राज्य सेवा के 21 अधिकारी बनेंगे IAS-IPS, एसएएस के 16 और एसपीएस के 5 अफसरों को मिलेगा मौका

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य सेवा के 16 अफसर आईएएस और 5 आईपीएस बनेंगे। दरअसल, अगले महीने यूपीएससी में डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी की बैठक होना लगभग तय है। जिसमें इन अफसरों को आईएएस और आईपीएस कैडर में प्रमोशन दिया जाएगा। स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (SAS) और स्टेट पुलिस सर्विस (SPS) के 21 अफसरों को अखिल भारतीय सेवा में प्रमोशन मिलेगा। इनमें 16 एसएएस को IAS में प्रमोशन मिलेगा। वहीं 5 एसपीएस अफसर IPS बनेंगे। अगले महीने यूपीएससी में डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठक होना लगभग तय है। बैठक में इन अफसरों को आईएएस और आईपीएस कैडर में प्रमोशन दिया जाएगा। आईपीएस के लिए 1997-98 बैच के अफसरों के नाम शामिल किए जा सकते हैं। आईएएस के लिए वरिष्ठता सूची के आधार पर 2006-2007 बैच के अफसर आईएएस बनेंगे। कुल 21 पदों के मुकाबले तीन गुना नाम भेजे जाने हैं। यूपीएससी को देर से प्रस्ताव भेजे जाने के कारण 2023 में आठ पदों के लिए डीपीसी नहीं हो पाई थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने डीपीसी के लिए प्रस्ताव तैयार कर मुख्य सचिव के अनुमोदन के लिए भेजा था। इसलिए इस साल 2023 और 2024 के 8-8 यानी 16 पदों के लिए डीपीसी होगी। राज्य सरकार मध्य प्रदेश कैडर के अफसरों के नाम तय कर यूपीएससी को भेजती है। इसके बाद खाली पदों के आधार पर नामों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग से अधिसूचना जारी करेगी। recent visitors 56

देश में जल संवर्धन अभियान में जनता और प्रशासन की संयुक्त भागीदारी

जल गंगा संवर्धन अभियान प्रदेश में जल संवर्धन अभियान में जनता और प्रशासन की संयुक्त भागीदारी भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के निर्माण और साफ-सफाई के कार्य में निरंतर तेजी आती जा रही है। अभियान में जन-भागीदारी और प्रशासनिक अमला संयुक्त रूप से मिलकर भागीदारी कर रहा है। नदी, तालाबों और चेकडेम की सफाई के साथ बोरी-बंधान के कार्य भी किये जा रहे हैं। कलेक्टर ने बोरी बंधान कार्य में निभाई सहभगिता शहडोल जिले के मुड़ना नदी में ग्राम जोधपुर में स्टाप डैम में बोरी बंधान से नदी का जल क्षेत्र 12 घंटे के अंदर हुआ लबालब। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तहसील सोहागपुर के ग्राम जोधपुर से बहने वाली मुड़ना नदी की जलधारा सूख सी गई थी। पूर्व से बनाए गए स्टाप डैम में जन अभियान परिषद की ग्राम जोधपुर की प्रस्फुटन समिति तथा ग्राम पंचायत ने स्टाप डैम में बोरी बंधान करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों के निर्णय से प्रभावित होकर कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, एसडीएम सोहागपुर अरविंद शाह और जन सामान्य ने गांव में पहुंचकर श्रमदान किया। बोरी बंधान से धीरे-धीरे मुड़ना नदी के बहाव क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने लगा जिसे देखकर ग्रामीण जन प्रसन्न हो गए। पानी भर जाने से गांव के पशु-पक्षियों को पीने का पानी तथा ग्रामीण जनों को निस्तार के लिये पानी की सुविधा उपलब्ध हो गई है। जल का अपव्यय रोकने को किया प्रेरित श्योपुर जिले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पीएचई विभाग द्वारा गांव-गांव में लोगों को नलो में टोटियां लगाकर जल का अपव्यय रोकने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत छीताखेडली में नल कनेक्शन में टोटी लगाकर पानी व्यर्थ न फैलाने के लिए ग्राम वासियों को प्रेरित किया गया। ऐसे नल जिनमें टोटियां नही लगी थी, उनमें टोटियां लगाई गई। इस अवसर पर जल संरक्षण के लिए शपथ भी दिलाई गई। जल की एक-एक बूंद बचाने का दिया जा रहा संदेश देवास जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान’’ में नगर निगम देवास द्वारा मीठा तालाब की सफाई की गई। नगरीय निकायों एवं प्रत्येक ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जिले में जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए 30 जून 2025 तक अभियान जारी रहेगा। अभियान के माध्यम से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम देवास द्वारा देवास के राजोदा स्थित मीठा तालाब की साफ-सफाई की गई तथा तालाब सौंदर्यीकरण भी किया गया। इसी क्रम में नगर निगम देवास द्वारा आलोट पायगा स्कूल के कुएं की साफ-सफाई की गई। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों से जिले में बारिश के दिनों में पानी संग्रहित होगा तथा वाटर लेवल भी बढ़ेगा। प्राचीन बावड़ी का हो रहा है कायाकल्प उज्जैन जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरुप जिले में जल गंगा जल संवर्धन अभियान का योजनाबद्ध क्रियान्वयन किया जा रहा है। गौरतलब है की जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य जन भागीदारी से जल संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है। इस अभियान के अंतर्गत समाज की भागीदारी एवं विभिन्न सहभागी विभागों की समेकित पहल से मुख्यतः नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण, भू-जल संवर्धन, पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में स्थित प्राचीन जल के स्रोत- बावड़ी, कुए और कुंड की साफ-सफाई कर उनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसी क्रम में तराना जनपद की ग्राम पंचायत कायथा में स्थित प्राचीन बावड़ी का भी अभियान के अंतर्गत कायाकल्प किया जा रहा है।      इस बावड़ी का निर्माण देवी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा लगभग 300 वर्ष पूर्व कराया गया था। इस निर्माण में किसी भी प्रकार के चूना, सीमेंट और केमीकल का उपयोग नहीं किया गया था। बावड़ी निर्माण में पत्थरों की जमावट विशिष्ट तरीके से कि गई  जिससे बावड़ी अपने मूल स्वरूप में आज भी सुरक्षित है। बावड़ी प्राचीन होने के बावजूद भी अपने वर्तमान स्वरूप में अच्छी स्थिति में है। प्राचीन समय में बावड़ी में उपलब्ध पानी का उपयोग पेयजल के लिए किया जाता था साथ ही बावड़ी के समीप ग्रामीणजन पूजा भी करते है। कायथा बावड़ी के जीर्णोद्धार के लिये 50 हज़ार रुपए की लागत से गाद निकालने और मुण्डेर की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। मल्हारगढ में पेयजल पाईप लाईन दुरुस्ती का कार्य मंदसौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य नदी, तालाब, पुरानी बावड़ी सार्वजनिक कुंआ की स्वच्छता और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में नगर परिषद मल्हारगढ में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वार्ड क़मांक-2 में ईदगाह मार्ग पर पेयजल पाईप लाईन दुरुस्ती और शिप्टिंग का कार्य किया गया। ग्राम ठकुर्रा में स्वच्छता गतिविधि छतरपुर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिले में जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, संरक्षण और जल संवर्धन के लिए सामूहिक रूप से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में जिलेभर में गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड गौरिहार के ग्राम ठकुर्रा में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कैल नदी में साफ-सफाई एवं शपथ का आयोजन किया गया। घुघरी में जल संरक्षण कार्यों का किया गया निरीक्षण मंडला जिले में सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट ने विकासखंड घुघरी के ग्राम पंचायत डोंगर मंडला का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत चल रहे विभिन्न जल संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। सीईओ जिला पंचायत कूमट ने निर्माणाधीन खेत तालाब, डग वेल रिचार्ज और कूप मरम्मत कार्यों को देखा। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण के कार्यों में सामुहिक श्रमदान की अपील की।   recent visitors 36

मोहन सरकार पचमढ़ी में रहेगी, 3 जून को कैबिनेट बैठक भी यहीं होगी

भोपाल  मध्य प्रदेश के इंदौर के राजवाड़ा के बाद पचमढ़ी में अगली कैबिनेट बैठक होगी। तीन जून को होशंगाबाद जिले के पचमढ़ी में कैबिनेट मीटिंग प्रस्तावित है। डॉ मोहन यादव सरकार में 37 और डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होगी। मध्य प्रदेश में डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक के तहत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  इंदौर के प्रसिद्ध राजवाड़ा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई । यह मीटिंग राजवाड़ा के गणेश हॉल में  हुई । जहां सीएम और मंत्री पारंपरिक तरीके से पटिए-गद्दों पर बैठें। इस मीटिंग में मोहन सरकार कई अहम फैसले भी लिए । 3 जून को पचमढ़ी में मोहन कैबिनेट की पहली बैठक होगी। इसमें सभी मंत्री और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक कराने के लिए जिला प्रशासन ने अभी तक ओल्ट होटल के सामने का मैदान सहित कई होटल, रिसोर्ट आदि देखे हैं। इसमें से किसी एक जगह का चयन किया जाना है। बैठक में शामिल होने वाले मंत्री अधिकारियों का आना 2 जून से शुरू हो जाएगा। इसलिए उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्थाओं के लिए होटल रिसोर्ट भी देखे जा रहे हैं। एक दो दिन में बैठक का स्थल तय कर लिया जाएगा।  सबसे पहले 3 जनवरी 2024 को जबलपुर के भेड़ाघाट के पास पहली कैबिनेट बैठक हुई थी। दूसरी 5 अक्टूबर 2024 को रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती पर उनके गांव सिंग्रामपुर में हुई थी। वहीं तीसरी 24 जनवरी 2025 को पर्यटन नगरी महेश्वर में कैबिनेट बैठक हुई थी। आपको बता दें कि डॉ मोहन यादव सरकार में 37 और डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होगी। recent visitors 41

पीएम आवास योजना में अब 75,000 सैलरी वालों को भी सरकार से सब्सिडी, शहरों में बन रहे एक करोड़ नए घर

भोपाल शहरों में रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के बाद अब केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना-शहरी (PMAY-U) की डेडलाइन भी बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने एक करोड़ नए घरों के लिए आवेदन लेने शुरू कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने इस योजना को 31 मार्च, 2022 तक रखा था। PMAYU 2.0 के तहत सरकार का लक्ष्य शहरों में रहने वाले ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को पक्का घर मुहैया कराना है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ गरीब मजदूर से लेकर मध्यम वर्ग के लोगों तक मिलेगा। मध्यम वर्ग के लोग अगर पहला घर खरीदते हैं तो पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत होम लोन के ब्याज में सरकार की ओर से सब्सिडी मिलती है। केंद्र सरकार ने 25 जून, 2015 को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी को लॉन्च किया था। 'हाउसिंग फॉर ऑल' मिशन के साथ शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य शहरों में रहने वाले परिवारों को सस्ते घर मुहैया कराना था। इस योजना के तहत घर लेने पर सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। पीएम आवास योजना शहरी के लिए कम से कम 30 वर्ग मीटर का घर होना चाहिए। केंद्र सरकार न सिर्फ घर बनाने में मदद करती है बल्कि होम लोन पर 2.67 लाख रुपये तक की सब्सिडी भी देती है। इसके अलावा किराए का घर मुहैया कराने में भी मदद की जाती है। इन 4 तरीकों से सरकार दे रही मदद पीएम आवास योजना शहरी के अंतर्गत EWS, LIG और MIG श्रेणी में आने वाले उन लोगों को लाभ दिया जाता है, जिनके पास पक्का मकान नहीं है। सरकार चार तरीकों से इनकी मदद करती है।     खुद का घर तैयार करने में आर्थिक मदद करना     हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए पब्लिक या प्राइवेट सेक्टर के साथ पार्टनरशिप करना     होम लोन पर लगने वाले ब्याज में सब्सिडी देना     किराए का घर मुहैया कराना 31 मई तक पहले खाते में जरूर रखें 456 रुपये, नहीं तो मुश्किल वक्त में गंवा देंगे ये 2 बड़े लाभ 1.5 लाख का मुफ्त इलाज, एक्सीडेंट में घायल लोगों के लिए संजीवनी बनेगी मोदी सरकार की नई योजना पीएम आवास योजना के फायदे     EWS कैटेगरी में आने वाले परिवारों को घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये की मदद     ऐसे प्रोजेक्ट जहां 35% घर EWS कैटेगरी के लिए हैं और 250 से ज्यादा घर हैं, वहां प्रति घर 2.5 लाख रुपये की मदद     होम लोन पर लगने वाले ब्याज में सब्सिडी: EWS/LIG/MIG परिवारों को 3 से 6.5% तक ब्याज में सब्सिडी क्या आपको मिलेगा PMAY-U का फायदा     EWS कैटेगरी: वो परिवार जिनकी सालाना आय 3 लाख रुपये तक है     LIG : ऐसे परिवार जिनकी आय 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच है     MIG: वे परिवार जिनकी आय 6 लाख से 9 लाख के बीच है     आवेदक के पास देश के किसी भी राज्य में अपने नाम से पक्का घर नहीं होना चाहिए     आप जिस राज्य या शहर में रह रहे हों, वहां यह योजना लागू होनी चाहिए     अगर आपने पहले सरकार से ऐसी किसी भी योजना का फायदा नहीं लिया हो इन्हें मिलेगी प्राथमिकता पीएम आवास योजना शहरी में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों, सिंगल महिलाओं, विधवाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स को इस योजना के तहत आवेदन करने पर प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पीएम स्वनिधि योजना के तहत चुने गए स्ट्रीट वेंडर्स, सफाई कर्मियों और पीएम विश्वकर्मा के तहत रजिस्टर्ड कारीगरों पर भी फोकस किया जा रहा है। recent visitors 28

मध्यप्रदेश में सड़क हादसे में घायलों की मदद पर मिलेगा ₹25000 का इनाम – जानिए कैसे!

भोपाल मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने 'राहवीर योजना' के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25,000 इनाम देने की घोषणा की। पीएम मोदी करेंगे इंदौर मेट्रो और दतिया-सतना एयरपोर्ट का उद्घाटन। जानें कैबिनेट बैठक के सभी बड़े फैसले। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा गणेश हॉल में हुई कैबिनेट बैठक कई बड़े फैसलों की गवाह बनी। इस दौरान मंत्रियों ने परंपरागत धोती-कुर्ता और भगवा साफा पहनकर देवी अहिल्या को पुष्पांजलि अर्पित की। इस ऐतिहासिक बैठक में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर इनाम से लेकर मेट्रो-एयरपोर्ट, महिला सुरक्षा और पर्यटन विकास तक कई अहम घोषणाएं हुईं। लोगों को इनाम देने की योजना पुरस्कार पाने की सबसे अहम शर्त यह होगी कि गंभीर घायल(Road Accident) को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाना होगा। बता दें, आमतौर पर घायलों की मदद के लिए आगे आने वालों से ही कुछ मामलों में कई सवाल पूछे जाते हैं, इस वजह से कई बार घायलों की मदद के लिए लोग आगे आने से भय खाते हैं। इस परोपकार से जोड़ने लोगों को इनाम देने की योजना बनाई है। ऐसे मिलेगा पुरस्कार सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति का चोटे की वजह से ऑपरेशन करना पड़े, कम से कम तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता हो, सिर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें हो। घायल के साथ इनमें से कोई भी स्थिति निर्मित होने की स्थिति में बचाने वाले नागरिक पुरस्कार के हकदार होंगे।  घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25 हजार का इनाम मध्यप्रदेश सरकार ने 'राहवीर योजना' की घोषणा की है। इसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को ₹25,000 का इनाम दिया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि उस व्यक्ति को पुलिस या प्रशासन द्वारा कोई परेशानी नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस योजना को "मानवता की नई मिसाल" बताया है। गेहूं खरीदी में रचा इतिहास, किसानों को मिला ₹20 हजार करोड़ का भुगतान सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2600 प्रति क्विंटल तय कर 30 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की खरीदी की है। इसके तहत प्रदेश के किसानों को ₹20 हजार करोड़ का भुगतान किया गया, जो अब तक की सबसे बड़ी राशि है। recent visitors 146

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के काम ने पकड़ी तेजी, 300 किलोमीटर लंबा पुल तैयार, 27 कास्टिंग यार्ड फाइनल

मुंबई गुजरात के सूरत में 40 मीटर लंबे गर्डर के बनने के साथ ही बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के 300 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण पूरा हो गया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (NHSRCL) ने  यह जानकारी दी। एनएचएसआरसीएल ने बताया कि 300 किलोमीटर लंबे सुपरस्ट्रक्चर में से 257 किलोमीटर पुल का निर्माण फुल स्पैन लॉन्चिंग मैथड से की गई है। अभी क्या है काम की स्थिति एनएचएसआरसीएल के अनुसार, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत अभी तक नदियों पर 14 ब्रिज बनाए गए हैं। 37 किलोमीटर लंबा पुल स्पैन बाय स्पैन तकनीक से बनाया गया है। 0.9 किलोमीटर लंबा स्टील का पुल बनाया गया है और 1.2 किलोमीटर लंबा पीएससी पुल बनाया गया है। साथ ही 2.7 किलोमीटर में स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण हुआ है। 300 किलोमीटर के अलावा 401 किलोमीटर में नींव का काम और 326 किलोमीटर में गर्डर कास्टिंग का काम पूरा हो चुका है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में तेजी आई है। खासकर फुल स्पैन लॉन्चिंग मैथड से इसमें उल्लेखनीय विकास हुआ है। रेल मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का कितने किमी लंबा ट्रैक तैयार हो गया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, '300 किमी वायडक्ट पूरा हुआ।' इसका मतलब है कि बुलेट ट्रेन के रास्ते का 300 किलोमीटर का हिस्सा अब खंभों पर बन चुका है। वायडक्ट का मतलब है, पुल जैसा ढांचा जिस पर ट्रेन चलेगी। मुंबई स्टेशन का कितना काम पूरा? मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में बन रहा है। यह स्टेशन जमीन के नीचे होगा। यहाँ पर 76 प्रतिशत खुदाई का काम पूरा हो चुका है। एक खबर के अनुसार, 14.2 लाख क्यूबिक मीटर खुदाई हो चुकी है। कुल 18.7 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी वहां से निकालनी है। यानी मिट्टी निकालने का करीब आधा काम पूरा हो गया है। साइट पर कंक्रीट लैब साइट पर 120 cum/hr क्षमता के तीन बैचिंग प्लांट लगाए गए हैं। बैचिंग प्लांट का मतलब है, वह जगह जहां कंक्रीट (सीमेंट, रेत, गिट्टी का मिश्रण) बनाया जाता है। बैचिंग प्लांट में आइस प्लांट और चिलर प्लांट भी हैं। ये कंक्रीट के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। गर्मी में कंक्रीट जल्दी सूख जाता है। इसलिए उसे ठंडा रखना जरूरी है। साइट पर एक आधुनिक कंक्रीट लैब भी है। यहां पानी की पारगम्यता और रैपिड क्लोराइड पेनिट्रेशन टेस्ट जैसी सुविधाएं हैं। इन टेस्ट से कंक्रीट की क्वालिटी पता चलती है। सारे कंक्रीट टेस्ट साइट पर ही होते हैं। कुछ सैंपल अच्छे लैब में भी भेजे जाते हैं। क्या होगा स्टेशन में खास?     प्लेटफॉर्म जमीन से लगभग 26 मीटर नीचे होगा।     यह लगभग 10 मंजिला इमारत जितना गहरा है।     स्टेशन में तीन फ्लोर होंगे: प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स (प्रतीक्षालय) और सर्विस फ्लोर।     खुदाई का काम लगभग 32 मीटर (100 फीट) की गहराई तक किया जा रहा है।     स्टेशन में छह प्लेटफॉर्म होंगे। हर प्लेटफॉर्म लगभग 415 मीटर लंबा होगा। यह 16 कोच वाली बुलेट ट्रेन के लिए काफी है। स्टेशन मेट्रो और सड़क से भी जुड़ा होगा।     स्टेशन में दो एंट्री/एग्जिट पॉइंट होंगे। इससे लोगों को स्टेशन में आने-जाने में आसानी होगी। स्काईलाइट होगी प्राकृतिक रोशनी के लिए एक स्काईलाइट भी बनाई गई है। स्काईलाइट से दिन में स्टेशन में सूरज की रोशनी आएगी। इससे बिजली की बचत होगी और स्टेशन सुंदर भी दिखेगा। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे देश में यातायात और तेज होगा। स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का हो रहा इस्तेमाल बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए 27 कास्टिंग यार्ड बनाए गए हैं। स्टील ब्रिज के लिए सात वर्कशॉप स्थापित की गई हैं, जिनमें से तीन गुजरात में और एक उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में स्थापित की गई हैं। एजेंसी ने बताया कि पुल पर तीन लाख से ज्यादा आवाज अवरोधक लगाए गए हैं। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत बुलेट ट्रेन स्टेशनों की सड़क और रेल मार्ग से कनेक्टिविटी बनाई जा रही है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से भारत की रेल तकनीक में बढ़ती क्षमताओं का भी प्रदर्शन हो रहा है। मुंबई अहमदाबाद रेल प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये है, इसमें से 10 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी और पांच-पांच हजार करोड़ रुपये गुजरात और महाराष्ट्र सरकार देंगी। वहीं बाकी जापान की सरकार कर्ज के रूप में देगी।  recent visitors 57

स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू होने के बाद केंद्र सरकार सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगी

 ग्वालियर  मध्य प्रदेश में सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली (PDS System) को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए स्मार्ट पीडीएस सिस्टम अब एक जून से लागू हो जाएगा। पहले इसे एक मई से लागू होना था, लेकिन ई-केवाईसी (eKYC ) का काम पूरा न हो पाने के कारण देरी हुई। प्रदेश में 87 प्रतिशत उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी हो चुकी है। 31 मई तक बचे हुए उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरा कर लेने का लक्ष्य है। ई-केवाईसी के लिए यही अंतिम तिथि भी है। केंद्र सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगा     इस प्रणाली के लागू होने के बाद केंद्र सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगा। स्मार्ट पीडीएस के तहत पारदर्शिता को बढ़ाया जा रहा है, ताकि सभी राज्यों में खाद्यान्न वितरण को लेकर एक जैसी स्थिति रहे। अब राज्यों की स्थिति के आधार पर राशन देना होगा कुछ राज्य अपने स्तर पर बदलाव कर लेते थे, लेकिन अब राज्यों की स्थिति के आधार पर राशन देना होगा। अभी भी कुछ राज्यों में एपीएल को राशन दिया जाता है, जिसे अब बंद कर दिया जाएगा। वैसे पहले से ही वन नेशन वन राशन कार्ड लागू है, जिसके तहत पात्र हितग्राही देश में कहीं से भी राशन ले सकता है। मदरसा बोर्ड के मान्यता नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मई से होंगे इस बीच, भोपाल से खबर है कि मदरसा बोर्ड द्वारा शिक्षा सत्र 2025-26 में मदरसा मान्यता नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मई से 30 जून तक के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें वर्ष 2025 तक मान्यता प्राप्त सामान्य मदरसों के अतिरिक्त वर्ष 2022 तक मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए यह अंतिम अवसर है। इसके बाद ऐसे मदरसों की मान्यता नवीनीकरण के ऑनलाइन आवेदन करने की पात्रता समाप्त कर दी जाएगी। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी मदरसा बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट पर एवं एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। मान्यता प्राप्त मदरसों में निर्धारित तिथियों में आवेदन करना सुनिश्चित करें एवं आवेदन की एक प्रति समस्त दस्तावेजों के साथ अविलम्ब बोर्ड में भेजना एवं एक प्रति अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें। इसके बाद ही प्रकरण पर अग्रिम कार्रवाई की जा सकेगी। recent visitors 45