सोलर पंप के लिए मोहन यादव सरकार किसानों को देगी सब्सिडी, स्थाई बिजली कनेक्शन नहीं होने वाले किसानों को मिलेगा लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश के किसानों को भी अब केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना का लाभ मिल सकेगा. राज्य सरकार ने सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने की इस योजना में संशोधन कर इसे राज्य में लागू कर दिया है. इस योजना के तहत सभी किसानों को सोलर पंप लगाने का मौका फिलहाल नहीं मिल सकेगा. राज्य सरकार ने इसमें संशोधन किया है. इसके तहत योजना के पहले चरण में चुनिंदा किसानों को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा. अभी सिर्फ उन्हीं किसानों के खेतों पर सोलर पंप लगाए जाएंगे, जिन खेतों पर बिजली का स्थाई कनेक्शन मौजूद नहीं है. इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी जेब से कितनी राशि खर्च करनी होगी यह भी साफ कर दिया है. शुरूआत में किन किसानों को मिलेगा लाभ राज्य सरकार ने योजना में संशोधन कर इसे लागू करने अधिसूचना जारी कर दी है. इसमें प्रावधान किया गया है कि योजना के लिए वह किसान पात्र होंगे, जिनकी भूमि पर अभी स्थाई बिजली कनेक्शन नहीं है. सोलर पंप लगाए जाने के पहले कृषि भूमि पर टैगिंग किया जाएगा, ताकि किसान को सोलर पंप और बिजली कनेक्शन दोनों के अनुदान का लाभ न मिल सके. इस योजना के दूसरे चरण में उन सभी किसानों के खेतों पर सोलर पंप लगाने के लिए अनुदान का लाभ दिया जाएगा, जिसके खेतों पर स्थाई बिजली कनेक्शन मौजूद है. विभाग बनाएगा किसानों का डाटा बेस नवीन एवं नवकरणीय विभाग बिजली कंपनियों की मदद से प्रदेश के किसानों का डाटाबेस तैयार करेगी. इसमें किसानों द्वारा लिए गए अस्थायी और स्थायी बिजली कनेक्शन उससे लिंक किए गए किसानों के समग्र, आधार का डाटा प्राप्त करेगी और उसे मध्य प्रदेश भू लेख की मदद से खसरा नंबर से लिंक किया जाएगा. इसके आधार पर ही किसानों को सोलर पंप के लिए ऋण और अनुदान दिया जाएगा. सोलर पंप लेने वाले किसानों से हितग्राही अंश की राशि पोर्टल के जरिए ही जमा कराई जाएगी. इससे किसानों का डाटा वैरीफाई किया जाएगा. सोलर पंप के साथ ड्रिप, स्प्रिंकलर सिस्टम भी जोड़ा जाएगा राज्य सरकार ने तय किया है कि सोलर पंप की इस योजना के साथ किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा. इसमें भी किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग द्वारा अनुदान दिया जाता है. इससे किसानों को पानी की बचत होगी. ऐसे कर सकेंगे योजना के लिए आवेदन इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के वेब पोर्टल पर सोलर पंप के लिए आवेदन करना होगा.     हितग्राही का नाम, पता, आधार नंबर और मोबाइल नंबर भरना होगा.     भू -स्वामित्व संबंधी दस्तावेज का विवरण जैसे खसरा नंबर, ग्राम, आर.आई सर्कल, तहसील एवं जिला का नाम भरना होगा.     उस खसरे, खसरे के बटांकन पर सिंचाई का वर्तमान स्त्रोत बताना होगा.     कृषि भूमि के खसरों पर बिजली कनेक्शन है या नहीं ? यदि है, तो वह स्थाई या अस्थाई है?     आवेदन के बाद विभाग प्राथमिकता के आधार पर हितग्राहियों की सूची तैयार करेगी और इसके बाद सोलर पंप लगाए जाएंगे. कितना मिलेगा अनुदान     3 एचपी सोलर पंप पर केन्द्र सरकार का अनुदान 30 फीसदी, कृषक ऋण 65 फीसदी और किसान द्वारा दी जाने वाली मार्जिन मनी 5 फीसदी.     3 एचपी सोलर पंप पर केन्द्र सरकार का अनुदान 30 फीसदी, कृषक ऋण 60 फीसदी और किसान द्वारा दी जाने वाले मार्जिन मनी 10 फीसदी. सोलर पंप योजना के लाभ     प्रदेश में जिन किसानों के पास स्थायी विद्युत कनेक्शन नहीं है, वे इस योजना के पात्र होंगे। सोलर पंप की लागत का 5-10 प्रतिशत हिस्सा किसान को देना होगा, जिसमें तीन हार्स पावर से कम के पंप के लिए 5 प्रतिशत और उससे अधिक के लिए 10 प्रतिशत अंशदान निर्धारित है। 30 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा कुसुम योजना के तहत दिया जाएगा। शेष 60-65 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध होगी, जिसका भुगतान राज्य सरकार करेगी। ऊर्जा विकास निगम का सर्विस चार्ज भी किसानों से नहीं लिया जाएगा। सोलर पंप की दरें निविदा के आधार पर तय होंगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। recent visitors 30

आज बुधवार 22 मई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज सेहत आपकी अच्छी रहने वाली है। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक माहौल के कारण आप परेशान हो सकते हैं। लव लाइफ अच्छी होगी। अगर आप किसी नई व्यावसायिक पार्टनरशिप पर विचार कर रहे हैं- तो कोई भी कमिटमेंट करने से पहले सभी फैक्ट्स को जांचना जरूरी है। वृषभ राशि- आज आपका दिन आरामदायक रहेगा। आप मानसिक तनाव से दूरी से राहत महसूस करेंगे। अगर आप थोड़ा अतिरिक्त पैसा कमाने के तरीके तलाश रहे हैं तो सुरक्षित वित्तीय योजनाओं में निवेश करें। परिवार के सदस्यों के साथ कुछ सुकून भरे पल बिताएंगे। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ इमोशनल बातचीत करने वाले हैं। मिथुन राशि- आज का दिन बेहतरीन है जो आपको अपने बारे में अच्छा महसूस कराएंगे। पैसों की कमी आज परिवार में अनबन हो सकती है। ऐसे में परिवार के अन्य सदस्यों से बात करने से पहले अच्छी तरह सोच लें और उनसे सलाह लें। अपने खाली समय का उपयोग कोई नई चीज सीखने के लिए करें। कार्यस्थल पर आपका कोई प्रतिस्पर्धी आज आपके खिलाफ साजिश रच सकता है, इसलिए आपको सतर्क रहने की जरूरत है। कर्क राशि- सेहत के नजरिए से बहुत अच्छा दिन है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आज आप अपने परिवार के बड़े-बुजुर्गों से धन मैनेजमेंट और बचत के बारे में सलाह ले सकते हैं। शाम को अचानक मिली अच्छी खबर पूरे परिवार के लिए खुशी और उत्साह लेकर आती है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कारोबार की स्थिति अच्छी होगी। सिंह राशि- दोस्तों के साथ शाम सुखद रहेगी। जीवनसाथी के साथ अनबन से बचें, वरना परिवार का माहौल खराब हो सकता है। भावुकता पर काबू रखें। आज आप ऑफिस में अपने दृष्टिकोण और काम की क्वालिटी में सुधार का अनुभव करेंगे। बिजी शेड्यूल वाले लोग लंबे समय के बाद दिन के आखिर में कुछ समय अकेले बिता पाएंगे। कन्या राशि- आज आपको निवेश से अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। धन संबंधी मामलों में आप अच्छे रहने वाले हैं। सिंगल जातकों का शादी ब्याह तय हो सकता है। कार्यस्थल पर आज सब कुछ आपके पक्ष में नजर आ रहा है। आज का दिन आपके पार्टनर के रोमांटिक पक्ष को दिखाएगा। तुला राशि- आज आपका दिन आराम से भरा रहने वाला है, लेकिन आप मानसिक दबाव महसूस कर सकते हैं। काम का बोझ आपको परेशान कर सकता है। आज आपको ऐसे दोस्तों से दूर रहने की जरूरत है जो आपसे पैसे उधार मांगते हैं और फिर वापस नहीं करते हैं। परिवार के साथ सोशल एक्टिविटी आनंददायक रहेंगी। आपकी व्यावसायिक समझ लाभ दिलाएगी। वृश्चिक राशि- आज आप धन कमाने में अच्छे रहेंगे लेकिन धन का प्रयोग समझदारी से करना बेहतर रहेगा। आपकी लव लाइफ के लिहाज से दिन शानदार है। कोई महत्वपूर्ण फैसला लेते समय उसके बारे में अच्छे से विचार करें। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए अच्छा समय रहने वाला है। कार्यस्थल पर आपको परेशानियों से निजात मिलेगी। धनु राशि- आज बिजी शेड्यूल के बावजूद सेहत अच्छी रहेगी। पैसे बचाने के आपके प्रयास आज फेल हो सकते हैं। लेकिन आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि स्थिति जल्द ही सुधर जाएगी। कार्यस्थल पर आपको मनमुताबिक रिजल्ट देने के लिए अपने प्रयासों पर फोकस करने की जरूरत है। आज जीवनसाथी आपको सरप्राइज कर सकता है। मकर राशि- आज आप एक्टिव रहेंगे। आज आपकी सेहत आपका पूरा साथ देगी। आज घर से बाहर निकलने से पहले अपने बड़ों का आशीर्वाद लें, इससे आपको लाभ होगा। आज अपने लवर या पार्टनर के साथ समय बिताने से रिश्ते अच्छे होंगे। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी रहेगी। व्यावसायिक सफलता मिलने के पूर्ण योग हैं। कुंभ राशि- आज शारीरिक लाभ के लिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें। किसी आकस्मिक स्रोत से धन की प्राप्ति हो सकती है, जिससे आपकी कई आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। आपको अपने कामकाज में कोई बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है। आज जीवनसाथी के रूखा व्यवहार आपको परेशान कर सकता है। मीन राशि- आज कोई अटका हुआ काम पूरा हो सकता है। कोई पुराना मित्र शाम को आपसे मिल सकता है और पुरानी यादें ताजा कर सकता है। कार्यस्थल पर अपना टैलेंट दिखाने के कोई मौके मिलेंगे। अपना समय और ऊर्जा दूसरों की मदद करने में लगाएं- लेकिन उन मामलों में नहीं उलझें जिनका आपसे कोई लेना-देना नहीं है। आर्थिक व रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। recent visitors 72

यूपी: सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मि‍यों के आएंगे अच्‍छे द‍िन! शोषण से मुक्ति के साथ म‍िलेंगे ये कई फायदे

लखनऊ सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर काम कर रहे कार्मिकों के अच्छे दिन जल्द आने वाले हैं। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के लिए तैयार प्रस्ताव पर परामर्शी विभागों ने अपने परामर्श दे दिए हैं। विभागों से मिले सुझावों के बाद यह तय माना जा रहा है कि कार्मिकों के ईपीएफ, ईएसआई, बीमा, चिकित्सा, भत्ते आदि का प्रबंधन आउटसोर्स निगम करेगा, जबकि मानदेय मौजूदा व्यवस्था के तहत आउटसोर्स एजेंसियां ही देंगी। पूरा मानदेय समय से कार्मिकों के खाते में जाए इसका पर्यवेक्षणीय दायित्व निगम के पास रहेगा। परामर्शी विभागों से सुझावों के मिल जाने के बाद सचिवालय प्रशासन विभाग अब प्रस्ताव पर मुख्य सचिव का मार्गदर्शन लेगा। जिसके बाद इसे मुख्यमंत्री के अवलोकनार्थ भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री की सहमति लेने के बाद इसे कैबिनेट के समक्ष स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा निगम के गठन के लिए जो प्रस्ताव परामर्शी विभागों को भेजा गया था उसमें यह प्रस्तावित किया गया था कि कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान निगम के माध्यम से किया जाए। सूत्र बताते हैं कि परामर्शी विभाग कार्मिक, वित्त व न्याय ने तकनीकी, कानूनी और वित्तीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से ही करने का परामर्श दिया है। एजेंसियों द्वारा समय से पूरा मानदेय कर्मचारी के बैंक खाते में चला जाए इस पर निगम की निगाहें रहेंगी। प्रस्तावित मसौदे में यह सुनिश्चित किया गया है कि एजेंसियां अपने स्तर से किसी कर्मचारी हटा नही सकेंगी। आउटसोर्स की भर्तियां चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर अन्य सभी श्रेणी में सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से की जाएंगी। निगम का गठन हो जाने पर आउटसोर्स कार्मिकों को शोषण से मुक्ति के साथ ही अवकाश, चिकित्सा सुविधा, सामाजिक व पारिवारिक सुरक्षा का लाभ मिलने लगेगा। कार्मिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके स्वजन को 30 लाख रुपये तक की सहायता बैंक के माध्यम से मिलेगी। इसके लिए कार्मिक को कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। 12 आकस्मिक अवकाश और 10 चिकित्सीय अवकाश भी मिलेंगे। न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये और उससे अधिक हो जाएगा। जिस पद के सापेक्ष कर्मचारी को सेवा में लिया जाएगा उस पद के स्थाई कार्मिक को मिलने वाले वेतन के आसपास ही आउटसोर्स कार्मिक को मानदेय मिलने की उम्मीद है। कर्मचारी 60 वर्ष की उम्र तक आउटसोर्स की नौकरी कर सकेंगे। 1000 रुपये से लेकर 7500 रुपये तक पेंशन दिए जाने का प्रस्ताव भी है। recent visitors 63

भारत ओआईसी देशों को सीमा पार आतंकवाद की समस्याओं को लेकर एक बार फिर जानकारी देगा, मित्र देशों से नहीं होगी कोई बात

नई दिल्ली भारतीय सांसदों की टीम अगले कुछ दिनों तक 33 देशों का दौरा करेगी। वहां के सांसदों, सरकार के प्रतिनिधियों, मीडिया और थिंक टैंकों व आम जनों से मिलकर ना सिर्फ पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बारे में उन्हें जानकारी देगी, बल्कि पाकिस्तान के आतंकी चेहरे का भी पर्दाफाश करेगी। विदेश जाने वाली टीम में कौन-कौन होगा? इस टीम में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा विदेश मंत्रालय के कुछ पुराने व अनुभवी राजनयिक भी हैं। टीम कब से कब तक करेगी दौरा? सात हिस्सों में बंटी इस टीम का दौरा 23 मई से शुरू होगा और तीन जून, 2025 को समाप्त होगा। टीम कहां-कहां जाएगी? टीम कहां-कहां जाएगी, इसका फैसला करने के समय इस बात का ख्याल रखा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की मदद करने वाले किसी भी देश का दौरा नहीं किया जाए। यानी भारतीय टीम तुर्की, चीन, अजरबैजान नहीं जा रही। विदेश मंत्रालय की तरफ से जो जानकारी दी गई है, उससे यह भी पता चलता है कि उन देशों को खास तौर पर तवज्जो दी गई है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्य हैं। देखा जाए तो यूएनएससी के पांच स्थाई सदस्यों में से चीन को छोड़कर अन्य चारों देश अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस का दौरा भारतीय प्रतिनिधिमंडल करेगा। इसी तरह से 10 अस्थाई सदस्यों में से पाकिस्तान और सोमालिया को छोड़कर मौजूदा अन्य आठ अस्थाई सदस्य देश अल्जीरिया, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन, गुयाना, पनामा, स्लोवेनिया और ग्रीस की यात्रा पर भारतीय टीम जाएगी। बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भी पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन के अलावा यूएनएससी के अन्य स्थाई सदस्यों के प्रमुखों से टेलीफोन पर बात की थी। जबकि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 10 अस्थाई सदस्यों में पाकिस्तान को छोड़ कर अन्य नौ सदस्यों के विदेश मंत्रियों के साथ विमर्श किया था। इन सभी को भारत में सीमा पर आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर पाक के समर्थन में चल रही गतिविधियों के बारे में बताया गया था। किन देशों में नहीं जाएगी टीम? विदेश मंत्रालय मानता है कि जिस तरह से तुर्की व चीन ने पूरे मामले में भारत के विचारों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है, उसे देखते हुए इन्हें अपने पक्ष के बारे में अब जानकारी देने का कोई मतलब नहीं है। बहरहाल, भारतीय दल इस्लामिक देशों के संगठन (ओआईसी ) के कई सदस्य देशों की यात्रा करने वाला है, जिनमें कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, मलेशिया, यूएई, कतर और मिस्र हैं। इनमें से कई देशों के साथ भारत के बेहद पारंपरिक रिश्ते है। बता दें कि जब पहलगाम हमला हुआ था, तब पीएम मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर थे। सऊदी अरब पाकिस्तान का भी मित्र देश है, लेकिन तब सऊदी अरब ने ना सिर्फ इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को मदद की पेशकश भी की थी। इसके बाद में ओआईसी की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ एक बयान भी जारी हुआ था। ऐसे में भारत ओआईसी देशों को सीमा पार आतंकवाद की समस्याओं को लेकर एक बार फिर जानकारी देगा। recent visitors 69

रिपोर्ट: भारत से तुर्की और अजरबैजान के लिए वीजा आवेदनों में 42 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई

नई दिल्ली भारत से तुर्की और अजरबैजान के लिए वीजा आवेदनों में 42 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई है। यह जानकारी मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। हालिया भारत-पाक संघर्ष में दोनों ही देशों ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया, जिसके चलते भारतीयों की ओर से इस तरह की प्रतिक्रिया दी जा रही है। वीजा प्रॉसेसिंग प्लेटफॉर्म एटलिस से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, केवल 36 घंटों के भीतर, वीजा आवेदन प्रक्रिया को बीच में ही छोड़ने वाले यूजर्स की संख्या में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एटलिस के संस्थापक और सीईओ मोहक नाहटा ने कहा, "प्रतिक्रिया तीव्र और व्यवहारिक थी। लोगों को कुछ गंतव्यों से बचने के लिए कहने की आवश्यकता नहीं थी। वे सहज ज्ञान, जानकारी और विकल्पों तक पहुंच के आधार पर आगे बढ़े। यह मॉडर्न ट्रैवल को दिखाता है।" उन्होंने आगे कहा, "इसी भावना में हमने भारत के साथ खड़े होकर और राष्ट्रीय भावना के साथ एकजुटता दिखाते हुए तुर्की और अजरबैजान के लिए सभी मार्केटिंग प्रयासों को भी रोक दिया।" दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से आने वाले यात्रियों ने तुर्की जाने के लिए आवेदनों में 53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करवाई, जबकि इंदौर और जयपुर जैसे टियर 2 शहरों से आने वाले यात्रियों की रुचि अधिक मजबूत रही, जो केवल 20 प्रतिशत कम रही। अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करने वाले यात्रियों की प्रकृति में भी बदलाव आया। पारिवारिक यात्राओं सहित ग्रुप वीजा रिक्वेस्ट में लगभग 49 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि सोलो और कपल रिक्वेस्ट में 27 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे पता चलता है कि ग्रुप ट्रैवलर्स, जो अक्सर पहले से योजना बनाते हैं और राजनीतिक भावनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, व्यक्तिगत यात्रियों की तुलना में अधिक निर्णायक रूप से प्रतिक्रिया करते हैं। एटलिस डेटा ने उम्र और इरादे के बारे में शुरुआती संकेत भी प्रकट किए। 25 से 34 वर्ष की आयु के यात्रियों के जल्दी से अपना रास्ता बदलने की संभावना सबसे अधिक थी, जिन्होंने तुर्की के लिए मिड-प्रोसेस एप्लिकेशन गिरावट में 70 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया। दिलचस्प बात यह है कि महिला यात्रियों के गंतव्य को पूरी तरह से बदलने की संभावना अधिक थी, जिसमें वियतनाम या थाईलैंड जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए आवेदन फिर से शुरू करने की प्रवृत्ति 2.3 गुना अधिक थी। जब तुर्की और अजरबैजान का रुझान कम हुआ, तो वैकल्पिक गंतव्यों की लोकप्रियता में उछाल आया। आंकड़ों से पता चला कि इसके बाद के दिनों में वियतनाम, इंडोनेशिया और मिस्र के लिए आवेदनों में 31 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। recent visitors 65

मंत्री छगन भुजबल ने कहा- मुझे जो भी विभाग कार्य करने के लिए दिया जाएगा, मुझे वह स्वीकार होगा

मुंबई महाराष्ट्र सरकार में मंगलवार को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि मंत्री पद की शपथ ली है। मुझे कौन सा विभाग मिलेगा, इसके बारे में मैं कैसे कह सकता हूं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तय करेंगे कि मुझे कौन सा विभाग मिलेगा। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मुख्यमंत्री की ओर से मुझे जो भी विभाग कार्य करने के लिए दिया जाएगा, मुझे वह स्वीकार होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज के लिए मैं बीते 25 वर्षों से कार्य कर रहा हूं। पूर्व में मैंने जातिगत जनगणना की मांग को लेकर कई रैलियां की। मुझे खुशी इस बात की है कि केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना के लिए स्वीकृति दे दी है। देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने के बाद भुजबल ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ-साथ प्रफुल्ल पटेल का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों, समता परिषद के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं उन सभी का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अब तक मुझे प्यार और स्नेह दिया है।" भुजबल को खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग मिलने की उम्मीद है, उन्होंने इससे पहले इस विभाग की जिम्मेदारी उद्धव ठाकरे और फिर एकनाथ शिंदे (2019-24) के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों में संभाली थी। बता दें कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, लेकिन भुजबल को मंत्री पद नहीं दिया था। इससे आहत भुजबल ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी खुले तौर पर जाहिर की थी और कहा था कि पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के ओबीसी मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने के बावजूद उनके बारे में विचार नहीं किया गया। recent visitors 62

उत्तराखंड के मदरसों में गूंजेगा सेना का पराक्रम, ऑपरेशन सिंदूर की कहानी, मौलाना की जुबानी

देहरादून  पाकिस्तान की कायराना हरकत के जवाब में भारतीय सेना का पराक्रम 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए सबने देखा। अब उत्तराखंड की धामी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मदरसों में अब छात्र-छात्राओं को 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में पढ़ाया जाएगा। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने यह फैसला लिया है। बोर्ड चाहता है कि बच्चे सेना के पराक्रम की कहानियों से परिचित हों। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। उत्तराखंड में कुल 451 मदरसे हैं, जिनमें लगभग 50 हजार बच्चे पढ़ते हैं। मुफ्ती शमून कासमी ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उनके साथ कुछ शिक्षाविद और बुद्धिजीवी भी मौजूद थे। उन्होंने रक्षा मंत्री को 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के लिए बधाई दी। कासमी ने बताया कि उत्तराखंड सैनिकों की भूमि है। ऑपरेशन सिंदूर में हमारे सशस्त्र बलों ने बेजोड़ शौर्य का परिचय दिया। इसका मतलब है कि उत्तराखंड वीरों की धरती है और 'ऑपरेशन सिंदूर' में हमारी सेना ने अद्भुत बहादुरी दिखाई। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता ने सेना के शौर्य को सराहा है। कासमी ने आगे कहा कि मदरसों के बच्चों को भी सैनिकों की बहादुरी के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि नए पाठ्यक्रम में 'ऑपरेशन सिंदूर' का चैप्टर शामिल किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही पाठ्यक्रम समिति की बैठक बुलाई जाएगी। रक्षा मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में कई लोग शामिल थे। इनमें रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा, इस्लामिक सेंटर के पूर्व अध्यक्ष सिराज कुरैशी और आईसीएफए के अध्यक्ष एमजे खान जैसे लोग मौजूद थे। 'ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय सेना द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण अभियान था। इसकी सफलता की कहानी अब मदरसों के बच्चों को पढ़ाई जाएगी। इससे बच्चों को देश के सैनिकों के बलिदान और शौर्य के बारे में पता चलेगा। यह फैसला उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने लिया है। बोर्ड चाहता है कि बच्चे देश के इतिहास और सेना के पराक्रम से परिचित हों। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने तबाह किए आतंकी ठिकाने भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने स्पष्ट करते हुए 6 और 7 मई की दरमियानी रात को एक साहसिक सैन्य अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कुल 9 ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए. ये सभी ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे भारत-विरोधी आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे. इस सुनियोजित और रणनीतिक कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया. यह सभी आतंकी गुट भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे और इन्हीं ठिकानों से उन्हें प्रशिक्षण, हथियार और दिशा-निर्देश दिए जा रहे थे. भारतीय खुफिया एजेंसियों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर इन ठिकानों की पहचान की गई थी, जिसके बाद सेना ने सटीक लक्ष्य साधकर ऑपरेशन को अंजाम दिया. भारत के सैन्य इतिहास में गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन सिंदूर की सबसे खास बात यह रही कि इस पूरे अभियान में भारत ने सिर्फ और सिर्फ आतंकी अड्डों को ही निशाना बनाया. पाकिस्तान के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान या नागरिक ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया. यह ऑपरेशन न केवल भारतीय सेना की तकनीकी दक्षता और सटीकता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ 'नो टॉलरेंस' नीति पर पूरी मजबूती से कायम है. ऑपरेशन सिंदूर, भारत के सैन्य इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है. इस अध्याय के बारे में उत्तराखंड के मदरसों के छात्र विस्तार से पढ़ेंगे. उत्तराखंड में कितने मदरसे हैं? BBC की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 451 मदरसे मदरसा शिक्षा परिषद (मदरसा बोर्ड) से पंजीकृत हैं, लेकिन करीब 500 मदरसे बिना पंजीकरण के चल रहे हैं. recent visitors 66