर सेवा का अवसर मिला. मैंने न्याय किया और इन अवसरों के लिए धन्य हूं." साल 1994 में द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और हाई कोर्ट के जस्टिस तक पहुंचे. इस पर रमना ने कहा, "मैंने कई चुनौतियों का सामना किया. मेरे करियर में संघर्ष और कड़वे अनुभवों ने मुझे विविधता लाने में मदद की. सत्य की हमेशा जीत होगी, 'सत्यमे जयते'."   recent visitors 34